आवास मेला-2025 के लक्की ड्रॉ का सफल आयोजन, विजेताओं की हुई घोषणा

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 तथा इसके उपरांत 31 दिसम्बर 2025 तक मंडल की विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं में पंजीयन कराकर भवन आबंटन प्राप्त करने वाले पात्र हितग्राहियों के लिए विशेष लक्की ड्रॉ का आयोजन आज दिनांक 22 जून 2026 (सोमवार) को अपराह्न 3:00 बजे मंडल मुख्यालय, सेक्टर-19, नवा रायपुर अटल नगर में हितग्राहियों एवं पत्रकारों के उपस्थिति में किया गया। लक्की ड्रॉ कार्यक्रम छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव तथा आयुक्त अवनीश शरण की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया। ड्रॉ की संपूर्ण प्रक्रिया लॉटरी पद्धति के माध्यम से पारदर्शी एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराई गई, जिसका अवलोकन उपस्थित हितग्राहियों एवं अधिकारियों द्वारा किया गया।

आवास मेले तथा निर्धारित अवधि में पंजीयन कराने वाले पात्र हितग्राहियों के लिए आयोजित इस विशेष लक्की ड्रॉ में मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन मोटरसाइकिल, होंडा एक्टिवा स्कूटी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर (फ्रिज), एलईडी टेलीविजन सहित अन्य आकर्षक उपहारों के लिए विजेताओं का चयन किया गया। विशेष लक्की ड्रॉ के अंतर्गत बम्पर उपहार “मारुति स्विफ्ट कार” सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की पूजा बरेठ ने जीती। उन्होंने अटल विहार योजना, दानसरा में एल.आई.जी. भवन क्रमांक-32 बुक कराया था। होंडा शाइन मोटरसाइकिल कोरबा जिले के खरमोरा निवासी रवि प्रकाश राठौर को मिली। उन्होंने अटल विहार योजना अंतर्गत गोकुल नगर, खरमोरा, कोरबा में कमर्शियल-कम-रेजिडेंशियल फ्लैट की दुकान क्रमांक-06 क्रय की है।

होंडा एक्टिवा स्कूटी भी खरमोरा, कोरबा के कृष्ण कुमार को प्राप्त हुई। उन्होंने अटल विहार योजना अंतर्गत गोकुल नगर, खरमोरा, कोरबा में एम.आई.जी. फ्लैट ब्लॉक क्रमांक-1, तृतीय तल, फ्लैट क्रमांक एफ-302 बुक किया है।

रेफ्रिजरेटर (फ्रिज) की प्रथम विजेता श्रीमती सुषमा गुप्ता रहीं, जिन्होंने अटल विहार योजना, जगदीशपुर में ई.डब्ल्यू.एस. मकान बुक किया है। दूसरा रेफ्रिजरेटर अरुण कुमार प्रधान ने जीता, जिन्होंने वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 अंतर्गत अभिलाषा परिसर में एच.आई.जी. फ्लैट बी-सी-604 बुक कराया था।

वाशिंग मशीन के विजेताओं में ओम सोनी शामिल हैं, जिन्होंने अटल विहार योजना, बोदरी (बिलासपुर) में ई.डब्ल्यू.एस. मकान क्रमांक-414 बुक किया है। दूसरी वाशिंग मशीन कोहका, तिल्दा की रेणुका घृतलहरे ने जीती। उन्होंने अटल विहार योजना, कोहका-तिल्दा में एरिका पाम एल.आई.जी. स्वतंत्र मकान क्रमांक-126 क्रय किया है।

एलईडी टेलीविजन के विजेताओं में गजेन्द्र कुमार यादव शामिल हैं, जिन्होंने पुलगांव फेस-2, दुर्ग में एच.आई.जी. डीएक्स-34 मकान बुक कराया है। दूसरे विजेता संजीत कुमार साह रहे, जिन्होंने सामान्य आवास योजना, सेक्टर-12, नवा रायपुर अटल नगर में जूनियर एम.आई.जी.-1 मकान क्रमांक-555 बुक कराया है।

उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय आवास मेले के दौरान भी प्रतिदिन कूपन के माध्यम से भाग लेने वाले हितग्राहियों के लिए लक्की ड्रॉ आयोजित कर आकर्षक उपहार वितरित किए गए थे।

प्रथम दिवस (23 नवम्बर 2025) को हिया साहू ने एलईडी टीवी, गौरव सौंपिपरे ने वाशिंग मशीन तथा राजेन्द्र धृतलहरे ने रेफ्रिजरेटर (फ्रिज) जीता था। वहीं आर.के. साहू, प्रदीप चन्द्रवंशी एवं आनंद जावुलकर ने मिक्सर ग्राइंडर जीता था। इसके अतिरिक्त पांच अन्य विजेताओं ने स्टीम आयरन प्राप्त किया था।

द्वितीय दिवस (24 नवम्बर 2025) को जीतेन्द्र कुमार साहू ने एलईडी टीवी, प्रिया कर्मकार ने वाशिंग मशीन तथा विशाल टीकम ने रेफ्रिजरेटर (फ्रिज) जीता था। वहीं त्रिलोचन पांडेय, भुनेश्वरी वर्मा एवं तुलेश्वर भोड़कर ने मिक्सर ग्राइंडर जीता था। इसके अतिरिक्त पांच अन्य विजेताओं ने स्टीम आयरन प्राप्त किया था।

