हौंसले की बुलंदी से हर मंजिल होती है आसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हौंसले की बुलंदी से हर मंजिल होती है आसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने भीम नगर बस्ती पहुंचकर एमपी बोर्ड 12वीं की टॉपर कुमारी चांदनी को दिया आशीर्वाद
प्रतिभावान बेटी की पढ़ाई में गरीबी नहीं बनेगी कभी बाधा
ई-स्कूटर से पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव : हेलमेट पहनने के‍लिए किया लोगों को प्रेरित

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि परिवार में गरीबी, कठिनाई के बावजूद हौंसले की बुलंदी से हर मंजिल आसान होती है। विषम परिस्थितियों में भी कुमारी चांदनी ने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से जो उपलब्धि हासिल की है, वह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमपी बोर्ड 12वीं की टॉपर कुमारी चांदनी विश्वकर्मा से मिलने ई-स्कूटर से विधानसभा के निकट स्थित भीम नगर बस्ती पहुंचे। ई-स्कूटर पर सवार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं हेलमेट पहना और उनके साथ ई-स्कूटर पर पीछे बैठे विधायक भगवान दास सबनानी ने भी हेलमेट लगाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेवा सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने, सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की प्रभावशीलता के संबंध में स्थानीय निवासियों से संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमारी चांदनी और उनके परिजन से आत्मीय भेंट की और परिजन के साथ सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चांदनी की उत्कृष्ट सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभावान बेटी की पढ़ाई में गरीबी कभी बाधा नहीं बनेगी। कुमारी चांदनी को शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक टू व्हीलर चलाकर दिया ईंधन बचाने का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक ईंधन संकट के बीच भीम नगर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर से पहुंचे। उन्होंने देशवासियों से ईंधन बचाने और पर्यावरण-संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रहित में सबसे पहले अपना कारकेड घटाने का निर्णय लिया था। उनकी पहल पर कारकेड में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को शामिल किया गया है।

 

जैविक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल – वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर. 
किसानों और कृषि प्रेमियों को रासायनिक खादों व कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक और टिकाऊ खेती करने के लिए प्रशिक्षित करने हेतु आयोजित की गई है। दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जैविक कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया।

जैविक खेती स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि का आधार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां और किसानों की मेहनत जैविक कृषि के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि जैविक खेती केवल उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ी है। जैविक खेती अपनाकर किसान भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्यान्न उत्पादन कर सकते हैं।

किसानों के लिए संचालित हो रही हैं अनेक योजनाएं
वन मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से खेतों की मेड़ों पर अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे भूमि संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।

जैविक खेती बनेगी दंतेवाड़ा की नई पहचान
क्षेत्रीय विधायक चौतराम अटामी ने कहा कि जिले के किसान जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को वैज्ञानिक जानकारी, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराकर खेती को अधिक उन्नत एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।

वैज्ञानिकों ने दी उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी
कार्यशाला के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने जैविक खेती, हरी खाद, जैव उर्वरक, वर्मी कम्पोस्ट, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन, मूल्य संवर्धन तथा जैविक उत्पादों के विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी किसानों को दी। किसानों की समस्याओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

विभिन्न विभागों ने लगाए जानकारी एवं प्रदर्शनी स्टॉल
कार्यक्रम में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग तथा भूमगादी संस्था द्वारा स्टॉल लगाकर किसानों को विभिन्न योजनाओं, तकनीकों और कृषि नवाचारों की जानकारी दी गई। साथ ही कृषकों को कृषि आदान सामग्री एवं आम के पौधों का वितरण भी किया गया।

महिला स्व-सहायता समूहों ने प्रदर्शित की नवाचार क्षमता
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों द्वारा रागी से तैयार केक का प्रदर्शन किया गया। मुख्य अतिथि ने केक काटकर महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की और मूल्य संवर्धन आधारित गतिविधियों को ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।  कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा जिले के विभिन्न गांवों से आए किसान, ग्रामीण युवा और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर, नगर निगम की कार्रवाई से हड़कंप

दुर्ग.

