राज्यपाल डेका को जगदलपुर के ट्री मैन ने भेंट की मियाजाकी आम

रायपुर,
 राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में  जगदलपुर के ट्री मैन संपत झा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर झा ने राज्यपाल कोे दुनिया की सबसे मंहगी आम प्रजातियों में शामिल मियाजाकी आम भेंट की। 

              राज्यपाल ने मियाजाकी आम की खेती को बस्तर क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह न केवल किसानों की आय बढ़ाने मे सहायक सिद्ध हो सकती है बल्कि छत्तीसगढ़ को अंतरर्राष्ट्रीय फल बाजार में नई पहचान भी दिला सकती है। उन्होंने इस विशेष प्रजाति की खेती को बढ़ावा देने, इसकी पैदावार मे वृद्धि करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी मार्केटिंग के प्रयास करने हेतु प्रोत्साहित किया।

ट्विशा शर्मा केस: सास और पति समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ी

भोपाल 

भोपाल के हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। अदालत ने इस मामले में आरोपी ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह कि न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। CBI ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की थी। अब दोनों आरोपी 30 जून तक जेल में रहेंगे। फिलहाल दोनों आरोपी भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद हैं।

कोर्ट में दोनों आरोपियों की वर्चुअल सुनवाई की गई। सुरक्षा कारणों को देखते हुए यह फैसला लिया गया। आज की सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने मामले की मीडिया ट्रायल पर आपत्ति जताई है और कहा है कि इससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो रही है। गिरिबाला के वकील जॉर्ज कार्लो ने कोर्ट में कहा, मीडिया को मामलें से दूर रखा जाए।

गिरिबाला और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत बढ़ी
गिरिबाला सिंह वकील ने कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि  ट्विशा के परिजनों और वकीलों को भी मीडिया में बयान देने से रोका जाए। वहीं, आज की सुनवाई के दौरान CBI ने कोर्ट से कहा, फॉरेंसिक और डिजिटल एविडेंस की स्टडी कर रहे हैं, केस से जुड़ कुछ और लोगों से पूछताछ बाकी है। CBI ने कोर्ट में कहा कि हमें अभी ट्विशा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच एजेंसी की मांग पर कोर्ट ने दोनों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी।

30 जून तक कर जेल में रहेंगे दोनों आरोपी
समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को 2 जून को भोपाल की सेंट्रल जेल भेजा गया था। उस समय भोपाल कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश दिए थे। अब रिमांड बढ़ाकर 30 जून तक कर दी गई है।

जेल में VIP ट्रीटमेंट देने का आरोप
समर्थ और गिरिबाला सिंह को जेल में विशेष सुविधाएं देने का भी आरोप लगा। जेल जाने के एक दिन बाद दोनों आरोपियों को बैरक से निकालकर जेल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था, जिसके बाद भारी बवाल मचा था। ट्विशा के परिवार ने इस VIP ट्रीटमेंट का विरोध जताया था।

कैस हुई थी ट्विशा की मौत
बता दें कि भोपाल में पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव ससुराल के टेरेस पर फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिवार ने दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मामले की जांच अब CBI कर रही है।

जेल में वकील से मिलने की छूट मांगने कोर्ट पहुंचीं गिरिबाला सिंह
बता दें, ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी, जो पेशे से वकील हैं. परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को कम दहेज लाने को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था. परिवार का कहना है कि शादी के कुछ ही समय बाद से उसके साथ लगातार मानसिक और अन्य प्रकार का उत्पीड़न किया जाने लगा था। 

मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य घटना वाली रात की आखिरी फोन कॉल भी है. 12 मई 2026 की रात 9 बजकर 41 मिनट पर ट्विशा ने अपनी मां से बात की थी. परिजनों का दावा है कि बातचीत के दौरान फोन के बैकग्राउंड में उसके पति समर्थ सिंह के चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही थी. इसके कुछ ही क्षण बाद फोन अचानक कट गया। 

