आने वाली पीढ़ियां गुनगुनाएंगी जन परिषद के गीत : दीपक वोहरा

भोपाल 

जन परिषद के 37वें वार्षिक एवं सम्मान समारोह का आयोजन रवीन्द्र भवन, भोपाल में अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह में भारत के पूर्व राजदूत एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अग्रणी ज्ञातादीपक वोहरा,  डीजीपी ** कैलाश मकवाना, एसीएस ** अनुपम राजन तथा एयर मार्शलप्रमोद वास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया।समारोह एल आई सी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया ।

अपने प्रेरक उद्बोधन में पूर्व राजदूतदीपक वोहरा ने कहा कि जन परिषद की 37 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उसके सेवा कार्यों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित पहचान को देखते हुए यह विश्वासपूर्वक कहा जा सकता है कि आने वाली पीढ़ियां जन परिषद के रचनात्मक गीतों को गुनगुनाएंगी। उन्होंने कहा कि आज विश्व अनेक चुनौतियों और अस्थिरताओं के दौर से गुजर रहा है, ऐसे समय में जन परिषद जैसी संस्थाएं समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रही हैं।

 वोहरा ने कहा कि वे इन दिनों अत्यंत व्यस्त थे और भोपाल आने की स्थिति में भी नहीं थे, लेकिन जब उन्होंने जन परिषद के इतिहास, उपलब्धियों और कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा भोपाल के अपने मित्रों से संस्था के संबंध में चर्चा की, तो सभी ने जन परिषद की इतनी प्रशंसा की कि वे स्वयं को इस कार्यक्रम में आने से रोक नहीं सके। उन्होंने जन परिषद के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी संस्था के लिए 37 वर्षों तक निरंतर सक्रिय और प्रभावी बने रहना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।दीपक वोहरा जी ने आचार्य चाणक्य के छह सूत्रों को सरल एवं प्रेरक ढंग से प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की ओर नहीं देख रहा है, बल्कि पूरा विश्व आशा और विश्वास की दृष्टि से भारत की ओर देख रहा है।

उन्होंने उपस्थित जनों से आग्रह किया कि वे इन सूत्रों को अपने घरों तक पहुँचाएँ और अपने बच्चों को भी इनके बारे में अवश्य बताएं, ताकि उनमें संस्कार, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित हो।
उन्होंने बताया कि जन परिषद ने देशभर में 300 से अधिक इकाइयों एवं सहयोगी संगठनों का मजबूत नेटवर्क विकसित किया है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यदि देश में जन परिषद जैसी सैकड़ों संस्थाएं और विकसित हो जाएं, तो राष्ट्र के सामाजिक और रचनात्मक वातावरण में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने जन परिषद को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
एसीएसअनुपम राजन ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज के विकास में जनभागीदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जन परिषद ने विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो प्रयास किया है, वह अनुकरणीय है।
एयर मार्शलप्रमोद वास्तव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और समर्पण अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में जन परिषद के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपीएन.के. त्रिपाठी ने स्वागत भाषण देते हुए संस्था की 37 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जन परिषद समाज, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रहेगी।

कार्यक्रम का वार्षिक प्रतिवेदन महेंद्र जोशी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें संस्था की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों, सामाजिक अभियानों, पर्यावरण संरक्षण, जनजागरण तथा सेवा परियोजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन संयोजकरामजी वास्तव ने किया तथा अंत मेंअजय वास्तव (नीलू जी) ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

समारोह में जन परिषद के पदाधिकारी, सदस्यगण, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

विभिन्न सम्मानों से सम्मानित विभूतियां

समारोह में एंबेसडर ऑफ एक्सीलेंस सम्मान से पूर्व राजदूतदीपक वोहरा (नई दिल्ली) को सम्मानित किया गया। एक्सीलेंट गार्जियन ऑफ द हार्ट सम्मान से डॉ. सुब्रतो मंडल को सम्मानित किया गया।
कवि प्रदीप चौबे सम्मानप्रेमचंद द्वितीय (बड़नगर) को, सांसद विजय खंडेलवाल सम्मानमनोज तिवारी (गढ़ाकोटा) को तथा ललित

वास्तव सम्मानमोहन परिहार को प्रदान किया गया।

कुलभूषण दल्लौरी सम्मान सेललित अग्रवाल (इंदौर),अमित शर्मा एवंआशीष वास्तव को सम्मानित किया गया।
राजकमल वास्तव सम्मान डॉ. रूबी खान को प्रदान किया गया।

