सेजबहार फेस-1 कॉलोनी की भूमि से अतिक्रमण हटाया, अवैध सड़क निर्माण पर मंडल की कार्रवाई

रायपुर 

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने रायपुर के सेजबहार फेस-1 कॉलोनी क्षेत्र में अपनी आवंटित भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनाई जा रही सड़क को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। मंडल की ओर से यह कार्रवाई सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार दीनदयाल आवास योजना के तहत कलेक्टर रायपुर के आदेश दिनांक 3 फरवरी 2006 के माध्यम से ग्राम सेजबहार और दतरेंगा की कुल 21.538 हेक्टेयर (लगभग 53.19 एकड़) भूमि आवासीय परियोजना विकसित करने के लिए गृह निर्माण मंडल को आबंटित की गई थी। इस परियोजना के लिए 17 मई 2006 को विकास अनुज्ञा भी स्वीकृत की गई थी।

स्वीकृत ले-आउट के अनुसार परियोजना क्षेत्र में 1435 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) आवासों का निर्माण प्रस्तावित था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 1327 आवास स्वीकृत योजना के अनुसार बनाए गए, जबकि 39 आवास निर्धारित ले-आउट से अलग निर्मित किए गए। इस प्रकार कुल 1366 आवासों का निर्माण हुआ। भूमि विवाद की स्थिति के कारण भवन क्रमांक 1287 से 1345 तथा 1412 से 1431 तक कुल 79 आवासों का निर्माण नहीं हो सका।

हाल ही में मंडल ने अपनी लगभग 18 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया। इस दौरान पता चला कि एक निजी बिल्डर ने मंडल की भूमि के हिस्से पर अवैध कब्जा कर बिना अनुमति सड़क निर्माण शुरू कर दिया है। सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद मंडल ने तत्काल कार्रवाई की।

कार्यपालन अभियंता नितेश कश्यप के नेतृत्व में गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध सड़क को हटाया और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई में मंडल के कई अधिकारी और अभियंता शामिल रहे।

मंडल के अधिकारियों ने बताया कि यह भूमि उनकी महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है और भविष्य में यहां नई आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडल अपनी भूमि और परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार के अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

सेजबहार फेस-1 में अवैध निर्माण पर कार्रवाई, मंडल ने हटाया अतिक्रमण

रायपुर 
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने सेजबहार फेस-1 कॉलोनी स्थित अपनी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अनधिकृत रूप से निर्मित सड़क को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

दीनदयाल आवास योजना के अंतर्गत कलेक्टर रायपुर के आदेश से दिनांक 03 फरवरी 2006 के माध्यम से ग्राम सेजबहार एवं ग्राम दतरेंगा की कुल 21.538 हेक्टेयर (लगभग 53.19 एकड़) भूमि मंडल को आवासीय परियोजना विकसित करने हेतु आबंटित की गई थी।

इसमें ग्राम सेजबहार के खसरा क्रमांक 162/1 का भाग तथा ग्राम दतरेंगा के खसरा क्रमांक 341/1 एवं 341/3 की भूमि शामिल है। उक्त भूमि पर आवासीय विकास हेतु विकास अनुज्ञा दिनांक 17 मई 2006 को स्वीकृत की गई थी।

1435 एलआईजी भवनों के निर्माण की थी योजना 
स्वीकृत ले-आउट के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कुल 1435 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) आवासों का निर्माण प्रस्तावित था। स्थल निरीक्षण एवं अभिलेख परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि स्वीकृत ले-आउट के अनुसार 1435 भवनों में से 1327 भवनों का निर्माण किया गया था। इसके अतिरिक्त 39 भवन स्वीकृत अभिन्यास से अलग निर्मित पाए गए। इस प्रकार कुल 1366 भवन निर्मित हुए।

भूमि विवाद के कारण नहीं बन सके 79 आवास 
मंडल द्वारा किए गए निरीक्षण, अभिलेख परीक्षण तथा पूर्व अधिकारियों एवं अभियंताओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्य अवधि के दौरान भूमि विवाद की स्थिति उत्पन्न होने के कारण स्वीकृत ले-आउट में दर्शाए गए भवन क्रमांक 1287 से 1345 तथा 1412 से 1431 तक कुल 79 आवासों का निर्माण नहीं हो सका।