परिजनों के अनुसार जब बाद में दोबारा फोन किया गया तो कॉल उठाने वाली गिरिबाला सिंह थीं. उन्होंने सीधे ट्विशा की मौत की जानकारी दी. इस घटनाक्रम ने परिवार की शंकाओं को और बढ़ा दिया. रिकॉर्ड के अनुसार उसी रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर समर्थ सिंह ट्विशा को बेहोशी की हालत में भोपाल एम्स लेकर पहुंचे थे. वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

15 मई 2026 को सामने आई शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और उलझा दिया. रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया, लेकिन साथ ही ट्विशा के शरीर पर कई चोटों के निशान भी मिलने की बात कही गई. रिपोर्ट के अनुसार ये चोटें मौत से पहले लगी थीं और संभव है कि किसी कुंद वस्तु के प्रहार से लगी हों। 

दहेज प्रताड़ना के आरोपों के बीच CBI जांच पर टिकी सबकी नजर
बाद में मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) ने भी की और पति समर्थ सिंह से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली एम्स में दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया और CBI ने भी इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की. अब इस पूरे मामले में दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. CBI का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. फिलहाल गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। 

राजस्थान में MP पुलिस पर बड़ा एक्शन, दो TI समेत 100 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज

आगर मालवा 
मध्य प्रदेश के आगर मालवा पुलिस की कार्रवाई पर राजस्थान के झालावाड़ जिले की चौमहला कोर्ट ने दो टीआई समेत 100 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन पिछले दो दिनों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बीती रात प्रकरण दर्ज हुआ है। तत्कालीन एसपी विनोद सिंह ने बताया था कि 28 जनवरी को दी गई दबिश के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और ड्रग्स बनाने की सामग्री बरामद करने का दावा किया था।

राजस्थान में मध्य प्रदेश के दो थाना प्रभारियों समेत 100 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामला जनवरी 2026 में राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र के घाटाखेड़ी गांव में हुई NDPS कार्रवाई से जुड़ा है।
चौमहला कोर्ट के 13 जून को दिए आदेश पर डग थाने में सोमवार (15 जून) को आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूप सिंह, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस ने कहा कि जांच में अन्य आरोपियों की पहचान भी की जाएगी।

बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ पकड़ने का दावा किया था
21 जनवरी 2026 को आगर पुलिस ने फैजान नाम के युवक को 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया था कि ड्रग्स घाटाखेड़ी के शाहिर, मुनव्वर और ताहिर से लाया था।

एसपी विनोद सिंह के मुताबिक फैजान की निशानदेही पर 28 जनवरी को 80 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ दबिश दी गई थी। यहां बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और ड्रग्स बनाने की सामग्री बरामद करने का दावा किया गया था। इस दौरान दो भाई शाहिर खान और मुनव्वर उर्फ राजा गिरफ्तार किए गए थे।

पांच पॉइंट्स, जिनसे कार्रवाई पर उठे सवाल

  •     आगर मालवा के तत्कालीन एसपी विनोद कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्रवाई के दौरान दो बंदूकें, एक ग्राइंडर मशीन और दो ड्रम जब्त करने का दावा किया था। जांच के दौरान सामान नया दिखने पर सवाल उठे, लेकिन एसपी ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया था।
  •     दावा किया गया कि कार्रवाई में राजस्थान पुलिस भी शामिल थी, लेकिन जांच में सामने आया कि उसे इसकी जानकारी ही नहीं थी।
  •     एसपी विनोद कुमार सिंह ने कहा था कि ई-साक्ष्य ऐप से कार्रवाई की रिकॉर्डिंग की गई थी, लेकिन जांच में सामने आया कि वीडियोग्राफी नहीं हुई थी।
  •     पुलिस रिकॉर्ड में शाहिर की गिरफ्तारी सुबह 4:40 बजे, मुनव्वर की 4:45 बजे और जब्ती 5:40 बजे दर्शाई गई। जांच में वीडियोग्राफी और सीसीटीवी से सामने आया कि आगर पुलिस की डग थाना क्षेत्र में आखिरी मौजूदगी 5:05 बजे तक ही थी।
  •     बताया गया कि मध्य प्रदेश पुलिस के वाहन घाटाखेड़ी में करीब 30 मिनट ही रुके थे। इसी दौरान तलाशी, गिरफ्तारी, जब्ती और अन्य कार्रवाई का दावा किया गया, जबकि इतने कम समय में NDPS अधिनियम की कानूनी प्रक्रिया पूरी होना संभव नहीं था।

परिवार ने शुरुआत से पुलिस कार्रवाई को फर्जी बताया
गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान शुरुआत से ही कार्रवाई को फर्जी बताते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश पुलिस ने स्थानीय राजस्थान पुलिस को सूचना दिए बिना घर में प्रवेश किया, परिजन से बदसलूकी की और उनके बेटों को झूठे NDPS प्रकरण में फंसाया।

जानें जांच में क्या-क्या सामने आया?
कोर्ट के आदेश पर पुलिस विभाग के जांच अधिकारी द्वारा की गई जांच में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे थे। जांच में सामने आया कि पुलिस द्वारा किए गए जब्ती के दावे से संबंधित कई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे और वीडियोग्राफी का दावा भी झूठा था। इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि मध्य प्रदेश पुलिस के वाहन गांव में केवल 30 मिनट ही रुके थे, जबकि इतने कम समय में एनडीपीएस अधिनियम के तहत तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी की पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं है।

इस कार्रवाई पर अब कानूनी सवाल उठ रहे
इसी जांच रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, रूपसिंह बैस, उप निरीक्षक राखी गुर्जर, सहायक उप निरीक्षक अजय जाट और पुलिसकर्मी राहुल विश्वकर्मा व शुभम सहित पूरी टीम पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। ऐसे में अब कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज हो गया है। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा यहां से की गई पांच करोड़ की मादक पदार्थ जब्ती की कार्रवाई का खुलासा मध्य प्रदेश में टीम द्वारा किया गया था, लेकिन इस कार्रवाई पर अब कानूनी सवाल उठ रहे हैं।

दस लाख रुपये मांगने का भी पुलिस पर आरोप
इस्तगासे में पीड़ित ने बताया कि उनसे 10 लाख रुपये की मांग की गई। जब उन्होंने कहा कि किसान लोग इतने रुपये कहां से लाएंगे और रुपये देने में असमर्थता जताई, तो उन्हें आगर थाने ले जाया गया। वहां गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों के खिलाफ दो किलो एमडी, 1 किलो स्मैक, कैटामाइन, नशीले इंजेक्शन, केमिकल ड्रम, 2 राइफलें आदि यानी 5 करोड़ रुपये की सामग्री जब्त होना बताकर केस दर्ज कर दिया गया।

जबकि इनके परिवार के घरों की तलाशी लेने पर 1 ग्राम सामग्री यानी कुछ भी नहीं मिला। केवल एक लाइसेंसशुदा एकनाली बंदूक, एक एयर गन और 7 मोबाइल जब्त किए गए। शाहिर खान और मनोवर खान को पकड़कर ले जाया गया था और वहां ले जाकर उनके ऊपर मादक पदार्थ की सामग्री का केस बना दिया गया।

तलाशी-गिरफ्तारी और जब्ती से जुड़े रिकॉर्ड नहीं मिले
हमीद खान ने 21 फरवरी 2026 को चौमहला कोर्ट में परिवाद (शिकायती आवेदन) दायर किया। कोर्ट ने उसी दिन जिला पुलिस अधीक्षक झालावाड़ अमित को जांच के आदेश दिए। एसपी ने जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) भागचंद्र मीणा को सौंपी।

एएसपी मीणा ने आगर आकर दबिश में शामिल थाना प्रभारी शशि उपाध्याय समेत कई पुलिसकर्मियों के बयान लिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती से जुड़े कई रिकॉर्ड नहीं मिले।

जांच रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर FIR के आदेश
जांच रिपोर्ट और उपलब्ध सबूतों पर विचार के बाद कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद डग थाने में शशि उपाध्याय, रूप सिंह राजपूत, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट, राहुल विश्वकर्मा, पुलिसकर्मी शुभम समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

जांच के बाद और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस आरोपों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जाएगी। इसके बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आशंका है कि जांच के बाद और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। साथ ही, धाराएं भी बढ़ सकती हैं।

उड़ान के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ अमेरिकी B-52 बॉम्बर, 8 लोगों की दर्दनाक मौत

कैलिफोर्निया
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर सोमवार को भयानक हादसा देखने को मिला. यहां B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस बॉम्बर विमान हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई. विमान नियमित टेस्ट्स मिशन पर था और स्थानीय समय के मुताबिक 11.20 am पर उड़ा भरी. उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद ये क्रैश हो गया. अमेरिकी वायुसेना ने इसे असहनीय और दुखद हादसा बताया है. एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस के अधिकारियों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि उसमें किसी के बचने की संभावना नहीं थी. दुर्घटना के बाद घटनास्थल से काले धुएं का विशाल गुबार उठता दिखाई दिया। 

वायुसेना ने बताया कि विमान रडार आधुनिकीकरण कार्यक्रम से जुड़े एक टेस्ट मिशन पर था. हादसे में मारे गए लोगों में सैन्य अधिकारी, सरकारी कर्मचारी और सरकारी ठेकेदार शामिल थे. अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह दुर्घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि B-52 अमेरिकी वायुसेना के सबसे प्रतिष्ठित और लंबे समय से सर्विस में मौजूद विमानों में से एक है। 

आखिर क्यों बनाया गया था B-52?
B-52 का विकास 1950 के दशक की शुरुआत में शीत युद्ध (Cold War) के दौरान किया गया था. उस समय अमेरिका और सोवियत संघ के बीच परमाणु हथियारों की होड़ चरम पर थी. अमेरिका को ऐसे विमान की जरूरत थी जो हजारों किलोमीटर दूर तक उड़कर परमाणु बम पहुंचा सके और दुश्मन के इलाके में घुसकर हमला कर सके. इसी टार्गेट को लेकर अमेरिकी कंपनी बोइंग ने B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस का निर्माण किया. यह विमान पहली बार 1952 में उड़ा और 1955 में अमेरिकी वायुसेना में शामिल किया गया। 

B-52 हुआ क्रैश.

B-52 की सबसे बड़ी खासियतें

  •     ये करीब 31,700 किलोग्राम तक बम और मिसाइलें ले जाने की क्षमता रखता है.
  •     लंबी दूरी तक बिना रुके उड़ सकता है. रास्ते में रीफ्यूलिंग की जरूरत पड़ सकती है.
  •     पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियार ये ले जा सकता है.
  •     हवा में ईंधन भरने के बाद लगभग दुनिया के किसी भी हिस्से तक पहुंच सकता है.
  •     ये क्रूज मिसाइलों और परमाणु हथियारों को लॉन्च करने में सक्षम है.
  •     मौजूदा B-52H संस्करण आज भी अमेरिकी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता का अहम हिस्सा है.

किन-किन युद्धों B-52 का हुआ इस्तेमाल हुआ?

    वियतनाम युद्ध: 1960 और 1970 के दशक में B-52 ने वियतनाम युद्ध में बड़े पैमाने पर बमबारी की. ‘ऑपरेशन लाइनबैकर’ जैसे अभियानों में इसका व्यापक इस्तेमाल हुआ. अमेरिका का एक B-52 क्रैश भी हुआ और एक झील में गिर गया. इसी कारण वियतनाम में आज भी B-52 लेक है, जहां उसका मलबा पड़ा है। 

    1991 का खाड़ी युद्ध : इराक के खिलाफ ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म में B-52 ने लंबी दूरी से भारी बमबारी कर अमेरिकी सेना को बढ़त दिलाई। 

    अफगानिस्तान युद्ध: 2001 में 9/11 हमलों के बाद अफगानिस्तान में तालिबान और अल-कायदा के ठिकानों पर हमलों में इस विमान का इस्तेमाल किया गया। 
    इराक युद्ध: 2003 में इराक पर अमेरिकी हमलों के दौरान भी B-52 ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 
    ISIS के खिलाफ हमले: सीरिया और इराक में ISIS के ठिकानों पर भी B-52 से हमले किए गए। 
    ईरान युद्ध: हालिया अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान भी B-52H बमवर्षकों को मिशनों में तैनात किया गया था. इसकी मौजूदगी को अमेरिका की सैन्य चेतावनी के तौर पर देखा जाता है। 

B-52 अब नहीं बनते हैं
दिलचस्प बात यह है कि B-52 का उत्पादन 1962 में ही बंद हो गया था. इसके बावजूद अमेरिकी वायुसेना लगातार इसे आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करती रही है. फिलहाल अमेरिकी वायुसेना के पास B-52H के 76 विमान हैं. अमेरिका ने हाल ही में इसके नए इंजन और आधुनिक रडार सिस्टम लगाने के लिए अरबों डॉलर का प्रोजेक्ट शुरू किया है, ताकि यह विमान 2050 के दशक तक सेवा में बना रह सके। 

इम्तियाज अली की ‘मैं वापस आऊंगा’ रिलीज, बॉक्स ऑफिस पर 6.75 करोड़ की कमाई

फिल्ममेकर इम्तियाज अली की ओर से निर्देशित ‘मैं वापस आऊंगा’ थियेटर्स में रिलीज हो चुकी है. फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स मिली जुली प्रतिक्रिया मिली. इसने बॉक्स ऑफिस पर 6.75 करोड़ की कमाई कर ली है. इसी बीच कार्तिक आर्यन ने मूवी का रिव्यू किया और कास्ट-क्रू की जमकर तारीफ की.

कार्तिक आर्यन ने इम्तियाज अली को कहा ‘दूरदर्शी’
इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कार्तिक आर्यन ने फिल्म का पोस्टर शेयर किया और लिखा, “अपने पसंदीदा और विजनरी @imtiazali सर, कास्ट और क्रू की इस जबरदस्त टीम को बहुत सारा प्यार भेज रहा हूं.” इसी बीच अनुराग कश्यप ने भी लिखा, “एकदम नए और फ्रेश @imtiazaliofficial… उनकी फिल्म ‘चमकीला’ के बाद, ‘मैं वापस आऊंगा’ सिनेमाघरों में चल रही है… जरूर देखें, और मटनखोर, मैं तुमसे प्यार करता हूं. ऐसे ही प्रेरित करते रहो और हमारा दिल तोड़ते रहो.”

क्या है मैं वापस आऊंगा की कहानी
इम्तियाज अली की ओर से डायरेक्ट की गई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना, शरवरी और बनिता संधू जैसे स्टार्स हैं. फिल्म की कहानी 95 साल के ईशर सिंह ग्रेवाल (नसीरुद्दीन शाह) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें पाकिस्तान के सरगोधा जाने की कोशिश के दौरान स्ट्रोक आ जाता है. जब उन्हें बंटवारे से पहले के दिनों की यादें आने लगती हैं, तो उनका पोता निर्वैर (दिलजीत दोसांझ) इंग्लैंड से लौटता है और परिवार के पास्ट के एक बहुत ही निजी हिस्से को समझने की कोशिश करता है.

