जैविक खेती अपनाकर बचाएं अपनी सेहत और जमीन-राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

रायपुर

 किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक करने तथा टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को सारंगढ़ के कृषि उपज मंडी प्रांगण में ‘प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला’ तथा ‘खेती बचाओ अभियान’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया। साथ ही उन्होंने ‘गौ ग्राम जनजागरण वाहन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

​उत्पादन तो बढ़ा, लेकिन पैसा जा रहा अस्पताल: राजस्व मंत्री
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राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने रासायनिक खादों के अंधाधुंध उपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 50 साल पहले लोग नाममात्र का रासायनिक खाद उपयोग करते थे और खुद से तैयार गोबर व केंचुआ खाद खेतों में डालते थे। आज उत्पादन बढ़ाने की होड़ में प्रति एकड़ उत्पादन 8-9 क्विंटल से बढ़कर 35 से 40 क्विंटल तक पहुंच गया है, लेकिन हम अनाज के साथ जहर (रसायन और कीटनाशक) भी खा रहे हैं। यही कारण है कि आज अस्पतालों और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हम जो पैसा मेहनत करके कमा रहे हैं, वह घूम-फिरकर अस्पतालों में जा रहा है।

​पंजाब की ‘कैंसर ट्रेन’ का दिया हवाला
    
मंत्री  वर्मा ने  कहा कि पंजाब में फसल का सबसे ज्यादा उत्पादन होता है, लेकिन आज देश में सबसे ज्यादा कैंसर रोगी भी वहीं हैं। वहाँ से एक ट्रेन चलती है जिसे लोग ‘कैंसर ट्रेन’ के नाम से जानते हैं। आज छत्तीसगढ़ में भी ऐसे लोग कैंसर के शिकार हो रहे हैं जो किसी प्रकार का नशा या तंबाकू का सेवन नहीं करते। इसका मुख्य कारण भोजन के माध्यम से शरीर में पहुँचने वाला केमिकल है। इसका एकमात्र समाधान जैविक खेती है।

मोदी की गारंटी और किसान कल्याण को समर्पित सरकार
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मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विजन को साझा करते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि किसानों की तरक्की से ही छत्तीसगढ़ की तरक्की संभव है क्योंकि कृषि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘मोदी की गारंटी’ को पूरा करते हुए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से कर रही है, जिससे किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन भूमिहीन कृषि मजदूरों के पास खुद की जमीन नहीं है, उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना’ लागू की गई है। इसके तहत प्रदेश के लगभग 5 लाख पंजीकृत भूमिहीन मजदूरों के खातों में 10 हज़ार रुपए की राशि ट्रांसफर की जा रही है। 

किसानों को जैविक खाद की किट भी वितरित
     
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने हितग्राहियों को राशन कार्ड और किसानों को जैविक खाद की किट भी वितरित की। ​कार्यशाला में उपस्थित कृषि वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों ने मिट्टी की जल धारण क्षमता और कार्बनिक पदार्थों (ह्यूमस) को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। महिलाओं के स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए जैविक कीटनाशकों और खादों की प्रदर्शनी का अतिथियों ने अवलोकन किया। किसानों को वर्मीकंपोस्ट, वर्मीवॉश, नाडेप खाद के साथ-साथ हरी खाद (जैसे ढैंचा, सनई एवं मूंग) के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।
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इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि,कलेक्टर,सहित बड़ी संख्या में कृषक, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका-राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर

पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका-राज्यपाल  रमेन डेका

राज्यपाल  रमेन डेका से आज छत्तीसगढ़ राज्य वन सेवा 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने लोक भवन में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। वन अधिकारियों के पास कानून, संसाधन और अधिकार उपलब्ध हैं, जिनका प्रभावी उपयोग कर वे पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ अत्यधिक छेड़छाड़ के परिणामस्वरूप भूकंप, बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ता है। इसलिए पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मानव, पशु और  प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करना सतत विकास का आधार है। राज्यपाल ने रेत के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आधारभूत संरचना निर्माण के लिए आवश्यक खनिज है। उन्होंने अधिकारियों से इस दिशा में शोध और नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे उपाय विकसित किए जाएं जिससे नदियों में जल प्रवाह सतत बना रहे, उनकी क्षमता बढ़े, पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और आवश्यक मात्रा में रेत भी प्राप्त होती रहे। राज्यपाल ने वन अधिकारियों से कहा कि वे जंगलों के प्रति लगाव उत्पन्न करें, इससे उन्हें जंगलों को समझने में आसानी होगी और वे अपने  दायित्वों का निर्वाह अच्छे से कर सकेंगे।

राज्यपाल ने  वृक्षारोपण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट का घेरा बना दिया जाता है, जिससे उनके विकास में बाधा आती है तथा वर्षा जल का भू-जल स्तर में समुचित पुनर्भरण नहीं हो पाता। ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वन अधिकारियों का कार्य  कार्यालय में बैठना नहीं है  बल्कि जंगलों में भ्रमण कर  वनवासियों की समस्याओं को समझना और वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नवाचारपूर्ण उपाय करना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जीवन में कोई ऐसा भी काम करें जो सेवा से जुड़ा हुआ हो चाहे वह पर्यावरण सुरक्षा, स्वच्छता, मानव सेवा जैसे कार्य हो सकते हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, उप सचिव निधि साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य वन सेवा 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ

रायपुर 

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में निज निवास बगिया से जशपुर जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ किया। फरसाबहार विकासखंड में सफल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित इस कार्यक्रम को अब जिले के सभी विकासखंडों तक विस्तारित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की आधारभूत गणितीय दक्षताओं को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों की सहभागिता से सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती है। आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक, पालक और विद्यार्थी एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब शिक्षा के परिणाम अधिक सकारात्मक और स्थायी होते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘जश लर्न’ कार्यक्रम बच्चों की गणितीय समझ विकसित करने, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने तथा सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया संवाद, पूछा— क्या-क्या सीखे हो?

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से लाभान्वित विद्यार्थियों वंदना यादव, नव्यता यादव, आयुषी तिर्की एवं कुसुम डडसेना से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पूछा कि इस कार्यक्रम से उन्हें क्या सीखने को मिला और पढ़ाई में किस प्रकार लाभ हुआ।

ग्राम झारमुंडा की कक्षा पांचवीं की छात्रा नव्यता यादव ने बताया कि अब उसे 20 तक पहाड़े याद हो गए हैं और जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसे गणितीय प्रश्न आसानी से हल कर लेती है। धनपुर की छात्रा वंदना यादव ने बताया कि नियमित फोन आधारित मार्गदर्शन और अभ्यास से गणित के प्रति उसका आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले गणित कठिन लगता था, लेकिन अब पढ़ाई में आनंद आने लगा है।

बच्चों के अनुभव सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा में तकनीक, शिक्षक और अभिभावकों की संयुक्त सहभागिता से सीखने के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं।

डाइट के प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से जुड़े डाइट जशपुर के प्रथम वर्ष के उन प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, जिन्होंने मोबाइल आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों की गणितीय दक्षता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा क्षेत्र में नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां भावी शिक्षक समाज के बच्चों के सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।

फरसाबहार में मिले उत्साहजनक परिणाम

जिला प्रशासन जशपुर द्वारा यूथ इम्पैक्ट संस्था के सहयोग से फरसाबहार विकासखंड में ‘जश लर्न’ कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया था। इसके अंतर्गत कक्षा तीसरी एवं चौथी के चयनित विद्यार्थियों को डाइट जशपुर के छात्र-अध्यापकों द्वारा नियमित रूप से मोबाइल फोन के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया गया।

बच्चों की गणितीय दक्षताओं का आकलन कर उन्हें जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी मूलभूत अवधारणाओं में चरणबद्ध तरीके से मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे घर पर भी बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रही।

