जमीयत उलेमा-ए-हिंद का केंद्र सरकार पर हमला, वंदे मातरम फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी

नई दिल्ली

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने की केंद्रीय कार्यसमिति के दो दिवसीय अधिवेशन में सरकार की नीतियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को अनिवार्य बनाने और मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के खिलाफ उनका संगठन अदालत का दरवाजा खटखटाएगा.

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने केंद्र सरकार के वंदे मातरम को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बराबर दर्जा दिया जाने के फैसले को खारिज कर दिया है. मदनी ने वंदे मातरम को ‘विवादित गीत’ और ‘मुसलमानों के खिलाफ’ करार दिया है.

बता दें सरकार ने सभी सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में वंदे मातरम के छह बंद गाना अनिवार्य किया है. इस पर मौलाना अरशद मदनी ने कहा, ‘एक नोटिफिकेशन के जरिए वंदे मातरम जैसे विवादित गीत को राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया है. बीजेपी शासित राज्यों में इसे अनिवार्य भी किया जा रहा है.’

मदरसों-मस्जिदों पर अतिक्रमण का विरोध
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अरशद मदनी ने कहा, ‘दूसरी ओर मस्जिदों, मकबरों और मदरसों को अवैध बताकर गिराया जा रहा है. मदरसों के खिलाफ रोज नए-नए आदेश जारी किए जा रहे हैं, मानो वो शैक्षणिक संस्थान न होकर गैरकानूनी गतिविधियों के केंद्र हों.’

मदनी ने बताया कि वंदे मातरम् को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ भी अब कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी. उनके मुताबिक, ‘ये गीत हमारे धार्मिक विश्वासों के खिलाफ है और इसे अनिवार्य बनाकर हमारी धार्मिक स्वतंत्रता को छीनने की कोशिश की जा रही है.’

देश के राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए जमीयत ने आरोप लगाया कि पहले सिर्फ मुसलमान ही सांप्रदायिक ताकतों के निशाने पर थे, लेकिन अब सीधे इस्लाम धर्म को निशाना बनाया जा रहा है.

‘शांति और एकता के साथ खतरनाक खेल खेला जा…’
अरशद मदनी ने दावा किया कि देश में नफरत की पॉलिटिक्स अब डराने-धमकाने की पॉलिटिक्स में बदल गई है. इसका मकसद मुसलमानों को डराना और उन्हें थोपी हुई शर्तों के तहत जीने के लिए मजबूर करना है. सत्ता के लिए शांति और एकता के साथ एक खतरनाक खेल खेला जा रहा है, जिससे धार्मिक कट्टरता और नफरत लगातार बढ़ रही है, जबकि कानून के रखवाले चुपचाप देखते रहते हैं.

मदनी ने लिखा, ‘हाल के चुनावों के बाद, कुछ नेताओं का नफरत के ज़रिए सत्ता पाने का जुनून और बढ़ गया है और धार्मिक भावनाओं को भड़काकर मेजोरिटी को माइनॉरिटी के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है, जबकि सरकारें इंसाफ और निष्पक्षता से चलती हैं, डर और धमकियों से नहीं.’

शुभेंदु अधिकारी पर मदनी का निशाना
मदनी ने शुभेंदु अधिकारी को लेकर कहा, ‘पश्चिम बंगाल के नए चुने गए मुख्यमंत्री का ये बयान कि वो सिर्फ हिंदुओं के लिए काम करेंगे पूरी तरह से संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. क्योंकि हर मुख्यमंत्री सभी नागरिकों के लिए न्याय बनाए रखने की शपथ लेता है. सत्ता में बैठे लोगों की जिम्मेदारी हर नागरिक के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है, न कि किसी खास समुदाय के खिलाफ नफरत और बांटने वाली राजनीति को बढ़ावा देना.’

मदनी ने आरोप लगाया है कि देश को एक सोची-समझी सोच वाले देश में बदलने की एक सोची-समझी कोशिश है. यूनिफॉर्म सिविल कोड, वंदे मातरम को जरूरी बनाना, मस्जिदों और मदरसों के खिलाफ कार्रवाई और SIR की आड़ में असली नागरिकों को वोट देने के अधिकार से रोकना, ये सब एक ही कड़ी की कड़ी हैं.

‘इस्लाम खुद निशाना बन गया है’
उन्होंने साफ किया कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद ऐसे सभी कदमों के खिलाफ अपनी कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रखेगी. पिछली सरकारों ने भी मुसलमानों को सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और आर्थिक नुकसान पहुंचाया, लेकिन आज हालात कहीं ज्यादा खतरनाक हो गए हैं. पहले सिर्फ मुसलमानों को निशाना बनाया जाता था, अब इस्लाम खुद निशाना बन गया है.

