चेतन से प्यार, केतन से नजदीकियां! आखिर सिया चाहती क्या थी? टीवी एक्ट्रेस का फूटा गुस्सा

 पुणे

पुणे के चर्चित लोहगढ़ हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मामले से जुड़े नए तथ्य सामने आ रहे हैं. पुलिस जांच में अब मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके परिवार की पृष्ठभूमि को भी खंगाला जा रहा है. जानकारी के अनुसार, सिया गोयल पुणे के गंगाधाम इलाके स्थित न्यू एरा सोसायटी में अपने परिवार के साथ रहती थी. उसके परिवार में माता-पिता और एक भाई शामिल हैं। 

जांच में यह भी पता चला है कि सिया और चेतन की पहली मुलाकात पिछले साल दिवाली के दौरान आयोजित एक पार्टी में हुई थी. इसी मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया. पुलिस अब दोनों के रिश्तों, कॉल रिकॉर्ड, मुलाकातों और आपसी संवाद से जुड़ी जानकारियों को खंगाल रही है। 

फूटा टीवी एक्ट्रेस का गुस्सा, सिया पर एक्शन की डिमांड
 केतन अग्रवाल की मौत ने सनसनी मचाई हुई है. 26 साल के लड़के की मौत लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान हुई. वो पहाड़ी से नीचे गिर पड़े, जिसमें उनकी जान चली गई. पहले इसे महज एक हादसा बताया जा रहा था. लेकिन फिर ये बात सामने आई कि उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने लवर चेतन चौधरी के साथ केतन को पहाड़ी से नीचे धक्का दिया। 

इस घटना ने हर किसी को हैरानी में डाल दिया है. सभी सिया से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया है. टीवी सेलेब्स भी अपनी नाराजगी बयां करते दिख रहे हैं. हिना खान के बाद अब आंचल खुराना ने केतन अग्रवाल के साथ जो कुछ हुआ, उसपर दुख जताया है. आंचल ने सिया को लेकर भी बड़ी बात कह डाली है। 

रोडीज विनर ने जताई नाराजगी
अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करके आंचल खुराना ने कहा- केतन अग्रवाल सिर्फ 26 साल का लड़का था. एक करोड़पति बाप के बेटे की एक करोड़पति बाप की बेटी से अरेंज मैरिज फिक्स होती है. दोनों परिवार एक-दूसरे के करीबी हैं, तो वो अपने बच्चों की भी शादी तय कर लेते हैं. लेकिन जो बेटी है उसका चेतन के साथ अफेयर चल रहा होता है. आप ये बात अपने पेरेंट्स से कह सकती थीं, आप अपने मंगेतर को ये बात बता सकती थीं. लेकिन उसने केतन को पहाड़ी से नीचे फेंकना सही समझा। 

‘यार ये सिर्फ लड़का या लड़की की बात नहीं है. मैं ये कहना चाह रही हूं कि इस पीढ़ी को हो क्या गया है? हमें किसी पर भी अत्याचार नहीं करना चाहिए. सिया के अंदर केतन को मारने की हिम्मत आई, लेकिन अपने माता-पिता को अफेयर का सच बताने की हिम्मत नहीं थी. क्या तुम सीरियस हो? तुम उसके घर से भाग सकती थी, कुछ और कर सकती थी. किसी को मारने की क्या जरूरत थी? ये आखिर हो क्या रहा है? मेरे हिसाब से उस लड़की को भी उसी खाई से धक्का दे देना चाहिए. इस मामले में कोई कोर्ट केस भी नहीं होना चाहिए। 

 सिया आखिर चाहती क्या थी? 
 पुणे के बहुचर्चित लोहगढ़ किला केस का सबसे चर्चित नाम. एक ऐसी लड़की, जिसकी जिंदगी में एक तरफ केतन अग्रवाल था, जिससे कुछ महीनों बाद उसकी शादी होने वाली थी, तो दूसरी तरफ चेतन था, जिसके साथ उसके अफेयर की बात पुलिस जांच का हिस्सा बन चुकी है। 

पुणे के गंगाधाम इलाके की न्यू एरा सोसायटी में रहने वाली सिया एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती है. उसके पिता प्रवीण गोयल ड्राय फ्रूट और मसालों के कारोबार से जुड़े हैं. परिवार की छवि समाज में सम्मानित मानी जाती है जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, पिछले साल दिवाली के दौरान आयोजित एक पार्टी में सिया की मुलाकात केतन से हुई थी. बताया जाता है कि पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता चला गया. वहीं दूसरी ओर पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि पिछले छह महीनों में सिया और चेतन के बीच 2,004 कॉल हुईं और कुल मिलाकर लगभग 238 घंटे बातचीत हुई. कुछ कॉल दो से तीन घंटे तक लगातार चली थीं. पुलिस का मानना है कि यह लंबी बातचीत कथित साजिश की तैयारी का भी हिस्सा हो सकती है।  