डाइट जशपुर की प्रशिक्षु छात्रा सृष्टि ने बताया कि अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से गणित में कमजोर बच्चों को उनके अभिभावकों की उपस्थिति में नियमित फोन कॉल कर मूलभूत गणितीय कौशल सिखाए गए। इससे बच्चों को विद्यालय के अतिरिक्त घर पर भी सीखने का अवसर मिला।

260 विद्यार्थियों को मिला लाभ, 75 प्रतिशत बच्चों ने हासिल की दक्षता

पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत डाइट जशपुर के 90 प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों ने फरसाबहार विकासखंड के 260 विद्यार्थियों को मोबाइल आधारित शिक्षण सहायता प्रदान की। कार्यक्रम के परिणाम अत्यंत सकारात्मक रहे और लगभग 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने जोड़, गुणा, भाग एवं अन्य मूलभूत गणितीय संक्रियाओं में दक्षता प्राप्त की। बच्चों की सीखने की गति, गणितीय समझ तथा आत्मविश्वास में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।

अब जिले के सभी विकासखंडों में पहुंचेगा ‘जश लर्न’

पायलट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम को जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी सीएसी को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

“साथ मिलकर सीखें, आगे बढ़ें” की भावना पर आधारित यह पहल जशपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और नवाचारपूर्ण मॉडल के रूप में उभर रही है। कार्यक्रम के विस्तार से जिले के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा उनकी आधारभूत शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, डाइट जशपुर के प्रशिक्षु विद्यार्थी, पालकगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भारत माता की प्रतिमा एवं भव्य शहीद स्मारक का किया लोकार्पण

रायपुर

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भारत माता की प्रतिमा एवं भव्य शहीद स्मारक का किया लोकार्पण

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम नेउरगाँव खुर्द में भारत माता की प्रतिमा एवं भव्य शहीद स्मारक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों की एकजुटता, देशभक्ति और शहीदों के प्रति सम्मान की भावना की सराहना करते हुए कहा कि नेउरगाँव खुर्द ने पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

’गाँव के हर घर से हुआ सहयोग’ 

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि शहीदों के त्याग और बलिदान को स्मरणीय बनाए रखने के लिए ग्रामीणों द्वारा किया गया यह प्रयास समाज में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक समरसता का अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने बताया कि शहीद स्मारक परिसर के निर्माण की शुरुआत उनकी विधायक निधि से प्रदत्त 3.50 लाख रुपए की राशि से हुई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने इसे केवल एक निर्माण कार्य न मानकर अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता का प्रतीक बना दिया। इसके लिए गाँव के हर घर से कुछ ना कुछ सहयोग प्रदान किया गया और ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और जनभागीदारी से स्वयं चंदा एकत्र कर लगभग 10 लाख रुपए की लागत से शहीद स्मारक का निर्माण कराया।  

’नई पीढ़ी को मिलेगी देश के वीर शहीदों के बलिदान से प्रेरणा’

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि इस कार्य की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गाँव का सामूहिक प्रयास सामाजिक एकता, सद्भाव और राष्ट्रभक्ति की उत्कृष्ट मिसाल है। ऐसे कार्य नई पीढ़ी को देश के वीर शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेने और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों से मुलाकात कर उनसे संवाद भी किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशी राम धुर्वे,  रामकिंकर वर्मा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।

अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदारी से काम करें, हर जरूरतमंद तक पहुँचे सरकारी योजनाएँ’ – मंत्री टंक राम वर्मा

​रायपुर

राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने सारंगढ़ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में सुशासन तिहार, सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों के निपटारे और लोक- कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की ज़मीनी हकीकत परखी। मंत्री   वर्मा ने कहा कि सरकार की योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिकारी-कर्मचारी का सामूहिक योगदान होता है, इसलिए सभी अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करें।

