राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 5 दिवसीय MP दौरा कल से, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट

भोपाल 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 से 22 जून तक मध्य प्रदेश के पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रहेंगी। दौरे की शुरुआत इंदौर से होगी, जहां से वे सीधे ओंकारेश्वर पहुंचकर ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करेंगी। 19 जून को वे अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके बाद राष्ट्रपति ग्वालियर और श्योपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगी।

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाएं की हैं। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्र को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया है। वहीं 17 से 19 जून तक यातायात डायवर्जन लागू रहेगा।

भारी वाहनों का रूट बदला गया

    इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा।

    इंदौर से खंडवा जाने वाले भारी वाहन तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होते हुए खंडवा जाएंगे।

    सिमरोल से आने वाले वाहन मंडलेश्वर, कसरावद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होकर खंडवा पहुंचेंगे।

    बड़वाह से आने वाले वाहन मंडलेश्वर, कसरावद, खरगोन और भीकनगांव के रास्ते खंडवा जाएंगे।

    खंडवा से इंदौर जाने वाले भारी वाहन भीकनगांव, खरगोन और कसरावद होकर जाएंगे।

    मंडलेश्वर से आने वाले वाहन कसरावद और खलघाट के रास्ते इंदौर पहुंच सकेंगे।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
18 और 19 जून को ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को निर्धारित पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।

    इंदौर की ओर से आने वाले छोटे और मध्यम वाहन बड़वाह, मोरटक्का, सनावद और इनपुन होते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड और ताम्रकर पार्किंग तक जाएंगे।

    खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले वाहन भी सनावद और इनपुन के रास्ते इन्हीं पार्किंग स्थलों तक पहुंचेंगे

    पार्किंग से श्रद्धालुओं को पैदल दर्शन और स्नान के लिए जाना होगा।

बसों के लिए व्यवस्था
    इंदौर और खंडवा से आने वाली श्रद्धालुओं की बसें मोरटक्का में पार्क की जाएंगी।

    वहां से प्रशासन द्वारा लोक परिवहन के जरिए श्रद्धालुओं को ओंकारेश्वर पहुंचाया जाएगा।

    नियमित रूट की बसों को सनावद और इनपुन होते हुए पी-01 पार्किंग तक भेजा जाएगा। इसके आगे पैदल जाना होगा।

    कुछ समय के लिए रास्ते बंद रह सकते हैं।

कुछ मार्ग नो व्हीकल जोन रहेंगे

राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ मार्गों को अस्थायी रूप से नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। राष्ट्रपति के गंतव्य तक पहुंचने के बाद यातायात सामान्य कर दिया जाएगा।

प्रशासन की अपील
पुलिस और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं आम लोगों से ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने तथा यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की अपील की है।

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम

जिला मुख्यालयों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसदगण एवं विधायकगण होंगे मुख्य अतिथि

सरगुजा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होंगे आयोजन 

रायपुर, 
21 जून 2026 को इस बार “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर  जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां पूरी कर ली गई है।  जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है। 

राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। 

        जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री ओ.पी. चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री गजेन्द्र यादव 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

          विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों  में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद भोजराज नाग 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। बीजापुर जिले में विधायक सुलता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक चैतराम अटामी को 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि बनाए गए हैं। सभी जिलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सामूहिक योग कार्यक्रमों की तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 125 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले

बलरामपुर.

