राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला 25 जून को

राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला 25 जून को

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा भोपाल में किया जाएगा कार्यशाला का आयोजन

योजना के प्रभावी संचालन, छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया, मॉनिटरिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से की जाएगी चर्चा, दिया जाएगा प्रशिक्षण

भोपाल 

प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा राज्य स्तरीय कार्याशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला 25 जून को पलाश रेसीडेन्सी भोपाल में होगी। इसमें राज्य शिक्षा केंद्र के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और सभी जिलों के नोडल अधिकारी तथा उनके सहायक शामिल होंगे।

कार्यशाला में योजना के प्रभावी संचालन, छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया, मॉनिटरिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल NSP पर नवीन/ नवीनीकरण पंजीयन से संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार के सीनियर कन्सलटेंट राघवेन्द्र खरे उपस्थित सहभागियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित है राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना

राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत भारत सरकार स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग नई दिल्ली द्वारा चयन परीक्षा में पात्र छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिवर्ष 12000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। भारत सरकार द्वारा छात्रवृत्ति की राशि सीधे हितग्राही छात्र के खाते में भेजी जाती है।

राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना राज्य के शासकीय, अनुदान प्राप्त एवं नगरीय निकायों के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 8वीं के आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित की जाती है। योजना का लाभ पाने के लिए छात्र को विगत वर्ष कक्षा 7वीं में न्यूनतम ‘सी’ ग्रेड से उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही, अभिभावक की सकल वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। राज्य के लिए निर्धारित कोटा में मेरिट सूची के अनुसार प्रतिवर्ष मध्यप्रदेश के 6 हजार 446 विद्यार्थियों का चयन इस छात्रवृत्ति के लिए किया जाता है।

 

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: अब 1912 पर घर बैठे होगा बिल और मीटर संबंधी समस्याओं का समाधान

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को विशेष सुविधा

अब बिल, मीटर और इंस्टॉलेशन से जुड़ी दिक्कतों का 1912 पर घर बैठे होगा समाधान

भोपाल

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के जिलों में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी द्वारा कार्यक्षेत्र में लगाए जा रहे आधुनिक स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर विशेष शिकायत दर्ज करने की सुविधा शुरू की गई है। अब उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए सीधे इस नंबर पर संपर्क कर निराकरण करा सकते हैं।

इन शिकायतों का होगा निराकरण

कंपनी द्वारा शुरू की गई इस सुविधा के अंतर्गत स्मार्ट मीटर उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल करके स्मार्ट मीटर का अनुचित तरीके से इंस्टॉलेशन होना, स्मार्ट मीटर का जल जाना, डिस्प्ले बंद होना या मीटर का क्षतिग्रस्त होना, मासिक बिजली बिल का जनरेट न होना, गलत बिल जनरेशन की समस्या, बिल में एक्सपोर्ट यूनिट्स का गलत दर्ज होना, मीटर की तेज रिकॉर्डिंग के कारण बिजली का अधिक बिल आने संबंधी शिकायत, ‘उपाय’ (Upay) ऐप में स्मार्ट मीटर का डाटा गलत दिखना या प्रदर्शित न होना, बिजली बिल में मीटर का गलत सीरियल नंबर अंकित होना, नए स्मार्ट मीटर की स्थापना के समय प्रारंभिक (शुरुआती) रीडिंग में विसंगति होना, सोलर/नेट मीटर में परिवर्तित न होना, बिल भुगतान करने के बाद भी बिजली का रीकनेक्शन न किया जाना, नए स्मार्ट मीटर की स्थापना के समय पुराने मीटर की आखिरी रीडिंग गलत दर्ज होना तथा चेक मीटर लगाने का अनुरोध करना या अनुरोध के बावजूद चेक मीटर इंस्टॉल न होने संबंधी शिकायतों का निराकरण करा सकेंगे।

