पीडिया में 21 साल बाद गूंजी स्कूल की घंटी, 539 बच्चों के जीवन में लौटी शिक्षा की नई उम्मीद

रायपुर

 मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में विकास और सुशासन का नया दौर शुरू हुआ है। इसका प्रेरक उदाहरण बीजापुर जिले का पीडिया क्षेत्र है, जहां 21 वर्षों बाद बंद पड़े 11 स्कूलों का दोबारा संचालन शुरू हुआ है। अब 11 गांवों के 539 बच्चों को अपने ही गांव में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। यह बदलाव केवल स्कूल खुलने तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र में विश्वास, विकास और नई उम्मीद की वापसी का प्रतीक है।
प्रवेशोत्सव में बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागत

पीडिया में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शिक्षादूतों को रजिस्टर और शिक्षण सामग्री प्रदान की गई। वहीं बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, पेन और स्लेट वितरित कर उनका विद्यालय में प्रवेश कराया गया।
बच्चों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर और शुभकामनाओं के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

11 गांवों में फिर शुरू हुई पढ़ाई

माओवादी हिंसा के कारण वर्षों पहले बंद हुए पीडिया, पेदापाल, छोटेगोटोडी, कुएम, मदपाल, अंडरी, इडेनार, डोंडीतुमनार, मिरगानघोटूल, गमपुर और तमोड़ी गांवों के स्कूल अब फिर से संचालित होने लगे हैं। इससे बच्चों को अब पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा।
इस वर्ष 37 स्कूलों का हुआ पुनः संचालन
जिला शिक्षा अधिकारीराजेश पांडे ने बताया कि जिला प्रशासन के विशेष अभियान के तहत इस वर्ष अब तक 20 प्राथमिक और 17 उच्च प्राथमिक विद्यालय, कुल 37 बंद स्कूलों को फिर से शुरू किया जा चुका है। इन स्कूलों में भवन, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना है लक्ष्य

कलेक्टरविश्वदीप ने कहा कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में अब शांति और सामान्य स्थिति स्थापित हुई है, वहां बंद स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

बदलते बस्तर की नई पहचान

पीडिया में 21 वर्षों बाद स्कूलों का फिर से खुलना बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है। जिन गांवों में कभी भय का माहौल था, वहां आज बच्चों की मुस्कान, पाठशालाओं की चहल-पहल और शिक्षा का उजाला दिखाई दे रहा है। यह सफलता बताती है कि सरकार के सतत प्रयासों से अब बस्तर शिक्षा, विकास और उज्ज्वल भविष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

PM मोदी और शहबाज शरीफ को लिखी 100 हस्तियों की चिट्ठी पर BJP का हमला, जानें किन नेताओं के नाम शामिल

 नई दिल्ली

भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से शांति और कूटनीतिक संबंध बहाल करने की मांग को लेकर एक नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती और आरजेडी सांसद मनोज झा समेत 100 से अधिक भारतीय और पाकिस्तानी नेताओं व सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को एक खुला पत्र लिखा है।

हालांकि, इस चिट्ठी के सामने आते ही सत्तारूढ़ बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इन नेताओं को ‘आतंकी समर्थक’ करार दिया है। इस अपील का समन्वय नई दिल्ली स्थित थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस’ के प्रमुख ओ.पी. शाह ने किया है। चिट्ठी में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों से दक्षिण एशिया में शांति, बातचीत और सहयोग की बहाली के लिए सार्थक कदम उठाने का आग्रह किया गया है।

