शिवपुरी कलेक्टर के नाम पर ठगी की कोशिश, फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को लगाया चूना

 शिवपुरी

साइबर ठगों ने मध्य प्रदेश में शिवपुरी जिले के कलेक्टर अर्पित वर्मा के नाम की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी का प्रयास किया। कलेक्टर की पहचान का उपयोग कर लोगों से संपर्क किया और उन्हें सस्ते दामों पर फर्नीचर व इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने का झांसा देकर रकम की मांग की गई। मामला संज्ञान में आने पर शिकायत दर्ज कराई गई है।

क्या है पूरा मामला

शिवपुरी जिले के लालगढ़ गांव निवासी प्रमोद रावत को “अर्पित वर्मा IAS” नाम की एक फेसबुक आईडी से मैसेंजर पर संदेश भेजा गया। संदेश में बताया गया कि कलेक्टर का एक मित्र संतोष कुमार सीआरपीएफ कैंप में अधिकारी है। उसका तबादला हो गया है और वह महज तीन महीने पुराना अपना घरेलू सामान बेहद कम कीमत पर बेच रहा है। इसके लिए वह जल्द ही उनसे संपर्क करेगा।

कुछ समय बाद प्रमोद रावत को व्हाट्सएप पर संदेश मिला। उसमें बेड, लैपटॉप, रेफ्रिजरेटर, सोफा सहित अन्य घरेलू सामानों की तस्वीरें भेजी गईं। फर्नीचर और इस सारे सामान की कीमत मात्र 90 हजार रुपये बताई गई। इसे खरीदने के लिए अग्रिम राशि के भुगतान की मांग की गई।

अन्य लोगों को भी इसी तरह के संदेश भेजे गए हैं

जिला जनसंपर्क अधिकारी प्रियंका शर्मा ने बताया कि मामले की शिकायत साइबर सेल शाखा में दर्ज करा दी गई है। पुलिस विधिक कार्रवाई के लिए फर्जी आईडी संचालित करने वालों की पहचान कर रही है।

NEET Re-Exam से पहले महू में सुरक्षा में बड़ी चूक, परीक्षा केंद्र से कैमरे चोरी

महू

 नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद रविवार को फिर से नीट की पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के पूर्व महू के शासकीय भेरूलाल पाटीदार स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्थित बनाए गए परीक्षा केंद्र से दो सीसीटीवी कैमरे चोरी होने की घटना हुई है। इस मामले में प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर कैमरे बरामद कर लिए हैं। घटना ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि प्रशासन ने परीक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाने का दावा किया है।
कैमरे चोरी की घटना हुई कैद

जानकारी के अनुसार डिग्री कॉलेज में दो परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें वाणिज्य संकाय भवन में बनाए केंद्र में 240 और प्रशासनिक भवन में बनाए गए केंद्र में 480 इस तरह कुल 720 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सुरक्षा के लिए दोनों केंद्रों पर 18-18 कैमरे लगाए गए हैं।

 

प्रकृति हमारी मां है, इसे रासायनिक उर्वरकों से बचाएं, प्राकृतिक खेती अपनाएं : प्रधानमंत्री मोदी

