इंदौर की सोनम जैसा निकला पुणे का सिया केस, प्रेमी के लिए मंगेतर को 350 फीट गहरी खाई में धकेला

 पुणे 
महाराष्ट्र में जान गंवाने वाले रियल एस्टेट फर्म के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुणे पुलिस ने मंगलवार को उनकी मंगेतर और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। उन पर केतन को पुणे के लोहागढ़ किले की गहरी खाई में धकेलने का आरोप है। पहले इसे एक दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन जांच में हत्या की साजिश सामने आई।

मंगेतर सिया गोयल ने केतन की मौत के बाद क्या किया?
यह घटना 18 जून को हुई थी। गहुंजे, पुणे जिले के निवासी 26 वर्षीय अग्रवाल का शव किले के पास एक खाई में मिला था। पुलिस ने पहले बताया था कि अग्रवाल अपनी मंगेतर और दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर थे। तस्वीरें लेते समय वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे। मंगेतर सिया गोयल ने लोनावाला ग्रामीण पुलिस को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि किले में सैर के दौरान अग्रवाल फिसलकर गिर गए थे। इसके बाद आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अग्रवाल की शादी इसी साल गोयल से होनी थी। परिवारों ने उदयपुर, राजस्थान में एक महल बुक कर भव्य शादी की तैयारियां की थीं।

संदेह और जांच के दायरे पर एसपी ने क्या बताया?
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि मौत के हालात संदिग्ध लग रहे थे। इसी कारण पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। हमारी टीमों ने वित्तीय विवादों और व्यक्तिगत संबंधों सहित कई पहलुओं की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को एक अहम जानकारी मिली। गोयल का कोंढवा, पुणे निवासी 22 वर्षीय चेतन बाबूलाल चौधरी के साथ संबंध था। गोयल अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। वह अग्रवाल को चौधरी के साथ अपने रिश्ते में बाधा मानती थी।

कैसे हादसे की कहानी हत्या के शक तक पहुंची?

    लोहागढ़ की पहाड़ियों पर हुई इस घटना के बाद शुरुआती जानकारी में कहा गया कि केतन फोटो लेते समय संतुलन खो बैठे और गहरी खाई में गिर गए. मौके पर मौजूद लोगों ने भी इसे दुर्घटना बताया. लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के हालात की जांच शुरू की तो कई ऐसे संकेत मिले, जिन्होंने अधिकारियों को मामले की गहराई में जाने पर मजबूर कर दिया। 

    पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की कि घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और केतन आखिर किन परिस्थितियों में खाई में गिरे. इसी दौरान जांच अधिकारियों को कुछ ऐसी जानकारियां मिलीं, जिनसे यह संदेह पैदा हुआ कि मामला सिर्फ एक हादसा नहीं हो सकता. इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जाने लगा। 

सीसीटीवी फुटेज में क्या मिला?

पुलिस जांच के दौरान लोहागढ़ और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. पुलिस के मुताबिक फुटेज में एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया. अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी में एक संदिग्ध युवक की गतिविधियां नजर आईं. युवक गर्मी के मौसम में हुडी पहने, कानों में हेडफोन लगाए और चेहरा छुपाने की कोशिश करते हुए इलाके में घूमता हुआ पाया गया. यही फुटेज जांच का अहम आधार बन गया. पुलिस ने उस युवक की पहचान और उसकी गतिविधियों की जांच शुरू की. इसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।
 
तकनीकी जांच से खुला नया एंगल
सीसीटीवी के अलावा पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की. पुलिस सूत्रों के अनुसार इन तकनीकी तथ्यों ने घटना की दिशा बदल दी. जांच में कुछ ऐसे कनेक्शन सामने आए, जिनसे साजिश की आशंका और मजबूत हो गई. पुलिस का मानना है कि केतन की मौत के पीछे साजिश हो सकती है. इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और संभावित आरोपियों की भूमिका को खंगाला जा रहा है। 

होने वाली पत्नी पर क्यों गया शक?
    पुलिस जांच के मुताबिक इस मामले में केतन की होने वाली पत्नी सिया गोयल और उसकी एक सहेली को आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसियों को संदेह है कि सिया ने अपने कुछ दोस्तों की मदद से केतन को लोहागढ़ की ऊंचाई से धक्का दिलवाया. हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। 

    फिलहाल लोनावला ग्रामीण पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और सभी संभावित साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है. शादी से कुछ दिन पहले हुई यह मौत अब महाराष्ट्र के सबसे चर्चित मामलों में शामिल होती जा रही है। 

