गदर 25 साल पूरे: डायरेक्टर अनिल शर्मा बोले- ये भगवान का आशीर्वाद है

सनी देओल, अमीषा पटेल, अमरीश पुरी, विवेक शौक, लिलेट दुबे और उत्कर्ष शर्मा स्टारर गदर एक प्रेम कथा को रिलीज हुए 25 साल पूरे हो गए हैं. मूवी ब्लॉकबस्टर हिट साबित हुई थी. दर्शकों को सकीना और तारा सिंह की कहानी काफी पसंद आई थी. अब डायरेक्टर ने इस बड़ी सफलता पर बात की.

गदर के 25 साल पूरे होने पर क्या बोले अनिल शर्मा
अनिल शर्मा ने ‘जूम’ संग इंटरव्यू में बताया, “गदर जैसी फिल्म किसी भी फिल्ममेकर की जिंदगी में एक बार ही आती है. यह भगवान का आशीर्वाद है. मैं दर्शकों का शुक्रिया अदा करता हूं कि यह मूवी लगातार ऐसे मुकाम हासिल कर रही है. 25 साल पूरे करना अपने आप में एक जश्न है.”

अनिल शर्मा ने भगवान का किया शुक्रिया
गदर को लेकर बात करते हुए अनिल शर्मा ने कहा, “भगवान की कृपा से, हम ‘गदर’ को एक बेहतरीन फिल्म बना पाए. ‘गदर’ एक ऐसी मूवी है, जो हमेशा पसंद की जाएगी और लोगों के दिलों में बसी रहेगी. ‘गदर’ आज के 25 साल के युवा के लिए भी उतनी ही एंटरटेनिंग है, जितनी उस समय के लोगों के लिए थी.”

गदर को ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर बताते हुए क्या बोले अनिल शर्मा
‘गदर’ को “इस सदी की पहली ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर” बताते हुए, डायरेक्टर ने आगे कहा कि अगर आप वैसी ही कोई दूसरी फिल्म बनाने के बारे में सोचें भी, तो भी उसे दोहराया नहीं जा सकता. कभी-कभी आपको वैसी कहानी मिल जाती है, लेकिन गलती होने के चांस भी रहते हैं.

अनिल शर्मा ने गदर को बताया, परफेक्ट मसाला एंटरटेनर
लोग आज भी इसे देख रहे हैं. अगर उन्हें इसमें कुछ भी गलत या बेमतलब का लगता, तो वे ट्रोल जरूर करते, लेकिन ‘गदर’ एकदम परफेक्ट मसाला बनी थी. हमने इस पर काफी रिसर्च की थी. आज चैटजीपीटी के जमाने में यह सब बहुत आसान हो गया है. हम दिल्ली और मुंबई की सेंट्रल लाइब्रेरी में पूरा-पूरा दिन बिताकर रिसर्च करते थे. इसी तरह हमने बंटवारे से जुड़ी असली घटनाओं और कहानियों को इकट्ठा किया था.”

सोना फिर 1.50 लाख के पार! चांदी ने भी तोड़े रिकॉर्ड, जानिए 22 और 24 कैरेट गोल्ड का ताजा रेट

इंदौर 

भारतीय सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, आज फिर 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत 1 लाख 50 हजार रुपये के पार पहुंच गई है, जो बीते कारोबारी दिन शुक्रवाक यानी 12 जून की शाम को 147800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 

ibjarates.com पर 15 जून 2026 की सुबह जारी किए गए रेट के मुताबिक, 995 शुद्धता वाले यानी 23 कैरेट सोने का रेट 149568 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 916 शुद्धता वाले यानी 22 कैरेट गोल्ड का रेट 137555 रुपये प्रति 10 ग्राम है. वहीं, बीते कारोबारी दिन की तुलना में चांदी की कीमत में भी भारी उछाल आया है। 

बता दें कि इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की अधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com पर सोमवार से शुक्रवार रोज सुबह और शाम गोल्ड और सिल्वर के रेट जारी होते हैं. आइए जानते हैं बीते कारोबारी दिन यानी शुक्रवार (12 जून) शाम की तुलना में आज कितना महंगा हुआ 22-24 कैरेट सोना। 

