भिलाईनगर में 7 वर्षीय बच्चे की पिटाई का वीडियो वायरल, 6 नाबालिग भेजे गए बाल सुधार गृह

भिलाई नगर.

नेवई थाना अंतर्गत कुछ नाबालिगों ने मिलकर 7 वर्ष के बच्चे की बेरहमी से पिटाई कर दी। पहले उसे नग्न कराया, फिर डांस करवाया। इसके बाद उससे ही अश्लील हरकतें कराई। बाद में लात- घूसों और डंडों से उसे जमकर पीटा।

पुलिस के अनुसार यह वीडियो 7 दिन पुराना है, जो अब वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक नाबालिग गला दबाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है, जबकि बाकी नाबालिग लात-घूसों और डंडों से उसे मारते नजर आ रहे हैं। पूरी घटना का वीडियो भी उन्होंने ही बनाकर वायरल किया है। सभी नाबालिग बच्चे एक ही गांव के रहने वाले हैं और एक-दूसरे को अच्छे से जानते हैं। फिलहाल मामले में पुलिस ने 6 नाबालिगों को हिरासत में लेकर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है।

लाड़ली बहना योजना की 37वीं किश्त जारी, CM मोहन यादव ने बहनों के खातों में भेजे 1500 रुपए

सागर.

मध्य प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के लिए रविवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले की देवरी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले केसली क्षेत्र से प्रदेश की लाडली बहनों के खातों में योजना की 37वीं किस्त की राशि सफलता पूर्वक ट्रांसफर कर दी।

इस बार सरकार ने हर पात्र महिला के खाते में 1500-1500 रुपये की राशि भेजी है। इस सिंगल क्लिक ट्रांसफर के जरिए प्रदेश की लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में कुल 1,835 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि पहुंचाई गई। इस मुख्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल बहनों को आर्थिक संबल ही नहीं दिया, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी रफ्तार दी। सीएम डॉ. यादव ने केसली में 190.85 करोड़ रुपये की लागत वाले कुल 53 विकास कार्यों की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया। इसमें 28 नए कार्यों का भूमिपूजन तथा 25 पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

घर बैठे ऐसे जांचें अपनी भुगतान की स्थिति
यदि आप लाडली बहना योजना के लाभार्थी हैं और यह चेक करना चाहते हैं कि आपके खाते में राशि पहुंची है या नहीं, तो आप इसकी ऑनलाइन जांच बेहद आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं। होमपेज पर दिए गए ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ वाले विकल्प को चुनें। इसके बाद मांगी गई जगह पर अपनी समग्र आईडी अथवा रजिस्ट्रेशन संख्या दर्ज करें। अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे दर्ज करके वेरिफाई करते ही आपके स्क्रीन पर भुगतान का पूरा विवरण आ जाएगा।

अंतिम सूची में अपना नाम देखने का तरीका
अगर आप यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि आपका नाम लाभार्थियों की सूची में बरकरार है या नहीं, तो इसके लिए भी पोर्टल पर व्यवस्था की गई है। आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘अंतिम सूची’ के विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें। ‘ओटीपी प्राप्त करें’ पर क्लिक करने के बाद मोबाइल पर आए वन-टाइम पासवर्ड को भरें। इसे सबमिट करते ही आपके सामने पूरी सूची आ जाएगी, जिसमें आप अपना नाम देख सकती हैं।

नए रजिस्ट्रेशनों को लेकर क्या है स्थिति?
लाडली बहना योजना के तहत नए आवेदन फॉर्म भरने का इंतजार कर रही महिलाओं को फिलहाल अभी और प्रतीक्षा करनी होगी। साल 2023 के बाद से ही योजना के नए रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से बंद हैं। हालांकि सरकार ने समय-समय पर आर्थिक सहायता राशि में बढ़ोतरी जरूर की है, लेकिन इस बार सागर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी नए फॉर्म भरे जाने को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में नई पात्र महिलाओं को अगली घोषणा तक थोड़ा और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

राशि अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन
केसली, जिला सागर में लाड़ली बहना योजना अंतर्गत आयोजित लाड़ली बहनों के खाते में राशि अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण कार्यक्रम में सहभागिता
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 14, 2026

MP में PUC सर्टिफिकेट के नियम सख्त, अब OTP वेरिफिकेशन के बिना नहीं बनेगा प्रमाणपत्र

भोपाल.

