हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव चरम पर, अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले ट्रंप की टोल चेतावनी

नई दिल्ली
अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के अंतरिम युद्धविराम और स्विट्जरलैंड में होने वाली शांति वार्ता के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को साफ किया कि युद्धविराम के दौरान या उसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल नहीं वसूला जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शांति वार्ता विफल रही तो अमेरिका खुद इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना टोल लागू कर देगा।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यदि स्विट्जरलैंड में रविवार से शुरू होने वाली वार्ता निर्धारित 60 दिनों में किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचती है तो अमेरिका अपनी तरफ से टोल लगा सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, “युद्धविराम के दौरान 60 दिनों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कोई टोल नहीं होगा और 60 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद भी कोई टोल नहीं लिया जाएगा। लेकिन, अगर समझौता पूरा नहीं होता है तो संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा और केवल अमेरिका के लिए ही टोल लगाया जा सकता है। यह टोल मिडिल ईस्ट के देशों के लिए गार्जियन एंजेल (रक्षक) के रूप में दी गई सेवाओं के अतीत, वर्तमान और भविष्य के खर्चों की भरपाई के लिए होगा।”

ईरान का रास्ता बंद करने का दावा
ट्रंप की इस घोषणा ने तकनीकी स्तर की अमेरिका-ईरान वार्ताओं की शुरुआत में ही कड़वाहट पैदा कर दी है। मुख्य मध्यस्थ पाकिस्तान और कतर की भागीदारी के साथ यह बातचीत रविवार से स्विट्जरलैंड में शुरू होने वाली है। वार्ता से ठीक पहले ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा युद्ध को समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धताओं का स्पष्ट उल्लंघन करने के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया गया है। ईरान का कहना है कि यह अंतरिम समझौता सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकने के लिए था, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है।

अमेरिका ने ईरान के दावे को नकारा
अमेरिकी सेना ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि जलमार्ग बंद है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण नहीं है। वहां समुद्री यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और अमेरिकी सेना स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवाजाही निर्बाध बनी रहे।” अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार को भी उस जलमार्ग से 55 व्यापारिक जहाज सुरक्षित गुजरे, जिनमें 1.7 करोड़ बैरल से अधिक कच्चा तेल ले जाया जा रहा था।

स्विट्जरलैंड रवाना हुई ईरान की टीम
जलडमरूमध्य को बंद करने के अपने दावे के तुरंत बाद ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि उनकी वार्ताकार टीम स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो चुकी है। इस टीम में ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ-साथ केंद्रीय बैंक और तेल मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। इस समझौते के तहत ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को भी वापस बहाल किया जाना है।

दूसरी ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की है कि वाइट हाउस के प्रमुख वार्ताकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ पहले से ही स्विट्जरलैंड में मौजूद हैं और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर होने वाली वार्ताओं के तकनीकी विवरणों पर काम कर रहे हैं। वेंस ने फॉक्स न्यूज को बताया कि वे खुद भी अगले एक-दो दिनों में स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगे।

योग दिवस पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में साइकिल रैली, फिटनेस और स्वास्थ्य का दिया संदेश

कवर्धा.

कबीरधाम जिले का एक ऐसा गांव, जहां के लोग वर्षों तक अपने ही गांव का नाम बताने में झिझक महसूस करते थे, लोगों को उपहास का सामना करना पड़ता था, क्योंकि गांव का नाम गधहाभाटा था। अब गांव का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर करने से ग्रामीणों की यह पीड़ा खत्म हो गई है।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसका राजपत्र में प्रकाशन भी किया जा चुका है। इसी खुशी के मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्राम सोनपुर पहुंचे और ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपकर नई पहचान के लिए बधाई दी। इस दौरान उन्होंने गांव के विकास के लिए 7 लाख 50 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सिर्फ गांव का नाम ही नहीं बदला है, बल्कि अब सोनपुर की तस्वीर भी बदल रही है।

गांव में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने गांव का नाम परिवर्तन होने पर उपमुख्यमंत्री का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गधहाभाटा नाम होने के कारण उन्हें कई जगह शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती थी। लोग मजाक उड़ाते थे, जिसका असर सामाजिक रिश्तों और बच्चों के विवाह संबंधों पर भी पड़ता था। अब गांव का नाम सोनपुर होने से ग्रामीण गर्व के साथ अपनी पहचान बता सकेंगे।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कार्रवाई, पिकअप वाहन चालक पर जांच के आदेश

