भाजपा नेता की हत्या के बाद एक्शन मोड में प्रशासन, रात में रेत भंडारण की जांच में जुटी संयुक्त उड़नदस्ता टीम

रायपुर.

कोरिया जिले में रेत उत्खनन को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा नेता की भाजपा नेता द्वारा की गई जघन्य हत्या के बाद अब सरकार हरकत में आती नजर आ रही है. केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने बीती रात नदियों का औचक निरीक्षण किया.

औचक निरीक्षण में अवैध भंडारण पर कार्रवाई करते हुए भंडारण करने वालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. संचालक आईएएस रजत बंसल के निर्देश पर सक्रिय हुए केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने बीती रात मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला के तहसील केल्हारी में दंडाहस्वाही स्थित केवाई नदी, पसौरी, कुटरा और हसदेव नदी का निरीक्षण किया. इस दौरान स्वीकृत दो अस्थाई भण्डारण अनुज्ञप्ति स्थलों की सघन जांच की गई. मौके पर ड्रोन सर्वे के माध्यम से रेत की मात्रा का मापन किया गया.

विभागीय जानकारी के अनुसार, केवल एमसीबी जिला ही नहीं, बल्कि संचालक के निर्देशानुसार राज्य के विभिन्न जिले के पहुंच विहीन क्षेत्र एवं अवैध रेत उत्खनन क्षेत्रों का चिन्हांकन कर हाईटेक ड्रोन सर्वे के माध्यम से से निगरानी की जा रही है, जिससे अवैध रेत खनन एवम भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके. इसके साथ ही जांच में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम के साथ जिला स्तरीय टीम मौजूद रहे. 

MP में हीटवेव का अलर्ट! जबलपुर समेत 5 जिलों में अगले 4 दिन लू का कहर, 25 जून के बाद मानसून की एंट्री

भोपाल 

मध्य प्रदेश में 26 जून तक हीटवेव (लू), गर्मी और आंधी-बारिश वाला मौसम रहेगा। मानसून के नहीं आने और प्री-मानसून की एक्टिविटी कम होने से उमस-गर्मी बढ़ी है। पिछले 2 दिन से जबलपुर संभाग में लू का असर भी है।

मौसम केंद्र (IMD) भोपाल ने अगले 4 दिन तक जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन में गर्म हवाएं चलेंगी, जबकि शाम के बाद आंधी-बारिश होने का अनुमान है।

ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में गर्मी का असर रहने का अनुमान है।

इन जिलों में आज बारिश हीटवेव-गर्मी के बीच 21 से अधिक जिलों में आंधी-बारिश वाला मौसम भी रहेगा। झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर में तेज आंधी का अलर्ट है।

रायसेन में ढाई इंच पानी गिरा, भोपाल-सतना में भी तेज बारिश प्रदेश में रविवार को भी तेज आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। रायसेन में 61 मिमी यानी, करीब ढाई इंच पानी गिर गया। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश हुई, जबकि सतना में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, सिवनी में भी बारिश का दौर बना रहा।

रविवार को दिन के तापमान में गिरावट आई है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.3 डिग्री, इंदौर में 37.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.7 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री और जबलपुर में पारा 38 डिग्री सेल्सियस रहा।

पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। सिवनी-शिवपुरी में 35 डिग्री, रायसेन में 36 डिग्री, सागर-टीकमगढ़ में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया में सबसे ज्यादा 40.6 डिग्री रहा।

प्रदेश में मानसून 4 दिन लेट प्रदेश में मानसून 7 दिन लेट हो गया है, जबकि इसकी एंट्री को 4 दिन और लगेंगे। IMD ने 25 जून के बाद प्रदेश में मानसून के दस्तक देने का अनुमान जताया है। 23 जून को यह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ सकता है।

