मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा का अनुपम संगम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “राम वाटिका” में किया रुद्राक्ष का पौधारोपण

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  आज अपने सरगुजा प्रवास के दौरान विकासखंड उदयपुर स्थित रामगढ़ के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस “राम वाटिका” में स्थापित भगवान  राम की प्रतिमा को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की, इसके साथ ही उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम 3.0” अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा तथा आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि माँ के नाम पर लगाया गया एक पौधा न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य की सुदृढ़ आधारशिला भी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएँ तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लें, ताकि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करते हुए प्रकृति के संतुलन को बनाए रखा जा सके।

भगवान  राम की प्रतिमा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु  राम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग एवं कर्तव्यपरायणता का अनुपम आदर्श है, जो युगों-युगों से समस्त मानवता का मार्गदर्शन करता आ रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से प्रभु  राम द्वारा प्रशस्त आदर्श पथ पर चलते हुए सेवा, सद्भाव एवं समर्पण के भाव से समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में सहभागी बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक  रामकुमार टोप्पो सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

धमतरी में 50 से ज्यादा अवैध घरों को नोटिस, भड़के ग्रामीणों ने राजस्व टीम को घेरा

धमतरी.

रायपुर के नकटी गांव के बाद धमतरी के कोलियारी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। 50 से अधिक मकानों को खाली करने के लिए राजस्व विभाग द्वारा अल्टीमेटम दिए जाने के बाद ग्रामीणों और राजस्व टीम के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई। मौके पर कुछ समय के लिए स्थिति गर्मा गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि एक निजी संस्थान को जमीन उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग दबाव बनाकर लोगों को उनके घरों से हटाने की कोशिश कर रहा है। धमतरी में भी रायपुर के नकटी गांव जैसी स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं राजस्व विभाग का कहना है कि संबंधित भूमि पर 50 से अधिक मकान अतिक्रमण कर बनाए गए हैं। नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के तहत संबंधित लोगों को घर खाली करने का नोटिस और अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध जताने लगे। इस दौरान राजस्व अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

जल्द घर खाली करने के निर्देश
राजस्व अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित लोगों को जल्द से जल्द अतिक्रमित भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

खुले गड्ढे बने मौत का जाल, बच्चों की सुरक्षा पर नगरीय प्रशासन को आयोग की सख्त अनुशंसा

रायपुर 

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आज नगरीय प्रशासन विभाग, जिला कलेक्टर व नगरीय निकायों के उच्चाधिकारियों को एक बेहद सख्त अनुशंसा भेजते हुए लेख किया है कि आयोग के समक्ष इस प्रकार के प्रकरण देखने में आये हैं, जिसमें कि कॉलोनी में निर्माणाधीन गढ्ढे खुुले होने, सड़कों पर गढ्ढे खुले होने अथवा बारिश में नालियों के ढक जाने के कारण उसमें बच्चे गिर पड़े हैं एवं उनके जीवन का अंत हो गया है। 

आयोग ने इसे बेहद दुःखद माना है एवं आयोग द्वारा बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 की धारा 13 तथा सहपठित धारा 15 के तहत बच्चों के जीवन के अधिकार की रक्षा को देखते हुए यह अनुशंसा क्रमांक आर-191/30.06.2026 की है कि, नगरीय क्षेत्र में तत्काल एक सर्वेक्षण अभियान चलाकर ऐसे खुले गढ्ढों, नालियों या निर्माणाधीन स्थलों कोे चिन्हाँकित कर लिया जाये और उन्हें या तो भर दिया अथवा उनके चारो ओर सुरक्षा कवच के रूप में बल्ली आदि से बाड़ी लगा दी जाये जिससे बच्चे उसमें न गिरने पायें, समस्त निर्माण एजेन्सियों तथा आवासीय कॉलोनियों को यह निर्देश जारी किये जाये कि किसी भी प्रकार से निर्माण के लिए खोदे गये नींव स्थल/कॉलम स्थल/अन्य कारणों से खोदे गये गढ्ढों के चारों ओर सुरक्षा घेरा लगाकर इस प्रकार बंद करना कि वहाँ बच्चे आवाजाही करते समय न गिरें यह सुनिश्चित करें, संवेदनशील निर्माणाधीन स्थलों पर निर्माण एजेन्सियाँ एक चौकीदार/सुरक्षाकर्मी भी इस हेतु तैनात करें जो बच्चों को जोखिम से बचाने में सहायक हो सके।