11 फरवरी को हुई मुलाकात, 19 को रोका 
दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान सिया के परिवार ने उसके लिए जीवनसाथी की तलाश भी शुरू कर दी थी. इसी क्रम में अग्रवाल परिवार से रिश्ता तय हुआ. 11 फरवरी को दोनों परिवारों की मुलाकात हुई, 19 फरवरी को रोका सम्पन्न हुआ और 25 नवंबर को शादी की तारीख भी तय कर दी गई. घरों में तैयारियां शुरू हो चुकी थीं. भविष्य के सपने बुने जा रहे थे. परिवार का कहना है कि सिया केवल नाम की होने वाली बहू नहीं थी, बल्कि परिवार का हिस्सा बन चुकी थी. वह कई बार उनके घर आई. होली के अवसर पर आई, पूजा-पाठ में शामिल हुई, पूरा दिन परिवार के साथ बिताया. बातचीत में अपनापन दिखाती थी. किसी को यह आभास तक नहीं हुआ कि उसके मन में कुछ और भी चल रहा है। 

केतन की मां ने मान लिया था बहू 
केतन की मां आज भी इसी बात को याद कर भावुक हो जाती हैं. उनका कहना है कि उन्होंने सिया को बहू मान लिया था. वह घर आती थी, परिवार के साथ घुल-मिलकर रहती थी, इसलिए कभी शक नहीं हुआ. उनका आरोप है कि यदि रिश्तों की वास्तविक स्थिति पहले बता दी जाती तो शायद आज उनका बेटा जिंदा होता. एक तरफ शादी की तैयारियां चल रही थीं, दूसरी तरफ पुलिस जांच में सामने आया कि सिया और चेतन लगातार संपर्क में थे. जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर दोनों के बीच किस तरह का रिश्ता था. परिजनों का दावा है कि दोनों की मुलाकातें होती थीं और वे एक-दूसरे के काफी करीब थे. सोशल मीडिया और जांच से जुड़े कुछ वीडियो भी चर्चा में हैं, जिनमें दोनों को साथ देखा गया है.  इसी बीच केतन के परिवार ने एक और गंभीर दावा किया है. उनका आरोप है कि 14 जून को भी सिया, केतन को लेकर लोहगढ़ किले गई थी. वहां कथित रूप से एक ऐसी घटना हुई, जिसे परिवार हत्या की पहली कोशिश मान रहा है। 

ड्राई फ्रूट का कारोबार करते हैं सिया के पिता
बताया जा रहा है कि सिया के पिता प्रवीण गोयल शहर में ड्राई फ्रूट और मसालों के कारोबार से जुड़े हुए हैं और उनका अपना व्यापारिक प्रतिष्ठान भी है. जांच एजेंसियां परिवार से जुड़े तथ्यों और मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। 

वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए चेतन के बारे में भी कई जानकारियां सामने आई हैं. सूत्रों के मुताबिक चेतन भी ड्राई फ्रूट के व्यवसाय से जुड़ा हुआ था. उसने बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी. फिलहाल पुलिस उसके पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। 

अधिकारियों का मानना है कि मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए दोनों के बीच संबंधों की प्रकृति और घटनाओं के क्रम को समझना बेहद जरूरी है. इसी वजह से जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजी सबूतों की मदद से पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी हैं. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और मामले से जुड़े हर तथ्य को सत्यापित करने का प्रयास किया जा रहा है। 

साबित हुआ आखिर सफर 
परिवार के मुताबिक, उस दिन किले के एक हिस्से में खड़े होने के दौरान केतन को पीछे की ओर धक्का लगा था. वह नीचे की ओर खिसक गया, लेकिन झाड़ियों में हाथ फंस जाने के कारण उसकी जान बच गई. परिवार का कहना है कि बाद में सिया ने सांप आया… सांप आया कहकर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश की.  परिजनों के अनुसार, 19 जून को सिया का जन्मदिन था. जन्मदिन मनाने की बात कहकर उसने 18 जून को केतन को लोहगढ़ किले चलने के लिए कहा. सुबह करीब साढ़े आठ बजे दोनों वहां के लिए निकले. परिवार को लगा कि होने वाले पति-पत्नी घूमने जा रहे हैं. लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर केतन की जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा. करीब 10:45 बजे फोन आया कि केतन किले की घाटी में गिर गया है. परिवार तुरंत मौके के लिए रवाना हुआ, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. केतन की मौत हो चुकी थी। 

सिया के चेहरे पर नहीं थी सिकन 
केतन के पिता विशाल अग्रवाल का कहना है कि शुरुआत से ही उन्हें यह घटना हादसा नहीं लगी. उनका आरोप है कि घटनास्थल की परिस्थितियां और बाद की परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं. परिवार का दावा है कि जब उन्होंने केतन का शव देखा, तब भी सिया के चेहरे पर वैसा दुख दिखाई नहीं दिया. केतन की मां कहती हैं कि जिस बेटे को उन्होंने लाड़-प्यार से बड़ा किया, जिसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं, वह अचानक उनसे छिन गया. उनकी आवाज में दर्द साफ झलकता है. वह कहती हैं कि केतन हर बात उनसे साझा करता था, लेकिन शायद वह भी नहीं समझ पाया कि उसके आसपास क्या चल रहा है। 

