Kalki 2898 AD के सीक्वल में Alia Bhatt की एंट्री की चर्चा तेज

प्रभास स्टारर ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल को लेकर इन दिनों जबरदस्त चर्चा हो रही है. फिल्म से दीपिका पादुकोण के बाहर होने की खबर के बाद से ही फैंस एक सवाल का जवाब तलाश रहे हैं- आखिर उनकी जगह कौन लेगा? और अब इस सवाल के बीच आलिया भट्ट का नाम सामने आने से सोशल मीडिया पर हलचल मच गई है.

हालांकि अगर आप सोच रहे हैं कि आलिया सीधे दीपिका को रिप्लेस करने जा रही हैं, तो मामला थोड़ा अलग है. नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलिया भट्ट फिल्म में एक बेहद खास और दमदार किरदार निभाती नजर आ सकती हैं.

वैष्णो देवी बनेंगी आलिया?
खबरों की मानें तो आलिया भट्ट को फिल्म में देवी वैष्णो देवी के रोल के लिए अप्रोच किया गया है. इतना ही नहीं, उनका किरदार कलयुग के उन दिव्य चिरंजीवियों में से एक हो सकता है, जिनका मकसद सुमति और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की रक्षा करना होगा.

अगर ऐसा होता है तो ‘कल्कि 2’ में आलिया का रोल सिर्फ कैमियो नहीं, बल्कि कहानी का एक बेहद अहम हिस्सा साबित हो सकता है. हाल ही में आलिया की अल्फा का ट्रेलर जारी हुआ है, जिसमें उनके किरदार का नाम सीता बताया गया है. वो फिल्म में हाई ऑक्टेन एक्शन करती दिखेंगी. अगर कल्कि 2898 एडी में वैष्णो देवी का किरदार निभाने की खबर सही निकलती है तो आलिया के करियर के लिए ये बड़ा जंप होगा.

नाग अश्विन ने तोड़ी चुप्पी
आलिया की कास्टिंग को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच डायरेक्टर नाग अश्विन ने भी रिएक्ट किया है. उन्होंने साफ कहा कि अभी तक किसी भी कास्टिंग को लेकर ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं हुई है.

उन्होंने कहा- हमें अभी ये बताना है कि कल्कि 2 में सुमति का किरदार कौन निभाएगा. फिलहाल जो भी बातें चल रही हैं, वो सिर्फ अटकलें हैं. लेकिन इतना तय है कि ये किरदार फिल्म में जरूर रहेगा क्योंकि कहानी के लिए ये बेहद महत्वपूर्ण है. यानि मेकर्स ने न तो आलिया की एंट्री कन्फर्म की है और न ही इन खबरों को पूरी तरह खारिज किया है.

आखिर क्यों हुई थी दीपिका की विदाई?
सितंबर 2025 में मेकर्स ने एक ऑफिशियल बयान जारी कर फैंस को बड़ा झटका दिया था. बयान में बताया गया कि दीपिका पादुकोण अब ‘कल्कि 2’ का हिस्सा नहीं होंगी. मेकर्स ने कहा था कि ‘कल्कि जैसी फिल्म को पूरी प्रतिबद्धता की जरूरत है और कई दौर की बातचीत के बाद हमने अलग होने का फैसला किया है.’

इसके बाद इंडस्ट्री में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि दीपिका ने अपनी फीस में 25 फीसदी बढ़ोतरी और सिर्फ 7 घंटे की शिफ्ट की मांग रखी थी. कहा गया कि मेकर्स और एक्ट्रेस के बीच इन शर्तों को लेकर सहमति नहीं बन पाई.

दीपिका ने भी दिया था जवाब
फिल्म से बाहर होने के कुछ समय बाद दीपिका पादुकोण ने बिना किसी का नाम लिए इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि वो हमेशा अपने संघर्ष सम्मान और शालीनता के साथ लड़ती हैं और सार्वजनिक विवादों का हिस्सा बनना उन्हें पसंद नहीं है. हालांकि दीपिका ने सीधे तौर पर ‘कल्कि 2’ विवाद का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनके बयान को इसी मामले से जोड़कर देखा गया.

