बॉक्स ऑफिस पर धमाल: ‘मैं वापस आऊंगा’ ने दूसरे वीकेंड में दिखाई जबरदस्त वापसी

रिलीज के पहले दिन धीमी शुरुआत करने वाली ‘मैं वापस आऊंगा’ अब सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन कर रही है. इम्तियाज अली की इस फिल्म को दर्शकों से जबरदस्त वर्ड ऑफ माउथ मिल रहा है. यही वजह है कि दूसरे वीकेंड में फिल्म की कमाई में बड़ा उछाल देखने को मिला. दिलजीत दोसांझ, शरवरी, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह स्टारर इस रोमांटिक ड्रामा ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार वापसी की है.

सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘मैं वापस आऊंगा’ ने दूसरे रविवार को 5.75 करोड़ रुपये की कमाई की. यह फिल्म की अब तक की सबसे बड़ी सिंगल डे कमाई मानी जा रही है. दिलचस्प बात यह है कि फिल्म ने अपने पहले रविवार के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया. पहले रविवार को फिल्म की कमाई 2.50 करोड़ रुपये रही थी, जबकि दूसरे रविवार को इसमें जबरदस्त उछाल देखने को मिला. अब तक फिल्म का कुल इंडिया ग्रॉस कलेक्शन 29 करोड़ रुपये पहुंच चुका है. वहीं इंडिया नेट कलेक्शन 24.25 करोड़ रुपये हो गया है.

कॉकटेल 2 के बीच भी नहीं टूटा फिल्म का क्रेज
शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर ‘कॉकटेल 2’ इस वक्त बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है. इसके बावजूद ‘मैं वापस आऊंगा’ की रफ्तार कम नहीं हुई. कई शहरों में फिल्म के लिए अतिरिक्त शोज बढ़ाए गए हैं, क्योंकि दर्शकों की डिमांड लगातार बढ़ रही है.

जानें ‘मैं वापस आऊंगा’ की कहानी
फिल्म की कहानी एक 95 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे स्ट्रोक आता है. वह पाकिस्तान जाने की जिद में होता है और उसकी यादें बार-बार बंटवारे के दौर में लौट जाती हैं. उसका पोता उसके अधूरे किस्सों और यादों को जोड़ने की कोशिश करता है. फिल्म दिखाती है कि सरहदें बनने के कई साल बाद भी इंसानी जज्बात और दर्द खत्म नहीं होते.

राज्यसभा में NDA की बढ़ी ताकत, बिना चुनाव लड़े मिला एक और सीट का फायदा

 नई दिल्ली
राज्यसभा चुनाव के बाद केंद्र में सत्तारूढ़ NDA की सीटों का ग्राफ और बढ़ गया है। अब खबर है कि गठबंधन को भारत के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम से भी समर्थन मिल गया है। हालांकि, सांसद के लालतलुआंगकिमा ने समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। हालांकि, उन्होंने इसे लिए कुछ शर्तें भी रखीं हैं। खास बात है कि दो तिहाई बहुमत के मामले में एनडीए जादुई आंकड़े के करीब बढ़ रहा है।

समर्थन देने तैयार, पर शर्तें लागू
लालतलुआंगकिमा ने कहा कि वह राज्य के विकास और लोगों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर केंद्र की भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन का समर्थन करेंगे। लालतलुआंगकिमा सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के सदस्य हैं। जेडपीएम एक क्षेत्रीय दल है, जिसकी स्थापना 2017 में हुई थी। यह पार्टी न तो NDA और न ही विपक्षी INDIA गठबंधन के साथ है।

लालतलुआंगकिमा ने कुल 36 मतों में से 26 वोट हासिल किए थे और विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) की जोथानसांगी ह्मार को हराया था। जोथानसांगी को उनकी पार्टी के विधायकों के सभी 10 वोट मिले।

जेडपीएम नेता ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि वह और पार्टी के एकमात्र लोकसभा सदस्य रिचर्ड वानलालहमंगाइहा संसद में तटस्थ रहेंगे। लालतलुआंगकिमा ने कहा, ‘हम संसद में तटस्थ सदस्य के रूप में रहेंगे। हालांकि, मुद्दों के आधार पर केंद्र सरकार को हमारा समर्थन मिलेगा।’

