‘लादेन को पनाह देने वालों पर भरोसा कैसे?’ जेडी वेंस पर उनके ही सांसद भड़के, PAK प्रेम पर घेरा

बर्न

पाकिस्तान इन दिनों ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है. इस बीच, US सीनेटरों ने पाकिस्तान के आतंकवादियों को पनाह देने और बिन लादेन को छिपाने के इतिहास को उठाया. उन्होंने ‘पाकिस्तान प्रेम’ के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को जमकर खरी-खोटी सुनाई है। 

दरअसल वेंस ने स्विट्जरलैंड में वार्ता के दौरान कहा था, ‘हम पाकिस्तान से प्यार करते हैं.’  वेंस ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर उनके दो पसंदीदा लोगों में से एक बताया था. ऐसे में दो रिपब्लिकन सीनेटरों ने वेंस के इस बयान को लेकर उनकी आलोचना की। 

बता दें कि वेंस ने कहा था, ‘मैं कहूंगा कि जब से फील्ड मार्शल मुनीर ने इस्लामाबाद में प्राइम मिनिस्टर के साथ हमारा स्वागत किया है, मैंने मजाक में कहा है कि मेरी जिंदगी में दो बहुत, बहुत जरूरी लोग हैं- एक इंडियन और एक पाकिस्तानी. इंडियन मेरी पत्नी हैं और पाकिस्तानी फील्ड मार्शल मुनीर हैं। 

”कतर और पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह…
सीनेटर रिक स्कॉट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘अब तक सबको ये साफ हो जाना चाहिए कि हमारे असल में दोस्त कौन हैं.’ स्कॉट ने कहा, ‘कतर और पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह देने का लंबा इतिहास रहा है और अभी वो एक मतलब की शांति पाने के बजाय ईरान के दशकों पुराने आतंकी कैंपेन को सपोर्ट करने में कहीं ज्यादा लगे हुए लग रहे हैं। 

स्कॉट ने आगे दावा करते हुए कहा था कि अभी भी एक ऐसे एग्रीमेंट की गुंजाइश है जिससे सबको फायदा हो. लेकिन, सबको ये बात समझ लेनी चाहिए कि ईरान के न्यूक्लियर हथियार बनाने की शून्य संभावना है। 

पाकिस्तान पर लादेन को छिपाने का आरोप
मोंटाना से सीनेटर टिम शीही ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अल कायदा लीडर ओसामा बिन लादेन को पनाह देने में पाकिस्तान की भूमिका पर भी सवाल उठाए. शीही ने कहा, ‘पाकिस्तान, हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान ने बिन लादेन को दस साल तक छुपाया. उन्होंने ISI इंश्योरेंस के जरिए अयातुल्ला को फंड दिया। 

अमेरिका-ईरान के बीच स्थायी शांति की नींव पड़ी

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ वार्ता को सफल समझौते की नींव रखने वाली कहा है। अमेरिका की ओर से मुख्य वार्ताकार जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में ईरानी नेताओं के साथ बातचीत को स्थायी शांति की तरफ अच्छी शुरुआत कहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान पर अभी भी दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है लेकिन वेंस ने उम्मीद जताई की चीजें बेहतरी की तरफ जाएंगी। ईरान और अमेरिका में स्विट्जरलैंड में रविवार और सोमवार को बातचीत हुई है।

जेडी वेंस ने कहा कि तेहरान परमाणु निरीक्षकों को अनुमति देने और विदेशों में अपनी फ्रीज की गई संपत्तियों को संभालने और युद्धविराम का प्रबंधन करने के लिए तंत्र स्थापित करने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा, हमने एक सफल अंतिम समझौते के लिए बहुत अच्छी नींव रखी है। थोड़ी धमकी थी, थोड़ी शिकायत थी, लेकिन दिन के अंत में बातचीत जारी रही और हमने काफी प्रगति की।’

ईरान को निर्यात पर छूट
ईरान की सीज संपत्तियों को रिलीज किए जाने पर वेंस ने कहा कि हम ऐसी प्रक्रिया बनाना चाहते हैं, जिससे इस राशि का फायदा आम ईरानियों को हो।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया है कि तेहरान ने तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात के लिए छूट, विदेशों में अपनी कुछ फ्रीज की गई संपत्तियों की रिहाई और ईरान के लिए पुनर्निर्माण और विकास योजना शुरू करने की मंजूरी हासिल कर ली है।

ईरान ने कहा है कि स्विट्जरलैंड में दो दिनों तक चली शांति वार्ता के दौरान एमओयू से जुड़े उन मुद्दों पर बात हुई, जिनके आधार पर अंतिम समझौते के लिए वार्ता शुरू होगी। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकई ने कहा कि ये बिंदु लेबनान में युद्ध रोकने, ईरान की फ्रीज संपत्तियां रिलीज करने और ईरानी तेल के निर्यात से जुड़े हुए हैं।

मध्यस्थ देश क्या बोले
मध्यस्थ पाकिस्तान और कतर ने बताया है कि दोनों पक्षों ने पिछले हफ्ते हुए अंतरिम समझौते को आगे बढ़ाते हुए रिसॉर्ट बर्गेंस्टॉक में हुई बातचीत में 60 दिनों के भीतर एक स्थायी समझौते की दिशा में एक रोडमैप पर सहमति व्यक्त की है। लेबनान में लड़ाई रोकने और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए एक संचार लाइन खोलन पर सहमति बनी है।

इस बातचीत के खत्म होते ही अमेरिका ने ईरान के तेल उत्पादों पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने यह प्रतिबंध दो महीने के लिए हटाया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि 60 दिनों के लिए एक अस्थायी सामान्य लाइसेंस जारी किया है, जिसके तहत ईरानी तेल के उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री की अनुमति दी गई है।

उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान और कतर बातचीत की मेज पर हैं, तो US को UAE, इजरायल और सऊदी अरब को भी बातचीत में शामिल करना चाहिए. शीही ने UAE, इजरायल और सऊदी अरब को मिडिल ईस्ट में US का असली साथी बताया। 

पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल
मोंटाना के सीनेटर ने ये भी दावा किया कि कतर दशकों से आतंकवादी संगठनों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा है. शीही ने कहा, ‘पाकिस्तानियों ने ISI के जरिए हमारे खिलाफ बगावत को फंड किया और बिन लादेन को छिपाया. इसलिए ये मानना ​​कि वो यहां सिर्फ बिचौलिए होंगे, मुझे नहीं लगता कि ये सही है। 