15 June Gold-Silver Prices: सोना-चांदी आज कितने रुपये हुआ महंगा?

  शुद्धता शुक्रवार सुबह का रेट शुक्रवार शाम का रेट सोमवार सुबह का भाव कितने बदले रेट
सोना (प्रति 10 ग्राम) 999     147609 147800 150169  2369 रुपये महंगा
सोना (प्रति 10 ग्राम) 995      147018 147208 149568  2360 रुपये महंगा
सोना (प्रति 10 ग्राम) 916      135210 135385 137555  2170 रुपये महंगा
सोना (प्रति 10 ग्राम) 750      110707 110850 112627  1777 रुपये महंगा
सोना (प्रति 10 ग्राम) 585      86351 86463 87849  1386 रुपये महंगा
चांदी (प्रति 10 ग्राम) 999      242295 242582 251011   8429 रुपये महंगी

चांदी का रेट क्या है?
चांदी की कीमत आज 251011 रुपये किलो है, जो बीते कारोबारी दिन यानी शुक्रवार शाम को 242582 रुपये किलो थी. बता दें कि इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की अधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com पर जारी कीमतों में जीएसटी एड नहीं होता और ज्वैलरी खरीदने पर मेकिंग चार्ज अलग से देने होते हैं. 

आज से बंद हुए CG के टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्य, पर्यटकों की एंट्री पर रोक

रायपुर.

मानसून सीजन को देखते हुए सोमवार से छत्तीसगढ़ के सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए हैं. ये सभी संरक्षित वन क्षेत्र अब 1 अक्टूबर तक बंद रहेंगे. वन विभाग के अनुसार, जंगलों के दरवाजे पर्यटकों के लिए 2 अक्टूबर से दोबारा खोले जाएंगे.

हर साल बारिश के मौसम में करीब तीन महीने के लिए इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है. बारिश के दौरान जंगलों में प्रतिकूल परिस्थितियां बनने और वन्य प्राणियों के प्रजननकाल को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया जाता है. इससे वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाती है.

जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने की मुलाकात

बस्तर से सरगुजा तक के अनुभव साझा कर प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया छत्तीसगढ़ को अद्भुत प्रदेश

रायपुर 
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। 

मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनकी सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि  कि प्रशासनिक सेवा जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है और प्रशासनिक अधिकारी के रूप में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के निर्णय हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, इसलिए प्रत्येक निर्णय में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग समाज और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है। यहां के लोग सरल, सहज, मेहनती और आत्मीय स्वभाव के हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, तेजी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी, पर्यटन की संभावनाओं, नक्सल उन्मूलन की सफलता तथा राज्य के विकास की यात्रा से अवगत कराया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और विकास के नए अवसरों पर भी अपने अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को कहा कि ईमानदारी, निष्ठा और जनहित की भावना से लिया गया प्रत्येक निर्णय प्रदेश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों सहित सरगुजा संभाग के जशपुर, सरगुजा और कोरिया जिलों का भ्रमण करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनजीवन, संस्कृति, विकास गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन किया तथा मां दंतेश्वरी के दर्शन भी किए।

अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विविधताओं, सांस्कृतिक समृद्धि और आत्मीयता से भरपूर प्रदेश है। यहां के लोगों के स्नेह, जनजातीय परंपराओं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की संभावनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनहित में कार्य करना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है।

मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशासनिक सेवा की तैयारी से जुड़े अनुभव, चुनौतियां और प्रेरणादायक प्रसंग भी साझा किए। मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्हें निरंतर सीखते रहने, जमीनी स्तर से जुड़े रहने तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करने की प्रेरणा दी।

उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी गोकुल आर. के., वी. यशवंत नायक एवं ईशांत जायसवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तीनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है। जिला प्रशिक्षण पर रवाना होने से पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, संचालक टी.सी. महावर तथा संयुक्त संचालक प्रणव सिंह उपस्थित थे।

स्कूटी से 12वीं टॉपर चांदनी के घर पहुंचे CM मोहन यादव, तंग गलियों में देख लोग रह गए हैरान