भाजपा और कांग्रेस दोनों ही थे वोटिंग से दूर
इस सीट पर हुए चुनाव में तीन विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जिनमें भाजपा विधायक के बेइचहुआ और के हराहमो के साथ-साथ कांग्रेस के एकमात्र विधायक सी न्गुनलिआनचुंगा भी शामिल हैं। राल्ते ने बताया कि विधायक डब्ल्यू छुआनावमा स्वास्थ्य कारणों से वोट नहीं डाल पाए। मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा में जेडपीएम के 27, एमएनएफ के 10, भाजपा के दो और कांग्रेस का एक विधायक है।

अब कितनी हैं NDA की सीटें
हाल ही में 27 सीटों पर हुए राज्यसभा चुनावों में एनडीए ने 19 सीटें अपने नाम की थीं। 245 सीटों वाले उच्च सदन में गठबंधन 152 पर पहुंच गया है। यहां बहुमत का आंकड़ा 164 है। वहीं, अब मिजोरम सांसद के समर्थन के बाद आंकड़ा 153 पर पहुंच गया है। इधर, तृणमूल कांग्रेस के 4 सांसद उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि भाजपा इन सीटों पर आसानी से जीत दर्ज कर सकती है।

मॉनसून सत्र में हो सकती ही बड़ी उथल पुथल
खास बात है कि अप्रैल में केंद्र सरकार परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लेकर आई थी, जो पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने के कारण पास नहीं हो सका था। दरअसल, संविधान संशोधन से जुड़े विधेयकों को पास कराने के लिए दो तिहाई समर्थन की जरूरत होती है। ऐसे में संभावनाएं जताई जा रही हैं कि अगर NDA जरूरी संख्या हासिल कर लेता है, तो बिल दोबारा पेश किया जा सकता है।

कोरिया नौगई हत्याकांड: पीड़ित परिवारों से मिले मंत्री नेताम, CBI जांच और बुलडोजर कार्रवाई की उठी मांग

कोरिया.

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल अब भी बना हुआ है। इसी बीच मंत्री रामविचार नेताम ने नौगई पहुंचकर मृतक भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के परिजनों से मुलाकात की। मंत्री नेताम ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए न्याय का भरोसा दिलाया।

मृतक के परिजनों ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, सीबीआई जांच और घटना में शामिल आरोपियों के अलावा अन्य लोगों की गिरफ्तारी की भी मांग की। परिजनों की मांगों को बेहद गंभीरता से सुनते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने हर संभव कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मंत्री नेताम के साथ मौके पर स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल और शैलेश शिवहरे सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जानिए पूरा मामला ?
सोनहत के नौगई गांव में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। रेत के अवैध खनन को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। 16 जून की देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह को घर के पास घेर लिया। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार के आगे और पीछे हाईवा वाहन लगा दिया। फिर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कार में भरत सिंह, उनका भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह, योगेंद्र सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे। कार सवार भरत सिंह बुरी तरह से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई नागेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह और मयंक किसी तरह बाहर निकले। कार से बाहर निकलते ही सभी की बेदम पिटाई की गई।

विरेंद्र के गले पर फरसे से वार किया गया था, गंभीर हालात में उन्हें अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान विरेंद्र के साथ ही नागेंद्र की भी मौत हो गई। इस मामले 9 लोगों के खिलाफ FIR हुई है। अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मनोज त्रिपाठी सहित 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एक की तलाश की जा रही है।

सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र – मुख्यमंत्री साय

सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र – मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का किया शुभारंभ

छत्तीसगढ़ से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, कलाकार एवं साहित्यकार हुए रवाना

छत्तीसगढ़ के शिवालयों की माटी और पावन नदियों का जल भगवान सोमनाथ को श्रद्धालु करेंगे अर्पित

