सक्ती में मैराथन दौड़ के जरिए विकास का संदेश, ‘12 साल विश्वास और जनकल्याण के’ थीम रही खास

सक्ती.

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में ‘बारह साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के’ थीम के तहत जिला प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग सक्ती द्वारा आज जिला मुख्यालय सक्ती में मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में स्वास्थ्य, फिटनेस और जनभागीदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। मैराथन दौड़ का शुभारंभ सुबह 6:30 बजे सेजेस स्कूल सक्ती से हुआ। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर एवं जिला पंचायत सीईओ वाशु जैन की उपस्थिति में बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियो और नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक दौड़ में भाग लिया। निर्धारित मार्ग के अनुसार मैराथन सेजेस स्कूल से प्रारंभ होकर कचहरी चौक, गौरव पथ, बुधवारी बाजार, राजापारा चौक, शनि मंदिर चौक एवं मालखरौदा बस स्टैंड होते हुए पुनः सेजेस स्कूल पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।

कार्यक्रम के दौरान सेजेस स्कूल परिसर में पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वाशु जैन सहित विभिन्न अधिकारियों ने क्रिकेट खेलकर खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया तथा युवाओं और नागरिकों को नियमित रूप से खेलों से जुड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा, अपर कलेक्टर बालेश्वर राम, जिला खेल अधिकारी हरि पटेल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि अधिकारी-कर्मचारी एवं नगरवासी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ रुपये के मिले प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ रुपये के मिले प्रस्ताव

इन्वेस्टर कनेक्ट में हैदराबाद के निवेशकों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का न्योता

आईटी, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फार्मा के क्षेत्र में खुली 7,800 रोजगार की राह 

रायपुर 
छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में छत्तीसगढ़ तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछा हुआ है। 

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेश के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है। राज्य में उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हैदराबाद ने आईटी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ भी इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्यों के उद्योगपति एवं उद्यमी मिलकर नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गो सुविधाओं तथा खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे अत्यंत अनुकूल बनाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख पावर हब के रूप में उभर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ (ऑफर लेटर) प्रदान किए। इनमें डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं।

सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से प्राप्त हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ में भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना से राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ डेटा सेंटर क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा। इस परियोजना से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे। 

फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने ₹1,000 करोड़ के निवेश से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इससे राज्य में आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा एवं लगभग 200 रोजगार सृजित होंगे।

सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र की एसजी मार्ट लिमिटेड ने 700 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 450 लोगों को रोजगार मिल सकता है। 

सरवणा मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ₹528 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक टेक्सटाइल और परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना से लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की काबरा ड्रग्स ने 200 करोड़ रुपये तथा डेयरी क्षेत्र की दिनशॉज़ डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों परियोजनाओं से क्रमशः लगभग 250 और 150 रोजगार सृजित होंगे।

हैदराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने देश की कई अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इनमें गूगल इंडिया, आईबीएम, पॉलीकैब इंडिया, पेज इंडस्ट्रीज और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं। बैठकों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसके अलावा स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर  रायपुर के टाटीबंध में 650 बिस्तरों वाले चैरिटेबल अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की।

इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में आईटी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस एवं रक्षा, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के उद्योगों में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। निवेशकों ने इन क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई।

कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुऋतु सेन, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, उद्योग विभाग के संचालक प्रभात मलिक एवं अन्य अधिकारीगण शामिल थे।

MP Weather Alert: प्री-मानसून हुआ सक्रिय, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी; भोपाल-ग्वालियर समेत कई शहरों में आंधी-बारिश

भोपाल 

मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार थोड़ा और लंबा हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश में 3 से 4 दिन की देरी से पहुंच सकता है। फिलहाल प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक शुक्रवार को भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओले गिरने की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी हो सकती है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल सहित 40 से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई है। 

इससे पहले प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी रहेगी। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि होने का भी अनुमान है।

वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बुरहानपुर, खंडवा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। आंधी की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक होने का अनुमान है।

इन जिलों में गर्मी का असर मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। यानी, यहां पर गर्मी का असर बना रहेगा।

17-18 जून तक पहुंच सकता है मानसून
एक दिन के ब्रेक के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो मानसून 17 या 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है और इसके बाद अगले 10 से 15 दिनों में पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। 