शीही ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें ये पक्का करना होगा कि हम UAE के साथ खड़े हों और हम बिना किसी शक के इजरायल के साथ खड़े हों, क्योंकि चाहे कुछ भी हो जाए, वो इस इलाके में हमारे अगुआ रहेंगे। 

पेरियार हमारे आदर्श, भगवान में भी अटूट आस्था’, CM विजय के बयान से सियासत गरमाई

चेन्नई 

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय ने अपनी पार्टी टीवीके (TVK) की वैचारिक दिशा को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी द्रविड़ राजनीति के जनक माने जाने वाले पेरियार के सामाजिक सिद्धांतों को अपनाने है, लेकिन उनकी नास्तिकता और धार्मिक विश्वास को नकारने के उनके विचारों से वो सहमत नहीं हैं। 

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान घोषणा की कि उनकी पार्टी टीवीके (TVK) ने द्रविड़ राजनीति के जनक पेरियार ईवी रामासामी के व्यापक सामाजिक सिद्धांतों को तो अपनाया है। 

‘धार्मिक विश्वास नकारने वाले बातें स्वीकार नहीं’
पेरियार की तर्कवादी सोच और अपनी पार्टी के रुख के बीच अंतर बताते हुए विजय ने कहा, ‘हमने धार्मिक विश्वास को नकारने वाली पेरियार की बात को स्वीकार नहीं किया, लेकिन उनके व्यापक सिद्धांतों को पूरी तरह अपनाया. हमने पेरियार की शिक्षाओं को तो लिया, लेकिन ये भी स्पष्ट किया कि हम ईश्वर में विश्वास रखने वाले लोग हैं. हमने हमेशा यह साफ किया है कि हम किसी की विचारधारा के विरोधी नहीं हैं। 

‘अंबेडकर और कामराज मॉडल…’
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि उनकी सरकार कई वैचारिक प्रभावों के मिश्रण से चलती है. सरकार ने डॉ. बीआर अंबेडकर के समान अवसर और सामाजिक न्याय के आदर्शों को पूरी तरह स्वीकार किया है. इसके साथ ही तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के कामराज के ईमानदार प्रशासन के मॉडल को सरकार ने अपना मार्गदर्शक सिद्धांत बनाया है। 

‘पहले जनता के पास गए फिर बनाई पार्टी’
विजय ने उन आलोचकों को करारा जवाब दिया जो उनके संगठन को सिर्फ एक अभिनेता के नेतृत्व वाला दल बताते हैं. उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग पहले राजनीतिक दल शुरू करते हैं और फिर जनता के पास जाते हैं, लेकिन उन्होंने पहले जनता के बीच जाकर काम किया और उसके बाद अपनी पार्टी शुरू की. जो लोग इस जमीनी हकीकत को नहीं समझते, वो ही TVK को केवल एक अभिनेता की पार्टी कहकर खारिज करते हैं। 

‘1.72 करोड़ वोट मिले’
वहीं, साल 2026 के विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक प्रदर्शन को याद करते हुए विजय ने कहा कि उनकी पार्टी बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनावी मैदान में उतरी थी. राज्य की जनता ने उनकी बात को स्पष्ट रूप से समझा, जिसके चलते उन्हें कुल 35 प्रतिशत वोट मिले. चुनाव में रिकॉर्ड 17.2 मिलियन (1.72 करोड़) वोट प्राप्त कर वो एक बड़ी स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में उभरे और आज सरकार में बैठे हैं। 

करूर की घटना का जिक्र
उन्होंने अपनी पार्टी को असंबंधित घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराने के प्रयासों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि करूर में 41 लोगों की जान चली गई, लेकिन उसका सारा दोष उनकी पार्टी पर मढ़ दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीति इसी तरह की जानी चाहिए?

अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को आम जनता से जोड़ते हुए विजय ने इसकी तुलना पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुराई और एमजी रामचंद्रन (MGR) के शासन से की. उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्ना के समय सामान्य लोगों की सरकार थी और एमजीआर के समय बहुत ही सामान्य लोगों की सरकार थी, ठीक उसी तरह विजय के नेतृत्व वाली ये सरकार सबसे आम लोगों की सरकार है, जिसने 2026 के चुनाव में धर्म और जाति की सभी बाधाओं को तोड़ा है। 

विजय ने अपने भाषण में पिछली सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के शासनकाल के दौरान ‘पार्टी फंड’ की आड़ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया था. मुख्यमंत्री के इस तीखे प्रहार के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और विरोध स्वरूप द्रमुक (DMK) पार्टी के विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। 

वामपंथी दलों पर भी की टिप्पणी
वामपंथी दलों के विरोध प्रदर्शन के बीच उनके बारे में की गई टिप्पणियों का जवाब देते हुए विजय ने स्पष्ट किया कि ये पार्टियां किसी की दया या मजबूरी में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से उनके गठबंधन में शामिल हुई हैं। 

उन्होंने कहा कि वामपंथी दल खुद कहते हैं कि वो अपनी मर्जी से साथ आए हैं. हालांकि, इसके बाद उन्होंने ये भी जोड़ा कि वो नहीं समझ पा रहे हैं कि वामपंथी दल आखिर कहना क्या चाह रहे हैं। 

 

36 के 36 राफेल सुरक्षित! एयरफोर्स के दस्तावेजों ने पाकिस्तान के दावों की खोली पोल

नई दिल्ली
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराने के पाकिस्तान के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है. भारतीय वायुसेना के मुख्यालय से जारी एक आधिकारिक दस्तावेज ने साफ कर दिया है कि भारत के पास फ्रांस से खरीदे गए सभी 36 राफेल विमान पूरी तरह ऑपरेशनल हैं. इस तरह भारत के राफेल पर गलतबयानी करने वाले पाकिस्तान को करारा तमाचा लगा है. पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई राफेल विमानों को गिराने का झूठ फैलाया था। 

