दुनिया के इस देश में क्यों बैन हैं सैनिटरी पैड? सरकार के तर्क सुनकर रह जाएंगे हैरान

नैय्पिडॉ
सोचिए, अगर किसी देश में महिलाओं के लिए सबसे जरूरी चीजों में से एक सैनेटरी पैड को ही बैन कर दिया जाए तो क्या होगा? और अगर इसकी वजह यह बताई जाए कि विद्रोही लड़ाके इसका इस्तेमाल फर्स्ट एड के लिए कर सकते हैं, तो शायद यकीन करना भी मुश्किल हो जाए. लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश है, जहां फिलहाल यही हो रहा है। 

यह फैसला लाखों महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है. कई महिलाएं अब पुराने कपड़ों, पत्तों और यहां तक कि अखबारों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं. इससे संक्रमण और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। 

आखिर कौन सा है यह देश?
यह देश है म्यांमार. दक्षिण-पूर्व एशिया का यह देश 2021 में सेना द्वारा सत्ता पर कब्जा किए जाने के बाद से लगातार गृहयुद्ध जैसी स्थिति का सामना कर रहा है. सेना और विद्रोही समूहों के बीच संघर्ष जारी है और इसी संघर्ष के बीच अब सैनेटरी पैड भी विवाद का विषय बन गए हैं। 

द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि म्यांमार की सैन्य सरकार ने कई इलाकों में सैनेटरी पैड की सप्लाई रोक दी है. सरकार का तर्क है कि विद्रोही संगठन और पीपुल्स डिफेंस फोर्स (PDF) के लड़ाके इनका इस्तेमाल घायल लोगों के इलाज, खून रोकने और जूतों में लगाने के लिए कर सकते हैं। 

विशेषज्ञ बोले- यह तर्क बिल्कुल गलत
हालांकि मेडिकल एक्सपर्ट्स इस दावे को बेतुका बता रहे हैं. मेडिकल सहायता से जुड़ी संस्थाओं का कहना है कि सैनेटरी पैड गोली लगने या गंभीर घावों के इलाज के लिए उपयुक्त नहीं होते। 

विशेषज्ञों के मुताबिक, पैड न तो घाव पर ठीक से टिक पाते हैं और न ही इतने खून को नियंत्रित कर सकते हैं कि उन्हें युद्धक्षेत्र में प्रभावी फर्स्ट एड माना जाए। 

महिलाओं के सामने खड़ी हो गई नई मुसीबत
सैनेटरी पैड की कमी का सबसे बड़ा असर महिलाओं और किशोरियों पर पड़ रहा है. कई इलाकों में महिलाएं मजबूरी में कपड़े के टुकड़े, पत्ते और अखबार जैसी असुरक्षित चीजों का इस्तेमाल कर रही हैं। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI), रिप्रोडक्टिव सिस्टम से जुड़ी बीमारियां और कई अन्य संक्रमण हो सकते हैं. पहले से कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था वाले देश में इन बीमारियों का इलाज भी आसान नहीं है। 

तीन गुना तक बढ़ गई कीमत
जहां सैनेटरी पैड उपलब्ध हैं, वहां उनकी कीमतें आसमान छू रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक पैकेट की कीमत 3,000 क्यात से बढ़कर 9,000 क्यात तक पहुंच गई है. यह रकम म्यांमार के न्यूनतम दैनिक वेतन से भी ज्यादा है.ऐसे में गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए सैनेटरी पैड खरीदना लगभग नामुमकिन होता जा रहा है। 

क्या महिलाओं को घरों तक सीमित करना है मकसद?
महिला अधिकार संगठनों का मानना है कि यह सिर्फ सप्लाई रोकने का मामला नहीं है. उनका आरोप है कि सरकार महिलाओं की आवाजाही और सार्वजनिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को सीमित करना चाहती है। 

कई महिलाओं ने बताया है कि पैड की कमी और पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानियों की वजह से वे घर से बाहर निकलने से बच रही हैं. इससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भी कमी आ रही है। 
स्थानीय महिला संगठनों ने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र तक पहुंचाया है. उनका कहना है कि सैनेटरी पैड जैसी बुनियादी जरूरत की चीज पर रोक लगाना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। 