भोपाल 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि प्रकृति हमारी माता है और हम सब इसकी संतान। अपनी धरती माता को हमें रासायनिक उर्वरकों और हानिकारक कीटनाशकों से बचाना है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती का पहला लक्ष्य मिट्टी में जैविक गतिविधियों को बढ़ाना है। यह खेती मिट्टी में केंचुए और सूक्ष्म जीव पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाती है। इससे भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। स्वस्थ मिट्टी ही समृद्ध कृषि की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि किसान भाई अधिक से अधिक प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाएं। इससे हमारी धरती माता की सेहत भी बनी रहेगी और इससे उपजे अनाज के पोषण से हम सब भी स्वस्थ रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि के अंतरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल के हुगली स्थित तारकेश्वर से देश के 9.40 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किश्त के रूप में कुल 18 हज़ार 880 करोड़ रुपए पात्र किसानों के खातों में अंतरित किए। कार्यक्रम से प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में 1640 करोड़ रूपए प्राप्त हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि के सभी लाभार्थियों से अपील करते हुए कहा कि हमें धरती माता को बचाना है। हमें अपने बच्चों को बंजर जमीन नहीं देनी है। भारत सरकार खेत बचाओ अभियान चला रही है। हमें प्राकृतिक खेती अपनाकर रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग कम से कम करना है। देशभर के किसान खेत बचाओ अभियान से जुड़ें, दूसरों को भी प्रेरित करें और खेतों की मिट्टी की जांच करवाएं। हम सभी मिलकर धरती मां की रक्षा करें। हम केमिकल से धरती मां को नहीं मार सकते हैं। हमें उसे बचाना ही होगा। केंद्र सरकार ने विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया है, इसमें देशवासियों का सहयोग बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के किसानों से कहा कि जिस तरह प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, उसी तरह योग करने से हमारा तन-मन स्वस्थ रहता है। प्रधानमंत्री ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि सभी देशवासी योग करें, क्योंकि योग ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत फरवरी 2019 में हुई थी। इसके तहत हर साल छह हजार रूपये, दो-दो हजार की तीन समान किश्तों में किसान भाईयों को दिए जाते हैं। अब तक प्रदेश के किसान भाईयों को 22 किश्तों में 33 हजार 800 करोड़ रूपये मिल चुके हैं। शनिवार को 23वीं किश्त का अंतरण किया गया। पश्चिम बंगाल में हुए इस कार्यक्रम का देशभर में सीधा प्रसारण किया गया।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में साकार होते देख रहे है रामराज्य की संकल्पना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बरखेड़ीकला स्थित राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान (सिपेट) में ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला सह कृषक संगोष्ठी’ में पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी के संपूर्ण संबोधन का श्रवण किया। मुख्यमंत्री ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम रामराज्य की संकल्पना को साकार होते देख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने गांव, गरीब, अन्नदाता किसान, युवा और नारी सहित सभी वर्गों के कल्याण से विश्व में भारत की अलग ही पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश को दो-दो नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात दी है। इससे प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा और उनके सूखे खेतों में फसलें लहलहाएंगी। आज देश के हर गांव-कस्बे तक बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का जाल बिछ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ही देश के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देने की योजना प्रारंभ की है। यह हमारे अन्नदाता के अथक परिश्रम का सम्मान है। मध्यप्रदेश सरकार भी किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषक कल्याण वर्ष मना रही है। हम किसानों के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले प्रदेश के सभी किसानों को बधाई दी और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। इस अवसर पर विधायक रामेश्वर शर्मा, जनप्रतिनिधि रविन्द्र यति, अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक  बर्णवाल, आयुक्तमती अनुभावास्तव, कलेक्टर भोपाल प्रियंक मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसलों में कीटनाशक और रासायनिक खाद का उपयोग नुकसानदेह है। इससे कैंसर जैसी कई घातक बीमारियां जन्म लेती हैं। सरकार ने किसानों को पुन: प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए पहल की है, इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आज हमारा मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक प्राकृतिक खेती करने वाला राज्यों में अव्वल स्थान पर है। प्राकृतिक खेती की उपज को उचित दाम दिलवाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। हमारी प्राकृतिक खेती से दुनिया लाभान्वित हों, इसी भाव से कार्य करते हुए प्रदेश में तेजी से गोशालाओं का विस्तार किया जा रहा है। हमारी गौमाता प्राकृतिक खेती में सबसे अधिक मददगार प्राणी है। किसान गोबर और गौमूत्र से खाद बनाकर खेतों में डालें, इसी उद्देश्य से गौपालक किसानों को हमारी सरकार हर महीने 1100 रुपए प्रति गाय की दर से आर्थिक सहायता दे रही है। गौ-आधारित कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उपज का सही दाम मिले, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। पहले सोयाबीन पर भावांतर योजना के माध्यम लाभ दिया, उसके बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देकर किसानों से गेहूं उपार्जित किया। राज्य सरकार ने किसानों से गेहूं का एक-एक दाना खरीदकर उन्हें प्रति क्विंटल 2625 रुपए भुगतान किया है। हमारी सरकार प्राकृतिक खेती के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। इससे धरती माता की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी और विदेशी रासायनिक खाद पर निर्भरता भी घटेगी। प्रदेश के नागरिकों को प्राकृतिक तरीके से उगाए देसी ज्वार, बाजरा और गेहूं-चना का स्वाद मिलेगा। किसानों को दूध उत्पादन से भी जोड़ा जा रहा है। इसका दोहरा लाभ आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक खाद निर्माण में भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती में मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है। कम सिंचाई में भी फसल अच्छी होती है। प्राकृतिक खेती केवल खेती की एक तकनीक ही नहीं, धरती माता, किसान और उपभोक्ता- तीनों के स्वास्थ्य की रक्षा का अभियान है। जलवायु परिवर्तन के दौर में यह एक महत्वपूर्ण समाधान है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ियों के लिए जल बचाना हम सबका कर्तव्य है, हम सबको जल संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।