 अनुशंसा में यह भी लेख है कि बारिश में खेलते समय या शाला आते जाते समय पैदल चलते बच्चों को बारिश के छोटे गढ्ढे अथवा बड़े गढ्ढों में अंतर समझ में नहीं आता है एवं बच्चों को अनजाने में ही जान का खतरा उत्पन्न हो जाता है। अतः इस विषय की संवेदनशीलता को समझते हुए मंत्रालय तथा विभागाध्यक्ष स्तर से पर्याप्त निर्देश प्रसारित किये जायें एवं जिला स्तर पर जिला कलेक्टर व नगरीय निकाय के उच्चाधिकारी तत्काल इस विषय पर पहल करें एवं इसे नियमित साप्ताहिक समय सीमा के पत्रों पर कार्यवाही की समीक्षा के विषय के रूप में शामिल किया जाये। आयोग ने उक्तानुसार अनुशंसा पर कार्यवाही करते हुए निर्देश प्रसारित कर आयोग को दिनांक 07 जुलाई 2026 तक लिखित में अवगत कराने का भी लेख किया है।

आदिवासी समाज के सशक्त नेतृत्व और शिक्षा से नए छत्तीसगढ़ का निर्माण हो रहा है : मंत्री केदार कश्यप

आदिवासी समाज के सशक्त नेतृत्व और शिक्षा से नए छत्तीसगढ़ का निर्माण हो रहा है : मंत्री केदार कश्यप

छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज के सामाजिक भवन का हुआ लोकार्पण, उत्कृष्ट प्रतिभाओं का सम्मान

शिक्षा, संगठन और संस्कार से समाज होगा मजबूत, युवाओं से आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार

रायपुर
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज रायपुर के महादेव घाट में आयोजित छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज के सामाजिक भवन लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। उन्होंने नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया और शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं प्रतिभाओं को सम्मानित किया।

शिक्षा और संगठन समाज की सबसे बड़ी ताकत

              मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक ताकत उसकी शिक्षा, संगठन और संस्कार होते हैं। आज आदिवासी समाज के युवा शिक्षा, प्रशासन, तकनीक, व्यवसाय, खेल और जनप्रतिनिधित्व सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। यह नए और विकसित होते छत्तीसगढ़ का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि आज दूरस्थ क्षेत्रों के आदिवासी युवा डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और जनप्रतिनिधि बनकर समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

सामाजिक भवन बनेगा विकास और मार्गदर्शन का केंद्र

              मंत्री कश्यप ने कहा कि सामाजिक भवन केवल एक भवन नहीं, बल्कि समाज की एकता, संवाद, संस्कार और नई पीढ़ी के मार्गदर्शन का केंद्र है। यहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सांस्कृतिक गतिविधियों, सामाजिक कार्यक्रमों और समाज के विकास से जुड़े कार्यों के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।

शासकीय योजनाओं से आदिवासी समाज को मिल रहा सशक्त आधार

              कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति, छात्रवृत्ति, आवासीय विद्यालय, कौशल विकास, वनाधिकार, स्वरोजगार, लघु वनोपज का बेहतर मूल्य तथा महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण जैसी योजनाओं से आदिवासी समाज को आगे बढ़ाया जा रहा है।

युवाओं को आगे बढ़ाने का किया आह्वान

             मंत्री केदार कश्यप ने समाज के वरिष्ठजनों से अपनी समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, डिजिटल तकनीक और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

            कार्यक्रम के अंत में मंत्री केदार कश्यप ने सामाजिक भवन के निर्माण के लिए समाज को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि संगठित समाज, शिक्षित युवा और सशक्त नेतृत्व के बल पर छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

“सेफ क्लिक 2.0” अभियान में जागरूकता के साथ राहत भी दे रही मध्यप्रदेश पुलिस

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान “सेफ क्लिक 2.0” के अंतर्गत प्रदेशभर में जहां नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है, वहीं साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों को त्वरित राहत पहुंचाने की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। अभियान के प्रारंभिक दिनों में ही देवास एवं खरगोन पुलिस ने साइबर फ्रॉड पीड़ितों को उनकी ठगी गई राशि वापस दिलाकर आमजन का विश्वास मजबूत किया है।