भोपाल
 विकसित भारत संकल्प अभियान के तहत सीएम मोहन यादव 15 जून को भोपाल के भीम नगर पहुंचे। सीएम ईवी स्कूटी से गलियों में पहुंचे थे। इस दौरान यहां के लोगों से उन्होंने संवाद किया और उनका हाल-चाल जाना है। साथ ही वह 12वीं की टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर भी गए।

12वीं टॉपर के घर पहुंच गए सीएम मोहन यादव
सीएम मोहन यादव अपना काफिला छोड़कर ईवी स्कूटी से 12वीं टॉपर के घर पहुंचे । भीम नगर में चांदनी विश्वकर्मा का परिवार रहता है। सीएम को अपने घर में देखकर परिवार के लोग स्तब्ध थे। मोहन यादव ने परिवार के सभी सदस्यों से बात की है। साथ ही चांदनी के परिजनों के साथ सीएम ने सेल्फी भी ली है।

चांदनी को भविष्य की दी शुभकामनाएं
इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में अद्वितीय प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली चांदनी विश्वकर्मा के घर पहुंचकर उनके परिजनों से भेंट की। चांदनी को उसकी सफलता के लिए सीएम ने उसे बधाई दी। साथ ही कहा कि चांदनी ने विषम परिस्थितियों के बीच भी अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से जो सफलता अर्जित की है, वह प्रेरणादायी है। उनकी उपलब्धि न सिर्फ अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है।

आमजनों से की बात
सीएम यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर हमने पार्टी पदाधिकारियों के साथ यहां जनता से संपर्क-संवाद दिया। यहां तक आने के लिए ईवी का इस्तेमाल किया । इसे चलाकर अच्छा भी लगा। ईवी केवल पेट्रोल के दाम ही नहीं बचाती, बल्कि हमारे कई अन्य तरह के खर्चे भी कम करती है।

जनता रह गई अचंभित
गौरतलब है कि भीम नगर का माहौल पूरी तरह से बदला हुआ था। अमूमन अपने-अपने कामों में मशरूफ रहने वाले भीम नगर के लोग आज बेहद उत्साहित और जागरूक दिखाई दिए। सीएम को अचानक अपने सामने देख लोग अचंभित हो गए। लोगों को समझ में ही नहीं आया कि अचानक क्या हो गया। इस बीच सीएम ने वहां के लोगों से बात शुरू कर दी। उन्होंने बेटियों को गोद में लेकर दुलार किया और सेल्फी ली। इस दौरान जनता से उन्हें अपना पूरा हाल कह सुनाया। सीएम डॉ. यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी जिंदगी भविष्य में और भी बेहतर होगी।

 

भोपाल-जबलपुर समेत 28 जिलों में बारिश, सीहोर में 61 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी; जानें MP में कब पहुंचेगा मानसून

भोपाल/जबलपुर /इंदौर 

मध्य प्रदेश में इन दिनों मानसून की दस्तक से पहले की प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से चल रही हैं। रविवार (14 जून) को राज्य के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदला रहा और 30 से अधिक शहरों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल समेत उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के अधिकांश जिलों में बादलों ने जमकर हाजिरी लगाई। इसके साथ ही रायसेन और नरसिंहपुर जैसे इलाकों में तेज धूलभरी आंधी चली, जबकि सीहोर में हवाओं की रफ्तार 72 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा 42 मिलीमीटर बारिश उदयपुरा में मापी गई।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है. एमपी में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं और इसी के चलते आज (सोमवार) भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून सामान्य तारीख से तीन से चार दिन की देरी से आगे बढ़ रहा है और 15 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। 

राज्य में जून माह के पहले पखवाड़े में सामान्य से ज्यादा प्री-मानसूनी बारिश दर्ज की जा चुकी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 65 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है. वहीं मानसून की औपचारिक एंट्री अभी बाकी है. जिसके बाद बारिश का आंकड़ा बढ़ सकता है. दूसरी ओर मालवा-निमाड़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में चिलचिलाती गर्मी का असर भी बना हुआ है. ऐसे में सोमवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो रूप देखने को मिल सकते हैं. कहीं तेज धूप और उमस होगी, तो कहीं आंधी, तेज हवा और बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। 

