निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का रखें ध्यान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सिंहस्थ : 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शनि मंदिर त्रिवेणी क्षेत्र में 778 करोड़ रुपए राशि की लागत से किए जा रहे 29.15 किमी लंबे नवीन घाट निर्माण कार्य की प्रगति का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घाट निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ : 2028 को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का सिंहस्थ अनुभव सनातन संस्कृति के वैभव के अनुरूप हो।

अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने नवीन घाट निर्माण कार्य की विस्तार से जानकारी दी। एसीएस डॉ. राजौरा ने बताया कि 29.15 किमी नवीन घाट का निर्माण 778 करोड़ रुपए राशि से किया जा रहा है। नवीन घाटों पर श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए 150 से अधिक स्थान चिन्हित किए गए हैं। नवीन घाट निर्माण कार्य अंतर्गत 18.20 किमी लंबी रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जा चुका है। लगभग 7 किमी नवीन घाट निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य तेजी से प्रगतिरत है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने शनि मंदिर त्रिवेणी क्षेत्र में नीम, रुद्राक्ष, पीपल के पौधे रोप कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हे कि प्रदेश वनों से आच्छादित रहे।

कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण, टनल मे उतर कर देखी गुणवत्ता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया। परियोजना के टनल भाग में उतरकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने चिंतामन जवासिया गांव के समीप स्थित शाफ्ट नंबर-2 पर फेज नंबर-3 के कार्य की विस्तृत जानकारी ली। एसीएस डॉ. राजेश राजौरा द्वारा योजना की जानकारी दी गई। टनल पहुंच एवं रखरखाव संबंधी तकनीकी पहलुओं की जानकारी भी दी गई।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य कान्ह नदी के दूषित जल को शहर में शिप्रा नदी के प्रमुख घाटों एवं तीर्थ स्थलों में मिलने से रोकना है, जिससे शिप्रा नदी का जल स्वच्छ बना रहे। परियोजना के अंतर्गत ग्राम जमालपुरा, तहसील उज्जैन में कान्ह नदी पर एक बैराज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे दूषित जल को क्लोज डक्ट के माध्यम से 30.15 किमी दूर गम्भीर बांध के डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जाएगा।

परियोजना की लागत 919.94 करोड़ रुपए है। इसकी कुल लंबाई 30.15 किमी (कट एंड कवर डक्ट: 18.15 किमी + टनल: 12.00 किमी) है। टनल भाग में 4 शाफ्टों का निर्माण पहुंच एवं सफाई तथा रखरखाव के लिए किया गया है। डक्ट का डी-आकार का क्रॉस सेक्शन, अधिकतम 40 क्यूसेक दूषित जल की निकासी क्षमता रखता है। परियोजना को आगामी 25 वर्ष तक की जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। निर्माण पूर्ण होने के बाद आगामी 15 वर्ष तक संचालन एवं संधारण का प्रावधान है।

वर्तमान में बैराज का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा हेड रेगुलेटर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। कट एंड कवर भाग की कुल 18.15 किमी लंबाई में से 4.50 किमी में प्री-कास्ट सेगमेंट्स का लेइंग कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष कार्य प्रगति पर है। 18.15 किमी में से 10.30 किमी लंबाई में लेइंग करने योग्य प्री-कास्ट सेगमेंट्स तैयार किए जा चुके हैं। टनल भाग के निर्माण के लिये चारों शाफ्टों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। टनल की कुल 12 किमी लंबाई में से 8.15 किमी की खुदाई कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अवलोकन एवं भ्रमण के समय महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापतिमती कलावती यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

 

योग : स्वस्थ मानवता, संतुलित प्रकृति और सतत भविष्य का आधार- राजेन्द्र शुक्ल

भोपाल 

भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा ने विश्व को सदैव जीवन जीने की दिशा दी है। “वसुधैव कुटुम्बकम्” का भाव केवल एक दर्शन नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण का मार्ग है। इसी परंपरा का अमूल्य उपहार है — योग। आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण विश्व में स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का माध्यम बन चुका है।

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” के रूप में मान्यता मिलना भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है। यह केवल एक दिवस की औपचारिकता नहीं, बल्कि मानवता को बेहतर भविष्य देने का वैश्विक अभियान है। प्रधानमंत्री जी ने योग को जन-जन तक पहुँचाकर उसे आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाया है। आज विश्व के करोड़ों लोग योग को स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति के लिए अपना रहे हैं।

योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन का समग्र विज्ञान

आज जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, असंतुलित जीवनशैली, मानसिक तनाव और बढ़ती बीमारियों जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, तब योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन का समग्र विज्ञान बनकर सामने आता है। योग हमें यह सिखाता है कि जीवन केवल उपभोग का नाम नहीं है। भविष्य केवल संसाधनों के दोहन से सुरक्षित नहीं होगा। सतत विकास का अर्थ है — संसाधनों का सजग, संवेदनशील और विवेकपूर्ण उपयोग।