सातवें चरण के अंतर्गत अनुबंध क्रमांक 41, दिनांक 07 अगस्त 2006 के तहत 192 आवासों के निर्माण का प्रावधान था, जिसके अंतर्गत कुल 193 एलआईजी भवनों का निर्माण किया गया। हालांकि विवादित क्षेत्र में स्थित 79 भवनों का निर्माण न तो किया जा सका और न ही उनका विक्रय किया गया।

सीमांकन में सामने आया अतिक्रमण 
हाल ही में मंडल द्वारा अपनी लगभग 18 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया गया। सीमांकन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक निजी बिल्डर द्वारा मंडल की भूमि के एक हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर बिना अनुमति सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद मंडल ने तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की।

 मंडल ने हटाई अवैध सड़क 
नितेश कश्यप कार्यपालन अभियंता संभाग क्रमांक 3  सेजबहार, रायपुर  के नेतृत्व में मंडल की टीम जिसमें श्री अमृत लाल बरमन सपंदा अधिकारी, श्री हेमंत निषाद सहायक अभियंता, श्रीमती निकिता मिश्रा उपअभियंता, श्री अनुपम राठौर उप अभियंता, श्री पेमेन्द्र ध्रुव, श्री अमय विक्रम तथा श्री कमलेश दास ने मौके पर पहुंचकर अनधिकृत सड़क को हटाया और भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की कार्रवाई की।

भविष्य में विकसित होगी नई आवासीय परियोजना 
मंडल के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भूमि मंडल की महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है तथा भविष्य में यहां नई आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है। 
मंडल अपनी भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।

‘भारत को रोकने के लिए रचे जा रहे झूठे नैरेटिव’— मोहन भागवत का बड़ा बयान, देश-विदेश की ताकतों पर साधा निशाना

 नई दिल्ली
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने दावा किया है कि लोगों को गुमराह करने के लिए गलत रिपोर्टें फैलाई जा रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की बढ़ती ताकत और उत्थान को कमजोर करने के लिए देश के भीतर और बाहर, दोनों जगहों से झूठे नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं। 

महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा, ‘आज कुछ लोग ये तय करने में जुटे हैं कि भारत का उत्थान न हो. इसके लिए झूठे नैरेटिव बनाए जा रहे हैं, गलत खबरें फैलाई जा रही हैं और लोगों को भटकाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। भागवत ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि ऐसा करने वालों के पास जनसंख्या, सत्ता, पैसा और संगठनात्मक क्षमता जैसी बड़ी ताकतें हैं. इसके बावजूद, लोगों को अपने मूल्यों के आधार पर मजबूती से खड़े रहना होगा। 

आरएसएस प्रमुख ने जोर देकर कहा कि भारत का आगे बढ़ना सिर्फ उसके अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के कल्याण के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा, ‘दुनिया के लिए भी एक मजबूत भारत का होना बेहद जरूरी है। 

‘हमारा इतिहास गुलामी का नहीं, संघर्ष का है’
हल्दीघाटी के ऐतिहासिक युद्ध की विरासत और महाराणा प्रताप को याद करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि हमारा इतिहास गुलामी का नहीं है. ये उन लोगों के खिलाफ संघर्ष का इतिहास है, जिन्होंने हमें गुलाम बनाने की कोशिश की. महाराणा प्रताप का संघर्ष ‘धर्म, संस्कृति और स्वाभिमान’ की रक्षा के लिए था। भागवत ने आगे कहा, ‘महाराणा प्रताप किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं लड़े. वो समाज, संस्कृति और अपनी मातृभूमि की आजादी के लिए अत्याचार के खिलाफ लड़ रहे थे। 

उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियों से निपटने के लिए हमें इतिहास के ऐसे नायकों से सीख लेनी चाहिए, जो विषम परिस्थितियों में भी अडिग रहे. भारत की असली ताकत सिर्फ संख्या या भौतिक संसाधनों में नहीं, बल्कि उसके सांस्कृतिक मूल्यों में है। 

विविधता के बीच एकता की अपील
मोहन भागवत ने लोगों से एकजुट रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि जैसे मेवाड़ के लोग महाराणा प्रताप के साथ खड़े थे, वैसे ही हमें भारत की प्रगति के लिए मिलकर काम करना होगा. अलग-अलग पहचानें होना स्वाभाविक है, लेकिन एकता के लिए समानता जरूरी नहीं है. एकता के लिए आपसी सद्भाव और सम्मान जरूरी है। 

