नगरीय निकायों को मरम्मत-संधारण के लिए 22.6 करोड़ की आपात निधि जारी

नगरीय निकायों को मरम्मत-संधारण के लिए 22.6 करोड़ की आपात निधि जारी

रायपुर
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए 22 करोड़ 6 लाख रुपए की आपात निधि जारी की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर संचालनालय ने सभी निकायों को राशि हस्तांतरित कर दी है। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही अप्रैल से जून के लिए यह राशि जारी की गई है।

नगरीय प्रशासन विभाग ने मरम्मत-संधारण आपात निधि के रूप में राज्य के 14 नगर निगमों को कुल 13 करोड़ 76 लाख रुपए जारी किए हैं। वहीं 56 नगर पालिकाओं के लिए कुल 5 करोड़ 18 लाख रुपए जारी किए गए हैं। विभाग ने 124 नगर पंचायतों के लिए भी कुल 3 करोड़ 66 लाख रुपए जारी किए हैं।

46 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 2-3 दिन में पूरे प्रदेश को कवर करेगा मानसून

भोपाल
 मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में आखिरकार मानसून की एंट्री हो गई है। मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा समेत 15 जिलों में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पिछले 24 घंटों में हुई अच्छी बारिश और दक्षिण-पश्चिम से आने वाली नमी युक्त हवाओं के आधार पर यह घोषणा की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून प्रदेश के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती
गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सीधी जिले में लू चलने की संभावना है, जबकि ग्वालियर, मुरैना, भिंड, रीवा, सिंगरौली, मंदसौर और नीमच समेत कई जिलों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे अंत में मानसून पहुंचेगा
मौसम विभाग के अनुसार आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में मानसून पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे अंत में मानसून पहुंचेगा।

प्रदेश के बाकी हिस्सों को अगले 2 से 3 दिन में मानसून कवर कर लेगा। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। सीधी में लू चल सकती है, जबकि नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, रीवा और सिंगरौली में उमस-भरी गर्मी रहेगी।

इन जिलों में आ चुका मानसून आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी, डिंडौरी में मानसून के आने की घोषणा हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से चार दिन के अंदर मानसून पूरे प्रदेश में छा जाएगा। यह सबसे आखिरी में ग्वालियर-चंबल में मानसून पहुंचेगा।

9 दिन लेट हो गया मानसून
एमपी में मानसून की एंट्री की सामान्य तारीख 15 जून है, लेकिन इस बार यह 9 दिन लेट यानी, 24 जून को प्रदेश में आया। मानसून आ गया है? इसका आंकलन कैसे होता है? यह मौसम वैज्ञानिक अरुण कुमार से जाना। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा में पिछले 24 घंटे में 75 मिमी यानी, 3 इंच बारिश हो गई।

सीमा से जुड़े जिलों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहा। कई जिलों में पर्याप्त बारिश हुई और दक्षिण-पश्चिम से नमी वाली मानसूनी हवाएं भी आईं। इन्हीं के अध्ययन से मानसून की एंट्री की अधिकारिक घोषणा की जाती है।

इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून
मौसम विभाग ने अलीराजपुर, बड़वानी, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून के प्रवेश की आधिकारिक घोषणा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से चार दिनों में मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।

नौ दिन की देरी से हुई एंट्री
मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य आगमन तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार यह 24 जून को पहुंचा। यानी मानसून निर्धारित समय से करीब नौ दिन देरी से आया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की घोषणा केवल बारिश के आधार पर नहीं होती, बल्कि वर्षा की मात्रा, नमी वाली हवाओं की दिशा और उनके प्रभाव क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। छिंदवाड़ा में पिछले 24 घंटों के दौरान 75 मिमी से अधिक बारिश दर्ज होने के साथ दक्षिणी सीमावर्ती जिलों में लगातार सक्रिय मानसूनी गतिविधियां देखी गईं, जिसके बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की गई।

बारिश का कोटा अभी भी आधा अधूरा
मानसून के देर से आने का असर शुरुआती सीजन पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश में 1 जून से 24 जून तक औसतन 84.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 42 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यह सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित 48 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। 

इस साल कम बरसात की आशंका
भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस वर्ष प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत 47 जिलों में बारिश का स्तर औसत से नीचे रहने का अनुमान है। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान करीब 37.3 इंच वर्षा होती है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 30 से 32 इंच के बीच रहने की संभावना जताई गई है।