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने स्थानांतरण आदेश जारी करते हुए कुल 125 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है।

जारी आदेश के अनुसार, 10 सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) का स्थानांतरण किया गया है। इसके अलावा 15 प्रधान आरक्षकों को भी नई पदस्थापना दी गई है। वहीं 85 आरक्षकों और 15 महिला आरक्षकों का भी विभिन्न थाना व चौकियों में तबादला किया गया है। यह तबादला बलरामपुर, रामानुजगंज, राजपुर, शंकरगढ़, चलगली, कुसमी, सनावल सहित जिले के कई थाना क्षेत्रों में किया गया है। जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक दृष्टिकोण और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यस्थल परिवर्तन के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है।

IMD Alert: 80KM/H की रफ्तार से आएगा अंधड़, अगले 24 घंटे 21 राज्यों में भारी मौसम का खतरा

नईदिल्ली 
कई राज्यों में मानसून ने दस्तक दे दी है और कई राज्यों में मानसून जल्द पहुंचने वाला है. मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे को बेहद अहम बताया है. कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का मानना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और उत्तर भारत में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का एक साथ का असर देश के बड़े हिस्से में दिखाई देगा. ऐसे में कई जगहों पर खतरनाक अंधड़, पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाला मौसम बन रहा है. खासकर किसानों, यात्रियों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। 

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. वहीं दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पहले से सक्रिय है और लगातार बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 72 घंटे के दौरान कई राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. राहत की बात यह है कि बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से कुछ राहत मिलेगी. लेकिन तेज हवाएं और तूफानी मौसम जनजीवन को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए IMD ने लोगों से मौसम अपडेट पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। 

    दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय दक्षिण भारत में मजबूत स्थिति में बना हुआ है. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है. दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. उत्तर भारत में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज आंधी और बारिश की संभावना बढ़ गई है। 

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की रफ्तार और तेज हो सकती है. महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बादल जमकर बरस सकते हैं. ऐसे में देश के बड़े हिस्से में मौसम का असर एक साथ दिखाई देगा। 

दिल्ली-NCR में आंधी और बारिश का डबल अटैक
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से बादलों की आवाजाही बनी हुई है. मौसम विभाग के अनुसार 17 जून को राजधानी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं. नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है लेकिन बारिश के बाद गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। 

यूपी में 80KM की रफ्तार से चलेगा अंधड़
उत्तर प्रदेश में मौसम का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी और मध्य हिस्सों में देखने को मिल सकता है. मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, कानपुर, झांसी, वाराणसी और प्रयागराज समेत कई जिलों में बारिश और तेज आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. किसानों को फसल और पशुधन की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। 

बिहार में बारिश और बिजली गिरने का खतरा
बिहार में 17 से 19 जून के बीच मौसम बेहद सक्रिय रहेगा. पटना, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है. तेज हवाओं की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। 

झारखंड में गरजेंगे बादल, बरसेंगे पानी
रांची, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर, दुमका और बोकारो समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है. तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। 

राजस्थान में धूलभरी आंधी के साथ बारिश
राजस्थान के जयपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर, अजमेर और अलवर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. मरुस्थलीय इलाकों में धूलभरी आंधी भी देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग ने वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। 

मध्य प्रदेश में बदलने वाला है मौसम का मिजाज
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सतना और कटनी समेत कई जिलों में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है. मानसून की आगे बढ़ती गतिविधियों के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे. कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 

पंजाब-हरियाणा में तूफानी हवाओं का खतरा
    पंजाब के जालंधर, अमृतसर, पटियाला, बठिंडा और गुरदासपुर में भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना है. मौसम विभाग ने 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। 

    हरियाणा के अंबाला, करनाल, हिसार, रोहतक और पंचकूला समेत कई जिलों में भी मौसम खराब रह सकता है. गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 

पहाड़ों पर बारिश और भूस्खलन का खतरा
    उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है। 

    हिमाचल प्रदेश में शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और किन्नौर में मध्यम बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है. 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी संभव है।     जम्मू-कश्मीर के जम्मू, अनंतनाग, पुलवामा, बारामूला और उधमपुर समेत कई जिलों में बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम अस्थिर बना रहेगा. पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। 

पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून का जोरदार असर
असम, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना है. कई जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी अलर्ट जारी किया गया है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। 

दक्षिण भारत में मानसून की मजबूत दस्तक
तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम समेत कई शहरों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी। 