मदनी ने लिखा, ‘2014 के बाद बनाए गए कानून और हाल के कदम इस बात का साफ सबूत हैं कि मौजूदा सरकार सिर्फ मुसलमानों को ही नहीं, बल्कि इस्लाम को भी नुकसान पहुंचाना चाहती है. दुनिया भर में भी इस्लाम के खिलाफ संगठित प्रोपेगैंडा चलाया जा रहा है. हालांकि, इतिहास गवाह है कि जो लोग इस्लाम को मिटाना चाहते थे, वो खुद ही मिट गए. इस्लाम जिंदा था, जिंदा है, और कयामत तक जिंदा रहेगा.’

आखिर में उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हम सभी इंसाफ पसंद पार्टियों, सामाजिक संगठनों और देशभक्त नागरिकों से अपील करते हैं कि वो डेमोक्रेटिक और सामाजिक लेवल पर सांप्रदायिक और फासिस्ट ताकतों के खिलाफ एकजुट हों और देश में भाईचारे, सहनशीलता, इंसाफ और संविधान के लिए मिलकर संघर्ष करें.

कांडला पोर्ट पर सुरक्षित पहुंचा 20 हजार टन LPG जहाज ‘सिमी’, ऊर्जा आपूर्ति पर नजरें

नई दिल्ली

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच 20 हजार टन एलपीजी लेकर ‘सिमी’ कैरियर कांडला के दीनदयाल पोर्ट पर सुरक्षित रूप से पहुंच गया है। इस जहाज ने 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट को पार किया था।

इस जहाज पर 21 क्रू सदस्य सवार हैं, जिनमें आठ यूक्रेनी और 13 फिलिपीनी हैं। मौजूदा निगरानी वाले ऑपरेशन्स में होर्मुज स्ट्रेट को पार करने वाला ‘सिमी’ 11वां एलपीजी टैंकर था

होर्मुज में तनाव के बीच सुरक्षित कैसे पहुंचा जहाज?
अधिकारियों के मुताबिक, डीजी शिपिंग और विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पेट्रोलियम- प्राकृतिक गैस मंत्रालय के बीच करीबी तालमेल से इतनी सुरक्षा मुमकिन हो पाई।

कच्चे तेल का भंडार घटा
ये जहाज ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। पिछले कुछ महीनों में भारत का कच्चा तेल भंडार तेजी से घटा है। भंडार में लगभग 15% की गिरावट आई है।

कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म Kpler के आंकड़ों के अनुसार, भारत का कुल कच्चा तेल भंडार फरवरी के अंत में दर्ज 107 मिलियन बैरल से घटकर 91 मिलियन बैरल रह गया है। यह वही समय था जब संघर्ष शुरू हुआ था। इस भंडार में पेट्रोलियम भंडार, रिफाइनरी होल्डिंग्स और वाणिज्यिक भंडारण शामिल हैं, लेकिन पाइपलाइन स्टॉक शामिल नहीं हैं।

आयात में कमी के बावजूद भारतीय रिफाइनरों ने अब तक प्रोसेसिंग का काम स्थिर रखा है और बिना किसी बड़ी कटौती के रिफाइनरी का काम जारी रखा है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावटें लंबे समय तक जारी रहीं तो रिफाइनरों के पास रिफाइनरी का काम कम करने या कच्चे तेल की प्रोसेसिंग का स्तर घटाने के अलावा कोई और चारा नहीं बचेगा।

हैदराबाद एयरपोर्ट पर तीसरी बम धमकी, एम्सटर्डम फ्लाइट सुरक्षित लैंड हुई

 नई दिल्ली

 हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एम्सटर्डम से आ रहे एक विमान में बम होने की धमकी भरा ईमेल मिला। इसके बाद पूरे एयरपोर्ट को हाई अलर्ट पर रख दिया गया। पिछले तीन दिनों में हैदराबाद एयरपोर्ट को निशाना बनाकर भेजी गई यह तीसरी ऐसी धमकी है।

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, रविवार तड़के एयरपोर्ट के कस्टमर केयर को एक अज्ञात व्यक्ति से ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में दावा किया गया था कि कुआलालंपुर एयरवेज की एक फ्लाइट, जो एम्सटर्डम से हैदराबाद आ रही थी, उसमें एक मानवरहित बम रखा गया है। ईमेल में यह भी चेतावनी दी गई थी कि यह विस्फोट गंतव्य तक पहुंचने से काफी पहले, किसी भी समय हो सकता है।

विमान की सुरक्षित लैंडिंग और जांच जारी
धमकी के बावजूद राहत की बात यह रही कि विमान ने हैदराबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान के उतरते ही एयरपोर्ट अधिकारियों ने तुरंत तत्परता दिखाई और उसे आइसोलेशन बे में भेज दिया। इस समय एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा बल विमान की सघन तलाशी और जांच कर रहे हैं।

