मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कपिला गौशाला पहुंचकर किया गौ पूजन

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य, बिजली मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को उज्जैन के ग्राम रत्नाखेड़ी स्थित कपिला गौशाला पहुंचकर गौ-माता की पूजा कर पशु आहार खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन द्वारा स्थानीय निकायों के माध्यम से गौशाला संचालन का मॉडल विकसित किया गया है। इसके तहत नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को गौशाला संचालन के लिए आवश्यक सहयोग एवं सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही बड़े स्तर पर सामुदायिक गौशाला संचालित करने के इच्छुक संस्थानों एवं व्यक्तियों को भी शासन द्वारा प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की गौशालाओं में लगभग 4 लाख गोवंश सुरक्षित रूप से संरक्षित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्युतानंद जी महाराज के सहयोग से गौ सेवा एवं गौ संरक्षण के प्रति जनभागीदारी लगातार बढ़ रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर सहित विभिन्न नगरों में लोग अपने जन्मदिन एवं अन्य विशेष अवसरों पर गौशालाओं में जाकर गौ सेवा करते हैं, जिससे गौ सेवा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ी है।

कपिला गौशाला, रत्नाखेड़ी में लगभग 2000 गौवंश को रखने की क्षमता विकसित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत चार शेड्स (24-60m) प्रत्येक में अनुमानित 500 गोवंश के रहने की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त गोवंश औषधालय, भूसा भंडारण शेड, गौ सेवा शाला, बायोगैस संयंत्र, प्रशासनिक भवन, प्रयोगशाला, डेयरी, गोवंश अंतिम संस्कार क्षेत्र, आगंतुकों के लिए पार्किंग एवं उद्यान क्षेत्र, वॉच टावर तथा वृक्षारोपण क्षेत्र का निर्माण भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने गौशाला का निरीक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौ शाला के रख-रखाव के लिए नगर निगम द्वारा किये जा रहे कार्यों एवं गौशाला में गौ वंश के लिए की गई  व्यवस्थाओं के लिए नगर निगम की प्रशंसा की।उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा इस क्षेत्र का कायाकल्प कर इसे गौ संरक्षण एवं संवर्धन के एक आदर्श केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापतिमती कलावती यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।

 

UPSC परीक्षा से टकराव के बाद MPPSC ने बदला मेन्स परीक्षा का शेड्यूल

इंदौर

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 और राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 की तारीख आपस में टकरा रही है। इसके चलते मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने अपनी परीक्षा प्री-पोन कर दी। महज चौबीस घंटे में परीक्षा की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले जहां 17 अगस्त से पेपर होना थे, वे अब 8 अगस्त से आयोजित किए जाएंगे। आयोग ने परीक्षा का नया शेड्यूल पोर्टल पर जारी कर दिया है।
यूपीएससी परीक्षा से टकरा रही थी तारीखें

जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा को लेकर लगे अंतरिम स्थगन (स्टे) को हटाने के बाद अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली। लंबे इंतजार के बाद आयोग (एमपीपीएससी) ने शुक्रवार को राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025, 17 से 22 अगस्त के बीच रखी थी, लेकिन शनिवार को अभ्यर्थियों ने 21 अगस्त से यूपीएससी की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा होना बताया।

इसके बाद आयोग ने आनन-फानन में राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 की तारीख में बदलाव कर दिया है, क्योंकि जिन केंद्रों पर पीएससी की परीक्षा होना है, उन्हीं केंद्रों पर यूपीएससी भी करवाई जाएगी। ऐसे में केंद्रों ने भी दोनों परीक्षाएं एक साथ करवाने में असहमति जताई है। आयोग ने नया शेड्यूल जारी करते हुए 8 से 13 अगस्त के बीच छह पेपर रखे हैं।