प्रकृति का सम्मान और शरीर का सम्मान — दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जिस प्रकार प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना आवश्यक है, उसी प्रकार अपने शरीर और मन के संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। योग हमें यही संतुलन सिखाता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दिए गए “Lifestyle for Environment (LiFE)” के मंत्र और योग का दर्शन एक-दूसरे के पूरक हैं। LiFE हमें जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देता है और योग उस जीवनशैली को व्यवहार में उतारने की शक्ति देता है।

 मानवता का भविष्य उपभोग में नहीं, संयमित और सजग जीवन में निहित

आज दुनिया में संसाधनों की प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, लेकिन मानवता का भविष्य केवल अधिक उपभोग में नहीं, बल्कि संयमित और सजग जीवन में निहित है। योग हमें भीतर से अनुशासित बनाता है। यह हमें सिखाता है कि सुख केवल भौतिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति से प्राप्त होता है। प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए “पंच प्रण” के संकल्पों में विकसित भारत का निर्माण, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत पर गर्व, एकता और नागरिक कर्तव्य का भाव — इन सभी का आधार स्वस्थ और जागरूक नागरिक ही हो सकते हैं। योग इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम है। जब व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होगा, तभी वह राष्ट्र निर्माण में अपनी सर्वोत्तम भूमिका निभा सकेगा।

“फिट इंडिया मूवमेंट” भी इसी सोच का विस्तार है। स्वस्थ भारत ही सक्षम भारत बन सकता है। आज स्वास्थ्य का अर्थ केवल अस्पताल और उपचार नहीं रह गया है। आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का केंद्र अब “Preventive Healthcare” यानी रोगों की रोकथाम बन रहा है। यदि हम अपनी जीवनशैली को संतुलित रखें, नियमित योग करें, मानसिक तनाव को नियंत्रित करें और प्रकृति के अनुरूप जीवन जिएँ, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। मध्यप्रदेश में सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को केवल उपचार तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। योग, आयुष, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और जन-जागरूकता को हम स्वास्थ्य नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहे हैं। हमारा प्रयास है कि नागरिक लंबे जीवन के साथ स्वस्थ, सक्रिय और गरिमापूर्ण जीवन जिएँ।

आज विश्व के सामने एक बड़ी चुनौती “मानसिक स्वास्थ्य” भी है। आधुनिक जीवन में भौतिक सुविधाएँ बढ़ी हैं, लेकिन मानसिक शांति कम होती जा रही है। चारों ओर तनाव, प्रतिस्पर्धा, असुरक्षा और असंतुलन दिखाई देता है। ऐसे समय में योग हमें भीतर से जोड़ने का माध्यम बनता है। योग केवल शरीर को स्वस्थ और सशक्त बनाने का अभ्यास नहीं है, बल्कि यह मन, बुद्धि और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने की प्रक्रिया है।

जब व्यक्ति स्वयं के भीतर स्थिर होता है, तभी वह समाज और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनता है। योग हमें प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संतुलित दृष्टि सिखाता है। यह हमें बाहरी अराजकता के बीच भी भीतर की शांति खोजने की क्षमता देता है। यही कारण है कि आज योग की आवश्यकता केवल भारत को नहीं, सम्पूर्ण विश्व को है।

जलवायु परिवर्तन के इस दौर में भी योग की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। बढ़ता प्रदूषण, असंतुलित खान-पान, निष्क्रिय जीवनशैली और मानसिक तनाव मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं। योग शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। यह व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्षम, मानसिक रूप से संतुलित और भावनात्मक रूप से स्थिर बनाता है।

स्वस्थ मानव संसाधन ही किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। केवल आर्थिक संसाधन किसी देश को महान नहीं बनाते। यदि नागरिक स्वस्थ, जागरूक, अनुशासित और सकारात्मक होंगे, तभी राष्ट्र दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। इसलिए योग केवल व्यक्तिगत अभ्यास नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का भी माध्यम है।

आज आवश्यकता है कि हम योग को एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि उसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ। बच्चों से लेकर युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों तक, हर आयु वर्ग के लिए योग उपयोगी है। विशेष रूप से वृद्धजन स्वास्थ्य और जेरियाट्रिक केयर के संदर्भ में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वस्थ और शांतिपूर्ण वृद्धावस्था केवल चिकित्सा से नहीं, बल्कि संतुलित जीवनशैली से संभव है। योग वरिष्ठ नागरिकों को सक्रिय, आत्मनिर्भर और मानसिक रूप से सकारात्मक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत ने सदैव विश्व को केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन का मार्ग दिया है। योग उसी मार्ग का प्रकाश है। यह शरीर, मन, समाज और प्रकृति — सभी के बीच संतुलन स्थापित करने की प्रक्रिया है। यदि मानवता को स्वस्थ, शांतिपूर्ण और सतत भविष्य की ओर बढ़ना है, तो योग को जीवन का हिस्सा बनाना ही होगा।

आइए, हम सब योग को केवल अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन दर्शन के रूप में अपनाएँ और स्वस्थ मानवता, संतुलित प्रकृति तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँ।