हैदराबाद एयरपोर्ट के लिए सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक और डर का यह लगातार तीसरा मामला है। इससे पहले शनिवार को भी एक अज्ञात शरारती तत्व ने ईमेल भेजकर दावा किया था कि मलेशिया से आ रहे एयरएशिया के एक विमान में बम है। उस ईमेल में भी कहा गया था कि हैदराबाद में लैंड करने से बहुत पहले ही विमान को हवा में उड़ा दिया जाएगा।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
लगातार मिल रही धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत सूचित किया गया और आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए। यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और सर्विलांस को काफी बढ़ा दिया गया है।

यात्रियों की स्क्रीनिंग और सामान की जांच को बेहद कड़ा कर दिया गया है। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) के साथ मिलकर एयरपोर्ट के संवेदनशील हिस्सों की सघन तलाशी ली जा रही है।

शुक्रवार को लुफ्थांसा की उड़ान को बनाया गया था निशाना
इस सिलसिले की शुरुआत शुक्रवार को हुई थी, जब एयरपोर्ट को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से आ रही लुफ्थांसा की उड़ान के संबंध में पहला धमकी भरा ईमेल मिला था। उस ईमेल में दावा किया गया था कि विमान में बम लगाया गया है और शमशाबाद पहुंचने से पहले ही उसमें विस्फोट कर दिया जाएगा।

उस समय भी सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर आपातकालीन कदम उठाए गए थे। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इन सभी ईमेल के आईपी एड्रेस और भेजने वाले का पता लगाने में जुटी हैं।

पश्चिम बंगाल में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान, हावड़ा में आधी रात चला बुलडोजर

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही प्रशासन एक्शन मोड में है. शनिवार आधी रात को हावड़ा स्टेशन के बाहर गंगा घाट और बस स्टैंड के पास अवैध रूप से बनी दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला. इस बीच बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने साफ कर दिया है कि राज्य में किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

मीडिया  को दिए इंटरव्यू में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे इस अभियान को लेकर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, ‘बुलडोजर अब पूरे देश में चलेगा. जहां कहीं भी अवैध निर्माण होगा, वहां बुलडोजर तैनात किया जाएगा.’

उन्होंने आगे कहा कि बंगाल में जो नई सरकार सत्ता में आई है, उसने पहले ही दिन से इस प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है.

‘किसी भी तरह का अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं ‘
मंत्री ने अवैध काम करने वालों को चेतावनी और सलाह देते हुए कहा, ‘मैं उन सभी लोगों से अपील करता हूं जो किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल हैं, वो कानून के दायरे में रहकर अपना काम करें. अगर वो ऐसा करते हैं, तो सरकार उन्हें पूरा सहयोग देगी. हम सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे.’

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज हुई FIR को लेकर दिलीप घोष ने कहा, ‘ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और उनके नेताओं ने हमेशा तानाशाही रवैया अपनाया है. उस समय लोग सिर्फ डर की वजह से शिकायत दर्ज नहीं करवा पाते थे.’

दिलीप घोष ने आगे कहा कि अब हालात बदल चुके हैं. लोग अब शिकायत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और पुलिस भी उन शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार बैठी है. इसलिए अब पीड़ितों को न्याय जरूर मिलेगा.

हावड़ा स्टेशन के बाहर भारी सुरक्षा में चला बुलडोजर
बता दें कि शनिवार आधी रात को हावड़ा स्टेशन पर सालों से फुटपाथ और सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा जमाकर चल रही दुकानों को हटाने के लिए बड़ा अभियान चलाया गया. ये पूरा क्षेत्र रेलवे परिसर के अधीन आता है, इसलिए कार्रवाई के दौरान IOW विभाग, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और हावड़ा सिटी पुलिस के आला अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर तैनात रहे.

अवैध मदरसों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा मंत्री क्षुदिराम टुडू ने भी अवैध धार्मिक और शैक्षणिक निर्माणों को लेकर सरकार का रुख साफ किया. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि पश्चिम बंगाल में जितने भी मदरसे अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं, उन सभी को खत्म किया जाएगा. इसके साथ ही, जो लोग भी ऐसे अवैध मदरसों को संचालित कर रहे थे, उनके खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी.

धार भोजशाला में शुरू हुई पूजा-अर्चना, मां वाग्देवी की तस्वीर लेकर पहुंचे श्रद्धालु

धार

धार की ऐतिहासिक भोजशाला में पूजा करने को लेकर शनिवार रात को ASI ने गाइडलाइन जारी की थी. इसके बाद आज सुबह से ही हिन्दू पक्ष के लोग हाथ में मां वाग्देवी की तस्वीर लेकर भोजशाला मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना शुरू की.