तृतीय दिवस (25 नवम्बर 2025) को प्रदीप वर्मा ने एलईडी टीवी, संजय शुक्ला ने वाशिंग मशीन तथा राजा बंजारे ने रेफ्रिजरेटर (फ्रिज) जीता था। वहीं उन्नति पाल, नीलू साहू एवं पवन रेड्डी ने मिक्सर ग्राइंडर जीता था। इसके अतिरिक्त पांच अन्य विजेताओं ने स्टीम आयरन प्राप्त किया था।

विशेष लक्की ड्रॉ बम्पर उपहार के चयनित विजेताओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपहार प्रदान किए जाएंगे। उपहार वितरण समारोह 25 जून 2026 को सर्किट हाउस, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया जाएगा, जहां विजेताओं को सम्मानपूर्वक उनके उपहार प्रदान किए जाएंगे।

मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल राज्य के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने तथा हितग्राही-केंद्रित योजनाओं के माध्यम से उन्हें अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

आयुक्त अवनीश शरण ने सभी हितग्राहियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन पर मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी । साथ ही उन्होंने भविष्य में भी मंडल की योजनाओं में इसी प्रकार सहभागिता बनाए रखने की अपील सभी हितग्राहियों से की।

छत्तीसगढ़ में 17 हजार डॉक्टर, फिर भी मेडिकल कॉलेजों में पद खाली; सिविल सोसाइटी ने उठाई भर्ती की मांग

रायपुर.

छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने मुख्य सचिव को 16 पन्नों का पत्र लिखा है। इस पत्र में प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों तथा शैक्षणिक स्टाफ के रिक्त पदों को तत्काल नियमित भर्ती से भरने एवं लड़खड़ाती चिकित्सा व्यवस्था को सुदद करने की मांग की गई है।

पत्र के अनुसार, छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में डॉक्टरों व शैक्षणिक स्टाफ की भारी कमी ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को वेंटिलेटर पर ला खड़ा किया है। हाल ही में सामने आए आंकड़े न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि सरकारी दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। ये आंकड़े साफ बयां करते हैं कि करोड़ों मरीजों का बोझ उठाने वाले प्रदेश के मुख्य चिकित्सा संस्थान खुद स्टाफ की किल्लत से बुरी तरह हांफ रहे हैं। विडंबना यह है कि एक तरफ सरकारें ‘डॉक्टरों की कमी’ का रोना रोती हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य में हजारों योग्य डॉक्टर होने के बावजूद सालों से नियमित भर्ती प्रक्रिया ठप पड़ी है।

चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्थानों में स्वीकृत पदों के मुकाबले आधे से अधिक पद खाली पड़े हैं। इस प्रशासनिक उदासीनता का सीधा असर मरीजों के इलाज पर तो पड़ ही रहा है, साथ ही सूबे के भावी डॉक्टरों (मेडिकल छात्रों) की पढ़ाई और भविष्य भी भगवान भरोसे चल रहा है। आलम ये है कि प्रदेश से हर साल लगभग 2250 एमबीबीएस निकल रहे हैं। इसके एवज में पीजी में बमुश्किल 399 ही सीट हैं। इसके अलावा अन्य विशेषज्ञों की तो सीट भी नहीं है। रायपुर-बिलासपुर को छोड़ दें तो राज्य के अन्य कालेजों में 80 प्रतिशत डाक्टरों के पद खाली हैं।

एमबीबीएस के बाद इंटर्नशिप करने वाले डॉक्टारों को महज 530 प्रतिदिन रुपये मानदेय मिलता है, जबकि अन्य राज्यों में स्थिति बेहतर है। बांड की शर्तों के अनुरूप काम करने वाले डाक्टरों को भी केवल 49 हजार ही मानदेय मिलता है। दो साल तक उन्हें गांव में सेवा देनी पड़ती है। यही वजह है कि ज्यादातर युवा डॉक्टर स्वेच्छा से बांड शर्तों से मुक्त होकर 25 लाख रुपये जमा करके प्रदेश से ही मुक्ति पाने की कोशिश में लगे रहते हैं।

चिकित्सा व्यवस्था की दुर्दशा इसी से समझ सकते हैं कि प्रदेश में आज तक प्रदेश के सरकारी क्षेत्र में एक भी किडनी, लीवर या हार्ट ट्रांसप्लांट सर्जरी नहीं हो सकी है। उच्च चिकित्सा के लिए राज्य के बाहर जाने की स्थिति बनी हुई है।
रिक्त पदों का गणित: रीढ़ विहीन ढांचा

सरकारी आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करें, तो इस बदहाली का सबसे स्याह और डरावना चेहरा सीनियर रेजिडेंट्स (SR) के पदों पर देखने को मिलता है। किसी भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के भीतर व्यावहारिक चिकित्सा और चौबीस घंटे मुस्तैद रहने वाली व्यवस्था की रीढ़ सीनियर रेजिडेंट्स ही होते हैं। राज्य में इनके कुल 518 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 375 पद खाली पड़े हैं। यानी करीब 72.3 प्रतिशत पदों पर डॉक्टरों की तैनाती ही नहीं हुई है। यही वजह है कि ओपीडी से लेकर इमरजेंसी वार्डों तक में मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है और गिने-चुने डॉक्टरों पर काम का मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है