रायपुर
 छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने महासमुंद जिले के प्रवास के दौरान तुमगांव थाना क्षेत्र में बाल श्रम का मामला पकड़ा। सड़क पर एक पिकअप वाहन में बैंड पार्टी द्वारा 6 नाबालिग लड़कों को श्रम के लिए ले जाते देख उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया।  

मौके पर अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा आधे फोन घंटे उपस्थित रही । डॉ. शर्मा ने मौके से ही एसजेपीयू (स्पेशल जूविनाइल पुलिस ऑफिसर), डीपीओ एवं डीसीपीओ की टीम को निर्देशित कर सभी 6 बच्चों को रेस्क्यू कराया। बच्चों को सुरक्षित तुमगांव थाना भिजवाया गया। साथ ही बाल श्रम में प्रयुक्त वाहन क्रमांक CG06GM4266 पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बाल श्रम जैसी लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चाइल्डलाइन की टीम को लगातार निरीक्षण एवं निगरानी रखने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।  

आयोग निश्चित ही बाल अधिकार संरक्षण नियम 2005 के तहत धारा 13 एवं सहपठित धारा 14 के तहत विषय में संज्ञान लेगा।

उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

जबलपुर में योग दिवस 2026: राष्ट्रपति मुर्मु ने योग को बताया भारत का अमूल्य उपहार

जबलपुर
राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हम भारत की उस महान योग परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग प्रदान किया है। योग विश्व समुदाय को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। जिस भारतभूमि ने पूरे विश्व को योग का अमूल्य ज्ञान प्रदान किया, आज उसी पावन धरती से स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मकल्याण का संदेश पुनः समस्त विश्व में प्रसारित किया जा रहा है। “योग स्वस्थ आयु के लिए” थीम पर राष्‍ट्रीय स्‍तरीय कार्यक्रम कलकत्‍ता में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मुख्‍य आतिथ्‍य में आयोजित किया गया। साथ ही राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम महामहिम राष्‍ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु के मुख्‍य आतिथ्‍य में जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में राज्यस्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के कोलकाता से आयोजित कार्यक्रम का लोगो ने सजीव प्रसारण देखा व सुना।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्‍यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्‍यसभा सांसद सुमित्रा वाल्‍मीक, सांसद आशीष दुबे, विधायक सर्वश्री अजय विश्‍नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्‍नू, मुख्‍य सचिव अनुराग जैन, मध्‍यप्रदेश तीर्थ क्षेत्र एवं मेला प्राधिकरण अध्‍यक्ष विनोद गोंटिया, भाजपा नगर अध्‍यक्ष रत्‍नेश सोनकर, भाजपा ग्रामीण अध्‍यक्ष राजकुमार पटेल, भाजपा प्रदेश कोषाध्‍यक्ष अखिलेश जैन, प्रदेश महिला भाजपा अध्‍यक्ष अश्विनी परांजपे, नगर निगम अध्‍यक्ष रिकुंज विज,  संभागायुक्‍त धनंजय सिंह, कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्‍याय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा लगभग 5 हजार योग साधकों ने सहभागिता कर सामूहिक योगाभ्यास किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामहिम राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। ‘योग’ शब्द का अर्थ है जोड़ना  व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और सम्पूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ना। योग एक सशक्त माध्यम है, जो हमें आंतरिक शांति, संतुलन और सामूहिक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है। आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस पहल से योग को विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नई पहचान और व्यापक स्वीकार्यता मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। योग अब जीवन शैली का अंग बनता जा रहा है। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है, और यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रेरक उदाहरण है।

राष्‍ट्रपति ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। यह थीम समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन में योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। योग बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में बहुत सहायक है।

योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है। आज की व्यस्त जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां हमारे सामने एक बड़ी चुनौती हैं। इनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के लिए योग एक सरल, प्रभावी और सुलभ उपाय है।

यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। सामूहिक प्रयासों से योग जन-जन तक पहुंचेगा और सामूहिक मानवता के कल्याण का आधार बनेगा। उन्‍होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्‍प दिलाया।