उधर पुलिस तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच में जुटी है. कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल का पुनर्निर्माण और संबंधित लोगों से पूछताछ लगातार जारी है. जांच एजेंसियां हर उस कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं, जो इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई तक पहुंचा सके. लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल अभी भी वही है, जो लाखों लोगों के मन में घूम रहा है. अगर सिया की जिंदगी में चेतन था, जिससे वो प्यार करती थी तो केतन से शादी को क्यों तैयार  हो गई. पुलिस अब यह जांच कर  रही है कि आखिर वह चाहती क्या थी? वैसे तो इस सवाल का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है. जवाब शायद जांच पूरी होने के बाद मिलेगा। 

 

 

गर्व नहीं मर्म प्राथमिकता:- डॉ वर्णिका शर्मा

गर्व नहीं मर्म प्राथमिकता:- डॉ वर्णिका शर्मा

मजदूरी के अंधेरे से शिक्षा की रोशनी तक, आयोग का संवेदनशील और सफल प्रयास – डॉ वर्णिका शर्मा

बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए 13 बैगा बच्चों की शिक्षा में हुई वापसी- डॉ वर्णिका शर्मा

रायपुर 
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के संवेदनशील प्रयासों और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) बैगा समुदाय के 13 बच्चों को न केवल बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया गया, बल्कि उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से भी जोड़ दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मई 2026 में कबीरधाम जिले के भोरमदेव क्षेत्र के थुहापानी गांव तथा कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास स्थित पशुपालन फार्मों में मानव तस्करी और बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया था। 8 से 15 वर्ष आयु के 13 बैगा आदिवासी बच्चों को कथित रूप से परिवारों को आर्थिक प्रलोभन देकर ले जाया गया था और उनसे मवेशी चराने सहित विभिन्न कार्य कराए जा रहे थे। बच्चों से सुबह से देर रात तक काम लिया जाता था तथा उन्हें उचित मजदूरी और मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं।

मामले की जानकारी मिलने पर कवर्धा पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्डलाइन तथा एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA) के संयुक्त अभियान के माध्यम से सभी 13 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इस प्रकरण में पुलिस ने 2 मानव तस्करों एवं 6 नियोक्ताओं सहित कुल 8 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की। मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और संरक्षण को प्राथमिकता दी। आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर संबंधित विभागों से लगातार जानकारी ली गई तथा यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए कि कोई भी बच्चा दोबारा शोषण का शिकार न हो।

आयोग के निर्देशों के पालन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बोड़ला द्वारा 10 जून 2026 को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार रेस्क्यू किए गए सभी 13 बैगा बच्चों का विद्यालयों में पुनः प्रवेश करा दिया गया है। साथ ही उन्हें शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। इस अवसर पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि हर बच्चे का बचपन, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य उसका संवैधानिक अधिकार है। बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी जैसी अमानवीय घटनाओं के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है। इन बच्चों की स्कूल वापसी केवल प्रवेश की औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके सपनों, आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य की पुनर्स्थापना है।

राजनांदगांव में 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग का खुलासा, संचालक गिरफ्तार

राजनांदगांव में 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग का खुलासा, संचालक गिरफ्तार

राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 8.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध आईटीसी का मामला उजागर

रायपुर
राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी), छत्तीसगढ़ द्वारा कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया गया है।

विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा पिछले लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए। उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया।

प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका लाभ हस्तांतरित किया गया।

जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए। विभाग के अनुसार यह पूरा लेन-देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है।

जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी।

प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है।

राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा तथा फर्जी बिलिंग और बोगस आईटीसी जैसे अवैध कृत्यों पर प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

बस्तर में विकास और जनविश्वास का मजबूत हो रहा है आधार: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बस्तर में विकास और जनविश्वास का मजबूत हो रहा है आधार: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर /नई दिल्ली
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं संचार सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सेवा केंद्रों एवं जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से लोगों को शासकीय सेवाएं उनके घर के निकट उपलब्ध कराई जा रही हैं।

साय ने कहा कि बस्तर आज विकास और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। चित्रकोट, तीरथगढ़ और कांगेर घाटी जैसे पर्यटन स्थलों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि विकास एवं जनकल्याण के प्रयासों से क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है तथा शासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी प्रयासों की सराहना करते हुए राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

जशपुर जिले में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था सुचारु

रायपुर

राज्य सरकार प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चत करने मॉनिटरिंग कर रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जिले में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। जशपुर जिले में भी पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सामान्य एवं सुचारु रूप से जारी है। जिले में कुल 61 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें इंडियन ऑयल के 28, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के 24 तथा भारत पेट्रोलियम के 9 पेट्रोल पंप शामिल हैं। प्री-मानसून वर्षा के उपरांत खरीफ फसल की तैयारियों के कारण कृषि कार्यों में डीजल की मांग बढ़ी है। इसी क्रम में 23 जून 2026 को जशपुर जिले के कोतबा क्षेत्र स्थित दो पेट्रोल पंपों में डीजल स्टॉक समाप्त होने से अस्थायी स्थिति उत्पन्न हुई थी। किसानों एवं आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निकटवर्ती पेट्रोल पंपों से वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की गई।

