श्रद्धा कपूर की नई बायोपिक ‘ईथा’ का टीजर रिलीज, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

बॉलीवुड डीवा श्रद्धा कपूर अपकमिंग बायोपिक ईथा से बड़े पर्दे पर बड़ा धमाका करने के लिए तैयार हैं. फिल्म का टीजर कॉकटेल 2 के साथ आया. टीजर की छोटी सी झलक ने सोशल मीडिया पर हल्ला मचा दिया है. फिल्म प्रोडक्शन के आखिरी चरण में है और फिलहाल इसके अगस्त में रिलीज होने की बात चल रही है. पर असल खबर सिर्फ यही नहीं है.

असल में बात एक्ट्रेस की फैमिली की है. कहा जा रहा है कि श्रद्धा कपूर की फैमिली में कुल चार लोग हैं और चारों ही अलग-अलग घर में रहते हैं. जानते हैं कि इसकी वजह क्या है.

पेरेंट्स से अलग रहती हैं श्रद्धा
FPJ की रिपोर्ट में सूत्रों का हवाला देते हुए बताया गया कि श्रद्धा कपूर के परिवार के सारे लोग अलग-अलग रह रहे हैं. श्रद्धा जुहू  में एक किराये के फ्लैट में रहती हैं. उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड राहुल मोदी वहां आते-जाते रहते हैं. ये वही सी-फेसिंग अपार्टमेंट है, जो उन्होंने स्त्री 2 की कामयाबी के बाद ऋतिक रोशन से किराये पर लिया था. एक्ट्रेस यहां अकेली रहती हैं. उनके परिवार वाले कभी-कभार यहां उनसे मिलने आते हैं.

लगभग 2020 तक कपूर फैमिली के चारों सदस्य एक ही जूहू वाले अपार्टमेंट में साथ रहते थे, लेकिन महामारी के बाद चीजें बदल गईं. अब शक्ति कपूर एक सबर्बन फ्लैट में अलग रहते हैं. श्रद्धा की मां शिवांगी ने गोवा में एक अपार्टमेंट खरीदा है. कोविड के बाद से वो अपना काफी समय गोवा के अपने बड़े घर में बिताती हैं.

श्रद्धा के बड़े भाई सिद्धांत कपूर का भी गोवा में एक घर है. जब वो शूटिंग पर नहीं होते हैं, तो वहीं रहते हैं. मतलब ये कि इस कपूर खानदान के चारों सदस्य अब अपने-अपने घरों में रहते हैं और अलग जिंदगी जी रहे हैं. परफेक्ट अरेंजमेंट. सभी बड़े हैं और अपनी आजादी का स्वागत करते हैं.

हमेशा के लिए हुए अलग?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रद्धा कपूर और उनके “बापू” शक्ति ने पिछले जनवरी में मिलकर माहालक्ष्मी रेसकोर्स के सामने एक अपार्टमेंट खरीदा था.वहां के अंदरूनी सजावट का काम उनकी मां शिवांगी की निगरानी में चल रहा है, क्योंकि उनकी मां की एस्थेटिक्स पर पकड़ मज़बूत है और वो अपनी बेटी को सुंदर घर देना चाहती हैं. एक बार ये जगह तैयार हो जाए, तो श्रद्धा का सेंट्रल मुंबई में दूसरा घर भी होगा. माहालक्ष्मी वाले घर का एक हिस्सा हमेशा उनके माता-पिता के लिए रिजर्व रखा जाएगा, लेकिन सिद्धांत अपनी आजादी पसंद करते हैं और अपने बीचसाइड घर में गोवा में रहना जारी रखेंगे.

इंदौर में झमाझम बारिश से बदला मौसम, 27 जून के बाद पूरे MP में मानसून की दस्तक के आसार

इंदौर.

प्रशांत महासागर में अलनीनो अब सामान्य स्थिति से पाजिटिव में तब्दील हो चुका है। समुद्र तल गर्म होने के कारण इसका दक्षिणी पश्चिमी मानसून पर असर दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि भारत में अभी मानसून की गति पर ब्रेक लगने जैसी स्थिति दिखाई दे रहा है।

वहीं, शनिवार दोपहर को शहर में तेज बारिश हुई। इससे सड़कों पर पानी बह निकला और मौसम सुहावना हो गया। विगत वर्षो में 19 जून तक जो मानसून इंदौर सहित मप्र तक पहुंच जाता था। इस बार मानूसन उड़ीसा झारखंड के साथ छत्तीसगढ़ के मुहाने पर ही अटका हुआ है। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक 23 जून तक छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने की संभावना है। ऐसे में जून के अंतिम सप्ताह में 27 जून के आसपास ही मप्र में मानूसन के प्रवेश करने की संभावना है।

प्रदेश में 45 प्रतिशत कम हुई है वर्षा
प्रदेश में जून माह के 19 दिनों में वर्षा (Rain in Madhya Pradesh) लगभग नदारद ही रही है। प्रदेश में प्री मानसून सीजन (Pre Monsoon in MP) में अब तक 45 फीसद कम वर्षा हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के जिले ज्यादा प्रभावित है। पूर्वी मप्र में 45 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वही पश्चिमी मप्र में 27 प्रतिशत कम वर्षा हुई।

इंदौर में बादल के साथ हल्की बूंदाबांदी के आसार
इंदौर शहर में दोपहर में निकली धूप ने शहरवासियों को परेशान किया। दिन में हल्के बादल भी छाए। शुक्रवार को शहर में अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा। वही न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को शहर में बादल छाएंगे और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।

ढाका में हिंदुओं का विशाल प्रदर्शन, राम मूर्ति निर्माण रुकने पर भड़का विरोध

ढाका
मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर एक बार फिर चिंताएं गहरा गई हैं। राजधानी ढाका में शुक्रवार को हजारों हिंदुओं ने भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान और एक भव्य मूर्ति के निर्माण को रोके जाने के विरोध में विशाल मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान भारी संख्या में जुटे लोगों ने ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए।

ढाका की सड़कों पर उतरे हजारों हिंदू
कट्टरपंथियों द्वारा रंगपुर में भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति के निर्माण का विरोध करने और कथित तौर पर उनकी तस्वीर का अपमान किए जाने के बाद ढाका में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। हजारों हिंदुओं ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ढाका में मशाल जुलूस निकाला और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। हिंदू महाजोट के आह्वान पर कई हिंदू संगठन और छात्र प्रमुख शाहबाग चौराहे पर इकट्ठा हुए और वहां से नेशनल प्रेस क्लब तक मार्च किया। प्रेस क्लब के सामने एक मानव श्रृंखला भी बनाई गई, जबकि एक अन्य समूह ने ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी (DRU) के पास अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं, रंगपुर में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के बाद हल्की झड़प की भी खबर है।

क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस महीने की शुरुआत में गाइबांधा में एक प्रदर्शन के दौरान कट्टरपंथी भीड़ ने भगवान राम की एक तस्वीर पर जूता रखकर उसका अपमान किया था। इस मामले में केस तो दर्ज कर लिया गया है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

क्यों रोका गया राम मूर्ति का निर्माण?
उत्तरी गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी में एक मंदिर परिसर के तहत भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति बनाई जा रही थी। इसका लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा भी हो चुका है। श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिदास चंद्र दास ने बताया कि कट्टरपंथी समूहों द्वारा प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को धमकियां मिलने के बाद काम रोक दिया गया है। एक कट्टरपंथी मौलवी ने तो बुलडोजर से मूर्ति गिराने तक की धमकी दे डाली थी।

करीब 22 करोड़ बांग्लादेशी टका (लगभग 16 करोड़ रुपये) के इस प्रोजेक्ट में 50 फीट के भगवान कृष्ण और 30 फीट के भगवान शिव की मूर्तियां भी प्रस्तावित हैं। मंदिर समिति के सलाहकार श्यामलाल कुमार महंत के मुताबिक, “सामाजिक सद्भाव बनाए रखने” के लिए फिलहाल काम को रोक दिया गया है। डर के साये में जी रहे आयोजकों ने काम रोकने के साथ ही प्रधानमंत्री तारिक रहमान से हस्तक्षेप की अपील भी की है।

सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम
तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी (BNP) सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए, प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की गिरफ्तारी के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। हिंदू समुदाय ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे और भी रैलियां की जाएंगी। शनिवार को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को एक ज्ञापन भी सौंपा जाना है। हिंदू महाजोट ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर राम मूर्ति का निर्माण दोबारा शुरू नहीं करने दिया गया, तो वे बांग्लादेश के सभी 64 जिलों में एक-एक करके राम मंदिर का निर्माण करेंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय पूजा उत्सव समिति ने शनिवार को देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है।

