तेज आंधी-बारिश से रायपुर बेहाल, पेड़ गिरे, फिर बिगड़ सकता है मौसम

रायपुर.

राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में शनिवार को आषाढ़ जैसी झमाझम बारिश हुई. तेज अधड़ और गरज-चमक का असर देखने को मिला. कुछ स्थानों पर बड़े पेश धराशाई हो गए, जिससे आवागमन बाधित रहा. इसके कारण वाहनें क्षतिग्रस्त भी हुई.

रविवार सुबह तक पेड़ नहीं हटाए गए हैं. छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग को छोड़कर प्रदेश के शेष हिस्से में सोमवार को मौसम साफ होने लगेगा. आसमान अपेक्षाकृत साफ होगा और दिन के तापमान में वृद्धि होगी. वहीं मई के आखिरी सप्ताह तक कुछ इलाकों पर लू चलने की स्थिति बन सकती है. पूर्व-पश्चिम द्रोणिका पश्चिमी मध्य प्रदेश से पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तरी गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तरी बांग्लादेश तक बनी द्रोणिका और कुछ अन्य सिस्टमों के कारण पिछले दिनों समुद्र  से बड़ी मात्रा में नमी आई.

ज्यादा नमी आने और प्रदेश में दोपहर में पड़ने वाली तेज गर्मी के कारण लोकल सिस्टम बनने से कहीं-कहीं बारिश की स्थितियां बनीं. रविवार तक इन हिस्सों में से कुछ जगहों पर हल्की बारिश और गरज-चमक पड़ सकती है. सोमवार से यहां मौसम साफ होने लगेगा. 20 मई के बाद पूरे प्रदेश में एक बार फिर से तापमान में बढ़ने पर गर्मी महसूस होगी.

मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थियां अनुकूल 
मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि निकोबार द्वीप समूह और उससे लगे अंडमान द्वीप क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर लगातार वर्षा की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं. साथ ही इस क्षेत्र में पश्चिमी हवाएं 35 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार से चल रही हैं, जो वातावरण में लगभग 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित हैं. इसके अलावा, धरती से उत्सर्जित दीर्घ तरंग विकिरण इन इलाकों में 200 वॉट प्रति वर्ग मीटर से कम दर्ज किया गया है. इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल बन गया है.

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चिन्हित निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ है. इसके प्रभाव से जुड़ा ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण लगभग 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है. दूसरी ओर, एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और उससे लगे उत्तर पाकिस्तान क्षेत्र के ऊपर सक्रिय है. इसके साथ ही उत्तर-पूर्व विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में भी 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. प्रदेश में रविवार को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. अंधड़ और वज्रपात के भी आसार हैं. वहीं अधिकतम तापमान में अब बढ़ोतरी का दौर शुरू हो सकता है.

कई इलाकों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी है. नारायणपुर, उत्तर बस्तर कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, में यलो अलर्ट जारी किया है.
मौसम विभाग ने रायपुर में आज 17 मई को आसमान में बादल छाएंगे. बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवा चल सकती है. अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

जनगणना में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने रचा रिकॉर्ड, तय समय से पहले पूरा किया लक्ष्य

​गौरेला-पेंड्रा-मरवाही.

भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के कार्य में जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) ने पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. निर्धारित समय-सीमा (30 मई) से काफी पहले, 16 मई की स्थिति में ही जिले ने शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान रचा है.

​इस बड़ी उपलब्धि पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. ​उल्लेखनीय है कि जब 8 मई 2026 को कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने कार्यभार ग्रहण किया था, तब जिले में जनगणना की प्रगति मात्र 6 प्रतिशत थी.
राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने इसे मिशन मोड पर लिया. उनके निरंतर पर्यवेक्षण और कड़े नीतिगत फैसलों का ही नतीजा था कि महज 8 दिनों के भीतर (11 मई तक) आधे से अधिक ब्लॉक का काम पूरा हो गया और 16 मई को जिला प्रदेश में सबसे पहले 100% लक्ष्य हासिल करने वाला जिला बन गया.