हल्दीघाटी के युद्ध को भागवत ने विदेशी आक्रमण के खिलाफ भारतीय समाज के लंबे संघर्ष का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि खुद मुगल इतिहासकारों के रिकॉर्ड भी बताते हैं कि ये युद्ध कितना भीषण था और पहले हमले के बाद उन्हें कई मील पीछे हटना पड़ा था। 

भागवत के मुताबिक भारत ने कभी भी सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर गुलामी स्वीकार नहीं की. अगर भारत को आगे बढ़ना है, तो भारतीयों को अपने चरित्र और मूल्यों को ऊंचा उठाना होगा। 

रायपुर समेत 5 शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार, HUDCO ने रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के टेंडर जारी किए

रायपुर.

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हडको) राज्य के विभिन्न शहरों में पाँच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए मंडल द्वारा प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है।

मंत्रिपरिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके पश्चात 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पाँचों परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। प्रस्तावित परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बी.टी.आई. रोड शंकर नगर (रायपुर), क्लब पारा (महासमुंद), कैलाश नगर (राजनांदगांव), कटघोरा (कोरबा) तथा चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर) में विकसित की जाएंगी। इन पाँचों रिडेवलपमेंट योजनाओं का टेंडर हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है।

राजधानी रायपुर में प्रस्तावित परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह परियोजना शहर के प्रमुख एवं विकसित क्षेत्र शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने, सिंधु भवन के समीप स्थित है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक तथा आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा तथा शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर प्रदान करती है। उन्हें शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित प्राइम लोकेशन वाली भूमि पर परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी से परियोजनाओं में विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित होगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी एवं जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक तथा उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरों की कार्यक्षमता एवं सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल सिद्ध होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।

आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने टीएल बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ में ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर विशेष आयोजन, राज्यपाल-CM समेत कई जनप्रतिनिधि होंगे शामिल

रायपुर.

योग दिवस पर इस बार 21 जून को “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं।

जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है। राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे।

जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री ओपी चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद भोजराज नाग 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे।

वहीं बीजापुर जिले में विधायक सुलता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक चैतराम अटामी मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन शामिल हैं नागदा, धार और रतलाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन शामिल हैं नागदा, धार और रतलाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय को विकसित किया जा रहा है
गोपाल कृष्ण को आदर्श मानते हुए घर-घर गाय और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए संकल्पित है राज्य सरकार
नागदा के बालाजी धाम में सभी बुनियादी व्यवस्थाएं सुविधाएं होंगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागदा में श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को किया संबोधित

उज्जैन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर बना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरयू के किनारे भव्य मंदिर निर्माण हुआ और हमारा 500 वर्ष का लंबा संघर्ष पूर्ण हुआ। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 12 वर्ष चित्रकूट में बिताए थे। राज्य सरकार दो हजार करोड़ रूपए की लागत से भव्य चित्रकूट धाम का निर्माण कर रही है। प्रदेश में जहां-जहां प्रभु श्रीराम के चरण पड़े, हमारी सरकार उन्हें श्रीराम वन गमन पथ में शामिल कर विकसित कर रही है। भगवान गोपाल कृष्ण से संबंधित धर्म स्थलों को भी श्रीकृष्ण पाथेय के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए हजारों करोड़ के विकास कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। उज्जैन, इंदौर और आसपास के सभी जिलों में विकास को गति मिल रही है। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन में धार, नागदा और रतलाम को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाजी धाम में फर्श, बाउंड्री बाल और पेयजल जैसी सभी बुनियादी व्यवस्थाएं करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन जिले के नागदा में बालाजी धाम में श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा व ध्वज पूजा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बालाजी धाम में भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत विशेष रूप से उपस्थित थे।