केवल सात जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
अब तक के आंकड़ों के अनुसार भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, बालाघाट, धार, खरगोन, रायसेन, सीहोर समेत 48 जिलों में वर्षा का स्तर सामान्य से कम बना हुआ है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले तीन दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। 

विश्लेषण करने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाती है
इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि 15 जून के बजाय 24 जून को पहुंचा, यानी करीब 9 दिन की देरी से। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की घोषणा केवल बारिश के आधार पर नहीं होती, बल्कि लगातार वर्षा, हवा की दिशा, नमी और अन्य मौसमीय संकेतकों का विश्लेषण करने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाती है।

खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी
हालांकि इस बार मानसून के बावजूद बारिश को लेकर चिंता बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। 1 जून से 24 जून तक प्रदेश में औसतन 84.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 42 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों की बारिश प्रदेश की जल स्थिति और खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।

 

SPS से IPS प्रमोशन पर आज फैसला, 9 अफसरों की किस्मत का होगा निर्णय

भोपाल 

मध्य प्रदेश के 9 राज्य पुलिस सेवा के अफसरों को आईपीएस अवार्ड करने गुरुवार को डीपीसी मीटिंग होगी। गृह विभाग के प्रस्ताव पर संघ लोक सेवा आयोग ने इस तारीख को मंजूरी दी थी जिसके बाद आज यह बैठक होने वाली है। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी और संघ लोक सेवा आयोग। 

आईपीएस अवार्ड के लिए गृह विभाग की प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग से आगे चल रही है। राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों की डीपीसी के लिए अभी तक सामान्य प्रशासन विभाग प्रस्ताव नहीं भेज पाया है। दूसरी ओर राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की प्रस्तावित डीपीसी की बैठक में इस बार 1997 और 1998 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा।

राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा के लिए जिन अफसरों के नाम पर विचार किया जाएगा उनमें 1997 बैच के सीताराम ससत्या, अमृत मीणा, वर्ष 1998 बैच के निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा, सत्येन्द्र सिंह तोमर समेत कुल 27 नाम शामिल हैं।

इनकी पदोन्नति अटक सकती है
इसमें से अमृत मीणा की जाति प्रमाण पत्र और राजेश मिश्रा की विभागीय जांच के चलते डीपीसी अटक सकती है और इनका लिफाफा बंद हो सकता है। अंतिम दौर में सीताराम ससत्या के नाम को लेकर भी शिकायत के चलते डीपीसी में उनका नाम कटने के कयास लगाए जा रहे हैं।

 

देवी-देवताओं या भारत माता के नाम पर शपथ नहीं, केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

तिरुवनंतपुरम
केरल हाई कोर्ट ने शपथ को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने साफ कहा कि स्थानीय निकायों के चुने हुए प्रतिनिधि शपथ लेते समय कानून में तय शब्दों से बाहर नहीं जा सकते. यानी शपथ  ईश्वर के नाम पर ली जा सकती है या फिर बिना ईश्वर का नाम लिए सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा की जा सकती है. उसमें देवी-देवताओं, भारत माता, किसी संगठन, राजनीतिक शहीद या किसी व्यक्ति का नाम जोड़ना मान्य नहीं है. इसी आधार पर अदालत ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के कुछ पार्षदों की शपथ को अवैध माना. कोर्ट ने कहा कि अपनी तरफ से कोई भी नया शब्द जोड़ना पूरी तरह गलत माना जाएगा। 

यह मामला तब अदालत पहुंचा जब तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 20 पार्षदों ने शपथ लेते समय अलग-अलग हिंदू देवी-देवताओं, ‘भारतम्बा’, ‘भारत माता’, गुरुदेव, अपने राजनीतिक आंदोलन के शहीदों के नाम लिए. इसी से जुड़ी एक दूसरी याचिका पलक्कड़ जिले के वडक्कनचेरी ग्राम पंचायत सदस्य की शपथ को लेकर भी थी. उस सदस्य ने ‘ईश्वर की कृपा से उम्मन चांडी के नाम पर’ शपथ ली थी. इन दोनों मामलों को देखते हुए हाई कोर्ट ने पूछा कि क्या कानून शपथ के तय प्रारूप से बाहर जाने की इजाजत देता है। 

कोर्ट ने क्या कहा?