15 जून 2026 को एयर मुख्यालय के डायरेक्टरेट ऑफ इंजीनियरिंग (राफेल) ने फ्रांस की कंपनी सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स को एक “ब्रिज सपोर्ट” प्रस्ताव (RFP) भेजा है. ये एक तरह का सपोर्ट टेंडर है. इस दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि भारतीय वायुसेना 2016 के भारत-फ्रांस सरकारी समझौते के तहत खरीदे गए सभी 36 राफेल विमानों का संचालन कर रही है और सितंबर 2026 के बाद भी इनके रखरखाव और तकनीकी सहायता की आवश्यकता होगी. इसी काम के लिए भारतीय वायु सेना ने टेंडर जारी किया है। 

36 राफेल के मेंटेनेंस के लिए एयरफोर्स ने जारी किया टेंडर

दस्तावेज के अनुसार अगले पांच महीनों के लिए 36 राफेल विमानों के संचालन को ध्यान में रखते हुए पैकेज तैयार किया गया है। 

यह घटनाक्रम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान सेना और पाकिस्तान-समर्थक सोशल मीडिया अकाउंट्स के उन बार-बार किए गए दावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि भारत के कई राफेल विमान मार गिराए गए थे। 

पाकिस्तान के अलग-अलग मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और कमेंटेटर्स ने अलग-अलग आंकड़े पेश किए थे, जिनमें यह दावा भी शामिल था कि तीन राफेल विमान नष्ट हो गए हैं. हालांकि, IAF के हालिया दस्तावेज में बेड़े की संख्या में किसी भी कमी का जिक्र नहीं है; इसके बजाय, इसमें सभी 36 विमानों के लिए उड़ान की ज़रूरतों का हिसाब लगाया गया है। 

टेंडर दस्तावेजों के अनुसार इस सपोर्ट पैकेज का मकसद 36 राफेल विमानों को चालू हालत में बनाए रखना है. इसके तहत हर विमान के लिए औसतन सालाना 150 घंटे की उड़ान तय की गई है, जिसका मतलब है कि पांच महीने की ‘ब्रिज पीरियड’ (अंतरिम अवधि) के दौरान कुल 2,250 घंटे की उड़ान का अनुमान है। 

दस्तावेज में बताया गया है कि राफेल के मूल अनुबंध में 36 विमान, उनसे जुड़े उपकरण, इस्तेमाल होने वाली सामग्री, स्पेयर पार्ट्स और पांच साल तक विमानों के बेड़े के संचालन के लिए रखरखाव सहायता शामिल थी. प्रस्तावित ‘ब्रिज सपोर्ट’ का मकसद 18 सितंबर, 2026 के बाद भी विमानों के संचालन को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है। 

PAK की ‘मनोहर कहानियां’ फिर ध्वस्त
रक्षा सूत्रों का कहना है कि मेंटेनेंस और सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट आम तौर पर ऑपरेटर के पास मौजूद असल इन्वेंट्री पर आधारित होते हैं. 36 विमानों के पूरे बेड़े का बार-बार ज़िक्र होने से राफेल के नुकसान के बारे में पाकिस्तान के दावों पर और सवाल उठते हैं. पाकिस्तान ने यह झूठा दावा भी किया था कि उसने भारत की एक महिला पायलट को पकड़ लिया है. IAF चीफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पहले ही पाकिस्तान के इन दावों को “मनोहर कहानियां” करार दिया था। 

भारतीय वायु सेना के राफेल बेड़े के लिए ये सपोर्ट टेंडर का प्रस्ताव सैफ्रन एयरक्राफ्ट इंजन को भेजा गया है, जो राफेल के M88 इंजन बनाने वाली मूल कंपनी है. यह तरीका आमतौर पर तब अपनाया जाता है जब केवल मूल उपकरण निर्माता ही खास तकनीकी सहायता, स्पेयर पार्ट्स या सेवाएं दे सकता है। 

भारत ने फ्रांस के साथ 2016 के समझौते के तहत अपने 36 राफेल लड़ाकू विमान शामिल किए थे; ये विमान अभी IAF के नंबर 17 स्क्वाड्रन “गोल्डन एरोज़” और नंबर 101 स्क्वाड्रन में तैनात हैं। 

MP BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 106 नेताओं की नई सूची जारी; देखें किसे मिली जिम्मेदारी

भोपाल 

 मध्यप्रदेश भाजपा ने मंगलवार को संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा कर दी है। इस सूची पर सभी की निगाह लगी हुई थी। बीजेपी के नेता एक साल से इस सूची का इंतजार कर रहे थे। मध्यप्रदेश भाजपा के नए कप्तान हेमंत खंडेलवाल के अध्यक्ष बनने के एक साल पूरे होने के पहले यह सूची जारी हो गई। दिल्ली स्तर पर कार्यकारिणी के नाम फाइनल हो पाए हैं। इस सूची में मध्यप्रदेश के बड़े नेताओं के साथ ही वर्तमान विधायक, पूर्व मंत्री और कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए नेता भी शामिल हैं।

इसमें प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों के नाम फाइनल कर दिए गए हैं। इसमें प्रदेश से 106 नाम शामिल हैं। भाजपा की कार्यसमिति में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव (dr moan yadav), केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan), वीरेंद्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia), उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ला भी शामिल हैं।

106 कार्यसमिति सदस्यों के अलावा 41 स्थाई आमंत्रित सदस्य भी बनाए गए हैं। जबकि समस्त संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी, प्रदेश मोर्चा अध्यक्ष एवं प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक प्रदेश कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। खास बात यह है कि इसमें भाजपा के कई विधायकों और मंत्रियों के साथ ही भाजपा विधायक संजय पाठक का भी नाम शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) को भी कार्यसमति में शामिल किया गया है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री डा. वीरेंद्र कुमार खटीक, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री डीडी उइके, मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सावित्री ठाकुर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, विष्णु दत्त शर्मा, फग्गन सिंह कुलस्ते, नरोत्तम मिश्रा, लाल सिंह आर्य, अरविंद भदौरिया, संपतिया उइके, कुंवर विजय शाह, इंदर सिंहपरमार, उदय प्रताप सिंह, तुलसीराम सिलावट, एदल सिंह कंषाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, नारायण सिंह कुशवाह, चेतन्य कुमार कश्यप, भूपेंद्र सिंह, कृष्णा गौर, संध्या राय, गणेश सिंह, हिमाद्री सिंह, कविता पाटीदार, सुमित्रा वार्मिकी, माया नरोलिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक, कमल पटेल, गजेंद्र पटेल, रामेश्वर शर्मा, गिर्राज दंडोतिया, ओपीएस भदौरिया, विपिन गोस्वामी, रक्षा सिरोनिया, अभय चौधरी, इमरती देवी, वीरेंद्र जैन, नरेंद्र बिरथरे शामिल हैं।