किन राज्यों में सबसे ज्यादा आंधी और बारिश का खतरा है?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, झारखंड, असम और पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. इन राज्यों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश होने की संभावना है। 

क्या दिल्ली-NCR में अगले 24 घंटे खतरनाक रहेंगे?
दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक हो सकती है. इससे पेड़ गिरने और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है। 

क्या मानसून अब तेजी से आगे बढ़ेगा?
IMD के अनुसार परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हैं. अगले कुछ दिनों में यह मध्य और उत्तर भारत के और हिस्सों में सक्रिय हो सकता है, जिससे बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। 

किसानों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
किसानों को कटाई और भंडारण किए गए अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए. पशुओं को खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित शेड में रखना जरूरी है. बिजली कड़कने के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए। 

क्या बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी?
हां, अधिकांश राज्यों में बारिश के कारण तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना है। 

 

Yoga Day से पहले कोलकाता का रेड रोड 7 दिन बंद, शुभेंदु सरकार के फैसले को HC में चुनौती

कलकत्ता
कलकत्ता हाईकोर्ट ने इंटरनेशनल योग दिवस के मौके पर कोलकाता के रेड रोड पर 7 दिनों तक वाहनों की आवाजाही रोकने के सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार कर लिया है. एडवोकेट शमीम अहमद ने जस्टिस सौगत भट्टाचार्य (कोर्ट-5) के सामने ये मामला उठाया है। 

रेड रोड पर PM मोदी के साथ शामिल होंगे 35 हजार लोग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर इस बार पश्चिम बंगाल देश को एक अनूठी तस्वीर दिखाने की तैयारी में है। 21 जून को हुगली नदी में 500 से अधिक नौकाओं पर हजारों लोग एक साथ योग करेंगे, जबकि कोलकाता के रेड रोड पर राष्ट्रीय स्तर का मुख्य योग कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों के साथ योग करेंगे। पहली बार पश्चिम बंगाल इस आयोजन की मेजबानी कर रहा है और इसे लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग रखी गई है। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि अभी भारत दुनिया में सबसे ज्यादा युवाओं वाला देश है, लेकिन अगले 25-50 वर्षों में यह सबसे ज्यादा बुजुर्गों वाला देश हो सकता है। ऐसे में सभी बुजुर्ग स्वस्थ्य रहें, इसके लिए प्रधानमंत्री ने इस बार का थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” तय किया है।

राज्य सरकार और आयुष मंत्रालय की योजना के तहत हुगली नदी में सैकड़ों नौकाओं पर प्रतिभागी सामूहिक रूप से योगासन और प्राणायाम करेंगे। सुरक्षा और समन्वय के लिए नदी पुलिस, आपदा प्रबंधन बल और स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें तैनात रहेंगी। 

रेड रोड पर मोदी करेंगे योग
21 जून को मुख्य आयोजन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में किया जा रहा है। इस मौके पर खास रूप से  मोदी यहां करीब 35 हजार लोगों के साथ योग करेंगे। योग दिवस कार्यक्रम को देखते हुए कोलकाता के रेड रोड पर सुरक्षा और मंच निर्माण की तैयारियां जोरों पर प्रशासन ने रेड रोड को सात दिनों के लिए आम यातायात के लिए बंद कर दिया है।   

योग दिवस कार्यक्रम से पहले रेड रोड एक सप्ताह तक बंद रहेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस प्रमुख सड़क पर आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होने तक, रेड रोड एक सप्ताह के लिए पूरी तरह या आंशिक रूप से यातायात के लिए बंद रहेगी।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क रविवार तक बंद रहेगी और उस पर यातायात की अनुमति “आवश्यकतानुसार” ही दी जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि रेड रोड पर यह अब तक का सबसे लंबा बंद रहेगा।“यह निर्णय लिया गया है कि 21 जून तक रेड रोड के दोनों किनारों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि, यातायात की मात्रा के आधार पर एक किनारा खुला रखा जा सकता है,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा। “जमीनी अधिकारी आवश्यकतानुसार निर्णय लेंगे।”

