स्ट्रीट वेंडर्स के सपनों को मिली नई उड़ान

रायपुर

कभी सड़क किनारे ठेला लगाकर सब्जियां बेचने वाले, चाय-नाश्ते की छोटी दुकान चलाने वाले या फिर फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वाले लाखों स्ट्रीट वेंडर (रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों) के लिए पूंजी की कमी सबसे बड़ी चुनौती थी। बैंक ऋण तक पहुंच नहीं होने के कारण उनका व्यवसाय सीमित था। लेकिन प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना ने इन छोटे उद्यमियों के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिखी है। 

छत्तीसगढ़ में इस योजना के माध्यम से अब तक 1 लाख 12 हजार 36 से अधिक स्ट्रीट वेंडर (पथ विक्रेताओं) को 256 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक की ऋण सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। योजना ने न केवल उनके कारोबार को मजबूती दी है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का नया अवसर भी प्रदान किया है।   
कोविड-19 महामारी के दौरान आजीविका पर पड़े गंभीर प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने 1 जून 2020 को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (च्ड ैट।छपकीप) योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर को बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से शुरू कर सकें और उसका विस्तार कर सकें। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं होती। समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को अगले चरण में अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने का अवसर मिलता है।     

योजना के तहत लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। प्रथम चरण में 10,000 रूपए तक का ऋण, द्वितीय चरण में 20,000 रूपए तक का ऋण तथा तृतीय चरण में 50,000 रूपए तक का ऋण दिया जाता है। अर्थात इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम 10 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 50 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण सहायता प्राप्त की जा सकती है। समय पर पुनर्भुगतान करने वाले हितग्राही ही अगले चरण के लिए पात्र बनते हैं।     

पीएम स्वनिधि योजना का लाभ उन छोटे कारोबारियों को मिलता है जो सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर वस्तुएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इनमें सब्जी एवं फल विक्रेता, चाय, नाश्ता एवं फास्ट फूड विक्रेता, पान दुकान संचालक, कपड़ा एवं रेडीमेड वस्त्र विक्रेता, जूता-चप्पल विक्रेता, किताब एवं स्टेशनरी विक्रेता, फूल एवं पूजा सामग्री विक्रेता, मोबाइल एक्सेसरीज विक्रेता, नाई, मोची, लॉन्ड्री जैसी सेवाएं देने वाले स्वरोजगारी, जैसे अनेक छोटे व्यवसाय शामिल हैं।
   
छत्तीसगढ़ में योजना का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और धमतरी जैसे जिलों में हजारों पथ विक्रेताओं को ऋण सहायता प्रदान की गई है। राज्य स्तर पर 267.22 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के विरुद्ध 256.94 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया जा चुका है, जिससे 1.12 लाख से अधिक हितग्राही लाभान्वित हुए हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का कहना है कि पीएम स्वनिधि योजना केवल ऋण वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह छोटे उद्यमियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। इससे स्ट्रीट वेंडर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, उनकी आय में वृद्धि हो रही है और वे अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर पा रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों में हजारों पथ विक्रेता इस योजना के सहारे अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना वास्तव में उन मेहनतकश हाथों को आर्थिक संबल देने का माध्यम बनी है, जो अपने परिश्रम से शहरों की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं।

बाल श्रम निषेध दिवस पर बाल आयोग का बड़ा एक्शन

रायपुर

 विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नेतृत्व में बच्चों के संरक्षण हेतु प्रदेशभर में विशेष कार्रवाई की गई। इस दौरान रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र से 9 नाबालिग बच्चों, बिलासपुर में आरपीएफ के माध्यम से 7 बच्चों तथा रायपुर जीआरपी के माध्यम से 4 बच्चों का रेस्क्यू कर कुल 20 बच्चों को संरक्षण में लिया गया।

इसी क्रम में आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में राजधानी रायपुर के उरला स्थित मारुति नंदन स्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज में विशेष औचक छापामार कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि लोहे की फैक्ट्री में नाबालिग बच्चों से गंभीर एवं जोखिमपूर्ण प्रकृति का कार्य कराया जा रहा था। मौके से 9 बच्चों को तत्काल संरक्षण में लेकर नियमानुसार प्रकरण दर्ज किया गया तथा उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि रेस्क्यू किए गए बच्चे ओडिशा, उत्तर प्रदेश के बरेली तथा पश्चिम बंगाल के आसनसोल के निवासी हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें एक ठेकेदार के माध्यम से रायपुर लाया गया था, जो बिहार का रहने वाला है। मामले में संबंधित ठेकेदार, बच्चों को यहां लाने वाले अन्य व्यक्तियों तथा संभावित बाल तस्करी के पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।

प्रकरण में प्रथम दृष्टया बच्चों के साथ क्रूरता, शोषण एवं अवैध रूप से जोखिमपूर्ण कार्य कराए जाने के तथ्य सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75, 79 एवं 143 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बाल श्रम एवं संभावित बाल तस्करी से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि, बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, विशेषकर तब जब उनसे जोखिमपूर्ण उद्योगों में कार्य कराया जाता है। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार प्राप्त है। बाल श्रम एवं बाल तस्करी जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध आयोग पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी संजय निराला, विपिन ठाकुर, श्रम विभाग की टीम एवं संबंधित अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति रही। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को आवश्यक संरक्षण, परामर्श, चिकित्सकीय सहायता एवं पुनर्वास की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है।

महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी में रायगढ़ नंबर-1, घर-घर पहुंचकर किया जा रहा सत्यापन

रायपुर.

महतारी वंदन योजना के तहत पात्र हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य रायगढ़ जिले में तेज गति से पूरा किया जा रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक तथा वीएलई की संयुक्त टीम घर-घर पहुंचकर उन महिलाओं का ई-केवाईसी कर रही है, जो वृद्धावस्था, बीमारी या दिव्यांगता के कारण केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

अभियान के अंतर्गत सेक्टरवार और ग्रामवार सूची तैयार कर शेष हितग्राहियों की पहचान की गई है। टीम दस्तावेज सत्यापन के साथ ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर रही है, जिससे किसी भी पात्र महिला के योजना से वंचित रहने की संभावना समाप्त हो रही है। रानीसागर खड़ियापारा क्षेत्र में विशेष अभियान के दौरान तीन अस्वस्थ महिलाओं के घर पहुंचकर ई-केवाईसी कराया गया, जिनमें दो मामलों में प्रक्रिया सफल रही, जबकि एक प्रकरण तकनीकी कारणों से लंबित है।

गौरतलब है कि रायगढ़ जिले ने महतारी वंदन योजना के ई-केवाईसी अभियान में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार जिले ने 96.47 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण कर लिया है, जबकि विभागीय आंकड़ों के अनुसार यह प्रगति लगभग 97 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है।

बेहतर कानून व्यवस्था के लिए वरिष्ठ अधिकारी भी रहें मुस्तैद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बदलते दौर में पुलिस बल को नई चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। अपराधों के अन्वेषण का दायित्व निभाने वाले विवेचना अधिकारियों को अन्वेषण भत्ता भी मिले, इस दृष्टि से अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। इस क्षेत्र में अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था, साक्ष्य संकलन, अभियुक्त गवाह और पीड़ित के परिवहन, भोजन आदि के साथ फोटोग्राफी -वीडियोग्राफी, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, न्यायलीन प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्च देखते हुए मध्यप्रदेश में अन्वेषण भत्ता लागू किए जाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक सजगता और सक्रियता से भूमिका निभाई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा में कहा कि सायबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गृह विभाग द्वारा आईटी कंसल्टेंट की सेवाएं लेने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। बैठक में सिंहस्थ: 2028 के लिए भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के उद्देश्य से आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से विभिन्न कंट्रोल रूम तथा अन्य व्यवस्थाओं को इस तरह पूर्ण किया जाए ताकि उनका स्थाई महत्व और प्रभाव रहे। उज्जैन में अनेक बाबा महाकाल मंदिर सहित देव स्थान हैं। सभी व्यवस्थाओं को तात्कालिक के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी और हाल ही में भोजशाला से संबंधित प्रसंग में पुलिस बल की सजग सक्रिय भूमिका के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और फोर्स के अन्य सदस्यों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचार सराहनीय हैं। राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, अन्य विभागों के सहयोग से सुगम परिवहन सुनिश्चित करने, अग्निशमन इकाईयों को सहयोग, एयर एम्बुलेंस के उपयोग में सहयोग, सैनिक कल्याण प्रयासों को बढ़ाने के कार्य सराहनीय हैं। इसके साथ ही खुले स्थानों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि में स्पीकर आदि के प्रयोग को नियंत्रित करने के निर्देशों का भी निरंतर पालन किया गया है। यह व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें, इसके लिए विभाग का अमला सक्रिय रहे।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन वर्चुअली शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा, एडीजी श्री ए. साई मनोहर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस चयन और भर्ती बोर्ड के गठन की पहल, सायबर अपराधों, सोशल मीडिया आधारित गतिविधियों और अपराधों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के बढ़ते दुरूपयोग के प्रभावी विशलेषण के लिए राज्य सायबर सेल ने विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त करने के संबंध में विचार किया गया। इसके साथ ही काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संरचना और बल में वृद्धि, राज्य स्तरीय उन्नत प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से एटीएस,एसटीएफ, हॉक फोर्स और अन्य विशिष्ट इकाईयों के लिए क्षमता संवर्धन प्रबंध, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम मोबाइल इकाई के संचालन के प्रावधान, वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने, एआई का प्रयोग कर सेफगार्ड एमपी प्रणाली के माध्यम से बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में एक नई तरह की पहल करने के संबंध में भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश

  •          पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी मुस्तैद रहें।
  •          शिक्षा केंद्रों के निकट छेड़छाड़ की घटनाएं न हों, महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहें।
  •          गौवंश रक्षा पर पूरा ध्यान दें, उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त एक्शन हो।
  •          भू-माफिया के विरूद्ध कार्यवाही सख्त हो। अपराधियों की सम्पत्ति कुर्क करने में पीछे न रहें। संगठित अपराधियों पर निरंतर नजर रखी जाएं। मुखबिर तंत्र सशक्त रहना चाहिए।

         राज्य में ई-चालान व्यवस्था और ई-साक्ष्य जैसे उपायों का अधिक से अधिक प्रयोग करें। आईटी के अधिकतम प्रयोग से अपराधों के नियंत्रण और जांच कार्य में आसानी लाएं जिससे कि मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी बने।

         प्रतिदिन ग्रामों से दूध ,सब्जी आदि लाने वाले किसानों को कृषक कल्याण वर्ष में जीवन रक्षा के लिए हेलमेट प्रदान किए जा रहे हैं। पुलिस विभाग ऐसे अभिनव प्रयोग में सहयोगी बने और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए उपयोगी हेलमेट के इस्तेमाल के लिए नागरिकों को जागरूक करने का अभियान जारी रखे।

         पुलिसकर्मियों के लिए अपने आवास अर्थात आशियाने की व्यवस्था करने में गृह विभाग आवश्यक सहयोग दे। पुलिस लाइन्स में आवास गृहों की व्यवस्था और पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा नए आवास गृहों के निर्माण करवाने के साथ ही वैकल्पिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएं, ताकि कम व्यय पर पुलिस जवानों को मकान उपलब्ध हो सके।

  •          विभाग के श्रेष्ठ कार्य करने वालों को प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाए।
  •          प्रदेश में नशा विरोधी अभियान निरंतर संचालित करें। युवाओं को हर हालत में नशे से बचाना है।
  •          सिंहस्थ : 2028 में सुरक्षा उपकरणों के साथ ही पार्किंग, परिवहन और भीड़ प्रबंधन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं बनाएं।

प्रमुख उपलब्धियां और नवाचार

बैठक में गृह विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए श्रेष्ठ कार्यों की भी चर्चा हुई। प्रमुख उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी गई।

  •          सैनिक कल्याण के क्षेत्र मध्यप्रदेश के कार्य की रक्षा मंत्रालय द्वारा सराहना की गई।
  •          संपदा संचालनालय द्वारा शासकीय आवास गृह के ऑनलाइन आवंटन का कार्य किया जा रहा है।
  •          आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता वर्धन के लिए निरंतरण प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
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बिग बॉस 20 की तैयारियां शुरू, सलमान खान के शेड्यूल में फिल्म शूटिंग भी शामिल

सुपरस्टार होस्ट सलमान खान की वजह से बिग बॉस इंडियन टीवी के सबसे फेमस और सफल रियलिटी शो में से एक बना हुआ है. गौरव खन्ना, फरहाना भट्ट, अमाल मलिक, तान्या मित्तल और बसीर अली जैसे लोकप्रिय कंटेस्टेंट्स के साथ सुर्खियां बटोरने वाले बेहद सफल 19वें सीजन के बाद, मेकर्स अब अगले चैप्टर की तैयारी कर रहे हैं. इस जोश को बनाए रखने के लिए, वे आने वाले खास 20वें सीजन को और भी बड़ा और ड्रामैटिक बनाने की योजना बना रहे हैं.

वैरायटी इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिग बॉस का नया सीजन 21 सितंबर को शुरू होने वाला है. रियलिटी शो के सेट पर लौटने से पहले, सलमान खान अपनी आने वाली एक्शन-थ्रिलर फिल्म का एक बड़ा हिस्सा शूट करने की योजना बना रहे हैं. इस मचअवेटेड बिना नाम वाली फिल्म का डायेरक्शन वामसी पैदिपल्ली कर रहे हैं और इसमें नयनतारा ली लीड एक्ट्रेस के तौर पर नजर आएंगी.

रिपोर्ट में बताया गया है कि सलमान की टीम उनके शेड्यूल को बहुत सावधानी से मैनेज कर रही है.  उनका टारगेट यह सुनिश्चित करना है कि फिल्म की शूटिंग बिना किसी देरी के आगे बढ़े और साथ ही उन्हें रियलिटी शो को होस्ट करने के लिए भी पर्याप्त समय मिले.

कैसा होगा बिग बॉस 20वां सीजन?
बिग बॉस 20 की तैयारियां आधिकारिक तौर पर आगे बढ़ रही हैं. ऑडिशन और शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है, और कास्टिंग टीम ने पहले ही कई जाने-माने टेलीविजन स्टार्स से संपर्क करना शुरू कर दिया है. इस सीजन में, मेकर्स पारंपरिक टीवी सेलिब्रिटीज से आगे बढ़कर सोच रहे हैं.  ऐसी भी काफी चर्चा है कि पिछले सीजन के कुछ जाने-पहचाने चेहरे शो में वापसी कर सकते हैं. हालांकि प्रोड्यूसर्स अभी के लिए सटीक फॉर्मेट और थीम को गुप्त रख रहे हैं, लेकिन कंटेस्टेंट्स की अंतिम सूची और इस साल के बड़े ट्विस्ट प्रीमियर की तारीख के करीब बताए जाएंगे.

सलमान के आने वाले प्रोजेक्ट्स
सलमान खान अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ के लिए तैयारी कर रहे हैं. अपूर्व लाखिया के डायरेक्शन और चित्रांगदा सिंह के साथ बनी इस फिल्म में सुपरस्टार असल जिंदगी के दिवंगत हीरो, कर्नल बिक्कुमाला संतोष बाबू की वर्दी में नजर आएंगे. शुरू में इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ़ गलवान’ रखा गया था. लेकिन 16 मार्च, 2026 को सलमान खान ने एक जबरदस्त नया पोस्टर जारी करके फैन्स को चौंका दिया.

‘डॉन 3’ विवाद: रणवीर सिंह के प्रोजेक्ट छोड़ने पर FWICE का हस्तक्षेप, अशोक पंडित का बड़ा खुलासा

फरहान अख्तर की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर फिल्म गलियारों में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म से सुपरस्टार रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने की खबरों ने पूरी इंडस्ट्री को चौंका दिया था, जिसके बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) को इस मामले में दखल देना पड़ा.अब इन सब के बीच FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने पहली बार उन चौंकाने वाली घटनाओं का खुलासा किया है, जिनकी वजह से फेडरेशन को एक्शन मोड में आना पड़ा.