मध्यप्रदेश में अब पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट बनवाने के लिए मोबाइल ओटीपी सत्यापन अनिवार्य (OTP Verification) कर दिया गया है। भोपाल सहित पूरे प्रदेश में नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिना ओटीपी सत्यापन के किसी भी वाहन का पीयूसी प्रमाण पत्र (PUC Certificate) जारी नहीं किया जाएगा।

नई प्रणाली लागू होने से उन वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ सकती है, जिनके वाहन रिकॉर्ड में पुराना, गलत या बंद मोबाइल नंबर दर्ज है। ऐसे वाहन मालिकों को पहले परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा।

केंद्र सरकार के निर्देश पर लागू हुई व्यवस्था
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने यह नई व्यवस्था लागू की है। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर किरण शर्मा के अनुसार, जैसे ही किसी पीयूसी केंद्र पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज किया जाएगा, सिस्टम वाहन डेटाबेस से वाहन मालिक का मोबाइल नंबर प्राप्त करेगा। इसके बाद उसी नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। वाहन प्रदूषण जांच में पास होने के बाद ओटीपी सत्यापन पूरा होने पर ही पीयूसी प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

फर्जी पीयूसी पर लगेगी रोक
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब तक कई मामलों में एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग कर कई वाहनों के पीयूसी सर्टिफिकेट बनाए जा रहे थे। वास्तविक वाहन मालिक की पहचान और मोबाइल सत्यापन नहीं होने के कारण रिकॉर्ड की शुद्धता पर सवाल उठते थे। नई व्यवस्था में वाहन के पंजीयन रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी जाएगा। इससे गलत जानकारी देकर या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर पीयूसी बनवाना आसान नहीं होगा।

वाहन मालिकों के लिए क्या बदलेगा?

  • पीयूसी बनवाने के लिए मोबाइल ओटीपी अनिवार्य होगा।
  • वाहन रिकॉर्ड में सही मोबाइल नंबर दर्ज होना जरूरी रहेगा।
  • ओटीपी सत्यापन नहीं होने पर सर्टिफिकेट जारी नहीं होगा।
  • गलत या पुराना नंबर होने पर रिकॉर्ड अपडेट कराना पड़ेगा।
  • भविष्य में पीयूसी एक्सपायर होने से पहले मोबाइल अलर्ट मिलेगा।
  • फर्जी जानकारी के आधार पर पीयूसी बनवाने पर रोक लगेगी।

भोपाल में रोज 2500 पीयूसी सर्टिफिकेट
भोपाल आरटीओ डॉ. जितेंद्र शर्मा के अनुसार, राजधानी में लगभग 60 पीयूसी केंद्र संचालित हो रहे हैं। यहां प्रतिदिन करीब 2500 पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं। पूरे मध्यप्रदेश में 550 से 600 पीयूसी केंद्रों के माध्यम से रोजाना 22 हजार से 25 हजार तक पीयूसी प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। प्रदेश में कुल वाहनों की संख्या लगभग 2.5 करोड़ बताई जा रही है, जबकि भोपाल में 20 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं।

वाहन मालिकों को मिलेगा एक्सपायरी अलर्ट
परिवहन विभाग भविष्य में ऐसी व्यवस्था भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत पीयूसी की वैधता समाप्त होने से पहले वाहन मालिकों को मोबाइल संदेश भेजा जाएगा। इससे वाहन मालिक समय रहते सर्टिफिकेट का नवीनीकरण करा सकेंगे और नियम उल्लंघन से बच पाएंगे।