मां प्रभादेवी सम्मान सेउरज मिश्रा, मती शिल्पी अभिषेक भार्गव (गढ़ाकोटा),अतुल बनारसी,अंशुमन खरे, डॉ. प्रगति सेठ (झांसी)तथामोहन अग्रवाल को सम्मानित किया गया।

लक्ष्मी रायकवार सम्मानकमल सिंह को, डॉ. मंगल प्रसाद अग्रवाल सम्मानभरत तिवारी (सागर) को तथा प्रकाश प्रलय सम्मानगौरीशंकर धाकड़ (बरेली) को प्रदान किया गया।
पत्रकार के.के. अग्निहोत्री सम्मान सेधर्मेंद्र सिंह (भोपाल) एवंओमप्रकाश चौरसिया (गंजबासोदा) को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर बेस्ट चैप्टर सम्मान आष्टा, छिंदवाड़ा, सागर एवं मुलताई चैप्टर्स को प्रदान किया गया।
वहीं एक्टिव मेंबर्स ऑफ द ईयर के रूप मेंविनोद वास्तव,दुर्गेश रैकवार,नितिन वास्तव,संदीप गोलू तथारामेश्वर को सम्मानित किया गया।

 

नमामि गंगे मिशन अंतर्गत बेतवा नदी के वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन के लिये क्षमता वर्धन कार्यशाला

नमामि गंगे मिशन अंतर्गत बेतवा नदी के वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन के लिये क्षमता वर्धन कार्यशाला

प्रशिक्षण व्यावहारिक, सार्थक एवं प्रभावी होना चाहिए : राज्यमंत्री बागरी

भोपाल

राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी के मुख्य आतिथ्य में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत बेतवा नदी के वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने संबंधी दो दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का शुभारंभ भोपाल में किया गया।

राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि भारत में नदियाँ केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का केंद्र हैं। आमजन नदियों के जल को सर्वाधिक शुद्ध एवं पवित्र मानते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में डीपीआर तैयार करने संबंधी दिया जाने वाला प्रशिक्षण व्यावहारिक, सार्थक एवं प्रभावी होना चाहिए, जिससे भविष्य में तैयार होने वाली परियोजनाएँ नदी संरक्षण के उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।

राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि डीपीआर तैयार करते समय प्राकृतिक स्रोतों की उपयोगिता तथा उनके संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रकृति की पूजा का मूल उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण है, क्योंकि नदियों और वृक्षों के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। वृक्ष प्राकृतिक रूप से नदियों को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बरसाती नालों की नियमित सफाई पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे नदियों को प्रदूषण से बचाने में प्रभावी सहायता मिलती है। उन्होंने बहुउद्देशीय कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के कार्यकारी निदेशक बृजेन्द्र स्वरूप ने कहा कि नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत गंगा की सहायक नदियों, विशेष रूप से बेतवा नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप नमामि गंगे मिशन कार्य कर रहा है। उन्होंने मिशन के पाँच प्रमुख स्तंभों— अविरल गंगा, निर्मल गंगा, जन गंगा, ज्ञान गंगा और अर्थ गंगा—की जानकारी देते हुए इनके महत्व पर प्रकाश डाला।

नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी आमंत्रित विषय विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित यह दो दिवसीय कार्यशाला बेतवा नदी के पुनर्जीवन के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।

कार्यक्रम में नमामि गंगे मिशन के निदेशक धीरज जोशी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय पर्यावरण विशेषज्ञ सीताराम टैगोर ने किया।

 

सुबह 6 बजे ट्रंप बोले- PM मोदी को फोन करते हैं’, सर्जियो गोर ने सुनाया दोनों नेताओं की खास बॉन्डिंग का किस्सा

 नई दिल्ली

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इंडो-पैसिफिक कमांड का नाम बदलने को लेकर हुए विवाद को खारिज करते हुए कहा कि “लेटरहेड पर लिखे नाम” से कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि यह देखना चाहिए कि अमेरिका असल में क्या कर रहा है. अमेरिकी राजदूत ने इस बात को खारिज किया कि भारत-अमेरिका के बीच संबंध कमजोर हो रहे हैं। 

US-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए गोर ने कहा कि भारत आज भी किसी भी अन्य देश की तुलना में अमेरिका के साथ ज़्यादा सैन्य अभ्यास करता है और रक्षा अधिकारियों के बीच नियमित द्विपक्षीय दौरे होते हैं। 

गोर की ये टिप्पणी ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ से ‘इंडो’ शब्द हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद सामने आई हैं. 1947 में बनी US पैसिफिक कमांड अमेरिका की सबसे पुरानी यूनिफाइड कमांड्स में से एक है, जिसका दायरा अमेरिका के पश्चिमी तट से लेकर भारत की पश्चिमी सीमा तक फैला है। 

लेटरहेड से क्या फर्क पड़ता है
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती अहमियत को देखते हुए पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ कर दिया गया था. इस महीने की शुरुआत में, अमेरिका ने इस यूनिफाइड कमांड का पुराना नाम बहाल कर दिया।  

गोर ने कहा, “मैं बस एक बात कहना चाहता हूं क्योंकि नाम बदलने को लेकर बहुत से लोगों ने काफी हंगामा किया था. मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि लेटरहेड पर क्या नाम लिखा है, बल्कि यह देखना चाहिए कि अमेरिका असल में क्या कर रहा है। 

अमेरिकी राजदूत ने कहा, “हां, नाम बदला गया; लेकिन हम अभी भी वहां मौजूद हैं. भारत आज भी किसी भी दूसरे देश की तुलना में अमेरिका के साथ कहीं ज़्यादा मिलिट्री एक्सरसाइज़ करता ह. हर महीने कुछ न कुछ होता रहता है, चाहे भारतीय सैनिक यहां आएं या अमेरिकी सैनिक उस क्षेत्र में जाएं।

उन्होंने कहा कि अगले दो हफ़्तों में भारतीय नौसेना का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका का दौरा करेगा। 

कमजोर नहीं हुए हैं भारत-अमेरिका के संबंध
गोर ने उन सुझावों को भी खारिज कर दिया कि दोनों देशों के बीच संबंध कमजोर हो गए हैं; उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर रिश्ते मजबूत स्थिति में हैं। उन्होंने कहा, “तो जो विशेषज्ञ ऑनलाइन बैठकर ट्वीट करते हैं और कहते हैं कि यह रिश्ता मुश्किल में है, उन्हें असलियत देखनी चाहिए. चाहे व्यापार हो, रक्षा हो या लोगों के बीच आपसी संबंध हों. हर मामले में यह रिश्ता मजबूत स्थिति में है। 

गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ संबंधों को बहुत महत्व देते हैं और व्यापार, तकनीक, रक्षा और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

भारत में अमेरिकी राजदूत ने एक घटना का जिक्र किया जब ट्रंप ने मियामी से मोदी को फोन करने का फैसला किया; ये तब हुआ था जब ट्रंप वहां ‘अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप’ (UFC) के मुकाबले देख रहे थे। 

भारत में सुबह 6 बज रहे थे, ट्रंप बोले- PM मोदी को फोन लगाइए…
गोर ने बताया, “यह कुछ महीने पहले की बात है. राष्ट्रपति मियामी में UFC कार्यक्रम में थे और हम बैकस्टेज बैठे थे, तभी उन्होंने मुझसे कहा, ‘चलो प्रधानमंत्री मोदी को फोन करते हैं। 

गोर ने ट्रंप की बात याद करते हुए कहा, “मैंने कहा सर वहां (भारत में) सुबह के 6 बजे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘वह (मोदी) जाग रहे होंगे. वह (मोदी) मेरी तरह ही हैं। 

गोर ने बताया कि जब तक वह नई दिल्ली में कुछ लोगों से बात कर पाते, तब तक ट्रंप UFC के मंच पर पहुंच चुके थे और आखिरकार मोदी के साथ बातचीत अगले दिन के लिए तय की गई। 

गोर ने कहा कि इस घटना से ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच के रिश्ते की असलियत पता चलती है। 

अमेरिकी राजदूत गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा, “इस कहानी का मुख्य संदेश यह है कि जब आप किसी के दोस्त होते हैं, तो हर चीज पहले से तय करने की ज़रूरत नहीं होती.” उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति सच में प्रधानमंत्री को अपना दोस्त मानते हैं। 

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के साथ उनका जुड़ाव उनके पहले कार्यकाल से ही है. भारत से जुड़ी उनकी अच्छी यादें हैं. और यह एक बहुत बड़ा फायदा है। 

गोर ने कहा, “अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है.” उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दो साल दशकों तक चलने वाले द्विपक्षीय संबंधों को आकार देने के लिए बहुत अहम होंगे। 

गोर ने बताया कि ये अगले दो साल रिश्ते को आने वाले कई दशकों के लिए एक नई दिशा देंगे. इसलिए जो भी इसमें शामिल हो रहा है, वह इसे एक लंबे समय के प्रोजेक्ट के तौर पर देखे. यह एक या दो साल का मामला नहीं है, बल्कि हम आज जो बोएंगे, वही हमें आने वाले दशकों तक आगे ले जाएगा। 

उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका, आदित्य ठाकरे के करीबी सचिन अहीर ने भी छोड़ा साथ

मुंबई
 लोकसभा के छह सांसदों के साथ छोड़ने के बाद उद्धव ठाकरे को एक और गहरा जख्म मिला है. आदित्य ठाकरे के सबसे भरोसेमंद और करीबी नेता सचिन अहीर ने भी बगावत कर दी है. अहीर अब एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं. मंगलवार को उन्होंने विधान परिषद उपसभापति पद के लिए महायुति के उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया. यह चुनाव बुधवार को होना है. सचिन अहीर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में पर्चा भरा. इस मौके पर डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार भी मौजूद थीं. वर्ली में आदित्य ठाकरे का राजनीतिक आधार मजबूत करने में अहीर का बड़ा रोल रहा है. ऐसे में उनका जाना ठाकरे परिवार के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. सचिन अहीर साल 2019 में एनसीपी छोड़कर शिवसेना में आए थे. उन्हें 2022 में एमएलसी बनाया गया था। 

बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने इस टूट के लिए उद्धव ठाकरे और संजय राउत के अहंकार को जिम्मेदार ठहराया है. बावनकुले ने साफ कहा कि बीजेपी का अहीर के इस कदम से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि ठाकरे गुट अपने कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं देता. यही वजह है कि पार्टी में भारी नाराजगी है और नेता लगातार साथ छोड़ रहे हैं। 

शिवसेना के दोनों गुटों में यह सियासी जंग काफी तेज हो गई है. कुछ ही दिन पहले पार्टी के छह सांसदों ने भी शिंदे गुट जॉइन किया था. पार्टी के नेता इसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ का नाम दे रहे हैं. विधान परिषद चुनाव से पहले यह बगावत महाविकास अघाड़ी के लिए खतरे की घंटी है। 

शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने क्या दावा किया?
इस बड़े सियासी फेरबदल पर एनसीपी शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने कहा, ‘सचिन अहीर पहले हमारी पार्टी में थे. फिर वह उद्धव ठाकरे के साथ गए और अब शिंदे गुट में चले गए.’ उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए काफी खतरनाक बताया. रोहित ने आरोप लगाया कि पैसे और सत्ता के दम पर नेताओं को खरीदा जा रहा है. उन्होंने आशंका जताई कि शिंदे गुट अब उनकी पार्टी को भी निशाना बना सकता है। 

हालांकि उन्होंने दावा किया कि शिंदे गुट को अब वैसी सफलता नहीं मिलेगी. वहीं ठाकरे गुट के नेता अंबादास दानवे ने एक अहम जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस चुनाव में जगन्नाथ अभ्यंकर महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार हैं। 

नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी और उत्पादन में होती है वृद्धि

नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी और उत्पादन में होती है वृद्धि

किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक

राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण

नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 1.14 लाख बोतलों का वितरण

रायपुर, 
 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए राज्य में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।

कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के दौरान सहकारी समितियों के माध्यम से नैनो उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। 26 जून 2026 की स्थिति में राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है, जिसमें से 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है तथा 1.14 लाख बोतलों से अधिक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। शेष मात्रा समितियों में उपलब्ध है, जिससे आगामी कृषि कार्यों के लिए किसानों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

राज्य सरकार किसानों को नैनो उर्वरकों के लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया पारंपरिक ठोस रासायनिक उर्वरकों की तुलना में अधिक प्रभावी हैं। इनका उपयोग करने से उर्वरकों की मात्रा कम लगती है, पौधों द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है, उत्पादन लागत घटती है तथा फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के किसान वैज्ञानिक खेती अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकें।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने निकटतम सहकारी समिति एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी प्राप्त करें तथा इन आधुनिक उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग कर कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में सहभागी बनें।

हिस्ट्रीशीटर नशा तस्कर मुकेश बनिया की 42 लाख रुपये की संपत्ति अटैच, पुलिस का बड़ा एक्शन

रायपुर.

नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आदतन एनडीपीएस आरोपी मुकेश उर्फ मुकेश बनिया की करीब 42 लाख रुपये की संपत्तियों पर SAFEMA सक्षम प्राधिकारी मुंबई ने फ्रीजिंग ऑर्डर की पुष्टि कर दी है। इससे आरोपी अब बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के इन संपत्तियों को बेच, गिरवी रख या हस्तांतरित नहीं कर सकेगा। बता दें कि इससे पहले गांजा तस्कर रवि साहू की संपत्ति अटैच की गई थी।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर “सूखे नशे के विरुद्ध अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश प्रसाद गुप्ता और एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने मुकेश बनिया के आर्थिक नेटवर्क की विस्तृत जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी और उससे जुड़े लोगों के नाम पर एक मकान और तीन वाहन मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदे गए थे। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ(1) के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव भेजा गया, जिसे SAFEMA ने मंजूरी दे दी।

31 आपराधिक मामलों का आरोपी है मुकेश
पुलिस के अनुसार मुकेश बनिया रायपुर में लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा रहा है। उसके खिलाफ 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या, बलवा, मारपीट और गुंडागर्दी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। 26 फरवरी 2026 को सिटी कोतवाली पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में उसे गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से 6.119 किलोग्राम गांजा, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 2400 अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां समेत अन्य सामग्री बरामद की गई थी। इससे पहले पुलिस ने आरोपी के आधुनिक तकनीक से संचालित गांजा हाइडआउट का भी खुलासा किया था।

पहले PIT-NDPS के तहत हुई थी कार्रवाई
आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसके खिलाफ पहले ही PIT-NDPS Act, 1988 के तहत डिटेंशन ऑर्डर जारी किया जा चुका है। इसके बाद पुलिस ने उसके आर्थिक स्रोतों की गहन जांच शुरू की, जिसके आधार पर संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई।

अब होगी जब्ती की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार अब संबंधित पक्ष को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष यह साबित करना होगा कि संपत्तियां वैध आय से खरीदी गई हैं। यदि वे इसका प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए तो नियमानुसार इन संपत्तियों को स्थायी रूप से शासन के पक्ष में जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पुलिस का संदेश
रायपुर पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि अब नशा तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक सीमित कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि अपराध से अर्जित उनकी अवैध संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत समाप्त किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा के पर्यवेक्षण में निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार ने वित्तीय जांच, दस्तावेजों के संकलन, राजस्व एवं परिवहन अभिलेखों की जांच तथा सफेमा के समक्ष समन्वय की पूरी प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने फ्रीजिंग ऑर्डर की पुष्टि की।

कबीरधाम में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण, कालाबाजारी रोकने 170 केंद्रों का निरीक्षण

कबीरधाम में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण, कालाबाजारी  रोकने 170 केंद्रों का निरीक्षण

दो विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित, 40 कृषि केंद्रों को  कारण बताओ नोटिस जारी

रायपुर,
राज्य सरकार खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने सतर्कता के साथ कार्य कर रही है। जिलों में भी खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। खाद-बीज की कालाबाजारी को रोकने प्रशासन सतर्क है। इसी कड़ी में कबीरधाम जिले में भी खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा कालाबाजारी एवं अधिक मूल्य पर विक्रय रोकने के लिए व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि जिला कबीरधाम में सहकारी क्षेत्र में 57,200 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण लक्ष्य के विरुद्ध सेवा सहकारी समितियों में 32,700 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जबकि डबल लॉक केंद्रों में 5,668 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध हैं। समितियों के माध्यम से किसानों को अब तक 21,151 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है।

इसी प्रकार निजी क्षेत्र में 10,457 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 7,639 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। सहकारी समितियों एवं निजी विक्रय केंद्रों के माध्यम से उर्वरकों का वितरण निरंतर जारी है। डीएपी उर्वरक के वैकल्पिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसाओं के अनुसार एनपीके, टीएसपी एवं एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग और वितरण के संबंध में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। मैदानी अमलों द्वारा किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। जिले में उर्वरकों के भंडारण, वितरण, कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर विक्रय एवं अन्य अनियमितताओं पर नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों, उड़नदस्ता दल तथा उर्वरक निरीक्षकों द्वारा अब तक 170 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है।

निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 2 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं तथा 40 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य एवं नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।

हाल ही में कलेक्टर की उपस्थिति में बोड़ला विकासखंड के तीन निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसानों से चर्चा कर उर्वरक वितरण व्यवस्था तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। कृषि विभाग ने कहा है कि खरीफ 2026 के दौरान किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी एवं कार्रवाई जारी रहेगी।

CEO के तबादले की मांग पर अड़े सरपंच, सामूहिक इस्तीफे की दी चेतावनी

मोहला-मानपुर.

छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में जिला सरपंच संघ और स्थानीय प्रशासन के बीच छिड़ा विवाद गहराता जा रहा है. निर्माण कार्यों के भुगतान में कथित कमीशनखोरी, अनावश्यक देरी और अनदेखी का आरोप लगाते हुए तीनों विकासखंडों के सरपंचों ने जिला पंचायत सीईओ के तबादले की मांग तेज कर दी है. सरपंचों ने जल्द निर्णय नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है.

उपमुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
सरपंचों ने जिला पंचायत सीईओ के अन्यत्र स्थानांतरित के लिए कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंप दिया है. सरपंच संघ ने प्रशासनिक अफसरों की कार्यशैली को प्रशासनिक आतंकवाद करार देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से भी न्याय की गुहार लगाई. उन्होंने मांग की है कि सरपंचों को इस प्रशासनिक आतंकवाद से छुटकारा दिलाए.  

विशेष ग्राम सभा का किया था बहिष्कार
दरअसल, जिला सरपंच संघ के बैनर तले सरपंचों ने सप्ताह भर पहले कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था. लेकिन इस दौरान कलेक्टर के मुलाकात नहीं करने पर नाराज सरपंच संघ ने 24 जून को प्रदेश स्तर पर सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभा का बहिष्कार भी कर दिया था. इसका असर जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में देखने को मिला, जहां कई स्थानों पर सरपंचों की अनुपस्थिति में ग्राम सभाएं आयोजित हुईं, जबकि कुछ पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन ही नहीं हो सका.

कलेक्टर ने मांग पर जताई असमर्थता
इसी विवाद के बीच 29 जून को कलेक्ट्रेट परिसर में जिला सरपंच संघ के प्रतिनिधिमंडल और कलेक्टर के बीच बैठक हुई. बैठक के दौरान सरपंच संघ ने लिखित ज्ञापन सौंपते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) भारती चंद्राकर का स्थानांतरण करने की मांग रखी. हालांकि कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह विषय अधिकार क्षेत्र से बाहर है, इसलिए वे इस मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं.

कलेक्टर से चर्चा में ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद सरपंच संघ ने मोहला स्थित सामुदायिक भवन में फिर से बैठक की. इसमें निर्णय लिया गया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो जिलेभर के सरपंच आंदोलन को और तेज करेंगे. साथ ही चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में सभी सरपंच सामूहिक इस्तीफा भी दे सकते हैं. मामले के संबंध में  जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई भी कहने से इनकार कर दिया.

आंदोलन का न करें राजनीतिकरण 
सरपंच संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है. संघ ने राजनीतिक दलों और नेताओं से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर बयानबाजी कर आंदोलन का राजनीतिकरण न करें, क्योंकि सरपंच अपनी लड़ाई स्वयं लड़ने में सक्षम हैं.

उद्यानिकी विभाग की योजना से बदली किसान की किस्मत, खीरे की वैज्ञानिक खेती बनी वरदान

सफलता की कहानी 
उद्यानिकी विभाग की योजना से बदली कमार कृषक की तकदीर

खीरे की वैज्ञानिक खेती बनी वरदान

रायपुर
खीरे की व्यावसायिक खेती एक बेहद लाभदायक व्यवसाय है, जो 45 से 50 दिनों में पैदावार देना शुरू कर देता है। व्यावसायिक खेती में खीरे को जमीन पर फैलाने के बजाय मचान और तारों का सहारा देकर ऊपर चढ़ाना चाहिए। इससे फल जमीन के संपर्क में नहीं आते, गलते नहीं हैं और उनका आकार, रंग और चमक शानदार रहती है, जिससे बाजार में बेहतरीन भाव मिलता है। बुवाई के 45-50 दिनों बाद फल तोड़ने योग्य हो जाते हैं। मचान विधि से एक एकड़ में लगभग 30 से 45 क्विंटल तक उपज प्राप्त हो जाती है।