106 सदस्यों वाली सूची में महेंद्र सिंह सिसौदिया, हरिसिंह यादव, विनोद पंथी, ललिता यादव, ममता गुप्ता, गौरव तिवारी, मनीषा पाठक, केपी त्रिपाठी, अखंड प्रताप सिंह, मृगेंद्र सिंह, सरदेन्दू तिवारी, रीति पाठक, कुंवर सिंह टेकाम, योगेश पाल गुप्ता, प्रेमवती खैरवार, गिरीश द्विवेदी, मीना सिंह मांडवे, ज्ञानवती, स्वाति गोडबोले, नंदिनी मरावी, संजय पाठक, जसपाल अरोरा, ओमप्रकाश धुर्वे, लता एल्कर, नीता पटैरिया, वैभव पवार, वैशाली महाले, ज्योति डेहरिया, सविता, दीवान, अखिलेश खंडेलवाल, हेमलता कुम्भारे, जितेंद्र कपूर, भगवानदास सबनानी, बिलकिस जहां, सुमित पचौरी, रामपाल सिंह, श्यामसुंदर शर्मा, रघुवनाथ सिंह भाटी, दिलवर यादव, मालिनी गौड़, महावीर सिसौदिया, रमेश मेंदोला, जीतू जिराती, अंजू माखीजा, मुद्रा शास्त्री, उषा ठाकुर, अमरदीप मौर्य, कल सिंह भावर, रंजना बघेल, देवेंद्र वर्मा, अर्चना चिटनिस, भूपेंद्र आर्य, वासु केसवानी, अशोक नायक, चिंतामणि राठौर, गायत्री राजे पंवार, डा. राजेंद्र पांडेय, ओमप्रकाश सखलेचा शामिल हैं।

कार्यसमिति में स्थाई आमंत्रित सदस्य

इनके अलावा भाजपा की कार्यसमिति में 41 स्थाई आमंत्रित सदस्य भी शामिल हैं। इनमें ज्यादातर पूर्व मंत्री हैं। कांग्रेस से भाजपा में आए सुरेश पचौरी और दीपक सक्सेना भी इस सूची में शामिल हैं।

मध्यप्रदेश के सत्यनारायण जटिया, सुमित्रा महाजन, विक्रम वर्मा, कृष्ण मुरारी मोघे, कप्तान सिंह सोलंकी, माखन सिंह, सुरेश पचौरी, सीताशरण शर्मा, गिरीश गौतम, गोपाल भार्गव, जयंत मलैया, अनुसुईया उइके, दीपक सक्सेना, कैलाश सोनी विवेक नारायण शेजवार, रघुनंदन शर्मा, उमाशंकर गुप्ता, कुसुम मेहदेले, अजय विश्नोई, हिम्मत कोठारी, अनूप मिश्रा, गौरीशंकर बिसेन, गौरीशंकर शैजवार, ढाल सिंह बिसेन, कैलाश चावला, भागीरथ प्रसाद, जितेंद्र जामदार, बाबू सिंह रघुवंशी, वेदप्रकाश शर्मा, तपन भौमिक, माया सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, नानाभाऊ माहोड़, सुधा जैन, कृष्णकांता तोमर, अलका जैन, जगदीश अग्रवाल, बिसाहूलाल सिंह, नागेंद्र सिंह (नागौद), मधु वर्मा, ज्ञान सिंह शामिल हैं।

राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5,960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी

राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5,960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी

मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना की निरंतरता को मंजूरी, 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति
225 शासकीय माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल और 300 हाई स्कूल के हायर सेकेण्डरी में उन्नयन को सैद्धांतिक स्वीकृति
शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति
शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5 हजार 960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी दी गई। बैठक में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान को गति देते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालित रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए राज्य में शासकीय माध्यमिक और हाई स्कूलों के उच्च स्तरीय उन्नयन की योजना को सैद्धांतिक सहमति दी गई, जिससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच बढ़ेगी और ड्रॉप आउट दर में कमीं आएगी। इसके अतिरिक्त, किसानों के आर्थिक संबल के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना की नई शर्तों, शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 3 हजार 580 करोड़ रूपये से अधिक की राशि की निरंतरता तथा जनजातीय क्षेत्रों के विद्युतीकरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना के संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना प्रदेश में 1 अप्रैल 2006 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। योजना अंतर्गत गरीब जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/परित्यक्ता के सामूहिक विवाह में आर्थिक सहायता के रूप में राशि 55 हजार रूपये प्रति कन्या के मान से दी जाती है। योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रूपये से अधिक सहायता राशि प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह, योजना महिला सशक्तिकरण की एक अहम योजना है, जिसके अंतर्गत गरीब और जरुरतमंद अभिभावकों की कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न होता है। इस योजना से विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित हो जाती है। यह योजना महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिये महत्वपूर्ण है।

225 शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल और 300 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन को सैद्धांतिक स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की योजना पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी।

स्वीकृति अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाईस्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रूपये के प्रस्ताव पर सहमति दी। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मैपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है।

सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालय के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में होने पर विद्यालय को अन्य आवश्यकता वाले स्थानों पर युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्नत विद्यालय अपने वर्तमान भवन या अन्य शासकीय भवन में संचालित होंगे। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएंगे। वास्तविक रूप से आवश्यक विद्यालयों की संख्या का आंकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या एवं यू-डाइस के आंकड़ों के आधार पर की जायेगी।

राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते, जिससे ड्रॉप आउट दर बढ़ती है। इसलिए विद्यार्थियों की पहुँच में विद्यालय उपलब्ध कराकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है।

शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण प्रदाय करने के लिए किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार खरीफ एवं रबी सीजन के लिए पृथक-पृथक देय तिथि (ड्यू डेट) नहीं रखते हुए उसके स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी, जिसमें नगद एवं वस्तु ऋण की उप-सीमा निर्धारित रहे। योजनान्तर्गत देय तिथि (डयू डेट) कृषकों को स्वीकृत वार्षिक एकल लिमिट से प्रथम ऋण आहरण से 12 माह निर्धारित की जाएगी और अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा।