स्मार्ट मीटर पूरी तरह सुरक्षित और सटीक

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने बताया है कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। यदि किसी उपभोक्ता को मीटर की कार्यप्रणाली, बिलिंग या इंस्टॉलेशन को लेकर कोई भी शंका या समस्या है, तो वे बिना किसी झिझक के टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं। कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज होते ही संबंधित तकनीकी टीम द्वारा प्राथमिकता के आधार पर समस्या का जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा

 

महिला आयोग की जनसुनवाई में सामने आए एआई के दुरुपयोग के गंभीर मामले

महिला आयोग की जनसुनवाई में सामने आए एआई के दुरुपयोग के गंभीर मामले

शादी का झांसा और ब्लैकमेलिंग पर आयोग सख्त

भोपाल

देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते डिजिटल और पारंपरिक अपराधों के बीच, मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की संयुक्त बेंच (जनसुनवाई) में सोमवार को कुछ ऐसे गंभीर मामले सामने आए जिन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव एवं सदस्य श्रीमती साधना स्थापक की अगुवाई में कुल 22 प्रकरणों की त्वरित सुनवाई की गई। जनसुनवाई में जहाँ एक तरफ घरेलू हिंसा के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए, वहीं दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग और यौन शोषण के मामलों ने आयोग का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। आयोग ने सभी मामलों को बेहद संजीदगी से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल और निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

वैवाहिक साइट से संपर्क, रिश्ता टूटने पर ए आई से बनाईं अश्लील व भ्रामक तस्वीरें

तकनीक के जरिए महिलाओं को निशाना बनाने का एक बेहद संवेदनशील और आधुनिक मामला इस जनसुनवाई का मुख्य केंद्र रहा। एक पीड़ित युवती ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई कि वैवाहिक वेबसाइट (Matrimonial Website) के माध्यम से एक युवक और उसके परिवार से शादी की बातचीत आगे बढ़ी थी। हालांकि, किसी कारणवश जब युवती के परिवार ने इस रिश्ते को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया, तो युवक ने प्रतिशोध की भावना से सोशल मीडिया पर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से युवती की फर्जी शादी, गोदभराई और अन्य भ्रामक तस्वीरें तैयार कीं और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। युवती की सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के इस सुनियोजित प्रयास को देखते हुए महिला आयोग ने इसे एक गंभीर साइबर अपराध माना और मामले को त्वरित जांच एवं कठोर कार्रवाई के लिए तुरंत साइबर सेल (साइबर वेलनेस सेंटर) को प्रेषित कर दिया है।

महिला आयोग की संयुक्त बेंच के समक्ष सोमवार को जनसुनवाई में एक पीड़िता ने लिखित शिकायत के माध्यम से आयोग को अवगत कराया कि एक युवक द्वारा पूर्व में विवाह का झूठा आश्वासन देकर उसका शोषण किया गया तथा उसके साथ निरंतर मारपीट व प्रताड़ना की जाने लगी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस कृत्य में अनावेदक की माता भी संलिप्त रही, जिसने दोनों का विवाह संपन्न कराने का भरोसा देते हुए पीड़िता से छलपूर्वक एक बड़ी धनराशि प्राप्त कर ली और राशि प्राप्त करने के उपरांत विवाह से साफ इनकार करते हुए पीड़िता को प्रताड़ित किया जाने लगा अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव एवं सदस्य श्रीमती साधना स्थापक ने इस मामले को प्राथमिक रूप से अत्यंत गंभीर मानते हुए संबंधित थाना प्रभारी को अनावेदक एवं उसके परिजन के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के अंतर्गत तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

कथित पत्रकार द्वारा सोशल मीडिया पर नर्स का मानसिक उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग

एक अन्य प्रकरण में समाज में रसूख का धौंस देकर महिलाओं को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया। अस्पताल में कार्यरत एक महिला नर्स ने खुद को पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार मानसिक उत्पीड़न करने की शिकायत दर्ज कराई। नर्स का आरोप था कि उक्त आरोपी उसके विरुद्ध फर्जी वीडियो और झूठी, भ्रामक खबरें प्रसारित कर समाज में उसकी छवि को पूरी तरह खराब करने का प्रयास कर रहा था। हद तो तब हो गई जब आरोपी ने महिला आयोग के वैधानिक अस्तित्व के संबंध में भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और धमकीपूर्ण बातें कहीं। आयोग के सख्त रवैये और कड़े निर्देश के बाद दोनों पक्षों को संयुक्त बेंच के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित कराया गया और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई का रोडमैप तैयार किया गया।

सुनवाई के दौरान आयोग परिसर में ही ‘स्काई सोशल एनजीओ’ द्वारा एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य और मनोसामाजिक सहायता उपलब्ध कराना था। संस्था के अनुभवी और प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों तथा परामर्शदाताओं ने हिंसा, गंभीर उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, परित्याग और गहरे भावनात्मक तनाव से प्रभावित महिलाओं की काउंसिलिंग की। उन्हें इस कठिन दौर से उबरने के लिए भावनात्मक संबल और ‘ट्रॉमा-इन्फॉर्म्ड’ मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की गई, जिससे महिलाएं मानसिक रूप से सशक्त होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ सकें।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आदिरंग शिल्पकार महोत्सव 2026 के समापन समारोह में मंगलवार को होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आदिरंग शिल्पकार महोत्सव 2026 के समापन समारोह में मंगलवार को होंगे शामिल

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान मध्यप्रदेश (एनआईडी एमपी) एवं वन्या, जनजातीय कार्य विभाग, द्वारा एनआईडी मध्यप्रदेश परिसर, अचारपुरा, भोपाल में आयोजित 23 जून मंगलवार को आदिरंग शिल्पकार महोत्सव 2026 समापन समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव महोत्सव के दौरान जनजातीय शिल्पकारों द्वारा विकसित नवाचारपूर्ण उत्पादों एवं डिजाइन हस्तक्षेपों की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। साथ ही शिल्पकारों, डिजाइन विशेषज्ञों और प्रतिभागियों से संवाद भी करेंगे। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समारोह में जनजातीय कला, शिल्प और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों तथा डिजाइन आधारित नवाचारों की जानकारी दी जाएगी।

पांच दिवसीय महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए 140 से अधिक जनजातीय शिल्पकार भाग लेंगे। भील, गोंड, बैगा सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों के शिल्पकारों द्वारा अपनी पारंपरिक कला, शिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। महोत्सव में आयोजित डिजाइन हस्तक्षेप कार्यशालाओं में शिल्पकारों ने एनआईडी मध्यप्रदेश के संकाय सदस्यों एवं छात्र स्वयं सेवकों के सहयोग से बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप नए उत्पाद विकसित किए हैं।

समापन समारोह के अवसर पर इन कार्यशालाओं के दौरान विकसित उत्पादों और डिजाइन अवधारणाओं की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी शाम 5:30 बजे से आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी, जहां आगंतुक उत्पादों को देख सकेंगे। साथ ही, भील, गोंड, बैगा सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों के शिल्पकारों द्वारा प्रदर्शित मूल कलाकृतियां एवं हस्तशिल्प उत्पाद खरीद के लिए उपलब्ध रहेंगे।

आदिरंग शिल्पकार महोत्सव जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को व्यापक मंच प्रदान करने के साथ शिल्पकारों के लिए नए बाजार एवं आजीविका के अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। एनआईडी मध्यप्रदेश और वन्या के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह महोत्सव डिजाइन और परंपरा के समन्वय का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।

 

अन्ना हजारे फिर आंदोलन के मूड में! महाराष्ट्र के RTI नियमों के खिलाफ भूख हड़ताल की चेतावनी