योग को दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें – राज्यपाल मंगुभाई पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति है। भारतीय ज्ञान परंपरा ने स्वस्थ जीवन का जो मार्ग दिखाया था, आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भारतीय योग को अंतरराष्ट्रीय सम्‍मान दिया गया। योग को पूरी दुनिया में सम्मान दिलवाने में प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता के प्रति आभार व्यक्त करना हम सभी का कर्तव्य है।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्राणायाम के जरिए हम नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच को  अपनाते हैं। ध्यान हमें अपने अंदर झांकने का अवसर देता है और मन की शांति प्रदान करता है। रोजाना केवल 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम हमारे लिए प्रभावी और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सरल माध्यम है। आज  योग को आत्मिक उन्नति का माध्यम बनाकर दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें। स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और योग बने जीवन का धन। यही विकसित भारत का पथ है।

वैश्विक शांति के लिए योग  एकमात्र उपाय – मुख्यमंत्री डॉ यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम -योग फॉर हेल्दी एजिंग है। योग दिवस वैश्विक शांति और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह सुखद संयोग बना है, इस वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी कोलकाता से किया गया । दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया , 210 से अधिक दूतावासों ने भी  भागीदारी की । भारत ने योग के रूप में दुनिया को मानव कल्याण का उपहार सौंपा है। योग का अर्थ है जोड़ना, भारत ने अपने ज्ञान- विवेक और विचार से सदैव सभी को एक-दूसरे से जोड़ा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा, हमारी आध्यात्मिक चेतना और समृद्ध सनातन संस्कृति का वैश्विक पटल पर परिचय कराया है। जब 2015 में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्व योग दिवस का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सभा में रखा तो 175 से ज्यादा देशों ने इसका ऐतिहासिक समर्थन किया था। इस वर्ष सामूहिक योग सत्रों में करीब 30 से 35 करोड़ लोग शामिल हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के कोने-कोने को योग से जोड़ने के लिए हर घर योग अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि देव शंकर और आष्टांग योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि को नमन करते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम संस्कारधानी जबलपुर में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ने सदैव संसार को एक परिवार के रूप में देखा है। हमने कभी भौगोलिक सीमाओं तक अपनी सोच को  सीमित नहीं किया है, अपितु विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम का अमर संदेश दिया , हमारे ऋषियों ने सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामय: की कामना की। मध्यप्रदेश योगियों की तपोस्थली रही है। भगवान श्री कृष्ण को मध्य प्रदेश की धरती  पर योग का ज्ञान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपन्नता गौरवशाली इतिहास का अभिन्न अंग रही है। योगेश्वर श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की,यहां उन्होंने 64 कला और 14 विद्याओं का गहन अध्ययन किया, इनमें योग विज्ञान सबसे प्रमुख था। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया के 200 से अधिक देशों में योगाभ्यास हो रहा है। यह भारत की गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक है। भारत एक बार फिर दुनिया को हमारी समृद्ध संस्कृति से परिचित करा रहा है।

MP के मंदिरों में दान व्यवस्था होगी हाईटेक, QR कोड और ऑनलाइन भुगतान से बढ़ेगी पारदर्शिता

खंडवा.

अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद के बीच मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की दान और प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रतिष्ठित मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर नया मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसे महाकाल एवं ओंकारेश्वर सहित प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में लागू किया जाएगा।

दान और चढ़ावे का होगा पारदर्शी प्रबंधन
ओंकारेश्वर प्रवास पर पहुंचे धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे के पारदर्शी प्रबंधन को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी, जो देश के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास और आस्था की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उज्जैन और ओंकारेश्वर की सतत निगरानी
मौजूदा व्यवस्था ओंकारेश्वर दान पेटियां प्रशासन और मंदिर समिति की मौजूदगी में तय दिनों पर खोली जाती हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होती है। शीघ्र दर्शन से प्राप्त राशि पूरी तरह ऑनलाइन जमा होती है। दान राशि के उपयोग और गणना पर सतत निगरानी रखी जाती है। महाकाल मंदिर नकद, ऑनलाइन और क्यूआर कोड से दान की व्यवस्था है। भेंट पेटियों की राशि पारदर्शी कांच कक्ष में सीसीटीवी निगरानी के बीच गिनी जाती है। बैंक कर्मचारी राशि सीधे मंदिर खाते में जमा करते हैं। दान राशि से श्रद्धालु सुविधाएं, निर्माण कार्य और सेवा प्रकल्प संचालित होते हैं। आय-व्यय की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अलग-अलग प्रकल्पों की पृथक लेखा व्यवस्था विकसित की जा रही है।