चिट्ठी में की गई हैं ये मुख्य मांगें

  • पत्र में दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने के लिए कई अहम कदम उठाने की वकालत की गई है।
  •     पूर्ण कूटनीतिक संबंधों को फिर से बहाल करना और नई दिल्ली व इस्लामाबाद में उच्चायुक्तों की दोबारा नियुक्ति करना।
  •     सामान्य वीजा सेवाओं को फिर से शुरू करना और जम्मू-कश्मीर समेत सभी लंबित मुद्दों पर व्यापक द्विपक्षीय बातचीत शुरू करना।
  •     2004-2007 के कश्मीर फ्रेमवर्क पर पुनर्विचार करते हुए दोनों देशों की सुरक्षा चिंताओं को दूर करते हुए सैन्य वापसी।
  •     साथ ही व्यापार और यात्रा के लिए अटारी-वाघा बॉर्डर को फिर से खोलना।
  •     श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बस सेवा, लाहौर-दिल्ली बस सेवा, समझौता एक्सप्रेस और थार एक्सप्रेस को फिर से शुरू करना।
  •     कारगिल-स्कर्दू मार्ग पर यात्रा की अनुमति देना।
  •     कमर्शियल उड़ानों के लिए दोनों देशों का हवाई क्षेत्र फिर से खोलना और मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस देना।
  •     करतारपुर साहिब कॉरिडोर और नीलम घाटी (पाकिस्तान) स्थित शारदा पीठ को फिर से खोलना। मीडिया और पत्रकारों पर लगे प्रतिबंधों में ढील देना।

किन प्रमुख चेहरों ने किए हस्ताक्षर?
भारत से फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, मनोज झा, अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक, पूर्व रॉ चीफ ए.एस. दुलत, मणिशंकर अय्यर, हुमायूं कबीर, जवाहर सरकार, मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, प्रो. सैफुद्दीन सोज और प्रो. अपूर्वानंद आदि ने इस पर साइन किए हैं।

पाकिस्तान से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी, पूर्व राजदूत अशरफ जहांगीर काजी, शिक्षाविद परवेज हुदभॉय, पूर्व सीनेटर फरहतुल्लाह बाबर, बीना सरवर, सलीमा हाशमी और ए.एच. नय्यर आदि ने साइन किए हैं।

‘ पहले आतंकियों का समर्थन बंद करे पाकिस्तान’
प्रेम शुक्ला ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारियों के ‘पाकिस्तान से संवाद’ वाले बयान पर साफ कहा, ‘पाकिस्तान आतंकवादियों का समर्थन करना बंद कर दे तो बातचीत शुरू हो जाएगी.’ हाल ही में RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने कहा था कि भारत को ‘पाकिस्तान के साथ संवाद के दरवाज़े पूरी तरह बंद नहीं करने चाहिएं.’ हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि आतंकवाद के प्रति कड़े रुख में कोई नरमी नहीं बरतनी चाहिए। 

भारत-पाक के 117 प्रमुख लोगों ने लिखा ओपन लेटर
भारत-पाक के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करने और लोगों के आपसी संपर्क फिर शुरू करने की मांग को लेकर भारत और पाकिस्तान के 117 प्रमुख लोगों ने संयुक्त शांति प्रस्ताव के तहत पत्र पर साइन किया है. इसमें भारत की ओर से फारूक अब्दुल्ला, मीरवाइज उमर फारूक, महबूबा मुफ्ती, मनोज झा और हुमायूं कबीर समेत 61 हस्ताक्षरकर्ता शामिल हैं. डिजिटल फॉर्मेट पर नेताओं ने हस्ताक्षर किया है। 

सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस की ओर से पीएम मोदी और शहबाज शरीफ को लिखे गए ओपन लेटर में भारत-पाक के बीच बातचीत, पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करने और लोगों के आपसी संपर्क फिर शुरू करने की मांग की है. साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक आवाजाही को बढ़ावा देने की भी अपील की गई है। 