कार्यकर्ताओं का कहना है कि युद्ध और राजनीतिक संघर्ष का सबसे ज्यादा खामियाजा आम नागरिकों, खासकर महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है. एक तरफ देश गृहयुद्ध से जूझ रहा है, दूसरी तरफ महिलाओं को अपनी सबसे बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। 
म्यांमार का यह मामला दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि शायद ही किसी ने सोचा होगा कि किसी देश में सैनेटरी पैड जैसी सामान्य चीज भी कभी राष्ट्रीय सुरक्षा और युद्ध रणनीति का हिस्सा बना दी जाएगी। 

छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव- 16 जून से ऑनलाइन हाजिरी और लीव जरूरी, लापरवाही पर रुकेगा जून का वेतन

रायपुर

छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में अब ढर्रे पर काम नहीं चलेगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति (हाजिरी) और ऑनलाइन अवकाश (छुट्टी) आवेदन व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक, आगामी 16 जून 2026 से सभी के लिए डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य होगी। नियमों की अनदेखी करने पर जून महीने का वेतन रोक दिया जाएगा।

स्कूलों के लिए VSK App और कार्यालयों के लिए AEBAS अनिवार्य

शासन ने विभाग के हर स्तर पर पारदर्शिता लाने के लिए दो अलग-अलग डिजिटल माध्यम तय किए हैं। शासकीय विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र (टैज्ञ) द्वारा विकसित मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के तहत कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों और बाबुओं को आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS)के जरिए अपनी हाजिरी लगानी होगी।

हाजिरी नहीं तो वेतन नहीं

यदि 16 जून से किसी भी कर्मचारी की उपस्थिति VSK App या बायोमेट्रिक प्रणाली में दर्ज नहीं पाई जाती है, तो उसकी उपस्थिति को शून्य माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मचारी का जून माह का वेतन जारी नहीं किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDOs) की होगी।

ऑफलाइन छुट्टी पर पूर्ण प्रतिबंध, मनमर्जी करने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

संचालनालय ने साफ किया है कि शिक्षा विभाग के कर्मियों के अवकाश आवेदन और उसकी स्वीकृति के लिए ‘HRMIS पोर्टल’ की व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर अब भी ऑफलाइन (कागज पर) आवेदन लिए जा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अब ऑफलाइन अवकाश आवेदनों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। अब सभी प्रकार की छुट्टियां केवल ऑनलाइन माध्यम से ही ली और मंजूर की जा सकेंगी। यदि किसी अधिकारी ने ऑफलाइन आवेदन स्वीकार या मंजूर किया, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

 लोक शिक्षण संचालनालय ने राज्य के सभी संयुक्त संचालकों (JDs), जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और आहरण व संवितरण अधिकारियों (DDOs) को पत्र जारी कर इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इस नई व्यवस्था से विभाग में लेटलतीफी और बिना सूचना गायब रहने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह से लगाम कसने की उम्मीद है।

रेशम, खादी और हथकरघा क्षेत्र को नई दिशा: केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

रायपुर

केंद्रीय मंत्री  गिरिराज सिंह ने रेशम उत्पादन बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए विभागीय अधिकारियों को प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हथकरघा बुनकरों, शिल्पियों एवं कारीगरों को डिजाइन विकास संबंधी नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि उनके उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़े तथा उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
         
केंद्रीय वस्त्र मंत्री  गिरिराज सिंह की अध्यक्षता में राज्य अतिथि गृह (पहुना) में आज आयोजित समीक्षा बैठक में रायपुर लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष मती शालिनी राजपूत, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष  राकेश पाण्डेय, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन संघ के अध्यक्ष  भोजराज देवांगन, ग्रामोद्योग विभाग के सचिव  राजेश सिंह राणा, छत्तीसगढ़ माटी कला एवं हस्तशिल्प बोर्ड के प्रबंध संचालक  जयप्रकाश मौर्य, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की प्रबंध संचालक मती लीना कमलेश मंडावी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
       
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग क्षेत्र के उद्यमियों की वार्षिक आय 5 लाख रुपये तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र में कार्यरत उद्यमियों को निर्यात एजेंसियों से जोड़ा जाए तथा उनके उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिल सके।
           
बैठक में सिल्क एवं कॉटन उत्पादों में अन्य प्राकृतिक रेशों के समावेश के माध्यम से नवीन उत्पाद विकसित करने तथा बाजार विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। 
     