15 जून तक मानसून की एंट्री हो जाती है मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में मानसून की सामान्यत: 15 जून के आसपास एंट्री हो जाती है, लेकिन इस बार 22 जून तक मानसून का अता-पता नहीं है। तेलंगाना में 8 जून से ही मानसून अटका हुआ है। हालांकि, यह धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में 23 जून को छत्तीसगढ़ आने की संभावना है। रफ्तार तेज रहती है तो यह एमपी में 25 जून के आसपास आ सकता है। पिछली बार यह 16 जून को ही आ गया था।

बारिश का आंकड़ा घटा मानसून के लेट होने से जून की सामान्य बारिश का आंकड़ा भी तेजी से घट रहा है। प्रदेश में 48 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें से पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में 69 प्रतिशत पानी कम गिरा है।

पश्चिमी हिस्से के संभाग- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में आंकड़ा 29 प्रतिशत कम है। प्रदेश के 55 में से 45 जिलों में बारिश का आंकड़ा माइनस में है। अलीराजपुर में एक बूंद भी रिकॉर्ड नहीं हुई है, जबकि भोपाल में सबसे ज्यादा साढ़े 4 इंच पानी गिर चुका है।

देश के मौसम का हाल
दिल्ली और एनसीआर इलाके के लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि मौसम विभाग ने आंधी-तूफान के साथ बारिश का अनुमान लगाया है. इससे दिन भर में अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि दिल्ली में दोपहर के समय आंधी-तूफान और तेज हवा चल सकती है. हवा की स्पीड 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे पहुंच सकती है, और हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। 

उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी भारत
आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान और यूपी सहित उत्तर-पश्चिम में छिटपुट वर्षा का अनुमान लगाया है. हिमाचल और उत्तराखंड के लिए भारी अलर्ट जारी किए गए हैं, क्योंकि दोनों में 22-23 जून के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, जो 60 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकते हैं. पूरे सप्ताह अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा की गतिविधि होने की संभावना है। 

पूर्वी और पश्चिमी भारत
सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 23-25 ​​जून तक भारी बारिश होने की उम्मीद है. बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी तेज हवा के साथ गरज के साथ बारिश होने की उम्मीद है. 22 जून को हवा की स्पीड 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है. मौसम विभाग ने 22-28 जून के दौरान गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश की गतिविधि का अनुमान लगाया है। 

मध्य भारत
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 22 से 26 जून तक बारिश जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कहीं-कहीं बारिश, गरज, बिजली कड़कने और तेज हवा का अनुमान लगाया है. मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से तेज़ हवा भी चल सकती हैं। 

दक्षिणी भारत
दक्षिणी भारत में इस हफ़्ते तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में बारिश होने की उम्मीद है. 22 जून को तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल में भारी बारिश होगी। 

लू के हालात
हीटवेव की स्थिति 22-25 जून के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर हो सकती है. कर्नाटक और ओडिशा में आज रात के समय मौसम गर्म रहने का अनुमान है। 

चीता परिवार को देखने के बाद राष्ट्रपति लौटीं दिल्ली, ग्वालियर एयरपोर्ट पर हुआ भव्य विदाई समारोह

ग्वालियर
 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मध्यप्रदेश के भ्रमण के उपरांत 22 जून को सुबह 10.35 बजे वायुसेना के विमान से ग्वालियर से दिल्ली रवाना हुईं। राष्ट्रपति श्योपुर जिले के कूनों से प्रात: 9.15 बजे हैलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर वायुसेना के विमानतल महाराजपुरा ग्वालियर पधारीं। उनके साथ मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी आए।

ग्वालियर विमानतल पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह एवं महापौर शोभा सिकरवार ने विदाई दी।

विमानतल पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, डीजी होमगार्ड सुश्री प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव, संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, आईजी अरविंद कुमार सक्सेना, डीआईजी असित यादव, कलेक्टर रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं वायु सेना के अधिकारी उपस्थित थे।