न्यायमूर्ति पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने अपने फैसले में कहा कि केरल म्युनिसिपैलिटी एक्ट (नगरपालिका अधिनियम), केरल पंचायत राज एक्ट के तहत शपथ का सिर्फ दो ही तरीका है. पहला, ईश्वर के नाम पर शपथ लेना. दूसरा, ईश्वर का नाम लिए बिना सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करना. अदालत ने साफ कहा कि ईश्वर शब्द का दायरा बढ़ाकर किसी खास देवी-देवता, भारत माता, राजनीतिक शहीद, संगठन या व्यक्ति का नाम जोड़ना कानून के खिलाफ है। 

कोर्ट ने यह भी कहा कि शपथ सिर्फ औपचारिकता नहीं है. यह जनता के प्रति एक गंभीर वादा है कि चुना हुआ प्रतिनिधि संविधान का पालन करेगा, कानून के मुताबिक काम करेगा, ईमानदारी से जनता की सेवा करेगा. इसलिए शपथ वही मानी जाएगी जो कानून में लिखे तरीके से ली गई हो। 

पार्षदों की सदस्यता पर क्या असर पड़ेगा?
हाई कोर्ट ने कहा कि शपथ गलत तरीके से ली गई थी, इसलिए वह वैध नहीं मानी जा सकती. लेकिन सिर्फ इस वजह से चुने हुए प्रतिनिधियों का जनादेश खत्म नहीं किया जाएगा. अदालत ने आदेश दिया है कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षद, वडक्कनचेरी पंचायत सदस्य चार हफ्ते के भीतर दोबारा सही तरीके से शपथ लें. अदालत ने यह भी माना कि इन लोगों ने शायद यह सोचकर ऐसा किया कि उनका तरीका कानूनी रूप से सही है, इसलिए उन पर कोई सजा या जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। 

तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षदों के मामले में अदालत ने राहत दी है. कोर्ट ने कहा कि अब तक उनके द्वारा किए गए काम केरल म्युनिसिपैलिटी एक्ट की धारा 531 के तहत सुरक्षित रहेंगे. यानी उनकी अब तक की कार्रवाई सिर्फ शपथ की गलती के आधार पर रद्द नहीं होगी. लेकिन वडक्कनचेरी ग्राम पंचायत सदस्य के मामले में तस्वीर अलग है. कोर्ट ने कहा कि पंचायत राज एक्ट में ऐसी सुरक्षा का प्रावधान नहीं है, इसलिए उस सदस्य ने अब तक जो काम किए, वे अमान्य माने जाएंगे. हालांकि उसे भी दोबारा शपथ लेने का मौका दिया गया है। 

फैसले में नारायण गुरु की सीख और संविधान में दर्ज धर्मनिरपेक्षता का जिक्र करते हुए कहा गया कि लोग भगवान को भले ही अलग-अलग नामों से पुकारें, लेकिन कानूनन शपथ सिर्फ ईश्वर के नाम पर या सत्यनिष्ठा से ही ली जा सकती है. इसमें अपनी तरफ से कोई भी नाम जोड़ना ठीक नहीं है। 

 

CG में मानसून हुआ एक्टिव, अगले 2 दिनों तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में मानसून के दस्तक से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ ही बारिश का दौर भी जारी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन कई जिलों में गरज और चमक के साथ ही मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई है, तो चलिए जानते हैं कि आपके जिले में आज का मौसम कैसा रहेगा ?

पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम ?
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के सभी संभागों के कुछ स्थानों पर मध्यम से तीव्र मेघगर्जन के साथ वर्षा हुई है। दंतेवाड़ा और रायगढ़ के एक-दो जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। बुधवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया। मौसमी द्रोधणका राजस्थान से उत्तरी मध्य प्रदेश, दधिणी उत्तर प्रदेश, धिहार और झारखांड होते हुए गांगीय पधिम पश्चिम तक समुद्र तल पर बनी हुई है। मध्य प्रदेश के दधिण पूर्व भागों में ऊपरी हवा का चक्रवाती पररसांचरण समुद्र तल से 3.1 धकमी ऊपर धस्थत है।

प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम
प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। साथ ही एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की आशंका है। अगले 2 दिनों में प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना है। रायपुर शहर में 25 जून को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने, गरज-चमक के साथ बारिश तथा अंधड़ चलने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

साधारण परिवारों के सपनों को मिल रही नई उड़ान, ट्राइबल यूथ हॉस्टल बन रहा प्रतिभाओं का सशक्त मंच

राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों के बेटे-बेटियों की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री

युवा शक्ति की सफलता विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान – मुख्यमंत्री साय

मुख्य परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने दिया सफलता का मंत्र, कहा- अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम ही सबसे बड़ी पूंजी

दूरस्थ जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराई दमदार मौजूदगी

नई दिल्ली
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।

उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, सुदीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

चायत की आमसभा में बवाल, उपसरपंच से मारपीट; सरपंच पुत्र समेत कई लोगों पर आरोप

अभनपुर.