इस मौके पर भोजशाला के गर्भगृह में रंगोली बनाकर उसे आकर्षक तरीके से सजाया गया. इसके पहले उस जगह को गोमूत्र से धोकर पवित्र किया गया. वहीं भोजशाला के बाहर ज्योति मंदिर में अखंड जोत को भी स्थापित किया गया.

मंदिर में सूर्योदय से मंत्रोच्चार भी शुरू हो गया है. वहीं भक्त अपने आप को इस खुशी के माहौल को रोक नहीं पाए और जमकर थिरके और अपनी खुशी का इजहार किया. इस तरह से आज यहां पर पूजा शुरू हो गई.

भोजशाला पहुंचे कई दिग्गज
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और मांडू के संत महामंडलेश्वर निसर्ग दास जी महाराज भी भोजशाला में पूजा अर्चना के लिए पहुंचे. वहीं कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा भी भोजशाला पहुंचे और उन्होंने पूजा भी की. भोज उत्सव समिति के महामंत्री सुमित चौधरी ने इस मौके पर कहा, ‘आज सुबह सूर्योदय से ही हिन्दू समाज और भोज उत्सव समिति के सभी कार्यकर्ता पहुंच चुके हैं.’

उन्होंने आगे बताया, ‘सुबह से ही देवी अनुष्ठान शुरू हो चुका है. भोजशाला का शुद्धिकरण हो रहा है. 11:45 पर पूरा हिन्दू समाज यहां महाआरती करेगा.’

केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा, ‘मैं जनता को बधाई देती हूं. मैं जिला पंचायत अध्यक्ष थी, तभी जब शुक्रवार (जुमा) आता था तब तनाव का माहौल रहता था. अब तनाव खत्म हो गया है. कोई भी व्यक्ति जब चाहे तब आ सकता है. अब इंतजार खत्म हो गया है और वो दर्शन कर सकते है.’

सावित्री ठाकुर ने आगे बताया कि सीएम मोहन यादव ने भी कहा है कि मंदिर को और अच्छे तरीके से विकसित किया जाएगा, ताकि देश-प्रदेश से लोग यहां आए और दर्शन करें.

SP सचिन शर्मा ने कहा, ‘धार जिले के बारे में हाई कोर्ट के फैसले के बाद और पूजा के खास रीति-रिवाजों और समय के बारे में मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर की तरफ से जारी गाइडलाइंस के हिसाब से कल एक कोऑर्डिनेशन मीटिंग हुई थी. आज हो रही पूजा-पाठ मीटिंग में लिए गए फैसलों का पूरी तरह से पालन करते हुए की जा रही है. हमने भी आज इसमें हिस्सा लिया. सुरक्षा के नजरिए से, पिछले चार-पांच दिनों से लगातार लोगों की तैनाती पूरी तरह से असरदार है.’

शर्मा ने आगे कहा, हमने इन इलाकों में शांति, ‘सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने के लिए लगातार मौजूदगी बनाए रखी है. हम हाई कोर्ट के फैसले के बारे में लगातार जागरूकता फैला रहे हैं. हम उन सभी लोगों की तारीफ करते हैं जो नियमों का पालन कर रहे हैं. इसके उलट, जो कोई भी इन नियमों को तोड़ने की सोचेगा, उसके खिलाफ हम सबसे सख्त कार्रवाई करेंगे. हम हर मोहल्ले में जाकर खुद जाकर बातचीत करेंगे ताकि ये पक्का हो सके कि आगे की सभी कार्रवाई जारी किए गए निर्देशों का पूरी तरह से पालन करते हुए और उन्हें आगे बढ़ाते हुए की जाए.’

आबादी बढ़ाओ, इनाम पाओ: तीसरे बच्चे पर 30 हजार, चौथे पर 40 हजार

अमरावती

आंध्र प्रदेश की चंद्र बाबू नायडू सरकार राज्य की जनसंख्या को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार ने तीसरा बच्चा पैदा करने वाले दंपत्ति को 30,000 और चौथा बच्चा पैदा करने वाले दंपति को 40,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की योजना बनाई है। बता दें, पिछले कुछ दशकों में उत्तर भारत के राज्यों की जनसंख्या तेजी के साथ बढ़ी है लेकिन दक्षिण भारत के राज्य इस मामले में पीछे रहे हैं। ऐसे में अब लोकसभा परिसीमन की चर्चाओं के बीच इन राज्यों में जनसंख्या एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है।

आंध्र प्रदेश की जनसंख्या को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने श्रीकाकुलम जिले में इस नई नवेली योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मैंने एक नया निर्णय लिया है। हम तीसरे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40,000 रुपये देंगे। क्या यह सही निर्णय नहीं है?” गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है, जब नायडू ने बच्चों के पैदा होने पर प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है। इससे पहले नायडू सरकार ने दूसरा बच्चा पैदा होने पर 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव दिया था।