​कलेक्टर ने बताया कि इस सफलता के पीछे जमीनी अमले का कड़ा परिश्रम है. कार्य की प्रगति को गति देने के लिए उन्होंने बीच में ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था, जिससे पूरी टीम का उत्साह दोगुना हो गया. इस पूरे महाअभियान में 513 प्रगणक और 85 पर्यवेक्षक मुस्तैदी से जुटे हुए थे.

​कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने इस सफलता के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम की पीठ थपथपाई है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं. अमित बेक (जिला जनगणना अधिकारी), ​विक्रांत अंचल (अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, पेंड्रारोड) ,​देवेंद्र सिरमौर (अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, मरवाही), ​चार्ज जनगणना अधिकारी शेषनारायण जायसवाल (पेंड्रारोड ग्रामीण), प्रीति शर्मा (मरवाही ग्रामीण), अविनाश कुजूर (पेंड्रा ग्रामीण), दशोदा अर्मो (सकोला ग्रामीण), नारायण साहू (गौरेला नगरीय) और अमलदीप मिंज (पेंड्रा एवं मरवाही नगरीय) मुख्य रूप से रहे.

​कलेक्टर का कहना है कि यह सफलता निरंतर समीक्षा और हमारी टीम के कठिन परिश्रम का परिणाम है. मैं इस कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग करने के लिए जिले की आम जनता, जनप्रतिनिधियों और मीडिया साथियों का सहृदय आभार व्यक्त करता हूँ कार्य पूरा करने की अवधि 1 से 30 मई थी, जिसे 14 दिन पहले ही 16 मई को पूरा कर लिया गया. 8 मई को जो काम केवल 6% था, वह 100% मुकाम पर पहुँचा. 513 प्रगणकों और 85 पर्यवेक्षकों ने दिन-रात एक कर जिले को प्रदेश में नंबर-1 बनाया.

मुख्यमंत्री साय ने दी जिला प्रशासन को बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनगणना कार्य में अव्वल रहने पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला प्रशासन को बधाई दी है. उन्होंने कहा, हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ और सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है. आगामी जनगणना 2027 के ये आंकड़े भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्धारण की मजबूत बुनियाद बनेंगे. डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सराहनीय है. जिन बड़े शहरों या नगर निगमों में गति धीमी है, वहां के अधिकारी मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाएं और जल्द इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को गति दें.

जंगल में महिला अधिवक्ता की हत्या से सनसनी, इंटरनेट दोस्ती बनी मौत की वजह

रायगढ़

 महिला अधिवक्ता की नग्न लाश मिलने वाली हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने बाइक नंबर और सीसीटीवी फुटेज सूक्ष्मता से खंगाल कर आरोपित विवाहित प्रेमी को धर दबोचा है। आरोपित ने लगातार बन रहे शादी के दबाव के चलते सुनियोजित तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम निर्मम तरीके से दे दिया।

आज पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने पूरे मामले का राजफाश किया है।एसएसपी ने वारदात के संबंध में बताया कि 12 मई को थाना पूंजीपथरा पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम पूंजीपथरा के कटेल टिकरा जंगल अंदर शासकीय जमीन पर एक अज्ञात महिला का शव पड़ा हुआ है।

 

खेलों के मैदान से चमकेगा बस्तर, पहली रेजिडेंशियल अकादमी खोलेगी सफलता के द्वार

जगदलपुर.

बस्तर के युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में एक बड़ा अवसर तैयार हो रहा है. जगदलपुर में पहली बार आवासीय खेल अकादमी शुरू की जा रही है. इसमें एथलेटिक्स, फुटबॉल और आर्चरी को शामिल किया गया है. खेल एवं युवा कल्याण विभाग इस परियोजना को इस वित्तीय वर्ष में शुरू करेगा.

संचालक तनुजा सलाम ने तैयारियों का जायजा लेने जगदलपुर का दौरा किया. खिलाड़ियों के रहने, खाने, पढ़ाई और प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई. पंडरीपानी हॉकी सेंटर का निरीक्षण कर खिलाड़ियों से संवाद भी किया गया. 13 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालकों के लिए.चयन ट्रायल जल्द शुरू होंगे. कुल 65 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा.

चयनित खिलाड़ियों को मुफ्त प्रशिक्षण, डाइट और आधुनिक उपकरण मिलेंगे. इसके साथ आवास, शिक्षा, इलाज और बीमा जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी. इस पहल से बस्तर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकेंगी. खेल के जरिए बस्तर की नई पहचान गढ़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है.

