दुष्कर्म मामले में समझौते का दबाव पड़ा भारी, SI लाइन अटैच, ASP को जांच सौंपी गई

बिलासपुर.

7 वर्षीय दो मासूमों से दुष्कर्म मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है. सिरगिट्टी थाना में पदस्थ उप निरीक्षक (SI) शीतला प्रसाद त्रिपाठी को लाइन अटैच कर दिया गया है.

मामले की जांच की जिम्मेदारी अब एएसपी रश्मित कौर चावला को सौंप दी गई है. दरअसल, 14 साल के नाबालिग ने 7 साल की दो मासूमों के साथ दुष्कर्म किया है. मामले में दोनों पीड़िताओं की माता का आरोप है कि जब वह थाना में शिकायत दर्ज करवाने पहुंची थी, तब उनपर उप निरीक्षक शीतला प्रसाद त्रिपाठी ने समझौता करने के लिए दबाव बनाया. इसकी शिकायत परिजनों ने एसएसपी से की थी. 

चॉकलेट खिलाने के बहाने करता था गलत काम
मासूमों ने परजिनों को बताया कि आरोपी उन्हें चॉकलेट खिलाने के नाम से ले जाकर गलत काम करता था. उस समय उन्हें रस्सी से बांधकर रखा जाता था. 

एसएसपी ने दिए कड़े निर्देश 
मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने जांच की जिम्मेदारी एएसपी रश्मित कौर चावला को दी है. उन्हें मामले की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. एसएसपी ने समय पर जांच पूरी कर अभियोग पत्र कोर्ट में पेश करने के अलावा वीकली रिपोर्ट मांगी है.

नकली गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, वॉशिंग पाउडर की आड़ में चल रहा था काला कारोबार, 12 गिरफ्तार

दुर्ग.

जिले के अंडा थाना क्षेत्र के ग्राम कुथरेल और अंडा में दो स्थानों पर पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान अवैध गुटखा बनाकर बेचने वालों को पकड़ा गया। आरोपी वासिंग पाउडर की आड़ में गुटखा बनाने का काम कर रहे थे।

पुलिस ने लगभग 10 बोरियों में 60 किलो अवैध गुटखा और पैकिंग मशीने जब्त की है। इस मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को सूचना मिली थी कि आरोपी वाशिंग पाउडर बनाने की आड़ में सितार गुटखे का नकली गुटखा तैयार कर मार्केट में खपा रहे हैं। जैसे ही टीम ने ग्राम अंडा और कुथरेल के दो ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की, तब उन्होंने देखा कि आरोपी वाशिंग पाउडर बनाने की आड़ में नकली जर्दायुक्त गुटखा तैयार कर रहे थे।

10 बोरी गुटखा, पैकिंग मशीनें और नकली गुटखा बनाने की सामग्री जब्त
पुलिस के अनुसार ये आरोपी पूर्व में छत्तीसगढ़ में अवैध गुटखा कारोबार के मुख्य सरगना गुरूमुख जुमनानी के गुटखा फैक्ट्री में काम कर चुके हैं। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 10 बोरियों में 60 किलो गुटखा, तीन पैकिंग मशीनें और नकली गुटखा बनाने की सामग्री जब्त की गई।

पुलिस ने गोदामों को किया सील, जांच के लिए भेजा सैंपल
पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने गोदामों को सील कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है। खाद्य विभाग ने जब्त किए गए गुटखे को सैंपलिंग के लिए भेज दिया है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद इसमें कार्रवाई की जाएगी।

शराब की ओवररेटिंग पर सरकार सख्त, 4 आबकारी अधिकारी निलंबित, 8 को नोटिस जारी

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेटिंग की शिकायतों पर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा विभिन्न जिलों की मदिरा दुकानों में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचने के मामले सामने आने के बाद आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने 4 आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है।

वहीं 8 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। आबकारी विभाग के अनुसार, रायपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी जिलों की मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग के मामले पकड़े गए। विभागीय जांच में संबंधित अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।

फाफाडीह शराब दुकान में 20 रुपये अधिक वसूले गए
विदेशी मदिरा दुकान फाफाडीह (रायपुर) में औचक निरीक्षण के दौरान विक्रेता अश्वन कुमार मेरिया द्वारा ऑल सीजन गोल्डन कलेक्शन रिजर्व व्हिस्की के दो पाव निर्धारित 480 रुपये के बजाय 500 रुपये में बेचे जाने का मामला सामने आया। इस मामले में विक्रेता के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। मामला आबकारी उपनिरीक्षक कौशल किशोर सोनी के प्रभार क्षेत्र का होने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