पद का नाम रिक्तता (प्रतिशत में) स्थिति का आकलन
सीनियर रेजिडेंट 72.3% सर्वाधिक गंभीर
असिस्टेंट प्रोफेसर 51.6% चिंताजनक

एसोसिएट प्रोफेसर 49.1% गंभीर संकट
प्रोफेसर 48.5% शैक्षणिक ढांचा प्रभावित
जूनियर रेजिडेंट 41.6% जमीनी स्तर पर स्टाफ की कमी

चिंता की बात यह भी है कि मेडिकल कॉलेजों में सिर्फ जूनियर डॉक्टरों की ही कमी नहीं है, बल्कि देश के भविष्य (डॉक्टरों) को तैयार करने वाले प्रोफेसरों की कुर्सियां भी सूनी हैं। चिकित्सा शिक्षकों की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर तीनों श्रेणियों में लगभग 50 प्रतिशत पद खाली हैं। जानकारों का स्पष्ट कहना है कि अगर समय रहते इन पदों को नियमित भर्ती के जरिए नहीं भरा गया, तो चिकित्सा सेवाओं का पूरी तरह चरमराना तय है।
चिकित्सा विशेषज्ञ के 80 प्रतिशत तक पद खाली

चिकित्सा विशेषज्ञ: प्रदेश में कुल स्वीकृत 1773 पदों में से केवल 355 कार्यरत हैं (नियमित: 320, तदर्थ: 2, संविदा: 33)। इसके चलते रिकार्ड 1418 पद खाली हैं, यानी लगभग 80% पद रिक्त हैं। चिंताजनक बात यह है कि मोहला-मानपुर और सुकमा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेषज्ञों की संख्या शून्य है, जिससे ग्रामीण अंचलों में गंभीर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

चिकित्सा अधिकारी : इसी तरह चिकित्सा अधिकारियों के कुल 2296 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 1174 पदों पर डॉक्टर कार्यरत हैं और 305 पद रिक्त पड़े हैं। हालांकि, कार्यरत अमले में नियमित डॉक्टरों की संख्या (सिर्फ 37) बेहद कम है, जबकि तदर्थ (780) और संविदा (1991) कर्मियों की संख्या कहीं अधिक है। यह स्वास्थ्य ढांचे की संविदा और तदर्थ व्यवस्था पर अत्यधिक निर्भरता को दर्शाता है।
विरोधाभास: 17 हजार से अधिक डॉक्टर उपलब्ध, फिर भी नियुक्तियां बंद

स्वास्थ्य सेवाओं की इस दुर्दशा के पीछे डॉक्टरों की अनुपलब्धता नहीं, बल्कि सरकारी और प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी है। छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत डॉक्टरों के ताजा आंकड़े इस विरोधाभास को पूरी तरह स्पष्ट करते हैं। राज्य में वर्तमान में कुल 17,142 डॉक्टर पंजीकृत हैं, जो चिकित्सा ढांचे को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त हैं।

काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार:
एमबीबीएस डॉक्टर: 11,132
एमडी (विशेषज्ञ): 2,850
एमएस (सर्जन): 2,740
सुपर स्पेशलिस्ट (DM): 190
सुपर स्पेशलिस्ट (MCh): 230

नियमित डॉक्टरों के अलावा, राज्य में करीब 5,000 अस्थायी डॉक्टर भी पंजीकृत हैं, जो समय-समय पर संविदा या अन्य माध्यमों से चिकित्सा कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करते हैं। इतने बड़े पूल के बावजूद राज्य में साल 2020 के बाद से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के माध्यम से कोई नियमित भर्ती प्रक्रिया आयोजित नहीं की गई है। योग्य डॉक्टरों की फौज सड़क पर है या निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रही है, और सरकारी अस्पताल खाली पड़े हैं।

प्रदेश का सबसे मॉडल शहर बनेगा रायगढ़ : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

प्रदेश का सबसे मॉडल शहर बनेगा रायगढ़ : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

शहर में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों का किया निरीक्षण, गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिया विशेष जोर

मरीन ड्राइव, आईएसबीटी, ऑक्सीजोन और जल संरक्षण परियोजनाओं का लिया जायजा

रायपुर
 वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने सोमवार को रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मरीन ड्राइव, अंतर्राज्यीय बस स्टैंड (आईएसबीटी), एफसीआई ऑक्सीजोन, मिट्ठूमुड़ा तालाब, किसान राइस मिल ऑक्सीजोन तथा कयाघाट पुल सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थल पर पहुंचकर अवलोकन किया और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ को प्रदेश के सबसे आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधासंपन्न शहर के रूप में विकसित करना उनका संकल्प है। उन्होंने कहा कि सड़क, परिवहन, पर्यावरण, जल संरक्षण और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी ये परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद रायगढ़ विकास का नया मॉडल बनकर उभरेगा।

नवंबर तक पूरा होगा मरीन ड्राइव

प्रगति नगर स्थित निर्माणाधीन मरीन ड्राइव का निरीक्षण करते हुए वित्त मंत्री ने कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य बॉक्स कल्वर्ट एवं डायवर्सन निर्माण कार्य समय पर पूरा होने पर संतोष व्यक्त किया और संबंधित एजेंसियों की सराहना की।उन्होंने कहा कि मरीन ड्राइव केवल यातायात सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि रायगढ़ की नई पहचान बनने जा रही है। इससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी, यातायात व्यवस्था सुगम होगी तथा नागरिकों को एक आकर्षक सार्वजनिक स्थल भी मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को आगामी नवंबर तक परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए।