भिलाई नगर निगम ने अवैध कब्जा पर बड़ी कार्रवाई की है। अयप्पा नगर स्थित आनंद विहार और उल्लास नगर की डेढ़ एकड़ ईडब्ल्यूएस की जमीन पर हुए कब्जे को आज 12 साल बाद हटाया गया। यहां पर कब्जाधारियों ने एक मदरसा बना रखा था। साथ ही मकान भी बनाए गए थे।

वहीं शिव पब्लिक स्कूल ने भी बाउंड्रीवॉल का निर्माण कर लिया था। नगर निगम ने आज बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण को पूरी तरह हटाया। इस कार्रवाई के दौरान कोई विरोध नहीं हुआ। इस पूरी कार्रवाई को निगम ने एक प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। चार थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम, तहसीलदार एवं निगम प्रशासन की टीम की उपस्थिति में यह पूरी बुलडोजर कार्रवाई की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यहां सुबह से ही पुलिस ने अतिक्रमण वाले क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया था और करीब चार लेयर में यहां पुलिस बल को तैनात किया गया था।

अवैध कब्जा हटाने 2014 से प्रयास कर रहा था निगम
निगम आयुक्त राजीव पांडे ने बताया कि 2014 से लेकर 2025 तक लगातार निगम प्रशासन यहां अवैध कब्जा हटाने को लेकर प्रयास कर रहा था, लेकिन हमेशा असफल रहा। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ईडब्ल्यूएस की जमीन को खाली करने उन्होंने कलेक्टर सहित एसएसपी दुर्ग को सुरक्षा एवं सहयोग के लिए पत्र लिखा था, जिसके बाद आज यह पूरी कार्रवाई संभव हो सकी।

विरोध के लिए कोई भी नहीं आया सामने
उन्होंने बताया कि आनंद विहार और उल्लासनगर कॉलोनी बनने के दौरान ईडब्ल्यूएस की 15% जमीन जो करीब सवा एकड़ की थी वह छोड़ी गई थी और वहां प्रधानमंत्री आवास बनने थे, लेकिन कब्जाधारियों की वजह से पीएम आवास नहीं बन पाए। अब यहां गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे। जिन लोगों ने अतिक्रमण किया था अगर वे आवेदन देते हैं तो उन्हें विधिवत पीएम आवास भी दिया जाएगा, लेकिन अब तक किसी ने कोई आवेदन नहीं दिया है। इधर इस पूरी कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा रही, लेकिन सबसे बड़ी बात यह रही कि विरोध के लिए कोई भी सामने नहीं आया। करीब तीन घंटे में यह पूरी कार्रवाई की गई।

महासमुंद जिले के 53 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिली पेंशन राशि

रायपुर. 
छत्तीसगढ़ राज्य में सामाजिक सुरक्षा और मुख्यमंत्री पेंशन योजनाएं वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही हैं । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन से जरूरतमंदों को महंगाई के इस दौर में सम्मानजनक जीवन जीने की वास्तविक सुविधा मिल रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सहायता एवं पेंशन योजनाओं के माध्यम से महासमुंद जिले के हजारों जरूरतमंद हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा योजना और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत कुल 53 हजार 561 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया गया है।

राज्य शासन की योजनाओं से मिल रहा आर्थिक सहयोग
महासमुंद जिले के उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 24 हजार 253, सुखद सहारा योजना के 9 हजार 76 तथा मुख्यमंत्री पेंशन योजना के 20 हजार 232 हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। इन योजनाओं के माध्यम से वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और अन्य पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके जीवनयापन में सहूलियत मिल रही है।

केंद्रीय पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी मिला लाभ
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी लंबित पेंशन राशि का भुगतान किया गया है।

तकनीकी प्रक्रिया के कारण हुई थी देरी
भारत सरकार द्वारा नवीन एसएनए-एस्पर्श प्रणाली लागू किए जाने के कारण पेंशन भुगतान में कुछ समय के लिए विलंब की स्थिति बनी थी। अब प्रक्रिया सुचारु होने के बाद पात्र हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि जारी कर दी गई है।

42 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला भुगतान
केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 32 हजार 52, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 9 हजार 469 तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के 945 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है।

सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
सामाजिक सहायता योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। नियमित पेंशन भुगतान से वृद्धजन, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन में सहायता मिल रही है। शासन की इन योजनाओं से हजारों परिवारों को सामाजिक और आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है।