अभियान के तहत पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी विद्यालयों, महाविद्यालयों, हाट-बाजारों, सार्वजनिक स्थलों तथा पुलिस चौपालों के माध्यम से नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड, मैट्रिमोनियल स्कैम, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, क्यूआर कोड फ्रॉड एवं अन्य साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जागरूक कर रहे हैं। साथ ही साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं डायल-112 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

देवास जिले में पुलिस अधीक्षक  पुनीत गेहलोद के निर्देशन में अभियान के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों के 16 साइबर फ्रॉड पीड़ितों की कुल 3 लाख 98 हजार 719 रुपये की राशि वापस कराई गई। शिकायत प्राप्त होते ही थाना स्तर पर पदस्थ साइबर मित्रों एवं जिला साइबर सेल द्वारा एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकों एवं एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप ठगी गई राशि होल्ड कराकर पीड़ितों के खातों में वापस कराई जा सकी।

इसी प्रकार खरगोन जिले में पुलिस अधीक्षक  रविन्द्र वर्मा के निर्देशन में साइबर सेल द्वारा दो अलग-अलग साइबर ठगी प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए 74 हजार 956 रुपये की राशि वापस कराई गई। एक प्रकरण में मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से विदेश से उपहार भेजने का झांसा देकर कस्टम शुल्क के नाम पर ठगी की गई थी, जबकि दूसरे मामले में ऑनलाइन निवेश पर अधिक लाभ का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी की गई थी। शिकायत प्राप्त होने पर साइबर सेल ने तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर प्रकरण दर्ज कर संबंधित बैंक खातों को होल्ड कराया तथा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर राशि वापस दिलाई।

दोनों जिलों में की गई इन कार्यवाहियों के माध्यम से कुल 4 लाख 73 हजार 675 रुपये की राशि साइबर ठगी के पीड़ितों को वापस कराई गई है। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर नागरिकों ने मध्यप्रदेश पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है।

मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। सोशल मीडिया, मैट्रिमोनियल वेबसाइट, निवेश योजनाओं अथवा अन्य ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त आकर्षक ऑफर एवं अधिक मुनाफे के प्रलोभन से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930, डायल-112 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर राशि सुरक्षित कराई जा सके।

 

कटनी पुलिस की बड़ी उपलब्धि

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी, उत्तरदायी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप कटनी जिले के 13 पुलिस थाने, 02 अनुविभागीय पुलिस कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालयको अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली विकसित करने पर आईएसओ (ISO) प्रमाणन प्राप्त हुआ है।जनशिकायतों का निर्धारित समय पर निराकरण, अपराधियों को पकडऩे, थाने के रखरखाव और रिकार्ड कम्प्यूटराइज्ड होने के अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने पर यह प्रमाण पत्र जारी हुआ है। इससे कटनी जिले की प्रदेशभर में अलग ही पहचान बन गई है।

29 जून को आयोजित समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, जबलपुर जोन  प्रमोद वर्मा, कलेक्टर कटनी  आशीष तिवारी तथा पुलिस अधीक्षक कटनी  अभिनय विश्वकर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में यह प्रमाणन प्रदान किया गया।

अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर परखी गई पुलिस कार्यप्रणाली

आईएसओ प्रमाणन के लिए पुलिस थानों एवं कार्यालयों का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया गया। इसमें पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों कीव्यवहार कुशलता, शिकायतकर्ताओं के प्रति संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार, शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण, समयबद्ध एफआईआर पंजीयन, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता, महिला एवं पुरुषों के लिए पृथक व्यवस्थाएं, अभिलेखों एवं रजिस्टरों का वैज्ञानिक एवं अद्यतन संधारण, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, जप्ती माल एवं अपराध संबंधी अभिलेखों का व्यवस्थित रख-रखाव, सीसीटीएनएस के माध्यम से सूचना का आदान-प्रदान, ऑनलाइन एफआईआर एवं उसकी समयबद्ध उपलब्धता, शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की नियमित जानकारी, उत्तरदायित्व निर्धारण, पारदर्शिता, स्वच्छ एवं सुरक्षित कार्यस्थल तथा सतत गुणवत्ता सुधार जैसे विभिन्न मानकों का गहन परीक्षण किया गया। इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कटनी पुलिस की पुलिस इकाइयों एवं कार्यालयों ने आईएसओ प्रमाणन प्राप्त किया।