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वाकई आलिया भट्ट ‘कल्कि 2′ का हिस्सा बनने जा रही हैं? और अगर हां, तो क्या उनका किरदार फिल्म की कहानी में कोई बड़ा ट्विस्ट लेकर आएगा? जब तक मेकर्स आधिकारिक घोषणा नहीं कर देते, तब तक फैंस के बीच कयासों का दौर जारी रहने वाला है. लेकिन एक बात तय है कि’कल्कि 2’ रिलीज से पहले ही सुर्खियों का सुपरहिट पैकेज बन चुकी है.

‘सपा में होगी बड़ी बगावत’! ओमप्रकाश राजभर का दावा, महाराष्ट्र-बंगाल के बाद यूपी में भी टूट तय

लखनऊ

यूपी में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा सियासी दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है. राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी को चिट्ठी सौंपी है. खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन है, पूरा उत्तर प्रदेश जानता है. शिकंजा कस रहा है तो सपा परेशान है.राजभर का कहना है कि महाराष्ट्र, बंगाल छोड़िए, समूची सपा भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठी है. बंगाल में टीएमसी के 20 सांसद बगावत कर चुके हैं. जबकि महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 6 सांसद टूटने के कयास लगाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र और बंगाल में बड़ी बगावत दो दलों में देखने को मिल रही है। 

योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी (सपा) को बड़ा झटका लगेगा. राजभर ने यहां तक कह दिया कि महाराष्ट्र और बंगाल छोड़िए, पूरी समाजवादी पार्टी भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठी है। 

राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो रही है. सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटे हैं. ऐसे माहौल में राजभर का यह दावा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। 

सपा पर क्यों साधा निशाना ?

ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि जैसे-जैसे विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों का शिकंजा कस रहा है, वैसे-वैसे सपा नेताओं की बेचैनी बढ़ती जा रही है. उन्होंने कहा कि खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना से जुड़े मामलों को लेकर पूरा उत्तर प्रदेश जानता है कि इन प्रकरणों में कौन लोग चर्चा के केंद्र में रहे हैं. राजभर के मुताबिक, जब जांच आगे बढ़ती है तो कुछ लोगों की परेशानी भी बढ़ती है. हालांकि उन्होंने अपने बयान में किसी नए साक्ष्य या संभावित दल-बदल करने वाले नेताओं का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका दावा बड़ा माना जा रहा है. राजभर ने अपने बयान में सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। 

 पहले भी अखिलेश यादव पर हमलावर रहे हैं राजभर
यह पहली बार नहीं है जब ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला हो. पिछले कुछ समय से दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती गई है. हाल ही में राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लंबी पोस्ट लिखी थी, जिसने राजनीतिक हलकों में काफी सुर्खियां बटोरी थीं. उस पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव के विदेश दौरे को निशाने पर लिया था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि अगर घूमने ही जाना था तो लंदन और पेरिस की जगह काशी, अयोध्या, मथुरा, नैमिषारण्य या मां विंध्यवासिनी धाम चले जाते। 

राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा था कि यदि अखिलेश प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर जाते तो स्थानीय व्यापारियों को रोजगार मिलता. फूल बेचने वाले, मिठाई विक्रेता, छोटे होटल कारोबारी और परिवहन से जुड़े लोगों को भी लाभ होता. उन्होंने कहा था कि ऐसे दौरों से उत्तर प्रदेश के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता और देश-दुनिया में सकारात्मक संदेश जाता. राजभर ने व्यंग्यात्मक अंदाज में यह भी कहा कि शायद अब अखिलेश यादव को लंदन और पेरिस ज्यादा पसंद आने लगे हैं और उन्हें विदेशी पर्यटन स्थलों पर जाना ज्यादा अच्छा लगता है। 