ईरान-US डील के 24 घंटे भी नहीं टिके? दक्षिण लेबनान पर IDF के ताबड़तोड़ हमलों से बढ़ा तनाव

 मरकबा 
ईरान-अमेरिका डील को फाइनल हुए 24 घंटा भी नहीं गुजरा है कि इजरायल ने लेबनान पर फिर से हमला कर दिया है. ईरान की न्यूज एजेंसी IRIB ने लेबनान के अपने सूत्रों के हवाले से दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई और आर्टिलरी हमलों की रिपोर्ट दी है. IRIB का दावा है कि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के जवतार, मरकबा और खियाम शहर पर हमला किया है. बताया जा रहा है कि इजरायल ने हवाई हमले और आर्टिलरी शेलिंग दोनों किए हैं। 

हालांकि इजरायल के ताजा हमलों में किसी के हताहत होने की तुरंत कोई जानकारी नहीं मिली है. सीजफायर बनाए रखने की डिप्लोमैटिक कोशिशों के बावजूद इज़रायल-लेबनान बॉर्डर पर ये हमले हुए हैं. लोकल अधिकारी और लेबनानी मीडिया हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। 

इस बीच दक्षिणी लेबनान के अधिकारियों ने इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच तीन महीने से चल रही लड़ाई से बेघर हुए लोगों को चेतावनी दी है कि वे जल्दबाज़ी में घर न लौटें.  गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका ने सोमवार को इस डील पर सहमति जताई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि शांति समझौता लागू होने के साथ ही लेबनान समेत सभी मोर्चों पर फायरिंग बंद हो जाएगी. लेकिन IRIB के दावे के अनुसार लेबनान पर इजरायल ने फिर हमला किया है। 

इधर इजरायल का भी कहना है कि वह दक्षिण लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएगा और न ही कब्जा की हुई जमीनों को खाली करेगा। 
लेबनान में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष का सबसे घातक असर देखने को मिला है. इजरायल के अनुसार, इसमें हज़ारों लोग मारे गए हैं. इजरायल का दावा है कि इनमें ज्यादातर आतंकी थे. इधर ईरान समर्थित आतंकी समूह के खिलाफ इज़राइल के हमले के कारण लगभग 12 लाख लोग बेघर हो गए हैं. इस समूह ने 2 मार्च को तेहरान के समर्थन में इजरायल पर गोलीबारी की थी। 

इस बीच इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन-ग्विर ने कहा है कि ट्रंप का समझौता इजरायल पर बाध्य नहीं है. उन्होंने कहा कि इज़रायल अमेरिका के अधीन नहीं है, और हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं.बेन ग्विर ने कहा, “जब भी हमने इजरायल की सुरक्षा की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे घुटने टेके, हमें उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी. ओस्लो समझौते के समय भी ऐसा ही हुआ, 2006 के लेबनान समझौते में भी यही हुआ और गाजा में नियंत्रण की हर कोशिश के दौरान भी यही हुआ, जिसका नतीजा हमारे लिए बहुत बुरा रहा। 

इजरायल ने कहा है कि वो लेबनान पर कब्जा की गई जमीनों को फिलहाल वापस नहीं लौटाने वाला है। 

 

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को घरेलू मांग का सहारा: निर्मला सीतारमण

नयी दिल्ली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि इस समय वैश्विक स्तर पर व्यापार और आपूर्ति को लेकर कई प्रकार की अनिश्चतताएं भारतीय अर्थव्यस्था के लिए चुनौती पेश कर रही हैं, हालांकि घरेलू मांग से अर्थव्यवस्था को समर्थन मिल रहा है।

श्रीमती सीतारमण ने यहां “माइंडमाइन सम्मेलन 2026” के एक संवाद सत्र के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वर्तमान में वैश्विक व्यापार में काफी अनिश्चितताएं हैं। हमारा निर्यात मजबूत है लेकिन अचानक आयात शुल्क बढ़ा दिया जाता है। हम जिन तीन वस्तुओं का सबसे अधिक आयात करते हैं उनकी कीमत और आपूर्ति दोनों में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसके लिए विदेशी मुद्रा का भंडार मजबूत होना चाहिये।
 
उन्होंने कहा कि इन सबके बीच भारत के लिए राहत की बात हमारा घरेलू बाजार है, जो काफी बड़ा है। घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि विनिर्माताओं के समक्ष आयातित कच्चे माल की ऊंची कीमत की चुनौती भी है। घरेलू स्तर पर मानसून की चुनौती को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार अल-नीनो प्रभाव के कारण कम बारिश होने का अनुमान है। देश के पास अनाज का काफी बफर भंडार है, इसलिए खाद्यान्न की कमी जैसी स्थिति तो नहीं होगी, लेकिन किसानों की आमदनी पर कम मानसून का असर जरूर होगा।
 
उर्वरकों की कमी के बारे में उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ सत्र के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। रबी सत्र को लेकर चिंता थी लेकिन अब चीन से उर्वरक आने से वह चिंता भी दूर हो गयी है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और उससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ मिलकर विदेशी मुद्रा जुटाने के उपाय किये हैं। बॉन्ड बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कदम उठाये गये हैं।

साथ ही बैंकों और सार्वजनिक कंपनियों को विदेशों से पूंजी जुटाने की अनुमति दी गयी है और इसके लिए जोखिम को कम करने की रणनीति की जिम्मेदारी रिजर्व बैंक उठायेगा। इससे बैंक विदेशों से पूंजी जुटाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

अमेरिका-ईरान समझौते का PM मोदी ने किया स्वागत, बोले- इससे पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता को मिलेगा बल

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का खुलकर स्वागत किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट करके कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच जो सहमति बनी है, वह बेहद सराहनीय कदम है. पीएम मोदी के मुताबिक, इस युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया था, जिसके चलते कई देशों को जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा। 

पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि इस शांति समझौते के लागू होने से पूरे क्षेत्र में स्थिरता वापस आएगी. इसके साथ ही समुद्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और व्यापार का रास्ता भी पूरी तरह साफ हो सकेगा. उन्होंने कहा कि भारत को पूरी उम्मीद है कि बाकी बचे हुए मुद्दों पर भी दोनों देश आगे बातचीत जारी रखेंगे, जिससे आने वाले समय में एक स्थायी और मजबूत अंतिम समझौता हो सके। 

बता दें कि दोनों देशों के बीच 107 दिनों तक चली भीषण जंग के बाद आखिरकार इस शांति समझौते पर अंतिम सहमति बन सकी है. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टीवी पर फोन के जरिए पुष्टि की है कि अमेरिका के साथ यह डील अब पूरी तरह अंतिम रूप ले चुकी है. आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस पर दोनों देशों के बीच आधिकारिक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। 

ईरानी सरकारी मीडिया ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते के 14 बिंदुओं वाले एक समझौता ज्ञापन (MOU) के मसौदे का ब्योरा प्रकाशित करने का दावा किया है. हालांकि, इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि अभी तक किसी भी देश ने नहीं की है, लेकिन अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, इस मसौदे में दोनों देशों के हितों से जुड़ी कई अहम बातें शामिल हैं। 

उन्होंने आगे कहा, ‘भारत को उम्मीद है कि इस सहमति को लागू करने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और आवाजाही व व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी।’

उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि दोनों पक्षों के बीच बाकी बचे मुद्दों पर भी बातचीत के जरिए एक स्थायी और टिकाऊ अंतिम समझौता होगा।

अमेरिका-ईरान समझौते का ऑस्ट्रेलिया PM ने किया समर्थन
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का स्वागत किया। इसके सात ही उन्होंने दोनों पक्षों से लगातार संयम बरतने की अपील की। 

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ एक संयुक्त बयान में पीएम अल्बनीज ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार इस बात से खुश है कि इस समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और नेविगेशन की आजादी को बहाल करने की दिशा में कदम शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से लेबनान समेत सभी जगहों पर तनाव कम करने और लड़ाई खत्म करने की मांग कर रहा है। जैसा कि हमने कहा है यह लड़ाई जितनी लंबी चलेगी इसका प्रभाव उतना ही ज्यादा होगा। लड़ाई को और बढ़ने से रोकने और एक पक्का समझौता करने के लिए लगातार संयम और अच्छे काम करना जरूरी होगा।’