हत्या की साजिश कैसे रची गई?
पुलिस के अनुसार, गोयल और चौधरी ने अग्रवाल को खत्म करने की साजिश रची। योजना के तहत, गोयल अग्रवाल को सैर के बहाने लोहागढ़ किले ले गई। चौधरी को बाद में उसी स्थान पर बुलाया गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर अग्रवाल को किले से नीचे धकेल दिया। इससे उनकी मौत हो गई। संदेह के आधार पर स्थानीय अपराध शाखा ने चौधरी को हिरासत में लिया। 

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई कैसे होगी?
पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि अग्रवाल, चौधरी और गोयल के रिश्ते में बाधा बन रहे थे। इसलिए दोनों ने मिलकर अग्रवाल को खत्म करने की योजना बनाई। चौधरी की पूछताछ के आधार पर गोयल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई। लोनावाला ग्रामीण पुलिस ने मंगलवार को हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया। आगे की जांच जारी है ताकि घटनाओं का सटीक क्रम स्थापित किया जा सके। फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

जन्मदिन को खास बनाने की तैयारी
परिजनों के अनुसार केतन अपनी मंगेतर के जन्मदिन को लेकर भी बेहद उत्साहित थे. 19 जून को जन्मदिन था. उससे पहले और बाद के लिए कई योजनाएं बनाई गई थीं. परिवार के एक सदस्य ने बताया कि महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में जन्मदिन समारोह की तैयारी की गई थी. इसके लिए करीब 40 कमरे बुक किए गए थे. यानी एक तरफ शादी की तैयारियां थीं और दूसरी तरफ जन्मदिन का जश्न. लेकिन इन तैयारियों के बीच जो हुआ, उसने पूरे परिवार को तोड़ दिया। 

बाली ट्रिप की भी थी योजना
परिवार के मुताबिक शादी से पहले केतन और सिया की बाली यात्रा भी तय थी. सभी व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी थीं. टिकट और अन्य तैयारियां कर ली गई थीं. लेकिन यात्रा के दौरान अचानक सिया ने कथित तौर पर कहा कि उसका पासपोर्ट खो गया है. इसके बाद पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी. उस समय इसे एक सामान्य घटना माना गया, लेकिन बाद में जांच के दौरान यह घटनाक्रम भी चर्चा में आ गया. जांच अधिकारियों का दावा है कि जिस होटल में दोनों नाश्ते के लिए रुके थे, वहां सिया ने कथित तौर पर अपना पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया था. पुलिस इसी दावे की भी जांच कर रही है। 

लोहागढ़ किले पर शुरू हुई कहानी
पुलिस जांच के अनुसार घटनाक्रम की शुरुआत 31 मई से जुड़ती है. बताया गया है कि उस दिन केतन अग्रवाल और सिया गोयल ट्रेकिंग के लिए लोहागढ़ किले गए थे. जांच में दावा किया गया है कि इसी दौरान कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनी. हालांकि इन दावों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी, लेकिन पुलिस अपनी जांच में इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। 

14 जून की कथित कोशिश
पुलिस के अनुसार 14 जून को भी कथित तौर पर एक प्रयास किया गया था. जांच में कहा गया है कि उस दिन केतन को फिर लोहागढ़ ले जाया गया. आरोप है कि सांप का डर दिखाकर उन्हें घाटी की ओर ले जाने की कोशिश की गई. पुलिस का दावा है कि उस समय योजना सफल नहीं हो सकी. केतन को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और वह सुरक्षित लौट आए. लेकिन जांच एजेंसियों का कहना है कि केस यहीं समाप्त नहीं हुआ। 

19 जून और मौत का दिन
19 जून का दिन इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. पुलिस के अनुसार उस दिन फिर लोहागढ़ ट्रेक की योजना बनाई गई. जांच में दावा किया गया है कि चेतन चौधरी को भी मौके पर बुलाया गया था. इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे मामले को बदल दिया. आरोप है कि केतन अग्रवाल को किले से नीचे धक्का दिया गया, जिससे वह करीब 350 फीट गहरी खाई में जा गिरे और उनकी मौत हो गई. घटना के तुरंत बाद इसे एक दुर्घटना माना गया. क्योंकि लोहागढ़ किला ट्रेकिंग और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है. यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं. प्रारंभिक स्तर पर यह माना गया कि फोटो खींचते समय या चलते हुए संतुलन बिगड़ने से केतन खाई में गिर गए होंगे. लगभग 350 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई. परिवार और पुलिस दोनों शुरुआती दौर में इसी दिशा में सोच रहे थे. लेकिन बाद की जांच ने तस्वीर बदल दी। 