 

राष्ट्रपतिमुर्मु के मुख्य आतिथ्य में जबलपुर में होगा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

भोपाल

राष्ट्रपतिदौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस राज्य स्तरीय कार्यक्रम रविवार 21 जून को जबलपुर में सदर स्थित गैरिसन ग्राउंड में सुबह 6 बजे से आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम “स्वस्थ आयु के लिये योग” की थीम पर आयोजित किया जा रहे सामूहिक योग में लगभग 5 हजार नागरिकों की सहभागिता होगी। साथ ही 31 स्कूलों के लगभग 3 हजार 400 छात्र-छात्राएं भी शामिल रहेंगे।

कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवडा़, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार शामिल होंगे।

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया है। इस वर्ष योग दिवस “स्वस्थ आयु के लिए योग” की अवधारणा को समर्पित है। आज पूरे विश्व में योग के लिये एक अदभुत वातावरण बना है। पूरा विश्व आज योग कर रहा है। भारतवर्ष के नागरिकों के लिये गौरव का क्षण है। योग का विधिवत विज्ञान यहाँ सुरक्षित है। योग दर्शन की विरासत से आज पूरा विश्व समाज लाभान्वित हो रहा है। नई पीढी इस अलौकिक समय के साक्षी बन रही हैं। हम आज गौरव और आनंद से भरे हैं। योग धर्म, जाति और रंग की सीमाओं से परे है। भारत का गौरव बढाने वाला क्षण तो है ही बल्कि पूरे विश्व को परम चेतना के प्रति जाग्रत करने का क्रांतिकारी कदम भी है।

रविवार को होगा रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर का 36वां दीक्षांत समारोह 21 जून को राष्ट्रपतिद्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में ऐतिहासिक एवं भव्य स्वरूप में आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल पटेल करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा उच्च शिक्षा मंत्री परमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

141 विद्यार्थियों को मिलेंगे 240 स्वर्ण पदक

दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के 141 मेधावी विद्यार्थियों को 240 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। राष्ट्रपतिमुर्मु चयनित विद्यार्थियों को 20 स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी।

182 शोधार्थियों को मिलेगी पीएचडी सहित विभिन्न उपाधियां

समारोह में 182 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त 3 विद्वानों को डी-लिट, एक को डीएससी तथा एक विशिष्ट व्यक्तित्व को मानद उपाधि प्रदान किए जाने का प्रस्ताव है। विभिन्न संकायों के पात्र विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां भी प्रदान की जाएंगी।

राष्ट्रपति सहित विशिष्ट अतिथियों के साथ ग्रुप फोटो रहेगा विशेष आकर्षण

दीक्षांत समारोह का एक विशेष आकर्षण स्वर्ण पदक धारकों एवं उपाधि प्राप्तकर्ताओं का राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा उच्च शिक्षा मंत्री के साथ ग्रुप फोटो होगा। यह अवसर विद्यार्थियों के लिए जीवनभर की अमूल्य स्मृति बनेगा।

 

ट्रंप ने नेतन्याहू को बताया “योद्धा पीएम”, लेबनान युद्ध और ईरान विवाद के बीच रिश्तों में तनाव

 वाशिंगटन
 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ करते हुए उन्हें योद्धा पीएम कहा है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों को लेकर दोनों नेताओं के बीच गंभीर मतभेद और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं।

वाशिंगटन के पास कतर द्वारा उपहार में दिए गए एक नए एयर फोर्स वन विमान का अनावरण करने के बाद बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बहुत अच्छी तरह से लड़ाई लड़ी। वह 28 फरवरी को शुरू हुए उस युद्ध का जिक्र कर रहे थे जिसे दोनों देशों ने मिलकर शुरू किया था।

ट्रंप ने कहा कि जाहिर है कि हमने इजरायल के साथ मिलकर बहुत अच्छी लड़ाई लड़ी और इजरायल के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। हम बहुत मजबूत थे। और बीबी नेतन्याहू एक योद्धा प्रधानमंत्री हैं, और उन्हें इसी रूप में पहचाना जाना चाहिए।

उन्हें इसका पूरा श्रेय दिया जाना चाहिए। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब इजरायली प्रधानमंत्री पर लेबनान में युद्ध जारी रखने के लिए भारी राजनीतिक दबाव बना हुआ है।

थोड़ा संतुलित रखने की कोशिश
एक्सिओस न्यूज आउटलेट के अनुसार, एक अलग साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू के साथ उनके मजबूत लेकिन बेहद नियंत्रित संबंध हैं। उन्होंने को बताया कि यह अच्छा है, लेकिन हमें उन्हें थोड़ा संतुलित रखना पड़ता है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस क्षेत्र में इजरायली सैन्य कार्रवाइयों, विशेष रूप से लेबनान पर संभावित हमलों को प्रभावित कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि वह ऐसे निर्णयों पर नियंत्रण रखने में पूरी तरह सक्षम होंगे। ट्रंप ने कहा कि हां, मैं ऐसा कर सकूंगा। मेरा मतलब है, वे मेरा बहुत सम्मान करते हैं, और वे वही करते हैं जो मैं कहता हूं।