सोमवार को राजभवन की ओर जाने वाली रेड रोड की एक तरफ को बंद कर दिया गया था और सड़क के बीचोंबीच एक विशाल चबूतरा बनाया गया था। वाहनों को दूसरी तरफ से, लेकिन राजभवन की ओर जाने की अनुमति दी गई थी।

रेड रोड को इतने लंबे समय तक यातायात के लिए शायद ही कभी बंद किया गया हो। 23 से 29 मई, 2016 के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों के लिए इसे पांच दिनों तक बंद रखा गया था।

इसे गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस की परेड और ममता बनर्जी के दुर्गा पूजा उत्सव के लिए भी बंद किया गया था, लेकिन ये प्रतिबंध केवल कुछ घंटों या एक दिन तक ही चले।

राज्य की भाजपा सरकार ने इससे पहले रेड रोड पर यातायात सुचारू रखने के महत्व पर जोर दिया था और मई में वहां ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी थी, बल्कि उसे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में स्थानांतरित कर दिया था। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तब कहा था कि कोई भी धर्म कानून से ऊपर नहीं है।कई मार्गों से आने वाले वाहनों की भारी संख्या के कारण रेड रोड शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “एजेसी बोस रोड फ्लाईओवर, डीएल खान रोड, विद्यासागर सेतु और हेस्टिंग्स से काफी संख्या में वाहन रेड रोड के राजभवन की ओर जाने वाले हिस्से में प्रवेश करते हैं।”

वैकल्पिक मार्ग की योजना तैयार कर ली गई है, लेकिन अगले सप्ताह यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।इस योजना के तहत, रेड रोड होते हुए राजभवन की ओर जाने वाले वाहनों को जेएन आइलैंड से आउट्राम रोड-जवाहरलाल नेहरू रोड चौराहे या डफरिन रोड-मेयो रोड क्रॉसिंग की ओर मोड़ दिया जाएगा।

अलीपुर में जीरत ब्रिज से होकर आने वाली डलहौजी और हावड़ा जाने वाली बसें बेलवेडियर रोड और एजेसी बोस रोड के चौराहे से एजेसी बोस रोड, टर्फ व्यू रोड, एजेसी बोस रैंप और सेंट जॉर्ज गेट रोड-स्ट्रैंड रोड की ओर मोड़ दी जाएंगी ताकि वे आगे हावड़ा और डलहौजी की ओर जा सकें।

रेड रोड के रास्ते जेके द्वीप की ओर जाने वाले वाहनों को रेड रोड-मेयो रोड चौराहे से मेयो रोड-डफरिन रोड के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।

 

15 करोड़ का ऑफर और UBT में बड़ी टूट! 6 सांसद दिल्ली पहुंचे, क्या उद्धव के चाणक्य ने पलट दी बाजी?

मुंबई 
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में बड़ी टूट होने जा रही है। खबर है कि पार्टी के 6 सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से आज मुलाकात कर सकते हैं। शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसदों में से 6 सांसद मंगलवार रात को चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे।

सूत्रों के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे भी दिल्ली पहुंचे हैं और इन सांसदों की बैठक श्रीकांत शिंदे के आवास पर हो सकती है। इसके बाद इनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। शिवसेना (शिंदे गुट) के एमएलसी कृपाल तुमाने ने दावा किया था कि ऑपरेशन टाइगर के तहत इन सांसदों से पिछले एक महीने से चर्चा चल रही है और अब यह अंतिम चरण में है।

संजय राउत ने क्या कहा?
वहीं, उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि इन सांसदों को पार्टी बदलने के लिए 15-15 करोड़ का एडवांस दिया जा रहा है।

उन्होंने लिखा, “अपना सपना मनी मनी। महाराष्ट्र के सांसदों को आज रात पार्टी बदलने के लिए 15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए जा रहे हैं। यह शर्मनाक है।” इससे पहले राउत ने कहा था कि सांसदों के गुट बदलने की खबरें पूरी तरह से गलत हैं।