प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम के विराट व्यक्तित्व से हमें मानवीय मूल्यों के साथ जीवन जीने की सीख मिलती है। प्रभु श्रीराम त्याग की प्रतिमूर्ति थे, वे एक आदर्श पुत्र, आदर्श पिता, आदर्श भाई थे। रामराज्य में नागरिकों को किसी चीज की कोई कमी नहीं थी। इसी भावना के साथ हमारी सरकार गरीब, किसान और नारी शक्ति के सशक्तिकरण द्वारा अंत्योदय के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। भगवान हनुमान के जीवन का प्रत्येक क्षण प्रभु श्रीराम के लिए समर्पित था। हमें हनुमान जी के जीवन की अच्छाईयों को धारण करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गोपाल कृष्ण को आदर्श मानते हुए घर-घर गाय और दूध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। इसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। योजना अंतर्गत 10 लाख रुपए अनुदान का प्रावधान किया है। प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। राज्य में प्राकृतिक खेती और गौ-पालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति गाय 1100 रुपए महीना सहायता दी जाएगी।

शांति के लिए विश्व सनातन धर्म की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है

कर्नाटक के राज्यपाल गहलोत ने कहा कि डेलनपुर में भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है। विश्व कल्याण और शांति के लिए दुनिया आज सनातन धर्म की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया ने बालाजी धाम के निर्माण और मंदिर की विस्तार योजना पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में परमपूज्य 1008 नारायण त्यागी महाराज, पूज्य मधुसूदन त्यागी महाराज, विधायक डॉ. तेजबहादुर, विधायक सतीश मालवीय, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक दिनेश जैन, जिलाध्यक्ष राजेश धाकड़, उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल, पूर्व विधायक लालसिंह राणावत, पूर्व विधायक जितेंद्र गहलोत, राकेश यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

MP के खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी, पुलिस विभाग में सीधे मिलेगी नौकरी; SI और आरक्षक पद आरक्षित

भोपाल
 मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उनके करियर के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। वे पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती फिर शुरू करने जा रहे हैं। इसके लिए गृह विभाग ने ‘मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021’ में महत्वपूर्ण संशोधन भी कर दिए हैं। इस संबंध में 15 जून को अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है। संशोधित नियमों के माध्यम से उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन, पात्रता एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाया गया है।

गौरतलब है कि इन संशोधनों से अब मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शासकीय सेवा के लिए अन्य राज्यों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्हें अपने ही राज्य में मध्यप्रदेश पुलिस के अंतर्गत 10 उप निरीक्षक और 50 आरक्षक के पदों पर सीधी नियुक्ति का अवसर मिलेगा। सीएम डॉ. यादव की यह पहल खिलाड़ियों के लिए सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें अपने खेल प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी को निरंतर जारी रखने में भी सहायक होगी। गृह विभाग नए प्रावधानों के तहत खेल कोटे से भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से हर साल आयोजित करेगा। इससे खिलाड़ियों को स्थायी और संरचित अवसर मिलेंगे। होंगे। यह पहल राज्य में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

मापदंडों में मिलेगी छूट
बता दें, नए संशोधन के तहत पुलिस मुख्यालय हर साल आरक्षक और उप निरीक्षक पदों की रिक्तियों का विज्ञापन देंगे। पदक विजेताओं के साथ अब ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमण्डल खेलों में सहभागिता करने वाले खिलाड़ी भी सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मापदंड (ऊंचाई) में पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी। साथ ही, उन्हें लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) से भी छूट रहेगी। उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्तियां किसी आरक्षित वर्ग के अंतर्गत न होकर अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में शामिल की जाएंगी। केवल वे खेल विधाएं मान्य होंगी, जो पिछले तीन ओलंपिक खेलों में शामिल रही हों। मेरिट अंक समान होने की स्थिति में वरिष्ठता का निर्धारण ओलंपिक, एशियाई खेल, विश्व कप आदि की प्राथमिकता तथा खिलाड़ी की आयु के आधार पर किया जाएगा।

कौन बन सकेगा उप निरीक्षक
उप निरीक्षक पद पर केवल उन उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति प्रदान की जाएगी, जिन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमण्डल खेल, विश्व कप-विश्व चैम्पियनशिप में सहभागिता की हो। इन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत अथवा कांस्य पदक विजेता और सहभागिता करने वाले खिलाड़ी पात्र होंगे।

कौन बन सकेगा आरक्षक
उप निरीक्षक पद के लिए पात्र सभी खिलाड़ी, जो खिलाड़ी उप निरीक्षक पद हेतु निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, वे आरक्षक पद के लिए भी स्वतः पात्र माने जाएंगे। राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी। अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ी आरक्षक पद के पात्र होंगे।