ग्वालियर में आधा इंच बारिश…मंडला, सिवनी-दतिया में गिरा पानी मध्य प्रदेश में गुरुवार को आंधी-बारिश के साथ गर्मी का असर भी रहा। ग्वालियर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं, शाम तक मंडला, सिवनी, दतिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। इधर, प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 42 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 41.3 डिग्री, उज्जैन में 39.7 डिग्री, इंदौर में 38 डिग्री और भोपाल में 39.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

प्रदेश में सबसे गर्म खजुराहो और नौगांव रहे। यहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दमोह में 42.8 डिग्री, सतना में 42.7 डिग्री, रीवा में 42.5 डिग्री, दतिया में 42.2 डिग्री, टीकमगढ़-मंडला में 42 डिग्री, उमरिया में 41.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.4 डिग्री, मलाजखंड में 41.1 डिग्री, रायसेन-राजगढ़ में 41 डिग्री, गुना में 40.7 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, सागर में 40.4 डिग्री और श्योपुर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस रहा।

ब्रेक के बाद आगे बढ़ा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, एक दिन के ब्रेक के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 11 जून को कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंच गया। यदि परिस्थितियां अनुकूल रही तो मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा। इसलिए यह एमपी में 17 या 18 जून को पहुंच सकता है।एमपी में इन सिस्टम की एक्टिविटी प्रदेश के पूर्वी हिस्से से टर्फ गुजर रही है। वहीं, ऊपर एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एवं एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। इसकी वजह से गुरुवार को प्रदेश में मौसम बदला रहा।

MP Board 12th Second Exam Result 2026 जारी, mpbse.mponline.gov.in पर ऐसे करें रिजल्ट चेक

भोपाल 

MPBSE MP Board Second Exam Result 2026: एमपी बोर्ड 12वीं सेकेंड एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है। परिणाम आधिकारिक वेबसाइट mpbse.mponline.gov.in और mpresults.nic.in पर देख सकते हैं। छात्र रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज कर अंक देख सकते हैं। मंडल ने विद्यार्थियों से केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करने और अप्रमाणित लिंक से बचने की अपील की है। कक्षा 12वीं द्वितीय बोर्ड परीक्षा 7 से 26 मई 2026 के बीच आयोजित हुई थी। छात्र वेबसाइट से मार्कशीट की प्रति डाउनलोड कर सकेंगे, जबकि ऑरिजनल मार्कशीट स्कूल से मिलेगी। पिछले साल सेकेंड चांस 12वीं परीक्षा में कुल 57.60 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए थे। आपको बता दें कि एमपी बोर्ड 12वीं मुख्य परीक्षा में 1 लाख 99 हजार छात्र फेल हो गए थे। अब इनमें ज्यादातर विद्यार्थियों ने सेकेंड चांस एग्जाम दिया होगा।

MPBSE MP Board Second Exam Result 2026: ऐसे चेक कर सकते है एमपी बोर्ड के नतीजे

– सबसे पहले एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर जाएं।

– HSC/SSC रिजल्ट के लिए ‘MPBSE सप्लीमेंट्री परीक्षा परिणाम या सेकेंड एग्जाम रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।

– एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 लॉगिन पेज स्क्रीन पर दिखाई देगा।

– उस पेज पर अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें।

– सभी विवरण दर्ज करने के बाद परिणाम देखें बटन पर क्लिक करें।

– एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 आपको स्क्रीन पर दिखाई देगा।

सेकेंड चांस एग्जाम में कौन कौन बैठा
इस बार से सप्लीमेंट्री परीक्षा को खत्म कर दिया गया है। सेकेंड चांस एग्जाम में फेल और पास दोनों तरह के विद्यार्थी शामिल हुए। नियम के मुताबिक छात्र अब सिर्फ फेल विषयों के लिए ही नहीं, बल्कि बेहतर अंक लाने के लिए भी किसी विषय में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं। मेन एग्जाम में अनुत्तीर्ण, अनुपस्थित तथा अंक सुधार के इच्छुक विद्यार्थी शामिल हुए। दोनों अवसरों में से बेहतर परिणाम को अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा।

कैसा रहा था मुख्य परीक्षा का रिजल्ट
बता दें कि साल 2026 में एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं की मुख्य परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को जारी किया गया था। एमपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 73.42 फीसदी रहा। एमपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 76.01 फीसदी रहा। एमपी बोर्ड 10वीं में पन्ना की प्रतिभा सिंह ने 500 में से 499 अंक लाकर टॉप किया। वहीं एमपी बोर्ड 12वीं में भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने मेरिट में पहला स्थान हासिल किया है। दोनों ने 500 में से 494 अंक हासिल किए हैं। जिलों में झाबुआ पहले और अनूपपुर दूसरे स्थान पर रहा। 10वीं में शासकीय स्कूलों का रिजल्ट 76.80 फीसदी रहा और प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट 68.64 फीसदी रहा सरकारी स्कूलों का रिजल्ट प्राइवेट से 8 फीसदी अच्छा रहा।