उद्धव ठाकरे ने क्या कहा था?
इसके अलावा, खुद उद्धव ठाकरे ने कहा था कि जिसको जाना है, खुशी-खुशी जा सकता है। उस समय भी बगावत की जानकारी थी लेकिन मैंने किसी पर दबाव नहीं बनाया था। अगर कोई जाना चाहता है तो जाने दीजिए। किसी को जबरदस्ती रोकने का कोई मतलब नहीं है। जो बालासाहेब की शिवसेना छोड़कर गए हैं उन्हें बाद में पछताना होगा।

 ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में बड़ी टूट होने जा रही है। खबर है कि पार्टी के 6 सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से आज मुलाकात कर सकते हैं। शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसदों में से 6 सांसद मंगलवार रात को चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे।

सूत्रों के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे भी दिल्ली पहुंचे हैं और इन सांसदों की बैठक श्रीकांत शिंदे के आवास पर हो सकती है। इसके बाद इनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। शिवसेना (शिंदे गुट) के एमएलसी कृपाल तुमाने ने दावा किया था कि ऑपरेशन टाइगर के तहत इन सांसदों से पिछले एक महीने से चर्चा चल रही है और अब यह अंतिम चरण में है।

क्या उद्धव के चाणक्य ने पलट दिया गेम
महाराष्ट्र की राजनीति में जब भी कोई बड़ा सियासी तूफान आता है, तो मातोश्री (उद्धव ठाकरे का निवास स्थान) के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार और ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले संजय राउत और अनिल देसाई फ्रंटफुट पर नजर आते हैं. शिवसेना (यूबीटी) में फिर से टूट का खतरा मंडरा रहा है और ‘ऑपरेशन टाइगर’ को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू हो गया है। 

शिवसेना (यूबीटी) के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे का दामन थाम सकते हैं, जिसके लिए महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक सियासी बिसात बिछ चुकी है. ऐसे में पार्टी के अस्तित्व को बचाने और डैमेज कन्ट्रोल करने के लिए संजय राउत और अनिल देसाई मैदान में उतर गए हैं और उन्होंने पूरे गेम को पलट दिया है। 

उद्धव ठाकरे को एक बाद एक बड़ा जख्म एकनाथ शिंदे दिए जा रहे हैं. पहले सत्ता और पार्टी दोनों ही छीन लिया और उसके बाद उद्धव ने किसी तरह से मजबूत किया तो अब फिर से लोकसभा सांसदों के टूट का संकट गहरा गया है. ऐसे में उद्धव के चाणक्य इस बार फिर से पार्टी को टूटने से बचाने की जद्दोजहद में जुट गए हैं। 

संकट गहराया, दिल्ली में बिछी बिसात
मुंबई से लेकर दिल्ली तक की सियासी हलचल इस बात का संकेत है कि उद्धव ठाकरे गुट के सामने एक बार फिर अपनी लोकसभा सांसद को पाले में बनाए रखने की बड़ी चुनौती है.उद्धव ठाकरे के 9 से 6 लोकसभा सांसदों को टूटने का खतरा मंडराने लगा है. माना जा रहा है कि उद्धव गुट के ये सांसद अब एकनाथ शिंद की पार्टी का दामन थाम सकते हैं। 

 इतिहास गवाह है कि जब-जब शिवसेना पर संकट आया है, संजय राउत अपनी तीखी बयानबाजी और आक्रामक रणनीति से विरोधियों पर हावी होने की कोशिश करते हैं, जबकि अनिल देसाई पर्दे के पीछे रहकर कानूनी और सांगठनिक दांव-पेच बुनते हैं. ऐसे में जैसे ही बगावत की आहट सुनाई दी, दोनों ही नेता तुरंत मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। 