ओमान तट पर भारतीय नाविकों की मौत के बाद अमेरिका-भारत के बीच तनाव बढ़ा

नई दिल्ली
ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले कमर्शल शिप को निशाना बनाए जाने और तीन भारतीयों की मौत के बाद अमेरिका के साथ एक बार फिर कहासुनी शुरू हो गई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि उन्होंने फोन पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात करके कड़ी आपत्ति जताई है। तो दूसरे ही दिन रूबियो का बयान आ गया कि होर्मुज में नाकेबंदी का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी बीच ईरान में फंसे कुछ नाविकों ने वीडियो जारी करके सवाल किया है कि आखिर भारतीय शिप को ही क्यो निशाना बनाया जा रहा है।

भारतीय नाविक क्यों निशाने पर?
वीडियो में एक नाविक कहता है, भारतीय नाविकों पर हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, हम लोग ईरान में हैं। सिर्फ भारतीय जहाजों पर हमला हो रहा है। ऐसा क्यों हो रहा है। हम लोग किसी सेना से तो हैं नहीं। हमें लड़ने की ट्रेनिंग नहीं मिली है। हम केवल देश का बिजनेस बढ़ा रहे हैं। हम कॉन्ट्रैक्ट बेस पर काम कर रहे हैं। हमारी क्या गलती है। कल एक शिप पर अटैक हुआ। उस शिप पर मैंने काम किया था। कैप्टन साहब से बात की तो उन्होंने बताया कि एक वॉर्निंग दी गई और फिर तुरंत मिसाइल से हमला कर दिया गया। आखिर उनकी क्या गलती थी।
 
उन्होंने कहा, हम लोगों को बीच में क्यों घसीटा जा रहा है। हम 13 लाख सीफेरर्स हैं। हम एक दूसरे की आवाज उठा सकते हैं। सवाल यह है कि सिर्फ भारतीय नाविकों को ही क्यो निशाना बनाया जा रहा है। बता दें कि अमेरिका ने 24 भारतीय चालक दल वाले एक जहाज पर ओमान तट पर हमला कर दिया था। इसमें तीन नाविकों की मौत हो गई थी और 21 को सुरक्षित निकाला जा सका था।

कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला
कांग्रेस का कहना है कि भारतीय नाविकों की मौत पर सरकार की प्रतिक्रिया शर्मनाक है। राहुल गांधी ने कहा कि मार्को रूबियो अफसोस जताने की बजाय आदेश देने वाली भाषा बोल रहे हैं। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि अमेरिकी कृत्य को अवैध एवं अस्वीकार्य कहा जाना चाहिए था और उससे माफी की मांग की जानी चाहिए थी।

इसको लेकर खेड़ा ने ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत को अमेरिकी सैन्य हमले में तीन युवा भारतीय नाविकों की हत्या के लिए बिना शर्त माफ़ी की मांग करनी चाहिए थी। इसके बजाय, अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कथित तौर पर एक चेतावनी जारी करने का फैसला किया, जिसमें घोषणा की गई कि अमेरिकी सेना के आदेशों का पालन न करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

दुर्ग में बहुद्देशीय स्टेडियम निर्माण का रास्ता साफ, अधिकारियों ने किया भूमि सीमांकन

दुर्ग.

दुर्ग ब्लॉक के खेलगांव खम्हरिया में 15 करोड़ की लागत से संभागीय स्टेडियम निर्माण होगा। जिसकी स्वीकृति सरकार की ओर से की गई है। प्रथम किस्त 4 करोड़ लोकनिर्माण विभाग को मिल चुका है। स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए राजस्व एवं लोक निर्माण अधिकारियों की उपस्थिति में स्टेडियम के सीमा रेखा का सीमांकन कार्य की आरआई व पटवारी के माध्यम से किया गया।