जांच में क्यों बदला एंगल?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान कुछ बातें संदिग्ध लगीं. बताया गया कि कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा नहीं की जा रही थीं. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई. इन्हीं जांचों के दौरान कथित तौर पर कुछ ऐसे तथ्य सामने आए जिनके बाद मामला सिर्फ हादसे तक सीमित नहीं रहा। 

प्रेम संबंध का दावा
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच संबंध थे. इसी आधार पर पुलिस ने दोनों की भूमिका की जांच शुरू की. पुलिस का आरोप है कि केतन को अपने रिश्ते में बाधा मानते हुए कथित साजिश रची गई. हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। 

परिवार को लगा बड़ा झटका
परिवार के लिए सबसे बड़ा झटका य
ही था कि जिस मौत को वे हादसा मान रहे थे, वह अब हत्या की जांच के दायरे में आ गई. रिश्तेदारों के अनुसार परिवार को विश्वास नहीं हो रहा था कि जिस रिश्ते पर भरोसा करके शादी की तैयारी की जा रही थी, उसी रिश्ते से जुड़े लोग अब जांच के केंद्र में हैं. परिवार ने यह भी बताया कि पहले लोहागढ़ में प्री-वेडिंग फोटोशूट की योजना बनाई गई थी. यानी यह स्थान दोनों के लिए नया नहीं था. इसी वजह से जांच एजेंसियां घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही हैं और हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं। 

पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी
पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चेतन चौधरी को तड़के करीब 2 बजे हिरासत में लिया. इसके बाद सुबह लगभग 7 बजे सिया गोयल को भी हिरासत में ले लिया गया. पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। 

जांच कैसे बदली?
दरअसल, शुरुआत में पुलिस ने इसे आकस्मिक घटना मानकर केस दर्ज किया था। केतन तस्वीरें लेते हुए घाटी के किनारे से फिसल गए, ऐसा माना गया। लेकिन सिया गोयल से पूछताछ में कुछ बातें छिपाने का पता चला। इसके बाद उसके मोबाइल, सोशल मीडिया, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई, जिससे इस मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिया और उसकी सहेली को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है और ये जानने की कोशिश कर रही है कि इस मामले और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

केतन के परिवार को लगा झटका
केतन के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि शादी से पहले दोनों बाली जाने वाला था। सभी टिकट और होटल बुकिंग हो चुकी थी, लेकिन सिया ने होटल के वॉशरूम में अपना पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया और प्लान कैंसल कर दी। उन्होंने आगे बताया कि केतन ने महाबलेश्वर में सिया के जन्मदिन के लिए लग्जरी रिसॉर्ट में 40 कमरे भी बुक किए थे। लोहागढ़ में प्री-वेडिंग फोटोशूट की भी योजना थी। परिवार को अब गहरा सदमा लगा है। उन्होंने कहा कि हम सोच भी नहीं सकते थे कि यह हत्या होगी।

NEET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान, बोले- रक्षक ही भक्षक बने, पेपर बनाने वाले ही बदमाशों से मिले

  नई दिल्ली

देशभर में 21 जून को परी-नीट परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित किया गया था जिसमें करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने पेपर दिया था. पेपर पूरा होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आजतक को इंटरव्यू देते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में कमियों को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर माफिया और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि केवल दोषियों को पकड़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेक्सस को तोड़ना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें। 

अभिभावकों समेत सबको आभार
आजतक से बात करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों, छात्रों समेत री-नीट को सही से आयोजित करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि ये केवल एजेंसी या सरकार की जिम्मेदारी से नहीं बल्कि हर किसी के छोटे-छोटे योगदान से हुआ है।

भविष्य में न उठे कोई सवाल 
 शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे. इसी दिशा में तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में अधिक से अधिक परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित बनाया जा सकता है. उनका मानना है कि इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बेहतर होगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। 

नागपुर छात्र का भी किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने नागपुर छात्र का भी जिक्र किया जिसकी री-नीट परीक्षा केंद्र अबूधाबी हो गया था. इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि छात्र की ओर से ही एग्जाम सेंटर को अबूधाबी किया था लेकिन हमने खुद छात्र के पिता से संपर्क किया. इसे लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा था जिसपर शिक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को केवल राजनीति करनी है. उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं थी फिर भी वह इस मुद्दे में घुस गए।  

CBSE के मुद्दे पर भी बोले 
जब उनसे CBSE परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को सुधारना हमारा दायित्व है जिसपर हम काम कर रहे हैं. नीट को लेकर भी हमने गलती सुधारी है। 