राजस्व मामलों में लाएं तेजी, सीमांकन और नामांतरण को दें प्राथमिकता
   
​राजस्व मंत्री  वर्मा ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों से तहसीलवार लंबित राजस्व प्रकरणों जैसे—सीमांकन, खाता विभाजन और फौती नामांतरण की तुलनात्मक प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और राजस्व से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने पिछले वर्षों के स्वीकृत प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अपूर्ण और अप्रारंभ कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों से इसका कारण पूछा। ​जिला पंचायत सीईओ ने जानकारी दी कि कई मूल हितग्राहियों की मृत्यु हो जाने और उनके वैध नॉमिनी (वारिसदार) न होने के कारण कुछ कार्य अपूर्ण या अप्रारंभ हैं। ​मंत्री  वर्मा ने इस तकनीकी समस्या को जल्द से जल्द दूर कर आवास निर्माण  कार्य को गति देने के निर्देश दिए।

जरूरतमंद हितग्राही को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले
      
मंत्री  वर्मा ने पीएम ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से जिले की नई स्वीकृत सड़कों और वर्तमान सड़कों के निर्माण व मरम्मत कार्य का ब्यौरा लिया। उन्होंने बारिश के मौसम को देखते हुए सड़कों की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी दुरुस्त रखने की हिदायत दी।उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के अच्छे कर्तव्य निर्वहन और सेवा भाव से ही अंतिम छोर पर बैठे जरूरतमंद हितग्राही को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिल सकता है। काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खाद-बीज का भंडारण व सहकारी समितियों में मांग-आपूर्ति की ली जानकारी
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बैठक के दौरान  मंत्री ने जिले के विकास और आम जनता से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। जिसमे आयुष्मान कार्ड प्रगति, जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएँ, जीवनदीप समिति के कार्य,जिले में पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की उपलब्धता, खरीफ सीजन हेतु किसानों के लिए खाद-बीज का भंडारण व सहकारी समितियों में मांग-आपूर्ति की स्थिति,पेंशन योजनाएं, छात्रावासों की स्थिति, अनुकंपा नियुक्ति के मामले और ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रगति,पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना,जल जीवन मिशन के कार्य आदि शामिल है। इसी तरह डीएमएफ के कार्यों, ई-ऑफिस प्रणाली, रोड सेफ्टी, महतारी वंदन योजना और देश में लागू ‘भारतीय न्याय संहिता’ के तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
       
बैठक में कलेक्टर मती पद्मिनी भोई साहू, प्रभारी पुलिस अधीक्षक सु निमिषा पाण्डेय सहित जिले के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका ने मरका गांव के स्कूल को दिए डिजिटल बोर्ड

रायपुर

राज्यपाल रमेन डेका ने लोकभवन में बेमेतरा जिले के ग्राम मरका के स्कूल के लिए डिजिटल बोर्ड प्रदान किया।

 डेका ने ग्राम पंचायत मरका में संचालित शासकीय मीडिल स्कूल के बच्चों की सुविधा के लिए 65 इंच का यह स्मार्ट बोर्ड अपने स्वेच्छानुदान मद से प्रदान किया है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके स्कूल में शिक्षक उपलब्ध है लेकिन स्मार्ट बोर्ड नहीं था। अब यह सुविधा मिलने से स्कूल के बच्चे नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, प्रयास विद्यालय जैसे उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रवेश के लिए तैयारी कर सकेंगे। 

ग्रामीणों ने राज्यपाल को जैविक रूप से उत्पादित दाल, चना एवं अन्य सामग्रियां भेंट की। 

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ.सी.आर प्रसन्ना, ग्राम पंचायत के पदाधिकारी, शाला प्रबंधक समिति के अध्यक्ष उपस्थित थे।

जैविक खेती, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर

किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है। आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर फसल चयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा सुदृढ़ बाजार व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को समृद्ध बनाए बिना विकास का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित जैविक किसान मेला एवं खेत बचाओ अभियान अंतर्गत प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता तथा मानव स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व में गोबर खाद, ढैंचा एवं अन्य हरी खादों के उपयोग से खेती अधिक टिकाऊ और भूमि अधिक उपजाऊ रहती थी। आज आवश्यकता है कि परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय कर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों के आयात पर निर्भरता को देखते हुए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे विकल्प किसानों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इनके उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी संरक्षित रहती है।