मुंबई 
सोशल एक्टिविस्ट अन्ना हजारे एक बार फिर आंदोलन से क्रांति करने की तैयारी में हैं. वो महाराष्ट्र सरकार सूचना के अधिकार के नियमों में किए गए बदलावों का विरोध कर रहे हैं. हजारे ने इन बदलावों को ‘गैर-कानूनी’ करार देते हुए इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि ऐसा नहीं होने पर वो 5 जुलाई से भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। 

अन्ना हजारे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे एक लेटर में दावा किया कि महाराष्ट्र सूचना के अधिकार के नियम, 2026, RTI एक्ट की धार को कुंद कर देंगे और नागरिकों को जानकारी से दूर रखेंगे. उनके मुताबिक, 12 जून को किए गए बदलाव RTI एक्ट, 2005 की भावना का उल्लंघन करते हैं और ट्रांसपेरेंसी को कमजोर करते हैं। हजारे ने फीस बढ़ाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कोई सही वजह या फाइनेंशियल एनालिसिस नहीं दिया गया। 

‘RTI कोई रेवेन्यू कमाने वाला कानून नहीं’
सीएम फडणवीस को लिखे लेटर में अन्ना हजारे ने कहा, ‘RTI कोई रेवेन्यू कमाने वाला कानून नहीं है. अगर 20 साल बाद फीस बढ़ाई जाती है, तो जानकारी देने से मना करने वाले अधिकारियों पर पेनल्टी भी बढ़ाई जानी चाहिए। 

उन्होंने ID प्रूफ को जरूरी बनाने का विरोध किया और तर्क दिया कि RTI एक्ट का सेक्शन 6(2) एप्लीकेंट को पर्सनल डिटेल्स या जानकारी मांगने के कारणों का खुलासा करने की जरूरत नहीं बताता है. उन्होंने कहा कि ऐसी हालत व्हिसलब्लोअर और एक्टिविस्ट के लिए खतरा है। 

ट्रांसपेरेंसी पर खतरा!
हजारे ने ‘एक सब्जेक्ट, एक एप्लीकेशन’ नियम की भी आलोचना की, इसे गैर-जरूरी और बोझिल बताया. उनके मुताबिक, बार-बार आने वाले एप्लीकेशन को तुरंत बंद करने के नियम से पूरी या अपडेटेड जानकारी तक पहुंच बंद हो जाएगी. अन्ना हजारे ने कहा, ‘प्रोसेस को ज्यादा टेक्निकल, महंगा और एडमिनिस्ट्रेशन-सेंट्रिक बनाने से ट्रांसपेरेंसी कम होगी। 

उन्होंने एप्लीकेंट से जानकारी मांगने का मकसद पूछना, अगर एप्लीकेंट गैरहाजिर रहता है तो अपील खारिज करना, एप्लीकेंट की मौत पर केस अपने आप बंद करना और इन्फॉर्मेशन कमीशन के सामने सुनवाई के दौरान कानूनी मदद पर रोक लगाने जैसे मामलों पर भी आपत्ति जताई। 

5 जुलाई से भूख हड़ताल करेंगे अन्ना हजारे
अन्ना हजारे ने मांग करते हुए लिखा, ‘अगर 12 जून के बदलाव तुरंत वापस नहीं लिए गए, तो मैं 5 जुलाई को यादव बाबा मंदिर, रालेगण सिद्धि में अपना अनशन शुरू करूंगा, भले ही इसमें मेरी जान चली जाए। 

 

मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में विकसित की जाए एक हैचरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में विकसित की जाए एक हैचरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मछली पालन के लिए प्रदेश में होगा 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
प्रदेश में मोती उत्पादन को किया जाए प्रोत्साहित
मध्यप्रदेश बने मछली बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एकीकृत मत्स्योघोग नीति : 2026 के कारण प्रदेश में मछली पालन सेक्टर में 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ रहा है। प्रदेश में प्राप्त 2 लाख 91 हजार 9 सौ 38 केज के प्रस्तावों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। प्रदेश में मोती उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जाये, इसके लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेस का अध्ययन कर उनका क्रियान्वयन प्रदेश में सुनिश्चित किया जायें। प्रदेश को मछली उत्पादन में आत्म निर्भर बनाना जरूरी है। अगले ढाई साल में हमें मछली बीज अन्य स्थानों से नहीं खरीदना पड़े, इस लक्ष्य को ध्यान में रखकर विभाग कार्य करे। हर जिले में एक हेचरी आवश्यक रूप से विकसित की जाये। जिलों में मछली बीज आसानी से मिलने से प्रदेश में मछली उत्पादन में और बढ़ोत्तरी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मछुआ कल्याण तथा मत्यस्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्रालय में हुई बैठक में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्य मंत्री नारायण सिंह पवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, विभाग के सचिव स्वतंत्र कुमार सिंह तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मछुआ क्रेडिट कार्ड में मध्यप्रदेश, देश में दूसरे स्थान पर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बढ़ रहे मछली उत्पादन को दृष्टिगत रखते हुए कोल्ड चेन तथा अन्य आवश्यक इंफ्रास्टक्चर विकसित किया जाये। ब्रांडिंग और निर्यात के लिए आवश्यक नेटवर्किंग को भी प्रोत्साहित किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदियों के पुनर्जीवन, जलीय जीवों के संरक्षण के लिए सभी संबंधित विभाग परस्पर समन्वय से कार्य करें। जलीय ईको सिस्टम को विकसित करने और जल सम्पदा पर आधारित पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने के लिए भी कार्य योजना बनाई जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत अन्तर्देशीय जल क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर अन्तर्देशीय मत्स्य पालन में सिवनी जिले को वर्ष 2023-24 के लिए प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। 

मोदी सरकार में बड़ा बदलाव! जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय राज्य मंत्री पद से दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने मंजूर किया

नई दिल्ली

मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कोरियन का इस्तीफा हो गया है. भाजपा के सीनियर नेता और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दिया. उनके इस्तीफे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर जॉर्ज कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया. इस इस्तीफे के बाद अब मोदी सरकार में फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। 

दरअसल, जॉर्ज कुरियन ने आज यानी मंगलवार को अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री (MoS) के पद से इस्तीफा दे दिया. उनका छह साल का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया था. भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजने का फैसला किया. 65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तीसरी केंद्रीय कैबिनेट में राज्य मंत्री (MoS) के तौर पर काम कर रहे थे. वह भाजपा के कद्दावर नेता हैं और 1980 में पार्टी की शुरुआत से ही इसके सदस्य रहे हैं। 

जॉर्ज कुरियन कौन हैं?
65 साल के कुरियन अगस्त 2024 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तीसरी केंद्रीय कैबिनेट में राज्य मंत्री (MoS) के तौर पर काम कर रहे थे। वह बीजेपी के एक सीनियर नेता हैं और 1980 में पार्टी के बनने के समय से ही इसके सदस्य रहे हैं।

कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया था, जिसकी वजह से उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा। कहा जाता है कि केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें दोबारा नॉमिनेट नहीं किया गया।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, कुरियन का जन्म 20 सितंबर, 1960 को केरल के कोट्टायम जिले की एट्टुमानूर नगरपालिका के नाम्बियाकुलम में हुआ था। उन्होंने अपने गृहनगर में स्कूली शिक्षा पूरी की और उसके बाद लॉ (कानून) में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन किया। 

2024 में बने थे केंद्रीय मंत्री
उन्होंने 9 जून, 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली और 11 जून, 2024 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कार्यभार संभाला।

इससे पहले, कुरियन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और तत्कालीन केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्याधिकारी (OSD) के तौर पर काम कर चुके थे।

जॉर्ज कुरियन के बारे में और जानें
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले की एट्टुमानूर नगर पालिका के नाम्बियाकुलम में हुआ था. उन्होंने अपने गृहनगर में स्कूली शिक्षा पूरी की और उसके बाद लॉ यानी कानून में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन किया। 

