30 जून को बंद हो जाएंगे LPG कनेक्शन? इंडेन, HP और भारत गैस की चेतावनी से मचा हड़कंप

नई दिल्ली

सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा है कि 30 जून 2026 के बाद इंडेन, भारत गैस और HP गैस के एलपीजी कनेक्शन काट दिए जाएंगे। हालांकि, सरकार ने ऐसी कोई लास्ट डेट घोषित नहीं की है, लेकिन जिन इलाकों में PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी से PNG में शिफ्ट होने का दबाव जरूर बढ़ गया है।

क्या है नया LPG-PNG नियम?
केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत जहां PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे PNG अपनाने के लिए कहा गया है। साथ ही “नो ड्यूल कनेक्शन पॉलिसी” लागू की गई है। इसका मतलब है कि अगर किसी उपभोक्ता के घर में PNG कनेक्शन सक्रिय है, तो वह नया LPG कनेक्शन नहीं ले सकता और कई मामलों में LPG कनेक्शन सरेंडर करना पड़ सकता है।

क्या 30 जून डेड लाइन है?
मार्च 2026 के आदेश में PNG अपनाने के लिए 90 दिन का समय दिया गया था, जो जून के अंत में पूरा हो रहा है। हालांकि, अभी तक पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह नहीं कहा है कि 30 जून के बाद सभी LPG कनेक्शन स्वतः बंद कर दिए जाएंगे। यानी 30 जून को देशभर में LPG कनेक्शन काटे जाने की खबर पूरी तरह सही नहीं है, लेकिन जिन क्षेत्रों में PNG उपलब्ध है, वहां भविष्य में LPG सप्लाई पर प्रतिबंध या सीमाएं लगाई जा सकती हैं।

10 लाख से ज्या परिवारों ने छोड़ा LPG
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार मार्च 2026 से अब तक 10.02 लाख PNG कनेक्शन एक्टिव किए गए और 3.22 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ। इस दौरान लगभग 9.94 लाख नए उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इतना ही नहीं, करीब 1 लाख परिवार LPG छोड़कर PNG अपना चुके हैं।

सरकार PNG को क्यों बढ़ावा दे रही है?
सरकार का मानना है कि PNG लगातार गैस सप्लाई देता है और सिलेंडर बुकिंग की जरूरत नहीं होती। यह सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर है साथ ही डिलीवरी और परिवहन लागत कम करता है।

HPCL और Indian Oil की सलाह
HPCL ने उपभोक्ताओं से कहा है कि PNG “सुविधाजनक और निर्बाध” ऊर्जा समाधान है। वहीं इंडियन ऑयल ने भी पेट्रोलियम मंत्रालय के संदेश को साझा करते हुए PNG को क्लीन और ग्रीन फ्यूल बताया है।
उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?

अगर आपके क्षेत्र में PNG सुविधा उपलब्ध है स्थानीय गैस डिस्ट्रिब्यूटर कंपनी से संपर्क करें और PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करें। LPG और PNG दोनों कनेक्शन एक साथ रखने के नियमों की जानकारी लें। किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।
क्या अभी LPG सिलेंडर बंद हो जाएंगे?

नहीं। फिलहाल इंडेन, भारत गैस और HP गैस के घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति जारी है। सरकार ने सिर्फ PNG को बढ़ावा देने और दोहरे कनेक्शन को रोकने की नीति अपनाई है। किसी भी बड़े कदम से पहले आमतौर पर अलग से आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी।

Rain Alert: भीषण गर्मी के बीच इन 7 राज्यों में अगले 7 दिन होगी मूसलाधार बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली

उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी जारी है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले चार से पांच दिनों तक विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ में हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, अगले 48 घंटे के दौरान दक्षिण पश्चिम मॉनसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा के बाकी हिससों, छत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार के कुछ इलाकों में पहुंचने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इसके अलावा, इस हफ्ते पूर्वोत्तर भारत, उप हिमलयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है। आज 22 जून को मेघालय में कहीं-कहीं से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

