सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा, 71% इजरायलियों को ट्रंप पर नहीं भरोसा; जंग में जीत को लेकर भी संशय

यरुशलम
मिडिल-ईस्ट में हालिया संघर्ष के बाद सामने आए एक इजरायली चैनल के सर्वे ने वहां की राजनीति और अमेरिका-इजरायल संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है. चैनल 12 के सर्वे के मुताबिक, बड़ी तादाद में इजरायली नागरिक न तो इस जंग में अपने देश को स्पष्ट विजेता मानते हैं और न ही उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भरोसा है कि वे ईरान के साथ किसी समझौते में इजरायल के हितों की रक्षा करेंगे। 

सर्वे में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, जिससे इजरायल की घरेलू राजनीति में बढ़ती असंतुष्टि के संकेत मिले हैं। 

गुरुवार को पब्लिश हुए एक टेलीविज़न पोल में पाया गया कि बहुत कम इजरायली मानते हैं कि उनका देश ईरान के साथ हुई लड़ाई जीता है, या उन्हें भरोसा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस्लामिक रिपब्लिक के साथ डील करते वक्त उनके हितों का ध्यान रखेंगे। .

नेतन्याहू के बर्ताव पर सवाल!
चैनल 12 न्यूज़ के मुताबिक, ज़्यादातर इजरायली नागरिकों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बर्ताव से US-ईरान समझौते में इजरायल के हितों को नुकसान पहुंचा है. ये आंकड़े उस मजबूत समर्थन से बिल्कुल अलग हैं, जो इजरायली लोग सालों से हर पोल में ट्रंप को देते आए हैं।  

हालांकि, अब इस हफ्ते साइन किए गए US-ईरान मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग की शर्तों को लेकर पूरे इजरायल में गहरी चिंता है, जबकि ट्रंप और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस दोनों की तरफ से हाल ही में इजरायली अधिकारियों की कड़ी सार्वजनिक आलोचना से US-इजरायल संबंधों में दरार का संकेत मिलता है। 

चैनल 12 के पोल में यह पूछा गया कि क्या नेतन्याहू के बर्ताव से US-ईरान समझौते में इजरायली हितों को फायदा हुआ या नुकसान; इसमें पाया गया कि 52% लोगों का कहना है कि इससे नुकसान हुआ, जबकि 24% को लगता है कि इससे मदद मिली और बाकी 24% को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

यह पूछे जाने पर कि क्या वे ईरान के साथ समझौते में इजरायली हितों का ध्यान रखने के लिए ट्रंप पर भरोसा करते हैं? इस पर 71% लोगों ने कहा कि वे ऐसा नहीं करते हैं, जबकि केवल 13% ने कहा कि वे ऐसा करते हैं और अन्य 16% को नहीं पता. ये संख्या पिछले हफ्ते से इस सवाल पर ट्रंप के लिए गिरावट का संकेत देती हैं, जब आंकड़ा 62% से 21% था। 

इन सवालों को एक सर्वे के हिस्से के रूप में शामिल किया गया था कि अगर अक्टूबर में आम चुनाव आज होते हैं, तो इजरायल के लोग किसको वोट देंगे, जिसमें दिखाया गया है कि जायोनी विपक्षी दल नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी और धार्मिक दलों की तुलना में ज्यादा सीटें जीतेंगे, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों के बहुमत से कम रहेंगे। 

‘बिबी का समर्थन करने की सबसे ज्यादा संभावना’
ट्रंप प्रशासन और इजरायल के बीच मौजूदा मतभेद को और साफ करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार को कहा कि वे आने वाले चुनावों में नेतन्याहू का समर्थन ‘शायद’ करेंगे, लेकिन पहले यह देखना चाहते हैं कि उनके खिलाफ और कौन चुनाव लड़ रहा है। 

ट्रंप ने ‘कान’ (Kan) पब्लिक ब्रॉडकास्टर को फोन पर दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू के निकनेम का इस्तेमाल करते हुए कहा, “मुझे देखना होगा कि कौन चुनाव लड़ रहा है, लेकिन मुझे बिबी बहुत पसंद हैं. सबसे ज्यादा संभावना यही है कि मैं उनका समर्थन करूंगा। 

ट्रंप ने आगे कहा, “वह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, उन्हें थोड़ा और समझदारी से काम लेना चाहिए.” ऐसा लगता है कि वे लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल के हमलों का जिक्र कर रहे थे, जिनके बारे में अमेरिका का दावा है कि वे बिना सोचे-समझे किए गए थे। 

 

‘कॉकटेल 2’ रिलीज के साथ ही छाई, शाहिद-कृति-रश्मिका की फिल्म को मिल रहे पॉजिटिव रिव्यू

शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर ‘कॉकटेल 2’ आज 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. अब रिलीज के साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दर्शकों के रिएक्शन सामने आने लगे हैं. शुरुआती रिव्यू देखकर लग रहा है कि होमी अदजानिया एक बार फिर दर्शकों के दिलों को छूने में कामयाब रहे हैं.

एक्स पर यूजर्स ने फिल्म के बारे में क्या कहा?
नीतेश नाम के यूजर ने फिल्म का रिव्यू करते हुए एक्स पर लिखा, बॉलीवुड को दुनिया भर में पसंद किया जाता है क्योंकि दक्षिण कभी ऐसा सिनेमा नहीं बना सकता. कॉकटेल 2 ऐसी ही एक शैली है. ‘कॉकटेल 2’ ऐसी फिल्म है, जो रिश्तों और कमिटमेंट पर एक बेहद जरूरी और दिल से जुड़ा संदेश देती है. इस यूजर ने फिल्म को साढ़े चार स्टार दिए है. तमन्ना नाम की यूजर लिखती है, “यह भव्य पैमाने और सुंदर दृश्यों के साथ एक अच्छा रोम-कॉम एंटरटेनर है, लेकिन फिल्म की आत्मा गायब है और सब कुछ सपाट लगता है.”
   
एक्स पर छाया ‘कॉकटेल 2’ का क्रेज
फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने एक्स पर फिल्म की जमकर तारीफ की है. उन्होंने ‘कॉकटेल 2’ को “विनर” बताया और फिल्म को 4 स्टार दिए. तरण ने लिखा कि फिल्म उम्मीदों से कहीं ज्यादा बेहतर निकली है. शानदार परफॉर्मेंस, बेहतरीन म्यूजिक, खूबसूरत विजुअल्स और दमदार राइटिंग फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक साधारण लव ट्रायंगल नहीं है, बल्कि इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी अनप्रेडिक्टेबल कहानी है. फिल्म कई जगह दर्शकों को चौंकाती है और यही चीज इसे अलग बनाती है.

शाहिद कपूर और कृति सेनन ने लूटी महफिल
रिव्यू में शाहिद कपूर की एक्टिंग की खास तारीफ की गई है. तरण आदर्श के मुताबिक शाहिद फिल्म में पूरी तरह फॉर्म में नजर आए हैं. इमोशनल सीन्स हो या हल्के-फुल्के पल, उन्होंने हर जगह शानदार काम किया है. वहीं कृति सेनन को फिल्म की सबसे बड़ी सरप्राइज पैकेज कहा जा रहा है. कृति ने अपने करियर की अब तक की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है. रश्मिका मंदाना ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है, लेकिन उनके किरदार को अपनी छाप छोड़ने का ज्यादा मौका नहीं मिला.

विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म ‘हॉन्टेड 3D: इकोज ऑफ द पास्ट’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल

बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इस हफ्ते एक बड़ा सरप्राइज देखने को मिला है. निर्देशक विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म हॉन्टेड 3D: ईकोज ऑफ द पास्ट ने सभी उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन किया है. कमाई के मामले में बाकी रिलीज फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. फिल्म के साथ रिलीज हुईं “मैं वापस आऊंगा” और “भारत भाग्य विधाता” को पीछे छोड़ते हुए इस हॉरर फ्रेंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. फिल्म की सफलता पर बात करते हुए विक्रम भट्ट ने बात की.

विक्रम भट्ट बोले- हमने सोच-समझकर प्रमोशन किया था
शोशा से बातचीत में फिल्म की सफलता पर बात करते हुए विक्रम भट्ट ने कहा कि उन्हें फिल्म की परफॉर्मेंस देखकर कोई हैरानी नहीं हुई. उन्होंने कहा, “मैं हैरान नहीं हूं, क्योंकि फिल्म का प्रमोशन किया गया था, लेकिन वहां जहां हमें लगा कि हमारा ऑडियंस मौजूद है. हमारे पास इतना बजट नहीं था कि हम हर जगह प्रचार करते, इसलिए हमने चुनिंदा जगहों पर ही फोकस किया.” उन्होंने आगे कहा, “होर्डिंग्स लगाए गए थे, लेकिन हमने जरूरत से ज्यादा दिखावा नहीं किया क्योंकि हमें पता था कि यह एक मास फिल्म है और असली ऑडियंस वहीं से आएगी.”