दूसरा बच्चा पैदा करने पर 25 हजार का प्रस्ताव: सीएम नायडू
मुख्यमंत्री ने 5 मार्च को आंध्र प्रदेश विधानसभा को सूचित किया था कि राज्य सरकार अब दूसरा बच्चा पैदा करने वाले दंपत्तियों को 25,000 रुपए प्रोत्साहन राशि देने पर विचार कर रही है। इस घोषणा के बाद स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने बताया था कि सरकार ने तीसरे और उससे अधिक बच्चों वाले परिवारों को भी यह प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि लोग एक ही बच्चा पैदा कर रहे हैं। कई लोग दूसरा बच्चा केवल इसलिए पैदा करते हैं क्योंकि पहला बच्चा लड़का नहीं होता है। अगर पहला बच्चा लड़का हो जाए, तो यह भी दूसरा बच्चा न करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग बच्चों को बोझ मानने लगे हैं। हमें इस धारणा को खत्म करना होगा। उन्होंने तर्क दिया कि बच्चे एक संपत्ति हैं और वह इसे साबित करके रहेंगे।

घटती जनसंख्या का असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है: नायडू
एनडीए के महत्वपूर्ण घटक नायडू ने चेतावनी दी कि राज्य की जनसंख्या वृद्धि दर घट रही है। अगर ऐसा ही स्तर जारी रहा, तो जनसंख्या में कमी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि जनसंख्या तभी स्थिर रहेगी जब औसत प्रजनन दर प्रति महिला 2.1 बच्चे हों। अगर ऐसा नहीं होता है, तो जनसंख्या कम होने का खतरा रहता है। उन्होंने दावा किया कि कई देशों में घटती जनसंख्या और बढ़ती उम्र वाली आबादी ने उनकी अर्थव्यवस्थाओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।

गौरतलब है कि पिछले दशकों में उत्तर भारत के राज्यों में जनसंख्या तेजी के साथ बढ़ी है। दूसरी तरफ दक्षिण भारत के राज्यों में यह कम रही है। इसकी वजह से राजनीतिक स्तर पर भी इसका असर दिखाई देता है। लोकसभा का अंतिम परिसीमन भी इसी जनसंख्या विवाद की वजह से 1971 की जनगणना के आधार पर हुआ था। वहीं, हाल ही में जब केंद्र सरकार द्वारा परिसीमन विधेयक लाया गया, तो दक्षिण भारत के राज्यों ने इसका जनसंख्या के आधार पर भी विरोध किया था। दक्षिण भारतीय राज्यों का मानना है कि उन्होंने राष्ट्रीय नीति का पालन करते हुए जनसंख्या नियंत्रण उपायों को बेहतर ढंग से अपनाया है। ऐसी स्थिति में उन्हें परिसीमन के रूप में इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए। क्योंकि अगर जनसंख्या के आधार पर परिसीमन होता है, तो इन राज्यों में लोकसभा की सीटें सीमित हो जाएंगी। राज्यों की इस चिंता को दूर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा भरोसा दिलाया गया था कि केवल जनसंख्या के आधार पर सीटों का बंटवारा नहीं होगा। लेकिन इसके बाद भी जनसंख्या को लेकर यह लड़ाई बनी हुई है।

अगले हफ्ते भारत दौरे पर आएंगे Marco Rubio, QUAD बैठक में लेंगे हिस्सा

 नई दिल्ली

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले हफ्ते भारत दौरे पर आने वाले हैं. इस दौरे को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रुबियो के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि अमेरिकी दूतावास की पूरी टीम “ठीक एक हफ्ते बाद” भारत में उनका स्वागत करने को लेकर उत्साहित है। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्को रुबियो 24 मई को भारत दौरे पर आ सकते हैं. विदेश मंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा. इस दौरान वह QUAD यानी अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे. इस बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, चीन की बढ़ती गतिविधियां और समुद्री सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। 

मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि, रुबियो नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर के अलावा विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी मुलाकात कर सकते हैं. हाल ही में विक्रम मिस्री वॉशिंगटन दौरे पर गए थे, जिसके बाद अब इस यात्रा को दोनों देशों के बीच रिश्तों को फिर से मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। 

पिछले कुछ महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों में कई मुद्दों को लेकर तनाव देखने को मिला था. ऐसे में रुबियो की यह यात्रा रिश्तों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है. व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, टेक्नोलॉजी साझेदारी और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं। 

कोलकाता स्थित अमेरिकी डिप्लोमैटिक सर्किल से जुड़े अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि रुबियो का भारत दौरा लगभग तय है, हालांकि अमेरिकी दूतावास की तरफ से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. माना जा रहा है कि यह दौरा QUAD साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ भारत-अमेरिका रणनीतिक रिश्तों को नई गति देने की कोशिश होगा। 

