कौन हैं महेश केवट? मीनाक्षी नटराजन की एक चूक से पहुंचे राज्यसभा, कभी BJP से हो चुके हैं निष्कासित

भोपाल 

मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीट बीजेपी जीत गए हैं. वह भी बिना लड़े. क्योंकि मैदान में विपक्ष से कोई था ही नहीं. कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उतारा जरूर था, लेकिन नामांकन फॉर्म में जानकारी छिपाने के कारण उनका पर्चा खारिज हो गया. इस तरह से तीसरी सीट पर महेश केवट जीत गए। 

महेश केवट ने ही मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म में जानकारी छिपाने की शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ तेलंगाना में एक मामला दर्ज है, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने हलफनामे में नहीं दी थी। 

नामांकन खारिज करने के खिलाफ मीनाक्षी नटराजन ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उनकी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी. हालांकि, इससे पहले ही गुरुवार को रिटर्निंग ऑफिसर ने महेश केवट को जीत का सर्टिफिकेट दे दिया. महेश केवट की जीत मीनाक्षी नटराजन की एक चूक की वजह से हो गई। 

क्या थी वह चूक?

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन अपने खिलाफ दर्ज मामले की जानकारी न देने के कारण खारिज हो गया। 

राज्यसभा के निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद पाया गया कि नटराजन ने नामांकन के साथ जमा किए गए फॉर्म 26 में अदालत में की गई शिकायत का जिक्र नहीं करते हुए अधूरा हलफनामा दाखिल किया था। 

मध्यप्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी ने बताया कि बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि नटराजन ने अपने हलफनामे में तेलंगाना में उनके खिलाफ दर्ज मामले का जिक्र नहीं किया है। 

हालांकि, मीनाक्षी नटराजन की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी थी कि किसी उम्मीदवार को केवल उन्हीं आपराधिक मामलों का खुलासा करना होता है जिनमें कम से कम दो साल की न्यूनतम सजा का प्रावधान हो, जबकि वर्तमान मामले में केवल समन जारी किए गए हैं। 

अब जानते हैं महेश केवट के बारे में…
बीजेपी की टिकट पर राज्यसभा जाने वाले महेश केवट आरएएस के स्वयंसेवक रहे हैं. वह 1984 से आरएसएस से जुड़े रहे हैं. वह 1995 में बीजेपी में गए थे। 

महेश केवट बीजेपी के जमीनी कार्यकर्ता रहे हैं. वह पार्षद रहे हैं. ओरछा नगर परिषद के उपाध्यक्ष रहे हैं और अब राज्यसभा जा रहे हैं. 52 साल के महेश केवट ओरछा के रहने वाले हैं। 

कभी बीजेपी को हरवाने के लिए की थी क्रॉस वोटिंग
महेश केवट को कभी कांग्रेस के लिए क्रॉस वोटिंग करने के आरोप में बीजेपी से निकाल दिया गया था. बात 2022 की है, तब आरोप लगा कि निवाड़ी परिषद अध्यक्ष के चुनाव में महेश केवट समेत 11 बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में वोट डाला था। 

27 जून 2022 को सभी 11 नेताओं को अगले 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बाहर कर दिया गया था। 

हालांकि, आरएसएस से नजदीकियां उन्हें बीजेपी से ज्यादा लंबे समय तक बाहर नहीं रख सकीं. उन्हें फिर से पार्टी में लिया गया और अब राज्यसभा भेजा जा रहा है। 

कितनी संपत्ति के मालिक हैं महेश केवट?
राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल हलफनामे में महेश केवट ने अपने पास 1.60 लाख रुपये और पत्नी के पास 20 हजार रुपये नकदी की जानकारी दी थी. उनके पास 26.34 लाख रुपये की कुल चल संपत्ति है. इसमें लगभग 10 लाख सोना है. इसके अलावा 1.50 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। 

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन हेतु वित्तीय एवं बीमा संस्थाओं से चर्चा

रायपुर

राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 10 से 12 जून 2026 तक अहमदाबाद, रायपुर और भुवनेश्वर के अध्ययन दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। बैठक में ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’’ विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति के सदस्यों द्वारा व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर विषय पर व्यापक एवं तथ्याधारित रिपोर्ट तैयार करना है।