3 अगस्त से जारी होंगे एडमिट कार्ड

राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के लिए आवेदन की प्रक्रिया अगले सप्ताह से शुरू होगी। 25 जून से 15 जुलाई के बीच बिना विलंब शुल्क ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। मध्य प्रदेश के मूल निवासियों को 400 रुपये और अन्य राज्यों के चयनित अभ्यर्थियों को 800 रुपये पंजीयन शुल्क देना होगा। 15 जुलाई के बाद ऑनलाइन आवेदन करने पर अभ्यर्थियों से विलंब शुल्क वसूला जाएगा। जबकि एडमिट कार्ड भी 3 अगस्त से अभ्यर्थी डाउनलोड कर सकेंगे।

इन 12 जिलों में होंगे परीक्षा केंद्र

आयोग ने परीक्षा के लिए 12 जिलों में परीक्षा केंद्र रखे हैं, जिसमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, रतलाम, सतना, सागर, शहडोल, बड़वानी, उज्जैन और बालाघाट शामिल हैं।

 

प्रदेश की भावांतर भुगतान योजना को मिला प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड-2026

भोपाल 

मध्यप्रदेश शासन की किसान हितैषी एवं नवाचार आधारित भावांतर भुगतान योजना-2025 को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार 20 जून 2026 को पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, अगस्त क्रांति मार्ग, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व और किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना के मार्गदर्शन में भावांतर योजना-2025 तथा ई-मंडी योजना को एकीकृत डिजिटल ढांचे के अंतर्गत सफलतापूर्वक लागू किया गया है। यह पहल किसानों को मूल्य संरक्षण, त्वरित भुगतान और पारदर्शी कृषि विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

भावांतर योजना-2025 के अंतर्गत सोयाबीन की खरीदी पूर्णतः ई-मंडी एप्लीकेशन के माध्यम से की गई। यह देश में पहली बार लागू की गई एक अभिनव व्यवस्था है जिसका उद्देश्य किसानों को बाजार भाव में गिरावट से सुरक्षा प्रदान करना है। योजना में न्यूनतम समर्थन मूल्य और वास्तविक बिक्री दर/मॉडल रेट के बीच के अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सके।

मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल की ओर से यह सम्मान प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम के निर्देशन में सहायक संचालक योगेश नागले, गोविंद शर्मा एवं निरंजन सिंह द्वारा ग्रहण किया गया। दोनों एप्लीकेशन एन.आई.सी. भोपाल द्वारा विकसित की गई हैं।

पुरस्कार समारोह में अध्यक्ष प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद प्रो. एस. महेंद्र देव, अपर सचिव विधि एवं न्याय मंत्रालय डॉ. मनोज कुमार, संचालक इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनामिक रिलेशंस डॉ. शेखर ऐय्यर, महानिदेशक आरआईएस प्रो. सचिन कुमार शर्मा, तथा अध्यक्ष स्कॉच ग्रुप समीर कोचर सहित कई गणमान्य नागरिक एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

यह उपलब्धि मध्यप्रदेश की किसान कल्याण और कृषि विपणन सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है और राज्य की डिजिटल कृषि विपणन व्यवस्था की सफलता को रेखांकित करती है।

 

उज्जैन-सांवेर-इंदौर क्षेत्र के विकास का नया पर्याय बनेगा फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरीडोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर, उज्जैन और सांवेर सहित अन्य शहरों को 5 हजार 657 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। यह प्रदेश की जनता के लिए ऐतिहासिक क्षण है। इंदौर के पितेृश्वर महादेव से बाबा महाकल तक आने के लिए सीधी सड़क का भूमि-पूजन हुआ है। यह परियोजना पीथमपुर को निमाड़ क्षेत्र में आगे दिल्ली-मुंबई इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ेगा और क्षेत्र के लिए आर्थिक समृद्धि का अहम मार्ग बनेगा। राज्य सरकार ने किसानों की मांग पर इसकी ऊंचाई कम की है, जिससे किसानों को भी आवागमन में लाभ मिलेगा। प्राचीन काल में इस मार्ग से वर्षभर साधु-संत और श्रद्धालु पैदल यात्रा करते थे। ग्रीन फील्ड कॉरीडोर उज्जैन-सांवेर-इंदौर क्षेत्र के विकास का नया पर्याय बनेगा। यह परियोजना सिंहस्थ के दृष्टिगत प्रदेश को बड़ी सौगात है। करीब 48 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निर्माण लगभग 2 हजार 935 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री खट्टर के साथ सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रावतीगंज में शनिवार को इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरीडोर का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने विभिन्न योजना के हितग्राहियों को हितलाभ और सड़क सुरक्षा के मद्देनजर हेलमेट वितरित किए।