बस्तर दौरे पर कल आएंगे अमित शाह, सुरक्षा और तैयारियों में जुटी सरकार

जगदलपुर.

बस्तर एक बार फिर देश की सियासत और सुरक्षा रणनीति के केंद्र में है. केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह 18 और 19 मई को अपने दो दिवसीय दौरे पर बस्तर पहुंच रहे हैं. यह उनका 2019 के बाद दसवां दौरा होगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

इस बार दौरे का फोकस सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि विकास और जनसुविधाओं पर भी रहेगा. आसना स्थित बादल अकादमी और नेतानार में प्रस्तावित कार्यक्रम इसकी झलक देंगे. प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने तैयारियों का जायजा लिया. अधिकारियों के साथ सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. शाह का हर दौरा बस्तर में एक नई पहल या संदेश लेकर आता रहा है. तर्रेम हमले के बाद संवेदनशील दौरे से लेकर बस्तर दशहरा में शामिल होने तक, उनका जुड़ाव लगातार बढ़ा है. अब नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता के बाद यह दौरा और भी अहम माना जा रहा है.

दो दिनों के प्रवास में सुरक्षा समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित है. जहां नक्सल मुक्त बस्तर की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. बस्तर में यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि विश्वास और बदलाव का संकेत बन चुका है.

South Eastern Coalfields Limited (SECL) में नौकरी के नाम पर 12 लाख की ठगी, बोलेरो खरीदकर की गई धोखाधड़ी

सक्ती 

नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपित को मालखरौदा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपित लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपित ने प्रार्थी एवं अन्य पीड़ितों से कुल 12 लाख रुपये की ठगी की थी तथा ठगी की रकम में से पांच लाख 75 हजार रुपये से बोलेरो वाहन खरीदा था।

पुलिस के अनुसार प्रार्थी डालेश्वर प्रसाद चंद्रा, निवासी ग्राम सकर्रा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे रुपये लिए हैं। जांच के दौरान यह सामने आया कि वर्ष 2011 में आरोपित सुरेश कुमार दुबे (57 वर्ष), ग्राम नुनेरा (भेलवाभांटा), थाना पाली, जिला कोरबा ने प्रार्थी एवं अन्य लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर करीब 12 लाख रुपये वसूल किए थे।

 

छत्तीसगढ़ में शराब की बोतलों पर CM और मंत्री की फोटो लगाने की मांग, एप्लीकेशन वायरल

भटगांव

 जिला बेमेतरा के विकासखंड नवागढ़ अंतर्गत ग्राम कुंवारा निवासी सतीश मारकंडे का एक अनोखा आवेदन इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सुशासन तिहार के दौरान आबकारी विभाग को दिए गए इस आवेदन ने लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है।

आवेदन में रखी गई अनोखी मांग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदन में मांग की गई है कि जिस तरह शासन की विभिन्न योजनाओं और प्रचार सामग्री में मुख्यमंत्री तथा प्रभारी मंत्री की तस्वीरें लगाई जाती हैं, उसी प्रकार शासन द्वारा बेची जाने वाली शासकीय शराब की बोतलों पर भी मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री की फोटो अंकित की जाए।

 

अंबिकापुर में पति की हैवानियत, गर्भवती पत्नी की दर्दनाक मौत

अंबिकापुर 

शहर से लगे ग्राम भिट्ठीकला में गर्भवती पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाला आरोपित पति प्रदीप अगरिया अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस तथ्य का पता चला है कि आरोपित पति ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए पत्नी के प्राइवेट पार्ट में लगभग 10 इंच लंबा लोहे का रेती (लोहे को घिसने वाला औजार) डाल दिया था। महिला का बच्चेदानी भी फट गया था। गर्भ में पल रहे तीन माह के गर्भस्थ की भी मौत हो गई थी।