पारदर्शिता के प्रमुख उपाय

  • दान पेटियों की निगरानी वीडियोग्राफी और सीसीटीवी रिकार्डिंग
  • ऑनलाइन दान और क्यूआर कोड व्यवस्था
  • बैंक के माध्यम से राशि जमा
  • आय-व्यय का पृथक लेखा-जोखा
  • प्रशासनिक निगरानी में गणना प्रक्रिया।

एनएमडीसी ने 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया, 500 कर्मचारियों ने लिया हिस्सा

हैदराबाद
भारत की सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक और इस्पात मंत्रालय के अधीन  सार्वजनिक क्षेत्र की एक नवरत्न उपक्रम, एनएमडीसी लिमिटेड  ने देश भर में अपने कॉर्पोरेट मुख्यालय, खनन परियोजनाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों में व्‍यापक उत्‍साह व  भागीदारी के साथ 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया।

मुख्य समारोह हैदराबाद स्थित एनएमडीसी के कॉर्पोरेट कार्यालय में आयोजित किया गया, श्री विनय कुमार, निदेशक (तकनीकी); श्री कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक); और श्री सी. नीलकंठ रेड्डी, मुख्य सतर्कता अधिकारी ने कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ मिलकर इस उत्सव में भाग लिया। इस सत्र का संचालन ‘नमस्ते इंडिया’ के योगाचार्य श्री बृज भूषण पुरोहित द्वारा किया गया, जिनके प्रबुद्ध मार्गदर्शन ने प्रतिभागियों को शारीरिक तंदुरुस्ती, मानसिक स्पष्टता और आंतरिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए योग को जीवन शैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कर्मचारियों के समग्र कल्याण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, कंपनी के खनन परिसरों और क्षेत्रीय कार्यालयों में भी एक साथ योग सत्र आयोजित किए गए। कुल मिलाकर, 500 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों ने इस योग  सत्र में भाग लिया, जिसमें प्राणायाम, माइंडफुल स्ट्रेच  तथा  ध्यान का अभ्यास शामिल था।

इस वर्ष  की ग्लोबल थीम, “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) को ध्यान में रखते हुए, एनएमडीसी के इस कार्यक्रम ने जीवन के हर पड़ाव में लंबी उम्र, मानसिक-शारीरिक मजबूती और संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के वैश्विक संदेश को आगे बढ़ाया।

इस वार्षिक आयोजन के अतिरक्ति, एनएमडीसी ने वेलनेस  को अपनी दैनिक कार्य संस्कृति के हिस्से के रूप में शामिल किया है। कंपनी अपने हैदराबाद कॉर्पोरेट कार्यालय में प्रत्‍येक दिन सुबह 30 मिनट का एक संरचित योग सत्र आयोजित करती है। यह पहल निरंतर शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता और कार्यस्थल पर एक सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

 

दिल्ली में BRICS सुरक्षा शिखर बैठक आज से, आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर होगी बड़ी चर्चा

नई दिल्ली
भारत की अध्यक्षता में सोमवार से देश की राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) और सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों की एक बेहद महत्वपूर्ण दो दिवसीय बैठक शुरू होने जा रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे। बैठक में सीमा पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया के बदलते सुरक्षा हालात और रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है।

यह बैठक इस साल सितंबर में भारत में ही आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। भारत इस समय ब्रिक्स समूह का मौजूदा अध्यक्ष है।

चीनी विदेश मंत्री से भी होगी बात
इस सुरक्षा सम्मेलन में सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव और पूर्व रक्षा मंत्री सेर्गेई शोइगु और ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव नेजामीपुर शामिल हैं। चीनी विदेश मंत्री वांग यी की इस यात्रा के दौरान जीत डोभाल के साथ एक अलग द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना है, जिस पर विश्लेषकों की पैनी नजर रहेगी। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा है कि चीन वैश्विक सुरक्षा स्थिति और पारंपरिक-गैर-पारंपरिक चुनौतियों पर ब्रिक्स सदस्यों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने और सितंबर शिखर सम्मेलन के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने को उत्सुक है।