रायगढ़ को मिलेगा अत्याधुनिक बस टर्मिनल

वित्त मंत्री ने निर्माणाधीन अंतर्राज्यीय बस स्टैंड (आईएसबीटी) का निरीक्षण करते हुए कहा कि यह परियोजना आगामी चार दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही है। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड में एक साथ 30 बसों के संचालन की सुविधा होगी, जबकि अतिरिक्त 40 बसों के लिए भी पर्याप्त पार्किंग एवं स्थान आरक्षित रहेगा।

यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय विकसित किया जा रहा है, जहां लगभग 550 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। वहीं बसों के रखरखाव और मरम्मत के लिए पृथक वर्कशॉप क्षेत्र भी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बस टर्मिनल रायगढ़ को प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा तथा यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती

निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने एफसीआई परिसर में विकसित किए जा रहे ऑक्सीजोन प्रोजेक्ट का भी अवलोकन किया। लगभग सात एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस हरित परिसर को उन्होंने रायगढ़ के पर्यावरणीय भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की सुविधा के लिए ऑक्सीजोन में दो प्रवेश द्वार विकसित करने के निर्देश दिए। चौधरी ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में ऐसे हरित क्षेत्रों का विकास समय की आवश्यकता है। यह परियोजना शहरवासियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है। यही कारण है कि शहर में आधुनिक आधारभूत संरचना के साथ-साथ हरित परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखण्डता को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखण्डता को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी
23 जून से 6 जुलाई तक का पखवाड़ा डॉ. मुखर्जी को होगा समर्पित

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रीय एकीकरण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को निधन 23 जून 1953 को हुआ, जिसे राष्ट्रहित में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के रूप में देखा जाता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विशेष व्यवस्था के विरोध में आंदोलन किया था, उनका बलिदान राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक माना जाता है। डॉ. मुखर्जी शिक्षाविद, चिंतक, सांसद और दूरदर्शी राजनेता थे। डॉ. मुखर्जी ने वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने वैचारिक राजनीति और संगठन निर्माण पर बल दिया और राष्ट्रहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखने का संदेश दिया। डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून से उनकी जयंती 6 जुलाई तक विशेष पखवाड़ा आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय निकायों के महापौर तथा नगरपालिका अध्यक्ष को मुख्यमंत्री निवास से वी.सी. के माध्यम से संबोधित कर यह निर्देश दिए।

जनसेवा का अभियान हो पखवाड़ा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का मानना था कि युवा राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने युवाओं को नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए प्रेरित किया। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। पखवाड़े के दौरान युवा सम्मेलन, निबंध प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इससे नई पीढ़ी को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय निकायों द्वारा मार्गों और उद्यानों का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जा सकता है। इस प्रकार की पहल के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन, आवश्यक रूप से किया जाए तथा सक्षम स्तर से सभी स्वीकृतियां अवश्य ली जाएं। पखवाड़ा जनसेवा का अभियान होना चाहिए। पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। यह पखवाड़ा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।

 

बीमा कंपनियों पर उपभोक्ता आयोग सख्त! सिर्फ ‘बीमारी छिपाई’ कहकर नहीं खारिज कर सकेंगी क्लेम

भोपाल 

अब बीमा कंपनियां केवल यह कहकर क्लेम खारिज नहीं कर सकेंगी कि बीमित व्यक्ति ने अपनी पुरानी बीमारी छिपाई है। उपभोक्ता आयोग ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों में आरोप लगाने वाली बीमा कंपनी को ठोस सबूत भी पेश करने होंगे, अन्यथा क्लेम रोकना ‘सेवा में कमी’ माना जाएगा। उपभोक्ता कानून के तहत केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है। कंपनी को दस्तावेजी साक्ष्य के साथ यह साबित करना होता है कि बीमारी पहले से मौजूद थी और उसे जानबूझकर छिपाया गया।

बीमा दावा खारिज करने के मामलों में कंपनियों की मनमानी पर भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। भोपाल उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (बेंच-2) ने चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को फटकार लगाते हुए उपभोक्ता को 1.63 लाख रुपए का क्लेम 7% ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए मुआवजा और वाद व्यय भी देने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि आयोग ने यह फैसला हाल ही में सुनाया है।

क्या था पूरा मामला
देवास निवासी नसरुद्दीन खान ने वर्ष 2020 में चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी से ‘आरोग्य संजीवनी’ पॉलिसी ली थी, जिसकी अवधि 29 जुलाई 2020 से 28 जुलाई 2021 तक थी। इस पॉलिसी के लिए उन्होंने 4554 रुपए का प्रीमियम जमा किया था। बीमा अवधि के दौरान 12 जून 2021 को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें भोपाल के फ्यूचर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। यहां 7 दिन इलाज चला और कुल 1,63,156 रुपए का खर्च आया।