इन सात राज्यों में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार, 22-28 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश होगी। इसमें से 22-26 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में आंधी तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी है। 23-28 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, 22-24 जून और 24-28 जून के दौरान असम, मेघालय में, 22-23 जून और 26-28 जून के दौरान नगालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।

कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल में भी बारिश बरसात
दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 22-28 जून के दौरान, उत्तरी कर्नाटक में 22-25 जून के दौरान, दक्षिणी कर्नाटक में 23-24 जून के दौरान, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 22-24 जून और 28 जून को रायलसीमा में 22-25 जून और 28 जून को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने वाली है। तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में 22-28 जून के दौरान, उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक में 26-28 जून, दक्षिणी कर्नाटक में 22 जून, 25-28 जून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 25-27 जून के दौरान रायसीमा में 26-27 जून के दौरान बहुत भारी बरसात होगी।

जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में बारिश का अलर्ट
वहीं, पूर्वी भारत की बात करें तो 22-28 जून के दौरान अंडमान-निकोबार द्वीप, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में, 22-23 जून और 26-28 जून के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, 28 जून को बिहार में, 22-23 जून के दौरान ओडिशा में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। 24-25 जून के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, 22-28 जून के दौरान झारखंड, 22-27 जून के दौरान बिहार, 24-28 जून के दौरान ओडिशा में कहीं कहीं बारिश होगी। वहीं, उत्तर भारत की बात करें तो 22 जून को जम्मू कश्मीर, लद्दाख में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। 23-28 जून के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 22-28 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में कहीं कहीं छिटपुट बारिश होगी। 22-26 जून के दौरान जममू कश्मीर, 22-25 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने वाली हैं। साथ ही, 22-26 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश में तेज हवाएं चलने वाली हैं। 22-26 जून के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब में, 24 जून को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली गिरने और तेज आंधी चलने की संभावना है। साथ ही, 25-28 जून के दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाएं चलने वाली हैं। 22 जून को हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में कहीं-कहीं ओले गिरेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे 2036 पौधों के वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ

रायपुर. 
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर 23 जून को छत्तीसगढ़ में खेल और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बीएसएफ कैंप, नया रायपुर स्थित ग्राम पलौद में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 1 बजे होगा। मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति से खिलाड़ियों, खेल संगठनों तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ेगा।

2036 पौधों के रोपण का लक्ष्य
भारतीय ओलंपिक संघ के आह्वान पर इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 2036 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

खेल और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश
इस आयोजन के माध्यम से खिलाड़ियों और युवाओं को खेलों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। वृक्षारोपण अभियान प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने, जैव विविधता संरक्षण तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

युवा खिलाड़ियों को मिलेगी प्रेरणा
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का मानना है कि मुख्यमंत्री की सहभागिता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी। इससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी।

हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार जनभागीदारी आधारित अभियान चला रही है। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम खेल और प्रकृति के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा तथा ‘हरित छत्तीसगढ़-हरित भारत’ के संकल्प को और मजबूत करेगा।

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सड़क डामरीकरण का कार्य प्रारंभ कराया

रायपुर. 
प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज नगर निगम कोरबा के वार्ड क्र. 40 पाड़ीमार वार्ड में सड़क डामरीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर महापौर संजूदेवी राजपूत उपस्थित थी। उन्होंने डामरीकरण कार्य के दौरान गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने एवं शीघ्र कार्य को पूर्ण किये जाने के निर्देश मौके पर अधिकारियों को दिये। 

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा अनवरत रूप से किये जा रहे विकास कार्यों की कड़ी में निगम के बालको जोन अंतर्गत वार्ड क्र. 40 पाड़ीमार क्रमांक 01 में 25 लाख रूपए की लागत से राजेश ठाकुर के घर से बरगद चौक होते हुये इंदिरा मार्केट मुख्य मार्ग तक सड़क डामरीकरण का कार्य कराया जा रहा है। 