ये रहे 61 भारतीय जिन्होंने लेटर पर साइन किए हैं- 

क्रमांक साइन करने वाले भारतीयों के नाम
1. डॉ. फारूक अब्दुल्ला
2. मीरवाइज उमर फारूक
3. महबूबा मुफ्ती
4. मणिशंकर अय्यर
5. प्रो. मनोज झा
6. ए.एस. दुलत
7. जवाहर सरकार
8. मोहम्मद यूसुफ तारिगामी
9. आगा सैयद हसन मोसावी
10. शाहिद सिद्दीकी
11. रीता मनचंदा
12. संदीप पांडे
13. प्रो. सैफुद्दीन सोज़
14. आगा सैयद मुंतज़िर मेहदी
15. इमरान अहमद हसन
16. डॉ. जॉन दयाल
17. ललिता रामदास
18. हुमायूं कबीर
19. जयंत घोषाल
20. प्रो. अपूर्वानंद
21. मुजफ्फर शाह
22. दया सिंह
23. एम.एम. अंसारी
24. डॉ. फुआद अली हलीम
25. जफर मिन्हास
26. बिलाल गनी लोन
27. अरविंद सहारन
28. आई.डी. खजूरिया
29. बी.एल. सराफ
30. फादर सुनील रोसारियो
31. सैयद इरफान शेर
32. डॉ. मुस्लिम जान
33. गोपा मुखर्जी
34. डॉ. रमेश रैना
35. कुमार प्रशांत
36. एन.डी. पंचोली
37. प्रह्लाद गोयनका
38. सुभाष कालरा
39. रीता चक्रवर्ती
40. रूबी अरुण
41. के.एस. सुब्रमण्यम
42. सज्जाद अजहर
43. बलकार सिंह
44. सैयद सलीम गिलानी
45. बिमल शर्मा
46. मालती सुब्रमण्यम
47. अनिल हेब्बार
48. अमिताव दत्ता
49. डॉ. सुनीलम
50. सलीम इंजीनियर
51. सुजादा बशीर
52. बिन्नी यादव
53. रुमान मेक्की
54. तौसीफ अहमद खान
55. संतोष खजूरिया
56. एडवोकेट यासमीन
57. राकेश यादव
58. कुणाल बनर्जी
59. रोहिणी सिंह
60. सुनील वट्टल
61. ओ.पी. शाह

मीरवाइज ने किया बचाव- जब अमेरिका-ईरान बात कर सकते हैं, तो हम क्यों नहीं?

अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक ने इस अपील का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि अगर संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान बातचीत की मेज पर लौट सकते हैं, तो भारत और पाकिस्तान को भी संवाद करना चाहिए। उनका तर्क है कि युद्ध से विवाद हल नहीं होते, केवल बातचीत ही कश्मीर समेत अन्य लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों का समाधान कर सकती है।

 बीजेपी का करारा प्रहार- ‘शहीदों का अपमान कर रहे हैं ये नेता’

इस कदम के बाद बीजेपी ने हस्ताक्षरकर्ताओं पर करारा हमला बोला है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इन नेताओं को ‘आतंक का समर्थक’ बताते हुए इनकी टाइमिंग पर सवाल उठाए। पूनावाला ने कहा कि यह अपील ऐसे समय में आई है जब ‘पहलगाम आतंकी हमले’ के बाद भारत आतंकवाद के खिलाफ बेहद सख्त नीति अपना रहा है।

उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने साफ कर दिया है कि वह आतंकियों और उन्हें पनाह देने वालों के बीच कोई फर्क नहीं करेगा। पूनावाला ने सिंधु जल समझौते को स्थगित रखने के भारत के फैसले को याद दिलाते हुए कहा कि ‘नया भारत’ आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेना और आतंक के पीड़ितों के साथ खड़े होने के बजाय, ये नेता बार-बार पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत कर रहे हैं। बीजेपी प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा, “ये वही लोग हैं जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाए थे। इनका यह नया कदम देश के शहीदों और सशस्त्र बलों का सीधा अपमान है।”

 

TMC के तीनों गुटों पर शुभेंदु अधिकारी का सियासी वार, एक ही दिन में मिले तीन बड़े झटके

कलकत्ता

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य की कमान अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के हाथों में है, सरकार बदलने के बाद तृणमूल कांग्रेस इतिहास के अपने सबसे बड़े संगठनात्मक और राजनीतिक संकट से गुजर रही है. महज दो महीनों के भीतर 28 साल पुरानी टीएमसी न सिर्फ सत्ता से बाहर हुई, बल्कि तीन अलग-अलग धड़ों में बंट गई है. अब तीनों ही गुट शुभेंदु सरकार के निशाने पर है। 

टीएमसी में टूट का आगाज चुनाव से पहले ही हो गया था. हुमांयू कबीर टीएमसी से अलग होकर अपनी पार्टी बना लगी थी और दो सीटों से चुनाव जीतने में सफल रहे थे. चुनाव नतीजे के बाद ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के 80 में से 60 विधायकों और काकोली घोष की अगुवाई में 20 लोकसभा सांसद ने ममता बनर्जी से अलग राह चुन ली. एक धड़ा ममता बनर्जी के वफादार का भी है। 