ग्रीन फील्ड कॉरीडोर विकास का बनेगा नया पर्याय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कॉरिडोर इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के समीप सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा। इस मार्ग के बन जाने से इंदौर और उज्जैन के बीच आवागमन अधिक सुगम और तेज होगा, साथ ही सिंहस्थ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। फतेहाबाद और चंद्रावतीगंज इंदौर-उज्जैन के बीच व्यापार-व्यवसाय का प्रमुख केंद्र रहा है, ग्रीनफील्ड कॉरीडोर विकास का नया पर्याय बनेगा। यह रोड उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी के लिए नए सूर्योदय के समान है। अब इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, धार और रतलाम तक 16 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले मेट्रोपॉलिटन एरिया में 6 रेलवे जंक्शन, 2 एयरपोर्ट, 4 हवाई पट्टी और 2 राजमार्ग शामिल होंगे। सड़क मार्ग, उद्योग-व्यापार-कृषि और रोजगार सहित सभी क्षेत्रों के विकास में अहम योगदान देता है। अब फतेहाबाद को रेलवे के डबल ट्रैक की भी सौगात मिलने जा रही है।

हेलमेट सुरक्षा अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दोपहिया वाहन चालकों का जीवन सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने हेलमेट सुरक्षा अभियान आरंभ किया है। सड़क हादसों के समय हेलमेट लोगों की जान बचाने में ईश्वरीय भू्मिका निभाता है। इसी क्रम में इंदौर प्रशासन द्वारा आज हेलमेट वितरण किया जा रहा है।

स्वनिधि योजना में 20 हजार व्यापारियों को 51 करोड़ रूपए किये जारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 42 हजार से अधिक हितग्राहियों को 2 हजार 548 करोड़ रुपये से अधिक आवासों का भूमि-पूजन किया और प्रदेश में 992 करोड़ से निर्मित 38 हजार आवासों में गृह-प्रवेश कराया गया। इसके साथ ही 446 करोड़ की लागत से 116 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं 310.82 करोड़ की 37 परियोजनाओं का भूमि-पूजन भी किया। क्षेत्र के 20 हजार छोटे व्यापारियों को स्वनिधि योजना अंतर्गत 51 करोड़ रूपए राशि जारी की गई। कार्यक्रम में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत सीवर और जल निकासी की परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ और फायर ब्रिगेड के 36 स्टेशनों के लिये वाहन और उपकरण उपलब्ध कराए गए।

मध्यप्रदेश ने किसानों से सबसे अधिक गेहूं खरीदने का बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में गौमाता पूज्य है, यह हमें अपनी संस्कृति पर गर्व का अवसर देती है। राज्य सरकार ने वृंदावन गांव और गीता भवन तैयार करने का संकल्प लिया है। प्रदेश की लाड़ली बहनों के बैंक खातों में हर माह 15 तारीख से पहले 1500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं। मध्यप्रदेश ने किसानों से सबसे अधिक गेहूं खरीदने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया है। प्रदेश के पौने 14 लाख किसानों से गेहूं उपार्जन कर प्रति क्विंटल 2625 रुपए का भुगतान किया है।

प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के शासन में भारत ने बनाई अपनी विशिष्ट पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों के शासन काल में भारत ने देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला राज्य बना है। नक्सल उन्मूलन कर हमने समर्पण करने वालो को मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया है। आज देशभर से नक्सलवाद का सफाया हो चुका है। भारत सरकार देश के अंदर और सीमाओं को सुरक्षित रख रही है।

विगत 12 सालों में भारत में 25 करोड़ लोग गरीबी से आए बाहर : केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल

केंद्रीय मंत्री आवास एवं शहरी कार्य मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विरासत से विकास की प्रेरणा दी है और इसी को ध्येय बनाकर मध्यप्रदेश में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उज्जैन में स्मार्ट सिटी के उत्कृष्ट कार्य हुए हैं, यह सराहनीय पहल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक दूरदर्शी सोच रखने वाले मुख्यमंत्री हैं, जो मध्यप्रदेश को बहुत आगे ले जाएंगे। हमारी सांस्कृतिक विरासत के बिना हमारा गौरव शून्य हो जाएगा। उज्जैन देशभर में आस्था का प्रमुख केंद्र बनें, इसके लिए कार्य जारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने काशी में विश्वनाथ धाम, अयोध्या में भव्यराम मंदिर और केदारनाथ धाम में विकास को नई दिशा दी है। देश में प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्य काल में कई अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। भारत ने आज दुनिया के देशों को नेतृत्व दिया है। देश में गरीब-जरूरतमंदों को नि:शुल्क आवास, राशन और गैस कनेक्शन दिए गए हैं। विगत 12 सालों में भारत में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

सिंहस्थ – 2028 में शिप्रा मैया के जल से आचमन औैर स्नान करेंगे श्रद्धालु

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव भव्य और दिव्य सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए पूरे संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। उज्जैन में माँ शिप्रा के घाटों का निर्माण तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। सिंहस्थ – 2028 में आने वाले श्रद्धालु शिप्रा मैया के जल से आचमन औैर स्नान करेंगे। सांवेर के 54 गांवों के किसान मां नर्मदा मैया के जल से सिंचाई कर रहे हैं, क्षेत्र के गांव-गांव तक नर्मदा जल पहुंचाने का कार्य जारी है। राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूल मंत्र के साथ हर वर्ग की चिंता करती है। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास कैलाश विजयवर्गीय, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्रीमती प्रतिमा बागरी, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेश नाथ, राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार, विधायक मधु वर्मा, विधायक मनोज पटेल, उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

 

ट्रंप का ईरान समझौते पर पलटवार, बोले “हम झुके नहीं, ईरान खत्म हो चुका है”

 वाशिंगटन
 ईरान के साथ हुए समझौते को आलोचकों द्वारा कमजोर और आत्मसमर्पण करार दिए जाने के बाद चौतरफा घिरे राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया कि वह तेहरान के सामने झुक गए हैं या उसे भारी वित्तीय राहत सौंपने जा रहे हैं।

ट्रंप ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, “हम किसी बेबसी में नहीं मिले थे, बल्कि ईरान हताश था। वे पूरी तरह खत्म हो चुके हैं! हम 60 दिनों की इस अवधि को देखेंगे। उन्हें कोई पैसा नहीं मिल रहा, 10 सेंट भी नहीं!”

जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद वर्साय में ट्रंप द्वारा दूरस्थ रूप से हस्ताक्षरित इस प्रारंभिक समझौते का उद्देश्य एक व्यापक शांति की दिशा में 60 दिनों की तेज गति से काम शुरू करना था। इसके विपरीत, इस कदम ने देश के भीतर एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।

रिपब्लिकन खेमे में दरार
रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने अपनी पार्टी के रुख से अलग हटकर इस समझौते की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे दशकों की सबसे खराब विदेश नीति की भूल करार दिया है।

दूसरी ओर, लेट-नाइट कॉमेडियन्स और सोशल मीडिया ट्रोल्स के लिए यह एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जो इस समझौते की तुलना युद्ध जीतने और उसकी रसीद खो देने से कर रहे हैं। हालांकि इस उपहास का बड़ा हिस्सा राजनीतिक है, लेकिन व्हाइट हाउस के लिए सबसे गंभीर समस्या यह है कि अब आलोचना सिर्फ डेमोक्रेट्स तक ही सीमित नहीं रह गई है।

ट्रंप ने खुद भी ऐसे बयान देकर अपनी मुश्किलें बढ़ा दी हैं जिसने अमेरिका के इजरायल-समर्थक गुटों को हैरान कर दिया है। उन्होंने ईरान के कुछ बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता रखने के अधिकार का समर्थन किया और ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार के महत्व को कम करके आंका।