मोदी कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज, कई राज्यों के नेताओं को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

नई दिल्ली

पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर और केंद्र सरकार में एक बड़े फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, नए नियुक्त किए गए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा अपनी नई टीम की घोषणा के बाद सरकार में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

केंद्र में अपने दम पर बहुमत से चूकने के बाद भाजपा ने सहयोगियों विशेष रूप से जनता दल (यूनाइटेड) और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के समर्थन से सरकार बनाई थी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने अभी तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के अपने सहयोगी दलों के साथ अतिरिक्त मंत्री पदों की संभावनाओं को लेकर कोई औपचारिक चर्चा शुरू नहीं की है।

9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण के बाद से केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोई विस्तार या फेरबदल नहीं हुआ है, इसलिए इस बार बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

21 मई की बैठक ने बढ़ाई हलचल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 21 मई 2026 को होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक ने इन अटकलों को और हवा दे दी है। हालांकि, एक सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “मंत्रिपरिषद की बैठकें नियमित अंतरालों पर होती रहती हैं। इस समय देश मध्य पूर्व के संकट से उत्पन्न चुनौतियों से निपट रहा है, इसलिए ऐसी बैठक होना कोई असामान्य बात नहीं है।”

2029 लोकसभा की तैयारी
भाजपा नेताओं के अनुसार, इस संगठनात्मक बदलाव को आगामी चुनावी रणनीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी इसके जरिए 2027 के विधानसभा चुनावों, राष्ट्रपति चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनावों की नींव तैयार कर रही है।

वरिष्ठ नेताओं को मिल सकती है जिम्मेदारी
संभावना है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं, जो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं या प्रदेश अध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर रहे हैं उन्हें संगठन को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय टीम में लाया जा सकता है। अगले साल उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में चुनाव होने हैं, जिनके लिए मजबूत नेतृत्व और सटीक योजना की आवश्यकता है।

युवाओं और महिलाओं को मिलेगी तरजीह
भाजपा 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में चुनावी मुकाबले का सामना करेगी। इनमें से पांच राज्यों में भाजपा पहले से ही सत्ता में है। वहीं पंजाब में, शिरोमणि अकाली दल (SAD) से गठबंधन टूटने के बाद, पार्टी सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ सीधे मुकाबले की तैयारी कर रही है।

एक वरिष्ठ नेता ने बताया, “केंद्रीय कैबिनेट और राष्ट्रीय टीम में उन पांच राज्यों के चेहरों को शामिल किया जा सकता है जहां अभी चुनाव संपन्न हुए हैं, साथ ही आगामी चुनावी राज्यों को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। चूंकि पार्टी अगले दशक की योजना बना रही है, इसलिए युवा नेताओं, महिलाओं और कुछ पेशेवरों को भी जगह दी जाएगी।”

नितिन नवीन के सामने संतुलन की चुनौती
इसी साल जनवरी में भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष बने 45 वर्षीय नितिन नवीन से उम्मीद की जा रही है कि वे अपनी नई टीम में अनुभवी दिग्गजों और युवा चेहरों के बीच एक बेहतरीन संतुलन बिठाएंगे। मंत्रियों के संगठन में लौटने के सवाल पर एक अन्य नेता ने कहा कि जिन मंत्रियों की उम्र एक तय सीमा से अधिक हो चुकी है या जिनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उन्हें पार्टी की भूमिका सौंपी जा सकती है। हालांकि, मंत्रियों के कामकाज का आकलन पूरी तरह से प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है, इसलिए अंतिम फैसला उन्हीं का होगा।

8वें वेतन आयोग में DA मर्जर पर बड़ी चर्चा, कर्मचारियों की सैलरी को लेकर आया नया अपडेट

नई दिल्ली

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को महंगाई से निपटने में मदद के लिए नियमित तरीके से महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी का लाभ दिया जाता है, लेकिन अब आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज होने से कर्मचारी संघ इससे भी बड़ी मांग कर रहे हैं. वे चाहते हैं कि महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में शामिल कर दिया जाए। 

8वें वेतन आयोग के तहत मांग
यह मांग आठवें वेतन आयोग की चल रही परामर्श प्रॉसेस के तहत किया गया है. अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी संघ (AINPSEF) सहित कर्मचारी संगठनों द्वारा दिए गए अपडेट के दौरान सामने आई है। 

सैलरी का हिस्‍सा बनाने की मांग
आठवें वेतन आयोग की चर्चाओं पर अपनी खास कवरेज के दौरान, इंडिया टुडे डॉट इन को पता चला है कि यूनियन का मानना ​​है कि महंगाई भत्ता (डीए) का वर्तमान स्तर यह बताता है कि पिछले कुछ सालों में जीवन यापन की लागत में कितनी तेजी से बढ़ोतरी हुई है और अब इसे संशोधित सैलरी स्‍ट्रक्‍चर का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। 