प्रदेश में प्राकृतिक खेती

मध्यप्रदेश देश का अग्रणी कृषि राज्य है। गेहूं, सोयाबीन और दलहन उत्पादन में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश प्राकृतिक खेती में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में 3 लाख एकड़ में जैविक/प्राकृतिक खेती की जा रही है। प्रदेश के 56 कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि महाविद्यालयों द्वारा प्राकृतिक खेती के लिए तकनीकी मदद और प्रशिक्षण किसानों को दिए जा रहे हैं। सरकार प्रदेश में एक हजार से अधिक बॉयो रिसर्च सेंटर बना रही है। ये सेंटर प्राकृतिक खेती में किसानों की मदद करेंगे। प्राकृतिक खेती के उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। देश और विदेश में इनके लिए विशेष बाजार विकसित हो रहे हैं। ब्रांडिंग और प्रमाणन से किसानों को अधिक मूल्य मिलता है। यह आय वृद्धि का बड़ा अवसर है। किसानों की मदद के लिए 3 हजार से ज्यादा कृषि सखी, 200 से अधिक कृषि वैज्ञानिकों को भी प्रशिक्षित किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय बढ़े, लागत घटे और भूमि भी स्वस्थ बने। हर गांव प्राकृतिक खेती का केंद्र बने। समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए सरकार इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

 

एलन मस्क की संपत्ति में गिरावट, फिर भी ट्रिलियन क्लब में बरकरार

नई दिल्ली
दुनिया के सबसे अमीर इंसानों की लिस्ट (World’s Richest List) पर नजर डालें, तो उनकी नेटवर्थ में बड़ा चेंज देखने को मिला है. हाल ही में इतिहास रचते हुए दुनिया के पहले ट्रिलियनर बने एलन मस्क को नुकसान (Elon Musk Loss) हुआ है, तो वहीं टॉप-10 अमीरों की लिस्ट में शामिल कई अरबपतियों की संपत्ति (Top-10 Billionaires Networth) में उछाल आया है.

एलन मस्क को लगा ये झटका
दुनिया के सबसे अमीर इंसान टेस्ला और स्पेसएक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क ने बीते दिनों दुनिया के पहले ट्रिलियनर का खिताब अपने नाम किया, अब तक ये कारनामा कोई न कर सका था. इस मुकाम को छूने के बाद उनकी संपत्ति में गिरावट देखने को मिली है, हालांकि Elon Musk Trillionaire बने हुए हैं. ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, मस्क की दौलत में 32.1 अरब डॉलर की कमी आई है और इसके साथ उनकी कुल संपत्ति 1.23 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई है.

टॉप-10 में शामिल इन रईसों को घाटा
बिलेनियर्स नेटवर्थ के अपडेटेड आंकड़ों पर नजर डालें, तो दुनिया के सबसे अमीरों की लिस्ट में छठे पायदान पर शामिल माइकल डेस की नेटवर्थ 868 मिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 221 अरब डॉलर पर आ गई है. इसके अलावा नौंवे सबसे अमीर बर्नार्ड अर्नाल्ट की नेटवर्थ 2.40 अरब डॉलर गिरकर 168 अरब डॉलर, जबकि 10वें सबसे रईस वॉरेन बफे की नेटवर्थ 749 मिलियन डॉलर की कमी के साथ 146 अरब डॉलर पर आ गई.

इन अमीरों ने की जोरदार कमाई
वहीं Top-10 Billionaire List  में जिन रईसों की दौलत में इजाफा हुआ, उनमें लैरी पेज 314 अरब डॉलर (बढ़त 3.54 अरब डॉलर) के साथ दूसरे पायदान पर हैं. सर्ग्रेई ब्रिन 291 अरब डॉलर (बढ़त 3.22 अरब डॉलर) के साथ तीसरे अमीर हैं. चौथे सबसे अमीर जेफ बेजोस की संपत्ति में 5.80 अरब डॉलर का उछाल आया और ये 266 अरब डॉलर हो गई, जबकि पांचवें नंबर पर मौजूद लैरी एलिसन की नेटवर्थ 722 मिलियन डॉलर बढ़कर 238 अरब डॉलर पर पहुंच गई.