इलाज के बाद किया क्लेम, कंपनी ने टालमटोल की
परिवादी ने अस्पताल में भर्ती होने की सूचना तत्काल बीमा कंपनी को दी और सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ क्लेम भी प्रस्तुत किया। इसके बावजूद कंपनी ने लंबे समय तक क्लेम पर कोई निर्णय नहीं लिया। कई बार फोन और व्यक्तिगत संपर्क करने के बाद भी कंपनी ने भुगतान नहीं किया।

बीमा कंपनी ने 27 जुलाई 2022 को पत्र जारी कर दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि प्रस्तुत दस्तावेज गलत और मनगढ़ंत हैं। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि बीमित ने पॉलिसी लेते समय अपनी पुरानी बीमारी छिपाई थी, जो नियमों का उल्लंघन है।

उपभोक्ता आयोग में पहुंचा मामला
क्लेम खारिज होने के बाद परिवादी ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने 1.63 लाख रुपए की क्लेम राशि के साथ 18% ब्याज, 2 लाख रुपए क्षतिपूर्ति और 20 हजार रुपए वाद व्यय की मांग की। उनका कहना था कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं छिपाई और कंपनी ने गलत तरीके से दावा निरस्त किया।

कंपनी ने समय-सीमा का उठाया मुद्दा
बीमा कंपनी ने अपने जवाब में कहा कि परिवाद देरी से दायर किया गया है और इसलिए यह स्वीकार्य नहीं है। साथ ही उन्होंने पुनः यही तर्क दिया कि पॉलिसी लेते समय बीमारियों की जानकारी छिपाई गई थी। आयोग ने मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों, बिल, जांच रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी का परीक्षण किया। इससे स्पष्ट हुआ कि परिवादी वास्तव में बीमार था और अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराया गया था। इलाज में खर्च की गई राशि भी दस्तावेजों से प्रमाणित हुई।

बीमा कंपनी आरोप साबित नहीं कर पाई
आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने धोखाधड़ी के आरोप तो लगाए, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। न ही कोई ऐसा दस्तावेज दिया गया जिससे यह साबित हो सके कि परिवादी को पहले से बीमारी थी।

आयोग ने माना सेवा में कमी
आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी का यह कृत्य ‘सेवा में कमी’ की श्रेणी में आता है। बीमा अनुबंध ‘अत्यंत सद्भावना’ (Utmost Good Faith) पर आधारित होता है, लेकिन जब कंपनी दावा खारिज करती है तो आरोप सिद्ध करना उसी की जिम्मेदारी होती है, जो यहां पूरी नहीं हुई। वहींआयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल देरी के आधार पर उपभोक्ता के अधिकार खत्म नहीं होते। यदि उपभोक्ता लगातार अपने अधिकार के लिए प्रयास कर रहा है, तो देरी को उचित कारण मानकर माफ किया जा सकता है।

आदेश: ब्याज सहित क्लेम और मुआवजा दें
आयोग ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी दो माह के भीतर परिवादी को 1,63,156 रुपए 7% वार्षिक ब्याज सहित अदा करे। इसके अलावा 10,000 रुपए मानसिक, शारीरिक व आर्थिक क्षति के लिए और 5,000 रुपए वाद व्यय के रूप में देने होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया, तो पूरी राशि पर 9% वार्षिक ब्याज देना होगा।

उपभोक्ता आयोग का स्पष्ट रुख उपभोक्ता आयोग ने अपने हालिया फैसले में कहा कि बीमा अनुबंध ‘अत्यंत सद्भावना’ (Utmost Good Faith) के सिद्धांत पर आधारित होता है, लेकिन यदि बीमा कंपनी किसी दावे को धोखाधड़ी बताकर खारिज करती है, तो उस आरोप को प्रमाणित करना उसी की जिम्मेदारी है। बिना सबूत के क्लेम खारिज करना गलत है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने चीता मित्रों से किया संवाद और चीता संरक्षण की ली जानकारी

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने चीता मित्रों से किया संवाद और चीता संरक्षण की ली जानकारी

राष्ट्रपति ने चीता मित्रों के प्रयासों को सराहा

ग्वालियर

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने दो दिवसीय कूनो नेशनल पार्क के प्रवास के दौरान सोमवार को चीता मित्रों से संवाद कर चीता संरक्षण के प्रयासों की जानकारी ली। राष्ट्रपति ने चीता मित्रों से चर्चा करते हुए उनके द्वारा चीतों की सुरक्षा और आमजन के बीच चीतों के व्यवहार को लेकर किये जा रहे जन-जागरूकता के प्रयासों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सभी चीता मित्रों से वन-टू-वन चर्चा कर परियोजना के लिए उनके द्वारा मानसेवी रूप से किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को चीता मित्रों ने अवगत कराया कि कूनो नेशनल पार्क से लगे सभी ग्रामों में चीता मित्र मौजूद है, जिनके द्वारा चीतो की सुरक्षा के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। चीतो के आबादी क्षेत्र में आवागमन की स्थिति पर किये जाने वाले कार्यों के संबंध में सभी को अवगत कराया गया है। ग्रामीणों को यह जानकारी भी दी जा रही है कि स्वभाविक रूप से चीते किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते है। चीता जब आबादी क्षेत्र अथवा खेतों में दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को अवगत कराया जाये, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार से नुकसान न पहुँचे। भारत में चीतों की पुनर्बसाहट के लिए यह परियोजना अति महत्वपूर्ण है।