गंडई में भी मिली ओवररेटिंग की शिकायत
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान गंडई में विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर द्वारा तीन पाव देशी शराब निर्धारित 240 रुपये के बजाय 250 रुपये में बेचे जाने का मामला सामने आया। इसके बाद विक्रेता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। इस मामले में वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक प्रभाकर सिरमौर को निलंबित किया गया है। वहीं सहायक जिला आबकारी अधिकारी चन्द्रप्रताप सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

हिरमी और कुरूद में भी कार्रवाई
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान हिरमी में विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से 30 रुपये अधिक वसूले जाने का मामला सामने आया। इस प्रकरण में प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक मनराखन नेताम को निलंबित किया गया है। इसी प्रकार धमतरी जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान कुरूद में दो अलग-अलग मामलों में देशी शराब की बिक्री निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर किए जाने की पुष्टि हुई। इस मामले में आबकारी उपनिरीक्षक पुरुषोत्तम सिन्हा को निलंबित किया गया है।

इन आठ अधिकारियों को नोटिस
आबकारी विभाग ने जिन 8 जिला आबकारी और सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, उनमें निरुपमा लोन्हारे, मुकेश अग्रवाल, जलेश सिंह, अजय सिंह धुर्वे, राजेश कुमार शर्मा, जेबा खान, चंद्रप्रताप सिंह और अल्ताफ खान शामिल हैं। आबकारी आयुक्त ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के प्रभार क्षेत्रों में इस प्रकार की गंभीर अनियमितताओं का पाया जाना उनके कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, उदासीनता और शिथिल नियंत्रण को दर्शाता है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

बैरागढ़ रोड पर पटाखा दुकान में भीषण आग, धमाकों से दहला इलाका; 70 फीट तक उठीं लपटें

भोपाल
भोपाल के बैरागढ़ रोड पर शुक्रवार तड़के उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक पटाखा दुकान में भीषण आग भड़क उठी। आग लगते ही दुकान में रखे पटाखे एक के बाद एक फटने लगे और पूरे इलाके में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और लपटें करीब 70 फीट ऊंचाई तक पहुंच गईं। घटना हलालपुरा स्थित मुख्य सड़क किनारे संचालित एक पटाखा दुकान की है। तड़के करीब 3:30 बजे लगी आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि दूर-दूर तक आसमान लाल दिखाई देने लगा। लगातार हो रहे धमाकों के कारण आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। तीन घंटे तक चलता रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
आग की सूचना मिलते ही फतेहगढ़, बैरागढ़ और गांधीनगर समेत कई फायर स्टेशनों से दमकल वाहन मौके पर पहुंच गए। पटाखों में लगातार हो रहे विस्फोटों के बीच फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मोर्चा संभाला। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सुबह तक दुकान से धुआं निकलता रहा।

साढ़े 3 घंटे बाद काबू में आ पाई जानकारी के अनुसार, बैरागढ़ रोड स्थित सुंदर वन गार्डन के ठीक सामने सोनी पटाखा दुकान में तड़के करीब साढ़े 3 बजे आग लगी। सूचना मिलने पर फतेहगढ़, बैरागढ़, गांधीनगर समेत कई फायर स्टेशनों से दमकलें मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने लगी। फायर फाइटर शाहनाबाज अहमद ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। करीब तीन घंटे में आग काबू आ सकी। आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।पटाखा मार्केट से कुछ दूर है यह दुकान जानकारी के अनुसार, हलालपुरा में ही बड़ा पटाखा मार्केट है। जिस दुकान में आग लगी, वह कुछ ही दूर है। इसके पास पेट्रोल पंप भी है। दुकान में लाखों का कई किलो पटाखा भरा था, जो पूरी तरह से जल गया।

एक तरफ की सड़क बंद कराई जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और एक तरफ की सड़क से ट्रैफिक बंद कराया। दुकान सड़क से सटकर होने की वजह से पटाखें उड़कर यहां पर आ रहे थे। बिजली कंपनी ने इलाके की लाइट बंद की। इसके बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। सुबह 7 बजे तक आग काबू में आ पाई।