ट्रंप ने नेतन्याहू पर निकाला था गुस्सा
इससे पहले ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते के बावजूद, लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के अभियान पर गहरी निराशा व्यक्त की थी। इस महीने की शुरुआत में एक फोन कॉल के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू पर जमकर भड़ास भी निकाली थी।

एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून को जब इजरायल के लेबनान पर हमलों के कारण ईरान ने कथित तौर पर शांति वार्ता रोक दी थी, तब ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू पर चिल्लाते हुए कहा था कि तुम बिल्कुल पागल हो गए हो। अगर मैं नहीं होता तो तुम जेल में होते। मैं तुम्हें बचा रहा हूं। अब हर कोई तुमसे नफरत करता है। इस वजह से हर कोई इजरायल से नफरत कर रहा है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की चेतावनी
द वाशिंगटन पोस्ट ने मौजूदा और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी है कि बेंजामिन नेतन्याहू ऐसे कदम उठा सकते हैं जिससे ईरान के साथ हुआ शांति समझौता कमजोर हो सकता है।

अधिकारियों के अनुसार, खुफिया रिपोर्टों से पता चलता है कि इजरायल हिजबुल्लाह के खिलाफ अपना सैन्य अभियान जारी रखने का इरादा रखता है।

नई खुफिया जानकारी से परिचित एक अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल के अंत में इजरायल में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों के कारण नेतन्याहू की राजनीतिक नैया इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपनी घरेलू जनता को यह दिखाएं कि वह लेबनान से सेना वापस नहीं बुलाएंगे और हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई तेज करने का इरादा रखते हैं। रिपोर्ट में ट्रंप के शांति ज्ञापन की शर्तों पर इजरायल की हताशा का भी वर्णन किया गया है।

इजरायल और हिजबुल्लाह युद्धविराम पर सहमत
लेबनान में दोनों पक्षों के बीच हुए घातक हमलों के बाद शुक्रवार को इजरायल और हिजबुल्लाह युद्धविराम पर सहमत हो गए। इन हमलों ने ईरान युद्ध को समाप्त करने वाले डोनाल्ड ट्रंप के शांति समझौते को उस पर हस्ताक्षर होने के दो दिन से भी कम समय में मुश्किल में डाल दिया था।

एक अमेरिकी अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच यह संघर्ष विराम अमेरिका और कतर के मध्यस्थों द्वारा इजरायल और ईरान के साथ की गई वार्ता के बाद सुनिश्चित कराया गया है।

अमेरिका में इजरायल के राजदूत येहिएल लेटर ने कहा कि इजरायल लेबनान में तत्काल युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन केवल तभी जब हिजबुल्लाह समझौते का सम्मान करेगा और अपनी शत्रुता को समाप्त करेगा।

दोनों पक्ष पहले अप्रैल में भी एक युद्धविराम पर सहमत हुए थे लेकिन उन्होंने एक-दूसरे पर हमले बंद नहीं किए थे। इस बीच, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची कथित तौर पर आगे की वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड की ओर जा रहे हैं।

 

ओल्ड भोपाल होलसेल रेडिमेड एवं होजरी व्यापारी संघ को मिला नया नेतृत्व

विवेक झा, भोपाल। ओल्ड भोपाल होलसेल रेडिमेड एवं होजरी व्यापारी संघ के चुनाव संपन्न होने के बाद नए पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह अग्रवाल विश्रांति भवन में गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में गुरुमुख दास चावला ने अध्यक्ष पद की शपथ ली, जबकि मनोज जैन आर.एम. लगातार पांचवीं बार सचिव (मंत्री) चुने गए। इस अवसर पर व्यापारियों ने व्यापारिक हितों के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए 11 हजार पौधे लगाने का सामूहिक संकल्प भी लिया।

दीप प्रज्ज्वलन से हुई समारोह की शुरुआत

शपथ ग्रहण समारोह का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में शहर के अनेक व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य नई कार्यकारिणी का स्वागत करने के साथ-साथ व्यापारिक एकता और सामाजिक दायित्वों को आगे बढ़ाने का संदेश देना भी था।

व्यापार के साथ सामाजिक सरोकारों पर रहेगा जोर

समारोह के दौरान नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और उपस्थित व्यापारियों ने शिक्षा, चिकित्सा और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। विशेष रूप से 11 हजार पौधे लगाने का निर्णय लेते हुए संस्था ने हरित भोपाल के निर्माण में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।

गोविंद गोयल बोले— व्यापारी समाज बदलाव का वाहक

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने नवनिर्वाचित टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि व्यापारिक संगठन केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज के विकास और जनकल्याण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारिक हितों के साथ सामाजिक सरोकार और सहयोग की भावना से किए गए कार्य अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।

मनोज जैन आर.एम. ने रखी संगठन की प्राथमिकताएं

समारोह का संचालन करते हुए सचिव मनोज जैन आर.एम. ने संगठन की भावी कार्ययोजना और एजेंडे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि व्यापारी हितों की रक्षा, उपभोक्ता जागरूकता, व्यापारिक समस्याओं के समाधान तथा सामाजिक सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाना नई कार्यकारिणी की प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने सभी सदस्यों से संगठन को और मजबूत बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की।

एसीपी बिट्टू सिंह सहित कई गणमान्य रहे मौजूद

शपथ ग्रहण समारोह में एसीपी बिट्टू सिंह की विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा चेंबर के महामंत्री ललित तातेड, संस्थापक अध्यक्ष मनोज बांगा, निवर्तमान अध्यक्ष अशोक माटा, कांग्रेस नेता महेश मालवीय सहित अनेक गणमान्य नागरिक और व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

नई कार्यकारिणी में इन पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

नई कार्यकारिणी में गुरुमुख दास चावला को अध्यक्ष, मनोज जैन आर.एम. को सचिव, प्रकाश और अनुज जैन को उपाध्यक्ष, विष्णु अग्रवाल को कोषाध्यक्ष, गोपाल पंजवानी को सह-सचिव तथा अजय जैन को सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

पर्यावरण संरक्षण को बनाया प्रमुख एजेंडा

संगठन ने स्पष्ट किया कि आगामी कार्यकाल में व्यापारिक गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। 11 हजार पौधों का रोपण अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा, जिसमें व्यापारी समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्य संकल्प

  • व्यापारिक हितों की प्रभावी पैरवी
  • शिक्षा एवं चिकित्सा क्षेत्र में सामाजिक योगदान
  • पर्यावरण संरक्षण के लिए 11,000 पौधे लगाने का अभियान
  • व्यापारी एकता और उपभोक्ता हितों को मजबूत करना

15 लाख से अधिक युवाओं को मिली बड़ी सौगात: प्रधानमंत्री ने PM-VBRY के तहत 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी की

विवेक झा, भोपाल। देश में औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत 15 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से यह राशि जारी की और रोजगार सृजन को विकसित भारत की आधारशिला बताया।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देशभर के 200 क्षेत्रीय केंद्रों पर किया गया। मध्यप्रदेश में भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) और एचईजी सभागार, मंडीदीप में भी विशेष आयोजन हुए, जहां बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि, नियोक्ता, कर्मचारी और युवा शामिल हुए।

भोपाल और मंडीदीप में रोजगार उत्सव जैसा माहौल

भोपाल के मैनिट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि मंडीदीप में भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। दोनों स्थानों पर रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं, उद्योग संगठनों, नियोक्ताओं, सरकारी अधिकारियों और ईपीएफओ के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

कार्यक्रम के दौरान एक प्रेरक पहल के रूप में विभिन्न नियोक्ताओं ने 25 से अधिक नव-नियुक्त कर्मचारियों को मौके पर ही रोजगार पत्र (Employment Letters) प्रदान किए। इससे उपस्थित युवाओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला और योजना के प्रत्यक्ष लाभ का प्रदर्शन हुआ।

100 से अधिक नियोक्ता और 700 कर्मचारी बने कार्यक्रम का हिस्सा

भोपाल और मंडीदीप में आयोजित दोनों क्षेत्रीय कार्यक्रमों में 100 से अधिक बड़े नियोक्ता शामिल हुए, जबकि करीब 700 कर्मचारियों और लाभार्थियों ने सहभागिता की। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने योजना को रोजगार बढ़ाने और कुशल युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

प्रधानमंत्री बोले – विकसित भारत का सबसे मजबूत आधार है युवा रोजगार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि औपचारिक रोजगार और युवा सशक्तिकरण विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि 15 लाख से अधिक युवाओं के खातों में सीधे 2,400 करोड़ रुपए की राशि का हस्तांतरण सरकार की पारदर्शी और तेज़ कार्यप्रणाली का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि पहली बार संगठित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता देकर सरकार उद्योगों की जरूरतों और युवाओं की आकांक्षाओं के बीच की दूरी को कम कर रही है। इससे सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भरता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजना में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। इससे उद्योगों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने कौशल को लगातार विकसित करें और नए अवसरों का लाभ उठाकर देश की आर्थिक प्रगति में भागीदार बनें।

श्रम मंत्री ने गिनाईं रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की उपलब्धियां

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले दशक में सामाजिक सुरक्षा का दायरा 19 प्रतिशत से बढ़कर 64.3 प्रतिशत हो चुका है और वर्ष 2014 से 2024 के बीच लगभग 17 करोड़ रोजगार सृजित हुए हैं। साथ ही, भारत की बेरोजगारी दर घटकर लगभग 3.1 प्रतिशत रह गई है, जो वैश्विक औसत से काफी कम है।

भोपाल की झलक

गौतम टेटवाल बोले – कौशल विकास और रोजगार को मिलेगा नया बल

मैनिट, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की यह योजना प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास प्रणाली को लगातार मजबूत कर रही है ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

उन्होंने विश्वास जताया कि PM-VBRY विशेष रूप से मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी तथा रोजगार सृजन की गति को तेज करेगी।

मंडीदीप में सुरेंद्र पटवा ने दी दीर्घकालिक रोजगार की सीख

मंडीदीप में आयोजित कार्यक्रम में विधायक सुरेंद्र पटवा ने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी संस्थान में लंबे समय तक कार्य कर अपने कौशल और अनुभव को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई रोजगार योजनाएं युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं और इनका अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।

लाभार्थियों ने कहा – योजना बनी आर्थिक संबल

कार्यक्रम में शामिल लाभार्थियों और नियोक्ताओं ने योजना के सकारात्मक प्रभाव साझा किए। नियोक्ताओं ने कहा कि दो वर्षों तक मिलने वाले प्रोत्साहन से नए कर्मचारियों की नियुक्ति आसान हुई है और भर्ती लागत में कमी आई है।

वहीं पहली बार औपचारिक रोजगार पाने वाले युवाओं ने कहा कि 15,000 रुपए तक की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता ने नौकरी की शुरुआती अवधि में उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। उनका मानना है कि इससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने करियर की शुरुआत कर पा रहे हैं।

क्या है PM-VBRY?

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) का उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता देना और नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पात्र युवाओं को 15,000 रुपए तक का लाभ दिया जाता है, जबकि अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाले नियोक्ताओं को दो वर्षों तक प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती है। विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह सहायता अतिरिक्त दो वर्षों तक बढ़ाई गई है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

  • 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि।
  • पहली बार नौकरी करने वाले पात्र युवाओं को 15,000 रुपए तक का लाभ।
  • अतिरिक्त भर्ती करने वाले नियोक्ताओं को दो वर्षों तक प्रोत्साहन।
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अतिरिक्त दो वर्ष की सहायता।
  • भोपाल और मंडीदीप में 100 से अधिक नियोक्ता और करीब 700 प्रतिभागियों की मौजूदगी।
  • लाइव कार्यक्रम के दौरान 25 से अधिक युवाओं को रोजगार पत्र वितरित किए गए।
  • योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन, कार्यबल का औपचारिकीकरण और सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करना है।

एनएमडीसी की CSR पहल: दंतेवाड़ा के 10 गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर से सैकड़ों ग्रामीण लाभान्वित

हैदराबाद
देश की अग्रणी खनन कंपनी एनएमडीसी अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रमों के माध्यम से आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों के क्रम में कंपनी द्वारा दंतेवाड़ा क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में समुदाय स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वास्थ्य सेवा पहुंच कार्यक्रम के तहत निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का सफल आयोजन किया जा रहा है।
इस पहल के अंतर्गत 19 मई से ग्राम पंचायत भांसी, बड़े बचेली, धुरली, पाड़ापुर, नेरली, दुगेली, गंजेनार, मसेनार, मोलसनार एवं कमलूर में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें सैकड़ों ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श सेवाओं का लाभ उठाया। लाभार्थियों में अधिकांश संख्या अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से संबंधित ग्रामीणों की रही। एनएमडीसी की यह स्वास्थ्य सेवा पहल निरंतर जारी है और आने वाले समय में भी अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचकर ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराती रहेगी।

सबसे हालिया चिकित्सा शिविर 19 जून को ग्राम पंचायत कमलूर में आयोजित किया गया, जहां 96 ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। बैलाडीला क्षेत्र मुख्यतः आदिवासी आबादी वाला दूरस्थ इलाका है, जहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक नियमित पहुंच एक चुनौती बनी रहती है। ऐसे में एनएमडीसी द्वारा कलेपाल, टिकनपाल, कोडेनार, बेनपाल, कदमपाल, मदाड़ी, हिरोली, गुमियापाल, समलवार, चोलनार, मड़कामिरास एवं पालनार जैसे दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की यह पहल स्थानीय समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

चिकित्सा शिविरों के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप (बीपी) परीक्षण, रैंडम ब्लड शुगर (आरबीएस) जांच, शरीर के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों का परीक्षण तथा स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया जा रहा है। साथ ही पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। आवश्यकता अनुसार मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार हेतु निकटवर्ती स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया जा रहा है।

इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों में न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही हैं, बल्कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी गैर-संचारी बीमारियों की प्रारंभिक पहचान भी संभव हो सकी। दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को अपने ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से समय और संसाधनों की बचत हुई तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो रहा है।

ग्रामीणों ने एनएमडीसी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, जिन्हें अक्सर चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। गांव के निकट ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयां उपलब्ध होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।

एनएमडीसी का मानना है कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक और सतत विकास तभी संभव है जब स्थानीय समुदाय स्वस्थ, जागरूक और सशक्त हो। इसी सोच के साथ कंपनी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, जन-जागरूकता को मजबूत करने और ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एनएमडीसी ने हाल ही में जगदलपुर स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के संचालन हेतु भी वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। यह पहल बस्तर क्षेत्र के हजारों लोगों को आधुनिक एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एनएमडीसी की ये पहलें केवल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास एवं सहभागिता का मजबूत रिश्ता बनाने की उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती हैं।

अमित शाह बोले शिंदे गुट ही असली शिवसेना, कोल्हापुर रैली में बड़ा बयान

महाराष्ट्र
महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में बगावत के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया। कोल्हापुर में आयोजित एक धन्यवाद रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने स्पष्ट किया कि अब कोई ‘गुट’ नहीं बचा है; बल्कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी ही असली और इकलौती शिवसेना है।

अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत उद्धव खेमे के कई सांसदों के बागी होने की खबरें हैं और पार्टी पूरी तरह टूटने की कगार पर खड़ी नजर आ रही है।

‘पहले कहना पड़ता था शिंदे गुट…’
कोल्हापुर की रैली में शाह ने कहा, “पहले हमें एकनाथ शिंदे के नाम पर ‘शिवसेना शिंदे गुट’ कहना पड़ता था। लेकिन अब कोई गुट नहीं बचा है। अब केवल एक ही शिवसेना है

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने कोल्हापुर के प्रसिद्ध माता अंबाबाई मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की ओर से कराए जा रहे माता अंबाबाई मंदिर परिसर और कॉरिडोर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य की आधारशिला रखी। शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘विकास भी, विरासत भी’ का जिक्र करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में सांस्कृतिक पुनर्जागरण हो रहा है और राज्य के सभी ज्योतिर्लिंगों तथा शक्तिपीठों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।

‘ऑपरेशन टाइगर’ से उद्धव खेमे में खलबली
शाह का यह बयान महज एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह उद्धव खेमे में मचे मौजूदा घमासान से जुड़ा है। दरअसल, ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बीच उद्धव गुट के कई सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की खबरें हैं। सांसदों के गायब होने और खुलेआम बगावती तेवर दिखाने के कारण पार्टी भारी संकट से गुजर रही है।

मीटिंग से 6 सांसद गायब, दल-बदल कानून के तहत चेतावनी
उद्धव गुट की यह कलह गुरुवार को नई दिल्ली में तब खुलकर सामने आ गई, जब पार्टी नेतृत्व की ओर से बुलाई गई अनिवार्य संसदीय दल की बैठक से ज्यादातर सांसद नदारद रहे। लोकसभा में शिवसेना (UBT) के कुल 9 सांसद हैं, लेकिन पार्टी व्हिप द्वारा बुलाई गई बैठक में केवल 3 सांसद- अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे। बाकी के 6 सांसद- नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे बैठक से पूरी तरह नदारद रहे।

इस खुली बगावत के बाद शिवसेना (UBT) ने सख्त एक्शन लिया है। लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप अनिल देसाई ने गायब रहे सभी सांसदों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है।

24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम
पार्टी की तरफ से बागी सांसदों को लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए 24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि अगर तय समय के भीतर उनका जवाब नहीं आता है, तो पार्टी यह मान लेगी कि उन्होंने स्वेच्छा से अपनी सदस्यता छोड़ दी है। इसके बाद इन सांसदों के खिलाफ भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची यानी ‘दल-बदल विरोधी कानून’ के तहत कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा का कांग्रेस पर हमला: शशि थरूर के बयान को लेकर राहुल गांधी पर उठाए सवाल

नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा से जुड़े कांग्रेस सांसद शशि थरूर के कथित बयान का हवाला दिया है। पार्टी ने शनिवार को दावा किया कि राहुल गांधी अपनी ही पार्टी के भीतर समर्थन खो रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने नाविकों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपनाए गए रुख की शशि थरूर की सराहना, राहुल गांधी के रुख के विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी असली नेता नहीं हैं, वह अब केवल रील नेता बनकर रह गए हैं।

जन्मदिन पर राहुल गांधी को कोई उपहार नहीं मिलाः पूनावाला
पूनावाला ने वीडियो जारी कर एक बयान में कहा, ‘यह शर्मनाक है। कल (शुक्रवार को) राहुल गांधी का जन्मदिन था, लेकिन उन्हें कोई उपहार नहीं मिला। डॉ. शशि थरूर ने इसी मुद्दे पर राहुल गांधी के रुख का खंडन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के सामने नाविकों के मुद्दे पर भारत का पक्ष बेहद मजबूती से रखा और देश की स्थिति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।’

भाजपा का दावा- थरूर ने पीएम मोदी का सराहा
भाजपा नेता ने दावा किया कि थरूर ने मोदी के नेतृत्व गुणों की भी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, ‘इतना ही नहीं, थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी के दृ्ष्टिकोण, अपनी बात रखने की क्षमता, ऊर्जा व वक्तृत्व शैली की भी भरपूर प्रशंसा की है। थरूर ने कहा है कि मोदी ने भारतीयों के जीवन पर अपनी छाप छोड़ी है।’