कब हुई थी परीक्षा
एमपीबीएसई कक्षा 12वीं दूसरी बोर्ड परीक्षा का आयोजन मध्य प्रदेश के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों में 7 मई से लेकर 25 मई, 2026 के बीच किया गया था। इसके साथ ही छात्र ऑफिशियल वेबसाइट से केवल मार्कशीट की प्रति डाउनलोड कर सकते हैं। ओरिजनल मार्कशीट स्कूल द्वारा ही प्रदान की जाएगी। छात्र कुछ दिनों बाद अपने स्कूल जाकर कक्षा 12वीं परीक्षा की मार्कशीट प्राप्त कर सकेंगे।

हौसलों की उड़ान: संघर्षों को मात देकर ‘लखपति दीदी’ बनीं कांति साहू

हौसलों की उड़ान: संघर्षों को मात देकर ‘लखपति दीदी’ बनीं कांति साहू

दोना-पत्तल से कारोबार शुरू कर चार व्यवसायों का कर रही हैं सफल संचालन

गांव की महिलाओं के लिए पेश की मिसाल

रायपुर,
स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर श्लखपति दीदीश् बन रही हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ऐसी कई महिलाओं ने प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं और छोटी पूंजी की मदद से  स्वरोजगार अपनाकर अपनी तकदीर बदली है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत चल रहा लखपति दीदी अभियान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा है। इसका सबसे सटीक और जीवंत उदाहरण बनी हैं बैकुण्ठपुर विकासखंड के ग्राम तलवापारा की रहने वाली श्रीमती कांति साहू। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच कांति ने न सिर्फ अपनी किस्मत बदली, बल्कि आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।

समूह से जुड़ाव और 4 लाख की वित्तीय मदद

         एक सामान्य कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाली कांति साहू हमेशा से खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती थीं, लेकिन पूंजी के अभाव में उनका यह सपना दबा हुआ था। करीब तीन साल पहले वह गांव की महिलाओं के साथ मिलकर शारदा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह में आने के बाद उन्हें बचत और व्यावसायिक बारीकियों की समझ मिली। इसके बाद बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज, एसवीईपी योजना और मुद्रा ऋण के माध्यम से उन्हें करीब 4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस पूंजी ने उनके सपनों को पंख दे दिए।

एक नहीं, शुरू किए कई व्यवसाय

         कांति दीदी ने जोखिम उठाते हुए किसी एक व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय विविधता को चुना। उन्होंने एक साथ कई आजीविका गतिविधियों की शुरुआत की। दोना-पत्तल निर्माण इकाई, धान कृषि बीज केंद्र, मैचिंग सेंटर (कपड़ा व्यवसाय), सिलाई केंद्र, पति का मिला मजबूत साथ कांति साहू बताती हैं कि इस पूरे सफर में उनके पति महेन्द्र साहू हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे। शुरुआती चुनौतियों को मात देने में पति-पत्नी की साझा मेहनत और समर्पण का बड़ा योगदान रहा।

सालाना आय 3 लाख के पार

          आज कांति साहू के सभी व्यवसाय सफलतापूर्वक चल रहे हैं। वर्तमान में इन व्यवसायों से हर महीने 1 से 1.5 लाख रुपये तक का टर्नओवर (कारोबार) हो रहा है, जिसमें से वे 30 से 35 हजार रुपये का शुद्ध मासिक लाभ कमा रही हैं। इस तरह उनकी वार्षिक शुद्ध आय 3 लाख रुपये से अधिक हो गई है, जिससे उन्होंने आधिकारिक तौर पर श्लखपति दीदीश् की श्रेणी में अपनी जगह बना ली है।

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

          आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ ही कांति का सामाजिक आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज वे न केवल अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर रही हैं, बल्कि गांव की दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखा रही हैं। कांति साहू की यह सफलता साबित करती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और अवसर मिले, तो वे समाज में महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम कर सकती हैं।

कांकेर में आकाशीय बिजली का कहर, मनरेगा कार्य के दौरान 2 मजदूरों की मौत, 5 घायल

भानुप्रतापपुर/कांकेर.

