मोहन यादव ने जमीन खरीद अनियमितता के आरोपों को किया खारिज, कहा- तथ्यहीन हैं आरोप

भोपाल.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी ने उनके और उनके परिवार पर उज्जैन में जमीन खरीदने में अनियमितता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. बीजेपी का कहना है कि यह एक ओबीसी मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की राजनीतिक साजिश है और परिवार की अधिकांश संपत्तियां उनके मुख्यमंत्री बनने से पहले से हैं.

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने दावों के सामने आते ही बड़ी सफाई जारी की. सरकार की तरफ से इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया है. बयान में साफ किया गया कि दिसंबर 2023 में पद संभालने के बाद से सीएम मोहन यादव या उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने कोई नई जमीन नहीं खरीदी है. यहां तक कि उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर भी इस दौरान कोई जमीन नहीं ली गई है.  वहीं विपक्ष ने मामले को लेकर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है. इस पूरे विवाद की शुरुआत एक रिपोर्ट के बाद हुई.

रिपोर्ट में दावा किया गया कि दिसंबर 2023 में मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार से जुड़े लोगों और संबंधित रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में 137 भूखंड खरीदे, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 168 एकड़ बताया गया है. इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये बताई गई. रिपोर्ट के मुताबिक, जमीनें उन इलाकों में खरीदी गईं जहां भविष्य में सड़क परियोजनाएं, मास्टर प्लान के तहत भूमि उपयोग में बदलाव और 2028 के सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं. दावा किया कि इन परियोजनाओं के चलते इन क्षेत्रों में जमीन की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है.

मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:आरोप: 
कांग्रेस ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए सीएम और उनके परिवार पर पद के दुरुपयोग और हितों के टकराव (Conflict of Interest) का आरोप लगाया था. बीजेपी का बचाव: प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि सीएम के बेटे वैभव यादव की 16 एकड़ जमीन 2023 से पहले की है और बहू शालिनी यादव द्वारा 2025 में खरीदी गई 10 एकड़ जमीन मास्टर प्लान के दायरे में नहीं आती है.
कांग्रेस की मांग: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने और सीएम के इस्तीफे की मांग की है.

डोंगरगांव नगरवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिया नगर पालिका का उपहार

राजनांदगांव.

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने डोंगरगांव नगरवासियों की मांग पर डोंगरगांव को नगर पालिका परिषद का दर्जा प्रदान किया है। इसका राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित हो गई है। इससे पूरे नगर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव नगर पंचायत का उन्नयन कर उसे नगर पालिका परिषद घोषित किया गया है। इस निर्णय से नगर के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी एवं शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। 2011 की जनगणना के अनुसार, लगभग 14 हजार 693 आबादी वाले इस नगर को अब विकास योजनाओं में अधिक प्राथमिकता मिलेगी।

डिप्टी सीएम साव ने कहा कि, नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डोंगरगांव में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंच सकेगा। साव ने कहा कि, नगर पालिका बनने के बाद डोंगरगांव उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय नगर के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया
डोंगरगांव नगर पालिका बनने पर आज नवा रायपुर, अटल नगर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में उप मुख्यमंत्री अरुण साव से नगर के जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर नगर पालिक अध्यक्ष अंजू त्रिपाठी, जिला भाजपा महामंत्री डीकेश साहू, मंडल अध्यक्ष दिना पटेल, रामकुमार गुप्ता, पार्षदगण मनबोधी पटेल, पदमनी ठाकुर, गायत्री यादव, लीला मंडलोई, पुरुषोत्तम साहू, कोमल साहू, राजा जैन, सतीश पांडे, संतोष यादव, योगेश पटेल सहित पार्षद एवं मंडल पदाधिकारियों ने माननीय उपमुख्यमंत्री साव को धन्यवाद दिया।

पढ़ाई के बाद साथ करते थे नौकरी, अशोकनगर में कार के अंदर युवक-युवती की लाश मिलने से सनसनी

अशोकनगर
 मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में एक कार के अंदर युवक-युवती की लाश मिली है। कार के अंदर खून फैला हुआ है। अटकलें हैं कि युवती की हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई है। वहीं, युवकी की मौत गोली लगने से बताया जा रहा है।

देर रात मिली है लाश
मामला बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 3 बजे की है। शहर के ईसागढ़ रोड स्थित महाना गांव में युवक-युवती का शव मिला है। घटना की सूचना मिलते ही अशोकनगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है। इसके बाद आगे की जांच शुरू कर दी है।