रायपुर
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र है। सोमनाथ मंदिर को अनेक बार आक्रांताओं ने तोड़ा, लेकिन हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ, ये देशवासियों की अटूट आस्था का परिणाम है। 

सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत विशेष ट्रेन से छत्तीसगढ़ से सोमनाथ के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार रवाना हुए। यात्रा में शामिल श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के शिवालयों की पावन भूमि के माटी कलश और पावन नदियों का जल कलश बाबा सोमनाथ को अर्पण करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने भगवान सोमनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए बहुत गौरवशाली दिन है जब प्रदेश भर से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं, उन्होंने भारत की आजादी के बाद राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ से पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार इस यात्रा में अपने साथ अपने-अपने क्षेत्रों के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के शिवालयों की पावन माटी और पावन नदियों कंे जल कलश लेकर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है।

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ धाम की यह यात्रा श्रद्धालुओं को केवल आध्यात्मिक अनुभूति ही नहीं बल्कि भारत की महान सांस्कृतिक परम्परा और राष्ट्रीय गौरव को निकट से अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करेगी। भगवान सोमनाथ से प्रार्थना है कि वे हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ सहित भारतवर्ष को समृद्धि, शांति और विकास के पथ पर अग्रसर करें। 

मुख्यमंत्री साय ने सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया। 

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

MP के MSME विभाग में तबादलों के बाद बवाल, जूनियर अफसर लिखेंगे वरिष्ठों की CR; बढ़ा असंतोष

भोपाल 

वाणिज्यिक कर विभाग के बाद अब मध्यप्रदेश के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) विभाग में तबादलों और प्रभार आदेशों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग के भीतर आरोप लग रहे हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों को नजरअंदाज कर जूनियर अधिकारियों को बड़े पदों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस फैसले का विभाग के कई अधिकारी खुलकर विरोध कर रहे हैं।

विवाद 15 और 16 जून को जारी हुए प्रभार आदेशों को लेकर है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने ऐसी व्यवस्था लागू कर दी है जिसे कर्मचारी “चार्ज के ऊपर चार्ज” की व्यवस्था बता रहे हैं। यानी जिन अधिकारियों का मूल पद सहायक प्रबंधक है और जो वर्तमान में प्रभारी प्रबंधक के रूप में काम कर रहे हैं, उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक का प्रभार सौंप दिया गया है।

इन अधिकारियों को मिला महाप्रबंधक का प्रभार

    सुबोध कुमार श्रीवास्तव को मंडीदीप
    जेपी तिवारी को रीवा
    शिवशंकर सिंह को निवाड़ी
    सुरेश कुमार गोस्वामी को भिंड
    राममूर्ति खरे को अनूपपुर
    अजय तिवारी को शिवपुरी
    बीएल अहिरवार को दमोह

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक का प्रभार दिया गया है।
यही नियुक्तियां पूरे विवाद की मुख्य वजह बनी हुई हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ये सभी अधिकारी प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उन्हें महाप्रबंधक जैसे उच्च पद का प्रभार सौंपा गया है।

60 से ज्यादा राजपत्रित अधिकारी होने के बावजूद नहीं मिला मौका
अधिकारियों का कहना है कि विभाग में एमपीपीएससी के माध्यम से चयनित वर्ष 2016, 2017 और 2019 बैच के 60 से अधिक वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें प्रबंधक और सहायक संचालक स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

इसके बावजूद इन अधिकारियों को नजरअंदाज कर प्रभारी प्रबंधकों को महाप्रबंधक का प्रभार देने से विभाग में असंतोष बढ़ गया है। अधिकारियों का सवाल है कि जब नियमित रूप से चयनित और वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध हैं, तो उन्हें जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई।

पदोन्नति रोकी, फिर भी बड़े पदों का प्रभार दिया
विभाग के भीतर यह भी नाराजगी है कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रक्रिया लंबित है। अधिकारियों का कहना है कि एक ओर विभाग पदोन्नति नहीं कर रहा, वहीं दूसरी ओर प्रभारी व्यवस्था के जरिए जूनियर अधिकारियों को वरिष्ठ पदों का प्रभार देकर वरिष्ठता और योग्यता को दरकिनार किया जा रहा है।