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार इस बैठक का मुख्य विषय ‘विश्व के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ रखा गया है। इस दौरान तेजी से बदलते राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों का स्वरूप, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका और उनसे पैदा होने वाले खतरे के साथ-साथ आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्यबल और सूचना व संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) के सुरक्षित उपयोग की समीक्षा की जाएगी।

भारत उठाएगा सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत इस मंच पर आतंकवाद, विशेष रूप से पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों द्वारा जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाकर की जाने वाली सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों का मुद्दा मजबूती से उठाएगा। इसके अलावा, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी मौजूदा तनाव और टकराव पर भी बैठक में बात हो सकती है।

सहमति बनाने की चुनौती
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर ब्रिक्स गुट के भीतर ही अलग-अलग रुख और भू-राजनीतिक तनाव देखने को मिल रहे हैं। इससे पहले मई में हुई ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों को लेकर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच गहरे मतभेदों के कारण कोई साझा बयानृ जारी नहीं हो सका था, जिसके बाद भारत को चेयरमैन स्टेटमेंट जारी करना पड़ा था। चूंकि ब्रिक्स में सभी फैसले आम सहमति (से होते हैं, इसलिए भारत के सामने सभी देशों को एक मंच पर लाने की बड़ी कूटनीतिक जिम्मेदारी होगी।

अब इस समूह में 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र (Egypt), इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देश हैं। यह संगठन अब वैश्विक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श का एक बेहद शक्तिशाली और बड़ा मंच बन चुका है।

कोलकाता में योग दिवस पर बन सकता है नया रिकॉर्ड, पीएम मोदी के साथ 10 लाख लोगों के योग करने का दावा

कोलकाता
 पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में नया रिकॉर्ड बन सकता है। कोलकाता में करीब 10 लाख लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ योगाभ्यास करेंगे। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने यह जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के बारे में सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, ‘यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल के कोलकाता में यह इवेंट हो रहा है और यहां हमारे प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए बहुत उत्साह है।’

उन्होंने कहा कि आज, 20 जून को एक बड़ा कार्निवल होने वाला है। एक बड़ा ड्रोन शो भी होगा। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश में लगभग 500 नावें एक साथ आएंगी।

पीएम मोदी करेंगे इवेंट की अगुवाई
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने यह भी बताया कि रविवार सुबह प्रधानमंत्री यहां इस इवेंट की अगुवाई करेंगे। इस जगह पर रविवार को 35 हजार लोग इकट्ठा होंगे। वहीं, पूरे कोलकाता में 10 लाख लोग प्रधानमंत्री मोदी के साथ योग करेंगे। पोर्टल पर अब तक 7 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। रात तक यह संख्या 10 लाख के करीब तक पहुंच जाएगी।

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 3,000 लोग करेंगे योग
वहीं खेल मंत्री मनसुख मांडविया रविवार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर ‘योगा फोर हेल्दी ऐजिंग’ थीम के तहत 3,000 लोगों के साथ योग कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे।

खेल मंत्रालय पूरे देश में भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के सभी क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, साइ ट्रेनिंग केंद्र और खेलो इंडिया संस्थानों में एक साथ योग कार्यक्रम आयोजित करके अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाएगा। इसमें पूरे देश से 15,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है

अक्षय कुमार भी होंगे शामिल
बॉलीवुड अभिनेता और फिटनेस आइकॉन अक्षय कुमार दिल्ली में योग कार्यक्रम में मांडविया के साथ शामिल होंगे। योग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ, राज्य के खेल विभाग और खेल विश्वविद्यालय भी एक साथ कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

मांडविया ने एक बयान में कहा, ‘‘जब से संयुक्त राष्ट्र ने हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में अपनाया है, तब से यह सालाना आयोजन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक सेहत के लिए दुनिया भर में मनाए जाने वाले उत्सव के रूप में विकसित हुआ है। ‘उन्होंने कहा, ‘यह दिन अलग-अलग महाद्वीपों के लाखों योग करने वालों को एक साथ लाता है। योग भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर एक वैश्विक कार्यक्रम बन गया है।’