 केंद्रीय मंत्री ने रेशम केंद्रों में रेशम पौधों के साथ फ्लोरीकल्चर एवं सब्जी उत्पादन की मिश्रित खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए, जिससे कृमिपालकों एवं कीटपालकों की आय में अतिरिक्त वृद्धि हो सके।
उन्होंने वस्त्र निर्माण में प्राकृतिक रंगों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए हल्दी, कत्था, मेहंदी तथा विभिन्न पुष्पों से प्राप्त रंगों के अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता बताई। साथ ही हथकरघा क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक डिजाइन एवं उत्पाद विकास को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के सहयोग से कार्य करने के निर्देश भी दिए।
         
 बैठक में खादी, ग्रामोद्योग, हथकरघा, हस्तशिल्प एवं रेशम क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के विभिन्न उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।

फिल्में समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त माध्यम हैं – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में संस्कृति विभाग एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं, कलाकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज की सोच, संस्कृति और संवेदनाओं को दिशा देने वाली सशक्त विधा हैं। एक अच्छी फिल्म समाज में जागरूकता पैदा करती है और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। भारतीय सिनेमा ने समय-समय पर सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मदर इंडिया जैसी फिल्मों ने भारतीय समाज में नैतिक मूल्यों, त्याग और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा का गौरवशाली इतिहास रहा है। पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कही देबे संदेश ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सार्थक संदेश दिया था। आज छालीवुड की फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ व्यावसायिक सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म के विस्तार से फिल्मों की पहुंच समाज के हर वर्ग तक हुई है, ऐसे में जिम्मेदार, सकारात्मक और मूल्याधारित सिनेमा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम को पुनः सक्रिय किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन किया गया है। इस परियोजना से राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, हजारों कलाकारों, तकनीशियनों एवं श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा फिल्म पर्यटन को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम एवं संस्कृति विभाग को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की कला, संस्कृति और सिनेमा को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह सराहनीय पहल है। ऐसे सम्मान समारोह कलाकारों और रचनाकारों का मनोबल बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भी प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम में 11 देशों में सम्मानित छत्तीसगढ़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म “छत्तीसगढ़ का भीम – चिंताराम” का विशेष प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन को जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर उन्होंने गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र स्थित गिधनी पाठ में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा धमतरी में सेन समाज भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की घोषणा की।

इस अवसर पर सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष  पुनीत सेन, वरिष्ठ फिल्म निर्माता  मोहन सुंदरानी, छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग से जुड़े निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब गूंजेंगे राष्ट्रगान

रायपुर

छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में अब बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, राष्ट्रीय चेतना और भारतीय संस्कृति से गहराई से जोड़ा जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 से प्रदेश की सभी शालाओं में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्यगीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के नियमित व अनिवार्य संचालन के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
           
मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) से जारी इस आदेश के तहत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को अपने-अपने क्षेत्रों में इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तीन सत्रों में बंटा होगा शेड्यूल- सुबह से शाम तक का पूरा टाइम-टेबल
         
 विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में अब प्रतिदिन तीन अलग-अलग समय पर निर्धारित क्रम में गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रातःकालीन सत्र स्कूल प्रारंभ होने पर सुबह की प्रार्थना सभा में एक तय क्रम के अनुसार ये प्रस्तुतियां अनिवार्य होंगी। विद्यालय प्रारंभ होने पर प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में क्रमशः राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीपमंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र तथा महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराया जाएगा। इसी प्रकार मध्यान्ह भोजन के समय विद्यार्थियों द्वारा भोजन मंत्र का सामूहिक पाठ किया जाएगा। वहीं विद्यालय की छुट्टी के समय संध्या सत्र में राज्यगीत, गायत्री मंत्र एवं शांति मंत्र का सामूहिक वाचन कराया जाएगा।

बौद्धिक और नैतिक विकास है मुख्य उद्देश्य
         
स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि इन गतिविधियों के नियमित और प्रभावी संचालन से छात्रों में न केवल राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना मजबूत होगी, बल्कि उनके भीतर नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का भी सही विकास होगा। यह पहल विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने में मील का पत्थर साबित होगी।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई  

शासन ने स्पष्ट किया है कि सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रतिदिन स्कूलों का औचक निरीक्षण करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि इन नियमों का कड़ाई से पालन हो रहा है या नहीं। निर्धारित क्रम में अवहेलना पाए जाने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन या प्राचार्यों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