इन्हें मिला आइएसओ प्रमाणन

पुलिस अधीक्षक कार्यालय कटनी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिसकार्यालय विजयराघवगढ़ एवं स्लीमनाबाद, थाना कोतवाली, थाना कुठला, थाना माधवनगर, थाना यातायात, थाना एनकेजे, थाना स्लीमनाबाद, थाना उमरिया पान, थाना बहोरीबंद, थाना ढीमरखेड़ा, थाना रीठी, थाना बड़वारा, थाना बरही एवं थाना विजयराघवगढ़ को आईएसओ प्रमाणन प्रदान किया गया।

मध्यप्रदेश पुलिस नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग, आधुनिक प्रबंधन प्रणाली तथा सेवा गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। यह उपलब्धि न केवल कटनी पुलिस, बल्कि संपूर्ण मध्यप्रदेश पुलिस के लिए गौरव का विषय है और जनसेवा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल पुलिस को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी बनाने के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगी।

 

यूएन विमेन इंडिया की कंट्री रिप्रेजेंटेटिव शोको इशिकावा ने सराहा प्रदेश का “महिलाओं के लिये सुरक्षित पर्यटन स्थल” मॉडल

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा’ के विज़न को साकार करते हुए एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल (STDW)’ परियोजना चलाई जा रही है। इसी क्रम में टूरिज्म बोर्ड में एक विशेष सत्र में यूएन विमेन इंडिया की कंट्री रिप्रेजेंटेटिव सु शोको इशिकावा ने परियोजना की प्रशिक्षित बालिकाओं से सीधा संवाद किया और उनके अनुभवों व उपलब्धियों को जाना। यूएन विमेन इंडिया की कंट्री रिप्रेजेंटेटिव सु शोको इशिकावा ने प्रशिक्षित बालिकाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और कौशल की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं के लिए सुरक्षित और समावेशी पर्यटन के वैश्विक दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत है

महिला पर्यटकों के लिए सबसे सुरक्षित राज्य बनाने का संकल्प

एमपी टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक  अभय अरविंद बेडेकर ने कहा कि हमारा लक्ष्य मध्यप्रदेश को महिला पर्यटकों के लिए देश का सबसे सुरक्षित और संवेदनशील पर्यटन गंतव्य बनाना है। प्रदेश में सुरक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सहभागिता के समन्वित प्रयासों से महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं तथा पर्यटन क्षेत्र अधिक समावेशी बन रहा है।

हस्तनिर्मित उपहारों में दिखी आत्मनिर्भरता की झलक

STDW प्रोजेक्ट पर हुए संवाद के दौरान परियोजना से जुड़ी महिलाओं एवं बालिकाओं ने अपने कौशल का परिचय देते हुए अतिथियों को स्वयं निर्मित हस्तशिल्प भेंट किए। इनमें हस्तनिर्मित स्मृति चिन्ह, फैब्रिक ज्वेलरी, फेंगशुई कलाकृतियां शामिल हैं। इन उत्पादों ने न केवल स्थानीय कला और रचनात्मकता को प्रदर्शित किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि परियोजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी रूप से कार्य कर रही है।

बैठक के दौरान यूएन विमेन के प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना के तहत विकसित कौशल प्रशिक्षण मॉडल, सामुदायिक सहभागिता और महिलाओं के आत्मविश्वास में आए सकारात्मक बदलावों की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी और प्रेरणादायक पहल बताया। इस अवसर पर यूएन विमेन इंडिया की कंट्री डिप्टी रिप्रेजेंटेटिव सु कांता सिंह और स्टेट रिप्रेजेंटेटिव सु जोयात्री राय भी उपस्थित रहीं।

 

उड़ीसा के पेयजल मंत्री नायक ने जल निगम की नवाचार आधारित कार्यप्रणाली की सराहना की

भोपाल

उड़ीसा के पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रबी नारायण नायक के नेतृत्व में आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया। प्रतिनिधिमंडल ने निगम की संस्थागत व्यवस्था, परियोजना क्रियान्वयन प्रणाली, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग, संचालन एवं संधारण (ओ एंड एम), वित्तीय प्रबंधन तथा मानव संसाधन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। मंत्री नायक ने मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा अपनाई गई आधुनिक और नवाचार आधारित व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इनमें से कई व्यवस्थाओं को उड़ीसा में भी लागू करेंगे।