ग्राम पंचायत जौंदी में आयोजित आमसभा के दौरान उपसरपंच के साथ कथित रूप से मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। उपसरपंच पोखन लाल यदु ने थाना गोबरा नवापारा में शिकायत दर्ज कराते हुए सरपंच पुत्र सहित कई लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है।

शिकायत के अनुसार, 24 जून को ग्राम पंचायत जौंदी में आमसभा आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर चर्चा हो रही थी। बताया गया कि सूची में कुल 169 हितग्राहियों के नाम थे, जिनमें से 120 लोगों के नाम शामिल नहीं होने पर कुछ ग्रामीणों द्वारा उपसरपंच पर नाम कटवाने का आरोप लगाया गया।

उपसरपंच का आरोप
उपसरपंच का आरोप है कि इसी बात को लेकर टोमन लाल साहू ने सभा में लोगों को उनके खिलाफ भड़काया। बैठक समाप्त होने के दौरान कथित रूप से उनका कॉलर पकड़कर पंचायत भवन के बाहर ले जाया गया, जहां चिंतामणि, टोमन साहू, मिथलेश साहू, अलखराम साहू, बैतल साहू, लेखराम साहू, प्रहलाद साहू और एस कुमार सहित अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत में कहा गया है कि मारपीट के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उनकी मोटरसाइकिल को भी गिरा दिया गया। घटना का वीडियो ग्रामीण चेतन साहू द्वारा बनाए जाने की बात भी कही गई है। उपसरपंच ने बताया कि मारपीट के कारण उनके जबड़े में चोट आई है और दर्द बना हुआ है।

मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
पोखन लाल यदु ने यह भी आरोप लगाया है कि इससे पहले हुई पंचायत बैठकों में भी उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट का प्रयास किया जा चुका है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि पंचायत की आमसभा में हुई इस मारपीट की घटना पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के देव मीणा ने रचा इतिहास

65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के देव मीणा ने रचा इतिहास

स्वर्ण पदक के साथ बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई

भोपाल

भुवनेश्वर में 24 से 28 जून 2026 तक आयोजित 65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के प्रथम दिवस सायंकालीन सत्र में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ी देव मीणा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पोल वॉल्ट स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

देव ने न केवल नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया, बल्कि आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर भारतीय एथलेटिक्स में मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी इस उपलब्धि ने प्रतियोगिता के पहले ही दिन प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव का अवसर प्रदान किया।

देव मीणा ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

पोल वॉल्ट स्पर्धा में देव मीणा ने 5.46 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया। देव की इस उपलब्धि ने उन्हें देश के शीर्ष पोल वॉल्टरों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है।

एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई

राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाले देव मीणा ने आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी सफलता है, बल्कि मध्यप्रदेश और देश के लिए भी गर्व का विषय है।

प्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन

देव मीणा का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनकी सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।

खेल मंत्री श्री सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने देव मीणा को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना और एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देव आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा

देव मीणा की यह उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया जा सकता है।

 

CM साय का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- सत्ता के अहंकार में कुचली गई संविधान की आत्मा

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संविधान हत्या दिवस पर कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला दिवस’ करार दिया।

CM साय ने तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार पर आपातकाल थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा सत्ता के अहंकार में संविधान की आत्मा को कुचला गया। MISA के तहत हजारों लोकतंत्र सेनानी और पत्रकार जेल भेजे गए।

PM मोदी के फैसले का किया स्वागत
उन्होंने कहा कि 25 जून लोकतंत्र का काला दिवस है। आइए, हम सब मिलकर इस दिन संविधान की रक्षा करने का दृढ़ संकल्प लें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को संविधान हत्या दिवस घोषित किए जाने के फैसले का स्वागत किया।
25 जून 1975 – भारतीय लोकतंत्र का वह काला दिवस, जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के सत्ता के अहंकार ने संविधान की आत्मा को कुचलकर पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर /नई दिल्ली
 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

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