लिस्ट में सातवें पायदान पर काबिज फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग की संपत्ति में 3.25 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और ये उछलकर 206 अरब डॉलर पर पहुंच गई. इसके अलावा NVIDIA के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने भी तगड़ी कमाई की और इनकी दौलत 4.90 अरब डॉलर के इजाफे के साथ 174 अरब डॉलर हो गई. हुआंग लिस्ट में आठवें सबसे अमीर इंसान हैं.

अडानी-अंबानी की संपत्ति में बदलाव
दुनिया के सबसे अमीरों की लिस्ट में शामिल भारतीय अरबपतियों गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की संपत्ति में भी बदलाव हुआ है. Gautam Adani Networth देखें, तो इसमें 3.50 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है और ये बढ़कर 119 अरब डॉलर पर आ गई है. संपत्ति के इस आंकड़े के साथ वे 17वें सबसे अमीर इंसान बन गए हैं.

दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की दौलत घटी है. Mukesh Ambani Networth में 63.6 मिलियन डॉलर की गिरावट देखने को मिली है और इस कमी के साथ ये घटकर 88.8 अरब डॉलर रह गई है. इस आंकड़े के साथ अब अंबानी दुनिया के 25वें सबसे अमीर इंसान हैं.

जापान बना भारत का अहम LNG सप्लायर पार्टनर, अमेरिका से रीसेल बढ़ा

नई दिल्ली
 भारत का एशिया में एक बेहद शानदार दोस्त है-जापान। यह दोस्त भारत को कभी भी तकलीफ में नहीं डालता है और मुश्किल वक्त में भारत के साथ खड़ा नजर आया। यहां तक कि जब रूस-यूक्रेन युद्ध हो या हालिया अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते तेल और गैस की सप्लाई पर संकट आया तो भी जापान आगे बढ़कर भारत की मदद के लिए आया। खास तौर पर लिक्विफा इड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई भारत को कम नहीं होने दी। बीते 28 फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट के जरिये खाड़ी देशों से होने वाली तेल और गैस की सप्लाई तकरीबन ठप सी हो गई है। ऐसे में जापान जैसे सच्चे दोस्तों ने उम्मीद बढ़ा दी है।

अमेरिका से LNG लाकर भर-भरकर भारत को बेचा

  • जापान ने अमेरिका से बड़ी मात्रा में एलएनजी लाकर भारत और चीन जैसे देशों को आपूर्ति कराई। एक नए एनालिसिस ‘जीरो कार्बन एनालिटिक्स’ के अनुसार, 2020 और 2025 के बीच जापान ने एशियाई देशों को अमेरिका की लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) दोबारा बेची।
  • जापान, जो अब दुनिया के सबसे बड़े LNG ट्रेडर्स में से एक है, अमेरिका और एशियाई बाजारों के बीच एक मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा है। वह भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, ताइवान, थाईलैंड, सिंगापुर, बांग्लादेश, पाकिस्तान और मलेशिया जैसे देशों को LNG कार्गो दोबारा बेचता है।
  • 2020 और 2025 के बीच, जापान द्वारा खरीदी गई और दूसरे देशों को दोबारा बेची गई अमेरिकी LNG का लगभग 31 प्रतिशत हिस्सा एशिया भेजा गया।

जापान ने खुद से ज्यादा दूसरों के लिए खरीदी एलएनजी
    एनालिसिस से पता चलता है कि 2021 से जापान ने घरेलू इस्तेमाल के लिए आयात की गई मात्रा की तुलना में विदेशी बाजारों में ज्यादा अमेरिकी LNG बेची।
    ‘डेटा डेस्क’ के अनुसार, 2021 और 2025 के बीच, जापान की अमेरिकी LNG की विदेशी बिक्री उसके घरेलू LNG आयात से 77 प्रतिशत ज्यादा थी।