कांकेर जिले के अंतागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कलगांव में आकाशीय बिजली गिरने से मनरेगा में काम कर रहे दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं 5 मजदूर घायल हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं.

जानकारी के अनुसार, गांव में मनरेगा योजना के तहत चल रहे तालाब निर्माण कार्य में लगभग 50 मजदूर लगे हुए थे. इस दौरान अचानक मौसम में बदलाव हुआ और बारिश होने लगी. मजूदरों ने पानी से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे. इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से पेड़ के नीचे खड़े उपसरपंच धनराज पटेल के साथ एक अन्य मजदूर की मौके पर मौत हो गई. वहीं हादसे में पांच मजदूर घायल हो गए, जिनमें 3 महिला और 2 पुरुष शामिल हैं.

घायल मजदूरों को उपचार के लिए अंतागढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. सुबह-सुबह हुई इस घटना ने पूरे जिले के झकझोर दिया है. घटना के संबंध में कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने बताया कि मौके पर भेजे गए अधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं. घायल के उचित इलाज की व्यवस्था की है. हमने एंबुलेंस को रवाना कर दिया है. इसके साथ डॉक्टर्स को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं कि घायलों का बेहतर उपचार किया जाए.

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर ठेकेदार को नोटिस जारी, निरीक्षण के दौरान काम की धीमी प्रगति पर जताई थी नाराजगी

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर ठेकेदार को नोटिस जारी, निरीक्षण के दौरान काम की धीमी प्रगति पर जताई थी नाराजगी

साव ने 6 जून को किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन पर बन रहे ओवरब्रिज की देखी थी प्रगति, लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को लगाई थी फटकार

रायपुर. 
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की धीमी प्रगति पर ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। उप मुख्यमंत्री साव ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान 6 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान काम के पिछड़ने एवं लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई थी। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। बस्तर जिले में केशलूर के पास 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है।

लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ने निर्माण एजेंसी मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को जारी नोटिस में कहा है कि साइट उपलब्ध होने के बावजूद मैन-पॉवर, मटेरियल और मशीनरी की खराब व्यवस्था के कारण अलग-अलग चरणों में निर्माण के समयबद्ध लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सका है। कार्यस्थल पर काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे है और तय किए गए माइलस्टोन्स (महत्वपूर्ण पड़ावों) के अनुरूप नहीं है। विभाग द्वारा प्रगति की लगातार समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के लिए बार-बार निर्देशित और नोटिस जारी करने के बावजूद काम की गति असंतोषजनक है।

विभाग ने ठेकेदार को जारी नोटिस में कहा है कि उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री द्वारा विगत 6 जून को साइट के निरीक्षण के दौरान काम की बेहद धीमी प्रगति पर गंभीर चिंता जताई गई थी। उन्होंने अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार ठेकेदार के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य अभियंता ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर तुरंत पर्याप्त मैन-पॉवर, मशीनरी, सामग्री और अन्य जरूरी संसाधन जुटाकर काम में तेजी लाने तथा प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए तय लक्ष्यों को हासिल करने सभी जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए हैं। काम की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार नहीं पाए जाने पर विभाग द्वारा अनुबंध के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हिंदू ग्रोथ रेट’ से कांग्रेस ग्रोथ रेट तक… PM मोदी ने विकास की बहस में कांग्रेस को घेरा

नई दिल्ली

एनडीए की मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला. पीएम मोदी ने कहा कि जिस धीमी विकास दर को दशकों तक ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ कहा गया, उसे वास्तव में ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ कहा जाना चाहिए था, क्योंकि उस दौर की नीतियों, शासन शैली और आर्थिक फैसलों के लिए कांग्रेस जिम्मेदार थी, न कि देश की संस्कृति या बहुसंख्यक समाज. पीएम मोदी ने जो बातें कहीं हैं, वो कांग्रेस के ल‍िए मुसीबत के बीज की तरह हैं. क्‍योंक‍ि बीजेपी अब इस शब्‍द को लोगों के बीच ले जाएगी, उन्‍हें बताएगी क‍ि कांग्रेस राज में क‍िस तरह ह‍िन्‍दुओं के माथे पर कलंक मढ़ा गया। 