आगे की सीट पर पड़े थे दोनों के शव
जीप के आगे की सीट पर युवक-युवती के शव पड़े थे। प्रारंभिक जांच में युवक के सिर में गोली लगने का निशान मिला है, जबकि युवती के शरीर पर व गले को रेतने के भी गहरे निशान मिले हैं। पुलिस को कार के अंदर से एक पिस्टल पेपर कटर भी बरामद हुआ है।

एक दिन पहले घर से हुए थे लापता
जानकारी के अनुसार, अशोकनगर निवासी युवक रितिक सोनी 26 साल और युवती मुस्कान जैन पुत्री विवेक जैन 24 साल जो एक दिन पहले अपने घर से लापता हुए थे। इसके बाद दोनों के परिवार दोनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

मोबाइल लोकेशन से घटना स्थल पहुंची पुलिस
पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों की तलाश शुरू की गई। फिर पुलिस घटनास्थल तक पहुंची। अशोकनगर पुलिस ने देखा कि दोनों शव खून से सने हुए थे। इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

सूचना मिलने पर टीम महाना गांव के पास पहुंची, जहां जीप में दोनों शव मिले। उन्होंने पुष्टि की कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।

भुवनेश शर्मा, देहात थाना प्रभारी

एक साथ दोनों करते थे जॉब
बताया जा रहा है कि दोनों युवक-युवती एक साथ पढ़ते थे। फिर एक साथ एक प्राइवेट कंपनी में दोनों जॉब करते थे। युवक का इंदौर में कार इंटीरियर से जुड़ा व्यापार था और 15 दिन पहले ही रितिक अशोकनगर आया था। घटना के बाद मृतक युवक के पिता ने मामले में दोनों की हत्या की आशंका जताई है और फोरेंसिक जांच की मांग की है। हालांकि पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला।

 

उज्जैन में मोहर्रम जुलूस का VIDEO वायरल, हवा में लटकी वैन को विस्फोट से उड़ाने का प्रदर्शन

उज्जैन

उज्जैन के बड़नगर में 23 जून की रात जो हुआ, उसने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस अनुमति पर सवाल खड़ा कर दिया है। अडान मोहल्ले से निकले मोहर्रम के जुलूस में क्रेन से करीब 40 फीट ऊपर एक टाटा मैजिक वैन लटकाई गई। वैन पर दो युवक सवार होकर लाल झंडे लहराते रहे और फिर अचानक धमाके के साथ वैन को हवा में उड़ा दिया गया।

यह जानलेवा स्टंट 23 जून का है, जब बड़नगर के अडान मोहल्ले से 23 जून को मोहर्रम का जुलूस निकाला गया था. इसमें भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल थे. इसी दौरान कुछ बदमाशों ने एक कार को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊपर लटकाया और फिर उसमें विस्फोट लगाकर उड़ा दिया ओर वीडियो ओर फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। 

कार में हुए कई धमाके
वायरल वीडियो में धमाके से पहले दो युवक लाल झंडे लहराते हुए भी दिखाई दे रहे हैं. वायरल वीडियो जिस इंस्टाग्राम आईडी परवेज एडिट्स_2.0 से शेयर किया गया, उसमें कार विस्फोट के अलावा कई अन्य खतरनाक करतब और धमाकों के वीडियो भी सामने आए हैं. वहीं, हुसैनी अखाड़ा शाहजलालपुरा में भी युवकों के खतरनाक प्रदर्शन के वीडियो सामने आए हैं।

पहले लिखा ले फिर आ गए
जुलूस में शेरे अडान अखाड़ा बड़नगर के पोस्टर लगाकर बड़ी संख्या में भीड़ जुटाई गई थी. कार पर विस्फोट से पहले “ले फिर आ गए” लिखा हुआ नजर आ रहा था. वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. मामले में हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए कि जब धार्मिक आयोजनों में पटाखों और अन्य गतिविधियों प्रतिबंध है तो खुलेआम विस्फोट जैसी गतिविधियों की अनुमति कैसे दी जा रही है। 

कार्रवाई की तैयारी
मामले में बड़नगर टीआई कमलेश सिंगार ने बताया कि आयोजकों से पूछताछ कर जांच पूरी कर ली है. जल्द ही कार्रवाई की जाएगी. अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री क्या थी और इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं। 

वीडियो देखकर हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी भड़क गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उज्जैन में दही-हांडी और पटाखों पर तो प्रतिबंध लग जाता है, फिर गाड़ी को विस्फोट कर उड़ाने जैसी गतिविधि की अनुमति कैसे मिल गई? वहीं, हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने बताया कि वैन पर आपत्तिजनक पोस्टर भी लगे थे। सवाल यह है कि जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति दी थी या नहीं?