‘बुरे प्रभाव से बचाने की कोशिश करेगी’
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देता रहेगा। सरकार ऑस्ट्रेलियाई लोगों को लड़ाई के सबसे बुरे प्रभाव से बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया कि अमेरिका और ईरान ने एक डील पूरी कर ली है जिससे होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाएगा और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी खत्म हो जाएगी। उन्होंने इसे महीनों की लड़ाई के बाद एक बड़ी कामयाबी बताया, जिसने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया था और एक बड़े इलाके में लड़ाई का डर पैदा कर दिया था।

जर्मन चांसलर ने क्या कहा?
वहीं जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा, ‘मैं अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करता हूं। इस कूटनीतिक कामयाबी के लिए, मैं राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी पक्ष को बधाई देता हूं। इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था की रिकवरी और इलाके में स्थिरता का रास्ता बन सकता है। जो बातें तय हुई हैं, उन्हें पक्के इरादे और फोकस के साथ लागू करना जरूरी है।’ राष्ट्रपति ट्रंप ने टूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। सभी को बधाई!’

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब दुनिया का ध्यान होर्मुज स्ट्रेट पर था, जिससे दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। होर्मुज स्ट्रेट कई महीनों से वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव का केंद्र रहा है। शिपिंग में रुकावटों की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग को फिर से खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी को हटाने की मंजूरी दे रहे हैं। उन्होंने लिखा, ‘मैं होर्मुज स्ट्रेट को टोल फ्री खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं। इसके साथ ही, अमेरिका नेवल ब्लॉकेड को तुरंत हटाने जा रहा है। दुनिया भर के जहाजों, अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो।’

नितिन गडकरी ने दी बड़ी मंजूरी, अब गाड़ियों में 100% एथेनॉल ईंधन के इस्तेमाल का रास्ता साफ

नई दिल्ली
 केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि उन्होंने ऑटोमोबाइल में ईंधन के रूप में ई-100 यानी लगभग 100 प्रतिशत एथेनॉल के इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाले नियमों को लागू करने की मंजूरी दे दी है। गडकरी ने बताया कि उन्होंने पिछली  इन नियमों को मंजूरी दी और यह कदम भारत की ऊर्जा आयात पर निर्भरता तथा प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा। 

 नागपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘कल रात 8:30 बजे मैंने उस फाइल पर हस्ताक्षर किए, जिसमें भारत में ऑटोमोबाइल ईंधन के रूप में 100% एथेनॉल के उपयोग को लेकर नियम लागू करने की कानूनी प्रक्रिया तय की गई है। 

गडकरी की यह घोषणा ऐसे समय आई है जब कुछ दिन पहले उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ मिलकर मारुति सुजुकी की वैगन-आर का एक ऐसा संस्करण लॉन्च किया था, जो सैद्धांतिक रूप से ई100 पर चल सकता है. इसे भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल यात्री कार बताया जा रहा है. ऐसे वाहनों को ई-20 से लेकर ई-100 तक विभिन्न एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रणों पर चलने के लिए तैयार किया जाता है। 

इससे कुछ दिन पहले दोनों मंत्रियों ने हीरो द्वारा निर्मित फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिलें भी लॉन्च की थीं, जो ई-85 तक के एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चल सकती हैं। अप्रैल में गडकरी के मंत्रालय ने एक मसौदा अधिसूचना जारी कर ई100 को अनुमोदित ऑटोमोबाइल ईंधन के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव रखा था। गडकरी ने कहा कि महिंद्रा, ह्युंडईऔर टोयोटा जैसी अन्य वाहन निर्माता कंपनियां भी जल्द ही फ्लेक्स-फ्यूल वाहन बाजार में उतारेंगी। 

मंत्री ने कहा, ‘लोगों ने मेरी काफी आलोचना की. कहा गया कि यह बेकार की बातें करते हैं और यह संभव नहीं है, वाहन 100% एथेनॉल पर नहीं चल सकते. गलत जानकारी फैलाई गई, मुझे भी निशाना बनाया गया और एक पेड कैंपेन चलाया गया, जिसमें कहा गया कि एथेनॉल-मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल से गाड़ियां खराब हो जाती हैं। 