अंबिकापुर से लगे ग्राम भिट्ठीकला निवासी विवाहिता हीराबाई (23) को गुरुवार की रात उसके पति प्रदीप अगरिया ने बेरहमी से पीटा था। जब हीराबाई बेसुध हो गई थी तो उसे बाइक पर कपड़े से बांध कर अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचा था।पत्नी के सड़क हादसे में घायल होने की जानकारी उसने दी थी। जांच के पश्चात जब चिकित्सकों ने विवाहिता के मौत की जानकारी दी तो आरोपित पति वहां से भाग गया था। अभी तक पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

बिलासपुर में हाईटेक होगी डायल 112 सेवा, थानों को मिलेंगी 24 नई गाड़ियां

बिलासपुर

आपातकालीन स्थिति में लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने वाली डायल 112 सेवा अब बिलासपुर जिले में और अधिक मजबूत होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर जिले के पुलिस बेड़े में 24 नए आधुनिक वाहन शामिल किए जाएंगे। इन वाहनों के शामिल होने से जिले में रियल टाइम रिस्पांस सिस्टम पहले से ज्यादा प्रभावी होगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से 24 वाहन बिलासपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे।
पुराने और जर्जर वाहनों से मिलेगी राहत

वर्तमान में जिले के 19 थानों में एक-एक डायल 112 वाहन तैनात है। ये वाहन सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए रवाना होते हैं। हालांकि लगातार कई वर्षों तक चौबीसों घंटे इस्तेमाल होने के कारण अधिकांश वाहन जर्जर और कंडम हो चुके थे। इससे पुलिस के रिस्पांस टाइम पर भी असर पड़ रहा था।

इसी समस्या को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए वाहनों की स्वीकृति दी है। बिलासपुर में पुराने वाहनों की जगह नए आधुनिक वाहन तैनात किए जाएंगे।

संवेदनशील इलाकों में रहेंगे अतिरिक्त वाहन

बिलासपुर को मिलने वाले 24 वाहनों में से 19 वाहन जिले के सभी थानों में पुराने वाहनों की जगह लगाए जाएंगे। इसके अलावा बचे पांच अतिरिक्त वाहनों को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जहां दुर्घटनाओं और अपराध की घटनाएं अधिक होती हैं।
इन थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात किए जाएंगे

  •     सरकंडा
  •     सिविल लाइन
  •     तोरवा
  •     कोतवाली
  •     सकरी

तेजी से मिलेगी मदद

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात करने का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में पुलिस की पहुंच का समय (रिस्पांस टाइम) कम करना है। इससे दुर्घटना या किसी अन्य आपदा की स्थिति में पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित सहायता मिल सकेगी।

 

साय सरकार की संवेदनशील पहल से मरवाही के छह दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण, चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायपुर

प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल प्रशासनिक शिविर नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता जा रहा है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय सरकार की जन कल्याणकारी सोच और संवेदनशील कार्यशैली का असर अब गांव-गांव तक दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में पेंड्रा-गौरेला- मरवाही जिले के मरवाही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत उषाड़ में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर दिव्यांगजनों के लिए राहत और आत्मविश्वास लेकर आया।
       
 शिविर में समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत छह दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण वितरित किए गए। वर्षों से दैनिक जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हितग्राहियों को जब व्हील चेयर, श्रवण यंत्र और छड़ी उपलब्ध कराई गई तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
         
ग्राम पंचायत कटरा निवासी 80 प्रतिशत अस्थि बाधित स्वरूप सिंह पोर्ते को व्हील चेयर प्रदान की गई। व्हील चेयर मिलने के बाद उन्होंने कहा कि अब उन्हें आने-जाने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी। उन्होंने मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस मदद से उनका जीवन पहले की अपेक्षा आसान हो जाएगा।
         
इसी प्रकार ग्राम उषाड़ की मंगली बाई एवं बेलझिरिया निवासी अकलू राम को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। लंबे समय से सुनने में परेशानी के कारण उन्हें सामान्य बातचीत करने और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब उन्हें नई उम्मीद मिली है। वहीं उषाड़ की बैसाखिया बाई तथा बेलझिरिया के श्याम सुंदर और श्रीराम को सहारे के लिए छड़ी प्रदान की गई, जिससे उन्हें चलने-फिरने में सुविधा मिलेगी।
          
सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रशासन अब आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार शासन की योजनाओं का लाभ इतनी सहजता और पारदर्शिता के साथ गांव स्तर पर मिल रहा है।

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