वर्तमान में कोतबा क्षेत्र के सभी चार पेट्रोल पंपों में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा ईंधन वितरण नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। जिला एवं राज्य स्तर पर तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर मांग के अनुरूप पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कृषि कार्यों के कारण बढ़ी मांग को देखते हुए जिन पेट्रोल पंपों में स्टॉक समाप्त होने की संभावना है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराने हेतु तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने में महाविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण : मंत्री परमार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने में महाविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण : मंत्री परमार

मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल की शोध पत्रिका एवं जर्नल का विमोचन

भोपाल 

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करती है। उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध की सशक्त संस्कृति विकसित होने से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्राप्त होगी तथा देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

उच्च शिक्षा मंत्री परमार बुधवार को भोपाल स्थित अपने निवास कार्यालय में शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल द्वारा प्रकाशित शोध पत्रिका एवं जर्नल का विमोचन कर अपने विचार साझा कर रहे थे। मंत्री परमार ने कहा कि शोध पत्रिकाएं एवं जर्नल ज्ञान के सृजन, संरक्षण एवं प्रसार के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे प्रकाशनों से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने शोध कार्यों को व्यापक मंच प्रदान करने का अवसर मिलता है तथा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने महाविद्यालय द्वारा शोध, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल उद्देश्य शिक्षा को रोजगारपरक, शोधोन्मुख एवं समाजोपयोगी बनाना है।

मंत्री परमार ने महाविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में ऐसे प्रयास प्रदेश की उच्च शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेंगे तथा विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगे।

उल्लेखनीय है कि शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल द्वारा “रोजगारपरक शिक्षा के विविध आयाम” विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया था। इस वेबिनार का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा को रोजगारपरक बनाने, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जागरूक करने तथा शिक्षण संस्थानों, शोध एवं उद्योग जगत के मध्य समन्वय स्थापित करना था। वेबिनार में देशभर के विभिन्न शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विशेषज्ञों की सहभागिता रही तथा 54 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिन्हें समीक्षित एवं संकलित कर शोध जर्नल के रूप में प्रकाशित किया गया।

इस अवसर पर शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. गीता मोदी, समन्वयक डॉ. अलका प्रधान, डॉ. आर. एस. रघुवंशी, शोध एवं प्रकाशन समिति के सदस्य डॉ. चन्द्रभान माकोड़े, डॉ. उमाशंकर पटेल, डॉ. नीतू शर्मा तथा डॉ. एल.एन. गौड़ सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

 

अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 27 जून को

अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 27 जून को

सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट रवीन्द्र भवन में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल
2000 प्रतिभागी-विभागों की प्रगति की प्रदर्शनी और 3 विशेष सत्र होंगे आकर्षण

भोपाल 

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 पर ‘सशक्त उ‌द्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश समिट’ शनिवार 27 जून  को रविन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्‌यम विभाग द्वारा किया जा रहा है। सू्क्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन समिट में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव भूमि आवंटन, भूमिपूजन, लोकार्पण तथा एमएसएमई, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार लाभार्थियों को चेक प्रदान करेंगे। समिट में खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र एवं परिधान तथा अभियांत्रिकी क्षेत्रों के एमएसएमई के लिए बायर-सेलर मीट आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एमएसएमई प्रदर्शनी एवं ईज़ ऑफ डूइंग क्लिनिक का उ‌द्घाटन करेंगे। प्रदर्शनी में लगभग 50 स्टॉल होंगे, जिनमें एमएसएमई, स्टार्टअप, विभागीय स्टॉल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ओ.डी.ओ.पी, योजना लाभार्थी, महिला स्व-सहायता समूह, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भोपाल, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भोपाल, भारतीय मानक ब्यूरो, GeM, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एन.आइ.टी.टी.आर) तथा बैंकों के प्रतिनिधि सम्मिलित रहेंगे, जो प्रतिभागियों को संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेंगे। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पी.एफ.आर.डी.ए) भी समिट में भाग लेंगे।

मुख्य सत्र में प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेन्द्र कुमार सिंह स्वागत उद्‌बोधन देंगे। इस दौरान एमएसएमई, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण एवं कुटीर उद्‌योग, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्‌योगिकी, एसआरएलएम (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) तथा आईपीआईपी विभागों की विगत ढाई वर्ष की उपलब्धियों एवं आगामी ढाई वर्ष की कार्ययोजना पर आधारित लघु वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के समर्थन के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिनमें आरएजेडओआरपीएवाय (आरजीपीएक्स प्रा. लि.). प्लग एण्ड प्ले इंडिया प्रा. लि. तथा बीआईसीसीआई (बैकवर्ड क्लासेज़ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) सम्मिलित है। एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी समिट को संबांधित करेंगे।