नया भारत और नया उत्तर प्रदेश देखिए
अपनी पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव को सलाह भी दी थी कि उन्हें देश और उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करना चाहिए. उन्होंने लिखा था कि अब देश बदल चुका है और नया भारत तथा नया उत्तर प्रदेश विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है. काशी से अयोध्या, मथुरा से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं में बड़ा बदलाव आया है. राजभर ने कहा था कि अपने देश की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों को देखने में एक जिंदगी भी कम पड़ सकती है। 

उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका! 9 में से 6 सांसद बागी, लोकसभा स्पीकर को सौंपी चिट्ठी; शिंदे गुट में जाने की चर्चा

 मुंबई

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर से उद्धव ठाकरे को बड़ा सियासी झटका लगा है. शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर अलग अपना गुट बनाने का फैसला किया है. शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें अलग समूह माना जाए। 

शिवसेना (यूबीटी) के जिन सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखा है, उसमें संजय जाधव , संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर , ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हैं। वहीं, शिवेसना (यूबीटी) के टिकट पर जीतकर आए 9 सांसदों में से छह सांसद एक साथ आए गए हैं तो तीन सांसद अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं। 

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। सूत्रों के अनुसार, छह सांसदों ने शिंदे गुट की शिवसेना में विलय के लिए बुधवार सुबह 9:30 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी भेजी है।

सूत्रों के अनुसार, चिट्ठी भेजने वाले सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दीना पाटिल का नाम शामिल है। संजय दीना पाटिल ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को खारिज किया था। उन्होंने कहा- मैं उद्धव ठाकरे की पार्टी का सांसद हूं और इसी पार्टी में रहूंगा। इधर, शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी सांसदों को गाली दी। राउत ने गाली देते हुए कहा- ये बेईमान लोग हैं। बेईमानी उनके खून में हैं। बाद में मीडिया से उन्होंने कहा- मराठी में ऐसे शब्द आम बोलचाल का हिस्सा हैं।

उद्धव और अन्य पार्टी लीडर्स अपने सांसदों से लगातार संपर्क करने और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। पार्टी ने गुरुवार को दिल्ली में संसदीय समिति की बैठक बुलाई है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, पार्टी ने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया है। जो सांसद बैठक में नहीं आएंगे, पार्टी उनके खिलाफ डिस्क्वालिफिकेशन की कार्रवाई कर सकती है।

उद्धव के सांसद एकनाथ शिंदे के साथ
महाराष्ट्र में भी उद्धव ठाकरे के साथ खेला हो गया है. शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों ने बुधवार सुबह साढ़े 9 बजे स्पीकर को पत्र देकर एकनाथ शिंदे की पार्टी में विलय करने की मांग की है. उद्धव के 6 सांसदों ने अपना गुट बनाकर शिवसेना में विलय कर दिया है। 

उद्धव की पार्टी के 6 बागी सांसद बुधवार सुबह  नांदेड़, पुणे और मुंबई से प्राइवेट प्लेन से दिल्ली पहुंचे. इस दौरान उनके साथ में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के एक सीनियर नेता मौजूद थे, जिनके साथ दिल्ली आए और स्पीकर को अपने समर्थन का पत्र सौंपा है। 

उद्धव के साथ सिर्फ 3 सांसद ही बचे
यूबीटी में बगावत की अटकलों के बीच दिल्ली में संजय राउत के आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद सावंत और चीफ व्हिप अनिल देसाई और नासिक के सांसद राजाभाऊ मौजूद थे. इस तरह शिवेसना (यूटीबी) के 9 में से 3 लोकसभा सांसद ही पहुंचे थे, 6 सांसद नहीं थे. इसके मतलब साफ है कि उद्धव की पार्टी में टूट का खतरा बना हुई है। 