प्रबंध संचालक, म.प्र. जल निगम के.वी.एस. चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में संचालित ग्रामीण नल-जल योजनाओं की प्रगति, डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था, रियल टाइम निगरानी प्रणाली, परियोजनाओं के संचालन एवं संधारण मॉडल, ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपयोग एवं विद्युत भुगतान की व्यवस्था, क्षमता विकास (ट्रेनिंग) कार्यक्रमों तथा तकनीक आधारित प्रबंधन प्रणाली पर विस्तृत जानकारी साझा की। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश जल निगम के संस्थागत ढांचे, सुशासन, वित्तीय मॉडल, परियोजना क्रियान्वयन, ‘जल रेखा’ एवं ‘पंचायत दर्पण’ जैसे तकनीकी नवाचारों की कार्यप्रणाली तथा ग्रामीण जलापूर्ति प्रबंधन की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने इन व्यवस्थाओं को ग्रामीण पेयजल सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए उपयोगी बताते हुए इनके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी भी प्राप्त की।

बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच संस्थागत ढांचे, वित्तीय स्वायत्तता, परियोजनाओं के क्रियान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण, डिजिटल गवर्नेंस तथा भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। उड़ीसा के पेयजल मंत्री नायक ने कहा कि मध्यप्रदेश जल निगम ने जिस पेशेवर एवं परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली को विकसित किया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायी मॉडल है। अध्ययन भ्रमण के माध्यम से प्राप्त अनुभव उड़ीसा में ग्रामीण जल प्रदाय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उड़ीसा के प्रतिनिधिमंडल में पंचायती राज एवं पेयजल विभाग के आयुक्त-सह-सचिव गिरिश एस.एन., पेयजल एवं स्वच्छता निदेशक विनीत भारद्वाज, अतिरिक्त सचिव श्रीमती मधुस्मिता सामल, इंजीनियर-इन-चीफ रत्नाकर सियाल सहित विभाग एवं स्टेट पीएमयू के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। बैठक में मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की।

 

जल से ही प्रकृति का उद्भव और जीवन का विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

जल गंगा संवर्धन अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल से ही प्रकृति का उद्भव और जीवन का विकास है। सबसे पहले पृथ्वी पर जलचर आए। जल से ही जीवन है। जल तत्व में सभी तत्व समाहित हैं। हम जब जल संरचनाओं को देखते हैं तो हमारा मन आनंद से भर जाता है। जल से स्नान के बाद हमें ताज़गी मिलती है। हमारे पूर्वजों ने जल के महत्व को समझा और निरंतर जल संरचनाओं का निर्माण किया। आज हमारा दायित्व है कि हम उन सब का संरक्षण करें एवं उन्हें सहेजें।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन का अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में भी गत 3 वर्षों से यह अभियान वृहद रूप से जन सहयोग से चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में जल संरचनाओं का संरक्षण एवं पुनरुद्धार किया गया है। आज यहां जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन कार्यक्रम है, परंतु मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल अलनीनो के प्रभाव से कम वर्षा का अनुमान है, इसलिये प्रदेश में अमृत सरोवर रैन वॉटर हार्वेस्टिंग, नदी संरक्षण जैसे जल स्रोतों के संरक्षण कार्य निरंतर जारी रहेंगे। गत 19 मार्च से लगभग 100 दिन प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेश में जल संवर्धन के 10 हज़ार 514 करोड़ की लागत से 3 लाख 63 हज़ार कार्य कराए गए। इन कार्यों में भरपूर जन समर्थन एवं जन सहयोग मिला है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 252 करोड़ 65 लाख रुपए के 31 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने भैंसवा माता क्षेत्र के विकास के लिए 20 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या-पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पंच तत्वों, विशेष रूप से जल का विशेष महत्व है। हमारे यहां हर पवित्र कार्य जल के साथ ही होता है। प्रसिद्ध कवि रहीम ने भी पानी की महत्ता बताई। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ जिले में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। इस कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में चिन्हित छह सर्वश्रेष्ठ जिलों में राजगढ़ जिले का भी नाम शामिल है। इसके लिए उन्होंने सभी संबंधितों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि का आधार सिंचाई की सुविधा है। गत 20 वर्षों में हमारी सरकारों में प्रदेश में सिंचाई के रकबे में तेजी से वृद्धि हुई है। हर खेत तक पानी पहुंचाना हमारा संकल्प है और हम उसे पूरा कर रहे हैं। हमारी सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम भी दिलवाया जा रहा है। हमारी सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपए कर दिया है। किसानों को किसान सम्मन निधि दी जाती है। हमारी सवा करोड़ बहनों को लाडली बहना योजना का लाभ दिया जा रहा है। बच्चों को उनकी शिक्षा के लिए हर संभव सुविधा दी जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जो उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र हैं। ये विद्यालय हमें सांदीपनि ऋषि, भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की याद दिलाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता एवं प्रेम को आज पूरी दुनिया याद करती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि विश्व का सबसे बड़ा मेला, हमारी सनातन संस्कृति का प्रतिबिंब, सिंहस्थ उज्जैन मध्यप्रदेश में आयोजित होता है। इसे भव्य, दिव्य बनाने और श्रद्धालुओं के स्नान आदि की सुविधाओं के लिए उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी के स्वच्छ एवं पावन जल में सहजता एवं सुविधापूर्वक, बिना किसी परेशानी के स्नान एवं उज्जैन तीर्थ के दर्शन हो सकें।