ज्ञातव्य हो कि ग्राम खम्हरिया में 16 एकड़ शासकीय भूमि खेल अधोसंरचना निर्माण हेतु जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग दुर्ग के नाम से आवंटित किया जा चुका है। स्टेडियम निर्माण के अंतर्गत 400 मीटर का एथलेटिक्स सिंथेटिक टैंक विथ फुटबाल एवं सिटिंग गैलरी भी शामिल हैं। इसके साथ ही साथ 2 करोड़ की लागत से बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम एवं 80 लाख का प्रशासनिक भवन का निर्माण होगा।
चूंकि खेलगांव खम्हरिया दुर्ग भिलाई एवं रिसाली निगम से मात्र 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर है जिससे दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर भिलाई, रिसाली निगम सहित आस पास गांव के खिलाड़ी एथलेटिक्स फुटबाल एवं बैडमिंटन के खिलाड़ियों को इसका लाभ मिलेगा। संभाग का यह पहला स्टेडियम होगा।

राजस्व विभाग से आरआई उतई सर्किल घनश्याम चंद्राकर, पटवारी विवेक देवांगन, लोकनिर्माण विभाग से सिविल इंजीनियर वाय के सोनवानी, सुष्मिता चंद्राकर सरपंच ग्राम पंचायत खम्हरिया श्रीमती दुलारी देशलहरे, हरीश कुर्रे (पंच) आशीष चंद्राकर एवं ग्रामवासियों में अनिल चतुर्वेदी, बालकदास, बी. आर. साहू सहित ग्रामवासियों की उपस्थिति में सीमांकन कार्य की प्रक्रिया शुरू हुई।

स्टेडियम की जमीन का चिन्हांकन कर रहे सरकारी अधिकारियों को जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले ग्रामीणों व महिलाओं ने पत्थर से मारने की भी धमकी भी दे रहे थे। जिसके कारण अगला जमीन चिन्हांकन का कार्य पुलिस फोर्स की उपस्थित में होगा, क्योंकि इस स्टेडियम निर्माण को लेकर कई बार वाद विवाद व मारपीट जैसी बड़ी घटनाएं घट चुकी है।

म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, 15 आरोपी गिरफ्तार, लाखों के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा

भिलाईनगर.

मोहननगर पुलिस ने साइबर ठगी से प्राप्त राशि को विभिन्न म्यूल बैंक खातों में स्थानांतरित कर अवैध लेन- देन करने वाले 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कोटक महिंद्रा बैंक के खातों का उपयोग कर ठगी की राशि का लेनदेन चल रहा था।

वर्ष 2024 से 2026 के मध्य खातों में संदिग्ध ट्रांजेक्शन एवं राशि के हस्तांतरण की जांच के बाद आरोपियों को पकड़ा गया। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल एवं प्राप्त शिकायतों के आधार पर थाना मोहन नगर क्षेत्रांतर्गत संचालित कोटक महिंद्रा बैंक के विभिन्न खातों की जांच की गई। जांच में यह पाया कि संबंधित बैंक खातों में साइबर ठगी से प्राप्त राशि जमा की गई तथा खाताधारकों ने उक्त खातों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के वित्तीय लेन-देन कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया गया।

विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि खाताधारकों ने स्वयं अथवा अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त राशि के हस्तांतरण एवं अवैध धन के लेन-देन के लिए किया। पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर थाना मोहन नगर में धारा 318 (4), 317 (2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर पीयूष डडसेना, साहिल खान, खुशी झा, मोहम्मद फरान, अभिजीत कुमार, आदित्य रजक, आशीष चंद्राकर, निखिल साहू, रितेश मसीह, मो. सोहेल, निकिता चौहान, शुभा सेंगर, शिवम पांडेय, रितेश देवांगन, रणधीर झा को गिरफ्तार किया है।

500 कारतूस एक साथ खरीदने पर सख्ती, धोखाधड़ी के बाद जिला प्रशासन ने सीमित किए गन लाइसेंस

भोपाल.

भोपाल की फिजाओं में शूटिंग रेंज से आने वाली गोलियों की गूंज अक्सर देश के लिए मेडल जीतने वाले होनहारों की कहानी बयां करती थी। लेकिन, इसी गूंज के पीछे एक ऐसा खौफनाक सच छिपा था, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया।

दरअसल स्पोर्ट्स कोटे के तहत मिलने वाले कारतूस, जो देश का मान बढ़ाने के लिए चलने चाहिए थे, वे चंद रुपयों के लालच में अपराधियों की बंदूकों की खुराक बन रहे थे। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। जांच बैठी तो सच सामने आया कि कई ऐसे लोगों के नाम पर भी कारतूस जारी हो रहे थे, जिन्होंने कभी किसी प्रतियोगिता में हिस्सा तक नहीं लिया था। भोपाल के 135 शूटर्स की जांच हुई, जिसमें 69 के लाइसेंस रद और 10 के निलंबित कर दिए गए।

इस बड़ी धोखाधड़ी के बाद भोपाल जिला प्रशासन ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू करते हुए नियमों के पेंच कस दिए हैं। अब तक जो शूटर सालभर में 15 हजार से लेकर 1 लाख तक कारतूस आसानी से ले लेते थे, उनके लिए अब नियम कड़े कर दिए गए हैं। अब नए नियमों के तहत एक शूटर को एक बार में अधिकतम सिर्फ 500 और सालभर में केवल 1000 कारतूस ही जारी किए जाएंगे। अगर किसी खिलाड़ी को इससे ज्यादा की जरूरत होगी, तो उसे खेल संचालक से बाकायदा सत्यापन कराना होगा।

यही नहीं, प्रशासन ने हथियारों की संख्या पर भी कैंची चला दी है। अब नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के खिलाड़ी भी केवल दो गन के लाइसेंस रख सकेंगे, जबकि पहले उन्हें 8 से 10 बंदूकें रखने की छूट थी। प्रशासन अब हर एक गोली का हिसाब रखने की तैयारी में है। राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें कानून बदलकर कारतूस के ‘खोखों’ (खाली शेल) का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है। अब शूटर्स को यह भी लिखित में देना होगा कि कारतूस किस प्रतियोगिता के लिए खरीदे जा रहे हैं और उनका इस्तेमाल किस शूटिंग रेंज में होगा। 

समझौते की आहट के बीच ईरान में क्यों मचा हंगामा?

तेहरान
 अमेरिका से शांति समझौता करने के खिलाफ ईरानी लोगों का एक वर्ग सड़क पर उतर गया है। ईरान के कई शहरों में डील के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ईरानी हितों के खिलाफ जाकर डील की जा रही है, जो नहीं होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों के निशाने पर खासतौर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ हैं। अमेरिका से समझौते में ईरान की ओर से मुख्य वार्ताकार गालिबाफ और अराघची के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई है।

तेहरान के इब्न सिना स्क्वायर में शनिवार को रैली हुई है। मशहद शहर में विदेश मंत्रालय के सामने भी दर्जनों लोग अब्बास अराघची के विरोध में जमा हुए। फार्स न्यूज एजेंसी ने वीडियो जारी किया है, जिसमें मशहद में प्रदर्शनकारी अराघची के खिलाफ नारे लगाते दिख रहे हैं। विरोध करने वालों का मानना है कि इससे होर्मुज स्ट्रेट में ईरान का प्रभाव कमजोर होगा।

अराघची और गालिबाफ निशाने पर
मशहद में महिलाओं को झंडे लहराते हुए और ‘बेईमान घुसपैठिए अराघची मुर्दाबाद और अराघची हाय हाय’ के नारे लगाते हुए देखा गया है। एक और वीडियो में प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि अराघची का समझौता ईरान को बेइज्जत करने वला है। उन्होंने उस समझौते में अमेरिका को बहुत ज्यादा और गैरजरूरी रियायतें दी हैं। ऐसे में गालिबाफ और अराघची इस्तीफा दें।

प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि समझौते से ईरान के हितों की रक्षा नहीं होगी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर देश अपनी पकड़ खो देगा। शुक्रवार को एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा था कि प्रस्तावित समझौते में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने की बात कही गई है। साथ ही समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने का दावा भी किया जा रहा है।

ईरान अमेरिका समझौता
ईरान लोग ऐसे समय प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे हैं, जब अमेरिका से उनके देश का समझौता बेहद करीब है। ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते पर रविवार को दस्तखत हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मुख्य मध्यस्थ पाकिस्तान ने कहा है कि दोनों पक्ष रविवार को डील साइन कर सकते हैं।

ईरानी नेताओं ने रविवार को समझौते पर दस्तखत होने की बात नहीं कही है लेकिन माना है कि अमेरिका के साथ समझौते पर बातचीत आगे बढ़ी है। ईरान ने संकेत दिया है कि डील में अभी कुछ समय लग सकता है। ईरानी पक्ष के बयानों से रविवार को समझौता होना मुश्किल नजर आ रहा है लेकिन जल्दी ही डील होने की उम्मीद है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रविवार को समझौते पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद होर्मुज जलडमरूमध्य सभी जहाजों के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि 24 घंटे के भीतर समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। उन्होंने इशारा किया कि रविवार को दस्तखत हो सकते हैं।

 

अम्फान राहत फंड में 200 करोड़ के घोटाले का आरोप, अभिषेक बनर्जी पर FIR की मांग

पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान के बीच भाजपा के एक नेता ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी पर अम्फान चक्रवात राहत कोष में 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. भाजपा नेता अभिजीत दास बॉबी ने डायमंड हार्बर के बिष्णुपुर थाने में 17 पन्नों की शिकायत सौंपी. इस बीच पश्चिम बंगाल सीआईडी ने जाली हस्ताक्षर करने के मामले में अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए एक और नोटिस जारी किया है.

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2020 में आए सुपर साइक्लोन अम्फान के पीड़ितों के लिए जारी राहत राशि के वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गईं. इसमें डुप्लीकेट और संदिग्ध एंट्री, एक ही मोबाइल नंबर और बैंक खाते के जरिए कई लाभार्थियों को भुगतान और एक ही आवासीय भवन से कई लोगों को लाभार्थी दिखाने जैसे आरोप शामिल हैं. अभिजीत दास बॉबी ने कहा, ‘आज की शिकायत में मैंने विशेष रूप से डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत बिष्णुपुर के दो ब्लॉकों का उल्लेख किया है, जहां लगभग 57 हजार लाभार्थियों के बीच 57.86 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे.’

डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से दो बार अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके बॉबी ने आरोप लगाया कि राहत राशि का बड़ा हिस्सा कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व द्वारा हड़प लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में यह खेल हुआ और इसमें ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) और तत्कालीन अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (विकास) सहित कई सरकारी अधिकारी भी शामिल थे.

2020 में आया था अम्फान चक्रवात
बता दें कि 20 मई 2020 को आए अम्फान चक्रवात ने पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी तबाही मचाई थी. पूर्वी मेदिनीपुर और उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना जिलों में व्यापक नुकसान हुआ था और 96 लोगों की मौत हुई थी. भाजपा नेता ने दावा किया कि पूरे डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के आंकड़ों के आधार पर करीब 238 करोड़ रुपये के राहत घोटाले की आशंका है. उन्होंने मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित करने की मांग की है. अभिजीत दास बॉबी ने कहा कि जल्द ही डायमंड हार्बर क्षेत्र के अन्य थानों में भी इसी तरह की शिकायतें दर्ज कराई जाएंगी. साथ ही उन्होंने पूरे खर्च का फॉरेंसिक ऑडिट कराने और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की मांग की.