वहीं, शिवेसना (यूबीटी) के टिकट पर जीतकर आए 9 सांसदों में से छह सांसद एक साथ आए गए हैं तो तीन सांसद अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा था कि सभी 9 सासंद हमारी पार्टी के टिकट पर जीतकर आए हैं. उद्धव ठाकरे ने उन्हें जिताने के लिए दिन-रात एक कर दिया. हमने उन्हें जितना हो सका, संसाधन दिए। 

राउत ने कहा कि हमारे सांसद शिवसेना के चुनाव चिह्न मशाल पर चुने गए थे, जिसके नेता उद्धव ठाकरे हैं. वे पीएम मोदी के नाम पर नहीं जीते हैं. ऐसे में अगर अब कोई पाला बदलता है, तो हम किसी को नहीं छोड़ेंगे, अगर जिन्हें जाना है, वो इस्तीफा देकर जा सकते हैं. इससे साफ है कि उद्धव की पार्टी में टूट का खतरा टला नहीं है। 

छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग अध्यक्ष की कार से टकराई बाइक, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

कवर्धा.

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में बुधवार को गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विश्वेसर पटेल के साथ बदसलूकी और हमले की कोशिश का मामला सामने आया है. कार और बाइक के बीच हुई टक्कर को लेकर विवाद शुरू हुआ था.

आरोप है कि दोनों युवकों ने अभद्रता करते हुए पत्थर उठाकर हमला करने का प्रयास किया. घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर की है. जानकारी के अनुसार, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विश्वेसर पटेल जिला मुख्यालय कवर्धा से अपने गांव रोहरा लौट रहे थे. उस समय वह अपनी कार में चालक के साथ सवार थे. इसी दौरान पीछे से आ रही एक बाइक उनकी कार से टकरा गई. टक्कर के बाद जब कार रोकी गई तो बाइक सवार दोनों युवक विवाद करने लगे. आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज की और पत्थर उठाकर हमला करने की कोशिश भी की.

विश्वेसर पटेल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है, लेकिन उन्हें सुरक्षा के लिए कोई गार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. जांच के दौरान दोनों युवक नशे की हालत में पाए गए. पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया और कानूनी कार्रवाई के बाद गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

दोनों आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने मामले में जानकरी दी कि कवर्धा के बाहरी क्षेत्र में घटना हुई है. कार में अचानक ब्रेक लगने से पीछे चल रही बाइक टकरा गई. बाइक सवार दो युवक घटना के दौरान नशे की हालात में थे. इस दौरान दोनों पक्षों में विवाद हुआ. वहीं गाली-गलोच भी हुई है. सूचना पर पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को गिरफ्तार किया है. कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है.

विकसित छत्तीसगढ़ को मिला वैश्विक सहयोग, राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ की उच्चस्तरीय बैठक में बनी रणनीति

राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ के बीच उच्चस्तरीय बैठक 

विकसित छत्तीसगढ़ एवं बस्तर अंजोर को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थन

रायपुर, 
राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा से आज यूनिसेफ इंडिया के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नीति भवन नवा रायपुर में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने किया। इस अवसर पर यूनिसेफ छत्तीसगढ़ फील्ड कार्यालय की प्रमुख श्रीमती सीमा कुमार एवं सामाजिक नीति प्रमुख डॉ. बाल परितोष दाश भी उपस्थित रहे।

          बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त, सामुदायिक जागरूकता एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन और बस्तर अंजोर कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई।

विकसित छत्तीसगढ़ – जहाँ बच्चे हैं विकास की नींव

        बैठक में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना में बच्चे केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य के प्रत्येक बच्चे को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण सुनिश्चित नहीं होता, तब तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य अधूरा है।  राज्य नीति आयोग ने विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क के अंतर्गत 50 से अधिक विभागों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक विकसित किए हैं, जिसमें बाल कल्याण को एक स्वतंत्र एवं समर्पित विषयक्षेत्र के रूप में सम्मिलित किया गया है।

विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई, नीति और जमीन के बीच सेतु