दिल्ली पहुंचने का मकसद साफ है कि शिवसेना (यूबीटी) को टूट से बचाने और डैमेज कन्ट्रोल के लिए जुट गए हैं. कानूनी विशेषज्ञों से विचार-विमर्श और संभावित सहयोगियों से मुलाकात कर विरोधियों के चक्रव्यूह को तोड़ना. इसके लिए संजय राउत और अनिल देसाई सुबह 10 बजे प्रेस कॉफ्रेंस भी करेंगे। 

संजय राउत ने चला अपना पहला दांव
दिल्ली पहुंचने से पहले ही उद्धव ठाकरे के रणनीतिकार संजय राउत ने अपना पहला दांव चल दिया है. राउत ने आरोप लगाया है कि हमारे सांसदों को 15-15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया है. राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि अपना सपना मनी मनी, यह चौंकाने वाला और घिनौना काम है कि महाराष्ट्र के सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये का ऑफर दिए जा रहे हैं। 

संजय राउत ने बागी रुख अपनाने वाले सांसदों को साधने में जुट गए हैं ताकि लोकसभा के स्तर पर किसी भी संभावित दलबदल को अमान्य ठहराया जा सके. इसी का नतीजा  कि UBT सांसद राजाभाऊ वाजे ने ‘आज तक’ से बात करते हुए कहा कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं. वे उद्धव ठाकरे के साथ हैं. वे संसदीय समिति की बैठक के लिए दिल्ली आ रहे हैं, जो दोपहर 3 बजे होनी है। 

संजय राउत ने कहा कि ऑपरेशन टाइगर की बात करने वालों के पास ज़रूरी संख्या नहीं है. हमारे सांसदों को तोड़ने की उनकी कोशिशें नाकाम रहेंगी. शिवसेना (यूबीटी) को तोड़ने के लिए उन्हें दो-तिहाई बहुमत चाहिए, जो उनके पास नहीं है. हमने स्पीकर को भी पत्र लिखकर बीजेपी की सियासी चाल की जानकारी दे दी है. हमें अपने सांसदों पर भरोसा है, लेकिन वे लोगों को डरा-धमकाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। 

संजय राउत ने कहा कि हम सुबह 10 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. वे पीएम मोदी या अमित शाह के चेहरे पर नहीं जीते थे बल्कि उद्धव ठाकरे ने ही उनके लिए कड़ी मेहनत की थी और प्रचार किया था। 

नंबर गेम में उलझाकर पलटाया गेम
शिवसेना (य़ूबीटी) के 9 लोकसभा सांसद है. दलबदल कानून से बचने के लिए उद्धव के कम से कम 6 लोकसभा सांसदों को एक साथ आना होगा. माताश्री पर हुई बैठक में पांच सांसद गैर-हाजिर थे जबकि चार सांसद उद्धव के घर पहुंचे थे. माना जा रहा था कि उद्धव के घर पहुंचने वाले चार में से दो सांसद टूट सकते हैं, लेकिन जिन दो सांसदों पर संदेह था, उन्होंने भी साफ मना कर दिया है कि उनका शिंदे से कोई लेना-देना नहीं है। 

यूबीटी के 9 में से 4 सांसद भी उद्धव के साथ मजबूती से खड़े रहते हैं तो फिर ‘ऑपरेशन टाइगर’ को अमलीजामा पहनाने का काम सफल नहीं हो पाएगा. संजय राउत इसीलिए दावे के साथ कह रहे हैं कि उनके पास नंबर गेम नहीं है कि हमारे सांसदों को तोड़ सकें। 

सहानुभूति कार्ड और मीडिया नैरेटिव
संजय राउत ने दिल्ली पहुंचते ही मीडिया के सामने आकर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया. उन्होंने विरोधियों पर ‘पार्टी को धोखा देने’ और ‘सत्ता के लालच’ का आरोप लगाकर जनता के बीच सहानुभूति बटोरने का खेल शुरू कर दिया है. राउत ने दावा किया है कि बागी गुट के बाद दलबदल करने के लिए सांसदों की पर्याप्त संख्या नहीं है, एक तरह से उन्होंने साफ कह दिया है कि बागी गुट के पास 6 सांसदों का समर्थन नहीं है। 