प्रदेश में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउददेशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना वर्ष 2012-13 से निरन्तर लागू है। योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से रूपये 3 लाख तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है।

योजना में राज्य शासन द्वारा प्रत्येक वर्ष बेस रेट के साथ-साथ डयू डेट आदि का निर्धारण किया जाता है और निर्धारित बेसरेट में से भारत सरकार से प्राप्त होने वाली ब्याज सहायता को कम करते हुये शेष राशि राज्य शासन द्वारा ब्याज अनुदान के रूप में उपलब्ध करायी जाती है, जिससे कृषकों को प्रदेश में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि ऋण उपलब्ध होता है।

शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति दी। स्वीकृति अनुसार शैक्षणिक वर्ग के 9 पद और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पद, इस प्रकार कुल 17 पदों के सृजन और व्यय राशि 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही आवश्यक कार्यवाही करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है।

जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शुजालपुर में विधि पाठ्यक्रम (एलएलबी तीन वर्षीय) एक संकाय के रूप में संचालित है। बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के 2008 के ‘लीगल एजुकेशन रूल्स’ के अनुसार मान्यता के लिए विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के स्थान पर पृथक शासकीय विधि महाविद्यालय में संचालित किया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किया जा रहा है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया अन्तर्गत 500 करोड़ रूपये से अधिक की संबंधित योजना लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत परिवहन, कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति का 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिये गये केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूँजी के रूप में उपलब्ध करवाये जाने का निर्णय लिया है।

 

इंदौर की सोनम जैसा निकला पुणे का सिया केस, प्रेमी के लिए मंगेतर को 350 फीट गहरी खाई में धकेला

 पुणे 
महाराष्ट्र में जान गंवाने वाले रियल एस्टेट फर्म के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुणे पुलिस ने मंगलवार को उनकी मंगेतर और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। उन पर केतन को पुणे के लोहागढ़ किले की गहरी खाई में धकेलने का आरोप है। पहले इसे एक दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन जांच में हत्या की साजिश सामने आई।

मंगेतर सिया गोयल ने केतन की मौत के बाद क्या किया?
यह घटना 18 जून को हुई थी। गहुंजे, पुणे जिले के निवासी 26 वर्षीय अग्रवाल का शव किले के पास एक खाई में मिला था। पुलिस ने पहले बताया था कि अग्रवाल अपनी मंगेतर और दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर थे। तस्वीरें लेते समय वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे। मंगेतर सिया गोयल ने लोनावाला ग्रामीण पुलिस को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि किले में सैर के दौरान अग्रवाल फिसलकर गिर गए थे। इसके बाद आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अग्रवाल की शादी इसी साल गोयल से होनी थी। परिवारों ने उदयपुर, राजस्थान में एक महल बुक कर भव्य शादी की तैयारियां की थीं।

संदेह और जांच के दायरे पर एसपी ने क्या बताया?
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि मौत के हालात संदिग्ध लग रहे थे। इसी कारण पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। हमारी टीमों ने वित्तीय विवादों और व्यक्तिगत संबंधों सहित कई पहलुओं की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को एक अहम जानकारी मिली। गोयल का कोंढवा, पुणे निवासी 22 वर्षीय चेतन बाबूलाल चौधरी के साथ संबंध था। गोयल अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। वह अग्रवाल को चौधरी के साथ अपने रिश्ते में बाधा मानती थी।

कैसे हादसे की कहानी हत्या के शक तक पहुंची?

    लोहागढ़ की पहाड़ियों पर हुई इस घटना के बाद शुरुआती जानकारी में कहा गया कि केतन फोटो लेते समय संतुलन खो बैठे और गहरी खाई में गिर गए. मौके पर मौजूद लोगों ने भी इसे दुर्घटना बताया. लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के हालात की जांच शुरू की तो कई ऐसे संकेत मिले, जिन्होंने अधिकारियों को मामले की गहराई में जाने पर मजबूर कर दिया। 

    पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की कि घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और केतन आखिर किन परिस्थितियों में खाई में गिरे. इसी दौरान जांच अधिकारियों को कुछ ऐसी जानकारियां मिलीं, जिनसे यह संदेह पैदा हुआ कि मामला सिर्फ एक हादसा नहीं हो सकता. इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जाने लगा। 

सीसीटीवी फुटेज में क्या मिला?

पुलिस जांच के दौरान लोहागढ़ और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. पुलिस के मुताबिक फुटेज में एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया. अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी में एक संदिग्ध युवक की गतिविधियां नजर आईं. युवक गर्मी के मौसम में हुडी पहने, कानों में हेडफोन लगाए और चेहरा छुपाने की कोशिश करते हुए इलाके में घूमता हुआ पाया गया. यही फुटेज जांच का अहम आधार बन गया. पुलिस ने उस युवक की पहचान और उसकी गतिविधियों की जांच शुरू की. इसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।
 
तकनीकी जांच से खुला नया एंगल
सीसीटीवी के अलावा पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की. पुलिस सूत्रों के अनुसार इन तकनीकी तथ्यों ने घटना की दिशा बदल दी. जांच में कुछ ऐसे कनेक्शन सामने आए, जिनसे साजिश की आशंका और मजबूत हो गई. पुलिस का मानना है कि केतन की मौत के पीछे साजिश हो सकती है. इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और संभावित आरोपियों की भूमिका को खंगाला जा रहा है। 

होने वाली पत्नी पर क्यों गया शक?
    पुलिस जांच के मुताबिक इस मामले में केतन की होने वाली पत्नी सिया गोयल और उसकी एक सहेली को आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसियों को संदेह है कि सिया ने अपने कुछ दोस्तों की मदद से केतन को लोहागढ़ की ऊंचाई से धक्का दिलवाया. हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। 

    फिलहाल लोनावला ग्रामीण पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और सभी संभावित साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है. शादी से कुछ दिन पहले हुई यह मौत अब महाराष्ट्र के सबसे चर्चित मामलों में शामिल होती जा रही है। 