कई अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था विभागीय पदक्रम और सेवा नियमों के विपरीत है तथा इससे वरिष्ठ अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होगा।

जूनियर अधिकारी लिखेंगे वरिष्ठों की सीआर
विवाद की एक बड़ी वजह गोपनीय चरित्रावली (सीआर) भी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कई जिलों में अब वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी ऐसे अधिकारियों के अधीन काम करेंगे जो मूल रूप से वर्ग-3 सेवा श्रेणी से हैं।

ऐसी स्थिति में जूनियर अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों की सीआर लिखेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह सेवा संरचना और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिहाज से असामान्य स्थिति है।

प्रशासनिक आधार पर उठ रहे सवाल
विभाग के भीतर चर्चा है कि यदि नियमित राजपत्रित अधिकारी उपलब्ध हैं, तो फिर प्रभारी व्यवस्था के जरिए उच्च पदों का प्रभार देने के पीछे क्या प्रशासनिक आधार अपनाया गया है। इसी कारण इन आदेशों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

विभाग में असंतोष का माहौल
इन आदेशों के बाद विभाग के कई अधिकारी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि वरिष्ठता, योग्यता और चयन प्रक्रिया को महत्व देने के बजाय प्रभार व्यवस्था के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं। इससे विभाग में असंतोष और निराशा का माहौल बन गया है।

फिलहाल विभाग की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन प्रभार आदेशों को लेकर चर्चा और विरोध लगातार बढ़ रहा है।

‘कॉकटेल 2’ ने वीकेंड पर मचाया धमाल, 3 दिनों में 75 करोड़ के पार पहुंची कमाई

सिनेमाघरों में एक बार फिर लव ट्राएंगल का जादू लौट आया है. बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की मच-अवेटेड फिल्म ‘कॉकटेल 2’ को ऑडियंस से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. ये ही वजह है कि महज 3 दिनों में कमाई 75 करोड़ रुपये पार हो गई है. कुल मिलाकर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पहले वीकेंड में शानदार कमाई की.

हालांकि, फिल्म को लेकर समीक्षकों और दर्शकों की राय थोड़ी बंटी हुई नजर आ रही है, लेकिन इसके बावजूद बॉक्स ऑफिस पर फिल्म लगातार अपने पैर जमाए हुए है. खासकर वीकेंड पर फिल्म ने अच्छी रफ्तार पकड़ी है, जिससे मेकर्स ने थोड़ी राहत की सांस जरूर ली होगी.

तीसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर दिखा उछाल
Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कॉकटेल 2’ ने अपनी रिलीज के तीसरे दिन यानी रविवार को घरेलू बॉक्स ऑफिस पर शानदार बढ़त हासिल की है. रविवार को देशभर के करीब 10,462 शोज़ से फिल्म ने 17.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. अगर इसकी तुलना दूसरे दिन (शनिवार) की कमाई से करें, जहां फिल्म ने 16.25 करोड़ रुपये कमाए थे, तो रविवार को इसके बिजनेस में 9.2% का उछाल देखने को मिला है. यह आंकड़े साफ करते हैं कि वीकेंड का फिल्म को भरपूर फायदा मिला है.

तीन दिनों में कुल इतनी हुई कमाई
शुरुआती तीन दिनों के सफर के बाद अब फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 47.50 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच गया है. वहीं, अगर भारत में इसके ग्रॉस कलेक्शन की बात करें, तो यह अब तक 57 करोड़ रुपये हो चुका है. भारतीय दर्शकों के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी फिल्म को ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिल रहा है. तीसरे दिन फिल्म ने विदेशों से 4 करोड़ रुपये बटोरे, जिससे इसका कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 19.25 करोड़ रुपये हो गया है.  इन सभी आंकड़ों को मिलाकर ‘कॉकटेल 2’ का अब तक का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 76.25 करोड़ रुपये हो चुका है.