अब तक निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपए के विकास कार्य स्वीकृत
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस मौके पर अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आशीर्वाद से विगत ढाई वर्ष के दौरान नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रंातर्गत विभिन्न मदों के अंतर्गत लगभग 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें अनेक कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, अनेक प्रगति पर हैं तथा शेष कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होने जा रहे हैं। उद्योग मंत्री देवंागन ने अपने उद्बोधन में कहा कि निगम क्षेत्र में 15 करोड़ रूपये के सड़क डामरीकरण कार्य कराये जाने हैं, जिसमें अनेक कार्य पूर्ण भी कर लिये गये हैं, जैसे-जैसे डामर की उपलब्धता होती जायेगी, यह कार्य संपादित होंगे। उन्होेने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का तेजी से विकास हो रहा है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य की विभिन्न योजनाओं से प्रदेश व देश के करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। 

बिना भेदभाव के हो रहे विकास कार्य
इस अवसर पर महापौर संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री व उप मुख्यमंत्री अरूण साव तथा उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के आशीर्वाद से निगम क्षेत्र में व्यापक रूप से विकास कार्य हो रहे हैं तथा सभी 67 वार्डों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब से हमारी सरकार बनी है, तभी से सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के साथ-साथ हमारे कोरबा में भी विकास को तेज गति व सही दिशा मिली है, बरसों से व्याप्त समस्याएं दूर हो रही हैं तथा लोगों को आवश्यक   सुविधाएं सहज रूप से मुहैया हो रही है। उन्होंने कहा कि हमें कोरबा की जनता का जो भरपूर आशीर्वाद मिला, उन्होंने हम पर जो विश्वास जताया, वह विश्वास हमेेशा बना रहेगा, विश्वास टूटने नहीं दिया जाएगा, इस हेतु हम कृत संकल्पित हैं। 

इस अवसर पर एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, सत्येन्द्र दुबे, रजत खुंटे, मंगलराम बंदे, चेतन सिंह मैत्री, चंदादेवी रत्नाकर, तरूण राठौर के साथ ही दिलेन्द्र यादव, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, मनोज सिंह, जय कुमार राठौर, प्रीति स्वर्णकार, रेणु प्रसाद, दीपक चन्द्रा, लखन चन्द्रा, हेमलता निर्मलकर, निगम के सहायक अभियंता मोतीलाल बरेठ, अंजूलता तिग्गा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, निगम के अन्य कर्मचारीगण एवं काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

सीएसआईडीसी संचालक मंडल की बैठक सम्पन्न

रायपुर. 
छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीएसआईडीसी) की 161वीं संचालक मंडल बैठक आज सोमवार को रायपुर स्थित उद्योग भवन में अध्यक्ष राजीव अग्रवाल (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। प्रमुख रूप से देवेन्द्र नगर (पंडरी), रायपुर में जेम्स एवं ज्वेलरी पार्क की स्थापना हेतु आगे की कार्यवाही के संबंध में निर्णय लिया गया। इसके साथ ही राज्य में टेक्सटाइल पार्क एवं रेडीमेड गारमेंट पार्क में निवेश आकर्षित करने तथा संबंधित प्रक्रियाओं को तेज करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, प्रबंध संचालक सीएसआईडीसी विश्वेश कुमार, संचालक उद्योग संचालनालय प्रभात मलिक, संयुक्त सचिव वित्त विभाग श्रीमती श्रद्धा त्रिवेदी तथा अपर संचालक नगर एवं ग्राम निवेश संदीप बागड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

निर्माण और जन सुविधाएं विकसित करने के कार्यों को गति देने सक्रियता से करें मॉनिटरिंग – शंगीता आर

रायपुर. 
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव शंगीता आर. ने नगरीय निकायों के कार्यों की मॉनिटरिंग व समन्वय के लिए जिलेवार नियुक्त नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर उनके कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित बैठक में सभी नोडल अधिकारियों को नगर निगमों, नगर पालिकाओं तथा नगर पंचायतों में निर्माण और जन सुविधाएं विकसित करने के कार्यों को गति देने सक्रियता एवं गंभीरता से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों की समस्याओं का हल निकालकर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारने को कहा। उन्होंने नगरीय निकायों में मैदानी निरीक्षण के दौरान वहां की जरूरतों और व्यवस्थाओं का आकलन भी करने को कहा।

नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव शंगीता आर. ने बैठक में नोडल अधिकारियों से उनके नगरीय निकायों के भ्रमण और बैठकों का फीडबैक लेकर निकायों में कार्यों की वस्तुस्थिति जानी। उन्होंने कहा कि निकायों में कार्यों के निरीक्षण के लिए पूरी तैयारी से जाएं। विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों के लिए पिछले दो वित्तीय वर्षों में कितनी राशि जारी की गई है, इसकी भी जानकारी रखें। उन्होंने निकायों में प्रगतिरत निर्माण कार्यों के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की भी हर महीने समीक्षा करने के निर्देश दिए।

शंगीता आर. ने नोडल अधिकारियों को आबंटित जिले के आय-व्यय की स्थिति पर भी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो निकाय खुद की आय से अपनी सभी व्यवस्थाएं कर सकते हैं, उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने निकायों में लक्ष्य निर्धारित कर वार्डवार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को सेचुरेट करने को कहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक आर. एक्का, उप सचिव भागवत जायसवाल, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता राजेश शर्मा भी बैठक में मौजूद थे।

शहरी विकास योजनाओं की निगरानी को और सशक्त करने नोडल अधिकारी कर रहे स्थल निरीक्षण, अब तक 103 निकायों का निरीक्षण कर चुके नोडल अधिकारी 
नगरीय प्रशासन विभाग ने विकास कार्यों और योजनाओं की जमीनी स्तर पर निगरानी को सुदृढ़ करने सभी राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों को अपने-अपने आबंटित जिलों के नगरीय निकायों के नियमित भ्रमण के निर्देश दिए हैं। विगत 6 जून को एक साथ सभी नोडल अधिकारियों ने अपने जिलों में पहुंचकर योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। विभाग की इस पहल का उद्देश्य योजनाओं की प्रभावी निगरानी, समस्याओं का त्वरित समाधान तथा मैदानी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। अलग-अलग जिलों के नोडल अधिकारी अब तक राज्य के 194 नगरीय निकायों में से 103 में मैदानी निरीक्षण के लिए जा चुके हैं।

पुलिस गाड़ी में रील बनाकर बोला आरोपी- ‘आज जेल, कल बेल, परसों फिर वही खेल’

दुर्ग.

दुर्ग जिले में अपराधी पुलिस की नाक के नीचे कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं। भिलाई की सड़क पर खतरनाक बाइक स्टंट करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी उसने पुलिस वाहन में बैठकर वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर कर दिया।

दरअसल, सुपेला पुलिस ने आरोपी युवराज सोनी को लापरवाहीपूर्वक स्टंट करते हुए वाहन चलाने और लोगों की जान जोखिम में डालने के आरोप में पकड़ा था। आरोपी का यह वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कार्रवाई की। इस मामले में सुपेला पुलिस ने शनिवार शाम प्रेस नोट जारी कर बताया कि सड़क पर खतरनाक स्टंट करने वाले युवक युवराज सोनी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। आरोपी पर अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी युवक ने एक और वीडियो बना डाला, जिसमें वह पुलिस वाहन के अंदर बैठा हुआ और हाथ में लगी हथकड़ी दिखाते हुए रील बनाता नजर आ रहा है। वीडियो पोस्ट कर उसने कैप्शन में लिखा “आज जेल, कल बेल, परसों फिर वही खेल”। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं आरोपी वीडियो में पुलिस विभाग को चिढ़ाते हुए हंसता और विक्ट्री साइन दिखाता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के करीब 3 घंटे बाद उसके इंस्टाग्राम अकाउंट से यह स्टोरी अपलोड की गई।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दिखी दुर्लभ उड़न गिलहरी, संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता

सफलता की कहानी

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दिखी दुर्लभ उड़न गिलहरी, संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता

स्वस्थ और समृद्ध वन पारिस्थितिकी तंत्र का मिला प्रमाण

रायपुर
भारतीय उड़न गिलहरी (विशेषकर इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) एक दुर्लभ और निशाचर (रात में सक्रिय) जीव है l यह मुख्य रूप से घने जंगलों में पाई जाती है l छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक खबर सामने आई है। हाल ही में रिजर्व क्षेत्र में वन भ्रमण के दौरान दुर्लभ इंडियन फ्लाइंग स्क्विरल (भारतीय उड़न गिलहरी) दिखाई दी है। इस दुर्लभ जीव की मौजूदगी को वन संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक परिणाम

         मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक आवासों के संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। वन विभाग द्वारा जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीवों के संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का ही परिणाम है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व दुर्लभ वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल बनता जा रहा है।

क्या है उड़न गिलहरी की विशेषता

          पेड़ों के बीच हवा में करती है सफर इंडियन फ्लाइंग स्क्विरल वास्तव में पक्षियों की तरह उड़ती नहीं है। इसके आगे और पीछे के पैरों के बीच विशेष झिल्ली होती है, जिसकी मदद से यह एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक आसानी से फिसलते हुए लंबी दूरी तय करती है।

रात में रहती है सक्रिय

       यह एक रात्रिचर जीव है, जो दिन में पेड़ों के खोखलों में आराम करती है और रात के समय भोजन की तलाश में बाहर निकलती है।

स्वस्थ जंगलों की पहचान

         उड़न गिलहरी केवल घने और प्राकृतिक रूप से सुरक्षित जंगलों में ही पाई जाती है। इसलिए इसका दिखाई देना इस बात का संकेत है कि उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व का वन क्षेत्र जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से समृद्ध है।

वन विभाग की प्रतिबद्धता को मिली नई पहचान

         उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप संचालक वरुण जैन ने कहा कि उड़न गिलहरी का दिखाई देना वन विभाग के लिए गर्व का विषय है। यह रिजर्व क्षेत्र में किए जा रहे संरक्षण कार्यों की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और संरक्षण के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है।

जागरूकता और इको-पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

        वन विभाग का मानना है कि इस दुर्लभ प्रजाति के दस्तावेजीकरण से प्रदेश की जैव विविधता को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, प्रकृति प्रेमियों और स्थानीय समुदायों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। इससे इको-पर्यटन को भी नई दिशा मिलने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर हुई और समृद्ध

         उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में इंडियन फ्लाइंग स्क्विरल का दिखाई देना केवल एक वन्यजीव की उपस्थिति नहीं, बल्कि राज्य में चल रहे संरक्षण प्रयासों की सफलता की कहानी है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि योजनाबद्ध संरक्षण, सतत निगरानी और वन विभाग की प्रतिबद्धता से दुर्लभ वन्यजीवों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ की यह प्राकृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संरक्षण और प्रेरणा का महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगी।

नवाचार से नव निर्माण तक : 2.5 वर्षों में लोक निर्माण विभाग की कार्य पद्धत्ति में आया ऐतिहासिक परिवर्तन

लोक निर्माण से लोक कल्याण

नवाचार से नव निर्माण तक : 2.5 वर्षों में लोक निर्माण विभाग की कार्य पद्धत्ति में आया ऐतिहासिक परिवर्तन

डॉ. यादव के नेतृत्व में तकनीक आधारित सुशासन का मॉडल बना लोक निर्माण विभाग

हर सड़क, हर परियोजना में गुणवत्ता का संकल्प

भोपाल

कभी सड़क और भवन निर्माण तक सीमित समझा जाने वाला मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग आज नवाचार, तकनीकी आधुनिकीकरण, पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शिता और जवाबदेही के क्षेत्र में देश के अग्रणी विभागों में अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व तथा लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह के मार्गदर्शन में पिछले 2.5 वर्षों के दौरान विभाग ने केवल अधोसंरचना निर्माण ही नहीं किया, बल्कि कार्यप्रणाली में ऐसे परिवर्तनकारी सुधार लागू किए हैं, जो देश के अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की स्पष्ट सोच रही है कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहे, बल्कि वह पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी, तकनीकी दक्षता और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो। इसी सोच को आधार बनाकर लोक निर्माण विभाग ने अनेक अभिनव पहलें शुरू की हैं।