वहीं, दूसरी तरफ अनिल देसाई भी अपने मिशन पर लग गए हैं. सांसदों के टूट का खतरा देखते हुए शिवसेना (यूबीटी)ने लोकसभा अध्यक्ष को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर मांग की है कि संसद में केवल शिवसेना (यूबीटी) को ही अधिकृत राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी जाए। 

अरविंद सावंत द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यदि किसी अन्य गुट द्वारा मान्यता या विशेष दर्जे की मांग की जाती है, तो उस पर कोई निर्णय लेने से पहले शिवसेना (यूबीटी) को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए. पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों का उपयोग करने का अधिकार सुरक्षित रखती है। 

संजय राउत ने क्या कहा?
वहीं, उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि इन सांसदों को पार्टी बदलने के लिए 15-15 करोड़ का एडवांस दिया जा रहा है।

उन्होंने लिखा, “अपना सपना मनी मनी। महाराष्ट्र के सांसदों को आज रात पार्टी बदलने के लिए 15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए जा रहे हैं। यह शर्मनाक है।” इससे पहले राउत ने कहा था कि सांसदों के गुट बदलने की खबरें पूरी तरह से गलत हैं।

उद्धव ठाकरे ने क्या कहा था?
इसके अलावा, खुद उद्धव ठाकरे ने कहा था कि जिसको जाना है, खुशी-खुशी जा सकता है। उस समय भी बगावत की जानकारी थी लेकिन मैंने किसी पर दबाव नहीं बनाया था। अगर कोई जाना चाहता है तो जाने दीजिए। किसी को जबरदस्ती रोकने का कोई मतलब नहीं है। जो बालासाहेब की शिवसेना छोड़कर गए हैं उन्हें बाद में पछताना होगा।

 

राज्यपाल डेका ने गजराज बांध को शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में की पहल

राज्यपाल डेका ने गजराज बांध को शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में की पहल

रायपुर
राज्यपाल रमेन डेका ने कमल विहार रायपुर स्थित लगभग 230 एकड़ क्षेत्र में फैले गजराज बांध को रायपुर शहर की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक विशाल जलाशय के रूप में विकसित करने की पहल की है। राज्यपाल ने आज लोकभवन में नगर निगम रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे और अतिरिक्त कमिश्नर विनोद पाण्डेय के साथ इस संबंध में विशेष चर्चा की। 

         राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में सिंचाई कार्याे में उपयोग नहीं हो रहे गजराज बांध की आवश्यक मरम्मत कर इसे रायपुर शहर की लाइफलाइन बनाया जा सकता है। इस बांध को एक पेयजल भंड़ार के रूप में विकसित करने से शहर को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। राज्यपाल ने महापौर से संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए दिशा निर्देश दिए है।

शासन द्वारा रिडेवलपमेंट योजना अंतर्गत शंकर नगर बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने तथा अन्य कुल पाँच परियोजनाओं का टेंडर जारी

शासन द्वारा रिडेवलपमेंट योजना अंतर्गत शंकर नगर बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने तथा अन्य कुल पाँच परियोजनाओं का टेंडर जारी

हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी की गई निविदाएं

रायपुर, 
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल राज्य के विभिन्न शहरों में पाँच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए मंडल द्वारा प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है।

मंत्रिपरिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके पश्चात 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पाँचों परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया।

प्रस्तावित परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बी.टी.आई. रोड शंकर नगर (रायपुर), क्लब पारा (महासमुंद), कैलाश नगर (राजनांदगांव), कटघोरा (कोरबा) तथा चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर) में विकसित की जाएंगी। इन पाँचों रिडेवलपमेंट योजनाओं का टेंडर हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है।

राजधानी रायपुर में प्रस्तावित परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह परियोजना शहर के प्रमुख एवं विकसित क्षेत्र शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने, सिंधु भवन के समीप स्थित है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक तथा आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा तथा शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर प्रदान करती है। उन्हें शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित प्राइम लोकेशन वाली भूमि पर परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी से परियोजनाओं में विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित होगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी एवं जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक तथा उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरों की कार्यक्षमता एवं सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल सिद्ध होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।

आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने टी.एल. बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल, गुणवत्ता और तय समय में काम पूरा करने के दिए निर्देश

रायपुर/कांकेर.