LNG बाजार के विस्तार में जापान की अहम भूमिका
    जापान में LNG ट्रेडिंग में बढ़ोतरी और US LNG निर्यात का विस्तार एक साथ हुआ। 2023 में US दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यातक बन गया और 2025 तक इस स्थिति को बनाए रखा।
    2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए LNG निर्यात प्रोजेक्ट्स की मंजूरी पर लगी पिछली रोक हटा दी और जापान व दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में आपूर्ति के उद्देश्य से 44 बिलियन डॉलर के अलास्का LNG प्रोजेक्ट को बढ़ावा दिया।

जापान तेजी से खरीद रहा है एलएनजी
    मई 2026 तक, US सरकार ने लुइसियाना और टेक्सास में पांच नए LNG टर्मिनलों और एक मौजूदा टर्मिनल से निर्यात को मंजूरी या दोबारा मंजूरी दे दी थी।
    साथ ही, जापान ने लंबे समय के लिए LNG की खरीद भी बढ़ाई है। जून 2025 में, घरेलू मांग में गिरावट के बावजूद ‘एनर्जी फॉर ए न्यू एरा’ (Energy for a New Era) ने US LNG आपूर्तिकर्ताओं के साथ कई 20-वर्षीय समझौते किए। मार्च 2026 में कई वर्षों के अतिरिक्त आपूर्ति अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए।

जापान से सबसे ज्यादा खरीद रहे द. कोरिया, चीन और भारत

  • दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों ने भी LNG आयात बढ़ाया है। घरेलू गैस भंडार में कमी के कारण 2020 और 2024 के बीच थाईलैंड का LNG आयात 100 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया।
  • अप्रैल 2025 में, थाईलैंड ने 15 वर्षों में 15 मिलियन मीट्रिक टन US LNG आयात करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। दक्षिण कोरिया, चीन और भारत। ये तीन एशियाई देश, जापान से दोबारा बेचे जाने वाले US LNG कार्गो के लिए जापान के दस सबसे बड़े गंतव्यों में शामिल थे।

63.5 बिलियन किलो CO2 का उत्सर्जन

  • ‘जीरो कार्बन एनालिटिक्स’ के एनालिसिस के अनुसार, 5 साल में दोबारा बेची गई इस एलएनजी से अनुमानित 63.5 बिलियन किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का उत्सर्जन हुआ, जो लगभग कोयले से चलने वाले 17 पावर प्लांट के सालाना उत्सर्जन के बराबर है।
  • ‘जीरो कार्बन एनालिटिक्स’ का यह एनालिसिस ‘सेंटर फार रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ और स्वतंत्र जांच समूह ‘डेटा डेस्क’ के LNG शिपमेंट डेटा पर आधारित है। इसमें प्रोडक्शन, लिक्विफैक्शन, शिपिंग, रीगैसिफिकेशन और कंबशन (जलाने) के चरणों में उत्सर्जन का अनुमान लगाया गया है।

किस चीज से कितना उत्सर्जन हुआ

  • रिपोर्ट का अनुमान है कि जापान के रीसेल कॉन्ट्रैक्ट के तहत अमेरिका में उत्पादित और एशियाई देशों को भेजी गई 16.5 बिलियन किलोग्राम LNG से पूरी सप्लाई चेन में 63.5 बिलियन किलोग्राम CO2 का उत्सर्जन हुआ।
  • कुल उत्सर्जन में दहन (combustion) का हिस्सा सबसे ज्यादा, यानी 78 प्रतिशत था। उत्पादन और लिक्विफैक्शन (liquefaction) का योगदान लगभग 16 प्रतिशत था, जबकि शिपिंग का हिस्सा 4.8 प्रतिशत और रीगैसिफिकेशन (regasification) व वितरण का हिस्सा लगभग 0.5 प्रतिशत था।

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा और मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास ने किया सीएम हेल्पलाइन 1076 एवं सेवा सेतु की कार्यप्रणाली का विस्तृत अवलोकन

रायपुर

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास ने आज सीएम हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु की कार्यप्रणाली का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल,
 सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। अधिकारियों ने दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा तकनीक आधारित जनसुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासन को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु इसी सोच के सशक्त उदाहरण हैं, जो शासन और नागरिकों के बीच संवाद तथा सेवाओं की उपलब्धता को सरल और प्रभावी बना रहे हैं।

अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास ने स्वयं सीएम हेल्पलाइन पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव लिया तथा सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायत पंजीयन की प्रक्रिया और समाधान की व्यवस्था का जायजा लिया।  उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए विकसित यह व्यवस्था शासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों को अपनी समस्याएं और शिकायतें सीधे शासन तक पहुंचाने का सुलभ माध्यम उपलब्ध करा रही है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए एक सुव्यवस्थित व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे शिकायतों की निगरानी, समीक्षा और समाधान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके समाधान तक प्रत्येक चरण को तकनीक आधारित प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान का सशक्त मंच बनकर उभर रही है। शिकायतों के निराकरण के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है, जिससे विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारी तय होती है और समस्या के समाधान की निरंतर निगरानी की जाती है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को राहत प्रदान करना और शासन के प्रति उनका विश्वास मजबूत करना है।

अधिकारियों ने सेवा सेतु की जानकारी देते हुए बताया कि यह राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न शासकीय सेवाओं को नागरिकों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाना है। इसके माध्यम से नागरिक अनेक आवश्यक प्रमाण-पत्रों एवं सेवाओं के लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। सेवा सेतु के जरिए शासकीय प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा रहा है, जिससे लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि सेवा सेतु के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है तथा उन्हें मोबाइल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से भी सुलभ बनाया जा रहा है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी शासन की सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। भविष्य में और अधिक सेवाओं को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास ने सीएम हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि ये पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन आधारित विकास दृष्टि को साकार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक के उपयोग से नागरिकों का शासन पर विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण और शिकायतों के प्रभावी निराकरण की दिशा में किया जा रहा यह कार्य विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल: तुएगोंदी के आदिवासी समाज की माँग हुई पूर्ण, उल्लास के साथ हुआ पारंपरिक अनुष्ठान

रायपुर

बालोद जिले में स्थित जामड़ी पाट में आज का दिन आदिवासी समाज के लिए बेहद ऐतिहासिक और हर्षोल्लास से भरा रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की त्वरित और संवेदनशील पहल के परिणामस्वरूप, आदिवासी समाज की यहाँ पारंपरिक अनुष्ठान करने की माँग आखिरकार पूरी हो गई है। इस सुखद निर्णय के बाद, आज समाज के लोगों ने अपनी गौरवशाली परंपरा जामड़ी पाट में पूजा और रीति-रिवाजों के अनुरूप जलकैना में भव्य अनुष्ठान संपन्न किया।
      
विगत दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिवासी समाज के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने जामड़ी पाट में पारम्परिक देवता की अर्चना तथा वहाॅ स्थित जलकैना में अपनी पारंपरिक अनुष्ठान की अनुमति को लेकर लंबे समय से चली आ रही माँग रखी थी। समाज की भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए, मुख्यमंत्री ने अविलंब जिला प्रशासन बालोद को आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय के आदेशों का पालन करते हुए बालोद जिला प्रशासन की देखरेख में आज जामड़ी पाट में अनुष्ठान का कार्य शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

जलकैना (कुंड) में आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार देव-आराधना की। इस दौरान समाज के लोगों में सकारात्मक उत्साह का भाव देखा गया, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल की आदिवासी समाज ने सराहना भी की है। यह निर्णय केवल एक अनुष्ठान की अनुमति तक सीमित नहीं था, बल्कि छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की मूल सांस्कृतिक धरोहरों, परंपराओं और उनकी धार्मिक आस्थाओं के संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  

 

उप मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

रायपुर

उप मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

संवेदनशील जनसेवा और त्वरित समाधान की मिसाल पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने दिव्यांग हितग्राही की मांग को केवल सुना ही नहीं, बल्कि एक दिन के भीतर पूरा भी कराया। ग्राम लाड़नपुर निवासी दिव्यांग श्री जीवराखन पटेल ने आवागमन और रोजगार में हो रही कठिनाइयों को लेकर स्कूटी की मांग रखी थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन उन्हें स्कूटी उपलब्ध कराई गई। आज कवर्धा विधायक कार्यालय में उप मुख्यमंत्री ने जीवराखन पटेल को स्कूटी प्रदान की।

*नेऊरगांव खुर्द में हुई मुलाकात, अगले दिन समाधान*    

कबीरधाम जिले के ग्राम नेऊरगांव खुर्द में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम लाड़नपुर निवासी दिव्यांग श्री जीवराखन पटेल ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से मुलाकात कर आवागमन में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया था। उन्होंने अपनी दैनिक गतिविधियों और रोजगार से जुड़े कार्यों में सुविधा के लिए सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश। उनकी संवेदनशील पहल का परिणाम रहा कि सिर्फ एक दिन के भीतर जीवराखन पटेल को विधायक कार्यालय, कवर्धा में स्कूटी प्रदान कर दी गई।