अशोक पंडित ने एक बड़ा दावा करते हुए यह भी बताया कि मामला बढ़ने से पहले खुद मिस्टर परफेक्टनिस्ट यानी आमिर खान ने इस पूरे विवाद को सुलझाने की पुरजोर कोशिश की थी, लेकिन उनकी कोशिशें भी नाकाम रहीं.

फिल्ममेकर्स के डूब रहे थे 45 करोड़ रुपये
हिंदी रश को दिए इंटरव्यू के दौरान अशोक पंडित ने बताया कि ‘डॉन 3’ के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भारी नुकसान की शिकायत लेकर फेडरेशन के पास पहुंचे थे. फिल्ममेकर्स ने FWICE को बताया कि वे फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर पहले ही करीब 45 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च कर चुके थे. फिल्म की तैयारी पूरी थी और सेट पर शूटिंग शुरू होने ही वाली थी कि एन वक्त पर लीड एक्टर यानी रणवीर सिंह ने पैर पीछे खींच लिए. शूटिंग से ठीक कुछ हफ्ते पहले एक्टर के प्रोजेक्ट छोड़ने की वजह से मेकर्स के सामने करोड़ों रुपये डूबने का संकट खड़ा हो गया था.

डेढ़ महीने तक रणवीर ने नहीं दिया कोई जवाब
अशोक पंडित के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद फेडरेशन ने अपनी तय प्रक्रिया के तहत रणवीर सिंह से संपर्क किया ताकि इस मामले पर उनका पक्ष भी जाना जा सके. लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि एक्टर की तरफ से FWICE को कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला. अशोक पंडित ने आरोप लगाया कि फेडरेशन करीब डेढ़ महीने तक लगातार रणवीर को रिमाइंडर्स भेजता रहा, लेकिन उस दौरान एक्टर या उनकी टीम की तरफ से पूरी तरह चुप्पी साधी गई.

बैन नहीं, सिर्फ नियम के तहत हुई कार्रवाई
जब रणवीर की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, तो FWICE ने उनके ऑडिटर्स द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों और रिपोर्ट्स की जांच-पड़ताल की. अशोक पंडित ने बताया कि जिस दिन फेडरेशन रणवीर के खिलाफ असहयोग निर्देश जारी करने की आखिरी तैयारी में था, ठीक उसी दिन उन्हें एक ईमेल मिला. इस ईमेल में बताया गया कि एक्टर की टीम के दो प्रतिनिधि इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए फेडरेशन से मिलेंगे.

हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए फेडरेशन ने अपने निर्देश को जारी रखने का फैसला किया. इसके साथ ही अशोक पंडित ने यह साफ किया कि FWICE ने रणवीर पर कभी कोई ‘बैन’ नहीं लगाया था, बल्कि यह सिर्फ एक नियम आधारित निर्देश था.

आमिर खान ने भी की थी पैचअप की कोशिश
विवाद को लेकर एक और बड़ा खुलासा करते हुए अशोक पंडित ने कहा कि यह मामला फेडरेशन तक पहुंचने से पहले ही इंडस्ट्री के भीतर इसे रफा-दफा करने की काफी कोशिशें हुई थी. आमिर खान समेत बॉलीवुड के कई बड़े दिग्गजों ने फिल्ममेकर्स और रणवीर के बीच सुलह कराने का प्रयास किया था, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका. उन्होंने कहा कि आज रणवीर सिंह हैं, कल कोई और एक्टर हो सकता है. फिलहाल एक्सेल एंटरटेनमेंट इस बड़े नुकसान का सामना कर रहा है, लेकिन अगर उनकी जगह कोई छोटा प्रोड्यूसर होता, तो वह बर्बाद हो जाता और उसे अपना घर तक बेचना पड़ जाता.