सैलरी और पेंशन होगा प्रभावित
यह मुद्दा महत्वपूर्ण है क्योंकि महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में शामिल करने से लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन और रिटायर बेनिफिट्स सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। 

महंगाई भत्ता क्या है?
       महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए भुगतान की जाने वाली एक अतिरिक्त राशि है. आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए सरकार समय-समय पर महंगाई भत्ता (डीए) में संशोधन करती है ताकि कर्मचारी अपनी क्रय शक्ति को आंशिक रूप से बनाए रख सकें। 

दो बार बढ़ता है महंगाई भत्ता  
महंगाई के आंकड़ों के आधार पर महंगाई भत्ते में आमतौर पर साल में दो बार संशोधन किया जाता है. मौजूदा समय में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उनके मूल वेतन से अलग से महंगाई भत्ता (डीए) दिया जाता है। 

कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई NCJCM बैठक

 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर रोजना नए – नए अपडेट्स सामने आ रहे हैं। लगातार मीटिंग का दौर जारी है। लाखों सरकारी कर्मचारियों के साथ पेंशनभोगी की नजरें इस बात पर जमी हुईं हैं कि सरकार मिनिमम पेंशन से लेकर फिटमेंट फैक्टर कितना रखती है। इसी बीच नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NCJCM) की 49वीं बैठक कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में हुई। इसमें कर्मचारी संघों और सरकारी अधिकारियों ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, भर्ती, पदोन्नति, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई ।

नई स‍िफार‍िश देने से पहले आयोग ने अलग कर्मचारी यून‍ियनों के साथ विचार-विमर्श का प्रोसेस शुरू कर द‍िया है। इस हाई लेवल मीट‍िंग में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच सैलरी, अलाउंस, प्रमोशन और पेंशन जैसे मामले पर बातचीत हुई। यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह 8वें वेतन आयोग के तहत चल रही चर्चाओं के बीच हो रही है। आयोग ने देश भर के कर्मचारी संघों और स्टाफ एसोसिएशनों के साथ बातचीत पहले ही शुरू कर दी है।

मीटिंग में कौन – कौन हुए शामिल?
NCJCM के स्टाफ साइड की ओर से शेयर किए गए दस्तावेजों के अनुसार, मीटिंग में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, व्यय सचिव, कार्मिक सचिव, डाक विभाग के सचिव, शिक्षा सचिव, स्वास्थ्य सचिव और कई अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के अधिकारी शामिल थे। स्टाफ साइड का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं में स्टाफ साइड के सचिव शिव गोपाल मिश्रा, एम. राघवैय्या, डॉ. एन. कनैय्या, गुमान सिंह, जे.आर. भोसले, सी. श्रीकुमार और कर्मचारियों के कई अन्य प्रतिनिधि शामिल थे।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा
मीटिंग के दौरान कर्मचार‍ियों के प्रत‍िन‍िध‍ि ने पक्ष रखते हुए कैबिनेट सेक्रेटरी को जानकारी दी क‍ि उन्होंने वेतन आयोग को अपना ड‍िटेल्‍ड ज्ञापन पहले ही दे द‍िया है। ज्ञापन में न्‍यूनतम सैलरी हाइक, फ‍िटमेंट फैक्टर, एनुअल इंक्रीमेंट की दर और प्रमोशन पॉल‍िसी जैसे अहम प्‍वाइंट को शामिल किया गया है। यूनियनों की तरफ से सरकार से मांग की गई क‍ि आठवें वेतन आयोग के कामकाज के दौरान कर्मचारी संगठनों के साथ लगातार बातचीत बनाकर रखा जाए। इससे कर्मचारियों की उम्‍मीदों को सही तरीके से आयोग के सामने रखा जा सकेगा। सैलरी, अलाउंस के साथ एनपीएस (NPS) और यूपीएस (UPS) को वापस लेने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

स्‍वास्‍थ्‍य सेवा और मेड‍िकल र‍िम्‍बर्समेंट में सुधार की मांग
मीटिंग में हेल्थ सर्विस को लेकर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने मांग की है कि CGHS और CS(MA) नियमों के तहत इलाज के खर्च का पूरा र‍िम्‍बर्समेंट होना चाहिए। उन्होंने शिकायत की कि हीयर‍िंग मशीन के लिए र‍िम्‍बर्समेंट की दर को प‍िछले 12 साल से नहीं बदला गया। इस पर कैबिनेट सेक्रेटरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन मामलों की जांच की जाए और तीन महीने के अंदर फैसला लिया जाए। इसके अलावा, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए ‘चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस’ और अतिरिक्त CGHS सेंटर की स्थापना पर बातचीत हुई।