केरल में ईसाई वोटर्स को बीजेपी ने दिया संदेश
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में जब केरल के सीनियर नेता जॉर्ज कुरियन को शामिल किया गया तो देश के साथ-साथ केरल के लोग भी हैरान रह गए. दरअसल ऐसी कोई चर्चा नहीं थी कुरियन को केंद्र सरकार में शामिल किया जाएगा. जॉर्ज कुरियन को सरकार में शामिल करने को लेकर चर्चा हुई कि केरल में विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने ये फैसला किया है। 

केरल में करीब 17 फीसदी आबादी ईसाई है. माना जाता है कि ईसाई वोटों ने राज्य में बीजेपी का लोकसभा खाता खोलने में अहम भूमिका निभाई है, जिसमें सुरेश गोपी ने त्रिशूर सीट 74,000 से ज़्यादा वोटों से जीती. इसीलिए उन्हें मोदी सरकार में शामिल करके ईसाई वोटर्स को एक संदेश दिया गया था। 

कैसा रहा जॉर्ज कुरियन का सफर?
जॉर्ज कुरियन 1980 में बीजेपी के बनने के समय ही पार्टी में शामिल हो गए थे. बीजेपी में अपने लंबे सफर के दौरान कुरियन ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है. जब वाजपेयी सरकार में राजगोपाल रेल राज्य मंत्री थे तब वे उनके ओएसडी भी रहे। 

कब से थे इस पद पर
उन्होंने 9 जून 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली और 11 जून 2024 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कार्यभार संभाला. इससे पहले जॉर्ज कुरियन ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और तत्कालीन रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) के तौर पर काम किया था। 

इस्तीफे की क्या वजह?
    इस्तीफा देनेवाले मंत्री जार्ज कुरियन के राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा था.
    उन्होंने केरल में विधानसभा चुनाव भी लड़ा था लेकिन वो हार गए.
    सूत्रों के मुताबिक केन्द्रीय नेत्रित्व उन्हें अब प्रदेश राजनीति में भेजने की तैयारी कर रहा है.

 

भोपाल जंक्शन का बदलेगा हुलिया! 350 करोड़ से बनेगा मंदिर जैसा भव्य स्टेशन, रेलवे बोर्ड को भेजा प्रस्ताव

भोपाल
राजधानी के मुख्य रेल द्वार भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन को जल्द ही एक नया और भव्य स्वरूप मिलने जा रहा है। रेलवे ने इस स्टेशन के कायाकल्प के लिए करीब 350 करोड़ रुपये के पुनर्विकास प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत भोपाल जंक्शन को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान देते हुए भव्य मंदिर शैली के अग्रभाग के साथ अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधारित इस परियोजना के लिए टेंडर और बिड से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज फाइनल कर अंतिम मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दिए गए हैं, जहां से हरी झंडी मिलते ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

रानी कमलापति के बाद दूसरा पीपीपी स्टेशन
इस बड़े बदलाव के बाद भोपाल जंक्शन शहर का ऐसा दूसरा रेलवे स्टेशन बन जाएगा, जिसे पीपीपी मॉडल के तहत पुनर्विकसित किया जा रहा है। इससे पहले भोपाल के ही रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को इसी मॉडल पर विश्वस्तरीय बनाया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नए प्रोजेक्ट के जरिए स्टेशन के मौजूदा बिल्ट-अप एरिया को 4,238 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 6,532 वर्ग मीटर किया जाएगा। इस बढ़े हुए दायरे से स्टेशन परिसर के भीतर यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं और खाली स्पेस को बड़े पैमाने पर विस्तार देने में मदद मिलेगी।

यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
स्टेशन के भीतर आधुनिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर खाका तैयार किया गया है, जिससे यात्रियों का सफर और सुगम हो सके।
परियोजना के प्रमुख बिंदुओं को इस प्रकार समझा जा सकता है:

    स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार को पारंपरिक और भव्य मंदिर कला की थीम पर डिजाइन किया जाएगा।

    यात्रियों की सुविधा के लिए पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) प्रतीक्षालय और बेहतर बैठने की व्यवस्था होगी।

    परिसर के भीतर आवागमन को आसान बनाने के लिए नए लिफ्ट और फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।

    स्टेशन पर मौजूद प्रसाधनों को अपग्रेड कर विश्वस्तरीय और स्वच्छ बनाया जाएगा।
    बढ़े हुए निर्मित क्षेत्र के कारण यात्रियों को विभिन्न प्रकार की कमर्शियल सेवाएं भी स्टेशन के भीतर मिल सकेंगी।

मंजूरी मिलते ही शुरू होगा निर्माण
रेलवे प्रशासन का कहना है कि जैसे ही रेलवे बोर्ड से इस 350 करोड़ रुपये के बजट वाले प्रोजेक्ट को क्लीयरेंस मिल जाएगा, निर्माण एजेंसियां जमीन पर काम शुरू कर देंगी। इस पुनर्विकास से न केवल भोपाल जंक्शन पर यात्रियों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि भोपाल आने वाले पर्यटकों को स्टेशन से बाहर निकलते ही शहर की ऐतिहासिक और हेरिटेज पहचान की पहली झलक देखने को मिलेगी।

MP में भाजपा मनाएगी ‘बूथ गौरव दिवस’, धारा 370 और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर होंगे विशेष व्याख्यान

भोपाल 
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में एक बड़ा अभियान शुरू का फैसला किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार आगामी 23 जून से 6 जुलाई तक पूरे देश सहित मध्य प्रदेश में ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्मरण पक्ष’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश भाजपा इस पखवाड़े को जमीनी स्तर पर ‘बूथ गौरव दिवस’ और विशेष वैचारिक व्याख्यानों के रूप में मनाने जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर गठित केंद्रीय संचालन टोली में मध्य प्रदेश के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह को शामिल किया है, जो राज्य में इन सभी कार्यक्रमों की सीधी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

धारा 370 की समाप्ति और ‘राष्ट्र प्रथम’ पर केंद्रित विशेष व्याख्यान
इस पखवाड़े का सबसे मुख्य वैचारिक केंद्र धारा 370 की समाप्ति रहेगा। व्याख्यानों और सम्मेलनों के माध्यम से कार्यकर्ताओं और जनता को बताया जाएगा कि कैसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के अखंड भारत के सपने को साकार किया गया है। इन विशेष व्याख्यानों के जरिए यह संदेश घर-घर पहुँचाया जाएगा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ अब केवल एक भावना नहीं, बल्कि देश की जीवनधारा बन चुका है।

तीन प्रमुख विषयों पर जिला कार्यकर्ता सम्मेलन
राज्य के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर जिला कार्यकर्ता सम्मेलनों की रूपरेखा तैयार की गई है। इन सम्मेलनों में तीन अलग-अलग प्रबुद्ध वक्ताओं द्वारा डॉ. मुखर्जी के सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान, एक केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी कार्यशैली और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में उनके ऐतिहासिक योगदान पर केंद्रित विशेष व्याख्यान दिए जाएंगे।

युवा मोर्चा के नेतृत्व में ‘बाहरी परिसर’ छात्र सम्मेलन
प्रदेश के सभी प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों के बाहर युवा पीढ़ी और छात्रों को इस विचारधारा से जोड़ने के लिए छात्र सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार यह सभी कार्यक्रम शैक्षणिक परिसरों की सीमा से बाहर (आउटसाइड कैंपस) आयोजित होंगे, जिसकी पूरी कमान और नेतृत्व भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिम्मे सौंपा गया है।

शहरों में नामकरण, प्रतिमा अनावरण और महा-वृक्षारोपण अभियान
इस पखवाड़े के दौरान मध्य प्रदेश के प्रत्येक नगर और शहर में किसी प्रमुख चौराहे, उद्यान अथवा मार्ग का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा और उनकी प्रतिमा या चित्र का अनावरण भी होगा।

इसके साथ ही, चूंकि राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, इसलिए पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ प्रत्येक बूथ पर प्रभावी रूप से व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।

भोपाल मंडल के 15 अमृत भारत स्टेशनों पर खुलेंगे सिनेमाघर और गेमिंग जोन, जानें कैसे करें अप्लाई

भोपाल
 यदि आप एक व्यापारी हैं, स्टार्टअप चलाते हैं या निवेश के लिए किसी बड़े और गारंटीड फुटफॉल (ग्राहकों की भारी मौजूदगी) वाले स्थान की तलाश में हैं, तो भारतीय रेलवे आपके लिए एक बेहतरीन मौका लेकर आया है।

पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत पुनर्विकसित हो रहे 15 रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध वाणिज्यिक स्थानों (कमर्शियल स्पेस) के उपयोग के लिए बिज़नेस प्रपोजल मांगे हैं। यानी अब रेलवे स्टेशन सिर्फ ट्रेनों के आने-जाने का जरिया नहीं, बल्कि शहर के बड़े आर्थिक और व्यापारिक केंद्र (सिटी सेंटर) बनने जा रहे हैं।

ड्राइव-इन सिनेमा से लेकर गेमिंग जोन तक
रेल प्रशासन पारंपरिक दुकानों के ढर्रे से अलग हटकर ऐसे आधुनिक और यात्री-केंद्रित व्यावसायिक प्रस्तावों को बढ़ावा दे रहा है, जो स्टेशन परिसर को हाई-टेक लुक दे सकें। उद्यमी नीचे दी गई श्रेणियों या किसी अन्य नए आइडिया पर अपने प्रस्ताव दे सकते हैं।

मनोरंजन और गैजेट्स: ड्राइव-इन सिनेमा, गेमिंग जोन, बाल मनोरंजन केंद्र और डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर।

सुविधाएं और आतिथ्य: आधुनिक प्रतीक्षालय/लाउंज, पर्यटन एवं आतिथ्य सेवाएं और मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स।

बैंकिंग और टेक: डिजिटल बैंकिंग यूनिट, ई-लॉबी और हाई-टेक एटीएम।

भोपाल मंडल के ये 15 स्टेशन बनेंगे ‘बिजनेस हब’
अमृत भारत योजना के तहत जहां नर्मदापुरम और शाजापुर स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण कर चुके हैं, वहीं 13 अन्य स्टेशनों पर काम तेजी से जारी है। इनमें शामिल हैं। हरदा, खिरकिया, बनापुरा, इटारसी, साँची, विदिशा, गंजबासौदा, अशोकनगर, गुना, रुठियाई, शिवपुरी, ब्यावरा-राजगढ़ और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्टेशन पर बिजनेस सेंटर विकसित किए जाएंगे।

टेंडर और ई-नीलामी से अलॉट होगी जगह, ऐसे करें शुरुआत
पारदर्शी प्रक्रिया :
इच्छुक कारोबारी संबंधित स्टेशन के मंडल वाणिज्य निरीक्षक से सीधे संपर्क कर सकते हैं। वे वहां उपलब्ध खाली स्थानों का निरीक्षण और सर्वेक्षण कर अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर सकते हैं।

ऐसे होगा चयन : प्राप्त सभी प्रस्तावों का रेलवे बोर्ड की नीतियों के अनुसार परीक्षण किया जाएगा। जो प्रस्ताव व्यवहार्य पाए जाएंगे, उन्हें ई-नीलामी या टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।

    अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन केवल यात्री सुविधाओं के केंद्र ही नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे। रेलवे पारंपरिक व्यावसायिक गतिविधियों के साथ-साथ नवाचारी व्यावसायिक अवधारणाओं का स्वागत ही नहीं बल्कि बढ़ावा दे रहा है जिससे शहर के विकास में रेलवे और अधिक योगदान दे सके। – सौरभ कटारिया, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, भोपाल मंडल

 

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