        राज्य नीति आयोग एवं यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से स्थापित विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई (VC-SPS Unit) राज्य में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत पहल है। यह इकाई विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए बजट विश्लेषण और सामाजिक संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के विभागों को निरंतर तकनीकी सहयोग प्रदान करती है। बैठक में इस इकाई के कार्यों की सराहना की गई और इसे और अधिक सशक्त बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।

देश में पहली बार – बाल कल्याण सूचकांक 

           राज्य नीति आयोग देश में पहली बार एक राज्य-विशिष्ट बाल कल्याण मापन पद्धति एवं बाल वंचना सूचकांक विकसित करेगा। यह सूचकांक राज्य के विभागों को बच्चों तक सेवा वितरण की कमियों की पहचान करने और बाल-केंद्रित नीतियों को सुदृढ़ करने में सहायक होगा। साथ ही बच्चों के लिए बजट का एक मानक ढांचा भी तैयार किया जाएगा। यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रस्तावित पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगा।

बस्तर अंजोर – आदिवासी एवं बाल विकास का ऐतिहासिक अवसर

         बैठक में बस्तर अंजोर को आदिवासी समुदायों और बच्चों के कल्याण के लिए एक अभूतपूर्व अवसर के रूप में रेखांकित किया गया। राज्य नीति आयोग द्वारा प्रवर्तित यह अभिनव समन्वय पहल बस्तर संभाग के सातों जिलों को आच्छादित करती है। 3+4 मॉडल पर आधारित यह कार्यक्रम तीन कलेक्टर नेतृत्व वाली जिला पहलों -नियद नेल्ला नार, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर को चार राष्ट्रीय एवं राज्य मिशनों से जोड़ता है। इस कार्यक्रम के 90 प्रतिशत से अधिक हस्तक्षेप क्षेत्र बाल स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक संरक्षण से संबंधित हैं।

        यूनिसेफ ने इस कार्यक्रम को संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में विकास की रोशनी पहुँचाने का एक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण अवसर बताया और बस्तर अंजोर के औपचारिक लोकार्पण में मुख्य अतिथि एवं रणनीतिक भागीदार के रूप में सहभागिता की सहर्ष स्वीकृति दी।

सामुदायिक जागरूकता, विश्वास निर्माण एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन

         बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल नीति एवं बजट से नहीं, बल्कि समुदाय के विश्वास और व्यवहार परिवर्तन से भी निर्धारित होती है। बस्तर जैसे आदिवासी एवं संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक जागरूकता और जन विश्वास का निर्माण विकास की पूर्वशर्त है।

        यूनिसेफ की सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञता को बस्तर अंजोर और विकसित छत्तीसगढ़ के जमीनी क्रियान्वयन से जोड़ने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके अंतर्गत पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्रों में समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान, स्थानीय नेतृत्व का सुदृढ़ीकरण और परिवारों में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।

यूनिसेफ का सहयोग और विस्तार

        यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने कहा कि यूनिसेफ वर्ष 2019 से छत्तीसगढ़ सरकार का विश्वसनीय रणनीतिक भागीदार रहा है और यह साझेदारी आगे और सुदृढ़ होगी। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़, बस्तर अंजोर, बाल कल्याण सूचकांक, सामुदायिक जागरूकता और बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त के क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञता के माध्यम से सहयोग विस्तार का आश्वासन दिया।

       बैठक के अंत में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने यूनिसेफ की पूरी टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छत्तीसगढ़ के बच्चों के उज्जवल भविष्य और विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी कदम है।

रायपुर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, एअर इंडिया की फ्लाइट से टकराया पक्षी; यात्रियों में मची अफरा-तफरी

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त एक बेहद डरा देने वाली खबर सामने आ रही है। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली से आ रही एअर इंडिया की एक पैसेंजर फ्लाइट लैंडिंग के वक्त अचानक ‘बर्ड हिट’ (पक्षी से टकराने) का शिकार हो गई।