पानी की प्रत्येक बूंद का संरक्षण कर भावी पीढ़ी का भविष्य करें सुरक्षित : मंत्री पटेल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में अब तक हुए सभी कार्य प्रामाणिकता के साथ हुए है। इस साल बारिश के मौसम में कम वर्षा का अनुमान है इसलिए जल संचयन और जल स्त्रोतों का संरक्षण निरंतर जारी रखना आवश्यक है। हम सभी को पानी की एक-एक बूंद संचित कर भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करना है। राज्य सरकार और सभी अधिकारी-कर्मचारी जनभागीदारी से जल संरक्षण के प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन को मां भैंसवा के पवित्र स्थल पर रखने के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के लिए किए भगीरथी प्रयास : राज्यमंत्री डॉ.टेटवाल

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाएं को बढ़ाने के लिए भागीरथी प्रयास किए हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जल संरक्षण के इस अभियान में पंचायतों को जोड़कर जनभागीदारी से कुएं, बावड़ी, तालाब, नदियों की सफाई और प्राचीन जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया है। राज्यमंत्री टेटवाल ने सांदीपनि विद्यालय, पीकेसी परियोजना से पानी, भैंसवा माता लोक निर्माण सहित अनेक निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

सांसद रोमल नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विरासत से विकास की यात्रा अनवरत जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर भगवान बाबा महाकाल और मां बिजासन की विशेष कृपा है। सारंगपुर में 251 करोड़ रूपए की लागत से भैंसवा माता धार्मिक स्थल शेत्र का विकास किया जा रहा हैl रोजगार के स्थानीय साधन उपलब्ध कराते हुए यहां बहनों को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही संस्कृत वैदिक पाठशाला, गोशाला, योग केंद्र और सामुदायिक भवन तैयार करने के कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के यह प्रयास समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले के सारंगपुर विकासखण्ड में प्रसिद्ध भैंसवा माता मंदिर में दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने दूधतलाई पर पहुंचकर पवित्र गंगा-पूजन किया। पर्यावरण संरक्षण और जीव-दया के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुओं को चारा खिलाया और गौ-पूजन भी किया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बेलपत्र का पौध-रोपण किया और नागरिकों को हरित पर्यावरण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0’ की विकास प्रदर्शनी का गहन अवलोकन किया और जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारंपरिक रूप से ‘कन्या पाद पूजन’ और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत राजगढ़ जिले में हुए विभिन्न विकास कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया। साथ ही राजगढ़ की स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को वैश्विक पटल पर लाने के उद्देश्य से जिला पुरातत्व एवं राजगढ़ पर्यटन पर केंद्रित एक विशेष प्रमोशनल फिल्म, आकर्षक कॉफी टेबल बुक तथा आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स का अनावरण भी किया।  

जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को 21 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की राशि के हितलाभ वितरित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत मंच से हितग्राहियों को 21 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की राशि के लाभ और वित्तीय सहायता के चेक भी वितरित किए। इसके तहत मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 405 समूहों को कुल 20 करोड़ रुपये का बैंक ऋण वितरित किया गया, जिसमें श्रीमती कृष्णा भिलाला, श्रीमती रानी भिलाला और श्रीमती माया वर्मा प्रमुख रूप से लाभान्वित हुईं। पशुपालन विभाग की डॉ.भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत हितग्राही मंगलेश पाटीदार को 36 लाख रुपये और श्रीमती विमल यादव को 35.70 लाख रुपये की राशि के हितलाभ सौंपे गए। इसी तरह, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत कार्तिक माहेश्वरी (पार्वती एंटरप्राइजेस) को 22.50 लाख रुपये और राहुल परमार (अयोध्या ऑयल मिल) को 27.37 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत किराना व्यवसाय के लिए मनीष कुमार गुप्ता को 10 लाख रुपये और डेयरी प्रोडक्ट के लिए हितेष शर्मा को 5 लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मनोज पाटीदार और बलराम को मिनी स्प्रिंकलर सेट के लिए प्रत्येक को 79 हजार 545 रुपये का अनुदान दिया गया, जबकि पी।एम। स्वनिधि योजना, नगरीय आवास विकास और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रियंका जाटव, मांगी बाई, पूजा साहू सहित अन्य हितग्राहियों को 50 हजार रुपये के चेक और गृह प्रवेश के आवंटन पत्र वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सारंगपुर क्षेत्र के विकास के लिए की गई प्रमुख घोषणाएं

1. सारंगपुर नगर के अंदर जीर्ण-शीर्ण पड़े शासकीय भवनों एवं आवासों का रेडेंसिफिकेशन योजना अंतर्गत पुनर्निर्माण किया जाएगा।

2. शासन संधारित अंबे माता मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

3. नवीन स्वीकृत फोर लेन में हाउसिंग बोर्ड द्वारा आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी।

4. पचोर और सारंगपुर क्षेत्र में विकास के लिए सड़को का निर्माण किया जाएगा।

5. सारंगपुर-संडावता मार्ग पर उतावली नदी पर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।

6. करौंदी से हीरापुरा तक 2 किमी सड़क के निर्माण सहित आवश्यक अन्य सभी मार्गों का निर्माण किया जाएगा।

7. भैंसवा माता लोक के विकास, निर्माण और सौंदर्गीकरण के लिए 20 करोड़ रूपये।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, विधायक नरसिंहगढ़ मोहन शर्मा, विधायक राजगढ़ अमर सिंह यादव, विधायक खिलचीपुर, हजारीलाल दांगी, ज्ञानसिंह गुर्जर, भोपाल संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा सहित जन प्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

 

 

Dollar vs World: क्या डॉलर का दबदबा खत्म होने वाला है? दुनिया के केंद्रीय बैंक बना रहे नई रणनीति

न्यूयॉर्क

क्‍या डॉलर के बुरे दिन शुरू होने वाले हैं, अब डॉलर दुनिया में दबदबे वाली करेंसी नहीं रहेगी या क्‍या दुनिया को डॉलर का विकल्‍प मिल गया है? एक रिपोर्ट में ऐसा खुलासा किया गया है, जिसके बाद आपके भी मन में ये सभी सवाल घूमने लगेंगे. रॉयटर्स की रिपोर्ट में एक सर्वे के हवाले से कहा गया है कि दुनिया अब डॉलर रिजर्व को कम करने की तैयारी कर रही है. दुनिया में ऐसा पहली बार होने जा रहा है। 

यह सर्वे ऑफिशियल मॉनिटरी एंड फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशंस फोरम (OMFIF) की ओर से की गई है. इस सर्वे में कहा गया है कि पहली बार दुनिया के केंद्रीय बैंक आने वाले 10 सालों में अपने विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में अमेरिकी डॉलर की हिस्‍सेदारी बढ़ाने के बजाय घटाने की योजना बना रहे हैं, जो यह संकेत देता है कि फॉरेक्‍स रिजर्व पोर्टफोलियो को दुनिया डाइवर्सिफाइड रखना चाहती है। 