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना 
धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं. उनका कहना था कि छात्रों की चिंताओं का समाधान करना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन इस विषय को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष होने के नाते सवाल उठाना उनका फर्ज है लेकिन मेरा उनको सुझाव है कि वह सही सवाल उठाए. शिक्षा मंत्री ने कहा कि वह बच्चों के मन में डर पैदा करने का काम कर रहे हैं। 

प्रधानमंत्री की थी नजर 
शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए थे. उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े घटनाक्रमों और जांच प्रक्रिया की लगातार निगरानी की गई. सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल समाधान निकालना नहीं बल्कि ऐसी व्यवस्था को तैयार करना है जिससे छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे। 

देर से पहुंचे छात्रों का भी किया जिक्र 
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने उन छात्रों का भी जिक्र किया जो परीक्षा केंद्रों पर देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो सके. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार इस विषय को भी गंभीरता से देख रही है. उन्होंने माना कि ऐसे मामलों में छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और भविष्य में यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि किसी भी कारणों से छात्र का नुकसान न हो. उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत, सुरक्षित और छात्र के हित बनाने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य है कि देश के करोड़ों छात्रों को निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनकी मेहनत और प्रतिभा का सही मूल्यांकन हो सकें। 

रक्षक ही बन गए भक्षक 
री-नीट के सफल आयोजन पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि मल्टीलेयर सुरक्षा के बीच आयोजित हुई परीक्षा. परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा रखी गई थी. लेकिन 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा में हुई पेपर लीक को लेकर उन्होंने कहा कि रक्षक ही भक्षक हो गया. जिन लोगों पर हमने भरोसा किया था कि पारदर्शी तरीके से प्रश्न पत्र बनाएंगे, उन लोगों ने बदमाशों के साथ मिलकर जो अपनी फायदे के लिए परीक्षा को तोड़ना चाहते हैं उनके वजह से 3 मई की घटना हुई है। 

 

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पर बड़ा साइबर अटैक! 630GB डेटा लीक, Apple और Tesla से जुड़े दस्तावेज भी होने का दावा

नई दिल्ली

भारत की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, जो चिपसेट, स्मार्टफोन पार्ट्स और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स बनाती है. रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स ने कंपनी के सिस्टम डेटा को हैक कर लिया और कई सीक्रेट फाइल्स चुरा ली है. इसके बाद हैकर्स की तरफ से पैसे की मांग की जा रही है। 

बताया जा रहा है कि इस डेटा लीक में कई ऐसी सीक्रेट फाइल्स शामिल हैं, जिनसे कंपनी की जरुरी जानकारियां दुनिया के सामने आ सकती हैं. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ऐपल और टेस्ला जैसी कंपनियों को टेक्नोलॉजी और पार्ट्स की सप्लाई कर रही थी। 

जानिए कौन-सा डेटा हुआ चोरी, जिसके बाद मचा हड़कंप

रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सिस्टम में हैकर्स ने रैनसमवेयर नाम का वायरस डाला था. यह वायरस सिस्टम की फाइल्स और डेटा को लॉक कर देता है. इसके बाद हैकर्स डेटा वापस देने के बदले फिरौती की मांग करते हैं। 

डेटा लीक के बाद डार्क वेब पर करीब 630GB का डेटा पोस्ट किया गया है. इसमें कंपनी की सीक्रेट जानकारी, ईमेल्स, कर्मचारियों की डिटेल्स और ऐपल से जुड़े डिजाइन डॉक्यूमेंट्स शामिल बताए जा रहे हैं. ऐपल और टेस्ला दोनों ही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े कस्टम में शामिल हैं। 

कैसे लगी सेंध, क्या-कुछ हुआ लीक?
रिपोर्ट्स में पता चला है कि डेटा लीक होने की वजह एक मिडिलवेयर फर्म के पुराने क्रेडेंशियल्स यानी कि आईडी-पासवर्ड थे। हैकर्स ने उनका इस्तेमाल करके डेटा लीक किया। बता दें कि लीक हुए डेटा में एप्पल के सप्लायर स्पेसिफिकेशन्स और टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े बेहद प्राइवेट डॉक्यूमेंट्स देखने को मिले हैं।

इतना ही नहीं चोरी हुए डेटा में कंपनियों के ग्राहकों की बिजनेस संबंधी जानकारी जैसे कि नाम, ईमेल आईडी, फोन नंबर और जॉब प्रोफाइल आदि भी शामिल है।(REF.)