इस दौरान चीता मित्र कुलदीप आदिवासी सिलोरी, संग्राम आदिवासी एवं कु. राजनदंनी आदिवासी हथेडी, श्रीमती मल्हा आदिवासी सेसईपुरा, शिवम आदिवासी पालपुर, विनोद आदिवासी पैरा, रामलखन आदिवासी कराहल, लालाराम आदिवासी सेसईपुरा, दौलतराम आदिवासी सेसईपुरा और सतीश आदिवासी मोरावन मौजूद रहें।

इस अवसर पर वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव, पीसीसीएफ शुभरंजन सेन, कमिश्नर सुरेश कुमार, आईजी सचिन अतुलकर, कलेक्टर सुशीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल, सीसीएफ उत्तम कुमार, डीएफओ आर थिरूकुराल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें।

उल्लेखनीय है कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों की पुनर्स्थापन योजना को लगभग साढ़े तीन वर्ष से अधिक का समय हो गया है। नेशनल पार्क में नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका एवं बोत्सवाना से चीतों को लाया गया है, वर्तमान में देश में चीतों की संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कूनो नेशनल पार्क में तथा 03 चीते मंदसौर स्थित गांधी सागर अभ्यारण में मौजूद है। भारत में जन्मे चीतो की संख्या 32 है, चीता प्रोजेक्ट निरंतर सफलता की ओर आगे बढ रहा है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु चीता मित्रों से संवाद के उपरांत हेलीकॉप्टर से ग्वालियर के लिये रवाना हुई। हेलीपेड पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मीनिस्टर इन वेटिंग एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने आदरपूर्वक विदाई दी।

 

चीन का बड़ा एक्शन! लॉकहीड मार्टिन समेत 46 अमेरिकी कंपनियों पर सरकारी खरीद में लगाया प्रतिबंध

बीजिंग
 चीन ने 46 अमेरिकी कंपनियों से कोई भी उत्पाद खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चीनी वित्त मंत्रालय ने सोमवार को इस आशय की सूची जारी की है। इन कंपनियों में लॉकहीड मार्टिन कॉरपोरेशन भी शामिल है।

मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि लागू कानूनों और नियमों के अनुसार, सरकारी खरीद गतिविधियों के दायरे में 46 अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ प्रासंगिक कदम उठाने का निर्णय लिया गया है।
 
चीनी कंपनियों को इन 46 अमेरिकी कंपनियों में बने उत्पादों को खरीदने से रोक दिया गया है, हालांकि चीन में काम कर रहे अमेरिकी निवेश वाले उद्यमों को इससे छूट दी गयी है।

चीन ने लॉकहीड मार्टिन पर प्रतिबंध लगाकर एक तरह से अमेरिका को भी संकेत दिया है कि वह अपने मामले में किसी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगी।

गौरतलब है कि लॉकहीड मार्टिन सैन्य विमान और उन्नत तकनीकी हथियारों की दुनिया की सबसे बड़ी निर्माता कंपनी है और यह कंपनी अमेरिकी सरकार के जरिए ताइवान को सबसे ज्यादा हथियारों और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति करती है, जबकि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है।

MLC चुनाव में महायुति का जलवा! 17 में 16 सीटें जीतकर उद्धव-शरद और कांग्रेस का किया सूपड़ा साफ

 मुंबई

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस-उद्धव ठाकरे और शरद पवार की पार्टी का खाता नहीं खुला जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति ने क्लीन स्वीप करने में कामयाब रही. 17 एमएलसी सीटों पर हुए चुनाव में 16 सीटें बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी जीतने में सफल रही है और एक सीट बीजेपी के बागी उम्मीदवार ने जीती है। 

विधान परिषद (एमएलसी) की कुल 17 सीटों में से 6 सीटों पर उम्मीदवारों पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं जबकि बाकी 11 सीटों पर नतीजे सोमवार को आए हैं। 

महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की सियासी बगावत बीच आए एमएलसी चुनाव ने विपक्ष को दोहरा झटका दिया है. एक तरह उद्धव ठाकरे की पार्टी पहले ही टूट चुकी है और अब एमएलसी चुनाव में उसका खाता भी नहीं खुल सका. नागपुर में जरूर बड़ा सियासी उल्टफेर हुआ है, जहां एकनाथ शिंदे की पार्टी को बीजेपी के बागी उम्मीदार से मात खानी पड़ी है। 

महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव के नतीजे
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में सांगली-सातारा, नागपुर, भंडारा गोंदिया, अमरावती और धाराशिव में बीजेपी जीतने में सफल रही है तो शिवसेना के मुस्लिम उम्मीदवार सईद खान ने परभणी हिंगोली में जीत दर्ज की है. नासिक सीट पर शिंदे गुट वाले शिवसेना को तगड़ा झटका लगा। 

वहीं, 6 सीट पर ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जिसमें विक्रम काकड़े (पुणे), प्राजक्त तनपुरे (अहिल्यानगर), रवींद्र फाटक (ठाणे), अनिकेत तटकरे (कोंकण), दुष्यंत चतुर्वेदी (यवतमाल) और अरुण लखानी (वर्धा-गढ़चिरौली-चंद्रपुर) शामिल है. निर्विरोध चुनाव जीतने वाले सभी उम्मीदवार सत्ता पक्ष के हैं। 