समिट में राज्य के उद्‌यमशील पारिस्थितिकी तंत्र के 2000 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें एमएसएमई, उ‌द्यमी, स्टार्टअप, वित्तीय संस्थान, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एवं महिला स्व-सहायता को एक ही सशक्त मंच दिया गया है। समिट में विगत ढाई वर्षों की समस्त संबद्ध विभागीय उपलब्धियों तथा आगामी ढाई वर्षों की कार्ययोजना प्रदर्शित होगी। एमओयू का आदान-प्रदान, राज्य में एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध संस्थागत सहयोग को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम होंगे।

 3 विषयगत सत्र भी होंगे

समिट में तीन विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रथम सत्र, ‘ नये बाजार, नई उडान’ (एमएसएमई एवं एसएचजी के लिए नए बाजार अवसर) में एफआईईओ, सीएसआईआर-एएमपीआरआई ओएनडीसी, ईसीजीसी एवं इंडिया पोस्ट के पैनलिस्ट भाग लेंगे। दवितीय सत्र ‘पूंजी तक पहुँच’ (फंडिंग द नेक्स्ट जनरेशन एमएसएमई), में एनपीसीएल, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आरएक्सआईएल ट्रेन्ड्स प्लेटफॉर्म, आरएजेडओआरपीएवाय एवं नाबार्ड के पैनलिस्ट सम्मिलित हैं। तृतीय सत्र ‘ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेण्डर्ड’ (बीआईएस) के सहयोग से उत्पाद गुणवत्ता पर होगा।

उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ‌द्वारा अप्रैल 2017 में पारित संकल्प के माध्यम से प्रत्येक वर्ष 27 जून को ‘सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्‌यम दिवस” के रूप में घोषित किया गया है। यह दिवस सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) की प्राप्ति में एमएसएमई की अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के आयोजन का दसवां वर्ष है।

मेधावी प्रतिभाओं का अभिनंदन : शिक्षा, संस्कार और चेतना के संगम का बना प्रेरक आयोजन

मेधावी प्रतिभाओं का अभिनंदन : शिक्षा, संस्कार और चेतना के संगम का बना प्रेरक आयोजन

भोपाल
 प्रतिभा जब सम्मान पाती है तो वह केवल व्यक्ति का उत्साह नहीं बढ़ाती, बल्कि समाज के भविष्य को दिशा देती है। इसी भाव को साकार करते हुए मध्यप्रदेश प्रेस क्लब एवं महर्षि संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शहर के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, संस्कार, चेतना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का उत्सव बन गया।

समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व कमिश्नर शहडोल संभाग डॉ.राजीव शर्मा रहे। विशिष्ट अतिथियों में महर्षि संस्थान के डायरेक्टर श्री मनीष सिन्हा, मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ.नवीन आनंद जोशी, संयुक्त सचिव अजय सिंह तथा मीडिया टुडे के डायरेक्टर अनुज यादव उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ.नवीन आनंद जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा को केवल अंक प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का विचारक, नीति निर्माता और समाज का नेतृत्वकर्ता होगा। इसलिए युवाओं में ज्ञान के साथ संस्कार, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास भी उतना ही आवश्यक है।

डॉ.जोशी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश प्रेस क्लब द्वारा समाजहित, जनजागरण, शिक्षा प्रोत्साहन एवं सकारात्मक सामाजिक चेतना के लिए देशभर में संचालित विविध अभियानों और आयोजनों की जानकारी देते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का दायित्व भी निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अध्ययन के साथ मानवीय मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति रही। मधुर सैन्य धुनों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रीय भाव से ओतप्रोत कर दिया और उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा अतिथियों में उत्साह का संचार किया।

इस अवसर पर महर्षि संस्थान द्वारा ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (भावातीत ध्यान) की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को बताया गया कि मानसिक शांति, एकाग्रता और आंतरिक चेतना का विकास आधुनिक शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। संस्थान के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बौद्धिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन के महत्व से भी अवगत कराया। अजय सिंह ने विद्यार्थियों को तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग और परिवार व शिक्षकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं अभिभावकों ने विद्यार्थियों को सम्मानित करने की इस अभिनव पहल के लिए मध्यप्रदेश प्रेस क्लब एवं महर्षि संस्थान की सराहना की तथा इसे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला आयोजन बताया।
कार्यक्रम का संचालन महर्षि संस्थान के  उद्घोषक प्रियम पटेरिया ने किया। अंत में राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक चिंतन की भूमिका को रेखांकित करते हुए समारोह का समापन हुआ।

यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि जब प्रतिभा को सम्मान, शिक्षा को मूल्य और युवाओं को सही दिशा मिलती है, तब एक सशक्त राष्ट्र की नींव तैयार होती है।

वेनेजुएला में महाविनाश! भूकंप के बाद मचा हाहाकार, USGS ने जताई 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका

काराकास

वेनेजुएला में आए लगातार दो जोरदार भूकंपों ने भारी तबाही की आशंका पैदा कर दी है. राजधानी कराकास सहित कई इलाकों में इमारतों के ढहने की खबरें सामने आई हैं, जबकि हजारों लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए. USGS यानी यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने चेतावनी दी है कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या 10 हजार से ज्यादा हो सकती है। 

वेनेजुएला में पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जिसका केंद्र वेनेजुएला के कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन इलाके के पश्चिम में था। भूकंप की गहराई करीब 22 किलोमीटर दर्ज की गई. इसके कुछ ही वक्त बाद एक और शक्तिशाली झटका महसूस किया गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। 

अमेजन शहर तक भूकंप का असर
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले भूकंपों ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. यहां तक कि करीब 1,700 किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन जैसे शहरों में भी इमारतों को खाली कराना पड़ा. बुधवार देर रात, कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा कि वह देश को संबोधित करने की तैयारी कर रही थीं। 

भूकंप के तीन घंटे के अंदर देश को संबोधित न करने और उस दौरान सरकार की ओर से किसी के घायल होने या मारे जाने की कोई रिपोर्ट न दिए जाने पर राजनेताओं और वेनेज़ुएला के लोगों ने रोड्रिग्ज की आलोचना की। 

वेनेजुएला में जबरदस्त भूकंप के बाद अफरा-तफरी और भारी तबाही जैसे हालात
वेनेजुएला की राजधानी में आए भूकंप के बाद तबाही जैसे हालात हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज में वेनेजुएला के उत्तरी तट पर एक के बाद एक आए जबरदस्त भूकंप के कारण डरे हुए लोग और गिरी हुई इमारतें दिखाई दे रही हैं। 

वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने की हेल्थ वर्कर्स से काम पर लौटने की अपील
वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने डॉक्टरों और नर्सों से कहा है कि वे भूकंप में घायल हुए लोगों के इलाज में मदद के लिए स्थानीय अस्पतालों और इमरजेंसी रूम में रिपोर्ट करें। 

वेनेज़ुएला के अख़बार ‘एल नैशनल’ के मुताबिक, देश को संबोधित करते हुए रोड्रिगेज ने कहा, “मैं डॉक्टरों, नर्सों और सभी हेल्थ वर्कर्स से काम पर लौटने की अपील करती हूं, जिससे हम उन लोगों का इलाज कर सकें, जिन्हें अस्पतालों और प्राइवेट हेल्थ सेंटरों के इमरजेंसी रूम में लाया जा रहा है। 

रोड्रिगेज ने कहा कि राष्ट्रीय, राज्य और नगरपालिका अधिकारी इस संकट से निपटने के लिए काम कर रहे हैं और देश के सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्यों में सबसे पहले मदद भेजी जा रही है। 

 अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने वेनेज़ुएला के प्रति संवेदना जताई
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट भी उन विदेशी अधिकारियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने वेनेज़ुएला के साथ एकजुटता दिखाई है। 

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “हम उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है. इस मुश्किल वक्त में प्रभावित सभी समुदायों के लिए हिम्मत, सुरक्षा और जल्द ठीक होने की कामना करते हैं। 

 वेनेजुएला में भूकंप के बाद इमरजेंसी का ऐलान 
वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने जबरदस्त भूकंपों के बाद इमरजेंसी का ऐलान किया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के बाद अपनी में रोड्रिगेज ने मौतों की पुष्टि की, लेकिन यह नहीं बताया कि कितने लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही, उन्होंने खोज और बचाव कार्यों की देखरेख के लिए एक हाई-लेवल टास्क फोर्स बनाने का भी ऐलान किया है। 
 
भूकंप के बाद पूरे वेनेजुएला में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर पड़ा असर
वॉचडॉग ‘NetBlocks’ के मुताबिक, भूकंप से बिजली और टेलीकम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने के बाद वेनेजुएला में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर बुरा असर पड़ा है. अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती भी हुई है या नहीं। 

कनेक्टिविटी में रुकावट की वजह से आने वाले कुछ घंटों में हॉटस्पॉट से मिलने वाली जानकारी और वीडियो की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है.

मेक्सिको ने वेनेज़ुएला के साथ जताई एकजुटता 
मेक्सिको के विदेश मंत्रालय ने वेनेज़ुएला में भूकंप आने के बाद वहां के लोगों के प्रति सहानुभूति जताई है. इसके साथ ही मेक्सिकों ने भूकंप से हुए नुकसान खेद प्रकट की है। 

पल भर में बदल गई तीव्रता
US जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने शुरू में कहा कि पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जिसे बाद में बदलकर 7.2 कर दिया गया. इसका केंद्र कैरेबियन तट पर बसे मोरोन इलाके के पश्चिम में था, जो काराकस से करीब 168 किलोमीटर पश्चिम में है. भूकंप की गहराई 22 किलोमीटर थी। 

USGS ने ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता के और भी बड़े भूकंप की जानकारी दी. दूसरे भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी और इसका केंद्र मोरोन से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। 

दंग रह गए लोग
वेनेजुएला में आए ये भूकंप एक सदी से भी ज्यादा वक्त में वेनेजुएला में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से थे. राजधानी काराकस में लोग हिलती हुई इमारतों से बाहर निकल आए. कई लोग यह देखकर हैरान रह गए कि पूरी की पूरी दीवारें गिर गई थीं और सड़क से ही घर का फर्नीचर दिखाई दे रहा था. राजधानी के दो इलाकों में धूल के गुबार भी देखे गए, जहां आमतौर पर रेस्तरां और अन्य कारोबारों में काफी चहल-पहल रहती है। 

 

 

सायबर सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने की जरूरत, हर नागरिक बने डिजिटली जागरूक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सायबर सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने की जरूरत, हर नागरिक बने डिजिटली जागरूक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सायबर अपराध में “सावधानी ही है सबसे बड़ा बचाव
सायबर सुरक्षा के 3 सूत्र अपनाएं- जागरूकता, सावधानी और सहभागिता
सायबर धोखाधड़ी होने पर अविलंब 1930 पर करें शिकायत
 अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी भी किसी से साझा न करें
 संकटमोचक हनुमान जी की भूमिका में हमेशा रहती है मध्यप्रदेश पुलिस
कोई अनजान लिंक मिले, कोई डराये धमकाए तो रुको, सोचो और फिर एक्शन लो
सायबर जागरूकता पोस्टर, स्कूली बच्चों के लिए बुकलेट्स तथा अभियान का वीडियो किया लाँच
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य व्यापी सायबर जागरूकता अभियान सेफ क्लिक 2.0 का किया शुभारंभ
24 जून से 8 जुलाई तक चलेगा यह राज्य व्यापी जागरूकता अभियान

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सायबर खतरा एक ऐसा अदृश्य दुश्मन है , जो बिना दस्तक दिए हमारे घरों तक पहुंच रहा है। सायबर खतरों को समझना ही उनसे बचने का सबसे बड़ा रास्ता है। सावधानी ही सुरक्षा है और जानकारी ही बचाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट, डीप-फेक, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी धोखाधड़ी, ऑनलाइन शॉपिंग ठगी, रैनसमवेयर हमले और फर्जी निवेश लिंक जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की जनता को सायबर सुरक्षा के तीन महत्वपूर्ण सूत्र ‘जागरूकता, सावधानी और सहभागिता’ के बारे में बताकर कहा कि जो लोग सायबर सुरक्षा की जानकारी रखते हैं, वे दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित ‘राज्य व्यापी सायबर जागरूकता अभियान’ के तहत “सेफ क्लिक 2.0” के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह अभियान 24 जून से शुरू होकर 8 जुलाई तक प्रदेश के 10 संभाग, 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांव में एक साथ चलेगा। इस अभियान के तहत सायबर ठगी और अन्य अपराधों से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सायबर जागरूकता अभियान के पोस्टर, स्कूली बच्चों के लिए तैयार की गई सायबर जागरूकता बुकलेट्स तथा अभियान के ऑफिशियल वीडियो का विमोचन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सायबर जागरूकता रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। समापन पर प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के संचालन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय मध्यप्रदेश पुलिस हमेशा संकटमोचक हनुमान की भूमिका में रहती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में प्रदेश में विभिन्न सायबर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से 33 लाख से अधिक नागरिकों को जागरूक किया गया। अब अभियान का विस्तार पंचायतों, स्कूलों, बैंकों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के 56 विभागों की लगभग 1700 सेवाएं एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध हैं और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से सायबर सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में सायबर खतरे अदृश्य रूप में हमारे जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन और कंप्यूटर के माध्यम से होने वाले सायबर अपराधों से बचाव के लिए सावधानी और जागरूकता ही सबसे प्रभावी हथियार है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर अपराधों के प्रति प्रदेशवासियों को जागरुक करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस का “सेफ क्लिक 2.0” सायबर जागरूकता अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अभियान से प्रदेश के सभी नागरिक जागरूक होंगे। उन्होंने कहा कि सायबर अपराधी एक प्रकार से डिजिटल दौर के राक्षस हैं, जो दबे पाँव लैपटॉप, कम्प्यूटर और मोबाइल के जरिए हमारे साथ सेंधमारी और डकैती करते हैं। आजकल डिजिटल अरेस्ट, डीप फेक, डेटा ब्रीजिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, रेनसमवेयर अटैक जैसे अनेक प्रकार के सायबर अपराध संचालित हैं। लेकिन सायबर अपराधों के मामले में सावधानी ही बचाव है। मध्यप्रदेश पुलिस ने देश में पहली बार सायबर डकैती का लाइव पर्दाफाश किया था। इसके लिए मध्यप्रदेश पुलिस बधाई की पात्र है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश पुलिस ने पिछले वर्ष अपने सायबर जागरुकता अभियान के माध्यम से लगभग 33 लाख से अधिक नागरिकों को सतर्क किया था। इस वर्ष 15 दिन तक चलने वाले “सेफ क्लिक 2.0” अभियान में हर दिन अलग थीम रखी गई है। इस दौरान लोगों को बैंकिंग, महिला सुरक्षा, ग्रामीण इलाकों में जागरुकता के बारे में बताया। यह अभियान बैंकों, बाजारों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों पर संचालित किया जाएगा। इसके लिए लोकरंजन के रुचिकर कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। सायबर सुरक्षा को जागरूकता, सावधानी और सहभागिता के माध्यम से प्रभावी बनाया जाएगा। सायबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और नेशनल सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में लोगों को बताया जा रहा है। यह नंबर सायबर अपराध के मामले में सबसे पहले पीड़ितों की ढ़ाल बनता है।

लालच और जल्दबाजी कर सकती है आर्थिक नुकसान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि अगर आपको कोई अनजान लिंक मिले या डराने धमकाने की कॉल आए तो “रुको, सोचो और फिर एक्शन लो”। लालच और जल्दबाजी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। पुलिस के अभियान को जन जागरुकता अभियान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में हम सभी सहभागी बनें। राज्य सरकार ने सायबर अपराध के विरुद्ध मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है। नागरिकों के डेटा संरक्षण के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा एक्ट को भारत सरकार ने लागू किया है। प्रदेश में कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है। राज्य शासन के 56 विभागों की 1700 से अधिक सेवाओं को एक पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। यह एक प्रशंसनीय पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “सेफ क्लिक 2.0” अभियान में बैकों, बाजारों, धार्मिक स्थलों सबको जोड़ा गया है। अभियान को शुरू करने का यही सही समय है, क्योंकि हमारी युवा पीढ़ी उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालयों में प्रवेश ले रही है।

जागरुकता ही सायबर क्राइम से बचने का है सुरक्षा कवच : डीजीपी मकवाना

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 24 जून से 8 जुलाई तक सेफ क्लिक 2.0 सायबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज सायबर अपराध केवल एक आर्थिक चुनौती नहीं है, बल्कि यह समाजिक विश्वास और राष्ट्रीय सुरक्षा के भी जुड़ा गंभीर विषय है। पिछले कुछ वर्षों में सायबर अपराधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और करीब 80 प्रतिशत शिकायतें वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित होती हैं। डिजिटल अरेस्ट, डीपफेक, फर्जी प्रोफाइल, फर्जी सिमकार्ड, म्यूल बैंक अकाउंट, महिला एवं बच्चों के जुड़े अपराधों की संख्या भी बढ़ी है। मध्यप्रदेश पुलिस सायबर अपराध पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है- रोकथाम, अनुसंधान और जागरुकता। इसी दिशा में 25 दिसंबर 2025 से प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत की गई है। वर्तमान में 1 लाख रुपए तक की सायबर धोखाधड़ी की ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जा रहा है। इसके साथ ही  हेल्पलाइन नम्बर 1930 से पीड़ितों को त्वरित सहायता भी उपलब्ध हो रही है। सायबर धोखाधड़ी से संबंधित राशि को बैंक खाते में रोकने और अकाउंट होल्डर को दिलवाने में प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में कुल 135 करोड़ राशि होल्ड कराई गई। पीड़ितों को भी राशि दिलवाई गई। पुलिस सायबर अपराध से जुड़े सिस्टम को चि‍न्हित कर ठोस कार्रवाई कर रही है। म्यूल अकाउंट्स और सायबर स्लेवरी से जुड़े लोगों की पहचान भी की जा रही है।

सायबर अपराध रोकने चलाये जा रहे हैं विशेष अभियान

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विशेष अभियान “ऑपरेशन फास्ट”, “ऑपरेशन फेस्ट”, “ऑपरेशन मैट्रिक्स”, “ऑपरेशन नयन” संचालित किए गए। मध्यप्रदेश पुलिस को डीएससीआई अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

जन जागरूकता सबसे बड़ी शक्ति सायबर अपराध रोकथाम के लिये

सायबर अपराधों की रोकथाम और जन जागरुकता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। मप्र पुलिस ने करोड़ों लोगों को अपने जागरुकता अभियान से जोड़ा है। पहला “सेफ क्लिक” अभियान जन जागरुकता का विषय बना था। इससे डिजिटल अरेस्ट पर बहुत हद तक रोक भी लगी थी। उन्होंने कहा कि “सेफ क्लिक 2.0” अभियान से इन प्रयासों को और ज्यादा गति मिलेगी, इस अभियान का मूल मंत्र है। सावधानी ही बचाव है। पुलिस गांव-गांव तक लोगों को “सेफ क्लिक” के लिए जागरुक करेगी। जनता को बैंकिंग सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर जागरूक करेंगे। इसमें सायबर हेल्पलाइन 1930 का व्यापक प्रचार प्रसार भी शामिल है।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सायबर सुरक्षा) ए. साईं मनोहर ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले 2 सप्ताह में मध्यप्रदेश पुलिस इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए काम करेगी।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे सहित सोशल मीडिया इन्फलूएंसर्स भी उपस्थित थे। 

 

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