किसानों को मिला आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर

कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कृषि प्रदर्शनों का अवलोकन कर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की तथा किसानों से संवाद भी किया।

कार्यक्रम में ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव का लाइव प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और उनके उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही कृषि नवाचारों, जैविक खेती, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित जीवंत प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।

उत्कृष्ट किसानों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में आयोजित किसान प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। ग्राम खोंगा (मनोरा) के किसान महेश सिंह को जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। ग्राम लाखाझार के किसान सुखराम को 33 किलोग्राम वजन के कटहल उत्पादन तथा ठेठेटांगर के किसान विजय भूषण को ढाई किलोग्राम वजन के आम उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत कृषक गुप्तेश्वर को भूमि पट्टा भी प्रदान किया।

औषधीय एवं सुगंधित फसलों को मिलेगा बेहतर बाजार

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जिला प्रशासन जशपुर एवं सेमिना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन के लिए महत्वपूर्ण अनुबंध किया गया। इस पहल से जिले के किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा मूल्य संवर्धन और विपणन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

किसानों की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस प्रदान किया गया तथा शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना से बदलेगी खेती की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चयनित देश की 100 प्रमुख परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ की एकमात्र बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना शामिल है। लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से 14 गांवों के लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली इस योजना से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी नहीं होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए देश के चयनित 100 जिलों में छत्तीसगढ़ के केवल तीन जिले—दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर—शामिल किए गए हैं, जिससे जिले के कृषि विकास को नई गति मिलेगी।

सुशासन और डिजिटल सेवाओं से ग्रामीणों को मिल रही सुविधा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। अधिकांश शासकीय कार्य अब ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से 400 से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लोग घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि अब नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं। 24×7 संचालित इस व्यवस्था से 42 विभागों के 8 हजार से अधिक अधिकारी जुड़े हैं और प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध निराकरण की निगरानी की जा रही है।

कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्षमती गोमती साय, जशपुर विधायकमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव,  नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष यशप्रतापसिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष : अंबिकापुर में पंजीकरण शिविर बना जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम

रायपुर

सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष : अंबिकापुर में पंजीकरण शिविर बना जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में संचालित “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत सभाकक्ष, अंबिकापुर में वृहद पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा योजनाओं से जुड़ने के लिए पंजीयन कराया।

कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप से उपस्थित थे। उनके साथ विधायक  प्रबोध मिंज सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। इस अवसर पर मंत्री  अग्रवाल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया, हितग्राहियों से संवाद किया तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की।

शिविर के दौरान उपस्थित जनसमूह को प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, जनधन योजना, स्वच्छ भारत मिशन सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया समझाई तथा मौके पर ही पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनसेवा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार की प्रत्येक योजना का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा रहा है, जिससे गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
 अग्रवाल ने कहा कि “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान केवल उपलब्धियों को बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता और शासन के बीच संवाद को और मजबूत बनाने का अवसर भी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे शासन की जनहितैषी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें तथा अन्य पात्र लोगों को भी इनके बारे में जागरूक करें।

कार्यक्रम में विधायक  प्रबोध मिंज ने भी नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पंजीकरण शिविरों से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचती है और उन्हें लाभ प्राप्त करने में आसानी होती है।

शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की जानकारी और पंजीयन सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें काफी लाभ मिला है। कार्यक्रम के दौरान सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना के साथ विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा जनभागीदारी को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया गया।
अंबिकापुर में आयोजित यह पंजीकरण शिविर जनसंपर्क, जनविश्वास और जनकल्याण का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा। केंद्र में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

दमोह के डायल-112 हीरोज 1 वर्ष 5 माह के मासूम को सकुशल दस्तयाब कर माँ के सुपुर्द किया