विमान के लैंड करते ही जैसे ही यह खबर फैली, एयरपोर्ट अमले में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पायलट की सूझबूझ और किस्मत के सहारे एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और विमान में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

लैंडिंग से ठीक 7 मिनट पहले हुआ ‘बर्ड हिट’, थम गई थीं सांसें
जानकारी के मुताबिक, एअर इंडिया की यह फ्लाइट बुधवार सुबह अपने निर्धारित समय 8:15 बजे रायपुर पहुंचने वाली थी। विमान हवा से जमीन की तरफ बढ़ रहा था और सुबह करीब 8:08 बजे जैसे ही उसने रायपुर एयरपोर्ट के रनवे पर लैंडिंग की, ठीक उसी नाजुक वक्त पर एक पक्षी विमान से आ टकराया। विमानन क्षेत्र में लैंडिंग और टेकऑफ के समय बर्ड हिट को बेहद खतरनाक माना जाता है। बर्ड हिट की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी और एअर इंडिया का प्रबंधन तुरंत एक्शन मोड में आ गया और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को रोककर उसका विस्तृत तकनीकी परीक्षण (इंजीनियरिंग चेक) शुरू कराया गया।

ढाई घंटे तक चला हाई-लेवल निरीक्षण, यात्रियों की अटकी रही जान
शेड्यूल के मुताबिक, इसी विमान को रायपुर से वापस यात्रियों को लेकर सुबह 8:55 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से और पूरी टेक्निकल क्लीयरेंस मिलने तक फ्लाइट को रनवे पर ही रोक दिया गया। एअर इंडिया के इंजीनियरों की टीम ने करीब ढाई घंटे तक विमान के इंजन, विंग्स और अन्य संवेदनशील हिस्सों की बेहद बारीकी से जांच की। ढाई घंटे के कड़े निरीक्षण के बाद जब इंजीनियरों ने विमान को उड़ान के लिए पूरी तरह ‘फिट’ घोषित किया, तब कहीं जाकर प्रबंधन ने राहत की सांस ली। इसके बाद यह फ्लाइट सुबह करीब 11:35 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो सकी। इस पूरी प्रक्रिया के कारण विमान का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ और यात्रियों को कई घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा।

बेहद गंभीर माना जाता है ‘बर्ड हिट’, जांच पूरी होने के बाद मिली हरी झंडी
एयरपोर्ट से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विमानन क्षेत्र (एविएशन सेक्टर) में बर्ड हिट की घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि कई बार पक्षी के इंजन में खिंचे चले जाने से इंजन फेल होने का खतरा रहता है। ऐसे मामलों में जरा सी भी लापरवाही सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकती है। यही वजह है कि एअर इंडिया ने बिना कोई चांस लिए विमान के इंजन और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की गहन जांच की। फिलहाल, गहन पड़ताल और क्लीयरेंस के बाद विमान को सुरक्षित संचालन की अनुमति दे दी गई। इस घटना के बाद रायपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा और बर्ड रिपेलेंट (पक्षियों को भगाने वाली) व्यवस्थाओं को लेकर भी समीक्षा की जा रही है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 5 दिवसीय MP दौरा कल से, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट

भोपाल 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 से 22 जून तक मध्य प्रदेश के पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रहेंगी। दौरे की शुरुआत इंदौर से होगी, जहां से वे सीधे ओंकारेश्वर पहुंचकर ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करेंगी। 19 जून को वे अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके बाद राष्ट्रपति ग्वालियर और श्योपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगी।

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाएं की हैं। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्र को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया है। वहीं 17 से 19 जून तक यातायात डायवर्जन लागू रहेगा।

भारी वाहनों का रूट बदला गया

    इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा।

    इंदौर से खंडवा जाने वाले भारी वाहन तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होते हुए खंडवा जाएंगे।

    सिमरोल से आने वाले वाहन मंडलेश्वर, कसरावद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होकर खंडवा पहुंचेंगे।