भारी-भरकम बजट बना चुनौती
भले ही फिल्म का कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसकी राह इतनी आसान नहीं है. ‘कॉकटेल 2’ का कुल बजट करीब 150 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. इस भारी-भरकम बजट के लिहाज से फिल्म की इस शुरुआती कमाई को बहुत ज्यादा मजबूत नहीं, बल्कि एक मिला-जुला रिस्पॉन्स माना जा रहा है. वीकेंड पर फिल्म ने अपनी पकड़ तो मजबूत रखी है, लेकिन अपनी लागत निकालने और मुनाफे की तरफ बढ़ने के लिए इसे आने वाले वर्किंग डेज (सोमवार से गुरुवार) में भी इसी तरह की मजबूत रफ्तार बनाए रखनी होगी.

क्या है फिल्म की दिलचस्प कहानी?
होमी अदजानिया की डायरेक्ट की गई फिल्म ‘कॉकटेल 2’ कुणाल (शाहिद कपूर) और दिया (रश्मिका मंदाना) की कहानी है, जो बचपन के प्रेमी हैं. हालांकि उनके बीच गहरा रिश्ता है, लेकिन वे शादी की तरफ अगला कदम बढ़ाने से हिचकिचाते हैं. सिसिली में छुट्टियों के दौरान उनकी जिंदगी में एक अनपेक्षित मोड़ आता है, जहां वे दिया की करीबी दोस्त एली (कृति सेनन) से दोबारा मिलते हैं. एली उन्हें अपने ट्रैवल प्लान छोड़कर उसके साथ समय बिताने के लिए मना लेती है. अब इसके बाद क्या कुछ होता है. ये ही देखने लायक है.

दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में सुरक्षा चूक, स्टेज पर चढ़ा खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारी

फेमस पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने ग्लोबल ‘ऑरा वर्ल्ड टूर 2026’ को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में सैन फ्रांसिस्को में चल रहे उनके एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए एक खालिस्तान-समर्थक प्रदर्शनकारी हाथ में झंडा लिए सीधे स्टेज पर जा पहुंचा. इस घटना से शो में मौजूद दर्शकों के बीच कुछ देर के लिए अफरातफरी और तनाव का माहौल बन गया.

हालांकि, वहां मौजूद मुस्तैद वेन्यू सिक्योरिटी और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला, उस व्यक्ति को काबू में किया और हिरासत में ले लिया. इस पूरे ड्रामे के बीच दिलजीत ने गजब के प्रोफेशनल रवैये का परिचय दिया और बिना डरे अपनी परफॉर्मेंस जारी रखी.

शो के बीच में सुरक्षा में बड़ी चूक
यह चौंकाने वाली घटना शुक्रवार की रात सैन फ्रांसिस्को में दिलजीत के लाइव शो के दौरान घटी. चश्मदीदों और मिली जानकारी के अनुसार, जब दिलजीत अपनी परफॉर्मेंस में डूबे हुए थे, तभी एक प्रदर्शनकारी अचानक दौड़ता हुआ मंच पर चढ़ गया. इसे सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, दिलजीत ने इस व्यवधान के बाद भी अपना आपा नहीं खोया. जैसे ही पुलिस उस व्यक्ति को पकड़कर ले गई, दिलजीत ने तुरंत अपना डांस और गाना फिर से शुरू कर दिया. उन्होंने पूरे शो के दौरान अपना पूरा ध्यान दर्शकों के मनोरंजन और प्रवासी भारतीय समुदाय की एकता पर केंद्रित रखा.

धमकियों के बीच दिलजीत का कड़ा रुख
यह हंगामा ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) जैसे कुछ कट्टरपंथी संगठनों की तरफ से ऑनलाइन धमकियां और रुकावटें डालने की कोशिशें देखी जा रही थीं. ये समूह मुख्यधारा के भारतीय मीडिया में दिलजीत की सक्रिय मौजूदगी का विरोध कर रहे हैं. इस घटना के बाद सिंगर ने लाइव इवेंट्स को लेकर अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है. उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जो कोई भी उनके फैंस को परेशान करने या कॉन्सर्ट में खलल डालने की कोशिश करेगा, उसे स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों द्वारा फौरन बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा.