बंगाल की सत्ता पर काबिज बीजेपी और उसकी अगुवाई कर रहे सीएम शुभेंदु अधिकारी की सरकार के निशाने पर इन दिनों टीएमसी के तीनों धड़े हैं. ममता बनर्जी का वफादार खेमा हो या फिर बागी गुट. इसके अलावा हुमायूं कबीर पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। 
 
ममता बनर्जी गुट पर सरकार की टेंढी नजर
विधानसभा चुनाव की शिकस्त और पार्टी में हुई ऐतिहासिक टूट (80 में से करीब 60 विधायकों का साथ छोड़ना) के बाद ममता बनर्जी अपने बचे-खुचे वफादार नेताओं के साथ सड़क पर संघर्ष कर रही हैं. हालांकि, शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा के पटल से साफ एलान कर दिया है कि तृणमूल कांग्रेस अब एक बंद अध्याय है और ममता कभी सत्ता में नहीं लौटेंगी। 

शुभेंदु सरकार अब पूरी तरह ममता बनर्जी गुट को सियासी रूप से पूरी तरह पंगु बनाने के लिए 2011 से 2026 के शासनकाल के दौरान हुए ‘संस्थागत भ्रष्टाचार’, भाई-भतीजावाद और राशन-भर्ती घोटालों की जांच को तेज कर रही है, शाहजहां शेख, शौकत मोल्ला और जहांगीर खान जैसे ममता के करीबी और बाहुबली नेताओं पर कानूनी शिकंजा कसना सीधे तौर पर ममता गुट की रीढ़ तोड़ने की रणनीति का हिस्सा है। 

कोलकाता की राजनीति में21 जुलाई का ‘शहीद दिवस’ की अपनी सियासी अहमियत है. टीएमसी के लिए यह केवल एक तारीख नहीं, बल्कि पार्टी की आत्मा है. ममता बनर्जी का आधिकारिक खेमा इस दिन रैली करने की तैयारी की है, लेकिनप्रशासन ने पूरे इलाके में धारा 163 लागू कर कार्यक्रम के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है. इसके चलते ममता खेमे के शक्ति प्रदर्शन की तैयारी पर पुलिस की सख्ती ने पानी फेर दिया। 

ऋतब्रत बनर्जी की खिलाफ सरकार गुई सख्त
मई 2026 में दिल्ली के बंगा भवन में सीएम शुभेंदु अधिकारी से एक ‘आकस्मिक मुलाकात’ के बाद टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी  ने पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया था. अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव से नाराज ऋतब्रत बनर्जी ने 60 विधायकों को अपने साथ मिला लिया और विधानसभा में खुद को ‘असली टीएमसी’ बताते हुए विपक्ष के नेता बन गए। 

हालांकि, शुरुआत में ऋतब्रत बनर्जी की बगावत से शुभेंदु को फायदा हुआ, लेकिन अब ऋतब्रत गुट सरकार के निशाने पर है. हाल ही में जब शुभेंदु सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता(UCC) विधेयक की समीक्षा के लिए कमेटी गठित करने का प्रस्ताव रखा, तो ऋतब्रत बनर्जी  के नेतृत्व वाले इस बागी गुट ने इसका कड़ा विरोध किया और सदन से वॉकआउट कर दिया। 

सीएम शुभेंदु ने साफ कर दिया है कि सरकार के एजेंडे में बाधा डालने वाले किसी भी गुट को बख्शा नहीं जाएगा. ममता बनर्जी की तरह ऋतब्रत बनर्जी के अगुवाई वाले बागी गुट ने शहीद दिवस पर रैली करने की योजना बनाई थी. इसे बागी गुट एक नई शुरुआत के तौर पर पेश करना चाहता है, लेकिन शुभेंदु सरकार ने शहीद दिवस पर होने वाले कार्यक्रम के लिए इजाजत नहीं दिया. इस तरह ऋतब्रत बनर्जी के गुट के सियासी अरमानों पर पानी फिर गया है। 

हुमायूं कबीर के खिलाफ कसता कानूनी शिकंजा
टीएमसी से निलंबित होने के बाद ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) बनाने वाले नौदा के विधायक हुमायूं कबीर इस समय शुभेंदु सरकार के सबसे तीखे निशाने पर हैं. मुर्शिदाबाद में एक जनसभा के दौरान हुमायूं कबीर ने भाजपा नेतृत्व को धमकी देते हुए कहा था कि जिस दिन मैंने हजारों मुस्लिमों को एकजुट कर सड़कों पर उतार दिया, उस दिन इतना कड़ा प्रहार करूंगा कि भाजपा का झंडा उठाने वाला कोई नहीं बचेगा। 

