वेलकम टू द जंगल 4 दिनों में 100 करोड़ पार, वेलकम 4 पर बड़ा अपडेट

 अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल स्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और रिलीज होते ही इसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त पकड़ बना ली. कॉमेडी और एक्शन से भरपूर यह फिल्म दर्शकों को खूब एंटरटेन कर रही है और लगातार कमाई के नए रिकॉर्ड बना रही है. सिर्फ 4 दिनों में ही इसने वर्ल्डवाइड 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है. इसकी शानदार सफलता के बीच डायरेक्टर अहमद खान ने फिल्म के बजट और ‘वेलकम 4’ को लेकर ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने फैंस की एक्साइटमेंट और भी बढ़ा दी है.

Zoom को दिए इंटरव्यू में डायरेक्टर अहमद खान ने फिल्म के बजट को लेकर खुलकर बात की. अहमद खान ने कहा कि लोग उन्हें महंगा डायरेक्टर समझते हैं, लेकिन यह बिल्कुल गलत है. उन्होंने साफ कहा कि वह कभी भी ज्यादा खर्च करके फिल्म नहीं बनाते, बल्कि हमेशा प्रोड्यूसर के फायदे और बजट का ध्यान रखते हैं. उनके मुताबिक, वह अपनी फिल्मों को तय बजट के अंदर ही पूरा करते हैं.

अहमद खान ने यह भी कहा कि उनके बारे में कई तरह की झूठी बातें फैलाई जाती हैं. उनका मानना है कि 200 या 250 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट कई बार बेकार खर्च होता है और इससे फिल्मों में सिर्फ फिजूलखर्ची बढ़ती है.

फिल्म का बजट कितना है?
डायरेक्टर अहमद खान ने बताया कि फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल‘ को बनाने में करीब 115 से 125 करोड़ रुपये का खर्च आया है. इस बजट में एक्टर्स की फीस, गाने और एक्शन सीन शामिल हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म रिलीज से पहले ही डिजिटल राइट्स, सैटेलाइट (टीवी) राइट्स, म्यूजिक और ओवरसीज राइट्स बेचकर पूरा खर्च पहले ही वसूल कर लिया गया था. इसका मतलब है कि फिल्म का बजट पहले ही निकल चुका है और अब थिएटर से होने वाली हर कमाई सीधे तौर पर मुनाफा (प्रॉफिट) मानी जाएगी.

 क्या आएगी ‘वेलकम 4’?
जब अहमद खान से पूछा गया कि क्या वह इस फिल्म का चौथा पार्ट यानी ‘वेलकम 4’ भी बनाएंगे? तो उन्होंने कहा, “अभी तक ऐसा कोई प्लान नहीं है. लेकिन दर्शकों से किरदारों को जो प्यार मिल रहा है, उसे देखकर लगता है कि अगला पार्ट बनना चाहिए. पर इसमें अभी काफी समय लगेगा.”

 क्या उदय-मजनू के साथ होगी जॉन अब्राहम की एंट्री?
जब उनसे पूछा गया कि क्या अगले पार्ट में नाना पाटेकर (उदय भाई) और अनिल कपूर (मजनू भाई) वापस आएंगे, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि कुछ भी हो सकता है. शायद अगले पार्ट में जॉन अब्राहम की एंट्री भी देखने को मिल सकती है.

रतलाम से पैदल भोपाल पहुंचे दो कांग्रेस कार्यकर्ता, निष्कासन के विरोध में PCC कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे

भोपाल 

मध्य प्रदेश कांग्रेस में इस समय ऊपर से नीचे तक सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रदेश के जिलों में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा नवीन जिला कार्यकारिणी पर सवाल खड़े करने का सिलसिला जारी हैं। अब कार्यकर्ताओं को सवाल खड़े करने पर उसका खामयाजा भी भुगतना पड़ रहा है। 

रतलाम के कांग्रेस कार्यकर्ता गौरव पोरवाल और संजय रावत को 6 साल के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने निष्कासित किया है, उससे नाराज होकर उन्होंने न्याय के लिए रतलाम से भोपाल तक पैदल पद यात्रा की और सोमवार सुबह से ही वह दरी बिछाकर कांग्रेस कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हुए हैं। हालांकि इस दौरान पीसीसी कार्यालय में आयोजित बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पहुंचे थे, उन्होंने कार्यकर्ताओं को देखा भी लेकिन उनसे मुलाकात करना जरूरी नहीं समझा और चलो चलो कहते हुए आगे बढ़ गए, प्रदेश अध्यक्ष के इस रवैया से भी कांग्रेस के दोनों कार्यकर्ता हताश होते हुए नजर आए। 

जिला कार्यकारिणी पर सवाल उठाए
रतलाम से आए कांग्रेस के निष्कासित कार्यकर्ता गौरव पोरवाल ने भास्कर को बताया कि हम तीन सौ किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए भोपाल आए हैं। गौरव ने बताया हम इसलिए आए हैं क्योंकि अभी रतलाम की जिला कार्यकारिणी बनी थी तो किसी को तीन पद दे दिए, किसी को चार पद दे दिए तो हमने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से जिला अध्यक्ष जी को मैसेज पहुंचाया था कि आप संगठन में एक व्यक्ति को तीन चार पद दे रहे हैं तो ये शोभा नहीं देता।

हमारी जिलाध्यक्ष से बात हुई थी। वे कह रहे थे हमारे पास कार्यकर्ता नहीं हैं। गकांग्रेस की इतनी स्थिति खराब हो गई है कि नए कार्यकर्ता नहीं मिल रहे इसलिए आप एक-एक व्यक्ति को तीन-तीन पद दे रहे हो।

कार्यकर्ताओं को दो-दो पद देने के आरोप
गौरव पोरवाल ने चर्चा करते हुए बताया कि 21 जून को उन्होंने कार्यकर्ता सम्मान पदयात्रा रतलाम से शुरू की थी, निरंतर 8 दिन 300 किलोमीटर चलने के बाद वह भोपाल पहुंचे हैं। उनका आरोप है कि रतलाम जिले की नवीन कार्यकारणी में जिला अध्यक्ष ने एक ही कार्यकर्ता को दो से तीन पद दे दिए हैं। गौरव पोरवाल और संजय रावत ने बीते चार जून को इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से मुलाकात की थी। 

मुलाकात के दौरान उन्होंने जिला कार्यकरणी में मूल कार्यकर्ताओं की अपेक्षा करने की शिकायत की। दोनों का प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात करना जिला अध्यक्ष को अच्छा नहीं लगा। उसके बाद जिला अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत के निर्देश पर संगठन महासचिव जगदीश पाटीदार ने दोनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। इससे नाराज होकर उन्होंने मुख्य संगठन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं के सम्मान में पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया और रास्ते भर वह कार्यकर्ता सम्मान का संदेश देते हुए भोपाल पहुंचे। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाती वह भोपाल में ही डटे रहेंगे और जरूरत पड़ी तो आगे दिल्ली तक भी पदयात्रा कर राहुल गांधी के समक्ष अपनी बात रखेंगे।

वापसी नही हुई तो बाहर से करेंगे कांग्रेस के लिए कार्य 
गौरव ने  बातचीत करते हुए कहा कि वह कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ता है, जिस दिन उनका निष्कासन हुआ उसी दिन बीजेपी की ओर से उन्हें पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया गया था। लेकिन उन्होंने बीजेपी में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया। गौरव ने यह भी कहा कि उन्हें कोई पद की लालसा नहीं है। वह कोई पद नहीं चाहते हैं वह एक आम कार्यकर्ता बनाकर कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने के लिए कार्य कर कार्यकर्ताओं के सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहां कि अगर कांग्रेस का मुख्य संगठन उन्हें स्पष्ट कर की उनका निष्कासन समाप्त नहीं होगा तो वह बाहर से भी बिना कांग्रेस का कार्यकर्ता होते हुए भी पार्टी के लिए काम करेंगे।

जीतू पटवारी से मिले तो जिला कांग्रेस ने निष्कासित कर दिया
गौरव ने बताया 4 जून को नामली में हम यही दरी लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के पास गए थे। उनसे बात की तो उन्होंने हमें गले लगाया और साथ में बिठाकर लेकर गए थे। उसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी को प्रदेश अध्यक्ष से मिलना इतना बुरा लगा कि हमें पार्टी से निष्कासित कर दिया। उन्होंने हमारे पर आरोप लगाया लेकिन उनके पास ठोस सबूत आज भी नहीं हैं कि किस कारण से निष्कासित किया है।

कौन से व्यक्तियों को तीन-चार पद दिए गए हैं? एक रवि तिवारी हैं जिनके पास तीन पद हैं। प्रकाश पाटीदार के पास भी ऐसे ही पद हैं। सुनील पोरवाल के पास दो पद हैं। वे युवा कांग्रेस में भी हैं और जिला कांग्रेस में भी पद दिया गया है। मैं किसी पद पर नहीं हूं। मैं आम कार्यकर्ता हूं।

सवाल- आपकी क्या मांग है? गौरव: मेरी यही मांग है कि मुझे पद नहीं चाहिए लेकिन जो मजबूती से कांग्रेस के लिए काम करते हैं उनका सम्मान होना चाहिए।

सवाल- जीतू पटवारी से आप मिले? गौरव: जीतू पटवारी हमसे नहीं मिले। वो आए थे तो उन्होंने कहा चलो-चलो…. ये बातें शोभा नहीं देती। कार्यकर्ता अगर इतनी दूर से पैदल आया है तो उनको हमसे बात करनी चाहिए। ऐसे अगर चलो-चलो करने में रहेंगे तो फिर क्या स्थिति रहेगी। हम पार्टी का विरोध करने नहीं बैठे हैं।

सवाल: आप कब तक धरने पर बैठेंगे? गौरव: जब तक हमारी बात नहीं मानी जाती तब तक बैठेंगे। अगर लगा कि हमारी बात नहीं सुनी जा रही तो दिल्ली पैदल-पैदल जाएंगे। और अपनी बात पार्टी के सीनियर नेताओं को बताएंगे।

UP Election: राजेंद्र गौतम ने सपा को दिया साफ संदेश, बोले- कांग्रेस बड़ी पार्टी, सीट शेयरिंग में बराबरी की हिस्सेदारी चाहिए

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विपक्षी गठबंधन इंडिया अलायंस में सीट शेयरिंग को लेकर अभी से खींचतान शुरू हो गई है. यूपी चुनाव में संभावित गठबंधन के सहयोगी कांग्रेस ने खुद को सपा से बड़ी पार्टी बताते हुए ज्यादा सीटों की डिमांड की है. नवनियुक्त कांग्रेस यूपी प्रभारी राजेंद्र गौतम ने  कहा कि यूपी में सीटों में बराबर की हिस्सेदारी होनी चाहिए. कांग्रेस बड़ा भाई है. राजेंद्र गौतम ने यूपी में समाजवादी पार्टी से गठबंधन से जुड़े सवाल पर ये बातें कहीं। 

राजेंद्र गौतम ने कांग्रेस को बताया बड़ा भाई
समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और सीट शेयरिंग के सवाल पर कांग्रेस के राजेंद्र गौतम ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है. कांग्रेस के नेतृत्व में आजादी मिली और देश का निर्माण हुआ. बीजेपी का मुकाबला करने की हिम्मत क्षेत्रीय पार्टियों में नहीं. इस सच को स्वीकार करना होगा. बीजेपी ने क्षेत्रीय पार्टियों के सांसदों और विधायकों को तोड़ा. कांग्रेस ही बीजेपी को हरा सकती है. कांग्रेस तो बड़ा भाई है ही, क्योंकि हम राष्ट्रीय पार्टी हैं. यूपी में हम बराबर के साझेदार हैं, भाई-भाई हैं. हिस्सेदारी और सम्मान बराबर का होनी चाहिए। 

बीएसपी को गठबंधन के लिए भेजा सिग्नल
मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ संविधान बचाने वालों को एकजुट होना चाहिए. जो देश को बचाना चाहते है उन्हें एकजुट होना चाहिए. मेरा स्पष्ट मानना है कि बीजेपी के खिलाफ संविधान में विश्वास करने वाले को एक साथ होना चाहिए. कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करेंगे. हम हर तरह के लोगों से मिलेंगे। 

सीएम योगी को बताया डरा हुआ सीएम
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बौखलाहट में नजर आ रहे हैं. कहा कि बीजेपी भगवान श्रीराम के चंदा चोरों को बचा रही है. चंदा चोरी से बीजेपी की मंशा सामने आई है. बीजेपी का बस चले तो भविष्य में चुनाव न कराएं. न्यायपालिका डरी हुई है और चुनाव आयोग बीजेपी के लिए काम कर रहा है। 

आरोप लगाया कि सीएम योगी ने पुलिस को हत्यारा बना दिया है, गरीबों के घर बुलडोजर चल रहा है. योगी डरे हुए हैं और उनकी सत्ता जाने वाली है. चंदा चोर को बचाने की कोशिश है. कांग्रेस नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा और जीता जाएगा। 

राजेंद्र गौतम ने कहा कि यूपी चुनाव में जिस भी पार्टी के साथ गठबंधन होगा उससे बात करके ही घोषणापत्र तैयार किया जाएगा. उन्होंने ऐलान किया कि एक जुलाई से यूपी का दौरा शुरू करेंगे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई : राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई : राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना पुस्तक का किया विमोचन

म.प्र. हिन्दी ग्रंथ अकादमी ने किया पुस्तक का प्रकाशन

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना’ पुस्तक का समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विमोचन किया। मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित यह शोध संकलन बताता है कि लोकमाता, पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होल्कर का जीवन और कर्म किसी आकस्मिक महानता का परिणाम नहीं, बल्कि दीर्घ सांस्कृतिक धारा का स्वाभाविक विस्तार रहा। उनकी जीवन गाथा इस तथ्य का प्रमाण है कि भारतीय नारी संत, विदुषी, योद्धा होने के साथ-साथ कुशल शासिका भी रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विमोचित इस शोध संकलन में कुल 19 अध्याय हैं। पुस्तक अहिल्याबाई होल्कर की दृष्टि में नारी स्वाभिमान और समाजोत्थान, सांस्कृतिक पुनर्निर्माण से राष्ट्रीय एकता, पंचपरिवर्तन से समाज कल्याण, जीवन प्रबंधन की पाठशाला, बाल विवाह-सामाजिक कुरीति की चुनौतियाँ और समाधान पर शोध पत्रों का संकलन हैं। पुस्तक में देवी अहिल्याबाई होल्कर की राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना न्यायप्रियता और प्रशासनिक दक्षता, समग्र जीवन चिंतन, भारतीय हस्तशिल्प के उत्थान में अहिल्याबाई की भूमिका तथा महिलाओं के लिए न्याय और समानता पर शोधपरक लेख हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा में लोकमाता अहिल्याबाई के अवदान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विश्लेषण पर भी पुस्तक में एक पाठ है। पुस्तक का मूल्य 160 रूपए मात्र है।

इस अवसर पर संचालक म.प्र. हिन्दी ग्रंथ अकादमी अशोक कड़ेल, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक चंद्रचारु त्रिपाठी, माखनलाल चर्तुवेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी उपस्थिति थे।

 

MP Police का हाईटेक प्लान! अब ड्रोन से छोड़े जाएंगे आंसू गैस के गोले

भोपाल 

कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण स्थितियों से निपटने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस अब अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। दंगा, उपद्रव और हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस पहली बार ऐसे हाईटेक ड्रोन खरीदेगी, जो जरूरत पड़ने पर हवा से ही आंसू गैस के गोले छोड़ सकेंगे।

भीड़ में जाने की जरूरत होगी कम
नई तकनीक के इस्तेमाल से पुलिसकर्मियों को सीधे उपद्रवी भीड़ के बीच जाने की जरूरत कम होगी। इससे पथराव और हिंसक हमलों में पुलिसकर्मियों के घायल होने की आशंका भी काफी कम हो जाएगी।

40 जिलों के लिए खरीदे जाएंगे विशेष ड्रोन
पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के 40 जिलों के लिए विशेष ड्रोन खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्येक ड्रोन की अनुमानित कीमत करीब 14 लाख रुपये होगी। इनकी खरीद बीएसएफ टेकनपुर के माध्यम से की जाएगी।
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पहले चरण में 40 जिलों को मिलेगा एक-एक ड्रोन
प्रदेश के 55 जिलों में से पहले चरण में 40 जिलों को एक-एक ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा। बाकी 15 जिलों में जरूरत पड़ने पर नजदीकी जिलों से ड्रोन भेजे जाएंगे।

पहले लाइव निगरानी, फिर होगी सटीक कार्रवाई
इन ड्रोन में अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे, जो उपद्रव प्रभावित क्षेत्र की लाइव निगरानी करेंगे। कंट्रोल रूम में मौजूद पुलिस अधिकारी वास्तविक समय में देख सकेंगे कि किस स्थान पर भीड़ सबसे ज्यादा उग्र है और आंसू गैस के गोले कहां छोड़ने से सबसे अधिक असर होगा।

सुरक्षित दूरी से होगी भीड़ नियंत्रण की कार्रवाई
लाइव निगरानी के बाद ड्रोन के जरिए सुरक्षित दूरी से आंसू गैस के गोले छोड़े जाएंगे। इससे भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई अधिक प्रभावी और सुरक्षित होगी।

पुलिसकर्मियों की सुरक्षा होगी मजबूत
अब तक दंगों और हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों को मौके पर जाकर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़ते थे। इस दौरान कई बार उपद्रवी उनके ऊपर पथराव और हिंसक हमले कर देते थे। ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस दूर से ही कार्रवाई कर सकेगी, जिससे पुलिस बल की सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा।

लाइव रिकॉर्डिंग बनेगी अहम सबूत
इन ड्रोन की मदद से पूरी कार्रवाई की उच्च गुणवत्ता वाली लाइव रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। इससे उपद्रव, आगजनी, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों की आसानी से पहचान की जा सकेगी।

अदालत में भी काम आएगा वीडियो फुटेज
ड्रोन से रिकॉर्ड किया गया वीडियो अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे आरोपियों के खिलाफ प्रभावी और त्वरित कानूनी कार्रवाई करने में पुलिस को मदद मिलेगी।

दो से तीन महीने में मिल सकते हैं ड्रोन
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार ड्रोन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगले दो से तीन महीने के भीतर ये ड्रोन पुलिस को मिलने की संभावना है। 

मध्य प्रदेश में पहली बार होगा इस्तेमाल
देश के कुछ अन्य राज्यों में इस तरह की तकनीक का पहले से इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश में पहली बार आंसू गैस छोड़ने वाले हाईटेक ड्रोन पुलिस बल का हिस्सा बनेंगे।

आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी कानून-व्यवस्था
अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से भीड़ नियंत्रण की कार्रवाई पहले से अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी होगी। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यक्षमता भी काफी मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. रोहाणी की जयंती पर किया नमन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. रोहाणी की जयंती पर किया नमन

विधानसभा के सेंट्रल हाल में अर्पित की पुष्पांजलि

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. ईश्वर दास रोहाणी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को विधानसभा के सेंट्रल हाल में स्व. रोहाणी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के द्वारा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्षगण की जयंती व पुण्यतिथि के अवसर पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन अनुकरणीय पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. रोहाणी एक जननेता थे, उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन का पहला चुनाव वर्ष 1993 में जबलपुर से लड़ा। इसके बाद उनके विधायक निर्वाचित होने का सिलसिला चलता रहा और रोहाणी ने लगातार 4 विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। उन्होंने जबलपुर की जनता के लिए संपूर्ण त्याग और समर्पण के साथ जनहितैषी कार्यों को आगे बढ़ाया। वे कर्मठ, स्पष्टवादी जनप्रतिनिधि होने के साथ एक आदर्श विधानसभा अध्यक्ष भी रहे। जनसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संगठन निर्माण के प्रति रोहाणी का अद्वितीय योगदान प्रदेशवासियों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।

 

MP Weather: भोपाल-सीहोर समेत कई इलाकों में बारिश, 50 जिलों में अलर्ट; खरगोन में आकाशीय बिजली से 2 की मौत

भोपाल

मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।

आज भारी बारिश की संभावना

मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है।

आज भारी बारिश की संभावना
मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है।

खरगोन में दो अलग-अलग घटनाओं में बारिश के बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मजदूर राधेश्याम (30) और गृहिणी केनू (30) की मौत हो गई। केनू का 3 साल का एक बेटा है। वहीं, बैतूल के चिचोली में चंपा नदी उफान पर है। इसके रपटे पर सोमवार रात सिप्लाई निवासी राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक समेत बह गए। रातभर तलाश के बाद मंगलवार सुबह रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में दोनों के शव मिले।

छिंदवाड़ा-सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक, आज बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इनके अलावा 50 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।

इन जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

अभी एक ही जगह पर ठहरा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, 24 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी। 15 जिले अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद मानसून एक जगह पर ठहर गया।

इस वजह से दिन-रात गर्मी का असर भी बढ़ा है। खासकर उत्तरी हिस्से जैसे ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा संभाग के शहरों में पारे में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

फिलहाल आगे बढ़ने के संकेत नहीं
प्रदेश में पिछले छह दिनों से बारिश हो रही है। कई जिलों में 3 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इससे प्रदेश की ओवरऑल बारिश के आंकड़े में भी सुधार आया है। 1 जून से अब तक औसत 124.2 मिमी (5 इंच) बारिश होना थी। 75.7 मिमी (3) इंच पानी गिरा है, जो सामान्य से कम है।

पूर्वी हिस्से में औसत से 68 प्रतिशत पानी कम गिरा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत 11% बारिश ही कम हुई है। अलीराजपुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम करीब 2 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। इस तरह ओवरऑल 39 प्रतिशत पानी कम गिरा है।

इन जिलों में सामान्य से कम/ज्यादा बारिश
    कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।

    ज्यादा बारिश वाले जिले- भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर। इनमें भोपाल में 6 इंच से ज्यादा बारिश हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट से डोनाल्ड ट्रंप को बड़ी राहत, बढ़ी राष्ट्रपति की शक्तियां; फैसले पर दुनिया की नजर

वाशिंगटन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी ताकत दी है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले की मानें तो अब वह किसी भी एजेंसी चीफ को कभी भी बटा सकते हैं. जी हां, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति की शक्तियों का दायरा काफी बढ़ा दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा स्वतंत्र फेडरल एजेंसियो के प्रमुखों को हटाए जाने के फैसले को सही ठहराया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में  कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब स्वतंत्र संघीय एजेंसियों के प्रमुखों को अपनी इच्छा से पद से हटा सकते हैं. हालांकि, इस फैसले में फेडरल रिजर्व यानी अमेरिकी केंद्रीय बैंक को इससे अलग रखा गया है। 

सुप्रीम कोर्ट ने क्या अपवाद रखा?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के जजों अपने फैसले में यह भी कहा कि फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक (Lisa Cook) फिलहाल अपने पद पर बनी रहेंगी. वह ट्रंप प्रशासन की ओर से उन्हें हटाने की कोशिश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने उन पर मॉर्गेज फ्रॉड के आरोप लगाए हैं. हालांकि, कुक ने इन आरोपों से इनकार किया है। 

अब ट्रंप को वजह बताने की जरूरत नहीं
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, फेडरल रिजर्व को छोड़कर बाकी स्वतंत्र एजेंसियों के प्रमुखों को हटाने के लिए अब राष्ट्रपति को किसी खास वजह अथवा कारण की जरूरत नहीं होगी. इससे पहले संघीय कानूनों के तहत ऐसे अधिकारियों को हटाने के लिए ठोस कारण बताना जरूरी था. यानी देश के सेंट्रल बैंक को छोड़कर कोर्ट ने माना कि राष्ट्रपति अपनी मर्जी से एजंसियों के प्रमुखों को हटा सकते हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा 91 साल पुराना फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने 91 साल पुराने अपने ही ऐतिहासिक फैसले Humphrey’s Executor v. United States को भी पलट दिया. उस फैसले में राष्ट्रपति के अधिकार सीमित किए गए थे ताकि स्वतंत्र एजेंसियां राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम कर सकें. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कोर्ट के 6 कंजर्वेटिव जजों के बहुमत से आया, जिसे ट्रंप प्रशासन की शक्तियों में बड़ी बढ़ोतरी के तौर पर देखा जा रहा है. इस बेंच में 9 जज शामिल थे। 

चीफ जस्टिस ने क्या कहा
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति को अधिकारियों को हटाने से रोकने वाली व्यवस्था संविधान में तय शक्तियों के बंटवारे के खिलाफ है. जजों ने फेडरल ट्रेड कमीशन की पूर्व सदस्य रेबेका स्लॉटर के मामले में फैसला सुनाया, जिन्हें ट्रंप ने बिना किसी कारण के निकाल दिया था, जबकि फेडरल कानून के एक नियम के अनुसार कारण बताना जरूरी है। 

इस फैसले का लॉजिक दूसरी एजेंसियों पर भी लागू होता है, जिनमें नेशनल लेबर रिलेशंस बोर्ड, मेरिट सिस्टम्स प्रोटेक्शन बोर्ड और कंज्यूमर प्रोडक्ट सेफ्टी कमीशन शामिल हैं, जहां ट्रंप ने बोर्ड के सदस्यों को भी निकाल दिया है. इस फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप काफी खुश हैं। 

डोनाल्ड ट्रंप हुए खुश
डोनाल्ड ट्रंप ने एक ट्रुथ सोशल पोस्ट में इस फैसले पर अपनी खुशी और सहमति जताई. उन्होंने लिखा, ‘यह बहुत सम्मान की बात है कि मौजूदा प्रेसिडेंट होने के नाते यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व फैसला मिला, जो प्रेसिडेंशियल शक्तियों के संबंध में अब तक दिए गए सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक है। 

बालाघाट में पत्नी का अनोखा एक्शन, शराबी पति को खंभे से बांधा; बोली- शराब छोड़ो, वरना यही होगा

बालाघाट 
बालाघाट के बुढ़ी क्षेत्र में महिलाएं पिछले करीब 80 दिनों से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं। महिलाओं का कहना है कि इलाके में लंबे समय से चल रही शराब दुकान के कारण परिवारों में विवाद, घरेलू हिंसा और आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। 

45 साल से संचालित हो रही है शराब दुकान
स्थानीय लोगों के अनुसार बुढ़ी क्षेत्र में यह शराब दुकान पिछले करीब 45 वर्षों से संचालित हो रही है। वार्ड की महिलाओं ने इसे हटाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है और वे लगातार धरना दे रही हैं। धरने के दौरान संजू चौधरी नाम का एक व्यक्ति अत्यधिक शराब पीकर आंदोलन स्थल पर पहुंच गया। संजू चौधरी आंदोलन का नेतृत्व कर रही महिलाओं में शामिल एक महिला का पति है।

महिलाओं से की अभद्रता
आरोप है कि संजू चौधरी ने नशे की हालत में आंदोलनकारी महिलाओं के बीच पहुंचकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और आंदोलन को बाधित करने की कोशिश की। अपने पति की हरकत देखकर पत्नी का धैर्य जवाब दे गया। उसने अन्य महिलाओं की मदद से संजू चौधरी को बीच सड़क पर बिजली के खंभे से बांध दिया।

मुंह पर चिपकाई सेलोटेप
महिलाओं ने गाली-गलौज और हंगामा रोकने के लिए संजू चौधरी के मुंह पर सेलोटेप भी चिपका दी। इस घटना को देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिलाओं को समझाइश दी और काफी मशक्कत के बाद संजू चौधरी को खंभे से मुक्त कराया। इसके बाद मामला शांत कराया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
शराबी पति को खंभे से बांधने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग महिला के इस कदम की सराहना कर रहे हैं।

महिलाओं ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी
आंदोलनकारी महिला मंजीता सोनवाने और अन्य वार्डवासियों का कहना है कि शराब ने उनके परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। महिलाओं ने साफ कहा है कि जब तक प्रशासन 45 साल पुरानी शराब दुकान को वहां से नहीं हटाता, तब तक उनका धरना और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल, गोल्ड ₹8500 तक महंगा; जानें आज के ताजा रेट

नई दिल्ली
 सोने और चांदी में लगातार तीन हफ्तों से जारी गिरावट के बाद मंगलवार, 30 जून को अचानक उछाल (gold silver price) आया। दोपहर दो बजे के आसपास गोल्ड-सिल्वर में तेजी आई, जो वैश्विक बाजार कॉमेक्स और भारतीय घरेलू बाजार MCX पर भी देखी गई। कॉमेक्स पर सोना 2.60 डॉलर उछलकर 4040 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया। जबकि चांदी में 1.52 फीसदी की तेजी आई और कीमत 60 डॉलर के करीब पहुंच गई।

MCX पर कहां पहुंचे गोल्ड-सिल्वर के दाम?
वहीं एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1952 रुपए उछलकर 1,42,402 रुपए के दिन के हाई लेवल पर पहुंच गया। इस दौरान सोना 1,42,384 रुपए (gold price today) प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,42,402 रुपए (gold rate today) पर क्लोज हुआ था।

चांदी की बात करें जुलाई डिलीवरी वाली चांदी में 8500 रुपए का जोरदार उछाल आया। खबर लिखे जाने तक चांदी 2.05 फीसदी यानी 4493 रुपए उछलकर 2,23,899 रुपए प्रति किलोग्राम (silver rate today) पर ट्रेड कर रही थी। इस दौरान इसका हाई लेवल 2,27,980 रुपए और लो लेवल 2,17,333 रुपए (silver price today) रहा। पिछले दिन यह 2,19,406 रुपए पर क्लोज हुई थी। यानी पिछले क्लोज और आज के हाई लेवल की तुलना करें चांदी में 8,574 रुपए महंगी हो गई।

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