पहले क्‍यों होती थी सिर्फ डॉलर बढ़ाने की बात? 
दरअसल, दुनिया में सबसे स्थिर करेंसी डॉलर मानी जाती रही है और पूरी दुनिया डॉलर में ही एक दूसरे देश से कारोबार कर रहे हैं. चाहे तेल का आयात हो या किसी फूड आइटम्‍स का निर्यात डॉलर में ही लेनदेन होता रहा है, लेकिन अब स्थिति‍ धीरे-धीरे बदल रही है. कई देश लोकल करेंसी में आयात-निर्यात करना शुरू कर चुके हैं और अमेरिका के दबाव वाली राजनीति से नाराज भी दिख रहे हैं. सर्वे में खुलासा हुआ है कि ऐसा पहली बार है कि ज्‍यादातर देश डॉलर होल्डिंग्‍स को अगले 10 साल में कम करने जा रहे हैं। 

क्‍यों हो रही डॉलर घटाने की बात? 
सर्वे के अनुसार, केंद्रीय बैंकों को तीन बड़े रि
स्‍क दिखाई दे रहे हैं, जो डॉलर को लेकर पैदा हुए हैं. इसमें सबसे बड़ा अमेरिकी राजनीतिक अनिश्‍चतता, जिससे डॉलर की स्थिर रहने पर सवाल खड़ा हुआ है. दुसरा कई देशों के साथ अमेरिका का जियो-पॉलिटिकल टेंशन, जिस कारण डॉलर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. खासकर ईरान जंग के दौरान डॉलर में अस्थिरता काफी दिखाई दी है. तीसरी सबसे बड़ी वजह ग्‍लोबल फाइनेंशियल सिस्‍टम का मल्‍टीपोलर होना यानी ज्‍यादातर देश अब सिर्फ डॉलर नहीं, बल्कि अलग-अलग करेंसी में एक दूसरे के साथ ट्रेड कर रहे हैं. इसका सीधा मतलब है कि दुनियाभर के देश अब सिर्फ डॉलर पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं। 

डॉलर की जगह कौन-कौन सी करेंसी ज्‍यादा पसंद हैं 
अभी डॉलर का विकल्‍प स्‍पष्‍ट तौर पर दिखाई नहीं देता है, लेकिन अगर ऐसा ही रहा तो बहुत जल्‍द दुनिया डॉलर को पीछे छोड़कर किसी दूसरे करेंसी की ओर बढ़ेगी. सर्वे में कहा गया है कि डॉलर की जगह सबसे ज्‍यादा पसंद किए जाने वाली चीजों में सोना, यूरो, ब्रिटिश पाउंड, चीनी युआन, नॉर्वे की क्रोन और न्‍यूजीलैंड डॉलर है. हालांकि, सर्वे का यह भी कहना है कि यूरो और युआन की अपनी लिमिटेशन हैं, यही कारण है कि वे डॉलर का पूर्ण विकल्‍प नहीं बन पाए हैं। 

सोने का बढ़ रहा रिजर्व
रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस सर्वे से पहले एक अन्‍य सर्वे में कहा गया है कि रिकॉर्ड संख्या में केंद्रीय बैंक अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ाने की योजना बना रहे हैं. कई देशों के लिए सोना अब जियो-पॉलिटिकल रिस्‍क के खिलाफ सुरक्षा और रिजर्व को डाइवर्सिफाई रखने का प्रमुख साधन बनता जा रहा है। 

डॉलर का वजूद मिट जाएगा?
रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक ऐसा नहीं दिखाई देता है कि डॉलर का प्रभुत्‍व दुनिया से खत्‍म हो जाएगा, क्‍यों डॉलर अभी दुनिया की सबसे बड़ी रिजर्व करेंसी है. अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और सुरक्षित निवेश के रूप में उसकी भूमिका बहुत मजबूत बनी हुई है. बदलाव अचानक नहीं, बल्कि धीरे-धीरे हो रहा है। 

भारत पर क्‍या असर होगा? 
अगर डॉलर से निर्भरता कम होती है तो भारत जैसे देश अपनी करेंसी को बढ़ावा दे सकते हैं और दुनिया के साथ रुपये में कारोबार बढ़ सकता है. साथ ही अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने और अन्य मुद्राओं का हिस्सा बढ़ा सकते हैं. हालांकि, ये अचानक नहीं होगा, बल्कि डॉलर का दबदबा धीरे-धीरे कम हो सकता है। 

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