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनूठा मॉडल : लोक कल्याण सरोवर

सड़क निर्माण कार्यों के दौरान आवश्यक मिट्टी एवं मुरम की खुदाई को विभाग ने पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी बनाने का अभिनव निर्णय लिया। अब “लोक कल्याण सरोवर” विकसित किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में विभाग द्वारा 506 से अधिक लोक कल्याण सरोवर निर्मित किए गए, जिन पर कोई अतिरिक्त व्यय नहीं हुआ। इन सरोवरों के लिए पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म पर विशेष डिजिटल मॉड्यूल विकसित किया गया है, जो निर्माण स्थलों के समीप ऐसे स्थानों की पहचान करता है जहाँ वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। यह पहल जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और ग्रामीण समुदायों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सड़कों से भूजल संवर्धन की नई पहल

जल संकट और भूजल स्तर में गिरावट की चुनौती को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सड़क किनारे “ग्राउंड वाटर रिचार्ज बोर” निर्माण की अभिनव योजना प्रारंभ की है। प्रत्येक किलोमीटर पर रिचार्ज बोर विकसित किए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 840 किलोमीटर लंबाई की सड़कों पर लगभग 1000 रिचार्ज बोर निर्मित किए जा रहे हैं, जिससे वर्षा जल सीधे धरती के भीतर पहुंच सकेगा।

ग्रीन बिल्डिंग की दिशा में निर्णायक कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में सभी नवीन शासकीय भवनों को ग्रीन बिल्डिंग मानकों एवं ऊर्जा दक्षता सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 1500 से अधिक अभियंताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा GRIHA काउंसिल के साथ समझौता कर भवन निर्माण को राष्ट्रीय ग्रीन मानकों से जोड़ा गया। वर्षा जल संचयन, ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन अब प्रत्येक नए भवन निर्माण का अभिन्न हिस्सा बन रहे हैं।

 लोकपथ एप

लोक निर्माण विभाग द्वारा 2 जुलाई 2024 को शुरू किया गया “लोकपथ मोबाइल ऐप” नागरिक सहभागिता आधारित सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक सड़क संबंधी शिकायतों की जियो-टैग्ड तस्वीरें अपलोड कर सीधे विभाग तक पहुंचा सकते हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए चार दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।     आज यह प्लेटफॉर्म केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं, बल्कि जवाबदेह प्रशासन का प्रतीक बन चुका है। हजारों शिकायतों का त्वरित निराकरण कर विभाग ने जनविश्वास को मजबूत किया है।

तकनीक आधारित औचक निरीक्षण : गुणवत्ता पर शून्य समझौता

गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने देश में अपनी तरह की अनूठी सॉफ्टवेयर आधारित निरीक्षण प्रणाली विकसित की है। प्रत्येक माह की 5 और 20 तारीख को सॉफ्टवेयर द्वारा रैंडम तरीके से चयनित 35 परियोजनाओं का निरीक्षण किया जाता है। अब तक लगभग 980 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया जा चुका है। इसके परिणामस्वरूप 77 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए, 28 को ब्लैकलिस्ट किया गया, 16 कंसल्टेंट्स को नोटिस दिए गए, एक को ब्लैकलिस्ट किया गया तथा 105 अभियंताओं के विरुद्ध कार्रवाई की गई। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले 38 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा भी प्राप्त हुई। यह व्यवस्था स्पष्ट करती है कि विभाग में गुणवत्ता और जवाबदेही पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।

प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की 14 मंडलीय प्रयोगशालाओं को 61 अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। साथ ही 14 मोबाइल प्रयोगशालाएं भी शुरू की गई हैं, जो निर्माण स्थल पर ही गुणवत्ता परीक्षण कर सकती हैं। 25 निजी प्रयोगशालाओं को भी एम्पैनल किया गया है जिससे स्वतंत्र गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित हो सके।