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से चल रहे प्रयासों के तहत स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को कांकेर जिले के समीप तारसगांव में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों से प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और विभिन्न सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निर्धारित समय-सीमा और परियोजना की प्रगति पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा परियोजना को तय समय में पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि तारसगांव में बन रहा मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा। इस संस्थान के शुरू होने से न केवल कांकेर जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि मेडिकल कॉलेज के शुरू होने के बाद कांकेर सहित आसपास के जिलों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा। इससे गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर होने वाले पलायन में भी कमी आएगी। साथ ही चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में यह संस्थान नया आयाम स्थापित करेगा।

उन्होंने कहा कि विकसित और स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में तारसगांव मेडिकल कॉलेज परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके पूर्ण होने से प्रदेश का स्वास्थ्य तंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

तबादलों की सुनामी! 24 घंटे में 5 हजार कर्मचारी-अधिकारी बदले, सरकार की सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी

भोपाल
 मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद तबादला नीति के तहत अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा तबादलों की समय-सीमा 16 जून की रात 12 बजे तक बढ़ाए जाने के बाद शासन-प्रशासन में मानो तबादलों की सुनामी आ गई। कुछ ही घंटों के भीतर प्रदेशभर में करीब 5 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों को नई पदस्थापना दे दी गई, जिससे सरकारी तंत्र में व्यापक बदलाव की तस्वीर सामने आई है।

दरअसल, तबादलों की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित थी, लेकिन कई विभागों में मंत्रियों की स्वीकृति मिलने के बावजूद तकनीकी कारणों और ई-ऑफिस पर बढ़ते दबाव के चलते आदेश जारी नहीं हो पाए थे। यह मामला मंगलवार को कैबिनेट बैठक में उठा, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने एक दिन की अतिरिक्त मोहलत देने का फैसला किया। सामान्य प्रशासन विभाग ने भी तत्काल आदेश जारी कर दिए।

मुख्यमंत्री की सहमति मिलते ही विभिन्न विभागों में अधिकारियों की गतिविधियां तेज हो गईं। दोपहर से लेकर आधी रात तक तबादला आदेशों की झड़ी लग गई। सबसे ज्यादा फेरबदल स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य, वन और राजस्व विभाग में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले भेजा गया।

इससे पहले सोमवार देर रात राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की बड़ी सूची जारी की गई थी। इसमें 56 अतिरिक्त जिला दंडाधिकारियों (ADM) सहित कुल 155 अधिकारियों के तबादले किए गए। इनमें वे अधिकारी भी शामिल रहे जिन्हें पदोन्नति तो मिल चुकी थी, लेकिन लंबे समय से वरिष्ठ पदों पर पदस्थापना का इंतजार था। इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

तबादलों की यह प्रक्रिया 1 जून से शुरू हुई थी, लेकिन अधिकांश विभागों में तैयारी और तकनीकी व्यवस्था समय पर पूरी नहीं हो सकी। कई कर्मचारियों और अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया और अनुमोदन के लिए अंतिम दिनों तक इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद अंतिम 24 घंटों में जिस तेजी से आदेश जारी हुए, उसने पूरे प्रशासनिक ढांचे को हिला दिया।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे मोहन सरकार के कार्यकाल की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए फेरबदल का असर जिलों के प्रशासनिक कामकाज और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर किस रूप में दिखाई देता है।

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