दिन में लगती तो हो सकता था बड़ा हादसा
जिस स्थान पर आग लगी, वह शहर की व्यस्त सड़कों में से एक है। दिनभर यहां भारी ट्रैफिक रहता है और सड़क किनारे बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं। राहत की बात यह रही कि हादसा देर रात हुआ, जब सड़क पर आवाजाही बेहद कम थी। यदि दिन के समय आग लगती तो जनहानि और बड़े नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।

पेट्रोल पंप और पटाखा बाजार के पास थी दुकान
जिस दुकान में आग लगी, वह हलालपुरा के बड़े पटाखा बाजार से कुछ ही दूरी पर स्थित है। इसके नजदीक पेट्रोल पंप भी मौजूद है। दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखों का स्टॉक रखा हुआ था, जो आग की चपेट में आने से पूरी तरह जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।

सड़क बंद कर रोका गया ट्रैफिक
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर सड़क के एक हिस्से पर यातायात रोक दिया गया। धमाकों के साथ पटाखों के टुकड़े और चिंगारियां सड़क तक पहुंच रही थीं। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली कंपनी ने भी इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिसके बाद दमकलकर्मियों को आग बुझाने में आसानी हुई।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस और संबंधित विभागों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग के कारण दुकान में रखा पूरा पटाखा स्टॉक नष्ट हो गया, जबकि समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को सुरक्षित बचा लिया गया। 

शिक्षा, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण का सबसे प्रभावी उपक्रम : मंत्री परमार

शिक्षा, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण का सबसे प्रभावी उपक्रम : मंत्री परमार

सेज करियर डे-2026 में 4500 से अधिक चयनित विद्यार्थियों की उपलब्धियों का हुआ सम्मान

भोपाल 

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि शिक्षा केवल विषयविद बनाने का साधन नहीं, बल्कि श्रेष्ठ नागरिक निर्माण का सबसे प्रभावी उपक्रम है। शिक्षित और संस्कारित युवा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

मंत्री परमार भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित “सेज करियर डे-2026” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में वर्ष 2024 से 2026 के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित कंपनियों में चयनित 4 हजार 500 से अधिक विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया तथा चयनित विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।

मंत्री परमार ने कहा कि सेज यूनिवर्सिटी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढ़ें तथा अपनी प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के विकास में करें। मंत्री परमार ने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मंत्री परमार ने युवाओं से कहा कि” आपने अभी अपने पंख फैलाए हैं, आपकी उड़ान अभी बाकी है। जीवन की प्रत्येक चुनौती आपको और अधिक सशक्त बनाती है।” उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

सेज ग्रुप के डायरेक्टर जनरल डॉ. सर्वेश शुक्ला ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, उद्योग-अकादमिक सहयोग तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। प्रख्यात प्रबंधन गुरु एवं कॉलमिस्ट एन. रघुरामन ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए प्रतिबद्धता, मानवीय मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी। सेज ग्रुप की कार्यकारी निदेशक आर्किटेक्ट शिवानी अग्रवाल ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, कौशल विकास और समय प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में बताया गया कि इस वर्ष विद्यार्थियों का चयन आईबीएम, टीसीएस सहित अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों में हुआ है। वर्ष 2024 से 2026 के दौरान 575 से अधिक विद्यार्थियों को 5 से 10 लाख रुपये वार्षिक पैकेज तथा लगभग 50 विद्यार्थियों को 10 से 20 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर नियुक्ति प्राप्त हुई है।

सेज यूनिवर्सिटी के चेयरमैन एवं चांसलर डॉ. संजीव अग्रवाल ने चयनित विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट टीम तथा अभिभावकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। समारोह में प्लेसमेंट प्राप्त विद्यार्थियों के साथ उच्च शिक्षा, शोध एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविद्, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

महिला सुरक्षा एवं गुमशुदा बालिकाओं की शीघ्र बरामदगी के लिए मध्यप्रदेश पुलिस के प्रयासों की राज्य महिला आयोग ने की सराहना

महिला सुरक्षा एवं गुमशुदा बालिकाओं की शीघ्र बरामदगी के लिए मध्यप्रदेश पुलिस के प्रयासों की राज्य महिला आयोग ने की सराहना

भोपाल

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव एवं सदस्य सुश्री साधना स्थापक ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा से महिला सुरक्षा, महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम, गुमशुदा बालिकाओं की खोज एवं बरामदगी तथा पीड़ित सहायता से संबंधित विषयों पर चर्चा की।

बैठक के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा गुमशुदा बालिकाओं की बरामदगी के संबंध में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों में प्रभावी कार्रवाई तथा संवेदनशील पुलिसिंग को और सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा मध्यप्रदेश पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं के प्रत्येक प्रकरण में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण, अंतरराज्यीय समन्वय एवं विशेष पुलिस टीमों के माध्यम से गुमशुदा बालिकाओं की खोज एवं सुरक्षित बरामदगी के मामलों में निरंतर सफलता प्राप्त हो रही है।

उन्होंने बताया कि दूरस्थ एवं अंतरराज्यीय गुमशुदगी के मामलों में भी समन्वित प्रयासों के माध्यम से बड़ी संख्या में बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की गई है। महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदेशभर में सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक में महिला सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने, पीड़ित सहायता तंत्र को सुदृढ़ करने तथा महिला एवं बालिका संबंधी मामलों में विभिन्न संस्थाओं के मध्य समन्वय बढ़ाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा के विशेष पुलिस महानिदेशक (SDG) श्री अनिल कुमार सहित महिला शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

मध्यप्रदेश समावेशी विकास, नवाचार और जनकल्याण के दृढ़ संकल्प के साथ निरंतर बढ़ रहा आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश समावेशी विकास, नवाचार और जनकल्याण के दृढ़ संकल्प के साथ निरंतर बढ़ रहा आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बताई गईं मध्यप्रदेश की उपलब्धियां

भोपाल 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरूवार को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए किए जा रहे विशेष प्रयत्नों से अवगत करवाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काउंसिल की बैठक में ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र और राज्यों की साझी भागीदारी, समन्वित प्रयासों तथा विकास के विभिन्न आयामों पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए सुशासन, समावेशी विकास, नवाचार और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।

नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब देंगे विकास को गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में जानकारी दी कि प्रदेश को नक्सलवाद का खात्मा केंद्र सरकार द्वारा तय की गई समय-सीमा से पहले करने में सफलता मिली है। प्रदेश के जो क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित थे, वहां विकास की गति तेज की जाएगी। युवाओं के विकास पर विशेष रूप से जोर रहेगा। इसके साथ ही प्रदेश में बहनों और बेटियों की उन्नति, कृषक कल्याण, नए मेडीकल कॉलेजों के माध्यम से उपचार कार्य को गुणवत्तापूर्ण बनाते हुए बेहतर कार्य हो रहा है। इसी तरह आरोग्य मंदिर सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश अग्रसर है। नदी जोड़ो परियोजनाओं के क्रियान्वयन की तैयारी की गई है। पीएममहाविद्यालयों के माध्यम से युवाओं को अनेक संकायों और विषयों के अध्ययन से जोड़ा गया है। कौशल विकास और औद्योगिकीकरण के प्रयास तेज हुए हैं। देश में सबसे पहले पीएम मित्र पार्क की धार जिले में स्थापना हुई है, यहां शीघ्र ही इकाइयों द्वारा रिकार्ड समय में कार्य प्रारंभ हो रहा है। भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के वेस्ट को निष्पादित करने के साथ ही प्रदेश में जनकल्याण की दृष्टि से अनेक नए कार्य प्रारंभ करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की इस बैठक में मुख्यत: ‘मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल’, ‘उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास’, ‘स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण’ एवं ‘सभी के लिए समानता और गरिमा’ से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को बढ़ाने और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

 

दिखावा मत करो, भारत सब जानता है— रूसी तेल पर जयशंकर का अमेरिका को करारा जवाब

नई दिल्ली

 भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिका और यूरोप को तेल के खेल पर अच्छे से धोया है. रूसी तेल की खरीद के मसले पर एस जयशंकर ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया. फिनलैंड की धरती से एस जयशंकर ने अमेरिका को साफ सुनाया कि दिखावा न करो, अमेरिका का तेल वाला खेल भारत अच्छे से जानता है. उन्होंने कहा कि रूस से तेल खरीदने के मामले में भारत ने हमेशा अपने राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखा है. भारत तेल की लागत और उपलब्धता के आधार पर तेल खरीदता है. भारत किसी दबाव या नैरेटिव को नहीं मानता. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जिस रूस तेल खरीद को लेकर आज सवाल उठाए जाते हैं, उसी के लिए कभी अमेरिका ने खुद भारत से आग्रह किया था कि भाई प्लीज रूसी तेल खरीद लो, वरना मार्केट की लंका लग जाएगी. वैश्विक तेल बाज़ार को स्थिर रखने के लिए ही अमेरिका ने भारत से रूसी तेल खरीद को लेकर गुहार लगाई थी। 