वैन पर लिखा हुआ था ‘ले फिर आ गए’
वैन पर लिखा हुआ था ‘ले फिर आ गए’। एक इंस्टाग्राम आईडी परवेज एडिट्स 2.0 पर इस घटना का वीडियो वायरल भी किया गया। इसके अलावा और भी अन्य वीडियो इस आईडी पर थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस तरह का विस्फोट करके कुछ लोग क्या संदेश देना चाहते हैं, इस पर भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। इस तरह की हरकत की हिंदूवादी संगठनों ने निंदा की है।

वीडियो वायरल होने के बाद हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ऐसा लगता है जैसे संदेश दिया जा रहा हो कि ‘हम काफिरों की गाड़ियों को इसी तरह उड़ा देंगे।’

हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने कहा कि सकल हिंदू समाज की मांग है कि जिला प्रशासन स्पष्ट करे कि इस तरह की गतिविधि की अनुमति दी गई थी या नहीं। मामले को लेकर बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। आयोजकों से पूछताछ कर जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।

जानें पुलिस ने इस मामले पर क्या कहा?
बड़नगर टीआई कमलेश सिंगार ने कहा कि वीडियो संज्ञान में आया है। आयोजकों से पूछताछ की जा रही है। विस्फोट किस सामग्री से किया गया और इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने बताया कि मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ी क्रेन पर एक वैन लटकाई गई थी, जिस पर कई आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि सकल हिंदू समाज की मांग है कि जिला प्रशासन स्पष्ट करे कि इस तरह की गतिविधि की अनुमति दी गई थी या नहीं। इस घटनाक्रम से जुड़े कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी अपलोड किए गए हैं।

टीआई बोले- पूछताछ कर जल्द कार्रवाई करेंगे
बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। आयोजकों से पूछताछ कर जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपदा में बचाव पर ब्रेल लिपि में प्रकाशित पुस्तक का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपदा में बचाव पर ब्रेल लिपि में प्रकाशित पुस्तक का किया लोकार्पण

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नि:शक्तजन के लिए आग, हीटवेब (लू) और आकाशीय बिजली से बचाव के संबंध में ब्रेललिपि में प्रकाशित पुस्तक का गुरूवार को मंत्रालय में लोकार्पण किया। पुस्तक का मुद्रण आपदा प्रबंध संस्थान भोपाल द्वारा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से कराया गया है।

केरल और असम के बाद नि:शक्तजन के लिए आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में इस तरह की पहल मध्यप्रदेश द्वारा की गई है। दृष्टिबाधित भाई-बहनों के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर उपस्थित थी।

 

₹60 की पानी की बोतल ₹175 में बेचना पड़ा महंगा, भोपाल के होटल रेडिसन को चुकाने होंगे ₹8 हजार

भोपाल

60 रुपए की पानी की बोतल पर 175 रुपए वसूलने वाले भोपाल के एक बड़े होटल पर उपभोक्ता आयोग का फैसला आया है। आयोग ने माना कि होटल एमआरपी से ज्यादा कीमत ले सकता है, लेकिन उसी राशि पर अलग से जीएसटी वसूलना गलत है।
होटल को उपभोक्ता से अतिरिक्त लिए गए 10.80 रुपए लौटाने, 5 हजार रुपए मानसिक प्रताड़ना और 3 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में देने के निर्देश दिए गए हैं। तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर होटल को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

पानी की बोतल की कीमत देखकर आपत्ति जताई
मामला अप्रैल 2022 का है। रायसेन रोड निवासी हुकुम सिंह ठाकुर अपने चार साथियों के साथ होटल रेडिसन में बुफे डिनर के लिए गए थे। भोजन के दौरान उन्होंने मिनरल वॉटर की एक बोतल ली। बोतल पर एमआरपी 60 रुपए अंकित थी, लेकिन बिल में इसके 175 रुपए जोड़े गए।