हुमांयू कबीर के भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब बहुत हुआ, ऐसे तत्वों को स्थायी सबक सिखाने का समय आ गया है. शुभेंदु सरकार ने कबीर के खिलाफ रेजिनगर और शक्तिपुर थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज कराए हैं. शुभेंदु ने चेतावनी देते हुए कि यह हुमायूं कबीर का आखिरी ऐसा बयान होगा और राज्य में कानून का राज स्थापित करने के लिए गुंडागर्दी को पूरी तरह कुचल दिया जाएगा। 
 
बंगाल में हुमायूं कबीर जैसे नेताओं पर भड़काऊ बयानों के लिए कानूनी चाबुक चलाकर,शुभेंदु सरकार ने यह साफ संदेश दे दिया है कि टीएमसी का कोई भी धड़ा यदि उनके एजेंडे के आड़े आया, तो सियासी अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। 

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच, वार्षिक आयोजनों के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच, वार्षिक आयोजनों के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित

15 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन, शास्त्रीय संगीत, लोककला, नाट्य एवं वाद्ययंत्र प्रस्तुतियों के लिए होगा चयन

रायपुर
 छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को नई पहचान देने और लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को व्यापक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2026-27 के वार्षिक सांस्कृतिक आयोजनों के लिए कलाकारों एवं    सांस्कृतिक दलों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। विभाग द्वारा आयोजित इन प्रतिष्ठित आयोजनों के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभाशाली कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा, वहीं विलुप्त होती लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन को भी नई गति मिलेगी।

संस्कृति विभाग प्रतिवर्ष प्रदेशभर में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन करता है, जिनमें शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, लोकसंगीत, लोकनृत्य, नाट्य प्रस्तुतियां तथा पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां शामिल रहती हैं। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए पावस प्रसंग (शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य), रंगतरंग वाद्ययंत्र संगम, रंगपरब नाट्य श्रृंखला तथा लोकरंग पर्व के लिए कलाकारों का चयन किया जाएगा।

विशेष रूप से लोकरंग पर्व के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं एवं लोकविधाओं से जुड़े कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू, लोरिकचंदा, नाचा, गम्मत, सुआ, करमा, पंथी, बांसगीत, देवारगीत, ददरिया, जसगीत, संस्कार गायन सहित अन्य पारंपरिक लोकविधाओं में दक्ष कलाकार आवेदन कर सकते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश की  लोक-सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराना है।

आवेदन करने वाले कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों का चिन्हारी पंजीकरण होना आवश्यक है तथा समूह प्रस्तुति के इच्छुक कलाकार निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, द्वितीय तल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व्यवसायिक परिसर, सेक्टर-27, नवा रायपुर स्थित कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। निर्धारित ई-मेल Sanskriti.rajbhasha@gmail.com के माध्यम से भी आवेदन भेजने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

संस्कृति विभाग ने आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की है। विभाग ने प्रदेश के पात्र कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत कर इन महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता सुनिश्चित करने तथा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की अपील की है।

सुकमा में विकसित भारत जी-राम-जी (VBGRAM-G) अभियान की शुरुआत

रायपुर

मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सुकमा जिले में विकसित भारत जी-राम-जी (VBGRAM-G) अभियान का शुभारंभ किया गया। शबरी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में जिले के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कलेक्टरअमित कुमार तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारीमुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य “विकसित गांव से विकसित भारत” के संकल्प को साकार करना और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति देना है।
125 दिनों तक मिलेगा रोजगार

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को योजना की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि योजना के तहत पात्र परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही बेरोजगारी भत्ता का भी प्रावधान किया गया है।
ग्रामीण श्रमिकों को अधिक लाभ पहुंचाने के लिए दैनिक मजदूरी 262 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी।