कूनो सफारी से किया जंगल भ्रमण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कूनो सफारी से किया जंगल भ्रमण, चीता परिवार को नजदीक से देखा। कूनो नेशनल पार्क के दो दिवसीय दौरे पर आई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को सुबह चीता सफारी से कूनो के जंगल का भ्रमण किया। उन्होंने चीता और उनके शावकों को नजदीक से देखा।

राष्ट्रपति ने सफारी के बाद आदिवासी समाज के चीता मित्र, सफारी ड्राइवर और गाइड से बातचीत की। प्रशासन, पुलिस, वन विभाग और अन्य विभागों के अधिकारियों ने श्योपुर जिले की पहचान से जुड़े उपहार भी राष्ट्रपति को भेंट किए हैं। कुछ ही देर में वह कूनो से प्रस्थान करेगी।

 

आधी बारिश, सूखा जून! अल नीनो के असर से देश ने देखा सबसे खराब मॉनसून का दौर

 नई दिल्ली

भारत में चल रहे मॉनसून सीजन की शुरुआत काफी चिंताजनक रही है. 21 जून 2026 तक देश में औसतन सिर्फ 46mm बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 84.4mm बारिश होती आई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह 46% की कमी है. इस शुरुआती कमी से खेती, जल स्रोतों और किसानों के लिए आने वाले महीनों में चुनौतियां पैदा हो सकती हैं. मॉनसून की इस कमजोर शुरुआत ने पूरे देश में चिंता बढ़ा दी है। 

मौजूदा स्थिति के लिए कई कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं. सबसे बड़ा कारण प्रशांत महासागर में अल-नीनो है, जो सीजन के आगे बढ़ने के साथ और मजबूत होने की उम्मीद है. अल-नीनो तब होता है जब प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में सतही पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है. इससे दुनिया भर का मौसम बिगड़ जाता है. भारत में बारिश कम हो जाती है। 

इसके अलावा इंडियन ओशन डाईपोल (IOD) की स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. फिलहाल IOD न्यूट्रल है, जो बारिश को कोई सपोर्ट नहीं दे रहा. पॉजिटिव IOD अल-नीनो के निगेटिव इफेक्ट को कम कर सकता है, लेकिन इस साल अभी ऐसा नहीं हुआ. मेडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) भी साथ नहीं दे रहा है, जो भूमध्य रेखा के आसपास बादलों और बारिश के बंटने के प्रोसेस को प्रभावित करता है। 

इन सबके कारण नमी वाली हवाएं कमजोर पड़ गई हैं. खासकर मध्य भारत में क्रॉस-इक्वेटोरियल हवाएं कमजोर होने से बारिश काफी कम हुई है. IMD के आंकड़ों के मुताबिक कई राज्यों में सामान्य से बहुत कम बारिश दर्ज की गई। 

मॉनसून का इतिहास 
भारतीय मॉनसून का इतिहास उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. 1901 से अब तक भारत में कई बार सूखे पड़े हैं. 1871-2015 के बीच 26 बार सूखे वर्ष आए, जिसमें 10 प्रतिशत से ज्यादा कमी वाले वर्ष शामिल हैं. सबसे भयानक सूखा 1972 में था, जब बारिश 23.9 प्रतिशत कम हुई. 2009 में भी 22 प्रतिशत कमी दर्ज की गई। 

अल-नीनो वर्षों में अक्सर बारिश कम होती है. 1950 के बाद के अधिकांश सूखा अल-नीनो से जुड़े रहे. 1982 और 2015 में मजबूत अल-नीनो के दौरान बारिश की भारी कमी हुई. लेकिन 1997 जैसे मजबूत अल-नीनो में भी पॉजिटिव IOD के कारण सामान्य बारिश हुई. 1951-2023 के दौरान ट्रिपल ला-नीना (2020-2022) में बारिश सामान्य या उससे ज्यादा रही। 