पीएम मोदी ने कहा, NDA के 12 वर्षों की एक बड़ी सफलता ये भी है कि देश कांग्रेस के कुचक्र से आजाद हुआ है. कांग्रेस ने देश को लाचारगी, बेचारगी और हीन भावना के गर्त में गिरा दिया था. देश को यही एहसास कराया जाता था कि भारत में विकास धीरे-धीरे ही होता है, भारत में तेज विकास संभव ही नहीं है और बड़ी ही चतुराई से धीमी विकास को एक नाम दिया था, ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ यानी कार्यशैली कांग्रेस की, दायित्व कांग्रेस का, विफलता कांग्रेस की लेकिन कलंक देश की बड़ी हिंदू आबादी के नाम लगाया गया. जबकि असल में इस कुसंस्कृति का नाम होना चाहिए था कांग्रेस ग्रोथ रेट। 

‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ और ‘NDA ग्रोथ रेट’ का अंतर समझाया
पीएम मोदी ने कहा- सवाल ये है कि अगर 12 साल में इतना कुछ हो सकता है तो फिर दशकों तक क्यों नहीं हुआ? ये ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ और ‘NDA ग्रोथ रेट’ का अंतर है. एक व्यवस्था लोगों को इंतजार कराती थी. आज की व्यवस्था परिणाम दिखाती है. एक व्यवस्था काम अटकाती-भटकाती थी. आज की व्यवस्था कहती है, काम अभी होगा, समय पर होगा और बड़े पैमाने पर होगा. इसलिए 2014 से 2026 की कहानी केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, ये उस भारत की कहानी है, जिसने पहली बार अपनी पूरी क्षमता के साथ दौड़ना तय किया है। 

कहां से आया ये शब्‍द
‘हिंदू ग्रोथ रेट’ शब्द मुख्य रूप से 1950 से 1980 के दशक के बीच भारत की औसत आर्थिक विकास दर के लिए इस्तेमाल किया गया था. उस दौर में भारत की जीडीपी वृद्धि दर करीब 3 से 3.5 प्रतिशत के आसपास रहती थी. जबकि आबादी तेजी से बढ़ रही थी. नतीजा यह हुआ कि प्रति व्यक्ति आय में बहुत सीमित बढ़ोतरी हुई. कहते हैं क‍ि इस शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले भारतीय अर्थशास्त्री राज कृष्‍णा ने किया था. उनका मकसद धीमी आर्थिक वृद्धि को व्यंग्यात्मक ढंग से बताना था. बाद में नेताओं ने इसका इस्‍तेमाल करना शुरू कर द‍िया, ज‍िसका ज‍िक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क‍िया। 

पीएम मोदी ने इसे ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ क्यों कहा?
प्रधानमंत्री मोदी का तर्क है कि धीमी विकास दर के लिए भारत की सभ्यता, संस्कृति या समाज को जिम्मेदार ठहराना गलत था. उनके मुताबिक उस समय देश में जिस तरह की आर्थिक नीतियां लागू थीं, वे कांग्रेस सरकारों द्वारा बनाई गई थीं. स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक भारत में लाइसेंस-परमिट राज, सरकारी नियंत्रण वाली अर्थव्यवस्था और सीमित निजी निवेश का मॉडल लागू रहा. उद्योग लगाने से लेकर उत्पादन बढ़ाने तक लगभग हर काम के लिए सरकारी अनुमति की जरूरत पड़ती थी. पीएम मोदी का कहना है कि विकास की धीमी गति की वजह यही नीतियां थीं. इसलिए उस दौर को हिंदू ग्रोथ रेट कहने के बजाय कांग्रेस ग्रोथ रेट कहना अधिक उचित होगा। 

अटल सरकार का जिक्र क्यों किया?
अपने भाषण में मोदी ने कहा कि देश ने पहली बार तेज विकास की झलक तब देखी जब अटल जी की सरकार आई. अटल सरकार के दौर में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना, ग्रामीण सड़क योजना, दूरसंचार क्षेत्र में सुधार और बुनियादी ढांचे पर बड़े निवेश जैसे कदम उठाए गए थे. बीजेपी लंबे समय से दावा करती रही है कि आर्थिक सुधारों को गति देने और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव मजबूत करने में अटल सरकार की बड़ी भूमिका रही. मोदी ने इसी संदर्भ में अटल सरकार को तेज विकास का शुरुआती मॉडल बताया। 

‘काला हिरण – द बैटल फॉर लेगेसी’ का फर्स्ट लुक रिलीज, सलमान विवाद पर बनी फिल्म चर्चा में

कंट्रोवर्सियल फिल्म ‘काला हिरण-द बैटल फॉर लेगेसी’ का पहला लुक रिलीज हो गया है. सलमान खान से जुड़े 1998 काले हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई संग उनके विवाद पर फिल्म बेस्ड है. 2 मिनट 32 सेकंड के फर्स्ट लुक में कलाकारों को इंट्रोड्यूस किया गया है. सलमान खान का रोल मूवी में काशिफ इकबाल खान ने निभाया है.

काला हिरण मूवी की झलक
टीजर वीडियो शुरू होता है कोर्ट के एक सीन से. जहां अयान खान, जो कि केस में आरोपी है, कठघरे में खड़ा है. उसे सलमान जैसा लुक देने की कोशिश हुई है. एक्टर का वायरल ब्रेसलेट, चाल-ढाल, बॉडी पोस्चर सलमान से मेल खाता है. वकील ने उसके खिलाफ दलील देते हुए बताया कैसे 2 अक्टूबर 1998 की रात दो काले हिरण को अयान खान ने मार गिराया. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हीरो की तरह पेश किया गया है. बताया गया है कि 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड का बाप दाऊद था. लेकिन आज दाऊद का भी बाप है, लॉयन बिश्नोई. उधर पुलिस केस में अयान फंसा है. इधर काले हिरण का शिकार करने से खफा लॉयन अयान की जान के पीछे पड़ा है. वो छिपकर कई बार अयान पर हमला करा चुका है.

जेल में रहकर जिस तरह से लॉयन ने बाहर आतंक फैलाया हुआ है, इससे पुलिस हैरान परेशान है. लॉयन के गुर्गों की धर पकड़ की जाती है. एक डायलॉग है जिसमें दिखाया गया है कि अयान लॉयन की दशहत से खौफ खा रहा है. वो पुलिस इंस्पेक्टर को धमकाते हुए कहता है- अगर तुम लोगों में दम नहीं है तो अभी मुझे क्लियर बता दो, मैं ये देश हमेशा के लिए छोड़कर चला जाऊंगा, लेकिन बिश्नोई गैंग के हाथ सड़कों पर कुत्ते की मौत नहीं मरूंगा.

देखें फर्स्ट लुक…
एक सीन में पुलिस कहती है- बिश्नोई को अयान खान के पैसे नहीं बल्कि उसकी बलि चाहिए. अयान और बिश्नोई गैंग के खिलाफ चल रही रंजिश को दिखाया गया है. फर्स्ट लुक इसके प्रोड्यूसर अमित जानी के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है. इसमें साफ लिखा गया है कि ये फिल्म गुरु जंभेश्वर भगवान (बिश्नोई पंथ के फाउंडर और पर्यावरणविद संत) और बिश्नोई समाज को समर्पित है. फिल्म को भरत एस श्रीनेत ने डायरेक्ट किया है. कहानी अमित जानी ने ही लिखी है. लीड रोल में काशिफ इकबाल खान के अलावा मुकेश तिवारी, राजेश दहिया, ऋषभ अरोड़ा जैसे सितारे हैं. मूवी सिनेमाघरों में इसी साल आएगी.

ये फिल्म अनाउंसमेंट के बाद से विवादों में है. सलमान खान की टीम ने इसकी रिलीज रोकने को लेकर प्रोड्यूसर को नोटिस भेजा था. लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वो किसी से डरने वाले नहीं हैं. प्रोड्यूसर अमित जानी ने कैमरे पर सलमान खान की तरफ से मिले नोटिस को फाड़ा था. अमित जानी ने कहा कि वो कोर्ट में सलमान खान को जवाब देंगे. उन्होंने सलमान खान की बायोपिक नहीं बनाई है. लीगल केस करने का कोई मतलब नहीं बनता है.

हैदराबाद में इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में शामिल होंगे CM साय, आज पहुंचेंगे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह

रायपुर.

हैदराबाद में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट का आयोजन आज किया जाएगा. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन शामिल होंगे. इस दौरान देशभर के कई उद्योगपति और निवेशक भी मौजूद रहेंगे.

बैठक में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की जानकारी उद्योग जगत को दी जाएगी. साथ ही राज्य में निवेश और उद्योग स्थापना के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा. सरकार के अनुसार अब तक राज्य को करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं.

केंद्रीय मंत्री दो दिवसीय दौरे पर
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह आज से छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे. आज वह रायपुर में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में शामिल होंगे. हैंडलूम, हस्तशिल्प, सिल्क और टेक्सटाइल अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. वहीं सड्डू, बैरन बाजार और शांति नगर में जनसंपर्क कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. दौरे के दूसरे दिन वह सफाई अभियान और पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके अलावा वह सदर बाजार-बुढ़ातालाब क्षेत्र में भी जनसंपर्क करेंगे.

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