दौड़ रहा है छत्तीसगढ़ का विकास: मंत्री टंक राम वर्मा

​रायपुर

छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने आज बलौदाबाजार नगर पालिका क्षेत्र को करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मंत्री  वर्मा ने कुल 3 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया, साथ ही दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए 12.32 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित रैन बसेरा का लोकार्पण भी किया।

​विकास कार्यों का लेखा-जोखा
  
भूमिपूजन एवं लोकार्पण के इन विकास कार्यों  पर नजर डालें तो नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत वार्ड क्रमांक 16 में 56.86 लाख रुपए की लागत से 12 नग राहत शिविरों का निर्माण किया जाएगा, वहीं वार्ड क्रमांक 12 में भी 60.25 लाख रुपए की राशि से 10 नग राहत शिविरों की आधारशिला रखी गई है। स्थानीय नागरिकों की संवेदनशीलता और जरूरत को देखते हुए वार्ड क्रमांक 17 में 61.44 लाख रुपए खर्च कर मुक्तिधाम का उन्नयन एवं जीर्णोद्धार कार्य कराया जाएगा।

 इसी तरह ​शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए अधिसंरचना एवं पर्यावरण निधि के अंतर्गत 1.17 करोड़ रुपए की एक बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे विभिन्न वार्डों में 10 अलग-अलग विकास कार्य पूरे किए जाएंगे। इसके साथ ही, आम जनता को स्वच्छ और सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अलग-अलग क्षेत्रों में 40.72 लाख रुपए की लागत से पाइपलाइन विस्तार का कार्य शुरू किया गया है। इन सभी भूमिपूजन कार्यों के साथ-साथ, सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता देते हुए बस स्टैंड के पास विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए 12.32 लाख रुपए की लागत से एक आधुनिक रैन बसेरे का निर्माण पूरा कर उसका लोकार्पण किया गया।

इस अवसर पर  राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को पूरी गति के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि गाँव हो या शहर, विकास की राह में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। हमारी डबल इंजन की सरकार तेज गति से विकास के पथ पर दौड़ रही है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। युवा, महिला, किसान और बुजुर्ग—हर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू हैं और जनता इनका सीधा लाभ उठाकर खुशहाल है।

​भूमिपूजन कार्यक्रम के पश्चात मंत्री  वर्मा ने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उन्होंने पास में स्थित डबरी (तलाब) की मेढ़ पर आंवले का पौधा लगाया। इसके साथ ही उन्होंने जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में नीम का पौधा भी रोपा।

इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष  अशोक जैन, जनपद अध्यक्ष मती सुलोचना यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ जनहितैषी योजनाओं के लोन प्रकरणों को जल्द स्वीकृत करें बैंकर्स

रायपुर

छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी और स्वरोजगार योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक तेजी से पहुंचाने के लिए शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) में वित्त विभाग की विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स उप समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जनहित की योजनाओं से जुड़े ऋण (लोन) और अनुदान (सब्सिडी) के मामलों को बैंकर्स बिना किसी देरी के जल्द से जल्द स्वीकृत करें।

प्रमुख योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा        

 बैठक में मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, विभिन्न केंद्रीय व राज्य स्तरीय योजनाओं के तहत 31 मार्च तक बैंकों द्वारा दिए गए लोन और वित्तीय सहायता के मामलों की समीक्षा की गई, जिनमें  प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, अंत्योदय स्वरोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं के 31 मार्च तक के हितग्राहियों को बैंकों द्वारा प्रदत्त लोन एवं अन्य वित्तीय सहायता के प्रकरणों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।

अनावश्यक रूप से पेंडिंग न रखें फाइलें- विशेष सचिव
        

विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा ने बैंक प्रतिनिधियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत आने वाले हितग्राहियों के आवेदनों को बेवजह लंबित न रखा जाए। फाइलों के त्वरित निपटारे के लिए उन्होंने बैंकर्स को एक व्यावहारिक व्यवस्था बनाने को कहा है।

लोन के लिए हर हफ्ते तय हो एक दिन
      
बैंकर्स से कहा गया है कि वे स्वरोजगार और अन्य योजनाओं के हितग्राहियों के ऋण प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रति सप्ताह एक निर्धारित दिन (फिक्स डे) तय करें, ताकि उसी दिन सभी आवेदनों की जांच कर उनका तत्काल निपटारा किया जा सके।
       
इस उच्च स्तरीय बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न राष्ट्रीयकृत व क्षेत्रीय बैंकों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। शासन की इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में आम नागरिकों और ग्रामीण उद्यमियों को बैंकों से ऋण मिलने की प्रक्रिया बेहद सुगम और पारदर्शी हो जाएगी।

