मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं भगवान महावीर के विचार : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

रायपुर 

लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने जैन मुनियों का आशीर्वाद प्राप्त कर आचार्य पद पर प्रतिष्ठित हो रहे पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने कहा कि आचार्य पद केवल एक पद नहीं, बल्कि तप, त्याग, ज्ञान और समाज को दिशा देने वाली साधना का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर और जैन दर्शन के सिद्धांत आज भी मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं। वर्तमान समय में जब विश्व तनाव और संघर्षों से जूझ रहा है, तब जैन दर्शन की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं।

 बिरला ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पदारोहण संपूर्ण जैन समाज के लिए गौरव का क्षण है। वहीं शतावधानी हंसभद्र मुनि जी महाराज ने अपनी विलक्षण स्मरणशक्ति, ज्ञान और साधना के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। उनके तप और साधना से समाज को नई दिशा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि भौतिक संसाधन केवल सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं, लेकिन जीवन का वास्तविक सुख आत्मनियंत्रण, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना से प्राप्त होता है। जैन संतों का तपस्वी जीवन समाज को प्रेरणा देता है और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सभी जैन संतों, साध्वियों और श्रद्धालुओं को नमन करते हुए महोत्सव के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर पहली बार आयोजित हो रहा यह आचार्य पदारोहण महोत्सव प्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, साधना और संस्कृति का यह विराट आयोजन पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर बन गया है। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए संत-साध्वियों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ धन्य हुआ है और इस आयोजन से पूरे प्रदेश में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पद पर पदारोहण उनके ज्ञान, तप, संयम, साधना और समाज के प्रति समर्पित जीवन का सम्मान है। उन्होंने 14 वर्षीय बाल मुनि शतावधानी हंसभद्रमुनि जी महाराज को भी नमन करते हुए कहा कि इतनी कम आयु में उनकी अद्भुत स्मरणशक्ति, एकाग्रता और ज्ञान-साधना सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। एक साथ हजार प्रश्नों को स्मरण रखना और उनका क्रमवार उत्तर देना असाधारण उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रायपुर का यह इंडोर स्टेडियम ज्ञान, साधना और अध्यात्म का तीर्थस्थल प्रतीत हो रहा है। जैन संतों ने सदैव अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मसंयम का संदेश दिया है, जिसकी आज पूरे विश्व को आवश्यकता है। भगवान महावीर स्वामी का ‘जियो और जीने दो’ का संदेश वर्तमान समय में और अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि है तथा राज्य सरकार सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ सभी वर्गों के कल्याण और प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जैन मुनिगण कठिन तप, उपवास और संयम के माध्यम से समाज को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने लंबी पदयात्रा और तपस्या के बाद रायपुर पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि इतने बड़े आध्यात्मिक आयोजन में देशभर के संत-साध्वी और श्रद्धालु एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैन संतों का त्याग, तपस्या और अनुशासित जीवन समाज को सदैव प्रेरित करता है।विनयकुशल मुनि जी के आचार्य पदारोहण का यह आयोजन लोगों को अध्यात्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा।

कार्यक्रम में सकल जैन संघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल,  विजय बघेल, मती कमलेश जांगड़े,  महेश कश्यप, विधायक  राजेश मूणत सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

ओडिशा से राजस्थान जा रहा 1.44 करोड़ का गांजा पकड़ा, नाबालिग सहित 2 तस्कर गिरफ्तार

सक्ती.

जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सक्ती पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ओडिशा से राजस्थान ले जाए जा रहे करीब 209 किलोग्राम गांजा को जब्त करते हुए एक युवक और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है।

कार्रवाई के दौरान गांजा, ट्रेलर, फ्लोर्सपार पाउडर और मोबाइल फोन समेत कुल 1 करोड़ 66 लाख 20 हजार 460 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल तथा एसडीओपी डभरा सुमीत गुप्ता के मार्गदर्शन में चौकी फगुरम और थाना डभरा पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। चौकी फगुरम प्रभारी उप निरीक्षक अनवर अली के नेतृत्व में पुलिस टीम को 17 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रेलर में बड़ी मात्रा में अवैध गांजा भरकर ओडिशा से राजस्थान ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल रणनीति बनाते हुए एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन कर ग्राम बोडासागर स्थित सागर फैमिली ढाबा के सामने खरसिया-डभरा मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी की। इस दौरान संदिग्ध टाटा सिगना ट्रेलर क्रमांक RJ09GC 5216 को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रेलर में रखी 8 प्लास्टिक बोरियों से कुल 40 पैकेट गांजा बरामद किया गया। प्रत्येक पैकेट का वजन लगभग 5 किलोग्राम था। जब्त गांजा का कुल वजन 208.965 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 44 लाख 48 हजार 250 रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने गांजा परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रेलर को भी जब्त कर लिया है, जिसकी कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा ट्रेलर में भरा फ्लोर्सपार पाउडर, जिसकी कीमत 21 लाख 42 हजार 210 रुपये है, तथा आरोपियों के कब्जे से मिले वीवो कंपनी के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री का कुल मूल्य 1 करोड़ 66 लाख 20 हजार 460 रुपये आंका गया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा गांजा परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान के अजमेर जिले के थाना जेवाजा क्षेत्र निवासी अर्पित सिंह (20 वर्ष), पिता रमेश सिंह तथा उसके साथ मौजूद एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों के खिलाफ अपराध क्रमांक 219/2026 के तहत धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों को पकड़ने के लिए जिले में लगातार 26 घंटे तक बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में चौकी फगुरम प्रभारी उप निरीक्षक अनवर अली, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक सी.पी. कंवर, सहायक उप निरीक्षक हीराराम संवरा, प्रधान आरक्षक टीकम सिंह साव, अश्वनी सिदार, लक्ष्मीनारायण राठौर सहित साइबर सेल और पुलिस बल के अन्य जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एमपी-छत्तीसगढ़ के 34 हजार से अधिक कर्मचारियों को बड़ी सौगात, पीएम मोदी देंगे ₹2400 करोड़ का लाभ

भोपाल

भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाय) के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों को लगभग 2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे।
एमपी-छत्तीसगढ़ के 34,610 कर्मचारी होंगे लाभान्वित

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त रौशन काश्यप ने बताया कि विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पीएम-वीबीआरवाय के कार्यक्रम को राष्ट्रीय आयाम देते हुए देश भर में 200 स्थानों पर एक साथ क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन स्थानों पर इसका लाइव प्रसारण होगा। योजना से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की 2476 कंपनियों के 34,610 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। मध्य प्रदेश में दो स्थानों मैनिट सभागार भोपाल एवं एचईजी मंडीदीप में भी कार्यक्रम होंगे। जिसमें नियोक्ताओं, कर्मचारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के रूप में लगभग 700 अतिथि शामिल होंगे।

मैनिट भोपाल और एचईजी मंडीदीप के कार्यक्रमों में शामिल होंगे मुख्य अतिथि

मैनिट सभागार भोपाल में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मप्र शासन के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल शामिल होंगे। एचईजी मंडीदीप में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक भोजपुर क्षेत्र सुरेन्द्र पटवा शामिल होंगे।

भोपाल के हर्षित मेहरा और धार के नैतिक वैष्णव करेंगे पीएम से संवाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले लाभार्थियों के साथ बातचीत भी करेंगे। इनमें भोपाल के हर्षित मेहरा और धार के नैतिक वैष्णव पीएम से संवाद करेंगे।

3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां देना है उद्देश्य

पीएम-वीबीआरवाय भारत सरकार की एक प्रमुख एंप्लायमेंट-लिंक्ड इंसेंटिव (ईएलआइ) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, संगठित कार्यबल में पहली बार प्रवेश करने वालों को सहायता प्रदान करना और नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पात्र पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को 15,000 तक का एक माह का वेतन मिलता है, जबकि नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी तीन हजार रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन दो साल की अवधि के लिए मिलेगा, बशर्ते कर्मचारी कम से कम छह माह तक निरंतर रोजगार में रहे।

विनिर्माण क्षेत्र को मिलेगी अतिरिक्त सहायता

विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र अतिरिक्त दो वर्षों के लिए विस्तारित सहायता के लिए पात्र है। जिससे श्रम-गहन उद्योगों में निरंतर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलता है। 99,446 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ शुरू की गई योजना का उद्देश्य दो वर्ष की अवधि में देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन की सुविधा प्रदान करना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थियों के पहली बार औपचारिक कार्यबल में प्रवेश करने की उम्मीद है। योजना एक अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर लागू हैं।

​उच्च शिक्षा में बड़े सुधार की तैयारी: नए सत्र में समय पर होंगी परीक्षाएं

​रायपुर

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने नवीन शिक्षा सत्र के शुभारंभ पर राज्य के समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों, शैक्षणिक और अशैक्षणिक स्टाफ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सत्र में शैक्षणिक कैलेंडर का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और अनुशासित बनेगी।

 उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, अनुशासित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन, डिजिटल गवर्नेंस के उपयोग, एकीकृत नियामक संस्थाओं के गठन और छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति से जुड़े सख्त दिशा-निर्देश शामिल हैंl उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसरों में अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

​विद्यार्थियों की समस्याओं के लिए बनेगा ‘हेल्प डेस्क’
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छात्र हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए मंत्री  वर्मा ने घोषणा की है कि महाविद्यालय आने वाले समस्त विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ‘हेल्प डेस्क’ की स्थापना की जाएगी। इससे छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें तत्काल राहत मिलेगी।

​समय पर प्रवेश लें छात्र, बार-बार नहीं बढ़ेगी तारीख

 ​उच्च शिक्षा मंत्री ने सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि वे शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार महाविद्यालयों में गुणाक्रम (मेरिट) के आधार पर समय पर प्रवेश लें। उन्होंने कहा कि समय पर प्रवेश होने से प्राविण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में आने वाले सभी विद्यार्थियों का एडमिशन निर्धारित समय में पूरा हो सकेगा और पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो पाएगी। बार-बार प्रवेश की तिथि बढ़ाने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए जरूरी है कि प्रवेश सूची में नाम आने पर कोई भी विद्यार्थी दाखिले से वंचित न रहे।

​NEP 2020 का समयबद्ध क्रियान्वयन

सभी कॉलेजों के शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थियों की यह जिम्मेदारी होगी कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत पढ़ाई समय पर शुरू हो, पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो, और सेमेस्टर व अन्य परीक्षाएं समय पर आयोजित की जाएं। इसके साथ ही शैक्षणिक कैलेंडर की समय-सीमा के भीतर ही परीक्षाओं के परिणाम भी जारी किए जाएंगे। कॉलेज परिसरों में उच्च शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को सह-शैक्षणिक (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अपने संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास कर संस्था और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

​युवाओं के सुनहरे भविष्य के निर्माण का भरोसा

 उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को विश्वास दिलाया कि माननीय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी की सरकार युवाओं के सुनहरे भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सबको मिलकर यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय  नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 के ‘विकसित भारत’ के सपनों को साकार करना है।

डीजीपी कैलाश मकवाणा से किलिमंजारो फतह करने वाली निरीक्षक मती दीपिका गौतम ने सौजन्य भेंट की

भोपाल 

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से माउंट किलिमंजारो विजय के उपरांत निरीक्षक मती दीपिका गौतम ने पुलिस मुख्यालय में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर  मकवाणा ने उन्‍हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए डीजीपी ने कहा कि यह सफलता मध्यप्रदेश पुलिस की महिला अधिकारियों की क्षमता, साहस, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि निरीक्षक मती दीपिका गौतम ने अपनी उपलब्धि से प्रदेश की महिलाओं, युवाओं तथा पुलिस बल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी है।

इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक एससीआरबी  जयदीप प्रसाद एवं पुलिस महानिरीक्षक एससीआरबी  हरिनारायणचारी मिश्र उपस्थित थे।

राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (SCRB), पुलिस मुख्यालय में पदस्थ इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने 29 मई 2026 को अफ्रीका महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो के Gilmans point 5685m पर पहुंचकर तिरंगा एवं मध्यप्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया। इस अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान में वे भारत की एकमात्र प्रतिभागी थीं। इस उपलब्धि के साथ निरीक्षक मती दीपिका गौतम मध्यप्रदेश पुलिस की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने तंजानिया स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्वत शिखर पर सफलतापूर्वक फतह कर प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया है।

माउंट किलिमंजारो अभियान पांच दिनों का अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं कठिन अभियान था। इस दौरान तीन बेस कैंप पार करने के बाद अंतिम चढ़ाई रात्रि में प्रारंभ की गई। अभियान के दौरान तापमान माइनस 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था तथा लगातार बदलते मौसम ने परिस्थितियों को और अधिक कठिन बना दिया था। इन चुनौतियों के बावजूद निरीक्षक मती दीपिका गौतम ने अदम्य साहस, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए सफलता प्राप्त की।

 

भारत के नए नियम से नेपाल की चाय इंडस्ट्री पर संकट, फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप; अब पाकिस्तान-बांग्लादेश से उम्मीद

काठमांडू 

नेपाल में चाय उत्पादन करने वाले लोगों ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा है कि वे अनिश्चित समय के लिए चाय का उत्पादन बंद करेंगे. इसकी वजह यह है कि भारत ने नेपाल से आने वाली चाय की जांच के नियम और सख्त कर दिए हैं. भारत का कहना है कि वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बाहर से आने वाली चाय भारतीय गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरे. यानी वे सिर्फ अच्छी हों. इस फैसले से नेपाल के चाय उद्योग को परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि भारत ही उसकी चाय का सबसे बड़ा खरीदार है। 

भारत का फैसला और फिर नेपाल की परेशानी
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पिछले सप्ताह टी बोर्ड ऑफ इंडिया ने कहा था कि उसने यह सुनिश्चित करने के लिए दूसरे देशों से आने वाली चाय की जांच को और सख्त कर दिया है कि आयातित चाय भारतीय मानकों के अनुरूप हो. टी बोर्ड ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष सी. मुरुगन ने कहा, “हमने भारत में आने वाली सभी चाय की 100 प्रतिशत जांच शुरू कर दी है, जिसमें नेपाल से आने वाली चाय भी शामिल है। 

उन्होंने कहा कि यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों (क्वालिटी स्टैंडर्ड) को बनाए रखने के लिए उठाया गया है. यह नियम भारत में घरेलू उपयोग के लिए आने वाली चाय के साथ-साथ मिश्रण (ब्लेंडिंग) और दोबारा निर्यात (री-एक्सपोर्ट) की जाने वाली चाय पर भी लागू होगा.
यहां यह जानना जरूरी है कि नेपाल में पैदा होने वाली चाय के लिए भारत सबसे बड़ा बाजार है. ऐसे में भारत के फैसले के बाद नेपाल के चाय उत्पादकों, खासकर कोशी प्रांत के इलाम जिले में स्थित उत्पादकों ने गुरुवार से अनिश्चित समय के लिए उत्पादन रोकने की घोषणा की है। 

नेपाल के चाय उत्पादक क्या कह रहे हैं?
एक बयान में नेपाल टी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने कहा कि टी बोर्ड ऑफ इंडिया द्वारा नया नियम लागू किए जाने के बाद इस हिमालयी देश के चाय उत्पादकों को चाय निर्यात करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इस एसोसिएशन के महासचिव शुक्र दहाल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर साल लगभग 5 अरब नेपाली रुपये की चाय भारत को निर्यात की जाती है. उन्होंने नेपाल की सरकार से अपील की कि वह नेपाल की चाय के लिए बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे वैकल्पिक बाजारों में निर्यात बढ़ाने की पहल करे। 

इस मुद्दे पर संसद में बोलते हुए नेपाल की कृषि, वन और पर्यावरण मंत्री गीता चौधरी ने कहा कि सरकार चाय निर्यातकों की मौजूदा समस्या को हल करने के लिए तकनीकी और कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर रही है. सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए गीता चौधरी ने कहा कि सरकार के प्रयास पॉजिटिव दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। 

मध्यप्रदेश को देश में आईटी और सेवा क्षेत्र का बनायेंगे अग्रणी केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मध्यप्रदेश को आईटी और सेवा क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। आईटी पार्क-3, आईटी पार्क-4 आईटी पार्क उज्जैन, इंदौर-पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर और निजी क्षेत्र की परियोजनाएं मिलकर एक ऐसा आधुनिक इको सिस्टम तैयार करेगी, जो मध्यप्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन इस परिवर्तन का ग्रोथ इंजन बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर में निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 के निरीक्षण में यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर को हम मध्यप्रदेश की आईटी और सेवा क्षेत्र की विकास राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में यहां विकसित होने वाला आईटी पार्कों का समग्र इको सिस्टम प्रदेश को नई आर्थिक गति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी पार्क प्रदेश को आईटी, ग्लोबल केपीबिलिटी सेंटर और सेवा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में एक सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है।

निर्माणाधीन आईटी पार्क 557 करोड रुपए की लागत से ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह 22 मंजिला भवन 11.25 लाख वर्गफीट के कुल निर्मित क्षेत्रफल के साथ मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ ग्लोबल आईटी पार्क बनने जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, विधायकगण  रमेश मेंदोला,  मधु वर्मा,  मनोज पटेल और पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार, कलेक्टर  शिवम वर्मा, एमपीआईडीसी के सीईओ  हिमांशु प्रजापति सहित जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर इंदौर में किया माल्यार्पण

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का अद्वितीय साहस, अमर शौर्य और अदम्य राष्ट्रप्रेम संपूर्ण देश के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा। उनका बलिदान मातृभूमि के सम्मान और स्वतंत्रता के लिये सदैव हर भारतीय को प्रेरित करता रहेगा। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अल्पायु में मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर इंदौर में ऐतिहासिक किला मैदान स्थित वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा और चित्र पर माल्यार्पण किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के गौरवशाली इतिहास को सहेजने तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इंदौर का यह ऐतिहासिक किला मैदान क्षेत्र भी हमारी ऐतिहासिक धरोहरों और महान वीरों की स्मृतियों का साक्षी है।

इस अवसर पर नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव,  सुमित मिश्रा,  सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार और कलेक्टर  शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।

 

अधिकारियों का स्वास्थ्य और कार्यकुशलता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री श्री पटेल

भोपाल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि हमारे अधिकारी निरंतर भारी दबाव में जनसेवा का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी भलाई और मानसिक स्वास्थ्य हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री  पटेल श्रम विभाग के अधिकारियों के लिए आयोजित ‘उच्च-तनाव वाली लोक सेवा भूमिकाओं में बर्नआउट की रोकथाम’ विषय पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  पटेल ने कहा कि कार्यस्थल पर तनाव से जुड़े फीडबैक तंत्र को लागू कर विभागीय टीमों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इस सत्र में राज्य से 79 वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। दिनभर की भागदौड़, लगातार बजते फोन और फाइलों के दबाव से जूझने वाले अधिकारियों की मानसिक सेहत को सुदृढ़ बनाने और कार्यस्थल पर उनके दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से यह सत्र आयोजित किया गया था।

आर्डेन विश्वविद्यालय, लंदन की व्याख्याता और स्वास्थ्य मनोविज्ञान विशेषज्ञ  मुक्ति सिंह ठाकुर ने सत्र का मुख्य संचालन किया। उन्होंने एक व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि अत्यधिक तनाव के साथ-साथ यह मानना कि ‘तनाव सेहत बिगाड़ रहा है’, मृत्यु के जोखिम को 43 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। वहीं, जो लोग तनाव को हानिकारक नहीं मानते, उनमें ऐसा कोई खतरा नहीं देखा गया।  ठाकुर ने तनाव प्रबंधन का एक बेहद सरल और प्रभावी उपाय साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में उद्वेलित होने से पहले महज 30 सेकंड का ठहराव लें और आस-पास की किसी आम चीज़, जैसे छत का पंखा, खिड़की या अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। यह संक्षिप्त ठहराव मस्तिष्क को ‘सुरक्षित’ होने का गहरा संकेत देता है, जिससे तंत्रिका तंत्र का झूठा अलार्म बंद हो जाता है। लंबी सांस छोड़ने और धीमी सांस लेने की यह प्राणायाम तकनीक दिल को शांत कर रक्तचाप को तुरंत नियंत्रित करती है।

विशेषज्ञ  ठाकुर ने कहा कि रोज़-रोज़ की अनियंत्रित तनावपूर्ण प्रतिक्रियाएं शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ा देती हैं। यही स्थिति आगे चलकर उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और टाइप-2 मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गंभीर बीमारियों की छिपी वजह बनती है। उन्होंने आईसीएमआर-इण्डियाब अध्ययन (2023) का संदर्भ देते हुए बताया कि देश में करीब 10.1 करोड़ लोग मधुमेह से ग्रस्त हैं। अत्यधिक तनाव से निर्णय लेने की क्षमता और याददाश्त कमजोर हो जाती है, जो अधिकारियों को गंभीर बर्नआउट की ओर धकेल देती है।

 

अवैध शराब माफियाओं पर पुलिस का शिकंजा, जून में 2.86 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए जून माह में अब तक 2 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना है, बल्कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना भी है।

सबसे बड़ी कार्रवाई झाबुआ जिले में की गई, जहां थांदला, राणापुर और झकनावदा चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 176 से अधिक पेटी अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल वाहनों सहित लगभग 47.71 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। वहीं इंदौर और इंदौर ग्रामीण पुलिस ने संयोगितागंज, द्वारकापुरी और बड़गोंदा क्षेत्रों में कार्रवाई कर करीब 37.81 लाख रुपये की अवैध शराब और वाहन जब्त किए।

खरगोन जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और अन्य वाहनों सहित लगभग 28.96 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। सागर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर 26.95 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब और वाहन पकड़े गए। पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र में दो मामलों में 2,484 लीटर से अधिक अवैध शराब और पिकअप वाहन सहित 22.50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई।

बड़वानी, छिंदवाड़ा, छतरपुर, नरसिंहपुर, सिंगरौली, विदिशा, सीधी, उज्जैन, भिंड, जबलपुर, नर्मदापुरम, खंडवा, मुरैना, आगर मालवा, डिंडोरी, दमोह और भोपाल ग्रामीण सहित कई जिलों में भी बड़ी मात्रा में अवैध शराब और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया गया। कई स्थानों पर पुलिस ने ऑपरेशन ईगल क्लॉ के तहत विशेष कार्रवाई करते हुए शराब तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार प्रदेशभर में अवैध शराब के कारोबार, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस नशे के अवैध कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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