आज इन जिलों में होगी बारिश!
मौसम विभाग के अनुसार आज जबलपुर, मुरैना, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, कटनी, आगर-मालवा, विदिशा, अशोकनगर, भिंड, पन्ना, दतिया, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, मंडला, राजगढ़, छिंदवाड़ा, दमोह, पांढुर्णा, सिवनी, सागर, बालाघाट, अनूपपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और डिंडौरी जिले में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 

तापमान में गिरावट और पचमढ़ी में बढ़ी ठंडक
तेज आंधी-तूफान और बारिश के चलते पूरे प्रदेश के तापमान में औसतन 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। राज्य के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तो न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से भी नीचे गिरकर 18.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे वहां अच्छी-खासी ठंडक महसूस की जा रही है। दूसरी ओर, रविवार को राजगढ़ जिला 41 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। इसके अलावा खंडवा में 40.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 40.4 डिग्री और खरगोन में पारा 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का 30 से ज्यादा शहरों के लिए अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी करते हुए सजग रहने को कहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सीहोर, सिवनी, दमोह, दतिया, सतना और श्योपुरकलां सहित 30 से अधिक प्रमुख शहरों के लिए बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

इन तीन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और आगे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने विदिशा, रायसेन और सागर जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन तीनों जिलों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है और यहाँ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ही बिजली चमकने और बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 घंटों तक प्रदेश के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और यह ऐसा ही बना रहेगा। हालांकि, इसके बाद आने वाले दिनों में तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

भोपाल में दिनभर बारिश…पारा लुढ़का, शिवपुरी में 33.2 डिग्री पहुंचा
रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश वाला मौसम रहा। भोपाल में रुक-रुककर पूरे दिन बारिश हुई। सीहोर, इंदौर, रायसेन और खरगोन में भी अच्छी बारिश हुई। कई इलाकों में तेज हवाओं से बिजली गुल हो गई, जबकि रायसेन में मकानों के छप्पर उड़ गए। खरगोन में निंदाई और बुआई का काम प्रभावित हुआ।

आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 बड़े शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। भोपाल में 35.4 डिग्री, इंदौर में 36.3 डिग्री, ग्वालियर में 39.2 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

खजुराहो समेत 4 जगहों पर पारा 40 डिग्री
खजुराहो, दतिया, नौगांव और मंडला ही ऐसे शहर रहे, जहां तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक रहा हो। बाकी सभी शहरों में इससे कम ही दर्ज किया गया। शिवपुरी में सबसे कम 33.2 डिग्री, पचमढ़ी में 35 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री, नर्मदापुरम-श्योपुर में 36.6 डिग्री, बैतूल में 36.7 डिग्री और शाजापुर में 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

इंदौर में सुबह से गरजा बुलडोजर, 100 से ज्यादा निर्माण ध्वस्त; मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

इंदौर 

इंदौर में आज सुबह से ही गुटकेश्वर मंदिर से लेकर सदर बाजार रोड तक बुलडोजर चलना शुरू हो गया। सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य में बाधक बन रहे अवैध ढांचों और निर्माणों को हटाने की बड़ी कार्रवाई निगम के रिमूवल विभाग द्वारा की जा रही है। क्षेत्र के विकास और सुगम यातायात के लिहाज से इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक सड़क मार्ग पर कई वर्षों से लोग स्थाई और अस्थाई निर्माण कर चुके थे, जिससे रोजाना यातायात बाधित हो रहा था। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए निगम ने पहले से ही पूरी रणनीति तैयार कर ली थी ताकि मौके पर किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर अपर आयुक्त प्रखर सिंह, अभय राजनगवंकर, रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरे, भवन अधिकारी पल्लवी पाल, रिमूवल सहायक बबलू कल्याणे एवं अन्य विभागीय अधिकारी तथा भारी पुलिस बल मौजूद है। 