नागपुर से लेकर नासिक और नांदेड़ तक
नांदेड़ की विधान परिषद सीट पर बीजेपी के अमरनाथ राजुरकर जीतने में सफल रहे. उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी रामदास पाटिल को हराया है। 

 नागपुर एमएलसी सीट के लिए उपचुनाव हुए हैं, जहां पर बीजेपी के डॉ राजीव पोतदार जीते और कांग्रेस के अतुल लोंढे हार गए हैं. पोतदार ने कांग्रेस के अतुल लोंढे को 552 वोटों के अंतर से हराया. पोतदार को 682 वोट मिले, जबकि लोंढे को सिर्फ़ 130 वोटों से संतोष करना पड़ा.धाराशिव-लातूर-बीड क्षेत्र से बीजेपी के बसवराज पाटिल ने कांग्रेस के महेश देशमुख को 721 वोटों से हराया. पाटिल को 845 वोट मिले जबकि देशमुख को सिर्फ़ 124 वोट मिले। 

भंडारा-गोंदिया सीट से भाजपा के अविनाश ब्राह्मणकर जीते और  कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी  नरेश ईश्वरकर हार गए हैं. इसी तरह से छत्रपति संभाजीनगर-जालना सीट से भाजपा के सुहास शिरसाट जीते हैं और शिवसेना (यूबीटी) के हारे गणेश लोखंडे हार गए हैं। 

परभणी-हिंगोली सीट से शिवसेना के सईद खान जीते,  उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी के प्रत्याशी डॉ. विवेक नावंदर को मात दी है। 

जलगांव: भाजपा के नंदकिशोर महाजन जीते, हारे शरद तायडे (शिवसेना उद्धव गुट)
सांगली-सतारा: भाजपा के धैर्यशील कदम जीते, हारे अभयसिंह जगताप (एनसीपी शरद पवार गुट)
सोलापुर: भाजपा के राजेंद्र राउत जीते, हारे वसंतराव देशमुख (एनसीपी शरद पवार गुट)
अमरावती: भाजपा के प्रवीण पोटे जीते, कांग्रेस के हर्षदीप देशमुख हारे

दंतेवाड़ा से छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, अगले 48 घंटे में तेज होंगी बारिश की गतिविधियां

रायपुर.

प्रदेशवासियों के लिए राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार छत्तीसगढ़ में मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने सोमवार को दंतेवाड़ा जिले से दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदेश में प्रवेश की पुष्टि की है। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 22 जून 2026 को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पहुंच गया है। मानसून की उत्तरी सीमा 19° उत्तरी अक्षांश और 60° पूर्वी देशांतर, 19° उत्तरी अक्षांश और 65° पूर्वी देशांतर, 18.8° उत्तरी अक्षांश और 70° पूर्वी देशांतर, अलीबाग, पुणे, निजामाबाद, दंतेवाड़ा, बलांगीर, सुंदरगढ़, चतरा, गया, मुजफ्फरपुर और 28.3° उत्तरी अक्षांश तथा 83° पूर्वी देशांतर से होकर गुजर रही है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। आने वाले दो दिनों में बारिश का दायरा और अधिक बढ़ सकता है। मानसून के आगमन से किसानों में भी खुशी का माहौल है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं। वहीं, आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी
इसी बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दोपहर 12:26 PM से 12:27 PM के बीच जारी नाउकास्ट अलर्ट की वैधता 3:26 PM से 3:27 PM तक रहेगी। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अस्थिर रहने की संभावना जताई गई है।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, मुंगेली, सरगुजा और सूरजपुर सहित कई जिलों में मेघगर्जन, बिजली चमकने, हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर आंधी और तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जाने की चेतावनी दी गई है।

इन जिलों में येलो अलर्ट
इसके अलावा सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवा (30–40 किमी प्रति घंटा) और वर्षा की संभावना जताई गई है।

शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला! मदरसा शिक्षा बजट में भारी कटौती, अब आधे से भी कम हुआ आवंटन

 कोलकाता

पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए आज का दिन काफी अहम है. आज राज्य की बीजेपी सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया है. शुभेंदु सरकार में वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने वित्ती वर्स 2026-27 के लिए सदन में बजट पेश किया. इस बार बंगाल में मदरसा एजुकेशन का बजट घटाकर आधा कर दिया गया है। 

सदन में बजट पेश करते हुए स्वपन दासगुप्ता ने कहा, हमारा टारगेट विकसित भारत और विकसित बंगाल है. मैं घोषणा करता हूं कि सभी मौजूदा और चल रही सामाजिक योजनाएं जारी रहेंगी. हम जिम्मेदार होंगे और पारदर्शिता के साथ कानून का पालन करेंगे. हमें लोगों का भरोसा जीतना होगा। 

गुप्ता ने आगे बताया, हम इमरजेंसी हेल्पलाइन के लिए डायल 112 शुरू कर रहे हैं. कांथी में एक नया पुलिस जिला होगा. कुछ नई नगर पालिकाएं खोली जाएंगी. नए फायर स्टेशन भी खोले जाएंगे। 

मतलब यह कि 3548 करोड़ रुपये की कटौती वित्त वर्ष 2026-27 में अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसों के लिए की गई है, जो कि बड़ी कटौती है. इस साल के बजट में इस फंड को आधे से भी कम कर दिया गया है. वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 में इस विभाग के लिए 2,165.42 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा. जानकारी के मुताबिक, बंगाल में करीब 614 मान्यता प्राप्त सरकार मदरसे हैं. इनमें करीब साढ़े 4 लाख छात्र पड़ते हैं। 