पिछले कुछ दशकों में मॉनसून में परिवर्तन देखा गया. 1950-2002 तक उत्तर और मध्य भारत में बारिश घट रही थी, लेकिन 2002 के बाद कुछ सुधार हुआ. फिर भी जलवायु परिवर्तन के कारण भारी बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं और सूखा भी लंबा हो रहा है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 2026 में मॉनसून सामान्य से कम (90 प्रतिशत LPA) रहने की 60 प्रतिशत संभावना है। 

भविष्य की बारिश की उम्मीदें
वर्तमान चुनौतियों के बावजूद मॉनसून के फिर से सही होने की कुछ उम्मीद है. IMD के अनुसार जून के आखिरी सप्ताह में स्थिति सुधर सकती है. सोमाली जेट, जो अरब सागर से नमी लाता है, मजबूत होने वाला है. इससे महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार आदि राज्यों में बारिश बढ़ सकती है। 

फिलहाल कई राज्यों में अधिक तापमान और हीटवेव की स्थिति बनी हुई है. बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्मी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है. हालांकि भारतीय मॉनसून की टाइमलिमिट हमेशा अनियमित रही है. पिछले सीजनों में देरी के बाद भी अच्छी बारिश हुई है. आने वाले सप्ताह बताएंगे कि बारिश कैसी होगी। 

कृषि और जल स्रोतों पर असर
मॉनसून भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. खासकर खरीफ फसलों पर इसका सीधा असर पड़ता है. 46 प्रतिशत की कमी से धान, मक्का, दालें आदि की बुआई प्रभावित हो सकती है. जलाशयों में पानी का स्तर कम होने से सिंचाई और पीने के पानी की समस्या बढ़ सकती है. मुंबई जैसे शहरों में जल संकट पहले से दिखने लगा है. किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और फसल चयन में सावधानी से करें. सरकार को जल संरक्षण, सूखा प्रतिरोधी बीजों और सिंचाई सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। 

क्लाइमेट चेंज और मॉनसून का भविष्य
वैश्विक तापमान बढ़ने से मॉनसून पैटर्न बदल रहे हैं. गर्म हवा ज्यादा नमी सोखती है, जिससे कभी भारी बारिश और कभी सूखे की स्थिति बनती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में एक्स्ट्रीम वेदर इवेंट्स बढ़ेंगी.  2026 का मॉनसून शुरुआती कमी के साथ शुरू हुआ है. अल-नीनो और अन्य कारकों के बावजूद IMD आखिरी जून में सुधार की उम्मीद जता रहा है. इतिहास गवाह है कि मॉनसून खुद को संभाल लेता है, लेकिन तैयारी के बिना चुनौतियां बढ़ सकती हैं। 

 

Market Open Today: जोरदार तेजी के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 407 अंक उछला; निवेशकों के चेहरे खिले

मुंबई
 घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों—सेंसेक्स और निफ्टी—में सोमवार को शुरुआती कारोबार में शानदार रिकवरी देखने को मिली है. पिछले कारोबारी सत्र में आई भारी गिरावट के बाद आज बाजार में यह तेजी कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के दम पर आई है. इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से दोबारा शुरू हुई लिवाली और रिलायंस इंडस्ट्रीज व एचडीएफसी बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों (ब्लू-चिप शेयरों) में खरीदारी से बाजार का सेंटिमेंट मजबूत हुआ है। 

सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत शुरुआत
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 407.12 अंक यानी 0.53% की छलांग लगाकर 77,210.02 अंक पर पहुंच गया. इसी तरह, 50 शेयरों वाला एनएसई (NSE) निफ्टी भी 114.75 अंक यानी 0.48% की बढ़त दर्ज करते हुए 24,129.95 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. इससे पिछले सत्र (शुक्रवार) में सेंसेक्स 607.08 अंक गिरकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंक फिसलकर 24,013.10 पर बंद हुआ था। 