कंपनियों को मिली फिरौती की धमकी
इस साइबर हमले की जिम्मेदारी एक कुख्यात साइबरक्राइम ग्रुप इकारस ने ली है। हैकर्स ने चेतावनी तक दी है कि अगर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित कंपनियां उन्हें समय पर फिरौती की रकम नहीं देती, तो वे पूरे डेटा को पब्लिक कर देंगे।

इसे लेकर सुरक्षा कंपनी हंट्रेस ने खुलासा किया है कि हैकर्स ने उन्हें एक ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के सर्वर का इस्तेमाल करके फिरौती का ईमेल भेजा था। डेटा लीक की पुष्टि होने के बाद क्लू ने सुरक्षा फर्म क्राउडस्ट्राइक को जांच के लिए बुलाया है। बाकी का डेटा सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा फर्म ने सभी लिंक्स को तोड़ दिया है।

क्यों हुई सुरक्षा में चूक?
यह साइबर हमला इस तरह का था जिसमें हैकर्स एक कंपनी को निशाना बनाकर उससे जुड़ी सैकड़ों कंपनियों का डेटा चुरा लेते हैं। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि क्लू के किसी कर्मचारी द्वारा अनजाने में पासवर्ड चुराने वाला मैलवेयर डाउनलोड करने की वजह से पुराने क्रेडेंशियल लीक हुए।

यह भी बताया जा रहा है कि पिछले साल क्लू ने AI में निवेश करने के लिए आधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसकी वजह से कंपनी की सुरक्षा कमजोर होती गई।

जानिए साइबर अटैक के बाद टाटा का क्या था जवाब
रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कहा कि उन्हें इस साइबर अटैक की जानकारी कुछ हफ्ते पहले ही मिल गई थी. हालांकि, इस हमले की वजह से कंपनी की फैक्ट्री या बिजनेस ऑपरेशन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है। 

हैकर्स की तरफ से डेटा लीक के बाद फिरौती की मांग की गई है. वहीं, इस पूरे मामले में ऐपल भी अपनी तरफ से जांच कर रहा है। 

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स टाटा ग्रुप की तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में से एक है. कंपनी ने 2023 में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी. वहीं, टेस्ला ने 2024 में सेमीकंडक्टर सप्लाई को लेकर टाटा के साथ डील की थी। 

टाटा ने कर्मचारियों को दी थी जानकारी
रिपोर्ट में बताया गया है फाइलों में 52 पेज का एक डॉक्यूमेंट भी था, जिस पर Apple के खास निशान थे और जिसमें कथित तौर पर iPhone सर्किट बोर्ड के पार्ट्स के लिए क्वालिटी जांच के स्टैंडर्ड्स की जानकारी थी। इसमें Hosur सर्च टर्म के लिए 33 फाइलें और फोल्डर भी थे। यह तमिलनाडु राज्य में टाटा के मुख्य iPhone असेंबली प्लांट की जगह है। मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक दूसरे सूत्र ने बताया कि टाटा ने पिछले हफ्ते अपने iPhone असेंबली ऑपरेशन्स में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को डेटा लीक के बारे में जानकारी दी थी। 
रिपोर्ट में बताया गया है फाइलों में 52 पेज का एक डॉक्यूमेंट भी था, जिस पर Apple के खास निशान थे और जिसमें कथित तौर पर iPhone सर्किट बोर्ड के पार्ट्स के लिए क्वालिटी जांच के स्टैंडर्ड्स की जानकारी थी। इसमें Hosur सर्च टर्म के लिए 33 फाइलें और फोल्डर भी थे। यह तमिलनाडु राज्य में टाटा के मुख्य iPhone असेंबली प्लांट की जगह है। मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक दूसरे सूत्र ने बताया कि टाटा ने पिछले हफ्ते अपने iPhone असेंबली ऑपरेशन्स में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को डेटा लीक के बारे में जानकारी दी थी। 

इस साइबर अटैक के बाद कंपनियों की सीक्रेट जानकारी और डेटा सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 

सीएलसी राउंड के महाविद्यालय आवंटन जारी, 1.29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला प्रवेश का अवसर

भोपाल

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संचालित ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) राउंड के महाविद्यालय आवंटन जारी कर दिए गए हैं। इस राउंड में प्रदेश के कुल 1 लाख 29 हजार 265 विद्यार्थियों को विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में सीट आवंटित की गई है।

आवंटित विद्यार्थियों में 94 हजार 703 स्नातक (यूजी) तथा 34 हजार 562 स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल हैं। महाविद्यालय आवंटन के उपरांत विद्यार्थी निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा कर अपने प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों से निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए 30 जून तक प्रवेश शुल्क अनिवार्य रूप से जमा करने का आग्रह किया है, जिससे उनका प्रवेश सुनिश्चित हो सके।

विभाग ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित नवीनतम जानकारी एवं आवश्यक निर्देशों के लिए ई-प्रवेश पोर्टल का नियमित अवलोकन करते रहें।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने की भेंट

हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में करेगा 300 करोड़ रुपये का निवेश

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूपानी को प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं गतिविधियों की जानकारी दी। रूपानी ने राज्य सरकार की उद्योग मित्र नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में 300 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उल्लेखनीय है कि राजगढ़ जिले के पिलूखेड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस की इकाई पहले से ही संचालित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के दौरान हिंदुस्तान कोका-कोला के नेशनल हेड विवेक झा, राज्य प्रमुख सुअश्विनी यीलेने तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

 

प्रकाश राज के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, एक से ज्यादा वोटर ID रखने का आरोप

मुंबई 

बॉलीवुड-साउथ एक्टर प्रकाश राज को लेकर चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. बेंगलुरु की एक अदालत ने एक्टर प्रकाश राज के खिलाफ एक गैर-जमानती वॉरंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है. ये मामला उन आरोपों से जुड़ा है कि उनके पास कई राज्यों के मतदाता पहचान पत्र हैं। 

प्रकाश राज के खिलाफ वॉरंट जारी
ये शिकायत 2019 में वकील दिलीप कुमार ने हलासूरू गेट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता का कहना है कि राज के पास चार राज्यों के मतदाता पहचान पत्र हैं, जिनमें कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं और अगर ये साबित हुआ, तो यह चुनाव संबंधी नियमों का उल्लंघन होगा। 

दिलीप कुमार ने कहा कि पुलिस ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने बाद में बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर और चुनाव आयोग से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया. चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किसी भी नागरिक को देश में केवल एक ही जगह मतदाता के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है. शिकायत में आरोप है कि प्रकाश राज ने कई मतदाता पहचान पत्र रखकर इन नियमों का उल्लंघन किया। 

विवादों में प्रकाश राज
48वें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत ने कथित तौर पर दो मौकों पर एक्टर को समन भेजे थे और अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे. हालांकि, प्रकाश राज दोनों तारीखों पर पेश नहीं हुए. बार-बार समन के बावजूद उनकी गैरहाजिर होने को देखते हुए अदालत ने अब उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है, जिससे इस मामले में उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है। 

प्रकाश राज के वर्कफ्रंट की बात करें, तो वो जल्द ही दृश्यम 3 में नजर आने वाले हैं. फिल्म के 2 सीक्वल बॉक्स ऑफिस हिट रहे हैं. फैन्स को उम्मीद है कि फिल्म का तीसरा पार्ट भी सुपरहिट होगा।  

Market Crash: 3 घंटे में डूबे 23 लाख करोड़, शेयर बाजार में हाहाकार; इस देश को रोकनी पड़ी ट्रेडिंग

मुंबई 

नई दिल्‍ली. अमेरिका में टेक शेयरों की जोरदार बिकवाली के कारण बाजार में आई गिरावट एशियाई बाजारों तक पहुंच गई है. भारतीय शेयर बाजार आज लाल निशान में कारोबार कर रहा है. समाचार लिखे जाने तक सेंसेक्‍स 574 अंक टूटकर तो 168 अंक गिरकर कारोबार कर रहा था. एशियाई बाजारों में सबसे बड़ा झटका दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार को लगा. मेन इंडेक्‍स कोस्पी 9% से ज्यादा टूट गया. भारतीय समयानुसार दिन के 11 बजकर 34 मिनट पर सर्किट लगने के बाद कोस्‍पी में ट्रेडिंग रोक दी गई. तीन घंटे में ही निवेशकों के ₹23 लाख करोड़ डूब गए। 

दक्षिण कोरिया के अलावा जापान, चीन, हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया के बाजार भी दबाव में दिखाई दिए. जापान का निक्केई 225 इंडेक्स करीब 1.5% गिर गया. चीन का सीएसआई 300 इंडेक्स लगभग 1% नीचे आ गया. हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करता दिखाई दिया. ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स भी फिसल गया। 

अमेरिका में एआई शेयरों में गिरावट
सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली. इसका असर एसएंडपी 500 और नैस्डैक जैसे प्रमुख इंडेक्स के फ्यूचर्स पर भी पड़ा है. एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.53% नीचे और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स लगभग 1% तक फिसल गए. सबसे ज्यादा दबाव उन कंपनियों पर दिखा, जिन्हें AI क्रांति का सबसे बड़ा फायदा मिलने वाला माना जा रहा था. अमेरिका की इस कमजोरी का असर दक्षिण कोरिया में दिखाई दिया. दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था और उसका शेयर बाजार एआई और सेमीकंडक्टर सेक्टर से काफी हद तक जुड़ा हुआ है। 