मॉनसून को लेकर बड़ी खुशखबरी, इस दिन होगी एंट्री; कई राज्यों में झमाझम बारिश के आसार

नई दिल्ली

 उत्तर भारत समेत पूरे देशभर में भीषण गर्मी पड़ रही है। सभी लोग मॉनसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, केरल में मॉनसून की एंट्री की खबर ने सबके लिए बड़ी खुशखबरी दी है। केरल में इस बार समय से पहले मॉनसून की एंट्री होने जा रही है। यह 26 मई को दस्तक देगा। हालांकि, इस मॉडल में प्लस माइनस चार दिन का गैप हो सकता है। इस हफ्ते कई दिनों तक उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में हीटवेव से लेकर भीषण हीटवेव की स्थिति रहने वाली है। वहीं, सप्ताह के दौरान उत्तर-पूर्वी भारत में और अगले तीन चार दिनों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी छिटपुट से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर पश्चिम भारत के मौसम की बात करें तो 15 और 16 मई को जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में छिटपुट से हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 15 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी राजस्थान और उत्तर प्रदेश में और पूर्वी राजस्थान में 15 और 16 मई को छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली चलने की संभावना है। 15 मई को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में गरज के साथ आंधी चलने की संभावना है। इस दौरान आंधी की स्पीड 70 किमी प्रति घंटे हो सकती है। वहीं, 15 मई को पश्चिम राजस्थान के कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी चल सकती है।

पूर्वोत्तर भारत में 15 से 17 मई के दौरान नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में छिटपुट से लेकर काफी व्यापक स्तर पर बारिश होगी। 15-17 मई और 20 से 21 मई को अरुणाचल प्रदेश में, 15-21 मई को असम, मेघालय में, 15, 20 और 21 मई को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम में छिटपुट भारी बारिश होगी।

लगातार तीसरे साल समय से पहले आ रहा मानसून

आम तौर पर केरल में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसमें बदलाव देखा जा रहा है-

2024 में: मानसून 30 मई को पहुंचा था।

2025 में: मानसून ने 24 मई को ही दस्तक दे दी थी।

2026 का अनुमान: इस बार भी यह 26 मई तक पहुंच सकता है। यह भी सामान्य से जल्दी है।

अंडमान में कल पहुंचेगा मानसून
IMD के मुताबिक मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। 16 मई (शनिवार) के आसपास दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मानसून के आगे बढ़ने की पूरी संभावना है। वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक ‘वेल-मार्क्ड लो प्रेशर’ एरिया बना हुआ है, जो मानसून की गति में सहायक हो रहा है।

इस साल ‘सामान्य से कम’ रह सकती है बारिश
जहां एक तरफ मानसून जल्दी आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने बारिश की मात्रा को लेकर चिंता भी जताई है। अप्रैल में जारी पहले लॉन्ग रेंज फोरकास्ट के मुताबिक इस साल मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। यह लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का लगभग 92 प्रतिशत रह सकती है।

एल नीनो का खतरा
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई के आसपास ‘एल नीनो’ (El Nino) की स्थिति बन सकती है। एल नीनो का भारतीय मानसून पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इसे अक्सर कम बारिश या सूखे की स्थिति से जोड़कर देखा जाता है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मानसून?
भारत की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए मानसून की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। देश की कुल वार्षिक वर्षा का 70% से अधिक हिस्सा इसी सीजन (जून से सितंबर) में प्राप्त होता है। यह न केवल धान जैसी फसलों की सिंचाई के लिए जरूरी है, बल्कि देश भर के जलाशयों के जल स्तर को बनाए रखने के लिए भी अनिवार्य है। इसके अलावा, मानसून ही भीषण गर्मी और लू से राहत दिलाता है।

कैसे तय होती है तारीख?
IMD मानसून की तारीख तय करने के लिए कई वैज्ञानिक कारकों का विश्लेषण करता है। इसमें उत्तर-पश्चिम भारत का न्यूनतम तापमान, दक्षिण भारत में मानसून पूर्व की बारिश, हवाओं का पैटर्न और हिंद महासागर व दक्षिण चीन सागर के ऊपर बादलों की हलचल शामिल है। अब मौसम विभाग मई के अंत तक मानसून के भौगोलिक विस्तार (किस राज्य में कब पहुंचेगा) को लेकर विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा।

वहीं, दक्षिण भारत में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 

मॉनसून से पहले बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून के आगमन से पहले ही दक्षिण भारत में झमाझम बरसात हो रही है। 15-19 मई के दौरान केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, आंतिरक कर्नाटक, लक्षद्वीप में 15-16 मई को छिअपुट से लेकर व्यापक स्तर पर गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने वाली हैं। 

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