    बड़वाह से आने वाले वाहन मंडलेश्वर, कसरावद, खरगोन और भीकनगांव के रास्ते खंडवा जाएंगे।

    खंडवा से इंदौर जाने वाले भारी वाहन भीकनगांव, खरगोन और कसरावद होकर जाएंगे।

    मंडलेश्वर से आने वाले वाहन कसरावद और खलघाट के रास्ते इंदौर पहुंच सकेंगे।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
18 और 19 जून को ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को निर्धारित पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।

    इंदौर की ओर से आने वाले छोटे और मध्यम वाहन बड़वाह, मोरटक्का, सनावद और इनपुन होते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड और ताम्रकर पार्किंग तक जाएंगे।

    खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले वाहन भी सनावद और इनपुन के रास्ते इन्हीं पार्किंग स्थलों तक पहुंचेंगे

    पार्किंग से श्रद्धालुओं को पैदल दर्शन और स्नान के लिए जाना होगा।

बसों के लिए व्यवस्था
    इंदौर और खंडवा से आने वाली श्रद्धालुओं की बसें मोरटक्का में पार्क की जाएंगी।

    वहां से प्रशासन द्वारा लोक परिवहन के जरिए श्रद्धालुओं को ओंकारेश्वर पहुंचाया जाएगा।

    नियमित रूट की बसों को सनावद और इनपुन होते हुए पी-01 पार्किंग तक भेजा जाएगा। इसके आगे पैदल जाना होगा।

    कुछ समय के लिए रास्ते बंद रह सकते हैं।

कुछ मार्ग नो व्हीकल जोन रहेंगे

राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ मार्गों को अस्थायी रूप से नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। राष्ट्रपति के गंतव्य तक पहुंचने के बाद यातायात सामान्य कर दिया जाएगा।

प्रशासन की अपील
पुलिस और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं आम लोगों से ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने तथा यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की अपील की है।

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम

जिला मुख्यालयों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसदगण एवं विधायकगण होंगे मुख्य अतिथि

सरगुजा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होंगे आयोजन 

रायपुर, 
21 जून 2026 को इस बार “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर  जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां पूरी कर ली गई है।  जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है। 

राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। 

        जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री ओ.पी. चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री गजेन्द्र यादव 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

          विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों  में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद भोजराज नाग 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। बीजापुर जिले में विधायक सुलता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक चैतराम अटामी को 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि बनाए गए हैं। सभी जिलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सामूहिक योग कार्यक्रमों की तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 125 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले

बलरामपुर.

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने स्थानांतरण आदेश जारी करते हुए कुल 125 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है।

जारी आदेश के अनुसार, 10 सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) का स्थानांतरण किया गया है। इसके अलावा 15 प्रधान आरक्षकों को भी नई पदस्थापना दी गई है। वहीं 85 आरक्षकों और 15 महिला आरक्षकों का भी विभिन्न थाना व चौकियों में तबादला किया गया है। यह तबादला बलरामपुर, रामानुजगंज, राजपुर, शंकरगढ़, चलगली, कुसमी, सनावल सहित जिले के कई थाना क्षेत्रों में किया गया है। जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक दृष्टिकोण और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यस्थल परिवर्तन के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है।

IMD Alert: 80KM/H की रफ्तार से आएगा अंधड़, अगले 24 घंटे 21 राज्यों में भारी मौसम का खतरा

नईदिल्ली 
कई राज्यों में मानसून ने दस्तक दे दी है और कई राज्यों में मानसून जल्द पहुंचने वाला है. मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे को बेहद अहम बताया है. कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का मानना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और उत्तर भारत में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का एक साथ का असर देश के बड़े हिस्से में दिखाई देगा. ऐसे में कई जगहों पर खतरनाक अंधड़, पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाला मौसम बन रहा है. खासकर किसानों, यात्रियों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। 