इंदौर में मास्टर प्लान सड़क पर बड़ी कार्रवाई
शहर के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से इंदौर में मास्टर प्लान की सड़कों पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल रही है। निगम प्रशासन शहर के उन सभी प्रमुख मार्गों को चिन्हित कर चुका है जहां यातायात का दबाव बहुत अधिक रहता है लेकिन सड़कों की चौड़ाई कम होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनती है। इसी कड़ी में गुटकेश्वर मंदिर मार्ग को भी शामिल किया गया है। मास्टर प्लान के तहत की जा रही इस कार्रवाई से आने वाले समय में क्षेत्र की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी और लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।

गुटकेश्वर मंदिर से सदर बाजार तक सड़क चौड़ीकरण अभियान शुरू
निगम के रिमूवल अमले ने सुबह तय समय पर पहुंचकर गुटकेश्वर मंदिर से सदर बाजार तक सड़क चौड़ीकरण का अभियान पूरी मुस्तैदी के साथ शुरू कर दिया। जैसे ही निगम की जेसीबी और पोकलेन मशीनें इलाके में पहुंचीं, वहां हड़कंप मच गया। हालांकि निगम ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क मार्ग के दोनों तरफ फैले उन सभी अतिक्रमणों को पूरी तरह से साफ करना है जो लंबे समय से सड़क निर्माण के कार्य में सबसे बड़ी बाधा बने हुए थे।

निगम और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध की स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम भारी संख्या में मौके पर तैनात रही। पुलिस अधिकारियों ने पूरे संवेदनशील इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और रिमूवल अमले को सुरक्षित माहौल प्रदान किया। संयुक्त टीम की मौजूदगी के कारण किसी भी असमाजिक तत्व को कार्रवाई में बाधा डालने का मौका नहीं मिला और निगम की टीम बिना किसी बड़े व्यवधान के अपना काम करती रही।

100 से अधिक बाधकों को हटाने की कार्रवाई जारी
निगम अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस पूरे मार्ग पर सर्वे के दौरान 100 से अधिक बाधकों को चिन्हित किया गया था, जिन्हें हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। इन बाधकों में दुकानों के आगे निकले हुए ओटले, अवैध रूप से बनाई गई सीढ़ियां, शेड और पक्के निर्माण शामिल हैं। निगम का दस्ता एक सिरे से सभी चिन्हित किए गए बाधकों को जमींदोज करता हुआ आगे बढ़ रहा है ताकि सड़क निर्माण के लिए पूरी जमीन खाली कराई जा सके।

कई प्रभावितों ने खुद ही तोड़े बाधक हिस्से
इस पूरी मुहिम के दौरान एक सकारात्मक तस्वीर भी देखने को मिली जहां कई प्रभावित मकान और दुकान मालिकों ने निगम की कार्रवाई का विरोध करने के बजाय समझदारी दिखाई। इन प्रभावितों ने प्रशासन की बात को समझा और अपने निर्माण के बाधक हिस्सों को खुद ही हथौड़े लेकर तोड़ना शुरू कर दिया। लोगों द्वारा स्वयं अतिक्रमण हटाए जाने से निगम अमले को भी काफी सहूलियत हुई और काम की गति में तेजी आई।

मास्टर प्लान के तहत 60 फीट चौड़ी होगी सड़क
यह पूरी कवायद शहर के मास्टर प्लान को धरातल पर उतारने के लिए की जा रही है, जिसके तहत इस मार्ग को कुल 60 फीट चौड़ा किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई काफी कम होने के कारण यहां से बड़े वाहनों का गुजरना बेहद मुश्किल होता था। सड़क के 60 फीट चौड़ा हो जाने के बाद न केवल वाहन चालकों को आसानी होगी, बल्कि दोनों तरफ पैदल चलने वालों के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सकेगी।

क्षेत्र में यातायात सुधार के लिए चल रही कार्रवाई
सदर बाजार और गुटकेश्वर मंदिर मार्ग पर रहने वाले स्थानीय निवासियों और यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को लंबे समय से भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा था। त्योहारों और व्यावसायिक समय में स्थिति और ज्यादा बदतर हो जाती थी। इसी क्षेत्र में यातायात सुधार के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह बड़ी कार्रवाई की जा रही है ताकि आने वाले समय में ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके और सुचारू आवागमन सुनिश्चित हो।