हत्या की साजिश कैसे रची गई?
पुलिस के अनुसार, गोयल और चौधरी ने अग्रवाल को खत्म करने की साजिश रची। योजना के तहत, गोयल अग्रवाल को सैर के बहाने लोहागढ़ किले ले गई। चौधरी को बाद में उसी स्थान पर बुलाया गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर अग्रवाल को किले से नीचे धकेल दिया। इससे उनकी मौत हो गई। संदेह के आधार पर स्थानीय अपराध शाखा ने चौधरी को हिरासत में लिया। 

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई कैसे होगी?
पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि अग्रवाल, चौधरी और गोयल के रिश्ते में बाधा बन रहे थे। इसलिए दोनों ने मिलकर अग्रवाल को खत्म करने की योजना बनाई। चौधरी की पूछताछ के आधार पर गोयल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई। लोनावाला ग्रामीण पुलिस ने मंगलवार को हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया। आगे की जांच जारी है ताकि घटनाओं का सटीक क्रम स्थापित किया जा सके। फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

जन्मदिन को खास बनाने की तैयारी
परिजनों के अनुसार केतन अपनी मंगेतर के जन्मदिन को लेकर भी बेहद उत्साहित थे. 19 जून को जन्मदिन था. उससे पहले और बाद के लिए कई योजनाएं बनाई गई थीं. परिवार के एक सदस्य ने बताया कि महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में जन्मदिन समारोह की तैयारी की गई थी. इसके लिए करीब 40 कमरे बुक किए गए थे. यानी एक तरफ शादी की तैयारियां थीं और दूसरी तरफ जन्मदिन का जश्न. लेकिन इन तैयारियों के बीच जो हुआ, उसने पूरे परिवार को तोड़ दिया। 

बाली ट्रिप की भी थी योजना
परिवार के मुताबिक शादी से पहले केतन और सिया की बाली यात्रा भी तय थी. सभी व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी थीं. टिकट और अन्य तैयारियां कर ली गई थीं. लेकिन यात्रा के दौरान अचानक सिया ने कथित तौर पर कहा कि उसका पासपोर्ट खो गया है. इसके बाद पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी. उस समय इसे एक सामान्य घटना माना गया, लेकिन बाद में जांच के दौरान यह घटनाक्रम भी चर्चा में आ गया. जांच अधिकारियों का दावा है कि जिस होटल में दोनों नाश्ते के लिए रुके थे, वहां सिया ने कथित तौर पर अपना पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया था. पुलिस इसी दावे की भी जांच कर रही है। 

लोहागढ़ किले पर शुरू हुई कहानी
पुलिस जांच के अनुसार घटनाक्रम की शुरुआत 31 मई से जुड़ती है. बताया गया है कि उस दिन केतन अग्रवाल और सिया गोयल ट्रेकिंग के लिए लोहागढ़ किले गए थे. जांच में दावा किया गया है कि इसी दौरान कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनी. हालांकि इन दावों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी, लेकिन पुलिस अपनी जांच में इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। 

14 जून की कथित कोशिश
पुलिस के अनुसार 14 जून को भी कथित तौर पर एक प्रयास किया गया था. जांच में कहा गया है कि उस दिन केतन को फिर लोहागढ़ ले जाया गया. आरोप है कि सांप का डर दिखाकर उन्हें घाटी की ओर ले जाने की कोशिश की गई. पुलिस का दावा है कि उस समय योजना सफल नहीं हो सकी. केतन को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और वह सुरक्षित लौट आए. लेकिन जांच एजेंसियों का कहना है कि केस यहीं समाप्त नहीं हुआ। 

19 जून और मौत का दिन
19 जून का दिन इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. पुलिस के अनुसार उस दिन फिर लोहागढ़ ट्रेक की योजना बनाई गई. जांच में दावा किया गया है कि चेतन चौधरी को भी मौके पर बुलाया गया था. इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे मामले को बदल दिया. आरोप है कि केतन अग्रवाल को किले से नीचे धक्का दिया गया, जिससे वह करीब 350 फीट गहरी खाई में जा गिरे और उनकी मौत हो गई. घटना के तुरंत बाद इसे एक दुर्घटना माना गया. क्योंकि लोहागढ़ किला ट्रेकिंग और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है. यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं. प्रारंभिक स्तर पर यह माना गया कि फोटो खींचते समय या चलते हुए संतुलन बिगड़ने से केतन खाई में गिर गए होंगे. लगभग 350 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई. परिवार और पुलिस दोनों शुरुआती दौर में इसी दिशा में सोच रहे थे. लेकिन बाद की जांच ने तस्वीर बदल दी। 

जांच में क्यों बदला एंगल?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान कुछ बातें संदिग्ध लगीं. बताया गया कि कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा नहीं की जा रही थीं. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई. इन्हीं जांचों के दौरान कथित तौर पर कुछ ऐसे तथ्य सामने आए जिनके बाद मामला सिर्फ हादसे तक सीमित नहीं रहा। 

प्रेम संबंध का दावा
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच संबंध थे. इसी आधार पर पुलिस ने दोनों की भूमिका की जांच शुरू की. पुलिस का आरोप है कि केतन को अपने रिश्ते में बाधा मानते हुए कथित साजिश रची गई. हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। 

परिवार को लगा बड़ा झटका
परिवार के लिए सबसे बड़ा झटका य
ही था कि जिस मौत को वे हादसा मान रहे थे, वह अब हत्या की जांच के दायरे में आ गई. रिश्तेदारों के अनुसार परिवार को विश्वास नहीं हो रहा था कि जिस रिश्ते पर भरोसा करके शादी की तैयारी की जा रही थी, उसी रिश्ते से जुड़े लोग अब जांच के केंद्र में हैं. परिवार ने यह भी बताया कि पहले लोहागढ़ में प्री-वेडिंग फोटोशूट की योजना बनाई गई थी. यानी यह स्थान दोनों के लिए नया नहीं था. इसी वजह से जांच एजेंसियां घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही हैं और हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं। 

पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी
पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चेतन चौधरी को तड़के करीब 2 बजे हिरासत में लिया. इसके बाद सुबह लगभग 7 बजे सिया गोयल को भी हिरासत में ले लिया गया. पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। 