आखिरी समय पर प्रोजेक्ट छोड़ा
अशोक पंडित ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि काम के मामले में हर किसी की जवाबदेही तय होनी चाहिए. चाहे कोई बड़ा सुपरस्टार हो, डायरेक्टर हो, असिस्टेंट डायरेक्टर हो, कैमरामैन हो या फिर एक स्पॉट बॉय कोई भी व्यक्ति आखिरी समय पर अपनी मर्जी से किसी तय प्रोजेक्ट को इस तरह नहीं छोड़ सकता कि सामने वाले का नुकसान हो जाए. उन्होंने साफ कहा कि हो सकता है कि आपके पास फिल्म न करने की 10 जायज वजहें हों, लेकिन अगर आपने पहले किसी प्रोजेक्ट के लिए कमिटमेंट की थी और उस पर पैसा खर्च हो चुका है, तो उस आर्थिक नुकसान की भरपाई होनी ही चाहिए.

कृषक कल्याण परिषद अध्यक्ष ने की समीक्षा बैठक, खाद-बीज उपलब्धता और किसान योजनाओं की परखी प्रगति

रायपुर.

छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी ने महासमुंद जिले के कृषि एवं समवर्गीय विभागों की समीक्षा बैठक लेकर खरीफ सीजन की तैयारियों, खाद-बीज की उपलब्धता और किसान हितैषी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक उप संचालक कृषि कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई।

बैठक में चंद्रवंशी ने जिले की सभी सहकारी समितियों में किसानों के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित दर पर वितरण व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विभागीय कार्ययोजना में किसानों के सुझावों और समस्याओं को शामिल कर शासन स्तर पर भेजने के निर्देश भी दिए।

बैठक में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत रासायनिक खेती के बजाय जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने, किसानों को प्रशिक्षण देने तथा व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सिंचाई, विपणन संघ, सहकारी बैंक और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी एवं वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

खाद की कालाबाजारी की सूचना दें, पाएं 1000 रुपये का इनाम; सरकार ने शुरू की नई पहल

 अशोकनगर
 किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सूचना दाता प्रोत्साहन योजना लागू की है।योजना के तहत खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली या मिलावटी उर्वरकों के निर्माण और बिक्री की सूचना देने वाले व्यक्ति को 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

उप संचालक कृषि अमित भदौरिया ने बताया कि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना और किसानों को राहत प्रदान करना है। इसके तहत बिना लाइसेंस उर्वरक विक्रय या निर्माण, निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण, तय मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री, नकली खाद का निर्माण तथा सरकारी अनुदान वाले उर्वरकों के औद्योगिक उपयोग जैसी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।

गोपनीय रहेगी सूचनादाता की पहचान
कृषि विभाग के अनुसार सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। कोई भी किसान या नागरिक सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकता है। यदि जांच में सूचना सही पाई जाती है और अवैध गतिविधि प्रमाणित होती है, तो प्रोत्साहन राशि सीधे सूचनादाता के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

 

ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़, पिता की शिकायत के बाद समर्थ की शादी में डांस करने वाले वकील घेरे में

भोपाल
 बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। इसी बीच, ट्विशा के पिता ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है और ‘लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम’ से जुड़े कुछ वकीलों की भूमिका की जांच की मांग की है। ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विवेक रूसिया के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।

अधिकारी की भूमिका पर भी उठ सवाल
उन्होंने कानूनी सहायता प्रणाली से जुड़े कुछ वकीलों और एक अधिकारी की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के तहत नियुक्त कुछ वकील आरोपी पक्ष का समर्थन करते नजर आए। शिकायत के अनुसार, इन वकीलों की नियुक्ति भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में गिरिबाला सिंह के कार्यकाल के दौरान हुई थी।

समर्थ की शादी में किया था डांस
शर्मा ने शिकायत के साथ एक तस्वीर भी सौंपी है, जिसमें ‘लीगल एड डिफेंस काउंसिल’ स्कीम के असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना को समर्थ सिंह की शादी में नाचते हुए दिखाया गया है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सक्सेना कोर्ट में आरोपी के निजी वकील के साथ मौजूद थे। ट्विशा शर्मा के पिता ने ‘चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल’ रीना वर्मा का नाम भी शिकायत में शामिल किया है।