ग्रामीण विकास के प्रमुख कार्यों पर रहेगा फोकस

योजना के अंतर्गत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना का विकास, आजीविका के नए अवसर, बाढ़ प्रबंधन तथा अन्य जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
ग्राम पंचायतों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम में अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं के प्रभावी संचालन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से गांवों का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि 2 जुलाई 2026 को विकसित भारत जी-राम-जी (VBGRAM-G) योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अवसर पर सुकमा जिले में भी जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा। यह अभियान ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न

रायपुर

 मुख्य सचिवविकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ सचिवों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।  बैठक में ’ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (डीरिग्युलेशन एंड फैसिलिटेशन) बिल, 2026’ के प्रारूप तथा निवेश संवर्धन, डिजिटल सुविधा और व्यवस्थित नियामकीय सुधारों के लिए तैयार किए गए परिचालन ढांचे पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने, निवेश को प्रोत्साहित करने तथा नागरिकों को शासकीय सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने के उपायों की समीक्षा की गई। परिचालन ढांचे के अंतर्गत ’इन्वेस्ट छत्तीसगढ़’ के माध्यम से  प्रशासनिक व्यवस्था , पांच प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित कार्यप्रणाली, 180 शासकीय सेवाओं का सरलीकरण तथा नौ विभागों को इस व्यवस्था से जोड़ने संबंधी प्रावधानों पर विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रक्रियाओं के सरलीकरण, डिजिटल सेवाओं के विस्तार तथा निवेशकों के लिए सुगम, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था से राज्य में निवेश को गति मिलेगी, उद्योगों के लिए कारोबार करना और अधिक सहज होगा तथा नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिवअविनाश चम्पावत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिवरजत कुमार, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिवअंकित आनंद, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिवमुकेश कुमार बंसल, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

वीबी जीरामजी प्रदेश में लागू, पहले ही दिन श्रमिकों को मिली सौगात

रायपुर

वीबी जी राम जी के लागू होने के पहले दिन ही श्रमिकों को बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। जहां भारत सरकार द्वारा विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों के लिए नई मजदूरी दरें अधिसूचित की गई हैं। नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं।
        
नई व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी दर को 261 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके तहत मजदूरी दर में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अभूतपूर्व है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा तथा ग्रामीण आजीविका को और मजबूती मिलेगी। 
       
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के लिए संशोधित मजदूरी दर निर्धारित की गई है। अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ के लिए अकुशल हस्त कार्य हेतु मजदूरी दर 300 रुपए प्रतिदिन निर्धारित की गई है। राज्य सरकार द्वारा वीबी जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई है ।
       
आज से वीबी जीरामजी पूरे देश के साथ राज्य में भी लागू हो गयी है। जिसका पूरे राज्य में श्रमिकों द्वारा उत्साह के साथ स्वागत किया जा रहा है। कार्य स्थलों पर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य के हर ग्राम में वीबी जी राम जी के आगमन को एक उत्सव की तरह मनाते सभी को योजना की जानकारी दी जा रही है।

2 जुलाई को ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से प्रदेश में शुभारंभ

2 जुलाई 2026 को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा, वहीं प्रदेश में यह कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा कार्यक्रम में शामिल होंगे। 

अब 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी
          
इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी, 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल जॉब कार्ड एवं तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली, समयबद्ध एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था प्राप्त होगी। वीबी जीरामजी में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण के साथ ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास एवं आजीविका पर जोर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।

भानपुरी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बस्तर जिले के भानपुरी में शाला प्रवेश उत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर क्षेत्र के सांसद  महेश कश्यप भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में दोनों अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। बच्चों को स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई।

शिक्षा से ही बनेगा उज्ज्वल भविष्य

वनमंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि शिक्षा एक मजबूत और विकसित समाज की सबसे बड़ी आधारशिला है। राज्य सरकार का उद्देश्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने सभी बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, ताकि वे शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार कर सकें।

सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीक का लाभ उठाकर वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।

बनियागांव में नए स्कूल भवन का लोकार्पण

शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर ग्राम बनियागांव में 1 करोड़ 12 लाख 80 हजार रुपये की लागत से निर्मित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण किया गया। नए भवन से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर और सुविधायुक्त वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।

स्मार्ट टीवी और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

कार्यक्रम में विद्यालयों को डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट टीवी प्रदान किए गए। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा सभी बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।