सैन फ्रांसिस्को में टूर का शानदार समापन
तनाव के इन पलों के बावजूद दिलजीत दोसांझ के नॉर्थ अमेरिकन ‘ऑरा वर्ल्ड टूर 2026’ का सफर बेहद शानदार रहा. इस बड़े स्टेडियम और एरिना टूर का समापन 20 और 21 जून, 2026 को सैन फ्रांसिस्को के मशहूर ‘चेस सेंटर’ में आयोजित हुए शोज़ के साथ हुआ, जहां फैंस की भारी भीड़ उमड़ी थी.

लॉस एंजिल्स में मिला ऐतिहासिक सम्मान
ग्लोबल स्तर पर दिलजीत का कद लगातार बढ़ रहा है. हाल ही में लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल ने वैश्विक मंच पर पंजाबी संगीत को पहचान दिलाने और अमेरिकी मनोरंजन जगत में दक्षिण एशियाई संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए दिलजीत को एक अनोखा सम्मान दिया है. काउंसिल ने बाकायदा एक प्रस्ताव पास करके 6 जनवरी, 2027 को आधिकारिक तौर पर ‘दिलजीत दोसांझ दिवस’ घोषित किया है.

पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर कुल्हाड़ी से हमला, जमीन विवाद में आरोपी गिरफ्तार

बॉलीवुड एक्टर पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई को लेकर चौंकाने वाली खबर सामने आई है. एक्टर बड़े भाई विजयेंद्रनाथ तिवारी पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला हुआ है. हमले में एक्टर के भाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

पंकज त्रिपाठी के भाई पर कब और कैसे हमला हुआ?
जानकारी के मुताबिक, पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर बिहार के गोपालगंज जिले में जमीन विवाद को लेकर हमला किया गया है. पुलिस के मुताबित, विजयेंद्रनाथ तिवारी पर कुल्हाड़ी से हमला 21 जून को माधवपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेलसंड तिवारी टोला में जमीन विवाद को लेकर किया गया है. सूचना मिलने के बाद सदर-2 के एसडीपीओ और माधोपुर थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की.

किस हालत में हैं एक्टर के भाई?
हमले में एक्टर के भाई गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिसके बाद विजयेंद्रनाथ तिवारी को घायल हालत में पहले गोपालगंज सदर अस्पताल ले जाया गया. वहां उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर और नियंत्रण में है.

कौन है आरोपी?
घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर सबूत जुटाए गए. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और आरोपी द्वारा पहने गए खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं. शुरुआती जांच से पता चला है कि यह हमला लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद के कारण हुआ.

पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान पीड़ित के पड़ोसी राजेश साह के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर तिवारी पर कुल्हाड़ी से हमला किया है. पुलिस ने राजेश को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इलाके में कानून-व्यवस्था फिलहाल सामान्य है.

बड़े संकट में उद्धव ठाकरे! 20 विधायकों को बचाने की कवायद तेज, आज होगी अहम बैठक

मुंबई 

महाराष्ट्र विधानसभा का तीन सप्ताह का मानसून सत्र सोमवार 22 जून 2026 से शुरू होने जा रहा है. 10 जुलाई तक चलने वाला यह सत्र राजनीतिक उठापटक और मौसम संबंधी चुनौतियों के बीच काफी हंगामेदार रहने की संभावना है. एक ओर कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सियासी माहौल गर्म है, वहीं दूसरी ओर अनियमित मानसून और किसानों की समस्याएं सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं. महाराष्‍ट्र विधानसभा सत्र से पहले राज्य की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ चर्चा का केंद्र बना हुआ है. विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के कुछ लोकसभा सांसदों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहा है. शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने हाल ही में पार्टी के 60वें स्थापना दिवस पर कथित बागी नेताओं को बेशर्म और एहसान फरामोश बताते हुए तीखा हमला बोला था। 