भोपाल

दमोह जिले के थाना हटा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता, संवेदनशीलता एवं तकनीकी समन्वय से एक 1 वर्ष 5 माह मासूम बच्चे को सकुशल दस्तयाब कर उसकी माँ के सुपुर्द किया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से संभावित अनहोनी को टालते हुए बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी।

19 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना हटा क्षेत्र में एक व्यक्ति अपने 1 वर्ष 5 माह के बच्चे को घर से साथ ले गया है। सूचना में बताया गया कि वह शराब के नशे में है तथा फोन पर परिजनों को लगातार धमकी दे रहा है और भ्रामक जानकारी एवं गलत लोकेशन बता रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल थाना हटा क्षेत्र में तैनात डायल-112 डायल 112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

सूचना प्राप्त होते ही डायल-112 वाहन को मौके पर रवाना किया गया तथा घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों एवं पीसीआर को भी दी गई।

मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री संजय आठिया एवं पायलट श्री हरेंद्र अहिरवार ने जानकारी एकत्रित कर बच्चे एवं उसके पिता की तलाश प्रारंभ की। चूँकि संबंधित व्यक्ति लगातार गलत लोकेशन बता रहा था, इसलिए पुलिस कंट्रोल रूम स्टाफ प्रधान आरक्षक श्री नागेन्द्र तिवारी एवं आरक्षक श्री जुनैद मिर्जा द्वारा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक श्री सौरभ टंडन के सहयोग से तकनीकी माध्यमों से लोकेशन ट्रेस की गई।

साइबर सेल से प्राप्त लोकेशन के आधार पर डायल-112 टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति एवं मासूम बच्चे को सकुशल दस्तयाब कर लिया। इसके उपरांत बच्चे को सुरक्षित उसकी माँ के सुपुर्द किया गया।

डायल-112 जवानों, कंट्रोल रूम स्टाफ एवं साइबर सेल के उत्कृष्ट समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई से एक मासूम बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा संवेदनशील मामलों में तकनीक एवं मानवीय दृष्टिकोण के समन्वय से आमजन की सुरक्षा हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।

इंदौर पुलिस ने 48 घंटे में चोरी का किया खुलासा

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी  कार्रवाई के तहत इंदौर पुलिस को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस थाना लसूड़िया की टीम ने कार शोरूम में हुई लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का मात्र 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई संपूर्ण संपत्ति बरामद किया है।

17 जून को इंदौर स्थित पटेल मोटर्स मारुति कार शोरूम के ऑपरेशन मैनेजर सुरेन्द्र चौधरी द्वारा थाना लसूड़िया में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि शोरूम के केबिन में रखे एप्पल आईफोन, सोने के आभूषण तथा चांदी के सिक्के अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिए गए हैं। शिकायत पर थाना लसूड़िया में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान संदेह के आधार पर शोरूम में कार्यरत कर्मचारी लक्की बोरासी (19 वर्ष) निवासी बड़ी ग्वालटोली, इंदौर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह शोरूम में साफ-सफाई का कार्य करता था तथा उसे शोरूम की गतिविधियों एवं सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इसी विश्वास का लाभ उठाकर उसने पहले एप्पल आईफोन चोरी किया तथा बाद में अवसर पाकर शोरूम मालिक के केबिन स्थित लॉकर से मंदिर का सोने का छत्र एवं हीरे जड़ा मुकुट सहित अन्य कीमती सामग्री चोरी कर ली।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 1 किलो 426 ग्राम वजनी सोने का छत्र, हीरे जड़ा मुकुट, 12 चांदी के सिक्के, एक एप्पल आईफोन तथा एक मोटरसाइकिल सहित  लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की  है।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने महंगे शौक एवं ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस द्वारा आरोपी का रिमांड प्राप्त कर उससे अन्य अपराधों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा की गई यह त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई अपराध नियंत्रण, वैज्ञानिक विवेचना तथा नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है। प्रदेश में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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