तेजी पर सवार था कोरियाई शेयर बाजार
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी कंपनियां AI सर्वर और डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की दुनिया की सबसे बड़ी सप्लायर हैं. पिछले कई महीनों से AI की मांग बढ़ने के कारण इन कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी आई थी. इस वजह से कोस्‍पी में भी जोरदार बढ़त दर्ज की गई. लेकिन आज, 23 जून को अचानक निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। 

माड़वी मुये की दोनों आँखों का हुआ ऑपरेशन, मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

अंधेरे से उजाले की ओर सुकमा

माड़वी मुये की दोनों आँखों का हुआ ऑपरेशन, मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद 

‘मिशन दृष्टि’ से 42 ग्रामीणों का मुफ्त मोतियाबिंद ऑपरेशन, मिला नई जिंदगी का उपहार

 रायपुर
कभी विकास की मुख्यधारा से कटे और नक्सल प्रभावित रहे सुकमा जिले के सुदूर अंचलों में शासन के सुशासन और संवेदनशीलता की एक नई सुबह हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने दुर्गम जगरगुंडा तहसील के दूरस्थ अंदरूनी गाँवों के 42 मोतियाबिंद मरीजों का सफल और निःशुल्क ऑपरेशन कर उनके जीवन से अंधेरे को हमेशा के लिए मिटा दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने खुद कड़े रास्तों को पार कर घर-घर सर्वे किया, मरीजों की पहचान की और उन्हें पूरे सम्मान के साथ विशेष वाहनों से जिला चिकित्सालय पहुँचाया, जहाँ सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप और नेत्र सर्जन डॉ. खुशबू देवांगन की देखरेख में मिशन ‘दृष्टि योजना’ के तहत यह जीवन बदलने वाली सर्जरी पूरी हुई।

    ​इस मुहिम की सबसे खूबसूरत और भावुक कर देने वाली तस्वीर दूरस्थ पहुँचविहीन गाँव गेड़ापार के निवासी माड़वी मुये के रूप में सामने आई। पिछले तीन महीनों से आँखों की धुंधली होती रोशनी के कारण लाचारी का जीवन जी रहे माड़वी के दोनों आँखों का जिला अस्पताल में सफल ऑपरेशन हुआ, जिससे उनकी दुनिया एक बार फिर से रोशन हो उठी है। अपनी आँखों में नई चमक और चेहरे पर मुस्कान लिए माड़वी मुये ने भावुक होकर कहा, “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन की वजह से मुझे नया जीवन मिला है, मैं सदा उनका आभारी रहूँगा।” अस्पताल से छुट्टी के वक्त मरीजों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें फल बांटे गए, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और रविवार को उन्हें पूरे सम्मान के साथ सकुशल उनके घरों तक वापस छोड़ा गया।

    ​नक्सल गतिविधियों में आई भारी कमी के बाद, सुदूर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का यह विस्तार सुकमा की बदलती और मुस्कुराती हुई तस्वीर को बयां करता है। अब गरीब ग्रामीणों को इलाज के लिए बड़े और महंगे शहरों की तरफ भटकना नहीं पड़ रहा है, बल्कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं सीधे उनके दरवाजे तक पहुँच रही हैं। जिला प्रशासन के द्वारा मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद मरीजों को फल और अन्य सामग्री का निःशुल्क वितरण किया गया। डिस्चार्ज हुए मरीजों और उनके परिजनों से प्रशासन ने अपील की है कि वे अपने आस-पड़ोस के अन्य जरूरतमंदों को भी इलाज के लिए प्रेरित करें, जिसके बाद प्रशासन की यह संवेदनशील पहल अब एक जन-जागरूकता आंदोलन का रूप ले चुकी है।

गरियाबंद में प्रशासन की अनदेखी से परेशान ग्रामीण, खुद के खर्च पर बना डाला पुल

गरियाबंद.

तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर के स्टाप डेम मोहल्लावासी पिछले 20-25 सालों से बारिश के चार माह बेहद ही दयनीय स्थिति में गुजारने को मजबूर होते हैं। मैनपुर नगर से गजरने वाली फुलझर नदी के उस पार ग्राम पंचायत मैनपुरकला के वार्ड क्रमांक 01 में लगभग 30-35 परिवार निवास करते हैं और इस मोहल्ले के लोग बारिश के दिनों में जर्जर हो चुके 20 फीट गहरे जानलेवा स्टापडेम को छलांग लगाकर पार करने को मजबूर होते हैं।