बंगाल में शुभेंदु सरकार का पहला बजट
बंगाल में बीजेपी सरकार ने अपने पहले बजट में राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत की वृद्धि, सभी प्रमुख सामाजिक योजनाओं को जारी रखने और एक लाख सरकारी रिक्तियों को भरने का वादा किया है.  वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में राज्य का वार्षिक बजट पेश करते हुए अपनी घोषणाओं के जरिये राजकोषीय अनुशासन और कल्याणकारी प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की। 

सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाया
स्वप्नदास गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों को मिलने वाली महंगाई राहत में वृद्धि एक अक्टूबर से प्रभावी होगी और कुल डीए 38 प्रतिशत हो जाएगा. नई सरकार के रोजगार लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में एक लाख रिक्तियों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा, जिनमें एक-तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे.

पिछली सरकार के मुकाबले आधे से भी कम बजट
वहीं, स्वप्नदास गुप्ता ने बताया कि बंगाल में बीजेपी सरकार ने माइनॉरिटी अफेयर्स और मदरसा एजुकेशन के लिए 2165 करोड़ रुपए कर दिए हैं. ये रकम पिछली TMC सरकार की तुलना में आधी से भी कम है. बता दें कि तत्कालीन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए माइनॉरिटी अफेयर्स और मदरसा एजुकेशन के लिए 5713 करोड़ रुपए आवंटित किए थे। 

अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़
उन्होंने कहा कि सभी मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाओं को जारी रखा जाएगा. उन्होंने अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये आवंटित किए. महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा प्रदान करने के लिए 550 करोड़ रुपये की घोषणा करते हुए कहा कि इस योजना को सुगम बनाने के लिए जल्द ही ‘पिंक कार्ड’ प्रणाली शुरू की जाएगी। 

वित्त मंत्री बोले- पिछली सरकार ₹8.15 लाख करोड़ का कर्ज छोड़ गई
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार को पिछली सरकार से 8.15 लाख करोड़ रुपए का कर्ज का बोझ विरासत में मिला है। वित्तीय अनुशासन को बहाल करना और शासन में जनता का विश्वास जीतना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासनिक ढांचा तैयार करना हमारी सोच का मुख्य आधार है और हमें शासन व्यवस्था में लोगों का भरोसा वापस कायम करना होगा।

बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। 19 मई को जारी आदेश के मुताबिक, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा।

इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और कवि गुलाम मुस्तफा की ‘अनंत असीम प्रेममय तुमी’ (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी।

बंगाल सरकार के 10 बड़े फैसले…
BSF को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपना– भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने और बाड़ (फेंसिंग) लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 600 एकड़ जमीन 45 दिनों के भीतर दी जाएगी, जिससे सीमा से जुड़ा पुराना विवाद खत्म होगा।

बंगाल में CAA की प्रक्रिया शुरू- CAA के तहत आने वाले 7 समुदायों और 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए लोगों को नागरिकता कानून का लाभ मिलेगा। पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकेगी।

आयुष्मान भारत और केंद्रीय योजनाओं को लागू करना- पश्चिम बंगाल सरकार अब केंद्र सरकार की ‘आयुष्मान भारत’ योजना से जुड़ गई है, जिसके तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।

जनगणना को शुरू करने का फैसला- राज्य में काफी समय से अटकी पड़ी जनगणना को तुरंत शुरू करने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के जून 2025 के इस आदेश पर पिछली सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया था।

सरकारी नौकरियों की उम्र सीमा में छूट- सरकारी नौकरियों और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने आवेदन की उम्र सीमा में 5 साल की छूट देने का फैसला किया है।

अफसरों को केंद्रीय ट्रेनिंग पर भेजने की मंजूरी– पुरानी नीति को बदलते हुए अब राज्य के आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और डब्लूबीपीएस (WBPS) अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी गई है।

भारतीय न्याय संहिता को अपनाना– सरकार ने राज्य में नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों (जैसे भारतीय न्याय संहिता) को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया है। ये कानून पुराने आईपीसी और सीआरपीसी की जगह लेंगे, जिन्हें पिछली सरकार ने राज्य में आधिकारिक तौर पर लागू नहीं किया था।

हिंसा पीड़ित बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को मदद- साल 2021 की चुनावी हिंसा में मारे गए 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को सरकारी नौकरी या आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार इन मामलों की दोबारा जांच कराने और पीड़ित परिवारों को पूरी कानूनी सहायता देने के लिए भी तैयार है।

धर्म आधारित कल्याणकारी योजनाओं को बंद किया- मदरसा विभाग और अन्य धर्मों से जुड़ी वित्तीय सहायता वाली योजनाओं को जून महीने से बंद करने का फैसला लिया गया है। सरकार अब बिना किसी भेदभाव के सबके लिए समान योजनाएं चलाएगी।

गोहत्या पर नया नोटिस- सरकार ने गोहत्या से जुड़े 1950 के कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि बिना ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ के किसी भी मवेशी-भैंस की हत्या पूरी तरह से प्रतिबंध है।

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