अभिषेक बनर्जी की भूमिका पर क्यों उठे सवाल?
शिकायत में कहा गया है कि सार्वजनिक राहत पोर्टल से डाउनलोड किए गए आधिकारिक दस्तावेजों में हजारों स्वीकृत आवेदनों के ‘Recommended By’ कॉलम में अभिषेक बनर्जी और उनके कार्यालय का नाम बार-बार दिखाई देता है.
इससे यह सवाल उठता है कि राहत वितरण प्रक्रिया में उनकी भूमिका कितनी व्यापक थी और क्या उनके कार्यालय से जारी सिफारिशों ने सामान्य प्रशासनिक और भौतिक सत्यापन प्रक्रिया को प्रभावित किया.

ममता बनर्जी सरकार ने अम्फान प्रभावित लोगों के लिए 6,250 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी और पीड़ितों के खातों में सीधे धनराशि भेजने का वादा किया था. इसके लिए अम्फान साइक्लोन राहत कोष भी बनाया गया था. वहीं केंद्र सरकार ने नेशनल डिजास्टर​ रिलीफ फंड (NDRF) से अम्फान राहत और पुनर्वास के लिए 3,077 करोड़ रुपये मंजूर किए थे. राज्य सरकार ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 20,000 रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 5,000 रुपये की सहायता देने की व्यवस्था की थी.

हालांकि आरोप है कि घरों के पुनर्निर्माण के लिए जारी राशि का कुछ हिस्सा पंचायत प्रतिनिधियों और उनके करीबी लोगों के खातों में पहुंच गया. अम्फान राहत वितरण को लेकर वर्ष 2020 में राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे. इसके बाद ममता सरकार ने तृणमूल से जुड़े कुछ पंचायत पदाधिकारियों को निलंबित किया था और सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया था.

एक मोबाइल नंबर से कई लाभार्थियों को भुगतान
भाजपा नेता ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि भ्रष्टाचार एक सुनियोजित और संस्थागत तंत्र के जरिए किया गया. उन्होंने ऐसे दस्तावेज भी संलग्न किए हैं, जिनमें कथित तौर पर एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल 14 लाभार्थियों के लिए किया गया और उन सभी को मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के आधार पर 20-20 हजार रुपये दिए गए. इसके अलावा चार अन्य मोबाइल नंबरों के जरिए भी 6 से 9 लाभार्थियों को राहत राशि मिलने का आरोप लगाया गया है.

बॉबी ने कहा, ‘एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल अलग-अलग गांवों के लाभार्थियों के लिए किया गया. ये सभी विसंगतियां सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करती हैं.’ वहीं तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है. पार्टी के एक सूत्र ने कहा, ‘यह हमारे नेता के खिलाफ भाजपा की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है. हम इसका कानूनी तरीके से मुकाबला करेंगे.’

Ladli Behna Yojana: आज जारी होगी 37वीं किस्त, सागर के केसली से बहनों के खातों में राशि भेजेंगे CM मोहन यादव

भोपाल.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार, 14 जून को सागर जिले के देवरी विधानसभा क्षेत्र के केसली से राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त (Ladli Behna Yojana 37th Installment) जारी करेंगे।

इस अवसर पर प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1500 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जा रही हैं।

190.85 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने दौरे के दौरान केसली क्षेत्र में 190.85 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

महिलाओं को आर्थिक सहायता का लाभ
लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) मध्यप्रदेश सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और घरेलू जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें। 37वीं किस्त के अंतर्गत एक बार फिर 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्राप्त होगी।

क्या है लाड़ली बहना योजना?
लाड़ली बहना योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलता है जो मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी हों। परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए और पांच एकड़ से अधिक भूमि या चारपहिया वाहन नहीं होना चाहिए। विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाएं, जिनकी आयु 21 से 60 वर्ष के बीच है, योजना के लिए पात्र हैं।

ऐसे चेक करें किस्त का स्टेटस
लाड़ली बहना योजना की किस्त का स्टेटस चेक करने के लिए महिलाएं आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर “आवेदन व भुगतान की स्थिति” विकल्प पर क्लिक कर सकती हैं। इसके बाद समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा। ओटीपी सत्यापन के बाद भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।

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