जब बिल आया तो कुल राशि 6809.88 रुपए थी। पानी की बोतल की कीमत देखकर हुकुम सिंह ने आपत्ति जताई, लेकिन होटल प्रबंधन ने राशि वापस नहीं की। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने जून 2026 में फैसला सुनाया।

होटल प्रबंधन बोला- MRP से ज्यादा कीमत लेना जायज
होटल प्रबंधन ने आयोग के सामने तर्क दिया कि होटल और रेस्टोरेंट में बेची जाने वाली वस्तुएं सिर्फ उत्पाद नहीं होतीं। उनके साथ एयर कंडीशनिंग, बैठने की सुविधा, लाउंज, संगीत, सर्विस और अन्य आतिथ्य सेवाएं भी दी जाती हैं।

होटल का कहना था कि इसलिए मेन्यू कार्ड में दर्ज कीमतें लागू होती हैं। बोतल पर अंकित एमआरपी रिटेल दुकानों के लिए होती है, होटल में परोसी जाने वाली वस्तुओं पर नहीं। होटल ने यह भी कहा कि मेन्यू में पहले से स्पष्ट था कि जीएसटी अलग से लिया जाएगा।

आयोग ने कहा: कीमत सही, लेकिन टैक्स वसूली में गलती
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने सुप्रीम कोर्ट और अन्य न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए माना कि होटल में एमआरपी से ज्यादा कीमत लेना अपने आप में अवैध नहीं है और इसे सेवा में कमी नहीं माना जा सकता।

हालांकि आयोग ने कहा कि 175 रुपए की कीमत में ही जीएसटी शामिल माना जाएगा। ऐसे में होटल द्वारा उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी के रूप में अतिरिक्त 10.80 रुपए वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी है।

शिकायतकर्ता बोले- स्टाफ ने बदसलूकी भी की
शिकायतकर्ता हुकुम सिंह ठाकुर का कहना है कि कीमत पर आपत्ति जताने पर होटल स्टाफ ने उनके साथ बहस की और अभद्र व्यवहार भी किया। इसी के बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना है कि आयोग ने अतिरिक्त जीएसटी वसूली को गलत माना, लेकिन एमआरपी से अधिक कीमत वसूले जाने के मुद्दे पर उन्हें आंशिक राहत ही मिली।

वकील बोले- मामला उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है
परिवादी (शिकायत) पक्ष के वकील शशिकांत वर्मा ने कहा कि मामला सिर्फ 10.80 रुपए का नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है। उनके अनुसार होटल और रेस्टोरेंट अक्सर सुविधाओं के नाम पर ऊंची कीमतें वसूलते हैं।

उन्होंने कहा कि आयोग का फैसला उपभोक्ताओं को यह संदेश देता है कि अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाने पर न्याय मिल सकता है।

एमआरपी (MRP) को लेकर आयोग ने 2 केस का हवाला दिया
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया (सिविल अपील नं. 21790/2017, निर्णय दिनांक 12.12.2017) इसके अलावा आयोग ने एक और फैसले ITC Ltd vs K.C. Khanna (अपील नं. A/2013/2201, निर्णय दिनांक 04.09.2023) का जिक्र किया गया है।

इन फैसलों में माना गया कि होटल, रेस्टोरेंट, एयरलाइन और रेलवे जैसे संस्थागत उपभोक्ता पैकेज्ड वस्तुएं खरीदकर अपनी सेवाओं के साथ ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं। इसलिए उन पर सामान्य रिटेल एमआरपी नियम उसी तरह लागू नहीं होते जैसे दुकानों पर होते हैं। इसी आधार पर आयोग ने माना कि होटल द्वारा एमआरपी से अधिक कीमत लेना अपने आप में अवैध नहीं है।

अवैध खाद से भरा मिनी ट्रक पकड़ा गया, पुलिस ने 3 लाख से ज्यादा का माल किया जब्त

गरियाबंद.