निगम का दावा पूर्व सूचना के बाद शुरू की गई मुहिम
अक्सर ऐसी कार्रवाइयों के बाद यह आरोप लगते हैं कि प्रशासन ने अचानक कार्रवाई की, लेकिन इस मामले में नगर निगम ने साफ किया है कि यह पूरी मुहिम प्रभावितों को पूर्व सूचना देने के बाद ही शुरू की गई है। निगम अधिकारियों का दावा है कि सभी बाधक निर्माणकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी कर दिए गए थे और उन्हें स्वयं अपना अतिक्रमण हटाने की पर्याप्त मोहलत भी दी गई थी। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद ही निगम ने यह कदम उठाया है। 

स्कूल जॉब केस में आज ED के सामने पेश होंगे अभिषेक बनर्जी, पूछताछ पर टिकीं नजरें

कोलकाता

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल में स्कूल में नौकरी के लिए करोड़ों रुपये नकद मामले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होना है। 

वह केंद्रीय एजेंसी की चल रही जांच के संबंध में पूछताछ के लिए दिन में कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में ईडी के साल्ट लेक कार्यालय में होंगे. ईडी अधिकारियों ने जून में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे बनर्जी को पूछताछ के लिए नोटिस दिया था। 

उन्हें 3 जून को आज के लिए यानी 15 जून को दोपहर तक ईडी कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया. संयोग से अभिषेक बनर्जी का नाम केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर आरोप पत्र में था, जो स्कूल-नौकरी मामले में समानांतर जांच कर रहा है. हालाँकि, उन्हें वहां आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया था। 

मामले की जांच में ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र में उनका नाम भी सामने आया था. ईडी सूत्रों के मुताबिक अभिषेक को उनकी संलिप्तता के बारे में जांच में तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए फिर से ईडी कार्यालय में बुलाया गया है. उनका बयान दर्ज किया जाएगा। 

स्कूल नौकरी मामले में ईडी के कार्यालय में अभिषेक से पूछताछ हस्ताक्षर बेमेल मामले में चल रही जांच के संबंध में पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों द्वारा रविवार को साढ़े आठ घंटे तक मैराथन पूछताछ का सामना करने के ठीक एक दिन बाद हो रही है। 

फिर, 16 जून यानी मंगलवार को उन्हें दक्षिण कोलकाता के भबानी भवन में सीआईडी के मुख्यालय में उपस्थित होना होगा. उनके खिलाफ दर्ज एक एफआईआर के संबंध में पूछताछ के लिए जहां उन पर राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों से पहले हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप लगाया गया था. सीआईडी ​​अधिकारियों ने उन्हें 12 जून की शाम को नोटिस दिया था. अभिषेक बनर्जी ने पहले ही कहा था कि वह किसी भी मामले में किसी भी जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करेंगे, जैसा कि वह करते रहे हैं। 

आज का मौसम: दिल्ली-बिहार समेत 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में चलेगी तेज आंधी

नई दिल्ली

जून की शुरुआत में हुई बारिश से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली थी। हालांकि अब तापमान एक बार फिर भड़ने लगा है। इसी बीच मौसम विभाग ने फिर से मौसम के करवट लेने का अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल मेत पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 6 से सात दिनों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश हो सकती है। इसके चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।

कहां पहुंचा है मॉनसून
मॉनसून इस समय महाराष्ट्र पहुंच चुका है और लगातार आगे बढ़ रहा है। कर्नाटक, तेलंगाना, आध्र प्रदेशष पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्से में दक्षिण पश्चिम मॉनसून पहुंच चूका है। वहीं अगले चार से पांच दिन में यह छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मॉनसून की रफ्तार कम हुई है। इसी वजह से अब तक मॉनसून उत्तर प्रदेश के सीमा में दाखिल नहीं हो पाया है

कहां होगी झमाझम बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान, लद्दाख, मुजफ्फराबाद, उत्तराखंड में 15 से 20 तारीख तक बारिश का अनुमान है। इसके अलावा 15 जून से अगेल चार दिनों तक पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर में असम, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है। 15 जून को पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है। मध्य भारत की बात करें तो 15 जून को छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
आगामी छह से सात दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने आसार हैं, जबकि अगले तीन से चार दिनों के दौरान महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में कुछ जगहों पर लू चलने का अनुमान है।