दरअसल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिका और यूरोप को दो टूक जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि भारत ने रूस से तेल किसी राजनीतिक या वैचारिक कारण से नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों और बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए खरीदा था. जयशंकर ने यह भी दावा किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जब वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मची हुई थी, तब अमेरिका ने खुद भारत से रूसी तेल खरीदने के लिए कहा था ताकि बाजार स्थिर बना रहे। 

भारत क्यों और कैसे रूसी तेल खरीदने लगा
विदेश मंत्री ने कहा कि 2022 से पहले भारत ने रूस से बहुत अधिक मात्रा में तेल नहीं खरीदा था, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद बनी परिस्थितियों ने भारत को नए विकल्प तलाशने के लिए मजबूर किया. उन्होंने बताया कि उस समय बाजार में जो तेल सबसे अधिक उपलब्ध था, वह रूसी तेल था. कारण कि यूरोपीय देश मिडिल ईस्ट से बड़े पैमाने पर तेल खरीद रहे थे, जो भारत का पारंपरिक सप्लायर रहा है. ऐसे में भारत के सामने रूस से तेल खरीदने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचे थे। 

जयशंकर ने अमेरिका की पोल खोली
उन्होंने याद दिलाया कि उसी दौरान अमेरिका ने भारत से कहा था कि वह रूस से तेल खरीदे, ताकि वैश्विक तेल बादार में कीमतें और आपूर्ति संतुलित रह सके. लेकिन बाद में जब भारत ने अपने हित में निर्णय लेते हुए रूसी तेल की खरीद बढ़ाई, तो पहले उस पर टैरिफ लगाए गए और फिर प्रतिबंधों में ढील दी गई. अमेरिका के इस दोहरे रवैये पर टिप्पणी करते हुए जयशंकर ने कहा,’आइए यह दिखावा न करें कि इसमें कोई बहुत बड़ा सिद्धांत शामिल है. यह पूरा मामला ऑन-ऑफ’ जैसा है. मतलब जब सूट करे तो करो, जब न सूट करे तो मत करो. हम सब समझदार लोग हैं, हम जानते हैं खेल क्या है। 

जयशंकर का पूरा बयान पढ़िए
    फिनलैंड में एक पैनल चर्चा में एस जयशंकर ने कहा, ‘हमने 2022 तक ज़्यादा रूसी तेल नहीं खरीदा. रूस-यूक्रेन जंग के हालात ने हमें मार्केट में उतरने पर मजबूर किया. रशियन हमारे लगातार सप्लायर रहे हैं. मैं चाहता हूं कि लोग यह याद रखें कि उस समय अमेरिका ने खास तौर पर भारत से रूसी तेल खरीदने के लिए कहा था ताकि ऑयल मार्केट स्टेबल हो सके. अगर आप देखें तो पहले पिछले साल रूसी तेल खरीदने पर हम पर टैरिफ लगाया, फिर अमेरिका ने रूसी तेल पर सैंक्शन हटा दिए. इसलिए यह दिखावा न करें कि इसमें कोई बड़ा प्रिंसिपल शामिल है. कुल मिलाकर बात यह है कि आपका सिद्धांत यह है कि जब हमें सूट करे तब सब ठीक और जब सूट न करे तब सब खराब. यहां हम सब समझदार हैं. हम जानते हैं कि खेल क्या है। 

फिनलैंड में आयोजित एक टॉक में फिनलैंड की विदेश मंत्री एलीना वाल्टोनेन और यूएई की असिस्टेंट विदेश मंत्री लाना नुसेबेह के साथ एक पैनल चर्चा में भाग लेते हुए जयशंकर से रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत की स्थिति पर सवाल पूछा गया। 

सवाल: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर यूरोप में ऐसा माना जा रहा है कि भारत दोनों पक्षों के बीच एक नैतिक समानता (Moral Equivalence) बनाने की कोशिश कर रहा है. जैसे कि आप कह रहे हों कि ‘यह बहुत बुरा हुआ और इसे रुकना चाहिए’ लेकिन आप रूस के प्रति अधिक सहानुभूति रख रहे हैं और उससे तेल खरीदने को तैयार हैं. आप यहां मौजूद लोगों को अपना यह रुख कैसे समझाएंगे?