राजधानी में होने वाले ‘फिट इंडिया’ कार्यक्रम में लगभग 3,000 लोगों के जुटने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में मशहूर योग प्रशिक्षक अंशुका परवानी एक खास योग सत्र भी कराएंगी।

 

विपक्षी दलों में लगातार बगावत, भाजपा बोली- नेतृत्व संकट से बढ़ रही टूट

नई दिल्ली
भारतीय राजनीति में पिछले कुछ दिनों से लगातार बगावत का दौर जारी है। विपक्ष में कांग्रेस के बाद नंबर दो आने का दावा करने वाली तीन पार्टियों में एक के बाद एक टूट हुई है। पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद टूटकर भाजपा में शामिल हो गए। उसके बाद पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ताश के पत्तों की तरह बिखरती हुई नजर आई। अब 2022 की टूट के बाद बाकी बची उद्धव ठाकरे की पार्टी में एक बार फिर से बागवत हुई है। पार्टी के 9 में से 6 सांसद शिंदे की तरफ जाने की कतार में हैं। विपक्षी पार्टियों ने इस बगावत का आरोप भारतीय जनता पार्टी के ऊपर लगाया है, तो भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसके लिए नेताओं के असंतोष को वजह बताया।

हिन्दुस्तान से बात करते हुए भाजपा के वरिष्ठ सांसद ने इन पार्टियों में हुई टूट की वजह का भी जिक्र किया। नाम न देने की शर्त पर सांसद ने कहा कि इन पार्टियों के भीतर नेतृत्व की कमी साफ तौर पर नजर आ रही है। इसलिए सांसद और नेता भी साथ छोड़ते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “विधायक या सांसद दल बदलने का फैसला कुछ कारणों से करते हैं। पहला यह कि उन्हें उस पार्टी में अपना राजनीतिक भविष्य नजर ना आ रहा हो। दूसरा, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच में संबंध सही नहीं हों। तीसरा होता है कोई अन्य लाभ, जिसमें पैसे और अन्य चीजें शामिल होती हैं।”

भाजपा नेता ने कहा कि उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी की पार्टी के नेता नेतृत्व को लेकर असंतुष्ट थे। इसलिए वह उनसे अलग हुए हैं। उन्होंने कहा, “शिवसेना में एक समय था कि बालासाहब ठाकरे यह सुनिश्चित करते थे कि पार्टी में नेताओं और कार्यकर्ताओं की पर्याप्त देखभाल हो। लेकिन अब उद्धव गुट में ऐसी कोई बात नहीं है। वहां नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच में अब कोई जुड़ाव नहीं रह गया। अभी भी जो लोग वफादारी की वजह से उद्धव के साथ जुड़े हुए हैं। उनमें कई लोगों को यह लगता है कि पार्टी ने कांग्रेस के साथ समझौता करके हिंदुत्व की रक्षा वाली अपनी छवि को गहरा धक्का पहुंचाया है।”

बंगाल में नेताओं ने ममता बनर्जी की पार्टी नहीं छोड़ी, यह तख्तापलट: भाजपा नेता
भाजपा के एक दूसरे नेता ने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि यहां पर विधायकों ने ममता बनर्जी की पार्टी छोड़ा नहीं है बल्कि तख्ता पलट किया है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक या दो नेताओं का नाराज होकर पार्टी छोड़ना नहीं है। लगभग सभी विधायकों ने मिलकर तख्ता पलट जैसी स्थिति बनाकर रितब्रत बनर्जी को विधानसभा नेता प्रतिपक्ष बना दिया है। दूसरी तरफ 20 सांसद एनसीपीआई में शामिल हो गए हैं। इतने बड़े परिवर्तन के पीछे केवल एक ही वजह है कि इन लोगों को पार्टी नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा। ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस को एक जागीर की तरह चला रही थीं। इसमें चुनकर आए नेताओं की कोई आवाज नहीं थी। इसलिए जैसे ही सत्ता गई, लोग भी साथ छोड़ते गए।”