अमेरिकी राष्ट्रपति अब अप्रत्यक्ष रूप से ईरान के नागरिक परमाणु कार्यक्रम के अधिकार को भी स्वीकार कर रहे हैं, जो उनके पुराने वादे से बिल्कुल उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका यूरेनियम के किसी भी संवर्धन की अनुमति नहीं देगा। हालांकि, वह अब भी इस बात पर अड़े हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ओबामा बनाम ट्रंप नीति पर विशेषज्ञों ने घेरा
हालांकि, ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह समझौता एक मास्टरस्ट्रोक है और बराक ओबामा के 2015 के जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन(JCPOA) से कहीं बेहतर है, लेकिन नीति विशेषज्ञ इस दावे को चुनौती दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जहां ओबामा का समझौता कई सौ पन्नों का एक बेहद विस्तृत और तकनीकी दस्तावेज था, वहीं ट्रंप का यह महज डेढ़ पन्ने का अधूरा मसौदा केवल एक हाथ मिलाने के बदले तेहरान को सब कुछ सौंप देता है।

इस स्थिति के कारण अब कैपिटल हिल के सांसद खुलकर बगावत पर उतर आए हैं, जिनमें कई ऐसे रिपब्लिकन वफादार भी शामिल हैं जो आमतौर पर ट्रंप की बातों को पत्थर की लकीर मानते हैं।

पाकिस्तान को पछाड़ कतर बना नया बिचौलिया
इस बीच, वेंस की स्विट्जरलैंड यात्रा स्थगित होने से मध्यस्थता करने वाले देशों का क्षेत्रीय समीकरण पूरी तरह बदल गया है। पाकिस्तान, जिसने खुद को मुख्य राजनयिक मध्यस्थ के रूप में स्थापित किया था और अप्रैल में आमने-सामने की वार्ताओं की गर्व से मेजबानी की थी, अचानक खुद को इस रेस से बाहर पा रहा है।

इस्लामाबाद के अधिकारी इस उम्मीद में थे कि वे अमेरिका और ईरान के बीच इस ऐतिहासिक समझौते को अमली जामा पहनाकर एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक जीत हासिल करेंगे। लेकिन कतर के अचानक एक अमीर और पसंदीदा मध्यस्थ के रूप में उभरने से पाकिस्तान की स्थिति बेहद असहज हो गई है। वह अब उस शादी के मेहमान जैसा दिख रहा है जिसे ऐन वक्त पर पता चला कि शादी का वेन्यू ही बदल गया है।

मागा गठबंधन में फूट
इस समझौते का असली नुकसान मागा गठबंधन की आंतरिक शांति को हुआ है। एक तीखे प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वेंस ने कूटनीतिक शालीनता को छोड़ सीधे यरुशलम पर हमला बोला। उन्होंने इजरायली अधिकारियों को दोटूक शब्दों में कहा कि वे जागें और जमीनी हकीकत को समझें। इसके साथ ही उन्होंने इजरायली कैबिनेट को याद दिलाया कि उनके दो-तिहाई रक्षा हथियारों का खर्च अमेरिकी टैक्सपेयर्स उठाते हैं।

वेंस ने गुस्से में कहा कि अगर मैं इजरायल सरकार की कैबिनेट में होता, तो मैं पूरी दुनिया में बचे अपने इकलौते शक्तिशाली सहयोगी पर इस तरह हमला नहीं कर रहा होता।

यह सार्वजनिक टकराव मागा व्हाइट हाउस और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच संबंधों में आई अचानक गिरावट को उजागर करता है। देश में आगामी चुनावों का सामना कर रहे इजरायली पीएम ने दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना को हटाने से साफ इनकार कर दिया है, जो एक तरह से ट्रंप के युद्धविराम के प्रस्ताव को खारिज करना है। इस अभूतपूर्व दरार ने अमेरिका-इजरायल संबंधों को एक बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण मोड़ पर खड़ा कर दिया है।