सूरज की रोशनी से चमका राजनांदगांव

रायपुर

 स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले  ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने उसे देशभर में नई पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर राजनांदगांव देश में सर्वाधिक सोलर क्षमता वाले कनेक्शन स्थापित करने वाला जिला बन गया है। शहरों के साथ-साथ गांवों में भी सौर ऊर्जा को लेकर लोगों का उत्साह तेजी से बढ़ रहा है।

कलेक्टर  जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन तथा विद्युत विभाग के समन्वित प्रयासों से यह सफलता संभव हुई है। योजना के तहत जिले में अब तक 6776 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6381 हितग्राहियों ने वेंडर का चयन कर लिया है। वहीं 3255 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं और 2218 लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान भी किया जा चुका है।

जिले में 3255 घरेलू सोलर कनेक्शनों के माध्यम से लगभग 9 मेगावाट, 162 व्यावसायिक सोलर कनेक्शनों से 3.40 मेगावाट तथा 31 पावर प्लांटों के जरिए 383 मेगावाट क्षमता विकसित की गई है। इनमें सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि ढाबा स्थित मेसर्स सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के 160 मेगावाट क्षमता वाले सोलर कनेक्शन की है, जो देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा कनेक्शन माना जा रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राजनांदगांव की यह उपलब्धि हरित ऊर्जा की दिशा में देश के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है।

जबलपुर के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 07 व्यक्तियों को त्वरित सहायता देकर पहुँचाया अस्पताल

भोपाल 

जबलपुर जिले के थाना मझौली क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से सड़क दुर्घटना में घायल हुए 07 व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। डायल-112 टीम की त्वरित सहायता से सभी घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी।

12 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना मझौली क्षेत्र अंतर्गत मनगवां गाँव में सुहार नदी के पास एक स्कॉर्पियो वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया है, जिससे उसमें सवार 07 व्यक्ति घायल हो गए हैं तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना मझौली क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ सैनिक श्री कमल सिंह एवं पायलट श्री नरेंद्र सिंह तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। मौके पर ज्ञात हुआ कि स्कॉर्पियो वाहन का टायर फटने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया था, जिससे उसमें सवार सात लोग घायल हो गए।

डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सुरक्षित शासकीय अस्पताल मझौली पहुँचाया। समय पर मिली सहायता के कारण घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध हो सका।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं सहित हर संकट की घड़ी में मानवीय संवेदनाओं के साथ नागरिकों की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर तत्पर है।

 

नरसिंहपुर पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

 

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में नरसिंहपुर पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर की गई 10 लाख रुपये की साइबर ठगी का सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। त्वरित एवं तकनीकी जांच के परिणामस्वरूप पीड़ित से ठगी गई संपूर्ण राशि बरामद कर उसे वापस दिलाई गई है।

गाडरवारा निवासी आवेदक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर प्रदर्शित एक विज्ञापन के माध्यम से उसे “PROX TREND” नामक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश कर अधिक लाभ अर्जित करने का प्रलोभन दिया गया। विज्ञापन के झांसे में आकर उसने विभिन्न किश्तों में कुल 10 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन न तो उसे कोई लाभ प्राप्त हुआ और न ही उसकी राशि वापस मिली। धोखाधड़ी का एहसास होने पर उसने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत प्राप्त होते ही थाना गाडरवारा में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में साइबर सेल नरसिंहपुर और थाना गाडरवारा की संयुक्त टीम गठित की गई।

टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शनों तथा डिजिटल विश्लेषण के आधार पर दो आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी कर प्राप्त की गई संपूर्ण 10 लाख रुपये की राशि बरामद कर नियमानुसार पीड़ित को वापस दिलाई। आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराधों के विरुद्ध आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई में भी त्वरित जांच, तकनीकी विश्लेषण एवं समन्वित प्रयासों के माध्यम से न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, बल्कि पीड़ित को उसकी पूरी राशि वापस दिलाने में भी सफलता प्राप्त हुई।

मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश अथवा कम समय में अधिक मुनाफे का प्रलोभन देने वाले विज्ञापनों एवं संदेशों से सतर्क रहें। किसी भी ऑनलाइन निवेश से पूर्व संबंधित प्लेटफॉर्म की वैधता की जांच अवश्य करें तथा साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

 

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