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में अवैध खाद परिवहन के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। पुलिस ने 280 बोरा अवैध DAP खाद से भरे एक मेटाडोर को पकड़ा है। जब्त खाद की कीमत 3.50 लाख रुपए आंकी गई है।

यह पूरा मामला देवभोग थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान अवैध DAP खाद से भरे मेटाडोर को पकड़ा। पुलिस ने मेटाडोर के अंदर से 280 खाद का बोरा जब्त किया, जिसकी कीमत 3.50 लाख रुपए आंकी गई है।

वाहन चालक ने किया खुलासा
वाहन चालक ने बताया कि उसने 8 हजार के किराए पर उरमाल के एक लाइसेंसी व्यापारी के कहने पर यह अवैध परिवहन कर रहा था। खाद को ओडिसा सीनापाली से जांगड़ा ले जाया जा रहा था, जहां एक मक्का कारोबारी को दिया जाता। पुलिस ने जब्त 280 बोरा डीएपी खाद को आगे की कार्रवाई के लिए कृषि विभाग के सुपुर्द कर दिया है।

मुनाफाखोरी के लिए खाद का कलाबाजारी
दरअसल, इस बार युद्ध के चलते रासायनिक खाद का उत्पादन प्रभावित हुआ है,सरकारी सप्लाई भी घट गया है।ऐसे में कुछ कारोबारी मुनाफाखोरी के लिए नियम को ताक में रख कर खाद के कलाबाजारी को अंजाम दे रहे है।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’, वन मंत्री करेंगे शुभारंभ

रायपुर.

‘हॉर्नबिल सफारी’ से तात्पर्य हॉर्नबिल पक्षियों को देखने के लिए की जाने वाली वन्यजीव सफारी या हॉर्नबिल से जुड़े प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से है। हॉर्नबिल मुख्य रूप से जंगलों, विशेषकर पश्चिमी घाट और मध्य भारत के नम पर्णपाती और सदाबहार वनों में रहना पसंद करता है।

छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर रिजर्व प्रबंधन द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में ‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करेगी।

संरक्षण और आजीविका साथ-साथ
वन मंत्री केदार कश्यप की सोच के अनुरूप वन विभाग वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण कार्यों को स्थानीय समुदायों की भागीदारी और आजीविका से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) ओ.पी. यादव के मार्गदर्शन में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में कई नवाचार किए जा रहे हैं, जिनसे वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है।

बढ़ी हॉर्नबिल की आबादी
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों के दौरान मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह सफलता एंटी-पोचिंग अभियान, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, फलदार वृक्षों के संरक्षण एवं रोपण तथा ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ जैसी अभिनव पहल का परिणाम है। स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हॉर्नबिल ट्रैकिंग टीम की अहम भूमिका
हॉर्नबिल संरक्षण के लिए गठित विशेष ट्रैकिंग टीम लगातार पक्षियों की गतिविधियों, घोंसलों और आवास क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ स्थानीय ट्रैकर्स भी इस अभियान से जुड़े हुए हैं। उनके सतत प्रयासों से ओढ़, अमलोर और आमामोरा के आसपास का वन क्षेत्र आज हॉर्नबिल के सुरक्षित आवास और आकर्षक बर्डिंग स्थल के रूप में विकसित हो चुका है।

प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए बनेगा नया आकर्षण
प्रस्तावित हॉर्नबिल सफारी के माध्यम से पर्यटक, पक्षी प्रेमी, वन्यजीव फोटोग्राफर और शोधकर्ता प्राकृतिक वातावरण में हॉर्नबिल का अवलोकन कर सकेंगे। सफारी के संचालन के लिए प्रारंभिक चरण में दो जिप्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार
हॉर्नबिल सफारी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय समुदायों की भागीदारी है। पीवीटीजी गांवों के युवाओं और ग्रामीणों को बर्ड वॉचिंग तथा नेचर गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे पर्यटकों के लिए नेचर गाइड और हॉर्नबिल गाइड के रूप में कार्य करेंगे। इससे उन्हें स्थायी आय और रोजगार का अवसर मिलेगा तथा सामुदायिक आधारित इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

मध्य भारत का उभरता बर्डिंग डेस्टिनेशन
रायपुर से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व तेजी से मध्य भारत के प्रमुख बर्डिंग और नेचर टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां मालाबार पाइड हॉर्नबिल के अलावा शाहीन बाज, भारतीय पिट्टा, ब्राउन फिश आउल, ग्रे-हेडेड फिश ईगल, विभिन्न प्रजातियों के कठफोड़वा, बार्बेट, मिनिवेट सहित अनेक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की विविधता देखने को मिलती है।

वन्यजीवों की समृद्ध जैव विविधता का केंद्र
यह क्षेत्र पक्षियों के साथ-साथ भारतीय विशाल गिलहरी (इंडियन जायंट स्क्विरल) और भारतीय विशाल उड़न गिलहरी (इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) जैसे दुर्लभ वन्यजीवों के लिए भी प्रसिद्ध है। यही कारण है कि यह क्षेत्र प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