*आवागमन के साथ व्यवसाय बढ़ाने में मिलेगी मदद*         

स्कूटी प्राप्त करने के बाद जीवराखन पटेल की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने घर के लिए एक छोटी फोटो फ्रेमिंग की दुकान संचालित करते हैं। अब स्कूटी मिलने से न केवल उनके व्यक्तिगत आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे वे अधिक आत्मनिर्भर होकर अपने कार्यों का विस्तार कर सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्कूटी का उपयोग करते समय यातायात नियमों का पालन, अपनी तथा अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने और हेलमेट का नियमित उपयोग करने की सलाह भी दी।    

 कार्यक्रम में तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा हमेशा क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान और जरूरतमंदों की सहायता के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं। जनदर्शन के माध्यम से लोगों को त्वरित राहत और सहायता मिल रही है। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अंबिकापुर में होगा राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम

रायपुर

 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को अंबिकापुर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड में राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रातः 6 बजे से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों, विभिन्न आयोगों एवं मंडलों के पदाधिकारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं तथा विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) निर्धारित की गई है। कार्यक्रम का आयोजन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागी सामूहिक योगाभ्यास करेंगे तथा योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जनस्वास्थ्य और जनजागरूकता का महत्वपूर्ण अभियान बताते हुए कहा है कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो आज पूरी दुनिया को स्वस्थ और संतुलित जीवन का मार्ग दिखा रही है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के उद्देश्य से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न संस्थाओं, शैक्षणिक परिसरों, शासकीय कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही योग के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक लाभों के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। योग विशेषज्ञों द्वारा स्वस्थ जीवनशैली में योग की भूमिका पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को दी 9.65 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के 9 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों की कुल लागत 9 करोड़ 65 करोड़ रुपये है, जिसमें 4 कार्यों का भूमिपूजन तथा 5 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे लोगों के जीवन में सुविधाएं, अवसर और समृद्धि लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, विद्युत, स्वच्छता और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है। विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

6.74 करोड़ रुपये के 4 विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन

मुख्यमंत्री साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कुल 6 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत वाले 4 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 31.68 लाख रुपये की लागत से फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 10 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत पगुराबहार के बेहराटोली में भजनो घर के पास पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया।

इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 220.82 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत चराईडांड़ के मलेरिया बस्ती से राष्ट्रीय राजमार्ग-43 तक 2 किलोमीटर पहुंच मार्ग निर्माण तथा 412.48 लाख रुपये की लागत से घासीमुंडा से कोरवाटोली (ग्राम पंचायत कोहपानी) तक 3.10 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया।

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों की आवागमन सुविधा बेहतर होगी तथा सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

2.90 करोड़ रुपये के 5 विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने कुल 2 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 5 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 40 लाख रुपये की लागत से निर्मित चार कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें ग्राम पंचायत जोकबहला के हरिजन बस्ती पहुंच मार्ग पर आरसीसी पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत जोकारी में मधेश्वर महादेव पहाड़ मार्ग पर आरसीसी पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत डोडापानी के डुमरटोली बस्ती में सीसी रोड निर्माण तथा ग्राम पंचायत हेठघींचा में उपरघींचा से घुड़ाजोर मार्ग पर पुलिया निर्माण कार्य शामिल हैं।

कुडूकेला विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र को मिलेगी बेहतर बिजली सुविधा

लोकार्पण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा 2.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 33/11 केवी, 3.15 एमवीए विद्युत उपकेंद्र कुडूकेला का भी लोकार्पण किया।

इस विद्युत उपकेंद्र के प्रारंभ होने से जामटोली, गड़बहार, टुकूपानी, बरटोली, पंडरा, सुखापोखर, जामचुवां, कुडूकेला, सरडीह, गिनाबहार, टोप्पो बागान, रेंगारघाट, सियावर चौक, चटकपुर, बेने, बासनटोली, कुहूमुड़ा, भेलवाटोली तथा नवापारा सहित अनेक गांवों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी।

इससे क्षेत्र के कृषि कार्यों, घरेलू उपभोक्ताओं तथा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे विकास कार्य क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu