UK-India FTA 15 जुलाई से लागू, व्हिस्की से ब्यूटी प्रोडक्ट तक कई सामान होंगे सस्ते; जानिए पूरी लिस्ट

 नई दिल्ली
भारत और ब्रिटेन ने ऐति
हासिक मुक्त व्यापार समझौता (UK-India FTS) लागू होने की तारीख का ऐलान कर दिया है. अगले महीने 15 जुलाई से ये प्रभावी हो जाएगा. एफटीए लागू होने के साथ ही आयात-निर्यात किए जाने वाले सामनों पर भारी टैरिफ कटौती (Tariff Cut) भी देखने को मिलेंगे। 

समझौते के तहत भारत में व्हिस्की पर लगने वाला टैरिफ (Whisky Tariffs) 150% से घटकर सिर्फ 40% हो जाएगा. इसके साथ ही ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि लॉन्गटर्म में इस करार से द्विपक्षीय व्यापार में प्रति वर्ष 25.5 अरब पाउंड की बढ़ोतरी होगी. दोनों देशों ने इस एफटीए का ऐलान करते हुए कहा कि द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के लिए ये एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। 

ब्रिटिश इकोनॉमी को मिलेगा बूस्ट
US Govt की ओर से कहा गया है कि भारत-ब्रिटेन के व्यवसायों को अब समझौते को लागू करने की तैयारी के लिए 28 दिन का समय दिया गया है, जिसके बाद वे नई शर्तों के तहत व्यापार कर सकेंगे. ब्रिटिश अनुमानों के अनुसार, इस समझौते से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था (UK Economy) में 4.8 अरब पाउंड का इजाफा होगा और वास्तविक वेतन में 2.2 अरब पाउंड की वृद्धि देखने को मिलेगी. लंदन इस समझौते को भारत द्वारा अब तक लागू किया गया सबसे बड़ा व्यापक व्यापार समझौता बता रहा है। 

PM मोदी बोले- 2047 के लक्ष्य में अहम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि India-UK संबंधों के लिए ये एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. मुझे बेहद खुशी है कि व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होगा. यह समझौता हमारे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा. इससे किसानों, श्रमिकों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स के लिए अनेक अवसर खुलेंगे और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में बड़ा योगदान मिलेगा। 

स्कॉच-व्हिस्की समेत ये चीजें होंगी सस्ती
UK-India FTA लागू होने के बाद जो चीजें सस्ती होंगी. उनमें सबसे ज्यादा लाभ ब्रिटेन के स्कॉच व्हिस्की बिजनेस को होने वाला है. भारत ने व्हिस्की पर आयात शुल्क 150% से घटाकर 40% करने पर सहमति जताई है. इसके अलावा कोटा व्यवस्था के तहत ऑटोमोबाइल पर टैरिफ भी 100% से घटाकर सिर्फ 10% कर दिया जाएगा. ब्यूटी प्रोडक्ट्स समेत कई अन्य उत्पादों पर लगने वाले 22% तक के टैरिफ को या तो एफटीए के तहत तत्काल या फिर 10 वर्षों तक की अवधि में खत्म कर दिया जाएगा। 

वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन भारतीय निर्यात पर Tariff Cut या इसे कम करेगा. इनमें कपड़े, जूते और कुछ फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं. इस कदम से उपभोक्ताओं के लिए कीमतें कम होंगी और उन्हें अधिक विकल्प मिलेंगे। 

ब्रिटेन के व्यापार एवं वाणिज्य मामलों के राज्य सचिव पीटर काइल ने कहा कि हम भारत के साथ अपने ऐतिहासिक व्यापार समझौते को जितनी जल्दी हो सके लागू कर रहे हैं, क्योंकि हम चाहते हैं कि व्यवसायों और आम जनता को इसका लाभ तुरंत मिले, जिसमें अकेले पहले वर्ष के भीतर ही 400 मिलियन पाउंड के टैरिफ में कटौती शामिल है। 

 

दिल्ली से हरिद्वार-ऋषिकेश तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन, 150 KM रैपिड रेल कॉरिडोर से सफर होगा आसान

देहरादून

दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है. मेरठ से इसे आगे ऋषिकेश सेमी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को विस्तार देने की कवायद तेज हो गई है. यूपी, उत्तराखंड की सरकार और नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) के बीच इसको लेकर समझौता हुआ है. रैपिड रेल का विस्तार यूपी के मेरठ से उत्तराखंड के ऋषिकेश तक किया जाएगा.दिल्ली में सराय काले खां से अभी मेरठ के मोदीपुरम तक 82 किमी लंबे नमो भारत कॉरिडोर को 150 किलोमीटर बढ़ाया जाएगा. ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला तक रैपिड रेल स्टेशन बनाया जाएगा। 

दिल्ली से मेरठ 3 घंटे में नमो भारत ट्रेन पहुंचाएगी
इससे दिल्ली-मेरठ रूट 230 किलोमीटर लंबा हो जाएगा. 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नमो भारत ट्रेन 3 घंटे में ऋषिकेश पहुंचाएगी.  अभी सड़क से मेरठ होते हुए दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचने में करीब छह घंटे लगते हैं. यह समझौता उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने यह प्रोजेक्ट पेश हुआ था। 

नमो भारत स्टेशनों की लिस्ट 
नमो भारत ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां से चलकर मेरठ के मोदीपुरम तक चल रही है. मोदीपुरम से आगे ये वेस्ट यूपी होते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश तक बढ़ाई जाएगी. स्टेशनों की यह सूची शुरुआती एलाइनमेंट योजना पर आधारित है. आगामी DPR सर्वे के दौरान तकनीकी, भौगोलिक स्थिति और यात्रियों की संख्या के हिसाब से इसमें कुछ बदलाव भी हो सकता है। 

मेरठ ऋषिकेश नमो भारत का एक्सटेंशन रूट

    दौराला
    खतौली
    मुजफ्फरनगर
    पुरकाजी (यूपी का आखिरी बड़ा पड़ाव)
    उत्तराखंड का पहला पड़ाव
    रुड़की
    हरिद्वार
    हर की पौड़ी
    ऋषिकेश
    लक्ष्मण झूला ( टर्मिनस स्टेशन)

मेरठ-ऋषिकेश नमो भारत रूट का सर्वे
अब 150 किलोमीटर लंबे नमो भारत ट्रेन ट्रैक के लिए डीपीआर तैयार करने का सर्वे जल्द ही शुरू होगा. नमो भारत ट्रेन पिछले साल जनवरी में दिल्ली और मेरठ के बीच चलने लगी थी. उत्तराखंड सरकार ने अतिरिक्त सचिव रीना जोशी को नोडल अफसर बनाया है. NCRTC ने नोडल अधिकारी बनाया है. यूपी सरकार ने मंजूरी दे दी है। 

दिल्ली-मेरठ-ऋषिकेश रैपिड रेल रूट
रैपिड रेल ट्रैक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से चलेगा और उत्तराखंड में प्रवेश करने से पहले मुजफ्फरनगर से गुजरेगा. यह रूट आईआईटी रुड़की और हरिद्वार में हर की पौड़ी से होते हुए ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला पर पूरा होगा.  नमो भारत ट्रैक का 72 किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश में और बाकी 78 किलोमीटर का हिस्सा उत्तराखंड में होगा. उत्तराखंड और दिल्ली तीर्थयात्रियों को भी बड़ा तोहफा मिलेगा.  सीएम धामी ने कहा कि ट्रेन सेवा का विस्तार पर्यटकों, तीर्थयात्रियों के साथ उत्तराखंड में पर्यटन को नए पंख लगाएगा। 

दिल्ली से मेरठ रैपिड रेल (चालू रूट)

    सराय काले खां (दिल्ली)
    न्यू अशोक नगर
    आनंद विहार
    साहिबाबाद
    गाजियाबाद
    गुलधर
    दुहाई
    मुरादनगर
    मोदीनगर साउथ
    मोदीनगर नॉर्थ
    मेरठ साउथ
    शताब्दी नगर
    बेगमपुल
    मोदीपुरम 

PM मोदी के सामने ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- भारत पर हमला हुआ तो हम युद्ध में कूद जाएंगे

नई दिल्ली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भारत के समर्थन को लेकर बड़ा बयान दिया. ट्रंप ने कहा कि अगर कभी भारत पर हमला होता है, तो अमेरिका उसके साथ खड़ा होगा. ट्रंप ने कहा, ‘अगर पीएम मोदी हैं और भारत पर क‍िसी ने अटैक क‍िया तो अमेरिका भारत के लिए मौजूद रहेगा, भले ही इस संबंध में कोई लिखित समझौता न हो. कोई और नेता होगा तो हम कह नहीं सकते। 

राष्‍ट्रपत‍ि ट्रंप का यह बयान दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण र‍िश्तों के बीच आया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल औपचारिक समझौतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरा विश्वास और साझेदारी है। 

ट्रंप के बड़े बयान
ट्रंप ने भारत के भविष्य की संभावनाओं को पीएम मोदी के पद पर बने रहने से जोड़ते हुए कहा, जब तक मोदी भारत के नेता हैं, भारत बड़ी भूमिका निभाएगा। 

ट्रंप ने कहा, पिछली बार भारत का दौरा बहुत शानदार रहा था. हमने उस नए स्टेडियम का उद्घाटन किया था… भारत में मेरा समय बहुत अच्छा बीता… मुझे लगता है कि हर चीज में भारत की बड़ी भूमिका है. जब तक वे (पीएम मोदी) वे नेता हैं. भारत बड़ी भूमिका निभाने वाला है… जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, व्हाइट हाउस में उनका एक बहुत अच्छा दोस्त है. मुझे नहीं पता कि कहां कोई समस्या है. मुझे ऐसा नहीं लगता. यहां हर कोई भारत को पसंद करता है और इस व्यक्ति (पीएम नरेंद्र मोदी) के लिए बहुत सम्मान रखता है। 

पीएम मोदी की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा- वह (पीएम मोदी) बहुत टफ न‍ेगोश‍िएटर हैं. मैं आपको एक बात बताता हूं. वह दिखने में बहुत अच्छे हैं, बहुत भले लगते हैं, जैसे कोई फरिश्ता हों. लेकिन वह बहुत टफ नेगोश‍िएटर हैं. वह बहुत कठोर हैं. वह बहुत ही कड़े मिजाज के इंसान हैं. लेकिन वह दिखते बहुत अच्छे हैं. इसी तरह वह आपको चौंका देते हैं। 

जब उनसे पूछा गया कि क्या रूस पर फिर से कोई प्रतिबंध लगाए जाएंगे, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, हम इस पर विचार कर रहे हैं. हम देख रहे हैं कि तेल की कीमतें कितनी नीचे आती हैं, वे तेजी से गिर रही हैं… कीमतें कम हो रही हैं और जल्द ही उस स्तर पर आ जाएंगी जो 4 महीने पहले था. इसके अलावा, हमारे सामने बिना परमाणु हथियारों वाला ईरान होगा. मैं कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री भी इस बात को लेकर बहुत गंभीर हैं। 

राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

रायपुर,
राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के लोकभवन आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी बिरला का स्वागत किया।

MoU साइन होते ही ट्रंप का यू-टर्न! बोले- ईरान के पास मिसाइलें होनी चाहिए, बढ़ा नया विवाद

वाशिंगटन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो ईरान की मिसाइलों के जखीरे को खत्म करना चाहते थे, वो अब अपनी बात से पलट चुके हैं. उन्होंने कहा कि ईरान को कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें रखने की इजाजत दी जा सकती है. जी-7 सम्मेलन के दौरान फ्रांस में ट्रंप ने इस बात का बचाव किया. उन्होंने कहा कि अगर दूसरे देशों के पास मिसाइलें हैं तो ईरान को भी कुछ रखने की अनुमति मिलनी चाहिए। 

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मिसाइलें कोई बड़ी समस्या नहीं हैं क्योंकि वे सिर्फ एक जगह को नुकसान पहुंचाती हैं, लेकिन न्यूक्लियर हथियार पूरे ग्रह को तबाह कर सकते हैं. उन्होंने सऊदी अरब और कतर जैसे देशों का उदाहरण दिया जिनके पास मिसाइलें हैं। 

ट्रंप का कहना है कि ईरान को भी अनुपात में कुछ मिसाइलें रखने की छूट मिलनी चाहिए. इस बयान से अमेरिकी नीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं क्योंकि पहले ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने पर जोर दिया जा रहा था। 

ईरान के साथ समझौते की पृष्ठभूमि
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी. उस समय ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को खत्म करना और उसके न्यूक्लियर हथियार बनाने की कोशिश को रोकना मुख्य लक्ष्य था. लेकिन अब ट्रंप प्रशासन इस मुद्दे को कम महत्व दे रहा है। 

ट्रंप ने कहा कि अगर यह समझौता नहीं होता तो और तीन-चार हफ्ते बमबारी जारी रखी जाती, लेकिन इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो जाता और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारी तबाही आ जाती. ट्रंप ने कहा कि अगर हम बमबारी जारी रखते तो रोज 500-700 मिलियन डॉलर का खर्च होता. हम चार हफ्तों में हथियारों के भंडार खत्म कर देते। 

उन्होंने समझौते को आर्थिक तबाही से बचाने वाला बताया. ईरानी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने इस MOU पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. समझौते का पूरा टेक्स्ट अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिसकी वजह से आलोचना हो रही है। 

यूरेनियम स्टॉक पर ट्रंप की नरम राय
समझौते में ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम स्टॉक को सौंपने की शर्त नहीं रखी गई है. यह स्टॉक 11 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त माना जाता है. इसके बजाय दोनों देश अगले दो महीनों में इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे. ट्रंप ने कहा कि ईरान इन स्टॉक तक पहुंच ही नहीं सकता क्योंकि अमेरिका ने उसके तीन मुख्य न्यूक्लियर साइटों को बमबारी से तबाह कर दिया है।  

ट्रंप का दावा है कि न्यूक्लियर डस्ट मलबे के नीचे दबा हुआ है और सिर्फ अमेरिका व चीन के पास उसे निकालने का उपकरण है. उन्होंने इसे मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण बताया लेकिन व्यावहारिक रूप से कम मूल्यवान माना. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास अन्य जगहों पर भी कम संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक हो सकता है. ट्रंप ने फिर भी कहा कि अगले दो महीनों में यह मुद्दा चर्चा का मुख्य विषय रहेगा। 

आगे की बातचीत और धमकी
ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान समझौते का उल्लंघन करता है तो अमेरिका फिर से बमबारी करेगा. उन्होंने कहा कि अगर वे समझौते का पालन नहीं करेंगे तो हम उन पर भारी बमबारी करेंगे. MOU एक सामान्य दस्तावेज है जिसमें सख्त कानूनी बाध्यता नहीं है. ट्रंप का कहना है कि बमबारी की धमकी ही काफी है। 

उन्होंने यह भी माना कि यह स्थायी रोक तभी तक है जब तक वे राष्ट्रपति हैं. अगर कोई कमजोर राष्ट्रपति आया तो स्थिति बदल सकती है. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अगले 60 दिनों में स्विट्जरलैंड में और बातचीत होगी. इस दौरान ईरान को कुछ प्रतिबंधों में छूट दी जा रही है, खासकर तेल निर्यात पर. अमेरिका का कहना है कि यह छूट बहुत ज्यादा नहीं है क्योंकि ईरान पहले भी छूट-छूटकर तेल बेच रहा था। 

आर्थिक और वैश्विक प्रभाव
ट्रंप ने कहा कि ज्यादा बमबारी से वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू जातीं और आर्थिक संकट आ जाता. अब समझौते से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहेगा. तेल आपूर्ति बनी रहेगी. अमेरिका ईरानी फंड्स को भी वापस करने पर विचार कर रहा है जो पहले फ्रीज किए गए थे. ट्रंप का तर्क है कि अगर अमेरिका वह पैसा नहीं लौटाएगा तो कोई भी डॉलर में निवेश नहीं करेगा। 

ईरान पर युद्ध से सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. इसके मुकाबले प्रतिबंधों में छूट सिर्फ कुछ अरब डॉलर की है. अमेरिकी अधिकारी इसे न्यायसंगत समझौता बता रहे हैं. हालांकि इजरायल इस समझौते से संतुष्ट नहीं दिख रहा है. ट्रंप ने इजरायल को MOU की कॉपी भेजने की बात कही, लेकिन इजरायली मीडिया में पहले खबर आई थी कि अमेरिका ने इजरायल को टेक्स्ट दिखाने से इनकार कर दिया था। 

समझौते की कमियां और आलोचना
यह समझौता काफी सामान्य है. इसमें ईरान सिर्फ यह दोहराता है कि वह न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा. ट्रंप का दावा है कि यह ईरान को स्थाई रूप से न्यूक्लियर हथियार से रोकेगा, लेकिन आलोचक कहते हैं कि यह सिर्फ शब्दों का खेल है. ईरान ने स्विट्जरलैंड में होने वाली बैठक को टालने का संकेत दिया है। 

अमेरिका का कहना है कि अगले दो महीनों की बातचीत में असली रियायतें ली जाएंगी. इस बीच तेल निर्यात बढ़ाने की कोशिश की जा रही है ताकि अगर फिर युद्ध हुआ तो दुनिया तैयार रहे. कतर के साथ साझा गैस फील्ड का उदाहरण देकर अमेरिका ने कहा कि पैसा या तो विकास में लगाया जा सकता है या आतंकवाद को बढ़ावा देने में। 

आगे क्या होगा?
यह समझौता अमेरिका-ईरान संबंधों में नया मोड़ है. ट्रंप इसे अपनी कूटनीतिक जीत बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसे ईरान को बहुत ज्यादा छूट देने वाला समझौता मान रहे हैं. अगले दो महीनों में होने वाली बातचीत बहुत महत्वपूर्ण होगी. अगर ईरान ने रियायतें दीं तो स्थायी समझौता हो सकता है, वरना फिर तनाव बढ़ सकता है। 

ट्रंप की नीति शक्ति के साथ शांति की लगती है- एक तरफ समझौता और दूसरी तरफ बमबारी की धमकी. दुनिया अब देख रही है कि यह रणनीति कितनी सफल होती है. ईरान के पास मिसाइलें रहने की इजाजत, यूरेनियम पर ढील और तेल निर्यात पर छूट- ये सब मिलकर मध्य पूर्व की राजनीति को नया रूप दे सकते हैं। 

भारत जैसे देशों के लिए भी इसका असर होगा क्योंकि तेल की कीमतें, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था इससे जुड़ी हुई हैं. फिलहाल ट्रंप का यह बयान और समझौता दोनों तरफ से सवाल खड़े कर रहा है – क्या यह वाकई शांति की ओर बढ़ता कदम है या सिर्फ अस्थायी राहत?

हिमाचल के चंबा में दर्दनाक हादसा, 500 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो; 3 सगे भाइयों समेत 7 की मौत

चंबा
 हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से बड़ा हादसा हुआ है. चंबा जिले में हुए इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई है. इसमें तीन सगे भाई भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, चंबा जिले के चुराह के पुखरी-मसरूंड मार्ग पर रात को यह घटना पेश आई है. जिले के माणी जीरो के पास एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा और सात लोगों की जान चली गई. हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और सभी सवार सात लोगों की मौके पर ही प्राण त्याग दिए. बताया जा रहा है कि रात 2 बजे यह हादसा पेश आया है, जिसमें चार पुरुष और तीन महिलाओं की मौत हुई है. कुठेड़ गांव से ये सभी लोग थे और गांव में अब मातम परसा हुआ है। 

बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुई बोलेरो पंचायत कुठेड़ के महल गांव की थी और महल गांव के लोग काकड़ोथा गांव में मुंडन संस्कार की धाम में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे. घटना की सूचना मिलने के बाद लोगों ने शवों को खाई से निकाला और फिर मामले में पुलिस भी मौके पर पहुंची. बताया जा रहा है कि सड़क किनारे क्रैश बैरियर भी नहीं थे, वर्ना हादसा बच सकता था.  एसपी चंबा विजय सकलानी ने बताया कि सभी शवों को खाई से निकाल लिया गया है और मृतकों की पहचान की जा रही है। 

विधायक ने जताया दुख
चंबा के चुराह के विधायक हंस राज ने कहा कि उन्हें सुबह मामले की जानकारी मिली थी. फौजी परिवार था और उनकी मित्रता थी. उन्होंने कहा कि क्रैश बैरियर इस इलाके में नहीं है और इस वजह से हादसे हो रहे हैं और यह बड़ी समस्या है. एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हुई है. विधायक ने कहा कि हादसे की वजह का तो पता नहीं चला है, लेकिन उन्होंने पुलिस और अस्पताल को अलर्ट किया है। 

गौर रहे कि चंबा में हाल ही में बड़े हादसे हुए हैं. इससे पहले, चंबा के बैरागढ़-सच पास-किलाड़ मार्ग पर भी 31 मई को एक इनोवा गाड़ी हादसे का शिकार हो गई थी और इसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी. 17 जून को भी चंबा में कार हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। 

Weather Update: 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, चक्रवाती तूफान की चेतावनी; मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार

नईदिल्ली 
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 (Monsoon) देश के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 4-5 दिनों के दौरान तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई हैं। वर्तमान में मॉनसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई, मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए 18 जून से 24 जून 2026 तक का विस्तृत अनुमान और चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में 18 से 22 जून के बीच अधिकांश इलाकों में व्यापक रूप से बारिश की संभावना है। वहीं 23 और 24 जून को छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 जून के दौरान लगातार छिटपुट बारिश के आसार हैं।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली एनसीआर में 18 से 22 जून के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में 18, 19, 23 और 24 जून को, जबकि पूर्वी यूपी में 18-19 जून और फिर 22-24 जून को बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में 18 से 24 जून तक छिटपुट बारिश जारी रहेगी।

आंधी-तूफान की चेतावनी
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। इन राज्यों में 18 और 19 जून को ओलावृष्टि की भी संभावना है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में 18-22 जून के दौरान 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज और झोंके वाली हवाओं की चेतावनी दी गई है।

राजस्थान में धूलभरी आंधी
18 और 19 जून को पश्चिमी राजस्थान में भयंकर धूलभरी आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ ही 18 जून को पश्चिमी राजस्थान और 18-19 जून को पूर्वी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की गति से तीव्र चक्रवाती तूफान आ सकता है। 19 जून को भी पश्चिमी राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश
आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 और 19 जून को छिटपुट बारिश की संभावना है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 18-19 जून और फिर 22-24 जून के दौरान बारिश के आसार हैं। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ में 18 से 24 जून तक लगातार छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में 18-19 जून को और छत्तीसगढ़ व विदर्भ 18-21 जून को बारिश के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश के आसार
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 से 24 जून तक भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। बंगाल में गंगा से सटे इलाकों में 18-19 जून को छिटपुट बारिश के बाद 20 से 24 जून के बीच बारिश की रफ्तार बढ़ेगी। ओडिशा में 19 और 20 जून को तेज और व्यापक बारिश होगी। बिहार और झारखंड में 18 से 24 जून के दौरान इन दोनों राज्यों में छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।

अमेरिका से मिले ‘Bad’ संकेत, ट्रंप के बयान से बढ़ी उम्मीद… शेयर बाजार आखिर क्यों हो गया कन्फ्यूज?

मुंबई 
शेयर मार्केट में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भारी कन्फ्यूजन देखने को मिला है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स की चाल बदली-बदली नजर आई. शुरुआती कारोबार के दौरान कभी ये ग्रीन जोन में ट्रेड करते हुए दिखाई दिए, तो अचानक ही गिरावट के साथ रेड जोन में आ गए. हालांकि, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 77000 के पार, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 24,000 के पार बना हुआ है। 

सेसेंक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल 
शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने गुरुवार को अपने पिछले बंद 77,155 की तुलना में मामूली गिरावट लेकर 77,131 के लेवल पर खुला और फिर अचानक रेड जोन से ग्रीन जोन में छलांग लगाकर 77,281 पर कारोबार करता नजर आया. ये तेजी भी अगले ही पल चली गई और सेंसेक्स गिरकर 77,044 पर ट्रेड करने लगा। 

बात 50 शेयरों वाले इंडेक्स NSE Nifty की करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के जैसे ही देखने को मिली है. अपने पिछले बंद 24,085 की तुलना में गिरकर निफ्टी 24,073 पर ओपन हुआ और फिर कभी रेड तो कभी ग्रीन जोन में कारोबार करता दिखा। 

बाजार में कन्फ्यूजन की वजह क्या? 
शेयर बाजार में भारी कन्फ्यूजन की वजह पर गौर करें, तो अमेरिका से आई Good Or Bad News को माना जा सकता है. दरअसल अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ने नीतिगत ब्याज दरों (US Fed Rate) को बिना किसी बदलाव के 3.50% से 3.75% पर स्थिर रखा है. फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श की अध्यक्षता वाली पहली बैठक में ये फैसला लिया गया है और उन्होंने किसी तरह की राहत नहीं दी है. इसके बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ा है। 

वहीं दूसरी ओर गुड न्यूज ये आई है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता डन हो गया है और दोनों के बीच एग्रीमेंट पर साइन भी कर दिए गए हैं. इसका असर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के रूप में दिखा है, जो महंगाई का जोखिम कम होने का संकेत है और बाजार को इसका सपोर्ट मिल सकती है। 

उथल-पुथल के बीच ये 10 शेयर चमके 
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच जो शेयर अपने निवेशकों को फायदा कराते हुए नजर आए. उनमें बीएसई लार्जकैप कंपनियों में शामिल टाटा ग्रुप की Trent Share (1.50%), BEL Share (1.20%), HDFC Bank Share (1.10%) की बढ़त में ट्रेड कर रहे थे। 

इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में देखें, तो Nykaa Share (1.20%), Yes Bank Share (1.10%) की बढ़त में कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. स्मॉलकैप सेक्शन में शामिल शेयरों की बात करें, तो यहां पर Carboruniv Share (7%), Redington Share (5.50%), ABREL Share (2.50%), WockPharma Share (2.10%), HSCL Share (1.90%) की बढ़त में कारोबार कर रहा था।  

30 जून को आएगी Tata Sierra.ev! एक चार्ज में दिल्ली से मनाली तक का सफर, फीचर्स देख रह जाएंगे दंग

मुंबई

Tata Motors अपनी सबसे आइकॉनिक SUV Sierra को बिल्कुल नए अवतार में वापस ला रही है. कंपनी 30 जून 2026 को अपनी मोस्ट-अवेडेट ‘Tata Sierra.ev’ के प्रोडक्शन मॉडल को पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है. साल 2020 और 2023 के ऑटो एक्सपो में कॉन्सेप्ट के तौर पर दिखने के बाद से ही फैंस इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. आइए जानते हैं कि इस नए जमाने की सिएरा में आपको क्या कुछ खास मिलने वाला है। 

नई Tata Sierra.ev का बाहर का लुक
नई टाटा सिएरा ईवी बेहद मॉडर्न और फ्यूचरिस्टिक नजर आएगी. इसके फ्रंट लुक में ईवी-स्पेसिफिक बदलाव किए गए हैं जैसे इसमें पूरी तरह से बंद फ्रंट ग्रिल और एक नया स्पोर्टी बंपर देखने को मिलेगा. इसके अलावा कार के चारों तरफ खास ‘.ev’ की बैजिंग दी जाएगी जो इसे इसके पेट्रोल-डीजल मॉडल से अलग बनाएगी। 

केबिन के अंदर स्क्रीन की भरमार
इसके टॉप-स्पेक वेरिएंट्स में कंपनी Triple-Screen Layout सेटअप दे सकती है. इसमें ड्राइवर के लिए 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, बीच में 12.3-इंच का मुख्य टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और सबसे मजेदार बात यह है कि आगे बैठने वाले पैसेंजर के लिए भी अलग से 12.3-इंच का डिस्प्ले दिया जा सकता है. इसके निचले वेरिएंट्स में ग्राहकों को ड्यूल-स्क्रीन के साथ हेड-अप डिस्प्ले का ऑप्शन मिलेगा। 

नई सिएरा ईवी के अंदर एक बड़ा पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड और इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल फ्रंट सीट्स, कई सारे ड्राइविंग मोड्स और एक प्रीमियम ऑडियो सिस्टम मिलेगा. इसका केबिन स्पेस और कम्फर्ट इस तरह डिजाइन किया गया है कि लंबी दूरी के सफर में भी आपको थकान का अहसास नहीं होगा। 

बैटरी, पावर और धांसू परफॉर्मेंस
यह दमदार इलेक्ट्रिक एसयूवी टाटा के एडवांस्ड ‘acti.ev+’ प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है जिस पर हैरियर ईवी को भी तैयार किया जा रहा है. ताकत के लिए इसमें ग्राहकों को 65 kWh और 75 kWh के दो बड़े बैटरी पैक के विकल्प मिल सकते हैं। 

सबसे बड़ी बात यह है कि टाटा ने पुष्टि की है कि सिएरा ईवी रियर-व्हील-ड्राइव (RWD) और ऑल-व्हील-ड्राइव (AWD) दोनों कॉन्फिगरेशन में आएगी. हालांकि इसका ऑल-व्हील-ड्राइव (4X4) वर्जन सिर्फ बड़े बैटरी पैक के साथ ही उपलब्ध कराया जाएगा। 

नई Tata Sierra.ev की कीमत
उम्मीद जताई जा रही है कि इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹18 लाख से शुरू होकर ₹25 लाख के बीच हो सकती है. भारतीय बाजार में कदम रखते ही इसका सीधा मुकाबला Mahindra BE 6, हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक, एमजी जेडएस ईवी, टोयोटा एबेला और मारुति की आने वाली e Vitara जैसी दिग्गज गाड़ियों से होने वाला है। 

महाराणा प्रताप राष्ट्र गौरव के अमर प्रतीक, उनका अदम्य साहस हर पीढ़ी के लिए प्रेरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

महाराणा प्रताप राष्ट्र गौरव के अमर प्रतीक, उनका अदम्य साहस हर पीढ़ी के लिए प्रेरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल में हो रही वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक की स्थापना, लोकार्पण जल्द ही
समाज के युवाओं को पार्थ योजना से पुलिस एवं सेना में भर्ती के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण दिलायेगी सरकार
स्कूली कक्षाओं में पढ़ाई जायेगी महाराणा प्रताप की जीवनी
महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर हुआ राज्य स्तरीय समारोह
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में सहभागिता कर महाराणा प्रताप को अर्पित किए श्रद्धासुमन

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन वीरता, शौर्य, पराक्रम, त्याग का प्रतीक है। उनका नाम स्मरण करते ही मन श्रद्धा से भर जाता है। महाराणा प्रताप ने तमाम कठिनाइयों के बीच भी ‘राष्ट्र प्रथम’ को सर्वोपरि रखा। समाज का हर वर्ग देश की अस्मिता और आत्म सम्मान के लिए महाराणा प्रताप को एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में देखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि महाराणा प्रताप सिर्फ़ एक राजा नहीं, स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति के अनुपम प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साहस और वीरता मनुष्य का आभूषण है। यह पराक्रमी राजा का नैसर्गिक गुण होता है। महाराणा प्रताप वीरता के पर्याय हैं। उन्होंने जीवन में अनेक कष्ट सहे, पर अपने लक्ष्य से कभी भी विचलित नहीं हुए। उनका जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर भोपाल के महाराणा प्रताप नगर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में यह उद्गार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिसोदिया-राजपूत-क्षत्रिय समुदाय द्वारा आयोजित इस सामाजिक कार्यक्रम में सहभागिता कर महान योद्धा महाराणा प्रताप को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज के प्रतिभाशाली डाक्टर, युवाओं, खिलाड़ियों और समाजसेवियों को मंच से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का गठन किया है और आज इसी बोर्ड के माध्यम से यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम किया गया है। हमारी सरकार महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करते हुए इसे और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सेना और पुलिस बल में युवाओं की भर्ती के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से “पार्थ योजना” की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत तैयारी कर रहे युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रदेश के अधिकांश जिले इस योजना के दायरे में ले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि क्षत्रिय समाज के सभी युवाओं को भी इसी योजना में पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त इंटर्नशिप की व्यवस्था और समायोजन के लिए भी प्रभावी पहल की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराणा प्रताप लोक निर्माण का शेष कार्य तेजी से पूरा कराकर इसका बहुत जल्द लोकार्पण किया जाएगा। म.प्र.पर्यटन विकास निगम और महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के समन्वय से सरकार महाराणा प्रताप के स्वर्णिम अतीत को दुनिया के सामने लाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि

मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जिसने महाराणा प्रताप की जयंती पर अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप की जीवनी अब स्कूलों में पढ़ाई जायेगी। हम महाराणा प्रताप के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने जा रहे हैं। इससे हमारी भावी पीढ़ी महाराणा की वीरता और देशभक्ति से प्रेरणा लेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के सभी देशों में अपना अग्रणी स्थान बना रहा है। हमारी सरकार विरासत से विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए भारत के गौरवशाली अतीत को दुनिया के सामने लाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप अद्वितीय वीरता, शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणा स्त्रोत हैं। आज इस जयंती समारोह में महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के बैनर तले संपूर्ण क्षत्रिय समाज एक मंच पर आया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अत्यंत बलशाली महाराणा प्रताप का कवच 72 किलो और भाला 80 किलोग्राम वजनी था। यह उनके अद्भुत व्यक्तित्व का परिचायक है। उन्होंने हर युद्ध में महान शौर्य दिखाया। महाराणा प्रताप के घोड़े “चेतक” के साथ उनके लगाव की कहानियां सुनकर मन रोमांचित हो जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य शोध पीठ की स्थापना कर विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से उनके उत्कृष्ट जीवन से दुनिया का परिचय कराया है। युवाओं को सम्राट विक्रमादित्य पर शोक के लिए फैलोशिप प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही उज्जैन में मां क्षिप्रा के किनारे शहीद दुर्गादास राठौर का भव्य संग्रहालय भी तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का जो संकल्प दिया है, उसकी प्रेरणा हमें महाराणा प्रताप से ही मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराणा प्रताप के संघर्षमय जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मातृभूमि, संस्कृति और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया , परंतु विकट विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया। इतिहास गवाह है कि महाराणा प्रताप को जीवन के कठिनतम समय में घास की रोटियां तक खानी पड़ीं, तब भी उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। अपने नाम के अनुरूप वे सचमुच प्रतापी थे। उनका गौरवशाली व्यक्तित्व भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में सदैव अमर रहेगा। मुख्यमंत्री ने देश-प्रदेश के युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

समारोह में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का गठन एक प्रकार से प्रदेश में शौर्य की स्थापना करने जैसा है। कुछ व्यक्तित्व समय, युग और जाति के साथ नहीं बंधते हैं। वे सदैव मानव कल्याण, स्वाभिमान और देश के कल्याण के लिए होते हैं। महाराणा प्रताप ने कल्याण बोर्ड बनाकर एक महान वीर के गुणों से परिचित कराने का प्रशंसनीय कार्य किया है। देश के कई राज्य मध्यप्रदेश की योजनाओं का अनुसरण कर रहे हैं। महाराणा प्रताप के समान ही छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह ने भारतीय इतिहास में बलिदान और वीरता का नया इतिहास गढ़ा। आज देश में रामराज्य का सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी महाराणा प्रताप की तरह कभी किसी के सामने झुकते नहीं हैं। उन्हें दुनिया के कई देशों ने अपना सर्वोच्च सम्मान दिया है। महाराणा प्रताप ने अपने जीवन में कभी समझौता नहीं किया। हल्दी घाटी के भीषण युद्ध के बाद उन्होंने जंगल में रहकर घास की रोटियां खाईं, लेकिन अपने जीवन में पराधीनता स्वीकार नहीं की। अकबर भी उनकी वीरता का कायल था। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए महाराणा प्रताप के जीवन मूल्य युवा पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

म.प्र. महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष केशव सिंह भदौरिया ने कहा कि महाराणा प्रताप की जीवन एक विचार की तरह है, जो कभी खत्म नहीं हो सकता है। महाराणा प्रताप ने अपने समय में अकबर जैसे मुगल शासकों से समझौता नहीं किया और जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने घास की रोटियां तक खाकर अपने राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य किया। हल्दीघाटी का युद्ध उनकी वीरता का प्रतीक है। राज्य सरकार ने महाराणा प्रताप के प्रेरक प्रसंग पाठ्यक्रम में शामिल किए हैं। यह एक वंदनीय प्रयास है। क्षत्रिय युवाओं को शस्त्र बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है।

इस राज्य स्तरीय समारोह में खेल एवं युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, राहुल कोठारी, अरविन्द सिंह भदौरिया, जयपाल सिंह, सत्येंद्र भूषण सिंह, राजपाल सिंह और बालाजी जसवंत सिंह, महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के अन्य पदाधिकारी, समाजजन एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

 

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