मौसम विभाग के रविवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और इसकी उत्तरी सीमा हरनाई (महाराष्ट्र) सोलापुर (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) भद्राद्री कोठागुडेम (तेलंगाना), कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश), पारादीप (ओडिशा), पारीपदा (ओडिशा), पुरुलिया (पश्चिम बंगाल), धनबाद (झारखंड) और मुजफ्फरपुर (बिहार)से होकर गुजर रही है। अगले चार से पांच दिनों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड, बिहार और दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

दूसरी तरफ, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों और सिक्किम में अगले एक सप्ताह तक व्यापक बारिश होगी। बिहार में 16 जून को भारी बारिश की संभावना है, वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 17 से 19 जून के बीच मूसलाधार बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक, केरल, कोंकण और गोवा में भी इस दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है।

कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम
दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम के मिजाज की बात करें तो 14 जून की शाम या रात के समय आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और धूलभरी आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। इसके बाद 15 और 16 जून को भी दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना है और तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि 17 जून से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों के तापमान में बढ़ोतरी होगी और यह 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा।

यूपी और बिहार का मौसम का मौसम
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, गोंडा, बलिया,म ऊ, चंदौली, मिर्जापुर, वाराणसी, सोनभद्र शामिल हैं। पश्चिमी यूपी में मथुरा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, मैनपुरी, कानपुर, झांसी और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। बिहार की बात करें तो पश्चिमी चंपारण, सारण, सिवान, भोजपुर, कैमूर बक्सर, रोहतास और औरंगाबाद में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

समर वेकेशन खत्म, आज से CG हाईकोर्ट में शुरू होगी नियमित सुनवाई

बिलासपुर.

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का समर वेकेशन समाप्त हो गया है. सोमवार से हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई शुरू होगी. हाईकोर्ट प्रशासन ने 15 जून से शुरू होने वाले सप्ताह की कॉज लिस्ट भी जारी कर दी है. ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को वाहन साझा (व्हीकल शेयरिंग) कर कार्यालय आने की सलाह दी है.

समर वेकेशन के दौरान लागू की गई वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है. अब सभी अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से कार्यालय पहुंचकर कार्य करेंगे.

वाहन शेयर करने की सलाह
हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता में सुधार हुआ है, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना अभी भी जरूरी है। न्यायिक अधिकारियों से कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर ही सरकारी वाहनों का उपयोग करें। हाईकोर्ट में 18 मई से प्रारंभ हुआ ग्रीष्मकालीन अवकाश अब समाप्त हो गया है।

वाहन साझा करने की सलाह
हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां संभव हो, वे अपने सरकारी वाहनों का उपयोग अन्य अधिकारियों के साथ साझा करें। इससे ईंधन की बचत होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।

18 मई से था ग्रीष्मकालीन अवकाश
हाईकोर्ट में 18 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हुआ था। इस दौरान जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए वेकेशन बेंचों का गठन किया गया था। प्रत्येक सप्ताह डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच में निर्धारित दिनों पर सुनवाई जारी रही।

जारी हुई नई कॉज लिस्ट
हाईकोर्ट प्रशासन ने 15 जून से शुरू होने वाले सप्ताह की कॉज लिस्ट भी जारी कर दी है। नियमित कामकाज शुरू होने के साथ ही लंबित मामलों की सुनवाई फिर से सामान्य तरीके से की जाएगी।

वर्क फ्रॉम होम खत्म, कोर्ट में होगी सीधी पैरवी
हाईकोर्ट प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी समाप्त कर दी है। अब अधिवक्ता पहले की तरह कोर्ट रूम में उपस्थित होकर अपने मामलों की पैरवी करेंगे। हालांकि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा पूर्व की तरह उपलब्ध रहेगी, जिससे जरूरत पड़ने पर वर्चुअल भी सुनवाई में शामिल हुआ जा सकेगा।

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