कार्तिक और शरवरी इस फिल्म में आ सकते हैं नजर
‘मैं वापस आऊंगा’, ‘अल्फा’ और सूरज बड़जात्या की ‘ये प्रेम मोल लिया’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के पाइपलाइन में होने के बाद, अब शरवरी के पास कई दिलचस्प प्रोजेक्ट्स हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्ममेकर लव रंजन अपनी आने वाली फिल्म में कार्तिक आर्यन के अपोजिट शरवरी को कास्ट करने की सोच रहे हैं. हालांकि ऑफिशियल तौर पर अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है.

आत्मसमर्पित नक्सलियों की सफल जटिल माइक्रोसर्जरी, संगठन के दबाव में करवाई थी नसबंदी

जगदलपुर.

बस्तर में पुनर्वास की एक अनोखी पहल ने कई परिवारों के जीवन में नई खुशियां लौटाई हैं. महारानी अस्पताल में आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों के लिए विशेष सर्जिकल शिविर आयोजित किया गया. शिविर में रिवर्स वासेक्टॉमी जैसी जटिल माइक्रोसर्जरी की गई.

ये वे लोग हैं, जिन्हें कभी नक्सली संगठन के दबाव में नसबंदी करानी पड़ी थी. देश के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्वैच्छिक सेवाएं देकर ऑपरेशन किए. दो चरणों में अब तक 73 सफल सर्जरी पूरी की जा चुकी हैं. इस पहल का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को सामान्य पारिवारिक जीवन लौटाना है. चिकित्सकों ने इसे मानवीय सेवा का अनूठा उदाहरण बताया.

अभियान के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं. कुछ परिवारों में बच्चों की किलकारियां फिर गूंजने लगी हैं. पुलिस और प्रशासन इसे पुनर्वास मॉडल की बड़ी सफलता मान रहे हैं. बस्तर में बंदूक छोड़ चुके लोगों के जीवन में यह पहल नई उम्मीद लेकर आई है.

सुरक्षा के मद्देनजर बाहरी फेरी वालों का सत्यापन तेज, पुलिस की कड़ी निगरानी

दंतेवाड़ा.

क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस ने सत्यापन अभियान तेज कर दिया है. बचेली में बिना अनुमति घूम-घूमकर सामान बेच रहे एक बाहरी वाहन पर कार्रवाई की गई. वाहन चालक आवश्यक सूचना और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका.

जांच के बाद उस पर जुर्माना लगाया गया. पुलिस ने उसे जिले की सीमा से बाहर जाने के निर्देश दिए. अभियान का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना है. पुलिस लगातार बाहरी व्यक्तियों और किरायेदारों का सत्यापन कर रही है. नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है. संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है.

मकान मालिकों को किरायेदारों की जानकारी थाने में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं. जनसहयोग को सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है. पुलिस का कहना है कि सतर्कता से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है.

छत्तीसगढ़ में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज

छत्तीसगढ़ में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज 

मुख्य सचिव ने ली उच्च स्तरीय बैठक,  “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम निर्धारित 

रायपुर, 
छत्तीसगढ़ में आगामी 21 जून को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” निर्धारित की गई है। आयोजन को व्यापक और सफल बनाने के लिए राज्य के मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली और तैयारियों की समीक्षा की।

सरगुजा में होगा राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन

         बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का संभावित राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम सरगुजा जिले में आयोजित होगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इसके लिए सभी आवश्यक और पुख्ता तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक जन-भागीदारी

          मुख्य सचिव विकासशील ने निर्देश दिए कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य के सभी जिलों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत के प्रमुख स्थलों पर अनिवार्य रूप से योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए आयुष विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को आपस में बेहतर समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है। जिला स्तर पर अधिक से अधिक जन-सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

NEET परीक्षार्थियों का रखा जाएगा विशेष ध्यान

           मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि 21 जून को ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट (NEET) की पुनः परीक्षा भी आयोजित की जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि योग दिवस के आयोजनों के कारण नीट परीक्षा केंद्रों और परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की असुविधा या तकलीफ न हो।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी और डिजिटल पंजीयन

           आयुष विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भारत सरकार द्वारा इस बार व्यापक जनभागीदारी के निर्देश हैं। 14 जून 2026 से सुबह 6.15 बजे से 7.35 बजे तक ऑनलाइन योग अभ्यास सत्र के माध्यम से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आम नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 जारी किया गया है, जिस पर मिस्ड कॉल देकर आसानी से पंजीयन कराया जा सकता है। अधिकारियों ने  बताया कि आयुष मंत्रालय द्वारा योग संगम पोर्टल-2026 प्रारंभ किया गया है। जिसके माध्यम से विभिन्न संस्थाएं, विभाग, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय निकाय,  स्वायत्तशासी संस्थाएं, सार्वजनिक उपक्रम योग संस्थान एवं सामुदायिक संगठन दिनांक 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों के लिए पंजीयन एवं  कार्यक्रम के उपरांत विवरण एवं फोटोग्राफ अपलोड किये जा सकते है। शासन के समस्त विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त एवं कलेक्टरों को अधीनस्थ संस्थाओं, कार्यालयों को उक्त पोर्टल पर पंजीयन कराने एवं आयोजन उपरांत कार्यक्रम की जानकारी पोर्टल में अपलोड करने हेतु निर्देशित करने कहा गया है। पंजीयन हेतु वेब पोर्टल https//:yoga.ayush.gov.in/yoga-sangam  है। 

         मंत्रालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद समेत नगरीय प्रशासन, वाणिज्यिक कर, कृषि, श्रम और आयुष विभाग के सचिव एवं योग आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर स्कूलों में उत्साह, विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में आज से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है। गर्मी की छुट्टियों के बाद पहले दिन स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों का शिक्षकों ने तिलक लगाकर और किताबें भेंट कर स्वागत किया। स्कूलों में बच्चों के चेहरों पर उत्साह और नई उम्मीदें साफ नजर आईं। खासकर पहली बार स्कूल पहुंचे नौनिहालों के लिए यह दिन यादगार रहा।

वहीं राज्य सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए जा रहे हैं। बता दें कि 30 जून को प्रदेश में शाला प्रवेश उत्सव का बड़ा आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा मंत्री शामिल होंगे। फिलहाल नए सत्र के पहले दिन स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ स्कूलों में पढ़ाई के अलावा राष्ट्रीय और सांस्कृतिक मूल्यों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रार्थना सभा में नियमित रूप से राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ का गायन कराया जाएगा। साथ ही बच्चों को देशभक्ति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित होंगी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों में इन गतिविधियों के नियमित संचालन के निर्देश दिए हैं। नए शिक्षा सत्र में बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने पर भी विशेष फोकस रहेगा। स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा को अधिक प्रभावी और प्रेरणादायी बनाने के लिए नियमित रूप से राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राज्यगीत का गायन कराया जाएगा।

प्रदेश में 24 जून को होगी ग्राम सभा, आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा

प्रदेश में 24 जून को होगी ग्राम सभा, आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा

रायपुर
 छत्तीसगढ़ में 24 जून 2026 को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम सभाओं में जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा एवं निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।  

ग्राम सभा में विशेष रूप से आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) का अवलोकन एवं वाचन किया जाएगा। ग्राम सभा द्वारा शासन की मार्गदर्शिका एवं SOP के अनुसार पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी तथा ग्रामीणों से प्राप्त दावे-आपत्तियों को नियमानुसार प्राप्त कर निराकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची को आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।  

इसके अलावा ग्राम सभा में पूर्व बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन, पंचायतों के आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति, तथा अन्य विकासात्मक विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।  

ग्राम सभाओं में विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM G के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी तथा इसके क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।  

प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ग्राम विकास से जुड़े निर्णयों में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है।

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