एआई विवाद पर भी दिया जवाब
फिल्म में एआई के इस्तेमाल को लेकर उठे सवालों पर भी विक्रम भट्ट ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा , “लोग असली लोकेशन को भी एआई मान रहे हैं, जो मजेदार है. अगर पहले से प्रचार में यह बोल दिया जाए कि एआई इस्तेमाल हुआ है, तो हर चीज एआई लगने लगती है.” उन्होंने यह भी कहा, “हमने एआई इसलिए इस्तेमाल किया क्योंकि इतने बड़े विजुअल्स इतने कम बजट में बनाना संभव नहीं था. कुछ लोगों ने कहा कि ये भूत तो एआई है. अरे, मैं कहां से असली भूत लाऊं? भूत तो एआई, स्पेशल इफेक्ट्स, सीजीआई या प्रोस्थेटिक्स से ही बना होगा ना. मैं एक असली भूत नहीं ला सकता और उसे सुबह नौ बजे शूटिंग के लिए आने के लिए नहीं कह सकता.”

अन्य रिलीज फिल्मों से तुलना पर विक्रम भट्ट का बयान
विक्रम भट्ट ने अन्य रिलीज फिल्मों से तुलना पर बात करते हुए कहा, “मुझे बिल्कुल भी खुशी नहीं होती. क्योंकि मैं खुद भी कई बार इस स्थिति से गुजर चुका हूं. मैं नहीं चाहता कि किसी की फिल्म के खराब नंबर आएं. उन्होंने आगे कहा, “हां, मैं चाहता हूं कि मेरी फिल्म के अच्छे नंबर आएं, लेकिन किसी और के नुकसान पर नहीं. मुझे लगता है कि हमारे देश में इतनी जगह है कि दो या तीन फिल्में एक साथ सफल हो सकती हैं. मैं बस खुश हूं कि मेरी फिल्म अच्छा कर रही है.”

Reliance AGM Live: Jio IPO को मिली मंजूरी, मुकेश अंबानी बोले- आज SEBI के पास जमा होगा DRHP

मुंबई 

 रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को रिलायांस की 49वीं सालाना महासभा में जियो के आईपीओ पर सबसे बड़ा अपडेट दिया. उन्‍होंने बताया कि आकाश, ईशा और अनंत मिलकर जियो के आईपीओ की जिम्‍मेदारी संभालेंगे. इसका DRHP आज सेबी के पास जमा करा दिया जाएगा. मुकेश अंबानी ने कहा कि 10 साल पहले जियो की शुरुआत ऐसे माहौल में हुई थी, जब डाटा महंगा था और इंटरनेट की स्‍पीड काफी खराब. आज डाटा तो सस्‍ता हुआ ही है, स्‍पीड भी दुनिया के अन्‍य देशों को टक्‍कर दे रही है। 

मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो प्‍लेटफॉर्म के आईपीओ को बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है और इसका DRHP बाजार नियामक सेबी के पास 19 जून को ही जमा भी कर दिया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि जियो को आईपीओ रिलायंस की मूल्‍य वृद्धि के लिहाज से इस साल का सबसे बड़ा कदम होगा. यह रिलायंस के शेयरधारकों के लिए भी काफी महत्‍वपूर्ण साबित होने वाला है, जो हमारे निवेशकों को बेहतरीन निवेशक का अवसर दिलाएगा। 

इस बार की रिलायंस एजीएम को लेकर निवेशकों और जानकारों के बीच भारी उत्सुकता है. माना जा रहा है कि इस बैठक में मुकेश अंबानी कई बड़े ऐलान कर सकते हैं. इस बैठक के दौरान निवेशकों और शेयर होल्डर्स की नजर जिन सबसे बड़े ऐलानों पर रहेगी, उनमें जियो आईपीओ समेत रिलायंस का एआई प्लान शामिल हैं. अपने संबोधन में उन्होंने कहा रिलायंस बोर्ड की ओर से Jio IPO को मंजूरी दे दी गई है और इसके दस्तावेज सेबी के पास आज जमा कराए जाएंगे। 

Jio Platforms का IPO: बाजार को सबसे बड़ी उम्मीद जियो के लगभग 4 बिलियन डॉलर (33,000 करोड़ रुपये से अधिक) के मेगा आईपीओ की डिटेल्स को लेकर है. यह भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में से एक हो सकता है। 

5G नेटवर्क और सब्सक्राइबर बेस: जियो के 50 करोड़ से अधिक के मजबूत यूजर बेस और देशव्यापी 5G नेटवर्क के विस्तार पर बड़ा अपडेट मिल सकता है. दिग्गज टेक कंपनी मेटा (Meta) के साथ डेटा सेंटर पार्टनरशिप को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रगति साझा होने की उम्मीद है। 