इस बार विधानसभा और विधानपरिषद दोनों सदनों में आधिकारिक नेता प्रतिपक्ष नहीं होने की संभावना है. ऐसे में सत्ता पक्ष इस स्थिति का लाभ उठाकर अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा. वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के जवाब में ‘ऑपरेशन वुल्फ’ शुरू करने की चेतावनी दी है, जिससे सदन में विपक्ष के आक्रामक रुख के संकेत मिल रहे हैं. सत्तारूढ़ गठबंधन मानसून सत्र के पहले सप्ताह में विधानपरिषद के उपसभापति पद के लिए चुनाव कराने की तैयारी में है. शिवसेना नेता नीलम गोरहे के दोबारा विधान परिषद सदस्य चुने जाने के बाद उन्हें फिर से इस पद पर बैठाने की संभावना जताई जा रही है. सदन के भीतर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच राज्य के किसानों की समस्याएं भी प्रमुख मुद्दा रहेंगी. महाराष्ट्र में अनियमित और लंबे समय तक कमजोर मानसून ने कृषि क्षेत्र की चिंताएं बढ़ा दी हैं. सरकार किसानों को जल्दबाजी में बुवाई न करने और मौसम विभाग की अगली सलाह का इंतजार करने की अपील कर चुकी है। 

राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सत्र सामान्य विधायी कार्यवाही से ज्यादा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन और दबदबा स्थापित करने की लड़ाई का मंच बनेगा. पूरक बजट मांगों की मंजूरी के साथ शुरू होने वाले इस सत्र में तीखी बहस, नारेबाजी, वॉकआउट और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकते हैं. महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में यह मानसून सत्र राज्य के राजनीतिक और आर्थिक भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।

 ‘बेशर्मी से बिक गई तुम्हारी वफादारी’, बागी सांसदों पर भड़के आदित्‍य ठाकरे

शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों पर आदित्य ठाकरे ने तीखा हमला बोला है. आदित्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि दल बदलने वाले सांसदों ने यह साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी और साख बेशर्मी से बिकाऊ है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष राजनीतिक फायदे के लिए सरकारी संसाधनों और जनता के पैसे का इस्तेमाल कर रहा है. आदित्य ठाकरे ने कहा कि जो सांसद अब पाला बदल रहे हैं, वे महाविकास अघाड़ी (MVA) और INDIA गठबंधन के मंच पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. उनके लिए शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने प्रचार किया था और मतदाताओं ने उन्हें NDA के खिलाफ वोट दिया था. उन्होंने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि विचारधारा या गठबंधन बदलने की दलीलें अब नहीं चलेंगी, क्योंकि सच्चाई यह है कि लालच के कारण उन्होंने रातों-रात अपने वोटरों के जनादेश से विश्वासघात किया है। 

शिवसेना-यूबीटी के बागी सांसद आज शाम 4 बजे थामेंगे शिंदे गुट का हाथ
 महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट के बागी सांसद आज शाम 4 बजे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो सकते हैं. इस संभावित राजनीतिक घटनाक्रम को उद्धव गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से राज्य की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चर्चाएं तेज हैं और इसी बीच यह खबर सामने आई है. हालांकि, अभी तक संबंधित सांसद या दोनों गुटों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. अगर यह शामिल होना होता है, तो महाराष्ट्र की सियासत में इसका असर और बढ़ सकता है। 

शिवसेना-यूबीटी के सांसद बागी कैसे – मनोज झा
RJD सांसद मनोज झा ने शिवसेना(UBT) के कई सांसदों के आज शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होने की संभावना पर कहा, ‘उन्हें बागी कैसे कहा जा सकता है? उन्होंने शिवसेना (UBT) के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था. जब शिवसेना UBT, TMC या किसी भी पार्टी में यह इंजीनियरिंग होती है, तो यह उनका संकट नहीं है, यह लोकतंत्र का संकट है. यह उद्धव ठाकरे के साथ धोखा नहीं है, यह उन मतदाताओं के साथ धोखा है, जिन्होंने विकल्प देखकर उन्हें चुना और वोट दिया. क्या आप उनके साथ अन्याय नहीं कर रहे हैं?’