डॉ. एस. जयशंकर का जवाब: ‘मैं यहां दो बातें कहना चाहूंगा. पहली यह कि मैं तेल खरीदता हूं. मैं तेल की कीमत (Cost) और उसकी उपलब्धता (Availability) के आधार पर इसे खरीदता हूं. उस समय बाज़ार में उपलब्ध ज़्यादातर तेल रूसी था, क्योंकि यूरोपीय देश मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट का तेल खरीद रहे थे, जो कि हमारा पारंपरिक सप्लायर था. ऐसे में परिस्थितियों ने हमें एक निश्चित दिशा में आगे बढ़ने के लिए मजबूर किया. दूसरी बात चूंकि आपने ‘नैतिक अस्पष्टता’ (Moral Ambiguity) की बात की है, तो मैं यह कहना चाहूंगा कि किसी भी यूरोपीय देश पर कभी भारतीय हथियारों से हमला नहीं हुआ है. काश, मैं यही बात भारत के संदर्भ में यूरोपीय हथियारों के लिए भी कह पाता.’ यूरोपीय देश उन हथियारों को बेचते हैं जिनका इस्तेमाल भारत पर हमला करने के लिए किया जाता है. ऐसा आज से नहीं, बल्कि पिछले कई सालों से हो रहा है. इसके विपरीत, हम भारतीयों ने कभी भी ऐसा कुछ नहीं किया जिससे यूरोप की सुरक्षा खतरे में पड़े. मुझे लगता है कि यह एक बेहद वाजिब और सही तर्क है। 

डीजल बिक्री पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, जानिए अब एक व्यक्ति को कितना ईंधन मिलेगा

नई दिल्ली

होर्मुज संकट के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. देश में डीजल की कोई कमी नहीं है. मगर ईरान युद्ध के चलते लोगों में एक डर बना हुआ है. इस पैनिक माहौल का जमाखोर फायदा उठाने में लगे हैं. यही कारण है कि डीजल की जमाखोरी रोकने के लिए मोदी सरकार ने सख्ती दिखाई है. जी हां, पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने डीजल बिक्री की सीमा तय कर दी है. अब एक आदमी को 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं मिल सकेगा। 

दरअसल, सरकार ने आज यानी शुक्रवार को खुदरा पेट्रोल पंपों पर हाई स्पीड डीजल (HSD) की बिक्री को सीमित करने का आदेश जारी किया है. नए नियम के अनुसार, अब किसी भी ग्राहक को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही बेचा जा सकेगा. इसका मतलब है कि अब एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल ही मिलेगा। 

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार का कहना है कि यह फैसला डीजल की जमाखोरी, अनावश्यक भंडारण और संभावित कालाबाजारी को रोकने के मकसद से लिया गया है. हाल के दिनों में कुछ इलाकों में ईंधन की अतिरिक्त खरीदारी और स्टॉक जमा करने की आशंकाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। 

बिजनेस वालों को क्या करना होगा
आदेश के मुताबिक, व्यावसायिक और औद्योगिक जरूरतों वाले ग्राहकों को अपनी अधिकृत सुविधाओं, डिपो या निर्धारित पंपों से ही ईंधन खरीदना होगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदने वाले उपभोक्ता खुदरा नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव न डालें। 

आदेश में और क्या?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और इसकी अवधि अधिकतम 90 दिनों तक होगी. जरूरत पड़ने पर स्थिति की समीक्षा के बाद इसमें बदलाव किया जा सकता है. संबंधित तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और पेट्रोल पंप संचालकों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। 

सरकार का मानना है कि इस कदम से आम उपभोक्ताओं, परिवहन सेवाओं, कृषि क्षेत्र और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए डीजल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.अगर बड़ी मात्रा में ईंधन की खरीद और भंडारण पर नियंत्रण नहीं रखा गया तो कुछ क्षेत्रों में कृत्रिम कमी पैदा होने का खतरा बढ़ सकता है। 