                 सीमित संसाधनों और पारंपरिक खेती के दौर में यदि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का साथ मिले, तो खेती कैसे फायदे का सौदा बन सकती है, इसे धमतरी जिले के एक प्रगतिशील किसान ने सच कर दिखाया है। जिला धमतरी के विकासखंड नगरी के अंतर्गत ग्राम सेलबहरा के विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार समुदाय) के कृषक श्री खीमांशु गजेसिंग आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।

4 एकड़ में खीरे की व्यावसायिक खेती

        श्री गजेसिंग के पास कुल 10 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें से उन्होंने इस वर्ष 4 एकड़ क्षेत्र में खीरे की व्यावसायिक खेती की। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के नियमित संपर्क और तकनीकी मार्गदर्शन से उन्होंने उन्नत खेती की तकनीक, गुणवत्तायुक्त बीजों का चयन, संतुलित पोषण प्रबंधन, आधुनिक सिंचाई और पौध संरक्षण जैसी वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया।

पारंपरिक से वैज्ञानिक खेती का सफर

       पहले पारंपरिक ढर्रे पर खेती करने के कारण श्री गजेसिंग के लिए कृषि की लागत निकालना भी एक बड़ी चुनौती थी और आय बेहद सीमित थी। लेकिन आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के बाद पासा पलट गया। वैज्ञानिक तरीके से की गई इस खेती के कारण खीरे की फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में जबरदस्त सुधार हुआ है। स्थानीय बाजारों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी उनके खीरे की भारी मांग है। उपज का सही और उचित मूल्य मिलने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

भविष्य की योजनाएं और संदेश

         अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए श्री खीमांशु गजेसिंग ने बताया कि विभागीय अधिकारियों के तकनीकी सुझावों और शासकीय योजनाओं के सहयोग से मुझे खेती को एक नए नजरिए से देखने का मौका मिला। इस सफलता से प्रेरित होकर अब मैं भविष्य में अन्य उद्यानिकी फसलों का विस्तार करने और आधुनिक कृषि तकनीकों के जरिए उत्पादन को और बढ़ाने की योजना बना रहा हूँ।

       उद्यानिकी विभाग भी लगातार किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। श्री गजेसिंग की यह उपलब्धि साबित करती है कि वैज्ञानिक नवाचार और सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर कृषि को टिकाऊ और अत्यधिक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।

सेवा सहकारी समिति मुनुंद में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद उपलब्धता

सेवा सहकारी समिति मुनुंद में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद उपलब्धता

 कालाबाजारी रोकने प्रशासन सतर्क

रायपुर,
राज्य सरकार खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने सतर्कता के साथ कार्य कर रही है। जिलों में भी खाद बीज की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। खाद-बीज की कालाबाजारी को रोकने प्रशासन सतर्क है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन के कृषि अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि खरीफ 2026 सीजन के लिए जांजगीर-चांपा जिले में किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है तथा खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित निरीक्षण एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

कृषि विभाग के अनुसार सहकारी क्षेत्र में 39,200 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण लक्ष्य के विरुद्ध वर्तमान में 21,362 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जिसमें से 7,826 मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है। इसी प्रकार निजी क्षेत्र में 26,130 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 13,487 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है तथा 10,150 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। जिला जांजगीर-चांपा के नवागढ़ विकासखंड की सेवा सहकारी समिति मुनुंद में वर्तमान में यूरिया, डीएपी, एनपीके, जिंकेटेड सुपर फॉस्फेट तथा नैनो उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और किसानों को निरंतर वितरण किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि किसानों को उनके खेती के रकबे के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शनिवार एवं रविवार सहित अवकाश दिवसों में भी सेवा सहकारी समितियों को संचालित कर खाद वितरण जारी रखा गया है। खाद की कालाबाजारी एवं वितरण में अनियमितता रोकने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय उर्वरक निरीक्षक दल द्वारा निजी कृषि केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान शासकीय दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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