इतना ही नहीं मैनपुर के स्कूलों में पढ़ने वाले इस मोहल्ले के छोटे-छोटे स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर आना जाना करते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी किसी के तबीयत खराब होने पर या फिर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने में उठानी पड़ती है। ग्रामीण मैनपुर नदी में पुल निर्माण की मांग को लेकर शासन प्रशासन से गुहार लगाकर थक चुके और तो और इस मामले को लेकर कई बार जनपद से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन ग्रामीणों के इस मांग की तरफ अब तक ध्यान नहीं दिया गया। स्टापडेम मोहल्ले के मुर्गा व्यवसायी लोचन चक्रधारी ने अपने खुद के खर्च से लगभग 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर अपने घर के सामने नदी मे पुल का निर्माण कर दिया और पुल निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है। आने वाले बारिश में इसका लाभ इस मोहल्ले के लोगों को मिलेगा। इस ऐतिहासिक कार्य का क्षेत्र के लोगों द्वारा जमकर प्रशंसा की जा रही है।

पुल निर्माण कर मिशाल पेश करने वाले ग्रामीण लोचन चक्रधारी ने बताया कि कई बार शासन-प्रशासन से मोहल्ले वाले पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार इस तरफ ध्यान नही दिया जबकि यह तहसील मुख्यालय है और यहां से महज 200 कदम की दूरी पर जनपद और एसडीएम कार्यालय है बावजूद इस मोहल्ले के छोटे -छोटे बच्चे जान जोखिम मे डालकर स्कूल आना जाना करने मजबूर हो रहे है। चक्रधारी ने बताया लोगों की समस्या और उनके परिवार की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने मैनपुर नदी में अपने स्वयं का लगभग 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर पुल का निर्माण किया है जिसमें उन्होंने दुकानदारों से कर्ज लिया है साथ ही उन्हें धीरे-धीरे कर्ज चुकाने की बात कहते हैं। पुल के एप्रोज में मुरमीकरण कार्य बचा हुआ है।

जनपद के अफसरों को निवेदन करने के बाद भी झांकने नहीं पहुंचे- ग्रामीण लोचन चक्रधारी के पुत्र डोलेश चक्रधारी और मोहल्ले के लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने स्वयं के खर्च से पुल का निर्माण किया है, लेकिन पुल निर्माण के लिए डिजाइन, तकनीकी जानकारी के लिए जनपद पंचायत के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर सुझाव देने की गुहार भी लगाई। हद तो तब हुई कि इसके बावजूद भी कोई भी जिम्मेदार स्थानीय अधिकारी पुल निर्माण के लिए उन्हें सुझाव देने के लिए नहीं पहुंचा, जिसका मलाल इस ग्रामीण मे देखने को मिलता है।

उन्होंने बताया आज सरकार अनेक योजनाओं का लाभ लोगों को दिला रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार यदि अपने कर्तव्यो का सही पालन करें तो ग्रामीणों को इसका लाभ मिलता लेकिन जिम्मेदारों द्वारा जब ध्यान नहीं दिया जाता तो इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीण लोचन चक्रधारी के इस पहल का क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रशंसा किया जा रहा है। मैनपुर नदी में पुल निर्माण की मांग वर्षो से करते थके ग्रामीण लोचन चक्रधारी के इस प्रयास का जमकर प्रशंसा कर रहे हैं, जो 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर पुल का निर्माण किया है।

नगर व क्षेत्र के लोगों ने गरियाबंद के कलेक्टर भगवान सिंह उइके एवं जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर से मांग किया है कि ऐसे ग्रामीणों का सार्वजनिक मंच से सम्मान किया जाये। साथ ही पुल निर्माण में उनके योगदान को देखते हुए अन्य अधुरे कार्य को सरकार द्वारा पुरा करवाए।

24 जून की राज्य की समस्त ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची पर होगी चर्चा

24 जून की राज्य की समस्त ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची पर होगी चर्चा

वीबी जी राम जी, आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति संबंधित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा

रायपुर
 प्रदेश में 24 जून 2026 को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा के सफल आयोजन एवं अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण  की प्रतीक्षा सूची का अवलोकन एवं वाचन किया जाएगा

         ग्राम सभा में विशेष रूप से आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची का अवलोकन एवं वाचन किया जाएगा। शासन की मार्गदर्शिका एवं मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी तथा ग्रामीणों से प्राप्त दावे-आपत्तियों को नियमानुसार प्राप्त कर उनके निराकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

         ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची को आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड करने की कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही पूर्व बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन, पंचायतों के आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति तथा अन्य विकासात्मक विषयों पर भी चर्चा होगी।

जनभागीदारी को बढ़ावा देना

         ग्राम सभाओं में विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी। विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों से अपील की है कि ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए।

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