प्वाइंटर्स में जानिए सरकार के फैसले की अहम बातें:
    भारत सरकार ने खुदरा पेट्रोल पंपों पर हाई स्पीड डीजल (HSD) की बिक्री सीमित की.
    अब एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल ही मिलेगा
    व्यावसायिक ग्राहकों को पेट्रोल और डीजल अपनी अधिकृत सुविधाओं/पंपों से लेना होगा
    सरकार ने पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए आदेश जारी किया
    यह अस्थायी आदेश अधिकतम 90 दिनों तक प्रभावी रहेगा
    तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश
    सरकार का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन उपलब्धता बनाए रखना है

 

कांग्रेस में होगा शरद पवार की NCP(SP) का विलय? हाईकमान के प्रस्ताव से सियासत गरम, पार्टी में बढ़ी कलह

नई दिल्ली

महाराष्‍ट्र से बड़ी खबर आ रही है. सूत्रों के मुताबिक- कांग्रेस हाईकमान ने शरद पवार को ऑफर द‍िया है क‍ि वे अपनी पार्टी एनसीपीएस का कांग्रेस में व‍िलय कर दें. ज‍िस वक्‍त यह खबर आई ठीक उसी वक्‍त शरद पवार की पार्टी में फूट भी सामने आ गई. एनसीपीएस के तीन एमएलए महाराष्‍ट्र बीजेपी अध्‍यक्ष से म‍िले हैं और कहा जा रहा है क‍ि वे बीजेपी ज्‍वाइन कर सकते हैं। 

इससे पहले उद्धव गुट के नेता ने सुझाव द‍िया था क‍ि कांग्रेस में TMC और NCP का विलय हो जाना चाह‍िए. इस पर जब शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले से पूछा गया तो उन्‍होंने कहा क‍ि संजय राउत मेरे लिए बड़े भाई जैसे हैं, उन्होंने जो सुझाव दिया है, वो अच्‍छा है. अब आगे क्‍या होगा, कैसे होगा, ये वक्‍त बताएगा.  बीजेपी पर हमला करते हुए सुप्र‍िया ने कहा, जो तृणमूल कांग्रेस में हुआ, वो हैरान करने वाला नहीं है. इन लोगों ने पहले श‍िवसेना तोड़ी, उसके बाद एनसीपी तोड़ी, अब तृणमूल कांग्रेस की बारी है. तो हम ये भुगत चुके हैं. इसील‍िए हम तृणमूल के साथ खड़े द‍िख रहे हैं। 

अशोक गहलोत भी इसी सुर में बोले
राजस्‍थान के पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस के द‍िग्‍गज नेता अशोक गहलोत ने कहा क‍ि जो पार्टियां कांग्रेस से अलग हुई हैं, उन्हें वापस कांग्रेस में आ जाना चाहिए. सब पार्टियों को एकजुट होना चाहिए. राहुल गांधी को इंडिया अलायंस का नेता मान लेना चाहिए. संजय राउत की बात में दम है। 

संजय राउत ने क्‍या कहा था
श‍िवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने कहा था क‍ि जो पार्टियां कांग्रेस से अलग हुई हैं, उन्हें कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए. आज सभी दलों को अपने-अपने राज्यों में लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी की मदद चाहिए। 

शरद पवार गुट में बढ़ी बेचैनी, तीन विधायक BJP प्रदेश अध्यक्ष से मिले
महाराष्ट्र की सोलापुर विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबले के बीच शरद पवार गुट की एनसीपी में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है. पार्टी द्वारा वसंतराव देशमुख को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज तीन विधायकों उत्तमराव जानकर, अभिजीत पाटिल और नारायण पाटिल ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से मुलाकात की. सोलापुर में महायुति नेताओं की बैठक के दौरान हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है. बैठक में सांगोला से शेकप विधायक बाबासाहेब देशमुख भी मौजूद रहे। 

दरअसल, सोलापुर विधानसभा सीट पर भाजपा के राजेंद्र राउत का मुकाबला शरद पवार गुट के उम्मीदवार वसंतराव देशमुख से है. टिकट वितरण को लेकर नाराज इन तीनों विधायकों ने पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी आपत्ति जताई थी और भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देने के संकेत दिए थे. वसंतराव देशमुख को सांसद धैर्यशील मोहिते पाटिल का करीबी माना जाता है, ऐसे में विधायकों की नाराजगी को मोहिते पाटिल के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। 

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