‘साइबर अपराधी परजीवी की तरह होते हैं’— CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी, आरोपी की जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने साइबर धोखाधड़ी के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए एक आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया. सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि साइबर अपराधी “परजीवी” की तरह होते हैं, जो लोगों की मेहनत की कमाई ठगकर समाज को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं. CJI ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे अपराधियों के प्रति नरमी नहीं बरती जानी चाहिए और समाज के हित में इन्हें जेल में रखना ही बेहतर है। 

साइबर अपराध का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ :  CJI सूर्यकांत
उन्होंने यह भी कहा कि साइबर अपराध का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है. आरोपी एक राज्य में ठगी करते हैं और फिर दूसरे राज्यों में जाकर अपनी गतिविधियां जारी रखते हैं, जिससे इन अपराधों पर नियंत्रण पाना और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है. अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे संगठित अपराध से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने जरूरी हैं। 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ‘डिजिटल अरेस्ट’ और साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों का स्वतः संज्ञान लिया था. यह कदम अंबाला के एक बुजुर्ग दंपत्ति द्वारा लिखे गए पत्र के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने अपने साथ हुई ठगी की घटना का हवाला दिया था. इस घटना में उनकी जीवनभर की जमा-पूंजी चली गई थी। 

इससे पहले शीर्ष अदालत ने जांच एजेंसी CBI को देशभर में डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई करने की खुली छूट दी थी और केंद्र व राज्य सरकारों को ऐसे मामलों से निपटने के लिए सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। 

टॉम हॉलैंड और जेंडाया की शादी की आधिकारिक पुष्टि

हॉलीवुड के मशहूर कपल जेंडाया और टॉम हॉलैंड शादी कर चुके हैं। महीनों से इनकी शादी के कयास लग रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स में अलग-अलग दावे किए जा रहे थे। अब खुद टॉम हॉलैंड ने यह पुष्टि कर दी है कि वे जेंडाया के साथ शादी कर चुके हैं। अभिनेता ने यह भी कहा कि इस शादी में उनके परिवार के सदस्य और दोस्त मौजूद थे

शादी को लेकर टॉम हॉलैंड ने क्या कहा?
टॉम ने जेंडाया संग शादी की बात कबूल कर ली है, मगर उन्होंने इस बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं की है। फिलहाल, इस खूबसूरत जोड़ी को पसंद करने वालों के लिए यह किसी खुशखबरी से कम नहीं कि दोनों घर बसा चुके हैं। बता दें कि टॉम हॉलैंड ने हाल ही में ‘एस्क्वायर’ ‘Esquire’ से बातचीत में शादी की बात कबूल की है।

शादी की फेक तस्वीर पर क्या बोले टॉम हॉलैंड?
टॉम और जेंडाया की AI-जनरेटेड शादी की तस्वीरों पर दिए गए अभिनेता के जवाब से यह पुष्टि हो गई की दोनों ने पहले ही शादी कर ली है। मार्च 2026 में वायरल हुईं फेक तस्वीरों में दोनों को इटली के लेक कोमो में शादी करते हुए दिखाया गया था। बातचीत में टॉम हॉलैंड ने बताया कि ये तस्वीर देख उनकी दादी भी धोखा खा गईं और उन्हें लगा कि ये असली तस्वीरें हैं। दादी ने नाराजगी भी जताई कि उन्हें शादी में क्यों नहीं बुलाया गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन तस्वीरों से कोई और भी धोखा खा गया था? इस पर हॉलैंड ने जवाब दिया, ‘नहीं, मुझे किसी और रिश्तेदार को नहीं समझाना पड़ा, क्योंकि वे सभी वहां हमारी असली शादी में मौजूद थे’। इसी जवाब से कंफर्म हो गया कि दोस्तों और परिवार की मौजूदगी में इस खूबसूरत जोड़ी ने शादी की।