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. वहीं दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पहले से सक्रिय है और लगातार बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 72 घंटे के दौरान कई राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. राहत की बात यह है कि बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से कुछ राहत मिलेगी. लेकिन तेज हवाएं और तूफानी मौसम जनजीवन को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए IMD ने लोगों से मौसम अपडेट पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। 

    दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय दक्षिण भारत में मजबूत स्थिति में बना हुआ है. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है. दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. उत्तर भारत में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज आंधी और बारिश की संभावना बढ़ गई है। 

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की रफ्तार और तेज हो सकती है. महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बादल जमकर बरस सकते हैं. ऐसे में देश के बड़े हिस्से में मौसम का असर एक साथ दिखाई देगा। 

दिल्ली-NCR में आंधी और बारिश का डबल अटैक
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से बादलों की आवाजाही बनी हुई है. मौसम विभाग के अनुसार 17 जून को राजधानी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं. नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है लेकिन बारिश के बाद गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। 

यूपी में 80KM की रफ्तार से चलेगा अंधड़
उत्तर प्रदेश में मौसम का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी और मध्य हिस्सों में देखने को मिल सकता है. मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, कानपुर, झांसी, वाराणसी और प्रयागराज समेत कई जिलों में बारिश और तेज आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. किसानों को फसल और पशुधन की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। 

बिहार में बारिश और बिजली गिरने का खतरा
बिहार में 17 से 19 जून के बीच मौसम बेहद सक्रिय रहेगा. पटना, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है. तेज हवाओं की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। 

झारखंड में गरजेंगे बादल, बरसेंगे पानी
रांची, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर, दुमका और बोकारो समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है. तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। 

राजस्थान में धूलभरी आंधी के साथ बारिश
राजस्थान के जयपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर, अजमेर और अलवर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. मरुस्थलीय इलाकों में धूलभरी आंधी भी देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग ने वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। 

मध्य प्रदेश में बदलने वाला है मौसम का मिजाज
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सतना और कटनी समेत कई जिलों में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है. मानसून की आगे बढ़ती गतिविधियों के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे. कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 

पंजाब-हरियाणा में तूफानी हवाओं का खतरा
    पंजाब के जालंधर, अमृतसर, पटियाला, बठिंडा और गुरदासपुर में भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना है. मौसम विभाग ने 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। 

    हरियाणा के अंबाला, करनाल, हिसार, रोहतक और पंचकूला समेत कई जिलों में भी मौसम खराब रह सकता है. गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 

पहाड़ों पर बारिश और भूस्खलन का खतरा
    उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है। 

    हिमाचल प्रदेश में शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और किन्नौर में मध्यम बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है. 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी संभव है।     जम्मू-कश्मीर के जम्मू, अनंतनाग, पुलवामा, बारामूला और उधमपुर समेत कई जिलों में बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम अस्थिर बना रहेगा. पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। 

पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून का जोरदार असर
असम, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना है. कई जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी अलर्ट जारी किया गया है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। 

दक्षिण भारत में मानसून की मजबूत दस्तक
तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम समेत कई शहरों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी। 

किन राज्यों में सबसे ज्यादा आंधी और बारिश का खतरा है?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, झारखंड, असम और पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. इन राज्यों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश होने की संभावना है। 

क्या दिल्ली-NCR में अगले 24 घंटे खतरनाक रहेंगे?
दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक हो सकती है. इससे पेड़ गिरने और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है। 

क्या मानसून अब तेजी से आगे बढ़ेगा?
IMD के अनुसार परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हैं. अगले कुछ दिनों में यह मध्य और उत्तर भारत के और हिस्सों में सक्रिय हो सकता है, जिससे बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। 

किसानों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
किसानों को कटाई और भंडारण किए गए अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए. पशुओं को खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित शेड में रखना जरूरी है. बिजली कड़कने के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए। 

क्या बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी?
हां, अधिकांश राज्यों में बारिश के कारण तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना है। 

 

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