जांच कैसे बदली?
दरअसल, शुरुआत में पुलिस ने इसे आकस्मिक घटना मानकर केस दर्ज किया था। केतन तस्वीरें लेते हुए घाटी के किनारे से फिसल गए, ऐसा माना गया। लेकिन सिया गोयल से पूछताछ में कुछ बातें छिपाने का पता चला। इसके बाद उसके मोबाइल, सोशल मीडिया, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई, जिससे इस मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिया और उसकी सहेली को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है और ये जानने की कोशिश कर रही है कि इस मामले और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

केतन के परिवार को लगा झटका
केतन के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि शादी से पहले दोनों बाली जाने वाला था। सभी टिकट और होटल बुकिंग हो चुकी थी, लेकिन सिया ने होटल के वॉशरूम में अपना पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया और प्लान कैंसल कर दी। उन्होंने आगे बताया कि केतन ने महाबलेश्वर में सिया के जन्मदिन के लिए लग्जरी रिसॉर्ट में 40 कमरे भी बुक किए थे। लोहागढ़ में प्री-वेडिंग फोटोशूट की भी योजना थी। परिवार को अब गहरा सदमा लगा है। उन्होंने कहा कि हम सोच भी नहीं सकते थे कि यह हत्या होगी।

NEET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान, बोले- रक्षक ही भक्षक बने, पेपर बनाने वाले ही बदमाशों से मिले

  नई दिल्ली

देशभर में 21 जून को परी-नीट परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित किया गया था जिसमें करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने पेपर दिया था. पेपर पूरा होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आजतक को इंटरव्यू देते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में कमियों को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर माफिया और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि केवल दोषियों को पकड़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेक्सस को तोड़ना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें। 

अभिभावकों समेत सबको आभार
आजतक से बात करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों, छात्रों समेत री-नीट को सही से आयोजित करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि ये केवल एजेंसी या सरकार की जिम्मेदारी से नहीं बल्कि हर किसी के छोटे-छोटे योगदान से हुआ है।

भविष्य में न उठे कोई सवाल 
 शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे. इसी दिशा में तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में अधिक से अधिक परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित बनाया जा सकता है. उनका मानना है कि इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बेहतर होगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। 

नागपुर छात्र का भी किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने नागपुर छात्र का भी जिक्र किया जिसकी री-नीट परीक्षा केंद्र अबूधाबी हो गया था. इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि छात्र की ओर से ही एग्जाम सेंटर को अबूधाबी किया था लेकिन हमने खुद छात्र के पिता से संपर्क किया. इसे लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा था जिसपर शिक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को केवल राजनीति करनी है. उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं थी फिर भी वह इस मुद्दे में घुस गए।  

CBSE के मुद्दे पर भी बोले 
जब उनसे CBSE परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को सुधारना हमारा दायित्व है जिसपर हम काम कर रहे हैं. नीट को लेकर भी हमने गलती सुधारी है। 

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना 
धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं. उनका कहना था कि छात्रों की चिंताओं का समाधान करना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन इस विषय को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष होने के नाते सवाल उठाना उनका फर्ज है लेकिन मेरा उनको सुझाव है कि वह सही सवाल उठाए. शिक्षा मंत्री ने कहा कि वह बच्चों के मन में डर पैदा करने का काम कर रहे हैं। 

प्रधानमंत्री की थी नजर 
शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए थे. उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े घटनाक्रमों और जांच प्रक्रिया की लगातार निगरानी की गई. सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल समाधान निकालना नहीं बल्कि ऐसी व्यवस्था को तैयार करना है जिससे छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे। 

देर से पहुंचे छात्रों का भी किया जिक्र 
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने उन छात्रों का भी जिक्र किया जो परीक्षा केंद्रों पर देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो सके. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार इस विषय को भी गंभीरता से देख रही है. उन्होंने माना कि ऐसे मामलों में छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और भविष्य में यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि किसी भी कारणों से छात्र का नुकसान न हो. उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत, सुरक्षित और छात्र के हित बनाने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य है कि देश के करोड़ों छात्रों को निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनकी मेहनत और प्रतिभा का सही मूल्यांकन हो सकें। 

रक्षक ही बन गए भक्षक 
री-नीट के सफल आयोजन पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि मल्टीलेयर सुरक्षा के बीच आयोजित हुई परीक्षा. परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा रखी गई थी. लेकिन 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा में हुई पेपर लीक को लेकर उन्होंने कहा कि रक्षक ही भक्षक हो गया. जिन लोगों पर हमने भरोसा किया था कि पारदर्शी तरीके से प्रश्न पत्र बनाएंगे, उन लोगों ने बदमाशों के साथ मिलकर जो अपनी फायदे के लिए परीक्षा को तोड़ना चाहते हैं उनके वजह से 3 मई की घटना हुई है। 

 

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पर बड़ा साइबर अटैक! 630GB डेटा लीक, Apple और Tesla से जुड़े दस्तावेज भी होने का दावा

नई दिल्ली

भारत की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, जो चिपसेट, स्मार्टफोन पार्ट्स और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स बनाती है. रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स ने कंपनी के सिस्टम डेटा को हैक कर लिया और कई सीक्रेट फाइल्स चुरा ली है. इसके बाद हैकर्स की तरफ से पैसे की मांग की जा रही है। 

बताया जा रहा है कि इस डेटा लीक में कई ऐसी सीक्रेट फाइल्स शामिल हैं, जिनसे कंपनी की जरुरी जानकारियां दुनिया के सामने आ सकती हैं. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ऐपल और टेस्ला जैसी कंपनियों को टेक्नोलॉजी और पार्ट्स की सप्लाई कर रही थी। 

जानिए कौन-सा डेटा हुआ चोरी, जिसके बाद मचा हड़कंप

रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सिस्टम में हैकर्स ने रैनसमवेयर नाम का वायरस डाला था. यह वायरस सिस्टम की फाइल्स और डेटा को लॉक कर देता है. इसके बाद हैकर्स डेटा वापस देने के बदले फिरौती की मांग करते हैं। 

डेटा लीक के बाद डार्क वेब पर करीब 630GB का डेटा पोस्ट किया गया है. इसमें कंपनी की सीक्रेट जानकारी, ईमेल्स, कर्मचारियों की डिटेल्स और ऐपल से जुड़े डिजाइन डॉक्यूमेंट्स शामिल बताए जा रहे हैं. ऐपल और टेस्ला दोनों ही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े कस्टम में शामिल हैं। 

कैसे लगी सेंध, क्या-कुछ हुआ लीक?
रिपोर्ट्स में पता चला है कि डेटा लीक होने की वजह एक मिडिलवेयर फर्म के पुराने क्रेडेंशियल्स यानी कि आईडी-पासवर्ड थे। हैकर्स ने उनका इस्तेमाल करके डेटा लीक किया। बता दें कि लीक हुए डेटा में एप्पल के सप्लायर स्पेसिफिकेशन्स और टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े बेहद प्राइवेट डॉक्यूमेंट्स देखने को मिले हैं।

इतना ही नहीं चोरी हुए डेटा में कंपनियों के ग्राहकों की बिजनेस संबंधी जानकारी जैसे कि नाम, ईमेल आईडी, फोन नंबर और जॉब प्रोफाइल आदि भी शामिल है।(REF.)