इन दिग्गज शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी
सेंसेक्स की शीर्ष 30 कंपनियों में आज चौतरफा खरीदारी देखी जा रही है. प्रमुख बढ़त बनाने वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं. इन हेवीवेट शेयरों में तेजी ने इंडेक्स को ऊपर खींचने में मुख्य भूमिका निभाई है. दूसरी ओर, कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफावसूली भी देखने को मिली. गिरावट दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में टाइटन, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), अडानी पोर्ट्स और आईटीसी (ITC) शामिल रहे। 

वैश्विक और भू-राजनीतिक मोर्चे से मिली बड़ी राहत
बाजार में आई इस तेजी के पीछे दो बड़े वैश्विक कारण काम कर रहे हैं. पहला, कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय मानक ‘ब्रेंट क्रूड’ की कीमत में 1.50 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है और यह घटकर 79.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए सकारात्मक है. दूसरा, भू-राजनीतिक तनाव में कमी आई है. स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में दो दिनों की वार्ता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर पहुंचने का रोडमैप तैयार हो गया है, जिसकी पुष्टि मध्यस्थ देश कतर और पाकिस्तान ने की है। 

मार्केट एक्सपर्ट की राय
एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवी ने बताया, “इस सप्ताह की शुरुआत में वैश्विक संकेत काफी सहायक हैं. हालांकि अमेरिकी बाजार शुक्रवार को ‘जूनटींथ’ की छुट्टी के कारण बंद थे, लेकिन गुरुवार को टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों के दम पर नैस्डैक और एसएंडपी 500 में आई तेजी का सकारात्मक असर आज भारतीय बाजारों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। 

आज से शुरू होगी सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा, छत्तीसगढ़ के 1000 विशिष्टजन होंगे शामिल

रायपुर.

सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा 22 जून यानी आज से शुरू हो रही है, जो 26 जून तक आयोजित की जाएगी. इस विशेष यात्रा में छत्तीसगढ़ के करीब 1000 विशिष्टजन भाग लेंगे, जिनमें पद्म सम्मानित कलाकार, साहित्यकार और संस्कृति कर्मी शामिल हैं.

प्रतिभागी प्रदेश के विभिन्न जिलों की मिट्टी और नदियों का जल लेकर सोमनाथ धाम पहुंचेंगे. यात्रा के दौरान सोमनाथ मंदिर में दर्शन के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना है. यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष ट्रेन सहित सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

राजनांदगांव दौरे पर रहेंगे CM साय, प्रगतिशील किसान सम्मेलन में करेंगे शिरकत

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर और राजनांदगांव जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन से सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ करेंगे और विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.

इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12 बजे रायपुर पुलिस ग्राउंड हैलीपैड से राजनांदगांव के लिए रवाना होंगे. वहां दोपहर 12:30 बजे स्टेट हाई स्कूल ग्राउंड में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन और लोकार्पण एंव भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इसके पश्चात दोपहर 2 बजे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के निवास पहुंचकर उनसे मुलाकात करेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री शाम 3 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध रेत खनन और भंडारण के विरुद्ध लगातार हो रही सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध रेत खनन और भंडारण के विरुद्ध लगातार हो रही सख्त कार्रवाई

केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने किया रात्रिकालीन औचक निरीक्षण

हाईटेक ड्रोन सर्वे से अनुज्ञा के अनुरूप खनन और भंडारण की हो रही है विस्तृत जांच

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध रेत खनन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश भर में लगातार अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की जा रही है। जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ खनिज विभाग का मैदानी अमला अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी कर रहा है। 
           इसी क्रम में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर 21 जून 2026 को रात्रिकालीन खनन क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला एम.सी.बी. की तहसील केल्हारी अंतर्गत दंडाहस्वाही स्थित केवाई नदी, पसौरी, कुटरा तथा हसदेव नदी क्षेत्रों के सघन निरीक्षण में स्वीकृत दो अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों का विस्तृत परीक्षण किया गया। मौके पर उपलब्ध रेत की मात्रा का आकलन हाईटेक ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से किया गया। निरीक्षण में भंडारण अनुज्ञा की शर्तों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित रेत भंडारणकर्ताओं को कारण बताओ सूचना जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
              मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध खनन गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ खनिज संपदा का नियमानुसार दोहन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन एवं भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खनिज सचिव पी. दयानंद ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के पहुंच-विहीन एवं संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से विभिन्न जिलों में अवैध रेत उत्खनन संभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर हाईटेक ड्रोन सर्वे के माध्यम से निगरानी की जा रही है, जिससे अवैध रेत खनन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उक्त कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।