बच्चों के साथ किया सहभोज

कार्यक्रम के अंत में वन मंत्री  केदार कश्यप और सांसद  महेश कश्यप ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। शाला प्रवेश उत्सव ने क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता और उत्साह का नया संदेश दिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, 300 बिस्तर विस्तार और नई सुविधाओं को सुनिश्चित करने दिए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, 300 बिस्तर विस्तार और नई सुविधाओं को सुनिश्चित करने दिए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, 300 बिस्तर विस्तार और नई सुविधाओं को सुनिश्चित करने दिए निर्देश

रायपुर

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को बस्तर अंचल के महारानी अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को अस्पताल की गौरवशाली पहचान के अनुरूप मानवीय संवेदनाओं के साथ मरीजों को बेहतर उपचार एवं सेवा प्रदान करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल को आम लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक सुविधाजनक और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अस्पताल की वर्तमान 200 बिस्तर क्षमता को बढ़ाकर 300 शैयायुक्त करने के निर्देश देते हुए नए सेटअप तथा अस्पताल भवन उन्नयन का प्रस्ताव विभाग को भेजने कहा।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में डायलिसिस सेंटर एवं कैंसर यूनिट के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर की अंदरूनी सड़कों की मरम्मत भी शीघ्र करवाने कहा। उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, ओपीडी, ईसीजी यूनिट तथा ब्लड बैंक का निरीक्षण किया और उपचार के लिए आए मरीजों तथा उनके परिजनों से आत्मीयता से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मंत्री ने अटल आरोग्य लैब का भी निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध जांच सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक उपकरणों की शीघ्र स्थापना कर सभी 134 प्रकार की जांच सुविधाएं जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर महारानी अस्पताल में केक काटकर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से समर्पण और सेवा भाव के साथ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने का आह्वान किया।

रायपुर : मुख्यमंत्री के संकल्प से कुनकुरी में आकार ले रहा आधुनिक नालंदा परिसर

रायपुर : मुख्यमंत्री के संकल्प से कुनकुरी में आकार ले रहा आधुनिक नालंदा परिसर

250 सीटर अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र से युवाओं को मिलेगी महानगरों जैसी सुविधा

24 घंटे खुली रहने वाली लाइब्रेरी में डिजिटल संसाधन, ऑक्सी रीडिंग जोन और प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष व्यवस्था

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित सलियाटोली में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से 250 सीटर सर्वसुविधायुक्त नालंदा परिसर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यह परिसर क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री साय ने 21 जून 2025 को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था।
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। जशपुर जिले में जिला मुख्यालय जशपुर और कुनकुरी के सलियाटोली में ऐसे आधुनिक परिसर बनाए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को विशाल पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन और तकनीकी सुविधाओं से युक्त अध्ययन वातावरण मिलेगा। यह परिसर विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन खुला रहेगा।

’आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा परिसर’

    नालंदा परिसर में इंडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। विद्यार्थी प्राकृतिक वातावरण के बीच विकसित ऑक्सी रीडिंग जोन में भी अध्ययन कर सकेंगे। परिसर को पर्यावरण अनुकूल अवधारणा के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, ऊर्जा दक्ष भवन डिजाइन तथा 50 से अधिक देशी पौधों का रोपण किया जाएगा।

’ज्ञान के साथ स्वास्थ्य और नवाचार पर भी रहेगा फोकस’

    परिसर में विद्यार्थियों की समग्र आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप इसे स्वायत्त एवं स्ववित्तपोषित संचालन मॉडल पर विकसित किया जा रहा है।

’डिजिटल लाइब्रेरी और अत्याधुनिक प्रबंधन प्रणाली’

    नालंदा परिसर की लाइब्रेरी में 50 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध होंगी। इसके साथ डिजिटल लाइब्रेरी, हाई-स्पीड वाई-फाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष पुस्तकें तथा ई-लर्निंग संसाधनों की सुविधा भी रहेगी। परिसर में आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान, आरएफआईडी से पुस्तकों की ट्रैकिंग तथा आधुनिक सॉफ्टवेयर आधारित पुस्तक प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी।
    यह नालंदा परिसर जशपुर जिले के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही महानगरों के समान आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की बेहतर तैयारी का सशक्त केंद्र बनेगा।

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