संरक्षण, विकास और पर्यटन का सफल संगम
विशेषज्ञों के अनुसार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में की जा रही यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि वैज्ञानिक वन प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सहभागिता के माध्यम से संरक्षण आधारित आजीविका और सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। हॉर्नबिल सफारी के शुरू होने से छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण विकास को भी गति प्राप्त होगी। स्थल के संबंध में अधिक जानकारी मोबाइल नंबर – 7976688165, 7566510937 अथवा वेबसाइट www.udantisitanaditigerreserve.in पर पर्यटक, संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।

राजनांदगांव में GST का बड़ा खुलासा, 76 करोड़ की फर्जी बिल ट्रेडिंग का भंडाफोड़; संचालक गिरफ्तार

रायपुर.

राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी), छत्तीसगढ़ ने कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया है।विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए।

उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न एवं अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका लाभ हस्तांतरित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए।

विभाग के अनुसार यह पूरा लेन-देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थी। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी।

इस नेटवर्क में अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी जुड़े होने के संकेत
प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है। राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा तथा फर्जी बिलिंग और बोगस आईटीसी जैसे अवैध कृत्यों पर प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

1 जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्राम सभाओं में दी जा रही जानकारी

रायपुर.

प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को आजीविका और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा आगामी 1 जुलाई 2026 से लागू की जा रही वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला स्तर पर लगातार प्रशिक्षण, बैठकें और ग्राम सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों को योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं लाभों की जानकारी दी जा रही है।

सांकरा एवं देवरी में ग्रामीणों ने बनाई मानव श्रृंखला
योजना के प्रति ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदेश के विभिन्न गांवों में आयोजित ग्राम सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर योजना की जानकारी प्राप्त की तथा इसके सफल क्रियान्वयन में सहयोग का संकल्प लिया। इसी क्रम में बेमेतरा जिले के जनपद पंचायत बेरला की ग्राम पंचायत सांकरा एवं देवरी में ग्रामीणों ने योजना के प्रचार-प्रसार के लिए अनूठी पहल करते हुए मानव श्रृंखला का निर्माण किया। ग्रामीणों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर “वीबी जी राम जी – गांव की प्रगति, हम सबकी जिम्मेदारी”, “रोजगार और आजीविका का नया संबल” तथा “समृद्ध गांव, सशक्त परिवार” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने की सराहना
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने एक्स अकॉउंट से पोस्ट कर लिखा कि छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से आई इस तस्वीर को देखकर मन आनंद और उत्साह से भर गया। यह तस्वीर गाँव की जनता के जागरूकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी बेमेतरा जिले के इन प्रयासों की सराहना करते हुए अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा कि यह मानव श्रृंखला बन रही है, जो योजना के प्रति जन-जागरूकता का प्रतीक बनी हुई है।

पात्र परिवारों को लाभ दिलाने का लिया संकल्प
मानव श्रृंखला के माध्यम से ग्रामीणों ने यह संदेश दिया कि योजना केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में जनभागीदारी का एक महत्वपूर्ण अभियान है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने तथा अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने का संकल्प भी लिया।

ग्राम सभा मे अधिकारियों ने दी जानकारी
ग्राम सभाओं में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वीबी – जीरामजी योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, हितग्राहियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार 30 जून 2026 तक पंचायत, ब्लॉक एवं जिला स्तर के सभी अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा हितग्राहियों का प्रशिक्षण पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कठिनाई न आए और पात्र परिवारों को समय पर लाभ मिल सके।

एक जुलाई से लाखों ग्रामीण परिवारों मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ
योजना के प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम सभाओं, चौपालों, पोस्टर-बैनर, मुनादी, रथ प्रचार एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय सामाजिक संगठन सक्रिय रूप से लोगों को योजना की जानकारी देने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह योजना गांवों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 1 जुलाई से योजना के लागू होने के साथ ही प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की भी उम्मीद है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी दी जानकारी
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मंगलवार को अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर लाइव आकर आगामी ग्राम सभा और वीबी जीरामजी के संबंध में लोगों को जानकारी दी और लोगों को योजना का लाभ लेने को प्रेरित किया साथ ही उन्होंने लोगों के सवालों का भी समाधान किया।

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