राहुल की पीएम की दावेदारी पर कांग्रेस को घेरा
पूनावाला ने राहुल गांधी को भविष्य के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा और दावा किया कि पार्टी के कुछ नेता इस विचार से सहमत नहीं हैं।

एक तरफ कांग्रेस कहती है कूल पीएम राहुल और दावा करती है कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। लेकिन उनकी अपनी पार्टी के सांसद भी शायद इस बात पर विश्वास नहीं करते।

राहुल गांधी ने जनता का समर्थन खो दियाः पूनावाला
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि राहुल गांधी ने जनता का समर्थन खो दिया है और उन लोगों का साथ भी खो दिया है, जो कभी उनके करीबी माने जाते थे। पूनावाला ने कहा, ‘ इससे साबित होता है कि राहुल गांधी ने जनमत खो दिया है, क्योंकि वह 99 चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने उन लोगों का समर्थन भी खो दिया है, जो कभी उनके करीब थे, चाहे वह रामचंद्र गुहा हों या शशि थरूर।’

राहुल गांधी असली नेता नहीं हैंः भाजपा
पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ सहयोगी राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। पूनावाला ने कहा, ‘अब उन्हें अपने गठबंधन के सहयोगियों का समर्थन भी हासिल नहीं है। चाहे वामपंथी दल हों या द्रमुक, वे राहुल के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करते। राहुल गांधी एक ‘रील नेता’ बनकर रह गए हैं। वह एक वास्तविक नेता नहीं हैं।’

 

नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को लेकर जागरूकता अभियान जारी, नुक्कड़ नाटक से किसानों को बताए फायदे

बलौदा बाजार.

किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष किसान जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत किसानों को नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग, लाभ तथा वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी जा रही है।

साथ ही इन उर्वरकों को लेकर किसानों के बीच फैली भ्रांतियों, अफवाहों और आशंकाओं को दूर करने का प्रयास भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की 50 सहकारी समितियों को चिन्हित कर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में आकर्षक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किसानों को नैनो उर्वरकों के फायदे और उपयोग की जानकारी सरल भाषा में समझाई जा रही है।

नुक्कड़ नाटक के बाद विशेषज्ञ दे रहे तकनीकी जानकारी
अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी और ग्राम कृषि विशेषज्ञ किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया से जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। किसानों की जिज्ञासाओं और सवालों का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा मौके पर किया जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल वॉल पेंटिंग, पोस्टर और पाम्पलेट के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को व्यक्तिगत रूप से पाम्पलेट वितरित कर नैनो उर्वरकों के उपयोग की विधि, लाभ और आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

किसानों ने बताया लाभकारी पहल
ग्राम ओडान के किसान भोज राम वर्मा ने बताया कि उन्हें पहले नैनो यूरिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें सही और उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि उनके मन में मौजूद कई सवालों का जवाब विशेषज्ञों ने दिया, जिससे उनकी शंकाएं दूर हुईं। भोज राम वर्मा ने कहा कि अब तक वे केवल पारंपरिक यूरिया का उपयोग करते थे, लेकिन इस बार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का प्रयोग करेंगे। वहीं ग्राम वटगन के किसान सुभाष वर्मा ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए। इससे किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी मिलती है, जिनसे वे अक्सर अनजान रहते हैं। उन्होंने इस पहल के लिए कलेक्टर कुलदीप शर्मा का आभार भी व्यक्त किया।

वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की पहल
जिला प्रशासन का उद्देश्य किसानों के बीच नैनो उर्वरकों को लेकर फैले भ्रम और आशंकाओं को दूर कर उन्हें वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर सही जानकारी उपलब्ध कराना है। प्रशासन का मानना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि कर सकते हैं। “जागरूक होगा किसान – उन्नत होगी खेती” के संकल्प के साथ यह अभियान जिले में लगातार संचालित किया जा रहा है।

इन 50 सहकारी समितियों में चल रहा अभियान
जिले की चयनित 50 सहकारी समितियों में यह विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इनमें लवन, तिल्दा, अहिल्दा, सरखोर, बम्हनपुरी, रिसदा, खम्हरिया, सेमराडीह, रसेड़ा, डमरू, कसडोल, छरछेद, कटगी, सेल, अमोदी, हंसुवा, टुंड्रा, सोनाखान, गिरौद, चिखली, कुम्हारी, खपराडीह, सुहेला, सकलोर, भटभेरा, रावन, बिटकुली, जांगड़ा, दावनबोड़, हथबंद, अर्जुनी, गोढ़ी (टी), मिरगी, खोखली, तरेंगा-भाटापारा, केसला, खैरा, मोपका, लेवई, निपनिया, गिर्रा, कोदवा, जर्वे, ओडान, वटगन, कोसमंदी, अमेरा, कोनारी, लच्छनपुर और रोहांसी शामिल हैं।

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