कंपनियों को मिली फिरौती की धमकी
इस साइबर हमले की जिम्मेदारी एक कुख्यात साइबरक्राइम ग्रुप इकारस ने ली है। हैकर्स ने चेतावनी तक दी है कि अगर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित कंपनियां उन्हें समय पर फिरौती की रकम नहीं देती, तो वे पूरे डेटा को पब्लिक कर देंगे।

इसे लेकर सुरक्षा कंपनी हंट्रेस ने खुलासा किया है कि हैकर्स ने उन्हें एक ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के सर्वर का इस्तेमाल करके फिरौती का ईमेल भेजा था। डेटा लीक की पुष्टि होने के बाद क्लू ने सुरक्षा फर्म क्राउडस्ट्राइक को जांच के लिए बुलाया है। बाकी का डेटा सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा फर्म ने सभी लिंक्स को तोड़ दिया है।

क्यों हुई सुरक्षा में चूक?
यह साइबर हमला इस तरह का था जिसमें हैकर्स एक कंपनी को निशाना बनाकर उससे जुड़ी सैकड़ों कंपनियों का डेटा चुरा लेते हैं। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि क्लू के किसी कर्मचारी द्वारा अनजाने में पासवर्ड चुराने वाला मैलवेयर डाउनलोड करने की वजह से पुराने क्रेडेंशियल लीक हुए।

यह भी बताया जा रहा है कि पिछले साल क्लू ने AI में निवेश करने के लिए आधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसकी वजह से कंपनी की सुरक्षा कमजोर होती गई।

जानिए साइबर अटैक के बाद टाटा का क्या था जवाब
रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कहा कि उन्हें इस साइबर अटैक की जानकारी कुछ हफ्ते पहले ही मिल गई थी. हालांकि, इस हमले की वजह से कंपनी की फैक्ट्री या बिजनेस ऑपरेशन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है। 

हैकर्स की तरफ से डेटा लीक के बाद फिरौती की मांग की गई है. वहीं, इस पूरे मामले में ऐपल भी अपनी तरफ से जांच कर रहा है। 

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स टाटा ग्रुप की तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में से एक है. कंपनी ने 2023 में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी. वहीं, टेस्ला ने 2024 में सेमीकंडक्टर सप्लाई को लेकर टाटा के साथ डील की थी। 

टाटा ने कर्मचारियों को दी थी जानकारी
रिपोर्ट में बताया गया है फाइलों में 52 पेज का एक डॉक्यूमेंट भी था, जिस पर Apple के खास निशान थे और जिसमें कथित तौर पर iPhone सर्किट बोर्ड के पार्ट्स के लिए क्वालिटी जांच के स्टैंडर्ड्स की जानकारी थी। इसमें Hosur सर्च टर्म के लिए 33 फाइलें और फोल्डर भी थे। यह तमिलनाडु राज्य में टाटा के मुख्य iPhone असेंबली प्लांट की जगह है। मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक दूसरे सूत्र ने बताया कि टाटा ने पिछले हफ्ते अपने iPhone असेंबली ऑपरेशन्स में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को डेटा लीक के बारे में जानकारी दी थी। 
रिपोर्ट में बताया गया है फाइलों में 52 पेज का एक डॉक्यूमेंट भी था, जिस पर Apple के खास निशान थे और जिसमें कथित तौर पर iPhone सर्किट बोर्ड के पार्ट्स के लिए क्वालिटी जांच के स्टैंडर्ड्स की जानकारी थी। इसमें Hosur सर्च टर्म के लिए 33 फाइलें और फोल्डर भी थे। यह तमिलनाडु राज्य में टाटा के मुख्य iPhone असेंबली प्लांट की जगह है। मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक दूसरे सूत्र ने बताया कि टाटा ने पिछले हफ्ते अपने iPhone असेंबली ऑपरेशन्स में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को डेटा लीक के बारे में जानकारी दी थी। 

इस साइबर अटैक के बाद कंपनियों की सीक्रेट जानकारी और डेटा सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 

सीएलसी राउंड के महाविद्यालय आवंटन जारी, 1.29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला प्रवेश का अवसर

भोपाल

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संचालित ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) राउंड के महाविद्यालय आवंटन जारी कर दिए गए हैं। इस राउंड में प्रदेश के कुल 1 लाख 29 हजार 265 विद्यार्थियों को विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में सीट आवंटित की गई है।

आवंटित विद्यार्थियों में 94 हजार 703 स्नातक (यूजी) तथा 34 हजार 562 स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल हैं। महाविद्यालय आवंटन के उपरांत विद्यार्थी निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा कर अपने प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों से निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए 30 जून तक प्रवेश शुल्क अनिवार्य रूप से जमा करने का आग्रह किया है, जिससे उनका प्रवेश सुनिश्चित हो सके।

विभाग ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित नवीनतम जानकारी एवं आवश्यक निर्देशों के लिए ई-प्रवेश पोर्टल का नियमित अवलोकन करते रहें।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने की भेंट

हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में करेगा 300 करोड़ रुपये का निवेश

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूपानी को प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं गतिविधियों की जानकारी दी। रूपानी ने राज्य सरकार की उद्योग मित्र नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में 300 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उल्लेखनीय है कि राजगढ़ जिले के पिलूखेड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस की इकाई पहले से ही संचालित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के दौरान हिंदुस्तान कोका-कोला के नेशनल हेड विवेक झा, राज्य प्रमुख सुअश्विनी यीलेने तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu