डोंगला से गुजरने वाला नया फोरलेन लिखेगा महिदपुर की नई तकदीर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्र को मोक्षदायिनी मां क्षिप्रा का आशीर्वाद प्राप्त है। माँ क्षिप्रा इस क्षेत्र के किसानों को अन्न उत्पादन के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराकर आशीर्वाद प्रदान करती है। महिदपुर भाग्यशाली है कि क्षिप्रा नदी पर बने लगभग सभी बांध और जलाशय महिदपुर में ही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 के भव्य आयोजन के लिए इन दिनों उज्जैन और इसके आसपास हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य जारी हैं। डोंगला से गुजरने वाला नया फोरलेन महिदपुर की नई तकदीर लिखेगा। महिदपुर शहर ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में भी अपनी अलग पहचान रखता है, इसमें भी और गति आएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन के महिदपुर में विकास कार्यों के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से कुल 207 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें करीब 188 करोड़ 42 लाख रुपए की लागत के सामाकोटा बैराज के लोकार्पण सहित क्षेत्र के 13 उप-स्वास्थ्य केंद्र के नए भवनों, महाविद्यालय एवं स्कूलों के नवीन भवनों तथा नवीन विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामाकोटा बैराज उज्जैन जिले में जल संरक्षण को नई ऊर्जा देगा। इससे भू-जल स्तर में सुधार होगा, जिससे हमारे अन्नदाता किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल और खेतों को नई संजीवनी मिलेगी। इतना ही नहीं, पानी की हरेक बूंद को सहेजने का यह भागीरथ प्रयास आने वाले सिंहस्थ और उज्जैन के भविष्य के लिए कवच का कार्य करेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिदपुर की मावा-बाटी और गुलाटी दोनों ही प्रसिद्ध है। यहां आने का अलग ही आनंद है। भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का स्थान महिदपुर में है। काल गणना में भी यहां के डोंगला का योगदान अतुलनीय है। राजा जयसिंह ने 300 साल पहले उज्जैन, बनारस, जयपुर, मथुरा और दिल्ली में वेधशालाओं (जंतर-मंतर) का निर्माण कराया। सम्राट विक्रमादित्य और आर्यभट्ट की विरासत को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने डोंगला में आधुनिक ऑब्जर्वेटरी का निर्माण कराया है। दुनिया अपनी घड़ी में डोंगला से स्टैंडर्ड टाइम तय करे, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में विश्व में भारत ने अपनी अलग छवि बनाई है। प्रधानमंत्री  मोदी देश में सबसे लंबे समय तक लगातार सरकार चलाने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने देशवासियों को नि:शुल्क आवास, गरीबों को रसोई गैस और 5 लाख तक के नि:शुल्क इलाज की बड़ी सौगातें दी हैं। राज्य सरकार ने भी नवाचार करते हुए एयर एंबुलेंस की शुरुआत की है। सरकार राहवीर योजना अंतर्गत सड़क पर घायलों की मदद करने वालों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। हमारी सरकार गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सम्मान निधि और लाड़ली बहनों को निरंतर राशि दी जा रही है। अब तक लाड़ली बहनों को 60 हजार करोड़ की राशि अंतरित कर चुकी है। हमारी सरकार प्रदेश के अन्नदाताओं और बहनों के सम्मान के लिए कृत संकल्पित होकर आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने पिछला वर्ष उद्योग और रोजगार को और यह वर्ष किसान कल्याण को समर्पित किया है। पहले सिंचित रकबा मात्र 7.5 लाख हेक्टेयर था। वर्ष 2002-03 से प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने की शुरुआत हुई। वर्ष 2023 में हमारी सरकार बनने तक प्रदेश की 44 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि सिंचित थी। अब ढाई साल में ही यह आंकड़ा बढ़कर 65 लाख हैक्टेयर हो गया है। राज्य सरकार ने आगामी ढाई वर्ष में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य रखा है। किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिया जा रहा है। किसानों को एमएसपी की गारंटी देकर सरकार ने 2652 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा है। सोयाबीन पर भी किसानों को भावांतर योजना का लाभ दिया है। प्रदेश में किसानों के लिए सड़क, बिजली, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली प्रदाय की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुराने जमाने में जब उज्जैन में परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं, तब लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के वंशज और तत्कालीन महाराज ने महिदपुर में सिंहस्थ का आयोजन कराया था। महिदपुर में महारानी गंगाबाई के नाम पर एक घाट भी बना है। उनकी वीरता और 1857 की क्रांति के सूर्यवीरों के अदम्य साहस, पुरुषार्थ एवं पराक्रम का गौरवशाली संग्राम महिदपुर की ऐतिहासिक धरा पर लड़ा गया, जिसने स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी थी।

कार्यक्रम को जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, स्थानीय सांसद  अनिल फिरोजिया, महिदपुर विधायक  दिनेश जैन (बोस) सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक  बहादुर सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

 

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निजीकरण की पहल जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय : जन स्वास्थ्य अभियान म. प्र.

भोपाल

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी दूर करने के नाम पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को निजी संस्थाओं के हाथों सौंपने की पहल एक बार फिर से एक ऐसे मॉडल को लागू करने का प्रयास है जो देश और दुनिया में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में विफल साबित हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार रीवा, देवास और गुना जिलों के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों शुरुआती चरण में निजी संस्थाओं को देने जा रह है और प्रयोग सफल होने पर इस पूरे प्रदेश में लागू करने का विचार है। 

ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में यह पहली बार नहीं है जब सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों को निजी हाथों में देने का प्रयास किया गया है। इससे पहले 3 नवंबर 2015 को अलीराजपुर जिला अस्पताल और जोबट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को राज्य स्वास्थ्य समिति ने दीपक फ़ाउंडेशन के साथ नियमो की अनदेखी करते हुये अनुबंध किया था, जिसमे चिकित्सकों की नियुक्ति संबन्धित संस्था द्वारा कि जाना थी, लेकिन यह मॉडल सफल नहीं हो पाया और क्षेत्र के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं देखा गया नतीजतन सरकार को इसे वापस लेना पड़ा था।  

वर्ष 2020-21 में नीति आयोग द्वारा जिला अस्पतालों को निजी संस्थाओं को देने का सुझाव दिया गया था, जिसे तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार ने विरोध करते हुये मानने से इंकार कर दिया था।  लेकिन 2024-25 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 13 जिला अस्पतालों को निजी क्षेत्र को सौंपने का फिर से प्रयास किया जिसके खिलाफ मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन, शासकीय स्वायत्ताशसी चिकित्सा अधिकारी संघ, एमपी मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन, शासकीय स्वायत्ताशसी चिकित्सा महासंघ, ईएसआई चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी चिकित्सा शिक्षा,  मद्यप्रदेश जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन, मनोरमा, मध्यप्रदेश नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन, संविदा चिकित्सक संघ, आशा / आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ, जन स्वास्थ्य अभियान (JSAI), अस्पताल बचाओ-जीव बचाओ” नेटवर्क, वकीलों और आम नागरिकों ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरन के खिलाफ एकजुट आवाज उठाई थी। इसके बाद सरकार ने जिला अस्पतालों के निजीकरण की योजना से पीछे हटने की घोषणा की थी। परंतु बाद में सार्वजनिक निजी भागीदारी के नाम पर प्रदेश सरकार ने नाममात्र की दर से निजी संस्थानो को जमीन आवंटित करने की बात कही थी। 

अब पुनः सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निजी क्षेत्र के हवाले करने की पहल राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य जिम्मेदारी से पीछे हटने का संकेत है। निजी स्वास्थ्य संस्थानो का मात्र एक ही उद्देश्य होता है मुनाफा कमाना और हम सभी ने कोविड महामारी के दौरान निजी अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों की मुनाफाखोरी के अनुभवों को बहुत नजदीक से देखा है।

पिछले कुछ सालों से प्रदेश सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं और संस्थाओं के निजीकरण का प्रयास कर रही है, जिससे सरकार की मंशा और प्राथमिकताएँ स्पष्ट होती है । 

हम सभी का यह मानना है कि  कल्याणकारी राज्य होने के नाते जनता को मौलिक अधिकारों के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, भोजन, आवास के अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना सरकार की प्राथमिक ज़िम्मेदारी और कर्तव्य है। सरकार का यह कदम जनता के मौलिक अधिकार “राइट टू लाइफ के अनुच्छेद 21” का उल्लंघन हैं और संविधान के नीति निदेशक सिद्धांतों और अनुच्छेद 47 का उल्लंघन भी है। 

अभियान के राष्ट्रीय कन्वेनर अमूल्य निधि ने कहा कि हाल की SRS रिपोर्ट सहित विभिन्न स्वास्थ्य आंकड़े यह दर्शाते हैं कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, जवाबदेही और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन पर ध्यान देने की जरूरत है, न कि सरकारी संस्थानों को कमजोर कर निजीकरण को बढ़ावा देने की।

ग्रामीण स्वास्थ्य सांख्यिकी 2021-22 के अनुसार प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 4134 उप स्वास्थ्य केंद्र, 1045 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 245 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो की कमी है इसी प्रकार की कमी आदिवासी और शहरी क्षेत्रों में भी है। साथ ही इन स्वास्थ्य केन्द्रो में चिकित्सक और अन्य मेडिकल और पेरा मेडिकल स्टाफ की कमी भी है। जन स्वास्थ्य अभियान मध्यप्रदेश का मानना है कि सरकार का प्रयास प्राथमिक स्वास्थ्य…

जनजातीय गौरव को सहेजते हुए विकास के नए आयाम गढ़ रही है सरकार : मुख्यमंत्री साय

रायपुर 

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद जिले के ग्राम दर्रापारा में अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा केंद्रीय समिति बिन्द्रानवागढ़ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 1 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आदिवासी परंपरा के अनुरूप मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर एवं पीला चावल से तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम स्थल स्थित आदिवासी देवस्थल देवठाना में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने भी वृक्षारोपण किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि कचना धुरवा की यह पवित्र भूमि आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। उन्होंने गोंडवाना भवन के निर्माण के लिए समाज को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से बनी सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है। बीते ढाई वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय गरियाबंद और बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित थे, लेकिन आज यहां शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और सुरक्षा बलों के प्रयासों से विकास की नई तस्वीर उभर रही है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए भी प्रदेशवासियों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरचार्ज माफी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता नजदीकी बिजली कार्यालय में पंजीयन कराएं। प्रदेश में अब तक 757 करोड़ रुपए से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्र आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन की मंशा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। खाता विभाजन, नामांतरण, फौती, बिजली ट्रांसफार्मर सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कचना धुरवा गोंडवाना भवन परिसर के विकास के लिए 63 लाख रुपए की घोषणाएं कीं। इनमें भवन की बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 27 लाख रुपए, छात्र-छात्राओं के लिए ग्रंथालय निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, भगवान कचना धुरवा की प्रतिमा स्थापना हेतु 6 लाख रुपए तथा भवन के सौंदर्यीकरण हेतु 10 लाख रुपए की स्वीकृति शामिल है।

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप लगभग ढाई एकड़ भूमि में यह भव्य भवन निर्मित किया गया है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए समाज को शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों, किसानों और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का भी आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, सांसद मती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक  रोहित साहू  सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गोंड महासभा के पदाधिकारी, समाजजन, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग के कार्यों का किया निरीक्षण

रायपुर

 लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पेण्ड्रा रोड में निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन में चल रहे फिनिशिंग कार्यो के साथ ही शेष रह गए कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने पूर्ण गुणवत्ता के साथ काम करते हुए आगामी अगस्त माह तक इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिए। उन्होंने लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कंपोजिट बिल्डिंग में कलेक्टर चेंबर, कलेक्टर न्यायालय, मीटिंग हॉल, वेटिंग रुम, आवक-जावक शाखा, पोर्च और लिफ्ट सहित विभिन्न कमरों का अवलोकन कर वहां लगे टाइल्स, ग्रेनाइट, वायरिंग इत्यादि कार्यों की गुणवत्ता देखी। 

सचिव  बंसल ने कलेक्टर न्यायालय एवं मीटिंग हॉल में आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्य मार्ग से भवन तक पहुंच मार्ग, परिसर की बाउंड्रीवॉल, पार्किंग तथा  कैन्टीन के काम जल्दी पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन को विभिन्न विभागों के लिए कक्ष आबंटन की कार्यवाही करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  व्ही.के. भतपहरी, जिला पंचायत के सीईओ  मुकेश रावटे और लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता मती नित्य कुमारी ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी  बंसल के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

जिंदल फाउंडेशन की पहल: जिला जेल रायगढ़ में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की बंदियों की स्वास्थ्य जांच

रायगढ़

समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से जिंदल फाउंडेशन एवं फोर्टिस–ओपी जिंदल अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में जिला जेल, रायगढ़ में बहु-विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 203 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गईं।
शिविर में सामान्य चिकित्सा, स्त्री एवं प्रसूति रोग, कान-नाक-गला (ईएनटी), नेत्र रोग तथा दंत चिकित्सा के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पुरुष एवं महिला बंदियों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कर आवश्यक परामर्श प्रदान किया। साथ ही विभिन्न बीमारियों की रोकथाम, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

जेल परिसर में इस प्रकार की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता ने बंदियों को ऐसे चिकित्सकीय परामर्श और उपचार तक पहुंच प्रदान की, जो सामान्य परिस्थितियों में उनके लिए सहज रूप से उपलब्ध नहीं हो पाते। शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।

इस अवसर पर जेल प्रशासन ने जिंदल फाउंडेशन एवं फोर्टिस–ओपी जिंदल अस्पताल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें बंदियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह स्वास्थ्य शिविर समाज के सभी वर्गों, विशेषकर सुधार गृहों में निवासरत व्यक्तियों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रति जिंदल फाउंडेशन की सतत प्रतिबद्धता का परिचायक है।

किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होता है : उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर

वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन आज रायपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (बिलासपुर) एवं आइसेक्ट इंडिया गु्रप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर  देवांगन ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है। भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है, लेकिन चुनौती है उन्हें आज के दौर के अनुसार हुनरमंद बनाना।  देवांगन ने कहा कि आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां परिर्वतन ही एक मात्र स्थिर चीज है और इस दौर में भारत को एक महा शक्ति बनाने का सबसे बड़ा सारथी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.)।
    
विकसित भारत के लिए ए.आई. संचालित कौशल विकास वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यम विषय पर आईसेक्ट द्वारा इसका आयोजन किया गया। केबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि जब हम साल 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की बात करते हैं तो ए.आई. केवल एक तकनीक नहीं बल्कि वह इंजन है जो हमारे कौशल, हमारी अर्थव्यव्स्था और हमारे समाज को नई दिशा और रफतार देगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा है जब तक विकास की रोशनी देश के आखरी कोने में बैठे व्यक्ति तक न पहुंचे। वित्तीय समावेशन का मतलब है, हर नागरिक को बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था से जोड़ना।  देवांगन ने कहा कि आजकल सामाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति मोबाइल ऐप के माध्यम से सरकार के समस्त योजनाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकता है। यह केवल तकनीकि उत्थान एवं ए.आई. के माध्यम से संभव हो सका है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने 5 युवा उद्यमियों को सम्मानित कया।
    
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.के. घोष, आईसेक्ट के चेयरमेन डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पद्म  अजय मंडावी, डॉ. तोपलाल वर्मा,डॉ. अनुराग होता, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक  राजेश भुतड़ा, भारतीय स्टेट बैंक के  ललित कुमार, सीआईआई के छत्तीसगढ़ प्रमुख  पदम गोयल,  अनुराग गुप्ता, बजरंग गोयल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद को दी 603 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर  

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में जिलेवासियों को 603 करोड़ 46 लाख 32 हजार रुपये की लागत वाले 76 विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री  साय ने 86 करोड़ 75 लाख 52 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 516 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये की लागत से प्रारंभ होने वाले 30 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इन विकास कार्यों से जिले में सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, विद्युत एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी तथा विकास को नई गति प्राप्त होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों एवं गरीब परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सुशासन के माध्यम से योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 757 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिलों में राहत दी जा रही है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली मुक्त योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को बिजली खर्च से राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कृषि सहकारी साख समितियों के नए केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे किसानों को ऋण, खाद, बीज एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए नैनो यूरिया के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया के उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है, भूमि की उर्वरता बनी रहती है तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन और पारदर्शिता राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आम जनता की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। उन्होंने नागरिकों से इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर नई पहचान स्थापित कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास की रोशनी पहुंचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार है। उन्होंने कहा कि गरियाबंद जिले में आज जिन विकास कार्यों की शुरुआत हुई है, उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, पेयजल, विद्युत तथा जनसुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार होगा और जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और धार्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है। छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहलाने वाला राजिम, राजीव लोचन मंदिर तथा कुलेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। राज्य सरकार द्वारा इन धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है तथा 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें जो अभी तक विद्यालय से बाहर हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के गठन के तत्काल बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्तमान में प्रदेश में 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 19 लाख 70 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी कर रही है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से अंतर की राशि का भुगतान भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे लाखों संग्राहक परिवारों की आय में वृद्धि हुई है। चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 41 लाख से अधिक परिवारों को नल से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं, जहां ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं के साथ विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मासिक खपत पर बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गरियाबंद आदिवासी बहुल जिला है, जहां कमार और भुंजिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों की उल्लेखनीय आबादी निवास करती है। प्रधानमंत्री जनमन योजना तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास एवं आजीविका के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है, वे गरियाबंद जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री  दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को तेजी से पूरा कर रही है और सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम को महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद मती रूपकुमारी चौधरी एवं राजिम विधायक  रोहित साहू ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

RTO/DTO मुख्यालय में उपस्थित रहें, बकाया वसूली अभियान तेज करें-सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस प्रकाश

रायपुर

परिवहन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में सचिव एवं परिवहन आयुक्त  एस प्रकाश ने कई कड़े निर्देश जारी किए। बैठक में RTO/DTO प्रवर्तन अमला, बस संचालक संघ और वाहन डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। RTO/DTO अब मुख्यालय छोड़ नहीं सकेंगे, सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने पदस्थापना मुख्यालय में रहकर ही काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक में 
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त  डी. रविशंकर भी मौजूद थे।

बकाया कर वसूली के लिए चलेगा विशेष अभियान  
         
जिलावार बकाया राजस्व की समीक्षा की गई। सचिव एवं परिवहन आयुक्त ने सभी RTO/DTO को वाहनों पर बकाया कर वसूलने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही  जांच चौकियों और फ्लाइंग स्क्वॉड को बकायादार वाहनों की लिस्ट दी जाएगी।

बस संचालन पर कसेगा शिकंजा  

बस स्टैंडों पर बसों की रोजाना मॉनिटरिंग होगी। बस आपरेटरों के द्वारा समय सारिणी तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। परमिट लेकर भी बस न चलाने वाले संचालकों के परमिट निरस्त होंगे, ताकि नए आवेदकों को मौका मिले। बिना उपयोग खड़ी निजी बसों की जांच होगी।

लग्जरी बसों और फिटनेस सेंटर पर कार्रवाई  

दुर्ग के ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर द्वारा अवैध फिटनेस देने पर सेंटर, वाहन मालिक और वेंडरों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए। लग्जरी बसों में ज्वलनशील पदार्थ, अवैध सामान या ओवरलोडिंग मिलने पर जब्ती और FIR होगी। ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट सिर्फ RTO या अधिकृत अधिकारी की मौजूदगी में परिवहन कार्यालय के भीतर ही होगा।

PM राहत योजना होगी लागू*  

 सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना जमीनी स्तर पर लागू होगी। RTO/DTO दुर्घटना स्थल की जांच करेंगे। अस्पतालों-थानों में योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

वाहन डीलरों की समस्या का होगा समाधान  

नए वाहनों के पंजीयन और यूज्ड कार नामांतरण की प्रक्रिया सरल होगी। डीलर्स को ट्रेड सर्टिफिकेट और सर्विस सेंटर के नियम मानने होंगे। ई-चालान हुआ आसान होगा ANPR से कटे ई-चालानों के भुगतान के लिए परिवहन कार्यालय में अलग काउंटर लगेगा। गलत चालान पर आपत्ति करने पर तुरंत सत्यापन कर निरस्त किया जाएगा। परिवहन आयुक्त ने सभी अधिकारियों को 15 दिन में अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें जनप्रतिनिधि : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष  रितेश जायसवाल सहित सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा और विकास के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने नगर पंचायत शिवनंदनपुर के वार्ड क्रमांक 06 में सुसज्जित मंगल भवन निर्माण की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर उपस्थित नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिलना क्षेत्र की वर्षों पुरानी आकांक्षा की पूर्ति है। इससे क्षेत्र में सुनियोजित नगरीय विकास का मार्ग प्रशस्त होगा तथा नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ अपने प्रतिनिधियों का चयन किया है, उस विश्वास पर खरा उतरना अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से बिजली, पानी, सड़क, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनप्रतिनिधि जनता और शासन के बीच सेतु बनकर जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री  साय ने शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा अपने अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री कॉल सेंटर के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। सरकार जनता की समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

सभा को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि शिवनंदनपुर के नगर पंचायत बनने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिवनंदनपुर में विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने तथा क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रयासों और दूरदर्शी सोच के कारण शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ है। यह क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जिससे नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएं और विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन

शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया।

समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में दो दिव्यांग हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को उनके नवीन आवास की चाबियां सौंपी गईं।

महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों के पोषण हेतु तैयार किए जाने वाले खिचड़ी, हलवा, खुरमा, बर्फी, कटुआ, गुलगुला तथा रेडी-टू-ईट पोषण आहार का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने पोषण आहार का अवलोकन कर इसकी सराहना की। इस दौरान तीन गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से संवाद कर योजना से प्राप्त लाभों की जानकारी ली।

इसके अलावा आदिवासी विकास विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के स्टॉल में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करवां के विद्यार्थियों द्वारा सोलर सैनिटेशन किट सहित विभिन्न नवाचारों एवं वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।

विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं लाभ का वितरण किया। मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत फुटकर मत्स्य विक्रय उपकरण प्रदाय योजना के तहत कुंजनगर निवासी मती भारती केवट एवं मती तपेश्वरी राजवाड़े को आइस बॉक्स के साथ 6-6 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य योजनाओं के तहत शिवनंदनपुर निवासी  अमरूत को वय वंदन कार्ड प्रदान किया गया। वहीं आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शिवनंदनपुर एवं कुरूवां के पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित कर योजना का लाभ प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  दयाल दास बघेल, सांसद  चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक  भूलन सिंह मरावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा, सरगुजा संभाग के आयुक्त  नरेंद्र दुग्गा, आईजी  दीपक झा, कलेक्टर मती रेना जमील सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बलरामपुर में बुलडोजर एक्शन, 23 अवैध मकान ढहाए; 7 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त

बलरामपुर.

बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर में प्रशासन ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 मकानों पर बुलडोजर चलाकर लगभग 7 एकड़ 75 डिसमिल जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की, जिससे क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जों पर प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है।

सुनियोजित तैयारी के साथ की गई कार्रवाई
प्रशासन की ओर से अतिक्रमण मुक्ति के लिए सुनियोजित तैयारी की गई। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आनंद राम नेताम के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने संबंधित भूमि का अभिलेखीय परीक्षण किया, सीमांकन कराया तथा अतिक्रमण की स्थिति का विस्तृत सर्वेक्षण किया। इसके बाद संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने लोगों को समझाइश देते हुए स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का अवसर भी प्रदान किया।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सुनिश्चित किया गया कि कार्रवाई पूरी तरह कानून सम्मत एवं पारदर्शी तरीके से हो। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों की सुविधाओं और संवेदनशीलता का भी ध्यान रखा जाए। निर्देशों के अनुरूप अनुविभागीय अधिकारी (रा.) आनंद राम नेताम के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के बाद निर्धारित तिथि को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की गई।

प्रशासनिक अमले की उपस्थिति में 23 मकानों से अतिक्रमण हटाया गया और लगभग 7 एकड़ 75 डिसमिल भूमि को मुक्त कराया गया। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण, व्यवस्थित रूप से संपन्न हुई तथा कहीं भी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई। अतिक्रमण हटने के बाद मुक्त कराई गई भूमि को पुनः शासकीय अभिलेखों के अनुरूप सुरक्षित किया गया। इस भूमि का उपयोग भविष्य में जनहित एवं विकास कार्यों के लिए किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को लाभ मिलेगा।

कलेक्टर का सख्त संदेश
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले में शासकीय भूमि की नियमित निगरानी की जाए तथा अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी भूमि को सुरक्षित रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इस दिशा में आगे भी प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।

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