RSS विचारक मुकुल कानिटकर का बड़ा बयान, बोले- ‘भ्रष्ट लोगों की समाज में नहीं हो प्रतिष्ठा’

रायपुर.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंचम सरसंघचालक स्व. कुप्पाहली सीतारमैया सुदर्शन की जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय व्याख्यान में मुख्य वक्ता मुकुल कानिटकर ने कहा, हिंदू समाज का आधार मैं से हम की ओर जाना है. इस यात्रा में पांच परिवर्तन के उद्देश्य तय किया गया है जिसमें स्वदेशी का चिंतन है, संवाद से कुटुंब परिवार की शक्ति बढ़ाना, सामाजिक समरसता की संकल्पना है, पर्यावरण के प्रति संवेदना और राष्ट्रीय कर्तव्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता शामिल है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता संघचालक डॉ टोपलाल वर्मा एवं मुख्यातिथि अनुराग पांडे थे. संचालन साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने किया. कार्यक्रम संयोजिका शील शर्मा ने स्वागत भाषण दिया. मुख्य वक्ता मुकुल कानितकर ने राष्ट्रीय कर्तव्य, स्वार्थ ही देशद्रोह विषय पर बोलते हुए कहा, हमारा शरीर खरबों कोशिकाओं से मिलकर बना है, सभी कोशिकाएं मिलकर प्रत्येक अंग बनते हैं, जो अपना अपना कार्य करते हैं इसलिए जीवन चलता है. इसी प्रकार देश भी सभी व्यक्ति से मिलकर बनता है, मिलकर अपना अपना कार्य करेंगे तो राष्ट्र शक्तिशाली होगा. यही प्रत्येक व्यक्ति का देश के प्रति कर्तव्य है. जैसे एक कोशिका के स्वार्थी हो जाने से शरीर बीमार और कमजोर हो जाएगा. इसी प्रकार एक व्यक्तिव स्वार्थी हो जाने से देश कमजोर हो जाता है.

उन्होंने कहा, देश के प्रति कर्तव्य नहीं करने के कारण समाज, व्यवस्था में अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार बढ़ गया है. इसे समाज में मान्यता मिल गई है. इस भ्रष्टाचार से मुक्ति का उपाय यही है कि समाज ऐसे लोगों को दंडित करे, बहिष्कार करे. व्यक्ति अपने स्वार्थ में देश का नुकसान करे उसे समाज प्रतिष्ठा न दे.
मुकुल कानिटकर ने कहा, संघ को लेकर विवाद खड़े वे लोग करते हैं, जिन्हें संघ की समझ नहीं है. संघ हिंदू समाज को संगठित करने की यात्रा है. संघ की शताब्दी वर्ष कोई उत्सव का अवसर नहीं है बल्कि समाज परिवर्तन के अपने कार्य के सिंहावलोकन करने का अवसर है. राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति निर्माणकार ही संघ का लक्ष्य है.

संघ की स्थापना भारत के स्वाधीन होने के बाद भारत का स्व तंत्र कैसे विकसित हो, शक्तिशाली कैसे बने इस विचार को लेकर कार्य प्रारंभ करने के लिए किया था. इसके लिए हिंदू समाज को संगठित करना आवश्यक है, राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करना आवश्यक है. इन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए डॉ हेडगेवार ने संघ की स्थापना की. यह भारतीय स्वाधीनता का सशस्त्र आंदोलन, अहिंसा और सत्याग्रह के बाद तीसरा आंदोलन था.

कार्यक्रम के अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रान्त के संघचालक डॉ टोपलाल वर्मा ने स्व. सुदर्शन जी का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन और विचार देश को प्रेरणास्पद है. 
मुख्य अतिथि अनुराग पांडे ने कहा कि नागरिक कर्तव्य नहीं होने के कारण जगह जगह गंदगी, यातायात की समस्या, भ्रष्टाचार जैसी अव्यवस्था फैलती है.

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