 

संजय राउत का शिंदे गुट पर तीखा हमला, ‘कुत्ते वाले’ बयान से बढ़ा विवाद

मुंबई
 महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) और एकनाथ शिंदे गुट के बीच एक बार फिर राजनीतिक तनाव और जुबानी जंग चरम पर पहुंच गया है। पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 के शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों और ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं के बीच, संजय राउत ने सोशल मीडिया पर बेहद तल्ख पोस्ट साझा किया है।

एक्स पर एक पोस्ट में संजय राउत ने एक इन्फोग्राफिक साझा किया, जिसमें लिखा है, “कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं लेकिन वफादार नहीं होते।” उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया “जय महाराष्ट्र!”

दरअसल, संजय राउत की यह टिप्पणी एकनाथ शिंदे के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने उद्धव खेमे पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, शेर अकेला आता है। शिंदे ने अपने गुट को बालासाहेब ठाकरे की राजनीतिक विरासत का असली उत्तराधिकारी बताने की कोशिश की।

शिंदे ने दिया था कुत्ते वाला बयान
शिंदे ने उद्धव गुट पर कटाक्ष करते हुए कहा, “कुछ कुत्ते भौंकते रहते हैं। कल और परसों भी वे भौंकते रहेंगे। मैं आपको एक बात बताता हूं कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, लेकिन शेर अकेला आता है। जब शेर शिकार करता है तो कुत्ते भौंकते रहते हैं। जब शेर दहाड़ता है तो कुत्ते भौंकते रहते हैं। यही शिवसेना है। यही शिवसेना है। और आज यह शिवसेना महाराष्ट्र में मजबूती से खड़ी दिखाई दे रही है।”

छह सासंद नहीं हुए थे बैठक में शामिल
बताते चलें कि यह दोनों गुटों में यह राजनीतिक बयानबाजी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के भीतर एक नए विभाजन की बढ़ती अटकलों की पृष्ठभूमि में हुआ है, जब पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण संसदीय दल की बैठक में भाग नहीं लिया, जिससे यह अफवाहें तेज हो गईं कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।

यह ताजा संजय विवाद राउत द्वारा गुरुवार को की गई उस घोषणा के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी ने अनुपस्थित छह सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं।

संजय राउत ने पत्रकारों से कहा, “कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हम उन्हें अयोग्य घोषित कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। यदि लोकसभा अध्यक्ष नियमों, कानून और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कार्य करते हैं, तो ये लोग अयोग्य घोषित हो जाएंगे।”

शिंदे गुट में 6 सांसद जाने के लिए तैयार
‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर अटकलों को तब और बल मिला जब शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों ने शिंदे के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया है और उनके गुट में शामिल होने के लिए तैयार हैं।

इस संकट ने उद्धव ठाकरे खेमे को एक और बड़े विभाजन की संभावना का सामना करने के लिए मजबूर कर दिया है, लगभग चार साल बाद जब शिंदे के 2022 के विद्रोह के कारण महा विकास अघाड़ी सरकार का पतन हुआ और अंततः शिंदे गुट को आधिकारिक शिवसेना के रूप में मान्यता मिली।

जशपुर वनमण्डल ने रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

रायपुर 

 पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में जशपुर वनमण्डल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार एवं रोपण का कार्य संपादित कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुखमती सोनल राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया। वनमण्डल की ओर से यह प्रमाण-पत्र वनमण्डलाधिकारी शशि कुमार ने प्राप्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर वनमण्डल, वन विभाग तथा अभियान से जुड़े सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जशपुर में संचालित “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” अभियान जनभागीदारी और प्रकृति संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब शासन, प्रशासन और समाज किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल जशपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

जशपुर वनमण्डल द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी अभियान “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सीडबॉल प्रसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और हरित आवरण में वृद्धि के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करना है।

अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसमें देखने को मिली व्यापक जनसहभागिता रही। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। हजारों लोगों के सहयोग से यह अभियान एक जनआंदोलन के रूप में विकसित हुआ और एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार का नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।

इस उपलब्धि ने जशपुर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। साथ ही यह सिद्ध किया है कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त

रायपुर

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी करते हुए देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, सलियाटोली में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए और किसानों के साथ प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की समृद्धि का आधार किसान हैं और किसानों की उन्नति के बिना विकसित भारत की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बनी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि भूमि और धरती माता का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से देशभर में ‘खेत बचाओ अभियान’ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से इस अभियान से जुड़ने तथा अन्य किसानों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसान परिवारों के खातों में 490 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई। यह सहायता खरीफ सीजन की शुरुआत में किसानों के लिए महत्वपूर्ण संबल सिद्ध होगी, जिससे उन्हें खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अन्नदाता की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किसानों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मविश्वास और सम्मान का संचार हुआ है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने वाली देश की सबसे सफल योजनाओं में से एक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को अधिक लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, कृषक उन्नति योजना सहित अनेक किसान हितैषी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि खरीफ सीजन के प्रारंभ में मिली यह राशि खेती की तैयारी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। किसानों ने बताया कि इस सहायता से खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री की खरीद में सुविधा मिलेगी तथा खेती के कार्यों को समय पर गति मिलेगी।

किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों से कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूती मिल रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है।

कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, बेहतर बाजार व्यवस्था और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दे रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें कृषि उद्यमिता और मूल्य आधारित कृषि से जोड़ना है, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार है।

इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

ड्रोन दीदी अभियान से कृषि क्षेत्र में तकनीक और मातृशक्ति का होगा सशक्त संगम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर

 कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा महिला किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘ड्रोन दीदी अभियान’ अंतर्गत महिला कृषकों का 5 सदस्यीय दल ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए रायपुर रवाना हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है और ड्रोन तकनीक खेती-किसानी को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृशक्ति आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अपने गांवों और क्षेत्रों के अन्य किसानों को भी नई तकनीकों से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।

खेती को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसलों पर उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कम समय में अधिक सटीकता और प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे समय, श्रम और लागत की बचत होने के साथ-साथ कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में भी वृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रोन जैसी नवीन तकनीकों के उपयोग से खेती अधिक सुविधाजनक, टिकाऊ और लाभकारी बन रही है।

महिलाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार का अवसर

ड्रोन दीदी अभियान के अंतर्गत महिला किसानों को ड्रोन संचालन, रखरखाव, सुरक्षा मानकों तथा कृषि कार्यों में ड्रोन के उपयोग संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएं ड्रोन पायलट के रूप में कार्य करने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी तकनीक आधारित कृषि पद्धतियों के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगी।

इस पहल से महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का विस्तार होगा। प्रशिक्षित महिलाएं कृषि कार्यों में ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना ग्रामीण विकास और विकसित कृषि व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। ड्रोन दीदी अभियान महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उल्लेखनीय है कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें कृषि क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। यह पहल ‘तकनीक से सशक्त महिला, समृद्ध किसान और विकसित कृषि’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता समेत तीन की हत्या के 4 आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण

बैकुंठपुर.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर स्थानीय नेता सहित तीन लोगों को 16 जून की काली रात को कार के भीतर पेट्रोल डालकर जिंदा फूंक देने वाले जघन्य व रूह कंपा देने वाले नरसंहार मामले में पुलिस को बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है।

कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक स्थित नौगई गांव में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले में चार आरोपितों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं, घटना के बाद कोरिया पुलिस पहले ही चार अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं एक आरोपित अब भी फरार बताया जा रहा है.

पुलिस का दावा है कि, जल्द से जल्द फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि, नौगई हत्याकांड मामले में कुल 9 आरोपियों को चिन्हित किया गया था. जिसमें से चार आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। शनिवार को मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं एक आरोपित फरार है, जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

तीन लोगों को जलाकर की हत्या
गौरतलब है कि 16 जून की रात भाजपा नेता समेत तीन लोगों को कार में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। इस वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भाजपा से जुड़े नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपित की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इस हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में अब भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

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