बिटुमिन गुणवत्ता सुधार का बड़ा निर्णय

प्रदेश की सड़कों की दीर्घकालिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने बिटुमिन की खरीद केवल सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों—आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल से ही सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

जीआईएस आधारित डिजिटल क्रांति

भास्कराचार्य संस्थान (BISAG-N) के सहयोग से विभाग ने 71 हजार 210 किलोमीटर सड़कों, 2 हजार 975 भवनों और 1 हजार 426 पुलों का जियो-टैग्ड सर्वेक्षण पूरा किया है। अब प्रत्येक परिसंपत्ति डिजिटल मानचित्र पर उपलब्ध है। इसी आधार पर रोड नेटवर्क मास्टर प्लान, बजट मॉड्यूल, डीपीआर मॉड्यूल तथा परियोजनाओं के वैज्ञानिक समय निर्धारण जैसे अत्याधुनिक सिस्टम विकसित किए गए हैं। इससे योजना निर्माण अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और परिणामोन्मुख हुआ है।

 अभियंताओं की क्षमता वृद्धि पर विशेष ध्यान

विभाग ने पहली बार 1700 से अधिक अभियंताओं का प्रशिक्षण आवश्यकता आकलन (Training Need Assessment) कर व्यापक क्षमता निर्माण ढांचा विकसित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 जनवरी 2026 को इसके साथ प्रशिक्षण कैलेंडर, लोक कल्याण सूचकांक और विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ हुए समझौतों का शुभारंभ किया।

 प्रदेश का पहला इंजीनियर ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट

लोक निर्माण विभाग के इतिहास में पहली बार एक समर्पित इंजीनियरिंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (ETRI) की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा घोषित यह संस्थान केवल लोक निर्माण विभाग ही नहीं बल्कि प्रदेश के सभी निर्माण विभागों के अभियंताओं के लिए राष्ट्रीय स्तर का उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र बनेगा।    पिछले ढाई वर्षों में लोक निर्माण विभाग ने यह सिद्ध किया है कि अधोसंरचना विकास केवल सड़क और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है। यदि तकनीक, पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण और मानव संसाधन विकास को साथ लेकर चला जाए तो निर्माण विभाग भी सुशासन का सशक्त माध्यम बन सकता है।

 

मध्यप्रदेश CMO में बड़ा फेरबदल तय, कई अफसरों की वापसी और 15 अधिकारियों के ट्रांसफर की तैयारी

भोपाल 

मध्यप्रदेश के 3 प्रमुख सचिव (पीएस), 2 संभागायुक्त और 10 कलेलटरों पर तबादले की तलवार लटकी है। कभी भी इनके तबादले किए जा सकते हैं। ये सभी लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ है, इनमें से 75 फीसद पहले से नई पदस्थापना की जुगत में हैं तो, कुछ को सरकार बदलने का मन बना चुकी है। सूत्रों के मुताबिक प्रमुख सचिवों में अमित राठौर, गुलशन बामरा और सोनाली पोंकशे वायंगंकर का नाम बताया जा रहा है। इनके पास क्रमश: वाणिज्यिक कर, जनजातीय कार्य और सामाजिक न्याय विभाग है। जहां पर ये दो साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं। जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय में कुछ पदों पर नए सिरे से जमावट की सुगबुगाहट है।

हाल में मुख्यमंत्री के सचिव आलोक सिंह को आईजी पंजीयन बनाकर भेजा है। माना जा रहा है कि उनका काम किसी युवा आइएएस को दिया जा सकता है। हालांकि पहले से मुख्यमंत्री के पास इलैया राजा टी और कौशलेंद्र विक्रम सिंह जैसे दो युवा सचिव हैं।

बीते बुधवार को भी 29 IAS का हो चुका है तबादला

बता दें कि बीते बुधवार सरकार ने 29 आइएएस का तबादला किया था, जिनमें से 20 फीसद आइएएस को बदलने की जिम्मेदारी ऐन वक्त पर ली गई। अभी भी आइएएस खेमे में कुछ नामों के बदलाव के पीछे कई कयास लगाए जा रहे हैं। कई अफसरों से अतिरिक्त प्रभार भी वापस लिए गए।

पशुपालन में पीएस, खादी बोर्ड में आएंगे नए एमडी

आइएएस माल सिंह जून माह में सेवानिवृब होंगे। वे फिलहाल खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के एमडी है, जबकि जुलाई में प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव सेवानिवृब हो रहे हैं। वे पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव है। इन दोनों ही आइएएस के सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पास मौजूद जिम्मेदारी किसी अन्य आइएएस (MP Transfer cmo) को देनी होगी।

तबादलों को हर बार चुनौती देते हैं हजारों शासकीय सेवक

तबादलों के बाद अब 1000 से अधिक मामलों में स्थगन की आशंका है। मध्यप्रदेश के 75 फीसद विभागों ने इससे बचने के लिए हाईकोर्ट जबलपुर समेत हाईकोर्ट की दोनों खंडपीठ में केविएट दायर कर दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर बार तबादलों के बाद हजारों की संख्या में शासकीय सेवक कोर्ट चले जाते हैं और तबादलों को चुनौती दे देते हैं। एक विभाग प्रमुख ने बताया कि जो तबादले (MP Transfer IAS Transfer) प्रशासकीय आधार पर किए जाते हैं, उनमें स्थगन की स्थिति कई बार बनती है। ऐसे मामलों को ध्यान में रखते इस साल पहले ही न्यायालयों में केविएट लगा दी है। ताकि स्थगन से पहले विभाग को भी पक्ष रखने का मौका मिल सके।

पूर्व में इन कमियों के कारण शासकीय सेवकों को आसानी से स्थगन मिल गए, बाद में ऐसे प्रकरण लंबे चलते हैं और स्थगन खारिज कराना मुश्किल हो जाता है।

स्थगन मिला तो विभागाध्यक्षों को करनी पड़ती है सुनवाई

कानून मामलों के जानकारों का कहना है कि स्थगन स्थाई नहीं होते, बल्कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें संबंधित शासकीय सेवक को सुनवाई का अवसर दिया जाता है। यह सुनवाई तबादला (MP Transfer IAS Transfer CMO Transfer) करने वाले विभाग के प्रमुख द्वारा की जाती है। यदि वे संबंधित शासकीय सेवक के तर्कों से संतुष्ट न हों तो तबादला यथावत रखते हैं।

ये कमिश्नर, जिन्हें बुलाने की तैयारी 

मनोज खत्री, ग्वालियर- कब से पदस्थ- 29 जून 2024

सुरभि गुप्ता, शहडोल – कब से पदस्थ – 18 नवंबर 2024

ये पीएस, जिनकी बदल सकती है जिम्मेदारी (MP Transfer PS)

अमित राठौर, वाणिज्य कर – कब से पदस्थ – 25 जनवरी 2024

गुलशन बामरा, जनजातीय कार्य – कब से पदस्थ – 12 नवंबर 2024

सोनाली पोंकशे वायंगंकर, सामाजिक न्याय – कब से पदस्थ 12 अगस्त 2024

इन कलेक्टर्स को वापल बुला सकती है सरकार (MP Transfer of Collectors)

कलेक्टर – जिला – कब से पदस्थ

    रुचिका चौहान- ग्वालियर – 11 नवंबर 2024

    केदार सिंह – शहडोल – 13 अगस्त 2024

    गिरीश मिश्रा – राजगढ़ – 12 अगस्त 2024

    रिजू बाफना – शाजापुर – 5 जनवरी 2024

    अदिति गर्ग – मंदसौर – 29 जुलाई 2024

    पार्थ जायसवाल – छतरपुर – 6 अगस्त 2024

    मृणाल मीना – बालाघाट – 12 अगस्त 2024

    हर्षल पंचोली – अनूपपुर – 13 अगस्त 2024

    हिमांशु चंद्रा – नीमच – 13 अगस्त 2024

    किरोड़ीलाल मीना – भिंड – 16 फरवरी 2024

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