शादी पर और जानकारी देने से किया इनकार
शादी की पुष्टि तो टॉम ने कर दी, मगर इस बारे में और कुछ बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘इस बारे में आपको बस इतना ही पता चलेगा’। दोनों की सीक्रेट शादी की अफवाहें कई महीनों से चल रही थीं। मार्च में इन अटकलों को और बल मिला जब ज़ेंडाया के लंबे समय से स्टाइलिस्ट रहे लॉ रोच ने इशारा किया कि शादी हो चुकी है। रेड कार्पेट पर ‘एक्सेस हॉलीवुड’ से बात करते हुए रोच ने मजाक में कहा, ‘शादी तो हो चुकी है। आप उसे मिस कर गए’।

कब से शुरू हुईं डेटिंग की अफवाहें?
अब तक शादी को लेकर चल रहीं खबरों और अटकलों पर टॉम हॉलैंड और जेंडाया, दोनों ने ही चुप्पी साध रखी थी। पहली बार एक्टर ने शादी को लेकर सार्वजनिक रूप से बात की है और पुष्टि की है। इंटरव्यू में हॉलैंड ने जेंडाया के साथ अपने मजबूत रिश्ते पर बात करते हुए कहा कि वे वे एक-दूसरे के सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम हैं। उन्होंने जेंडाया को अपनी जिंदगी में सबसे स्पेशल इंसान और खास दोस्त बताया। टॉम हॉलैंड और जेंडाया की डेटिंग की अफवाहें सबसे पहले साल 2016 में ‘स्पाइडर-मैन- होमकमिंग’ की शूटिंग के दौरान शुरू हुई थीं। बता दें कि हाल ही में दोनों अपनी नई फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ के प्रमोशन के लिए स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचे।

 

Shrek 5 का ट्रेलर रिलीज, 17 साल बाद श्रेक की धमाकेदार वापसी

 

‘श्रेक 5’ का मच अवेटेड ट्रेलर रिलीज हो चुका है और इसमें इस बार कहानी और भी मजेदार और अलग नजर आ रही है। यह फिल्म 30 जून 2027 को रिलीज होगी, यानी अभी इसमें थोड़ा समय है, लेकिन ट्रेलर ने अभी से लोगों की एक्साइटमेंट बढ़ा दी है।

पुरानी कहानी से नई शुरुआत
ट्रेलर की शुरुआत एक स्टोरीबुक से होती है, जिसमें 2001 वाली पहली ‘श्रेक’ फिल्म की कहानी को दोबारा दिखाया जाता है। लेकिन तभी डॉन्की बीच में आकर मजाकिया अंदाज में कहता है कि अब समय है कुछ नया करने का। इससे साफ है कि इस बार फिल्म की कहानी पहले से अलग और फ्रेश होगी।

नए किरदार और मजेदार सफर
श्रेक, फियोना और डॉन्की एक बार फिर जादुई दुनिया ‘फार, फार अवे’ में निकलते हैं। इस सफर में उन्हें एक बड़ा दानव, पुलिस जैसी ताकत और एक डरावना स्नोमैन मिलता है, जो ‘फ्रोजन’ के ओलाफ का मजेदार पैरोडी वर्जन लगता है।

फिल्म में इस बार श्रेक और फियोना के बच्चों- फेलिशिया, फर्गस और फार्कल की भी एंट्री है, जो कहानी को और दिलचस्प बनाते हैं।

गिंगी की वापसी और कॉमेडी का तड़का
फैंस के पसंदीदा किरदार गिंगी (Gingy) भी वापस आ गया है और इस बार भी अपने मजेदार अंदाज से हंसी का तड़का लगाता नजर आता है। ट्रेलर के आखिर में श्रेक, फियोना, उनके बच्चे और डॉन्की जेल में फंसे नजर आते हैं। वहीं डॉन्की गाने गाता है, जिससे श्रेक और भी परेशान हो जाता है और यही सीन ट्रेलर को मजेदार एंड देता है।

17 साल बाद वापसी
बता दें कि ‘श्रेक 5’ इस फ्रेंचाइजी की 17 साल बाद वापसी है। इससे पहले ‘श्रेक फॉरएवर आफ्टर’ 2010 में रिलीज हुई थी। इसके बाद ‘पस इन बोट्स’ जैसी स्पिन-ऑफ फिल्में आईं, लेकिन अब असली श्रेक की वापसी हो रही है। कुल मिलाकर, ‘श्रेक 5’ का ट्रेलर देखकर लगता है कि यह फिल्म कॉमेडी, इमोशन और एडवेंचर का शानदार मिश्रण होने वाली है।

 

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