विपक्षी पार्टियों की टूट से सत्ता पक्ष को फायदा
बता दें, भारतीय जनता पार्टी की तरफ से भले ही इन पार्टियों को तोड़ने की बात से इनकार किया जा रहा हो। लेकिन विपक्ष इसके लिए केंद्रीय सत्ताधारी पार्टी को ही जिम्मेदार ठहरा रहा है। ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया है कि सरकार संसद में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए उनके सांसदों को तोड़ रही है, ताकि दो-तिहाई बहुमत हासिल करके महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक जैसे मुद्दों को निपटाया जा सके।

आंकड़ों की बात करें, तो विपक्षी पार्टियों में होने वाली इस टूट का फायदा भारतीय जनता पार्टी और केंद्र के सत्ताधारी गठबंधन एनडीए को मिलना तय है। क्योंकि अभी तक जिस भी पार्टी के नेता बगावत पर उतरे हैं उन्होंने केंद्र सरकार को समर्थन देने की बात कही है। इस समय पर एनडीए के पास लोकसभा के 293 सांसद हैं। अब इन बाकी सांसदों का साथ मलने के बाद यह संख्या 319 तक पहुंच जाएगी। इससे भाजपा कई मुद्दों को एक साथ निपटाने में भी कामयाब होगी।

रायपुर : ​छत्तीसगढ़ महतारी और भगवान धनवंतरि की वंदना से सारंगढ़ में योग दिवस का शंखनाद

​रायपुर.

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सारंगढ़ के कृषि उपज मंडी परिसर में जिला स्तरीय वृहद योग कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस वर्ष “योगा 365 डेज एम्ब्रेस योगा” और “बढ़ते उम्र के स्वास्थ्य के लिए योग” की थीम पर आधारित इस शिविर में प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा के साथ भगवान श्री धनवंतरि और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस आयोजन में प्रशासनिक और राजनीतिक अमला एक मंच पर नजर आया। मुख्य अतिथि टंकराम वर्मा के साथ कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, बरमकेला जनपद अध्यक्ष सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पत्रकारों और स्कूली बच्चों समेत लगभग 1,000 नागरिकों ने एक साथ बैठकर योग की विभिन्न विधाओं व प्राणायाम का अभ्यास किया।

​पीएम मोदी के संदेश का वाचन और हस्ताक्षर अभियान
कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ राष्ट्र’ बनाने के संदेश का वाचन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को बधाई देते हुए जीवन में नियमित योग अपनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर योग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें मंत्री, कलेक्टर, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने अपने हस्ताक्षर किए।

​योग और नृत्य का अद्भुत संगम
​इस जिला स्तरीय योग दिवस का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा नृत्य शैली में किया गया योग प्रदर्शन रहा। मुख्य सत्र के बाद, योग शिक्षिका (व्यायाम शिक्षिका) ममता साहू के मार्गदर्शन में सिम्मी योगा एंड फिटनेस सेंटर, योगाचार्य सुभाष पटेल की टीम और सरिया की योगिनी अकादमी के बच्चों ने ‘श्रीरामचंद्र’ सहित अन्य भक्ति गीतों पर सामूहिक योग मुद्राओं का विहंगम प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, साक्षी पटेल ने एकल गीत पर योग की अत्यंत कठिन मुद्राओं को सहजता से प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि और उपस्थित जनसमुदाय की खूब वाहवाही बटोरी।

अनुशासित भागीदारी और प्रेरक पल
आयोजन को सफल बनाने में भारत स्काउट, जूनियर रेडक्रॉस और एनएसएस (NSS) के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्कूल और कॉलेज के इन छात्र-छात्राओं की अनुशासित और ऊर्जावान भागीदारी ने योग के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया। कार्यक्रम में एक भावुक और प्रेरक पल तब देखने को मिला जब मंच से हजार से अधिक नागरिकों को योग का अभ्यास करा रहीं मुख्य योग शिक्षिका ममता साहू के माता-पिता और रिश्तेदार भी इस शिविर में शामिल हुए। अपनी बेटी के इस बेहतरीन नेतृत्व और राज्य स्तर पर मिल रहे सम्मान को देखकर उनके माता-पिता भावविभोर हो उठे। यह अनूठा आयोजन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य और एकजुटता का एक अमूल्य संदेश दे गया।

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