उल्लेखनीय है कि पिछले साल जब सरकार ने पूरे देश में ई-20 ईंधन लागू किया था, तब कई वाहन चालकों ने इसका विरोध किया था. उनका कहना था कि नया ईंधन कम दक्षता वाला है और पुराने वाहन इसके अनुकूल नहीं हैं। 

पिछले वर्ष ई-20 को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि एथेनॉल के उपयोग से माइलेज में मामूली कमी आती है. मंत्रालय के अनुसार, ई-10 के लिए डिज़ाइन किए गए और ई-20 के अनुरूप कैलिब्रेट किए गए चार पहिया वाहनों में माइलेज लगभग 1-2% तक घट सकता है, जबकि अन्य वाहनों में यह कमी 3-6% तक हो सकती है। 

ई-20 के विपरीत, ई-85 और ई-100 ईंधन के लिए फ्लेक्स-फ्यूल इंजन की आवश्यकता होती है. सरकार की योजना दिसंबर तक लगभग 500 पेट्रोल पंपों पर ई-85 उपलब्ध कराने और 2027 के अंत तक इसकी संख्या बढ़ाकर करीब 5,000 करने की है। 

पिछले सप्ताह फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि पेट्रोल पंप संचालक ई-85 की शुरुआत को लेकर चिंतित हैं. उनका कहना है कि पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त जगह नहीं है और इस हाई-एथेनॉल मिश्रण की मांग भी बहुत कम है। 

बातचीत में एक डीलर ने कहा, ‘फिलहाल ई-85 की उपभोक्ता मांग लगभग न के बराबर है. इसके बावजूद संचालकों से इसके लिए बुनियादी ढांचा और कीमती जगह अलग रखने को कहा जा रहा है. शुरुआती दौर में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की बिक्री सीमित रहने की उम्मीद है, खासकर दोपहिया वाहनों तक. जब तक ऐसे वाहनों की संख्या पर्याप्त स्तर तक नहीं पहुंचती, तब तक इस बुनियादी ढांचे का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल से बाहर रह सकता है। 

 

अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, 7 दुकानें ढहाईं; कार्रवाई के दौरान बुलडोजर के आगे लेटी महिला

नारायणपुर.

शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने नगर पालिका टीम ने सोमवार से कार्रवाई शुरू कर दी है. अभियान के तहत जय स्तंभ चौक क्षेत्र में बुलडोजर एक्शन (Narayanpur Anti-Encroachment Drive) देखना को मिला. इस दौरान एक महिला जेसीबी मशीन के सामने लेट गई. लोगों की भीड़ जुटने से क्षेत्र में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.

महिला ने मचाया हंगामा
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका और पुलिस की टीम फुटकर व्यवसायियों द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. कार्रवाई का विरोध करते हुए अतिक्रमणकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया. एक महिला ने जेसीबी मशीन के सामने आकर कार्रवाई रोकने की कोशिश भी की. मौके पर अन्य लोग भी पहुंचकर विरोध करने लगे. तनावपूर्ण माहौल के कारण कार्रवाई कुछ देर के लिए बाधित रही. जेसीबी मशीन के सामने लेटने वाली महिला का आरोप था कि शहर में कई स्थानों पर अतिक्रमण है, लेकिन कार्रवाई केवल चुनिंदा लोगों के खिलाफ की जा रही है.  महिला को हटाने के बाद दोबारा कार्रवाई शुरू की गई. कुल सात दुकानों और अस्थायी संरचनाओं को हटाया गया. कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस की टीम भी मौजूद रही, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.

संबंधित लोगों को दिया था नोटिस : नगर पालिका CMO
नगर पालिका के सीएमओ ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया गया था. नोटिस की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके चलते आज नियमानुसार कार्रवाई की गई.

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने का किया आह्वान : शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य और सफलता का आधार

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने का किया आह्वान : शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य और सफलता का आधार

नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पूरी लगन और उत्साह के साथ पढ़ाई करने का संदेश दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि आप सभी बच्चों के सपनों को आकार देने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है। उन्होंने बच्चों से पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्साह के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का परिश्रम और शिक्षा ही आने वाले समय में बच्चों की सफलता का आधार बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने तथा ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से प्रदेश और देश के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर भविष्य में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के सफल, उज्ज्वल और प्रेरणादायी भविष्य की कामना की।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu