मानसून के दौरान भोपाल मंडल होकर होकर संचालित जबलपुर-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन की समय सारिणी कोंकण रेलवे में रहेगी परिवर्तित

मानसून के दौरान भोपाल मंडल होकर होकर संचालित जबलपुर-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन की समय सारिणी कोंकण रेलवे में रहेगी परिवर्तित

भोपाल
 पश्चिम मध्य रेल से प्रारम्भ/टर्मिनेट होने वाली गाड़ी संख्या 02198/02197 जबलपुर-कोयंबटूर-जबलपुर साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन का मानसून के दौरान कोंकण रेलवे के क्षेत्राधिकार में आने वाले स्टेशनों के समय सारिणी में आंशिक परिवर्तन किया गया है। इस परिवर्तित मानसून समय सारिणी का संचालन दिनांक 19 जून 2026 से प्रत्येक शुक्रवार को जबलपुर से तथा दिनांक 15 जून 2026 से प्रत्येक सोमवार को कोयंबटूर से किया जायेगा। 

मानसून के दौरान यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में जबलपुर, नरसिंहपुर, गाडरवाड़ा, पिपरिया, इटारसी, हरदा, खण्डवा, भुसावल, नासिक रोड, पनवेल एवं रोहा स्टेशनों की समय सारिणी यथावत रहेगी यानि कोई बदलाव नहीं रहेगा। लेकिन कोंकण रेलवे के क्षेत्राधिकार में आने वाले दोनों दिशाओं के खेड़, चिपलुन, रत्‍नागिरी, कणकवली, कुडाल, थीवम, मडगाव जंक्शन, कारवार, कुमटा, मूकाम्बिका रोड, कुन्दापुरा, उडुपी, मुल्की, मंगलुरु जंक्शन, कासरगोड, कन्नूर, वडकरा, कोजीकोड, तिरूर, शोरनूर जंक्शन, पालक्काड जंक्शन (पालघाट) एवं कोयंबटूर जंक्शन रेलवे स्टेशनों के समय सारिणी में आंशिक परिवर्तन किया गया है।

 उल्लेखनीय है की गाड़ी सांख्य 02198 जबलपुर-कोयंबटूर साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन दिनांक 19 जून 2026 से 16 अक्टूबर 2026 तक (18 ट्रिप)  प्रत्येक शुक्रवार को जबलपुर से रात्रि 23:50 बजे प्रस्थान करेगी। मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन रविवार को शाम 17:10 बजे कोयंबटूर जंक्शन  स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी सांख्य 02197 कोयंबटूर-जबलपुर साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन दिनांक 15 जून 2026 से 19 अक्टूबर 2026 तक (19 ट्रिप) प्रत्येक सोमवार को कोयंबटूर से दोपहर 15:10 बजे प्रस्थान करेगी। मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन बुधवार को सुबह 08:45 बजे जबलपुर स्टेशन पहुंचेगी। 

उपर्युक्त स्पेशल ट्रेन के परिवर्तित समय एवं ठहराव की विस्तृत जानकारी के लिए, कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in  पर जाएँ या एनटीईएस/रेलवन  ऐप पर अवलोकन कर सकते हैं। 

 

एमपी टूरिज्म को कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्टता पुरस्कार

एमपी टूरिज्म को “कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्टता” पुरस्कार

मुंबई में 10वें डेसेनियल एक्जीबिशन एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 में किया गया सम्मानित
पर्यटन विकास निगम की प्रतिबद्धता, व्यावसायिकता और अद्वितीय टीम वर्क का परिणाम : प्रबंध संचालक यादव

भोपाल

मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने इवेंट, एक्जीबिशन और माइस के प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुंबई के सिडको एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित ’10वें डेसेनियल एक्जीबिशन एक्सीलेंस अवार्ड्स (EEA) 2026′ में एमपी टूरिज्म को “कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्टता” (Excellence in Conference Management) का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। यह पुरस्कार देश के इवेंट, एक्जीबिशन और माइस (MICE – मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेसिंग एंड एक्जीबिशन) सेक्टर के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक दिलीप कुमार यादव ने टीम के साथ यह पुरस्कार ग्रहण किया। 

प्रबंध संचालक यादव ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार पर्यटन विकास निगम की प्रतिबद्धता, व्यावसायिकता और अद्वितीय टीम वर्क का परिणाम है। मध्यप्रदेश पर्यटन लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर, आतिथ्य सेवाओं और आयोजन क्षमताओं को विश्वस्तरीय बना रहा है। राज्य में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर्स, बेहतरीन कनेक्टिविटी और बेमिसाल मेहमाननवाज़ी के कारण अब देश-विदेश के बड़े कॉर्पोरेट घराने और संगठन मध्यप्रदेश का रुख कर रहे हैं।

महाप्रबंधक इवेंट्स विवेक जूड ने कहा कि पर्यटन निगम को यह राष्ट्रीय पुरस्कार राज्य में 20 से भी ज्यादा राष्ट्रीय और राज्य महत्व के बड़े सम्मेलनों के सफल प्रबंधन के लिए दिया गया है। निगम ने अपनी टीम के उत्कृष्ट प्रबंधन से MP Growth Summit 2025, MP Tech Growth Summit 2025, Regional AI Impact Summit 2025, Regional Industry and Employment Summit और Madhya Pradesh Mining Conclave जैसे बेहद महत्वपूर्ण और हाई-इम्पैक्ट सम्मेलनों का कुशलतापूर्वक संचालन किया है।

यह राष्ट्रीय पुरस्कार न केवल पर्यटन निगम की कुशल प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह ‘अतुल्य भारत का दिल’ मध्यप्रदेश को बिजनेस टूरिज्म के क्षेत्र में एक अग्रणी ग्लोबल हब बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। भविष्य में इससे राज्य में आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और ज्ञान-आधारित बड़े आयोजनों को और अधिक गति मिलेगी।

 

MP Weather Update: 5 जिलों में तेज आंधी, 33 जिलों में बारिश का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच दस्तक देगा मानसून

भोपाल 

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में अनुमान है कि मध्य प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच एंटर हो सकता है। इससे पहले प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। तेज आंधी, बारिश के साथ ओले भी गिर रहे हैं।

शुक्रवार को श्योपुर में आंधी ने तबाही मचाई। अलग-अलग हादसों में 4 लोगों की मौत हो गई। जिले में करीब एक इंच पानी गिर गया। सागर में आधा इंच पानी गिरा। जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। तापमान में गिरावट देखने को मिली।

हालांकि, जून की बारिश में प्रदेश पिछड़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसत से 23 प्रतिशत बारिश कम हुई है। पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में औसत से 55% कम जबकि पश्चिमी हिस्से- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में औसत से 2% बारिश ज्यादा हुई है।

33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश
भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत 33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना रह सकता है।

इंदौर-उज्जैन संभाग में धूप का असर
प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा। इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बुरहानपुर, देवास, आगर-मालवा और शाजापुर समेत कई जिलों में तेज धूप निकलने के आसार हैं।

बारिश के आंकड़ों में अभी भी पीछे प्रदेश
हालांकि प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है, लेकिन जून महीने में प्रदेश का कुल वर्षा रिकॉर्ड अभी सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश की कमी सबसे ज्यादा बनी हुई है।

कई जिलों में तापमान सामान्य रहा
फिलहाल, प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, लेकिन बारिश और बादलों की वजह से आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है. मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है. इसके अलावा लोगों को सलाह दी गई है कि तेज आंधी, बिजली गिरने और बारिश के दौरान सुरक्षित जगहों पर रहें। 

कई जिलों में गरज-चमक के आसार
मौसम विभाग ने भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, रीवा, सतना, शहडोल, दमोह, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पन्ना, सागर और पांढुर्णा समेत कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है. आईएमडी के अनुसार, दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है और कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश भी हो सकती है। 

बारिश से लुढ़का तापमान
प्री-मानसून बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। रीवा में 7.3 डिग्री, सतना में 6.6 डिग्री और ग्वालियर में 5.8 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई शहरों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है और अगले तीन से पांच दिनों में मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री हो सकती है। मानसून के आगमन के साथ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। 

आज भिंड-दतिया में तेज आंधी
मौसम विभाग के मुताबिक, भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर में बारिश के साथ तेज आंधी चल सकती है। जिसकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने की संभावना है।

भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का दौर रहेगा।

वहीं, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर में तेज धूप खिली रहेगी।

 

प्लेन क्रैश में देश ने खोए 5 जांबाज, एयरफोर्स ने हादसे की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए

नईदिल्ली /जोरहाट 

असम के जोरहाट एयरबेस के पास भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई, जबकि विमान का सह-पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अधिकारी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।वायुसेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले सभी सैन्यकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे। दुर्घटना में बलिदान होने वालों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं।

भारतीय वायुसेना ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बलिदान जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। वायुसेना ने कहा कि इस कठिन समय में पूरा संगठन शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है और उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। 

इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह
फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और 
अग्निवीरवायु दानिश आलम शहीद हो गए है।
वायुसेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि भारतीय वायुसेना शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है। दुख की इस घड़ी में पूरी वायुसेना शहीदों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने इस बात की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है कि आखिर यह दुर्घटना कैसे हुई। जोरहाट एयरबेस के पास हुए इस क्रैश के पीछे क्या कारण थे- क्या कोई तकनीकी खराबी थी, इंजन फेलियर हुआ था या मौसम की खराबी की वजह से यह हादसा हुआ- इन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की गई है। बचे हुए को-पायलट का बयान भी इस जांच में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा, क्योंकि वे ही हादसे के समय कॉकपिट में मौजूद थे।

दुर्घटना के बाद वायुसेना मुख्यालय ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ गठित की गई है, जो हादसे के सभी पहलुओं की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच में तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी संभावित समस्या, मौसम की स्थिति और अन्य परिचालन कारणों की विस्तार से पड़ताल की जाएगी।

हादसे में जीवित बचे सह-पायलट से भी जांच टीम पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि दुर्घटना से ठीक पहले विमान की स्थिति और कॉकपिट में हुई घटनाओं के बारे में उनकी जानकारी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। वायुसेना की जांच टीम विभिन्न तकनीकी और परिचालन तथ्यों का विश्लेषण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। 

जांच के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ के आदेश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने इस बात की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है कि आखिर यह दुर्घटना कैसे हुई. जोरहाट एयरबेस के पास हुए इस क्रैश के पीछे क्या कारण थे- क्या कोई तकनीकी खराबी थी, इंजन फेलियर हुआ था या मौसम की खराबी की वजह से यह हादसा हुआ- इन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ गठित की गई है. बचे हुए को-पायलट का बयान भी इस जांच में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा, क्योंकि वे ही हादसे के समय कॉकपिट में मौजूद थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की भेंट

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री प्रधान का पुष्प-गुच्छ और अंगवस्त्रम् से अभिवादन किया तथा उन्हें बाबा महाकाल की प्रतिकृति भेंट की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भेंट के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रधान को प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में संचालित योजनाओं, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों से अवगत करवाया। केंद्रीय मंत्री प्रधान ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षा और उच्च शिक्षा में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और रोजगारपरक कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है। 

‘पंचायत’ फेम रघुबीर यादव ने साझा किया जीवन संघर्ष, थिएटर से फिल्मी सफर तक की कहानी

पर्दे पर सच्चाई से किरदार में ढलने वाले कलाकार बहुत गिने-चुने होते हैं. एक्टर रघुबीर यादव उन्हीं में से एक हैं. पॉपुलर सीरीज ‘पंचायत’ में उनके शानदार और दिल को छू लेने वाले ‘प्रधान जी’ के किरदार को लोगों ने काफी पसंद किया. उनकी सादगी ने हर किसी का दिल जीत लिया. लेकिन पहचान हासिल करना उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं रहा. इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी मुश्किलों का सामना किया है.

एक्टर का छलका दर्द
हाल ही में एक्टर ने अपने लंबे और चैलेंजिंग सफर को याद किया. उन्होंने बताया कि एक समय पर वो दिन के महज ढाई रुपये पर गुजारा करते थे. कई दफा भूखे सोते थे मीडिया  बातचीत में उन्होंने अपने मुश्किल दिनों पर कहा- एक्टिंग आसान नहीं है, लेकिन इसमें मजा आता है. लोग इसे स्ट्रगल कहते हैं, लेकिन मैंने अपनी जिंदगी को कभी संघर्ष नहीं माना. मैंने कड़ी मेहनत की और इस पूरे प्रोसेस को एन्जॉय किया.

उन्होंने ये भी कहा कई स्टार्स ‘संघर्ष’ शब्द को अक्सर ग्लोरिफाई करके दिखाते हैं. इसपर उन्होंने अपनी राय देते हुए कहा- हर आर्ट वर्क में प्रैक्टिस की जरूरत होती है. चाहे आप संगीतकार हों, डांसर हों या एक्टर.. आपको सीखते रहना पड़ता है और रिहर्सल करनी पड़ती है. आज भी मुझे लगता है कि अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है. मेरे लिए, जिंदगी हमेशा एक स्कूल रही है, सीखने की एक जगह.

थिएटर जर्नी की कैसे हुई शुरुआत?
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनकी एकेडमिक जर्नी ने शुरुआत में ही एक ऐसा मोड़ लिया, जिसने आगे चलकर उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी. एक सिक्योर फ्यूचर की उम्मीद में उन पर साइंस पढ़ने का दबाव था, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हो गया था कि उनके लिए बोर्ड परीक्षाएं पास करना नामुमकिन है. इस एहसास ने उन्हें एक बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया था.

इस बारे में बात करते हुए वो बोले- मुझे पहले से ही पता था कि मैं फेल होने वाला हूं. परीक्षा के नतीजों से घबराकर मैंने अपने एक दोस्त के साथ घर छोड़ने का फैसला किया और ललितपुर चला गया. वहां एक्टर अन्नू कपूर के पिता की एक थिएटर कंपनी परफॉर्म कर रही थी.

ढाई रुपये पर किया गुजारा
इस तरह थिएटर में उनकी शुरुआत हुई. मदनलाल कपूर की इस कंपनी ने उन्हें ढाई रुपये रोजाना पर रख लिया था. हालांकि, वो मामूली रकम भी हमेशा समय पर या पूरी नहीं मिलती थी. उन्होंने बताया- मुझे रोजाना ढाई रुपये मिलते थे, लेकिन कभी-कभी इससे भी कम मिलते थे. हम आटा और टमाटर खरीद लेते थे, फिर रोटी-चटनी खाकर गुजारा करते थे. जब कोई खाना चुरा लेता था और खाने को कुछ नहीं बचता था, तब हालात और भी ज्यादा मुश्किल हो जाते थे.

20 साल तक गांव से बनाई दूरी
एक्टर ने बताया कि इसी दौरान उन्होंने उर्दू सीखी, अपनी प्रोनन्सिएशन सुधारी और खुद को संगीत और थिएटर में पूरी तरह डुबो दिया. उन्होंने उस दौर के काफी भावुक पल को भी याद किया. उन्होंने बताया कि घर छोड़ने के बाद उन्होंने अपने पिता को लेटर लिखकर भरोसा दिलाया था कि वो कभी भी परिवार का नाम बदनाम नहीं करेंगे. 6 महीने बाद वो कुछ समय के लिए घर लौटे थे, लेकिन एक रिश्तेदार के ताने ने उनकी राह फिर से बदल दी. रिश्तेदार ने उन्हें ताना मारते हुए कहा था- हमें लगा था कि अब तुम सीधे सिनेमा के पर्दे पर ही दिखोगे. ये सुनकर उन्हें इतनी शर्मिंदगी महसूस हुई कि वो उसी रात दोबारा घर छोड़कर चले गए. इसके बाद वो करीब 20 साल तक अपने गांव से दूर रहे.

‘माइकल’ ने रचा इतिहास: बनी दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली म्यूजिक बायोपिक

 

माइकल जैक्सन पर बनी बायोपिक ‘माइकल’ दुनियाभर में जबरदस्त कमाई कर रही है। इस फिल्म ने एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा है। यह फिल्म ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली म्यूजिक बायोपिक बन गई है। इसने ‘बोहेमियन रैप्सोडी’ को पीछे छोड़ दिया है।

‘माइकल’ का कुल कलेक्शन
‘माइकल’ 24 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। रिलीज के बाद से इस फिल्म ने दुनिया भर में 911.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई की है। इसने ‘बोहेमियन रैप्सोडी’ की कुल ग्लोबल कमाई (910.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स के मर्जर से बढ़ेगा कंपटीशन, कंज्यूमर को होगा फायदा; एजेंसी ने निकाले ये निष्कर्ष

घरेलू बॉक्स ऑफिस पर कर रही कमाल
दुनिया भर में मिली सफलता के अलावा, ‘माइकल’ घरेलू बॉक्स ऑफिस पर भी अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बायोपिक बन गई है। फिल्म की इस नई कामयाबी ने प्रोड्यूसर ग्राहम किंग के लिए एक और उपलब्धि जोड़ दी है। उन्होंने ऑस्कर जीतने वाली ‘बोहेमियन रैप्सोडी’ को भी प्रोड्यूस किया था।

फिल्म की स्टारकास्ट
‘माइकल’ के निर्देशक एंटोनी फुक्वा हैं। फिल्म में माइकल जैक्सन के भाई जर्मेन जैक्सन के बेटे जाफर जैक्सन मुख्य भूमिका में हैं। जूलियानो क्रू वाल्डी ने युवा माइकल जैक्सन का किरदार निभाया है।

क्या है फिल्म की कहानी?
यह फिल्म ‘किंग ऑफ पॉप’ कहे जाने वाले दिवंगत माइकल जैक्सन के जीवन और करियर की कहानी दिखाती है। यह कहानी 1988 में खत्म होती है और इसमें जैक्सन के ग्लोबल सुपरस्टार बनने के सफर पर फोकस किया गया है।

 

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में बड़ा बदलाव: राष्ट्रगान के साथ गूंजेंगे राज्यगीत और वैदिक मंत्र

रायपुर 
छत्तीसगढ़ सरकार ने 2026-27 सत्र से स्कूलों में राष्ट्रगान, राज्यगीत, वैदिक मंत्र, सरस्वती वंदना और भोजन मंत्र को शामिल करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्यों और अनुशासन को बढ़ावा देना है।

शिक्षा सत्र 2026-27 से लागू होगी नई व्यवस्था
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में शिक्षा सत्र 2026-27 से नई सांस्कृतिक एवं मूल्य आधारित व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत विद्यालयों की दैनिक गतिविधियों में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़े कार्यक्रमों को नियमित रूप से शामिल किया जाएगा।

प्रार्थना सभा में जुड़ेगा सांस्कृतिक और प्रेरणात्मक आयाम
नई व्यवस्था के अनुसार सुबह की प्रार्थना सभा केवल राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र और देश के महापुरुषों की जीवनी का वाचन भी कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर ही भारतीय परंपराओं, आदर्श व्यक्तित्वों और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाना आवश्यक है। इससे छात्रों में नैतिक शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

भोजन के समय होगा सामूहिक भोजन मंत्र
विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के दौरान भी नई पहल लागू की जाएगी। छात्रों को भोजन ग्रहण करने से पहले सामूहिक रूप से भोजन मंत्र का पाठ कराया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में भोजन के प्रति सम्मान, अनुशासन और सामूहिकता की भावना विकसित होगी। यह व्यवस्था सभी स्कूलों में समान रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन सत्रों में बंटा शेड्यूल
विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में अब प्रतिदिन तीन अलग-अलग समय पर निर्धारित क्रम में गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रातःकालीन सत्र स्कूल प्रारंभ होने पर सुबह की प्रार्थना सभा में एक तय क्रम के अनुसार ये प्रस्तुतियां अनिवार्य होंगी। विद्यालय प्रारंभ होने पर प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में क्रमशः राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीपमंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र तथा महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराया जाएगा। इसी प्रकार मध्यान्ह भोजन के समय विद्यार्थियों द्वारा भोजन मंत्र का सामूहिक पाठ किया जाएगा। वहीं विद्यालय की छुट्टी के समय संध्या सत्र में राज्यगीत, गायत्री मंत्र एवं शांति मंत्र का सामूहिक वाचन कराया जाएगा। 

जानें क्या है उद्देश्य?
स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि इन गतिविधियों के नियमित और प्रभावी संचालन से छात्रों में न केवल राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना मजबूत होगी, बल्कि उनके भीतर नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का भी सही विकास होगा। यह पहल विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने में मील का पत्थर साबित होगी।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई
शासन ने स्पष्ट किया है कि सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रतिदिन स्कूलों का औचक निरीक्षण करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि इन नियमों का कड़ाई से पालन हो रहा है या नहीं। निर्धारित क्रम में अवहेलना पाए जा

छुट्टी के समय राज्यगीत और शांति मंत्र
विद्यालयों में दिन की समाप्ति भी अब एक निर्धारित सांस्कृतिक क्रम के तहत होगी। छुट्टी के समय विद्यार्थियों द्वारा राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का सामूहिक गान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक पहचान और राज्य की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना बताया जा रहा है। इस पहल को शिक्षा और संस्कारों के समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संस्कृति और शिक्षा के समन्वय पर जोर
रायपुर में इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनके अनुसार विद्यालयों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्यगीत और वैदिक मंत्रों को शामिल करने से बच्चों के व्यक्तित्व विकास और संस्कार निर्माण में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई सामने
इस निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक पुरंदर मिश्रा ने पूर्ववर्ती सरकारों पर सांस्कृतिक मूल्यों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज विश्व के कई देशों में भारतीय संस्कृति, योग और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है, ऐसे समय में राज्य की शिक्षा व्यवस्था में इन मूल्यों को स्थान देना एक स्वागतयोग्य पहल है। उन्होंने इस निर्णय के लिए नरेंद्र मोदी,विष्णु देव साय और गजेन्द्र यादव के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर फोकस
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय केवल शैक्षणिक ज्ञान का केंद्र नहीं होते, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक मूल्यों के विकास का भी प्रमुख माध्यम होते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ सांस्कृतिक, नैतिक और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है। आने वाले शिक्षा सत्र से यह व्यवस्था राज्यभर के स्कूलों में लागू होने के बाद शिक्षा और संस्कार के संतुलित मॉडल की नई तस्वीर प्रस्तुत कर सकती है।

स्कूल समाप्ति पर राज्यगीत और शांति मंत्र का गायन
छुट्टी के समय स्कूलों में राज्य गीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का गायन अनिवार्य किया गया है, जिससे दिन का समापन सकारात्मक वातावरण में हो सके।

कड़ाई से लागू होंगे नियम, लापरवाही पर कार्रवाई तय
शिक्षा विभाग का मानना है कि इन गतिविधियों से छात्रों में राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना मजबूत होगी। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी नियमों का पालन हो।यदि किसी स्कूल में इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य पर कार्रवाई की जा सकती है।

16 जून से खुलेंगे स्कूल, तैयारियों के सख्त निर्देश
Chhattisgarh में सभी स्कूल 16 जून 2026 से खुलेंगे। इसके साथ ही शाला प्रवेश उत्सव 2026 के आयोजन के लिए भी विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थिति, पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, टाइम टेबल की तैयारी और स्कूलों की साफ सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान बनीं महक नरवासे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सम्मानित

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान बनीं महक नरवासे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सम्मानित

महक की उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजनांदगांव जिले की प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर सुमहक नरवासे ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तथा सांसद बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम के आगामी श्रीलंका दौरे के लिए टी-20 एवं वनडे दोनों टीमों का उपकप्तान नियुक्त किए जाने पर सुमहक नरवासे को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर महक का सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महक नरवासे की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार या राजनांदगांव जिले की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रही हैं। महक ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महक आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम गौरवान्वित करेंगी। उन्होंने महक को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “खूब खेलो, आगे बढ़ो और नई ऊंचाइयों को छुओ। आपकी सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगी।”

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महक नरवासे का भारतीय अंडर-19 महिला टीम की उपकप्तान के रूप में चयन प्रदेश में विकसित हो रहे खेल वातावरण और खिलाड़ियों को मिल रहे अवसरों का उत्कृष्ट उदाहरण है।

सुमहक नरवासे ने सम्मान एवं शुभकामनाओं के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके पिता राधेश्याम नरवासे, महापौर मधुसूदन यादव, कोच मनोज तिवारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सोशल मीडिया पर दोस्ती, शादी का झांसा और दुष्कर्म का आरोप: रायपुर में नायब तहसीलदार पर केस दर्ज

रायपुर
राजधानी रायपुर के गंज थाना में सूरजपुर जिले में पदस्थ एक नायब तहसीलदार के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। रायपुर निवासी एक युवती की शिकायत पर पुलिस ने नायब तहसीलदार दिवाकर भास्कर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। मामला सामने आने के बाद से आरोपित अधिकारी के फरार होने की चर्चा है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

सोशल मीडिया के जरिए हुई थी पहचान
पुलिस सूत्रों के अनुसार युवती और आरोपित अधिकारी की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई थी। शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि दिवाकर भास्कर ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया था। इसी भरोसे के आधार पर उसने युवती को रायपुर के एक होटल में बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

पीड़िता का कहना है कि कुछ समय बाद जब उसने शादी की बात दोबारा उठाई, तब आरोपित लगातार टालमटोल करने लगा। इसके बाद युवती को संदेह हुआ कि उससे धोखे से संबंध बनाए गए हैं। मामले को गंभीर मानते हुए उसने गंज थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार
जानकारी के मुताबिक दिवाकर भास्कर वर्तमान में सूरजपुर जिले के लटौरी क्षेत्र में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से वह पुलिस की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 6 जून से मेडिकल लीव ले रखी है और तब से कार्यालय में भी उपस्थित नहीं हुए हैं।

पुलिस टीम आरोपित की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। उसके निवास सहित अन्य संदिग्ध स्थानों पर भी जांच की जा रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस को आरोपित को गिरफ्तार करने में सफलता नहीं मिली थी।

संरक्षण मिलने के आरोपों पर पुलिस का जवाब
मामले के सामने आने के बाद कुछ सामाजिक संगठनों और शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपित अधिकारी को संरक्षण दिया जा सकता है। इस संबंध में गृह मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी शिकायत की गई है।

वहीं पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की होगी जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना के दौरान होटल में ठहरने से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपराध दर्ज किया गया है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और आरोपित से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

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