रिटेल और ग्रीन एनर्जी: रिलायंस रिटेल के भविष्य के प्लान और कंपनी के महत्वाकांक्षी ग्रीन एनर्जी बिजनेस को लेकर नए रोडमैप की घोषणा हो सकती है। 

डिविडेंड की मंजूरी: 49वीं आम बैठक में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज 2026 के लिए अपने शेयर होल्डर्स के लिए 6 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड की मंजूरी को औपचारिक रूप दे सकती है। 

Reliance Retail Listing: शेयरधारक रिलायंस रिटेल की संभावित लिस्टिंग को लेकर चेयरमैन अंबानी द्वारा किए जाने वाले ऐलानों पर भी रिलायंस एजीएम 2026 के दौरान बारीकी से नजर रखेंगे, जो समूह के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन बना हुआ है। 

AGM से रिलायंस शेयर का हाल :सालाना आम बैठक की शुरुआत से पहले देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर नजर डालें, तो ये मामूली गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार कर रहा है. शुक्रवार को Reliance Share 1328 रुपये पर ओपन हुआ था और खबर लिखे जाने तक 1323 रुपये के लेवल पर कारोबार कर रहा था. कंपनी के मार्केट कैप की बात करें, तो ये 17.93 लाख करोड़ रुपये है। 

Jio IPO: रिलायंस जियो का आईपीओ निवेशकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है. इससे पिछली यानी 48वीं एजीएम में के दौरान, मुकेश अंबानी ने 2026 की पहली छमाही इस आईपीओ की शेयर मार्केट में लिस्टिंग का टारगेट तय किया था। 

ग्लोबल टेक एलीट में शामिल: Reliance Jio की ओर से हाल ही में ऐलान किया गया था कि वह ग्लोबल टेक एलीट में शामिल हो गया है और WIPO के टॉप-20 में भारत की एकमात्र कंपनी बन गई है. जियो प्लेटफॉर्म्स ने ग्लोबल इनोवेशंस रैंकिंग में सबसे बड़ी छलांगों में से एक लगाई है। 

मुकेश अंबानी AGM की शुरुआत की. मुकेश अंबानी ने अपने शेयरधारकों को ‘नमस्ते’ करते हुए उनका 49वीं सालाना आम बैठक में स्वागत किया. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे लंबे समय तक देश का पीएम होने पर बधाई दी। 

चुनौतियों से भरे रहे छह साल: बीते 6 साल कोविड, जियो पॉलिटिकल तनाव और सप्लाई चेन में रुकावट, एनर्जी प्राइस में उछाल से चुनौतियों भरे रहे हैं. वेस्ट एशिया में जंग ने इसे और बढ़ाने का काम किया, लेकिन भारत इन चुनौतियों के बीच भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व आगे बढ़ता रहा। 

Jio IPO के डॉक्युमेंट जमा : मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हियरिंग पेपर  आज ही मार्केट रेग्युलेटर सेबी के पास जमा कराए गए हैं. उन्होंने कहा जियो प्लेटफॉर्म बोर्ड की ओर से Jio IPO को मंजूरी दे दी गई है. रिलायंस चेयरमैन ने कहा कि 19 जून को रिलायंस जियो सेबी के पास अपने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स को फाइल करेगा. ये डिजिटल सर्विस सेक्टर के लिए माइलस्टोन बनेगा। 

मुकेश अंबानी ने कहा कि ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी जियो आईपीओ प्रोसेस को लीड कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि Jio IPO की मार्केट लिस्टिंग भारत की ताकत दिखाएगा। 

आकाश अंबानी बोले- Jio आगे बढ़ रहा: जियो प्लेटफॉर्म के एमडी आकाश अंबानी ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि जियो लगातार आगे बढ़ रहा है और अब इसका यूजर बेस 534 मिलियन के पार निकल चुका है. जियो का 5जी सब्सक्राइबर बेस 268 मिलियन से ज्यादा हो गया है. उन्होंने Jio का टागरेट बताते हुए कहा कि ये 2030 तक सभी सब्सक्राइबर्स को 5 जी में माइग्रेट करना है। 

Jio प्लेटफॉर्म का प्रॉफिट: आकाश अंबानी ने बताया की जियो प्लेटफॉर्म्स का टैक्स के बाद प्रॉफिट पहली बार 30,000 करोड़ रुपये के पार निकला है, जो 15 फीसदी का सालाना उछाल है. कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2026 में 1,46,885 करोड़ रुपये रहा है। 

दुनिया के लिए नजीर होगा आईपीओ
मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो का आईपीओ दुनिया के लिए नजीर साबित होगा. यह दुनिया को दिखा देगा कि भारत विश्‍व स्‍तरीय और वैश्विक क्षमता वाली तकनीक कंपनी बनाने में सक्षम है. इस आईपीओ की अगुवाई आकाश, ईशा और अनंत अंबानी करेंगे, जबकि तीनों ही नेक्‍स जेनरेशन के तौर पर कंपनी को आगे बढ़ाने का भी काम करेंगे। 

27 करोड़ शेयर का होगा फ्रेश इश्‍यू
रिलायंस जियो के आईपीओ को फ्रेश इश्‍यू के तौर पर लॉन्‍च करेगी. इसके लिए 27 करोड़ शेयरों को बाजार में उतारा जाएगा. इसमें संस्‍थागत निवेशकों के साथ खुदरा निवेशकों को भी मौका मिलेगा। 

Gold-Silver Rate Crash: चांदी में भारी गिरावट, दो दिन में ₹22,000 टूटी; सोना भी हुआ सस्ता

नई दिल्ली
सोना-चांदी की कीमतों में एक बार फिर से बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है और दोनों कीमती धातुएं दो दिनों से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो रही हैं. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही अचानक चांदी की वायदा कीमत में फिर बड़ी गिरावट आ गई. महज दो दिनों में ही ये कीमती धातु 22000 रुपये सस्ती हो गई है. दूसरी ओर से सोना भी काफी सस्ता हो गया है और 10 Gram 24 Karat Gold Rate गिरकर 1.46 लाख रुपये पर आ गया है। 

खुलते ही 8000 रुपये टूटी चांदी
MCX पर चांदी की कीमत में आई गिरावट पर नजर डालें, तो 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली सिल्वर का प्राइस बीते कारोबारी दिन टूटते हुए 2,37,572 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और शुक्रवार को कारोबार की ओपनिंग के साथ ही ये फिसलकर 2,29,561 रुपये प्रति किलो पर आ गया. ऐसे में एक झटके में 1 Kg Silver 8,011 रुपये सस्ती हो गई। 

Silver दो दिन में 22000 रुपये सस्ती 
चांदी की वायदा कीमत में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को भी बड़ी गिरावट आई थी और ये कारोबार के अंत तक फिसलती रही थी. इस हिसाब से अगर दो दिनों में आई गिरावट को देखें, तो चांदी की कीमत बुधवार को 2,51,807 रुपये पर क्लोज हुई थी और ये गुरुवार को 2,37,572 रुपये, जबकि शुक्रवार को 2,29,561 रुपये पर आ गई. ऐसे में चांदी दो दिन में ही 22,246 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है। 

Gold Rate में इतनी गिरावट
चांदी के बाद बात करें सोने की वायदा कीमत के बारे में, तो ये भी Silver Price के कदम से कदम मिलाकर चल रही है और लगातार टूटती नजर आई है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold का भाव खुलने के साथ ही गिरकर 1,46,252 रुपये के लेवल पर आ गया, जो बीते कारोबारी दिन 1,49,309 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था. यानी सोना अचानक 3,057 रुपये सस्ता हो गया। 

हाई से कितना टूट गया सोना? 
बीते दो कारोबारी दिनों में सोने की कीमत में आई गिरावट की बात करें, तो 17 जून को 10 ग्राम सोने का भाव 1,53,879 रुपये था और यहां से ये कीमती पीली धातु 7,627 कमजोर हो गई है. वहीं अगर हाई लेवल से तुलना करें, तो बीते जनवरी महीने में वायदा सोने की कीमत पहली बार 2 लाख रुपये के पार निकली थी और इस एक्सपायरी वाले वायदा सोना का हाई 2,04,375 रुपये है, जिससे अब गोल्ड 58,123 रुपये सस्ता मिल रहा है। 

अचानक क्यों बिखरने लगे सोना-चांदी? 
Gold Silver Rate Crash के पीछे के कारणों की बात करें, तो ये अमेरिका से जुड़ा हुआ है. दरअसल, US Fed ने जून 2026 की बैठक रेपो रेट को स्थिर रखने का ऐलान किया है यानी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया और ये 3.50% से 3.75% के दायरे में हैं. ही बरकरार रखा है, लेकिन फेड अधिकारियों ने महंगाई बढ़ने की चिंता जताते हुए आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका जताई है, जिसका असर सोने चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिला है। 

(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

राज्यसभा चुनाव में BJP को झटका, 12 विधायकों की क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस को मिला बड़ा फायदा

बेंगलुरु 

भारत की राजनीति में इन दिनों विपक्षी खेमे में टूट की खबरें लगातार आती रही हैं। वर्षों के बाद यह पहला मामला सामने आया है जिसमें केंद्र की सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को तगड़ा झटका लगा है। कर्नाटक में गुरुवार को घोषित हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों में कांग्रेस ने पांच सीटों पर आरामदायक जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही विपक्षी भाजपा-जेडीएस गठबंधन के खेमे में हड़कंप मच गया है। चुनाव के आंकड़ों से यह साफ हो गया है कि विपक्ष के कई विधायकों ने पाला बदलकर कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की है।

इस भीतरघात के बाद अब कर्नाटक में NDA के नेता अपनी ही पार्टियों में छिपे गद्दारों की तलाश में जुट गए हैं। चुनाव में गद्दारी के पुख्ता सबूत तो मिल चुके हैं, लेकिन गुप्त मतदान होने के कारण दोषियों का कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लग रहा है।

कांग्रेस को मिले उम्मीद से ज्यादा वोट
कांग्रेस उम्मीदवार विनय कार्तिक सबसे ज्यादा 32 वोट पाकर विजयी घोषित हुए। यह संख्या जीत के लिए जरूरी कोटे से कहीं अधिक थी और कांग्रेस विधायकों की अपनी ताकत से भी काफी ज्यादा थी। वोटों के इस गणित से अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्हें भाजपा और जेडीएस के कम से कम एक दर्जन 12 विधायकों का साथ मिला है।

भाजपा के नेताओं का कहना है कि उनके खेमे से केवल तीन विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है। भाजपा ने आरोप लगाया कि जेडीएस के कम से कम 8 विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों का समर्थन किया है। जेडीएस नेताओं ने भाजपा के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उनका तर्क है कि उनके खेमे से केवल 4 वोट ही कांग्रेस को जा सकते थे, बाकी की पूरी मदद भाजपा विधायकों की तरफ से मिली है।

शक के घेरे में आए बड़े नाम
इस उलटफेर के बाद जेडीएस के जीटी देवगौड़ा और एमआर मंजूनाथ तथा भाजपा के दिग्गज नेता रमेश जारकीहोली, बीपी हरीश, एम चंद्रप्पा और एचके सुरेश तुरंत जांच के दायरे में आ गए हैं। हालांकि, इन सभी नेताओं ने क्रॉस-वोटिंग के आरोपों से साफ इनकार किया है।

गठबंधन की सिरदर्दी
इस चुनाव में गुप्त मतदान प्रणाली होने की वजह से जिम्मेदारी तय करना बेहद मुश्किल हो गया है। राज्यसभा या अन्य ओपन वोटिंग के उलट जहां पार्टी व्हिप के जरिए यह जांचा जा सकता है कि किसने किसे वोट दिया, विधान परिषद की इस प्रक्रिया ने संदेह के लिए तो बहुत जगह छोड़ दी है, लेकिन सबूत जुटाने का कोई मौका नहीं दिया है।

इस अनिश्चितता ने गठबंधन के भीतर अविश्वास को और गहरा कर दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी इन गद्दारों की पहचान करेगी और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद इसे अपनी पहली चुनावी जीत बताते हुए डीके शिवकुमार काफी उत्साहित दिखे। हालांकि, उन्होंने इस कयासबाजी को हवा न देते हुए हल्के अंदाज में कहा, “मुझे कोई अंदाजा नहीं है कि किसने क्रॉस-वोटिंग की है।”

NDA के लिए बड़ा झटका
यह चुनावी नतीजा भाजपा और जेडीएस दोनों के लिए ही आने वाले दिनों में बड़ी मुसीबतें खड़ी कर सकता है। पहले से ही अस्तित्व के संकट से जूझ रही जेडीएस के लिए यह हार एक बड़ा झटका है। अब पार्टी आलाकमान को अपने दूसरे स्तर के नेताओं और पार्टी के भीतर पनप रहे असंतोष पर गंभीरता से ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

भाजपा में विजयेंद्र पर बढ़ेगा दबाव
भाजपा के लिए भी यह परिणाम बेहद चिंताजनक है। इस बगावत से पार्टी के भीतर मौजूद असंतुष्ट गुट को बल मिलेगा, जो लगातार यह दावा कर रहा है कि राज्य में नेतृत्व की कमी के कारण पार्टी भटक रही है। विरोधी नेता अब प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र को पद से हटाने के लिए दबाव और तेज कर सकते हैं।

किसान हितैषी नीतियों ने दिलाई छत्तीसगढ़ को नई पहचान: छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक दल

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसान हितैषी योजनाओं और कृषि विकास मॉडल का किया अध्ययन

छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था की प्रतिनिधिमंडल ने की सराहना

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ कृषि निवेश में सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश में धान खरीदी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जाती है। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए संग्रहण केंद्रों और गोदामों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंजीयन से लेकर धान तौल, परिवहन और भुगतान तक की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है। किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।

चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे के सफल अनुभवों से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का अवसर मिलता है।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे एवं संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सिग्नल केबल चोरी से मुंबई-हावड़ा रूट प्रभावित, 3 घंटे थमीं ट्रेनें; 19 गाड़ियां हुईं लेट

सतना 

मुंबई-हावड़ा रेलखंड पर सतना-मैहर के बीच लगरगवां स्टेशन के पास गुरुवार को सिग्नल की 7 मीटर केबल चोरी हो गई। इस घटना के कारण रेल संचालन लगभग तीन घंटे तक प्रभावित रहा, जिससे अप और डाउन लाइन की 19 ट्रेनें देरी से चलीं। 

सिग्नल विभाग के कर्मचारियों ने केबल काट कर ले जा रही महिलाओं को देखा और तत्काल आरपीएफ को सूचित किया। मौके पर पहुंची आरपीएफ टीम ने पीछा कर दोनों आरोपियों को चोरी की गई केबल के साथ पकड़ लिया। बाद में इंजीनियरों ने क्षतिग्रस्त केबल को जोड़कर रेल संचालन को सामान्य किया।

19 ट्रेनें देरी से चलीं इस घटना से प्रभावित होने वाली ट्रेनों में अप लाइन की अयोध्या-एलटीटी, गोरखपुर-एलटीटी, दानापुर-एसएमवीटी, दरभंगा-अहमदाबाद, वाराणसी-एकता नगर और सतना-कटनी मेमू शामिल थीं। वहीं, डाउन लाइन में डॉ. अंबेडकर नगर-रीवा, एलटीटी-दानापुर स्पेशल, जबलपुर-रीवा शटल सहित पांच से अधिक मालगाड़ियां भी प्रभावित हुईं।

आरपीएफ पोस्ट प्रभारी बीरेन्द्र यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कल्ली उर्फ सुखमंती (55) निवासी उतैली और चिद्दी उर्फ चिंतामणि निवासी संग्राम कॉलोनी, थाना कोलगवां के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 

उज्जैन में एक्शन मोड में CM मोहन और केंद्रीय मंत्री खट्टर, कई विभागों की होगी हाई लेवल समीक्षा

उज्जैन 
 मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर 19 जून को उज्जैन दौरे पर रहेंगे. इस दौरान केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री खट्टर दो महत्त्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकों में शामिल होंगे. प्रशासनिक संकुल भवन के सभा कक्ष में आयोजित इन बैठकों में कई विभागों की समीक्षा हो सकती है। 

शाम को शुरू होंगी दो महत्वपूर्ण बैठकें
उज्जैन में सीएम व केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति में पहली बैठक शाम 6 बजे होगी. इस बैठक में स्वच्छ भारत मिशन की राज्य स्तरीय समीक्षा होगी. वहीं, इसके बाद आयोजित दूसरी बैठक में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के अंतर्गत प्रदेश में चल रहे कार्यो और विद्युत वितरण व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंहस्थ 2028 से जुड़े और अन्य विकास कार्यो की भी समीक्षा कर सकते हैं। 

प्रशासनिक संकुल भवन के सभा कक्ष में होंगी बैठकें
मुख्यमंत्री वीर भारत संघ्राहलय, कान्हा डक्ट परियोजना और केंद्र सरकार की सहायता राशि से चलने वाली अन्य योजनाओं की भी समीक्षा कर सकते हैं। 

तैयार होगा उज्जैन व अन्य शहरों के विकास का रोडमैप
दरअसल, उज्जैन में होने वाली समीक्षा बैठकें केवल विभागीय समीक्षा तक समिति नहीं रहेगी बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, बिजली सुधार और धार्मिक पर्यटन विकास के रोडमैप को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है. मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री ल मनोहरलाल खट्टर के दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी हो गई हैं, जिससे समीक्षा बैठकों की व्यवस्थाओं में कोई कमी न हो. हालांकि, इन बैठकों के बाद क्या महत्वपूर्ण निणर्य होने है ये देर शाम आधिकारिक बयानों के बाद ही सामने आ पाएगा। 

समीक्षा बैठक में इन मुद्दों पर जोर दे सकते हैं सीएम व केंद्रीय मंत्री
मध्यप्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों और सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार माना जा रहा है पहली बैठक में निम्लिखित मुद्दों पर सरकार का फोकस हो सकता है। 

    नगरीय निकायों में कचरा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था को और मजबूत करना.
    शहरों की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए विशेष अभियान.
    कचरे से खाद और ऊर्जा उत्पादन परियोजना को बढ़ावा.
    खुले में कचरा फेंकने और प्लास्टिक उपयोग पर सख्ती बढ़ाना.
    सिंहस्थ के कार्यों के साथ-साथ उज्जैन सहित धार्मिक और पर्यटन शहरों में विशेष सफाई मॉडल लागू करना.
    नगर निगमों की रैंकिंग के आधार पर जवाबदेही तय करना.
    बिजली वितरण कम्पनियों के तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान कम करना.
    स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाना.
    ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों का उन्नयन.
    किसान और घरेलू उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर.
    बिजली चोरी रोकने का विशेष अभियान.

NEET परीक्षा के लिए MP में कड़े इंतजाम, सेंटरों पर जैमर-CCTV; भोपाल, इंदौर और रतलाम के बीच स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

भोपाल

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 21 जून को है। परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रदेश के सभी केंद्रों पर CCTV कैमरे और जैमर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को समय का सही अंदाजा रहे, इसके लिए हर सेंटर के बाहर एक बड़ी घड़ी लगाई जाएगी।

भोपाल में कुल 13 हजार 774 स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन, पुलिस के साथ रेलवे भी तैयारी कर रहा है। 32 केंद्र प्रभारियों के साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को वन-टू-वन मीटिंग की। इसमें बताया गया कि कई बार दो से तीन सेंटरों के नाम एक जैसे होते हैं, जिससे परीक्षार्थी कन्फ्यूज हो जाते हैं। इसलिए उन्हें केंद्र का नाम और स्थान क्लियर रखें।

हमीदिया रोड पर जो सेंटर हैं, उसके रास्ते में लोग गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इस वजह से स्टूडेंट्स को देरी हो सकती है। इसलिए पुलिस गाड़ियों को तुरंत हटा दें। पुराने शहर में मेट्रो का काम चल रहा है। बैरिकेडिंग में सेंटर का नाम छिप सकता है। इसलिए सेंटर की ओर रास्ता दिखाने वाले बोर्ड लगेंगे।

भोपाल में 13 हजार 774 छात्र देंगे परीक्षा
भोपाल में 13 हजार 774, छिंदवाड़ा 4303, गुना में 1839, विदिशा में 1709, नर्मदापुरम में 1283 और अशोकनगर में 865 परीक्षार्थियों के आने की संभावना है।

देखिए ट्रेन का शेड्यूल
रेलवे इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह स्पेशल ट्रेन इंदौर एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से भोपाल आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगी।

गाड़ी संख्या 09354 इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन का संचालन 20 जून को किया जाएगा। ट्रेन इंदौर स्टेशन से सुबह 11.25 बजे प्रस्थान कर फतेहाबाद में दोपहर 12 बजे, बड़नगर में दोपहर 12.42 बजे, रतलाम में 1.30 बजे, नागदा में दोपहर 2.23 बजे, उज्जैन में दोपहर 3.25 बजे, मक्सी में शाम 4.30 बजे, शुजालपुर में शाम 5.21 बजे, सीहोर में शाम 6 बजे, बैरागढ़ स्टेशन पर शाम 6.18 बजे और शाम 5 बजे भोपाल स्टेशन पर पहुंचेंगी।

इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्या 09353 भोपाल–रतलाम स्पेशल ट्रेन 20 जून 2026 को भोपाल स्टेशन से शाम 7.40 बजे प्रस्थान कर संत हिरदाराम नगर में रात 8.08 बजे, सीहोर में रात 8.34 बजे, शुजालपुर में रात 8.59 बजे, मक्सी में रात 9.59 बजे, उज्जैन में रात 11.05 बजे एवं अगले दिन नागदा रात 12.05 बजे आगमन कर गंतव्य स्टेशन रतलाम रात 12.55 बजे पहुंचेगी।

ऐसा रहेगा कोच कम्पोजिशन 

ट्रेन में 13 स्लीपर कोच, 2 सामान्य श्रेणी एवं 2 एसएलआर/डी सहित कुल 17 कोच रहेंगे। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संभावित अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए और उनके आवागमन को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से ये स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

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