लीगल एड वकीलों ने सक्रिय भूमिका निभाई
उन्होंने सवाल उठाया है कि जब आरोपी के पास पहले से निजी वकील मौजूद था, तो लीगल एड वकीलों ने सक्रिय भूमिका क्यों निभाई। इसके अलावा, ब्यूटी पार्लर और बाद में विवाह समारोह में देखे गए एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में उस व्यक्ति की पहचान तथा घटनाक्रम में उसकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

अदालत में ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील अंकुर पांडे ने कहा कि यह मामला संबंधित अधिकारियों के समक्ष रख दिया गया है। पांडे ने शुक्रवार को कहा, “हमने संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेज दी है और अब इस मामले में कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।” शिकायत में लीगल एड वकीलों की भूमिका और आरोपी के साथ उनके कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही, अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान हुए कानूनी प्रतिनिधित्व की समीक्षा करने की भी मांग की गई है।

    ट्विशा शर्मा केस में आया नया मोड़
    ट्विशा के पिता ने दर्ज कराई आपत्ति
    असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना की भूमिका पर सवाल
    16 जून तक रिमांड पर हैं समर्थ और उसकी मां

16 जून को खत्म होगी रिमांड
इस बीच, ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 16 जून को समाप्त हो रही है। एजेंसी उस दिन दोनों को अदालत में पेश करेगी, जहां यह तय किया जाएगा कि उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई जाए या आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड दिया जाए।

सीबीआई ने पहले अदालत को बताया था कि आवश्यकता पड़ने पर वह रिमांड की मांग करेगी। हालांकि, 2 जून को भोपाल सेंट्रल जेल भेजे जाने के बाद से अब तक किसी रिमांड की मांग नहीं की गई है।

होर्मुज में भारतीयों की मौत पर भारत सख्त, अमेरिकी दूत को किया तलब; 40 मिनट तक दर्ज कराया कड़ा विरोध

नई दिल्ली

ओमान तट के पास एक कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। नागरिकों की जान जाने की इस गंभीर घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिकी उप-राजदूत जेसन मीक्स को दोबारा तलब कर सख्त विरोध दर्ज कराया है। पिछले कुछ ही दिनों में यह दूसरी बार है जब भारत ने किसी अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है।

30 मिनट तक चला कड़ा कूटनीतिक विरोध
विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने जेसन मीक्स को तलब किया। यह बैठक लगभग 40 मिनट तक चली, जिसमें भारत ने कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले और उसमें तीन भारतीयों के मारे जाने पर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। चूंकि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर फिलहाल दिल्ली से बाहर हैं, इसलिए उनकी जगह जेसन मीक्स को यह कूटनीतिक विरोध सौंपने के लिए बुलाया गया।

अमेरिका ने जहाजों पर हमला किया; टाइमलाइन
    8 जून: अमेरिकी हमले में जहाज ‘मैरीवेक्स’ निशाना बना; 24 भारतीय क्रू सदस्यों को बचाया गया
    9 जून: ‘एमटी सेटेबेलो’ पर हमला; 3 भारतीयों की मौत, 21 को बचाया गया
    10 जून: अमेरिकी CdA मीक्स को तलब किया गया
    11 जून: ‘एमटी जलवीर’ पर हमला; 20 भारतीय क्रू सदस्यों को बचाया गया
    12 जून: अमेरिकी CdA मीक्स को तलब किया गया

निशाना बने तीन प्रमुख जहाज और भारतीयों की मौत
हालिया विवाद मुख्य रूप से तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों से जुड़ा है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल मौजूद था।

‘Settebello’ पर हमला और मौतें: बुधवार को ओमान के सोहर बंदरगाह के पास इस पलाऊ-झंडे वाले टैंकर को निशाना बनाया गया। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना द्वारा दागी गई मिसाइल के कारण जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। जहाज पर 24 भारतीय सवार थे। इस भयावह हमले में 3 भारतीय नाविकों की जान चली गई, जबकि 21 को बचा लिया गया।

‘MT Marivex’ पर हमला: इससे पहले सोमवार को एक अन्य टैंकर, ‘MT Marivex’ पर भी अमेरिकी नौसेना द्वारा हमला किया गया था। उस जहाज पर भी 24 भारतीय नाविक मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया था।

 अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर संयुक्त राष्ट्र समेत दूसरे संगठनों और देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की तीखी आलोचना की है और इसे अस्वीकार्य बताया है. अमेरिकी दादागीरी के सामने तनकर खड़े होते हुए अंतर्राष्ट्रीय मेरीटाइम संगठन (अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ) ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों में अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्र में व्यक्ति की सुरक्षा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए. वहीं UN ने कहा कि वो IMO के बयान से इत्तेफाक रखता है। 

बुधवार को अमेरिका ने पलाऊ के झंडे वाले एक टैंकर पर हमला किया था. इस टैंकर का नाम MT सेटेबेलो है. अमेरिका नौसेना ने सेटेबेलो पर मिसाइलों से हमला किया था. इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। 

भारत ने गुरुवार को कहा कि पिछले चार दिनों में ओमान के तट के पास भारतीय क्रू मेंबर वाले तीन कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी सेना ने हमला किया, जिसमें तीन भारतीयों की मौत हो गई. नई दिल्ली ने इन हमलों को लेकर अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। 

दुनिया भर में जहाजों की सुरक्षा और समुद्री अनुशासन करने वाली संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने इस घटना के लिए अमेरिका की तीखी आलोचना की। 

IMO ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के पास हुई इस घटना में जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज में आग लग गई और तीन नाविकों की मौत हो गई। 

IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने कहा कि वह किसी भी पक्ष की ओर से की गई ऐसी किसी भी हरकत की “कड़ी” निंदा करते हैं, जिससे नाविकों की जान और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा को खतरा हो। 

“यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. मेरी संवेदनाएं उन तीन नाविकों के परिवारों के साथ हैं जिनकी जान चली गई और उन सभी लोगों के साथ भी जो क्रू सदस्यों के बारे में खबर का इंतजार कर रहे हैं। 

डोमिंग्वेज़ ने कहा कि IMO ने हर समय नाविकों, आम नागरिक जहाजों और नेविगेशन की आज़ादी की सुरक्षा की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। 

डोमिंग्वेज़ ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों में अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र में जीवन की सुरक्षा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए. नाविकों की सुरक्षा एक साझा ज़िम्मेदारी है जिसे सबसे ज़्यादा अहमियत दी जानी चाहिए। 

IMO के बयान से सहमति जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी-जनरल ने इस हमले की निंदा की. सेक्रेटरी-जनरल के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने ने कहा कि, ‘खास बात यह है कि सेट्टेबेलो टैंकर पर हमला हुआ और कई भारतीय नाविक मारे गए. और इस हमले की इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) के सेक्रेटरी-जनरल ने साफ़ तौर पर निंदा की थी. और हम उस बात का पूरी तरह से समर्थन और अनुमोदन करते हैं। 
 

एमटी जलवीर पर हमला: ताजा मामला इस गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले जहाज एमटी जलवीर से जुड़ा है। अमेरिकी मध्य कमान ने एक बयान में कहा कि उसने एमटी जलवीर को ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध का कथित तौर पर उल्लंघन करके ईरानी तेल परिवहन करने के प्रयास के आरोप में निष्क्रिय कर दिया। कमान ने कहा कि चालक दल द्वारा ‘अमेरिकी सेना के निर्देशों का बार-बार पालन न करने’ के बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन कक्ष पर हमला किया।

ओमान बंदरगाह के पास इस टैंकर पर हमले के बाद उसमें सवार 22 भारतीयों को बृहस्पतिवार को सुरक्षित निकाल लिया गया था। पिछले चार दिनों में ओमान तट के निकट अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय चालक दल वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले की यह तीसरी घटना है।

भारत का सख्त रुख
भारतीय नागरिकों की जान जाने से यह कूटनीतिक विवाद अब एक बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक शिपिंग और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करने की मांग की है।

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