अल्पसंख्यकों की स्थिति पर उठ रहे सवाल
बांग्लादेश में हिंदू सबसे बड़ा धार्मिक अल्पसंख्यक समूह हैं, जो कुल आबादी का लगभग 8 प्रतिशत हैं। पिछली मुहम्मद यूनुस सरकार के दौरान हुए संकट के बाद से वहां हिंदुओं को निशाना बनाने की घटनाओं में तेजी देखी जा रही है। फरवरी में कार्यभार संभालने वाले प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बार-बार यह दावा किया था कि देश “सभी का है”, लेकिन आंकड़ों के मुताबिक इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच ही सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं।

शिंदे बनाम ठाकरे: ‘कुत्ता-शेर’ बयान पर महाराष्ट्र की सियासत गरमाई, संजय राउत का पलटवार

मुंबई
 शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस के मौके गोरेगांव में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला था। शिंदे ने यूबीटी सांसदों की टूट का जिक्र करते हुए कहा था कि यह तो सिर्फ ट्रेलर, पिक्चर अभी बाकी है। उन्होंने यह भी कहा था कि ऑपरेशन के लिए शेर का दिल चाहिए। इस मौके पर शिंदे ने विरोधी खेमे पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुत्ते झुंड में आते हैं, टाइगर अकेला आता है। अब शिंदे के इस बयान पर उद्धव ठाकरे के करीबी नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने रहस्यमयी पोस्ट की है। राउत ने एक्स पर जय महाराष्ट्र के साथ लिखा है कि कुछ लोग कुत्ते होते हैं लेकिन वफादार नहीं।

आप एकनाथ शिंदे को इतना गंभीरता से क्यों लेते हैं? उन्हें गंभीरता से लेना बंद करें। वे कोई महान व्यक्ति नहीं हैं। वे एक बेईमान नेता हैं और आप उन्हें गंभीरता से लेते हैं? आप शुभेंदु अधिकारी को भी गंभीरता से लेते हैं। ये बेईमान लोग हैं। इन्होंने अपने ही लोगों को धोखा दिया है। जब तक वे सत्ता में हैं, जब तक उनके हाथ में पैसा है, वे ऐसी बातें कहते रहेंगे।

उद्धव ठाकरे के सांसदों में बगावत
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच राजनीतिक तनाव और बयानबाजी सांसदों के बागी होने को लेकर बढ़ी है। दावा किया गया है कि शिवसेना यूबीटी के सिंबल मशाल पर जीते छह सांसदों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ दिया है। उद्धव ठाकरे के पास अब सिर्फ तीन सांसद ही बचे हैं। शिंदे ने ऑपरेशन टाइगर के जरिए छह सांसदों को शिवसेना में शामिल कर लिया है। इसका औपचारिक ऐलान 21 जून को होने की संभावना जताई जा रही है। यह भी दावा किया गया है कि इस सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र भी दे दिया है।

शिंदे के ऊपर संजय राउत का पलटवार
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर की। उनकी यह पोस्ट ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा और इस बढ़ती अटकलबाजी के बीच आई है कि पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। X पर एक पोस्ट में राउत ने एक इन्फोग्राफिक शेयर किया जिसमें लिखा है कि कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं लेकिन वफादार नहीं होते। उन्होंने पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा है जय महाराष्ट्र!, राउत की यह टिप्पणी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने पार्टी के 60वें स्थापना दिवस पर शिवसेना कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे गुट पर निशाना साधा था और कहा था कि कुत्ते झुंड में आकर भौंकते हैं, शेर अकेला आता है।

 

महासमुंद जेल से रायपुर लाया गया दुष्कर्म आरोपी नरेंद्र शास्त्री, चावल देखकर भविष्य बताने का करता था दावा

रायपुर.

दुष्कर्म के आरोप में महासमुंद सेंट्रल जेल में कैद ‘चावल वाले बाबा’ के नाम से मशहूर आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री को गोपनीय तरीके से रायपुर लाया गया. सूमो गाड़ी में सवार आरोपी बाबा को पहले रायपुर केंद्रीय जेल में लाया गया है, जहां से उन्हें उपचार के लिए मेकाहारा ले जाया जाएगा.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नरेंद्र नयन शास्त्री को महासमुंद जेल से सूमो गाड़ी नंबर CG 02 5072 में रायपुर लाया गया . इस दौरान फालो गाड़ी के तौर पर CG 03 A 0715 साथ में चल रही थी. शास्त्री को सोनोग्राफी के लिए मेकाहारा ले जाया जाएगा, और रिपोर्ट आने के बाद उन्हें वापस महासमुंद जेल ले जाया जाएगा. बता दें कि महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना में एक महिला ने चर्चित कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री के खिलाफ दुष्कर्म की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों को सही पाते हुए बागबाहरा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं 376(2)(ज), 376(2)(एन) और 376(2)(एम) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी नरेंद्र नयन शास्त्री को रायपुर जिले के सिलयारी से गिरफ्तार किया था.

बताया जा रहा है महासमुंद केंद्रीय जेल में भर्ती रहने के दौरान बाबा की तबीयत बिगड़ी है, जिसके बाद महासमुंद पुलिस की की एक विशेष टीम बाबा की सामाजिक व सार्वजनिक पहचान को देखते हुए बेहद सतर्कता के साथ रायपुर केंद्रीय जेल में लेकर पहुंची है, जहां कागजी कार्रवाई को पूरा करने के बाद उपचार के लिए मेकाहारा ले जाया जाएगा.

आश्रम में उमड़ती थी भारी भीड़
गिरफ्तार आरोपी नरेंद्र नयन शास्त्री मूल रूप से रायपुर जिले के सिलयारी क्षेत्र का रहने वाला है. वह लंबे समय से अपनी कथावाचन और ज्योतिष विधा को लेकर सुर्खियों में रहा है. आम जनता और श्रद्धालुओं के बीच उसकी पहचान ‘चावल देखकर भविष्य बताने वाले बाबा’ के रूप में रही है, जिसके चलते उसके आश्रम और कार्यक्रमों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती थी.

दतिया के पीतांबरा पीठ पहुंचे CM योगी और डिप्टी CM मौर्य, विधि-विधान से की पूजा-अर्चना

दतिया.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को दतिया पहुंचे। जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ में मां बगलामुखी के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने देश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने पीतांबरा पीठ परिसर में स्थित महाभारत कालीन वानखंडेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक भी किया। इस दौरान पीठ के पुजारियों ने मंत्रोच्चार के बीच योगी से जलाभिषेक कराया।

एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से हुई अगवानी
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष विमान से दतिया एयरपोर्ट पहुंचे। यहां पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, शिमला विधायक प्रदीप अग्रवाल कलेक्टर स्वप्निल वानखडे व एसपी मयूर खंडेलवाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी अगवानी कर स्वागत किया। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने पार्टीजन से भी मिले। इसके बाद सीधे पीतांबरा पीठ पहुंचे, जहां मंदिर प्रबंधन एवं पुजारियों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई।

पूजा-अर्चना कर ललितपुर हुए रवाना
पीताम्बरा पीठ में दर्शन एवं पूजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री कुछ समय तक मंदिर परिसर में रहे तथा वहां स्थित अन्य मंदिरों के भी उन्होने दर्शन किए। दर्शन और पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दतिया से उत्तर प्रदेश के ललितपुर के लिए रवाना हो गए। योगी की सुरक्षा के मद्देनजर पीठ के आसपास की दुकानें भी बंद रही।

मौर्य भी पहुंचे दतिया
वही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य भी शनिवार सुबह दतिया पहुंचे। जहां उन्होंने सुबह पीतांबरा पीठ पर दर्शन पूजन किया। इसके बाद वह वापस रतन महल होटल पहुंचे, जहां से अगले गंतव्य के लिए रवाना हुए। दोनों दिग्गज नेताओं की इस दौरान आपस में मुलाकात नहीं हो सकी।

कर्नाटक की ‘5 गारंटी’ योजनाओं का लाभ अब सिर्फ वोटर लिस्ट में नाम वालों को मिलेगा

कर्नाटक
कर्नाटक सरकार की ‘पांच गारंटी’ योजनाओं का लाभ अब केवल उन्हीं नागरिकों को मिलेगा, जिनका नाम मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में दर्ज होगा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को यह साफ कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि जो भी इन योजनाओं के असली हकदार हैं, उन्हें लाभ से वंचित न किया जाए, लेकिन अपात्र लोगों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

वोटर लिस्ट में नाम होना अनिवार्य
विधान सौधा में एक समीक्षा बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार की ‘गृह ज्योति’ जैसी योजनाओं का लाभ अब सिर्फ पंजीकृत मतदाताओं तक सीमित रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे चल रहे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के दौरान यह सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची से उनका नाम न छूटे। मुख्यमंत्री ने कहा, “केवल वे मतदाता ही सरकारी योजनाओं के लाभार्थी होंगे, जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं।”

दूसरे राज्यों के लोगों का रोका जाएगा फायदा
समीक्षा बैठक में यह बात भी सामने आई कि दूसरे राज्यों से आकर कर्नाटक में रह रहे कई लोग भी ‘गृह ज्योति’ जैसी योजना का लाभ ले रहे हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम ने कहा, “हमारे राज्य की योजनाओं का लाभ सिर्फ कर्नाटक के लाभार्थियों को ही मिलना चाहिए। हमने पाया है कि दूसरे राज्यों के वोटर भी यह लाभ ले रहे हैं, इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।”

गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
बैठक में कल्याणकारी योजनाओं में हो रहे कई तरह के फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर भी चर्चा हुई।

अधिकारियों ने बताया कि योजना का पैसा यूपीआई (UPI) खातों और कर्नाटक के बाहर के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है। सीएम ने ऐसे पैसे के प्रवाह पर रोक लगाने और लाभ को केवल राज्य के भीतर सीमित रखने के निर्देश दिए।

सीएम ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि मृत लाभार्थियों को भी पैसे का भुगतान जारी है। उन्होंने अधिकारियों को लाभार्थियों के रिकॉर्ड को ‘रियल-टाइम’ अपडेट करने का निर्देश दिया।

‘गृह लक्ष्मी’ योजना के तहत, बैंक खाते में पैसे आते ही कुछ बैंकों द्वारा उसे पुराने लोन की किस्तों (EMI) के रूप में काट लिए जाने के मामले भी सामने आए। इसके चलते कुछ महिलाओं ने अपने खाते बदल लिए। सीएम ने कहा कि लाभार्थियों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।

ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ‘गृह लक्ष्मी’ सहायता राशि एक ही बैंक खाते के जरिए कई लाभार्थियों को भेजी गई, जिसमें लगभग 3 लाख किस्तों में करीब 60 करोड़ रुपये बांटे गए। ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सीएम ने निर्देश दिया कि योजना का पैसा खाते में आते ही लाभार्थियों को एक ऑटोमेटेड वॉइस मैसेज भेजा जाए।
क्या हैं कर्नाटक की 5 गारंटी योजनाएं और उनके ताज़ा आंकड़े?

समीक्षा बैठक में राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं के आंकड़ों पर भी चर्चा की गई।

गृह ज्योति: हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली। (अब तक 1.65 करोड़ लाभार्थी मुफ्त बिजली का लाभ उठा चुके हैं।)

गृह लक्ष्मी: परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक मदद।

अन्न भाग्य: बीपीएल (BPL) परिवार के प्रत्येक सदस्य को हर महीने 10 किलो चावल। जुलाई 2023 से दिसंबर 2024 के बीच 11,561.05 करोड़ रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजे गए हैं। साथ ही 4.44 करोड़ लाभार्थियों को 5 किलो अतिरिक्त चावल हर महीने दिया जा रहा है।

शक्ति योजना: महिलाओं के लिए राज्य की सरकारी (नॉन-लग्जरी) बसों में मुफ्त यात्रा। मई के अंत तक महिलाओं ने 763 करोड़ मुफ्त बस यात्राएं की हैं, जिनके टिकट की कीमत लगभग 20,047.69 करोड़ रुपये है। साथ ही 2026-27 शैक्षणिक वर्ष में छात्रों को लगभग 10 लाख मुफ्त बस पास जारी किए जाने की उम्मीद है।

युवा निधि: 18 से 25 साल के बेरोजगार स्नातकों को 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपये प्रति माह का भत्ता- दो साल के लिए।

सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, जून में गोल्ड 6.5% और सिल्वर 11% तक टूटा

नई दिल्ली
 इस महीने सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बाद निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश वाली धातुओं से थोड़ा कम हुआ, जिसका असर कीमतों पर पड़ा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार, जून की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में करीब 6.50% और चांदी में 11.56% तक की गिरावट आई है।

एमसीएक्स पर 1 जून को सोने का भाव 1,54,908 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 19 जून तक गिरकर करीब 1,44,938 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। यानी सोने में 10,070 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई। वहीं, चांदी 2,63,458 रुपये प्रति किलो से गिरकर 2,33,010 रुपये प्रति किलो पर आ गई। चांदी में करीब 30,448 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई।

क्यों लुढ़की सोने-चांदी की कीमत?
    विशेषज्ञों के मुताबिक सोने और चांदी में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण हैं।
    इनमें कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई की चिंता, ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें, मजबूत अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी प्रमुख हैं।
    इसके अलावा गोल्ड और सिल्वर ETF से निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है।
    हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में सोने और चांदी की मांग बनी रह सकती है।

क्या पुराने निवेशकों को घबराना चाहिए?
पिछले डेढ़ साल में सोने और चांदी में तेज तेजी के कारण कई निवेशकों ने ऊंचे भाव पर खरीदारी की थी। ऐसे निवेशक अब असमंजस में हैं कि नुकसान में बेचें या इंतजार करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को भावनात्मक फैसला लेने से बचना चाहिए। मास्टर कैपिटल सर्विसेज के निदेशक पुनीत सिंघानिया के अनुसार, तेजी के बाद आने वाली गिरावट हमेशा ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं होती। उनका कहना है कि अगर लंबे समय के नजरिए से निवेश किया गया है, तो केवल कीमतों में गिरावट देखकर जल्दबाजी में निकलना सही फैसला नहीं हो सकता।

नए निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट नए निवेशकों के लिए मौका हो सकती है, लेकिन एक साथ बड़ी रकम लगाने से बचना चाहिए। रिद्धिसिद्धि बुलियंस के एमडी पृथ्वीराज कोठारी ने सलाह दी है कि निवेशक 6 से 12 महीने में धीरे-धीरे निवेश करें। गोल्ड ETF और सिल्वर ETF के जरिए SIP जैसा तरीका अपनाया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का करीब 10-15% हिस्सा ही सोने और चांदी में रखना चाहिए।

साल की आखिरी तिमाही में सोना और चांदी फिर से रिकवरी कर सकते हैं। इसकी वजह केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ETF निवेश में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है।

खरीदारी का बेहतर तरीका कौन सा?
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय के निवेश के लिए फिजिकल सोना-चांदी खरीदने की बजाय डिजिटल विकल्प बेहतर हो सकते हैं। गोल्ड ETF, सिल्वर ETF और म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों में स्टोरेज की चिंता नहीं होती। साथ ही सुरक्षा और बीमा का खर्च बचता है और खरीद-बिक्री आसान होती है।कीमतों में भी पारदर्शिता रहती है।

वहीं, ज्वेलरी या फिजिकल सोना मुख्य रूप से इस्तेमाल, शादी या गिफ्ट के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इसमें मेकिंग चार्ज और अन्य खर्च जुड़े होते हैं।

आगे क्या उम्मीद है?
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर वैश्विक तनाव कम होता है, महंगाई नियंत्रित होती है और ब्याज दरों में कटौती शुरू होती है तो सोना-चांदी फिर तेजी पकड़ सकते हैं। फिलहाल निवेशकों के लिए रणनीति यही है कि गिरावट में घबराने के बजाय धीरे-धीरे और सोच-समझकर निवेश किया जाए।

 

आज जारी होगी पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त, किसानों के खाते में आएंगे ₹2000

रायपुर.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के अंतर्गत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में आज 20 जून 2026 को 23वीं किस्त जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से दोपहर 3.45 बजे देशभर के पात्र किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से राशि हस्तांतरित करेंगे।

मुख्यमंत्री के साथ मंत्री बनेंगे चिंतन शिविर 3.0 का हिस्सा
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार शासन-प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। जुलाई के पहले सप्ताह में नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में चिंतन शिविर 3.0 का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ प्रदेश के सभी मंत्री हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन, नीति निर्माण, जनसेवा, तकनीक और विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ मंत्रियों को प्रशिक्षण देंगे।

23 जून को होगी साय कैबिनेट की बैठक, धान बुआई और खाद-बीज की उपलब्धता पर रहेगा फोकस

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 23 जून को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में मानसून की देरी को देखते हुए खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

धान समेत अन्य फसलों की बुआई की स्थिति, किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा 13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियों पर भी मंत्रिमंडल मंथन करेगा। बैठक में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े प्रस्तावों और संशोधित नियमों को मंजूरी मिल सकती है।

वहीं, शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के थोक तबादलों के लिए नई स्थानांतरण नीति पर भी कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।

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