ईरानी टीम ने किया वॉकआउट, शहबाज-मुनीर रह गए हैरान! तभी वेंस ने कान में कही ऐसी बात कि बदल गया माहौल

दोहा 
 ईरान और US के बीच स्विट्जरलैंड में बातचीत का पहला राउंड मुश्किलों भरा रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान ने वार्ता से वॉकऑउट कर दिया. इस दौरान ईरानी डेलीगेशन ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ फोटो खिंचवाने से भी इनकार कर दिया। 

स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में हुई वार्ता में ईरान और अमेरिका के साथ-साथ पाकिस्तान और कतर के अधिकारी भी मौजूद रहे. चारों देश हाल ही में साइन किए गए इस्लामाबाद MoU के तहत बातचीत के पहले राउंड के लिए जमा हुए थे। 

इस बीच, ट्रंप के ईरान को लेबनान में हिज्बुल्लाह पर लगाम लगाने और नई अमेरिकी मिलिट्री कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘ईरान को लेबनान में अपने ज्यादा पैसे पाने वाले प्रॉक्सी को परेशानी पैदा करने से तुरंत रोकना होगा. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत जोरदार हमला करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ्ते किया था। 

गुस्से में कमरे से बाहर निकला ईरानी डेलीगेशन
ट्रंप के इस बयान के बाद ईरानी डेलीगेशन बातचीत की मेज से वॉकआउट कर जाता है. ईरानी अधिकारियों के वार्ता से वॉकआउट करने का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें पहले तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का गले लगाकर स्वागत करते नजर आ रहे हैं. इसके बाद दोनों को धीरे-धीरे बातचीत करते देखा जा सकता है. लेकिन थोड़ी देर बाद ही ईरानी डेलीगेशन गुस्से में कमरे से बाहर चला जाता है। 
अराघची समेत ईरानी डेलीगेशन के वॉकआउट करने से शहबाज शरीफ के चेहरे का रंग उतर जाता है. उनके चेहरे पर हैरानी साफ नजर आती है. कुछ देर बाद, वो अपने बगल में खड़े पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर की तरफ इशारा करते हुए उन्हें कुछ बताते नजर आते हैं। 

जेडी वेंस ने भांप ली स्थिति
ईरानी डेलीगेशन के वॉकआउट करने के बाद माहौल टेंशन वाला हो जाता है. अमेरीका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस की नजर शहबाज-मुनीर पर पड़ती है, जिनके हाव-भाव से परेशानी साफ झलक रही थी. फिर वेंस उन दोनों के पास जाते हैं और शहबाज-मुनीर के कान में कुछ कहते हैं. इसके बाद तीनों काफी देर तक धीरे-धीरे बात करते हुए दिखते हैं। 

ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बातचीत शुरू होने से पहले दोनों पक्षों के बीच हाथ मिलाने और जॉइंट फोटो सेशन का प्लान था. हालांकि, ईरान के चीफ नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर गलिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस सेशन में हिस्सा लेने से मना कर दिया और बाहर चले गए। 

ट्रंप की धमकियों का जवाब देने की तैयारी में ईरान!
तस्नीम न्यूज ने बाद में बताया कि ईरानी डेलीगेशन ट्रंप की धमकियों के विरोध में वार्ता से वॉकआउट कर गया. वहीं, प्रेस टीवी ने भी सूत्रों के हवाले कहा कि ईरानी डेलीगेशन ने अमेरिकी पक्ष के सामने आपत्ति जताई थी. सोर्स ने कहा, ‘ईरानी डेलीगेशन ने अमेरिकी साइड के सामने अपनी आपत्तियां उठाई हैं और अभी ट्रंप की ज़ुबानी धमकियों का सही जवाब देने के लिए हालात का अंदाजा लगा रहा है। 

80 मिनट चली अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा, लेबनान संकट पर अटकी बातचीत, बीच में ही वॉकआउट

वाशिंगटन
महीनों से मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है. संघर्ष को समाप्त करने के लिए स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को पहले दौर की बैठक हुई. हालांकि, ये बैठक तनावपूर्ण रहा. लेबनान को लेकर दोनों देश के बीच मतभेद खुलकर दिखे. साथ ही साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान की वजह से बातचीत बिगड़ते हुए नजर आई। 

अमेरिका की ओर से बातचीत करने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मौजूद थे. वहीं ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हुए। 

स्विट्जरलैंड में आयोजित हुई ये बैठक हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद आयोजित की गई थी. इस बैठक का उद्देश्य साफ था कि दोनों देश सभी मुद्दों पर चर्चा करें और चार महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ें। 

बैठक शुरू होने के पहले ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों से अलग-अलग बैठक की. इसके बाद ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका से बातचीत की प्रगति इस बात पर निर्भर करता है कि वह समझौते की शर्तों को ज़मीन पर कितना लागू करता है और लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई पर कितना विराम लगाता है। 

ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने अब तक समझौते की पहली शर्त यानि सभी मोर्चों पर सीजफायर लागू करने में सफल नहीं हुआ है. ईरान का कहना है कि इसका प्रमाण लेबनान में देखा जा सकता है. वहां अभी भी इजरायल की ओर से सैन्य कार्रवाई जारी है। 

अमेरिका और ईरान के बीच क़रीब 80 मिनट तक बैठक चली. जिसमें प्रतिबंधों में राहत और ईरान की फ्रीज संपत्तियों को रिलीज कराने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। 

वार्ता के दौरान तनाव तब बढ़ गया था जब डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए ईरान को धमकी दी कि वह लेबनान में अपने सहयोगी समूहों को नियंत्रित करे. इससे ईरान भड़क उठा और ईरानी प्रतिनिधिमंडल कुछ देर के लिए बैठक छोड़ दी. हालांकि, बाद में ग़ालिबफ़ ने कहा कि अमेरिका को अपने बयानों में सावधानी बरतने की ज़रूरत है. ईरान की सेना किसी भी स्थिति में जवाब देने के लिए तैयार है। 

वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कूटनीतिक प्रक्रिया में ऐसी घटनाएं सामान्य है. कठिन वार्ताओं में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और बातचीत प्रगति करते रहती है। 

उन्होंने ये भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को ईरान के साथ रिश्ते सुधारने के लिए नए दृष्टिकोण से आगे बढ़ने के निर्देश दिए हैं। 

इस तनाव का असर साफ देखने को मिला. ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित प्रतीकात्मक हैंडशेक और संयुक्त तस्वीर से साफ इनकार कर दिया। 

दूसरी ओर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य मौजूदगी फिलहाल जारी रहेगी. नेतन्याहू का कहना है कि इज़रायल अपनी सुरक्षा के लिए जो क्षेत्र बनाया है उसे जरूरत पड़ने तक बनाए रखेगा. इजरायल एक खुद्दार देश है. हर बात पर सहमति होना जरूरी नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप हर कुछ नहीं करते, जो हम चाहते हैं. और न ही मैं हर कुछ करता हूं जो वो चाहते हैं। 

ईरान-अमेरिका वार्ता में गतिरोध से कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी हुई है. ब्रेंट क्रूड 81 डॉलर के पार पहुंच गई है. $1 से ज्यादा ब्रेंट क्रूड महंगा हुआ है। 

 

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