बैठक के दौरान भारत से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के व्यापार एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता, ऋण एवं बीमा सुविधाओं तथा इनके विस्तार हेतु उठाए गए उपायों पर विशेष चर्चा की गई। इस संबंध में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया तथा नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) के प्रतिनिधियों ने समिति के समक्ष अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।

 प्रतिनिधियों ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यातकों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सेवाओं, ऋण सुविधाओं, जोखिम प्रबंधन तंत्र तथा बीमा योजनाओं की जानकारी साझा की। समिति ने निर्यात संवर्धन, किसानों एवं उद्यमियों को वित्तीय सहायता की सुगमता तथा वैश्विक बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सांसद श्री अमरा राम, श्री बिश्वजीत सिन्हा, श्री रमेश अवस्थी, श्री अतुल गर्ग, श्री धनंजय भीमराव महाडिक, श्रीमती रेणुका चौधरी, श्रीमती रोजी सैलो दामोदरन, श्रीमती लामनेई सिंगसित, श्री दिलीप यादव, श्री सदानंद महालू शेट तानवड़े, श्रीमती अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल, श्री आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, श्रीमती विजया एस. राजशेखर, श्री राजेन्द्र कुमार तथा श्री गिरधारी यादव उपस्थित थे। बैठक में समिति के सदस्यों ने विषय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने, वित्तीय एवं बीमा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने तथा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन पर राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से संसदीय समिति की चर्चा

रायपुर

 राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष  डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की बैठक आयोजित की गई।  बैठक में ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’’ विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति के सदस्यों द्वारा व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के मध्य आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर विषय पर व्यापक एवं तथ्याधारित रिपोर्ट तैयार करना है।

बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’’ विषय पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा में विशेष रूप से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों, उपलब्ध सहायता तंत्र, निर्यात प्रोत्साहन उपायों तथा इस क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। समिति ने कृषि आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, निर्यात संवर्धन तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में छत्तीसगढ़ के उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

अधिकारियों ने राज्य में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात संवर्धन, निवेश आकर्षित करने, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने तथा व्यापारिक अवसरों के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की। समिति ने इन पहलों की समीक्षा करते हुए निर्यात क्षमता के बेहतर उपयोग तथा वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के संबंध में भी चर्चा की।

इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सांसद  अमरा राम,  बिश्वजीत सिन्हा,  रमेश अवस्थी,  अतुल गर्ग,  धनंजय भीमराव महाडिक, मती रेणुका चौधरी, मती रोजी सैलो दामोदरन, मती लामनेई सिंगसित,  दिलीप यादव,  सदानंद महालू शेट तानवड़े, मती अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल,  आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, मती विजया एस. राजशेखर,  राजेन्द्र कुमार तथा  गिरधारी यादव उपस्थित थे। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  अंकित आनंद, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (सीएसआईडीसी) के प्रबंध संचालक  विश्वेश झा, कृषि विभाग के संचालक  राहुल देव सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया।

CG आदिम जाति कल्याण विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 3 अधिकारियों के तबादले; 15 जून तक जॉइनिंग के निर्देश

रायपुर.

छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग ने प्रशासनिक आधार पर तीन अपर संचालकों का तबादला करते हुए नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग के अनुसूचित क्षेत्रों में संचालित जनजातीय विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पर्यवेक्षण के लिए यह व्यवस्था की गई है।

जारी आदेश में कहा गया है कि विशेष केंद्रीय सहायता योजना (बस्तर पैकेज), धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए), प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन), वन अधिकार अधिनियम-2006, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, विभागीय छात्रावास एवं आश्रम संचालन, संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों तथा एकीकृत आदिवासी विकास प्राधिकरण (आईटीडीए) की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है।

जितेंद्र कुमार गुप्ता, अपर संचालक
वर्तमान पदस्थापना : कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर।
नई पदस्थापना : अपर संचालक, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र, बिलासपुर।
अतिरिक्त दायित्व : सरगुजा संभाग की विभागीय योजनाओं एवं कार्यों के लिए नोडल अधिकारी।
मुख्यालय : अंबिकापुर (जिला सरगुजा)।

राधेश्याम भोई, अपर संचालक
वर्तमान पदस्थापना : कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर।
नई पदस्थापना : अपर संचालक, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र, जगदलपुर।
अतिरिक्त दायित्व : बस्तर संभाग की विभागीय योजनाओं एवं कार्यों के लिए नोडल अधिकारी।
मुख्यालय : जगदलपुर (जिला बस्तर)।

तारकेश्वर देवांगन, अपर संचालक
वर्तमान पदस्थापना : अपर संचालक, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र, बिलासपुर।
नई पदस्थापना : कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर अटल नगर।

15 जून तक ज्वाइन करने के निर्देश
आदिम जाति विकास विभाग ने संबंधित अधिकारियों को एकपक्षीय रूप से कार्यमुक्त करते हुए 15 जून 2026 तक नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि जून 2026 का वेतन नई पदस्थापना वाले कार्यालय से आहरित किया जाएगा।

जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने इंदौर-पीथमपुर की औद्योगिक एवं आईटी क्षमताओं का किया अवलोकन

भोपाल

जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने इंदौर एवं पीथमपुर क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के दौरान यहां विकसित औद्योगिक अधोसंरचना, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रगति तथा निवेश संभावनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने क्षेत्र में संचालित उद्योगों, आधुनिक विनिर्माण सुविधाओं और तकनीकी नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। पीथमपुर में महले आनंद थर्मल सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड की उत्पादन इकाई का भ्रमण कर विनिर्माण प्रक्रियाओं एवं औद्योगिक व्यवस्थाओं को देखा। साथ ही इंदौर स्थित इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का अवलोकन कर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में विकसित हो रहे नवाचारों और सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।

भ्रमण के दौरान एमपीआईडीसी इंदौर के कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति ने उन्हें इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र की औद्योगिक प्रगति, निवेश अवसरों, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, आईटी इकोसिस्टम तथा व्यापारिक संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने क्षेत्र में उपलब्ध विश्वस्तरीय अधोसंरचना, उद्योग-अनुकूल वातावरण, कुशल मानव संसाधन तथा निवेशकों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी भी दी। कॉन्सुलेट जनरल ने इंदौर की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से भी परिचय प्राप्त किया। उन्होंने राजवाड़ा और लालबाग पैलेस का भ्रमण कर शहर की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन संभावनाओं की सराहना की।

क्रिस्टोफ हॉलियर ने बताया कि भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग निरंतर मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग तथा प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण संभावनाएं रखता है और भविष्य में जर्मन निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

यह दौरा मध्यप्रदेश और जर्मनी के बीच औद्योगिक एवं आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

योगी सरकार के शिक्षा विजन को मिली नई मजबूती, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी में मेधाओं का सम्मान

उन्नाव/लखनऊ, 

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी दिशा में शिक्षा, नवाचार और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में आयोजित दो दिवसीय सीयू स्कॉलर समिट-2026 का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से आए 1500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

उन्नाव स्थित परिसर में आयोजित इस समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय रहे। उनके साथ राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू, कुलपति प्रो. (डॉ.) विनीत कुमार नायर, प्रो वाइस चांसलर प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह समेत विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

योगी सरकार में यूपी बन रहा उच्च शिक्षा का हब

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसे विश्वस्तरीय संस्थानों की उपस्थिति प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश सरकार शिक्षा को तकनीक, रोजगार और संस्कारों से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रस्तुत शोध मॉडल और तकनीकी परियोजनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि भारत का युवा केवल ज्ञान अर्जित नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के समाधान भी तैयार कर रहा है। फुटप्रिंट्स से बिजली उत्पादन जैसी अभिनव अवधारणाएं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

50 करोड़ की स्कॉलरशिप से मेधाओं को मिल रही नई उड़ान

विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आयोजित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) के माध्यम से 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप देने की घोषणा की गई है। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।

इन्हीं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित सीयू स्कॉलर समिट में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को दूर कर प्रतिभाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

सीयूसीईटी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का मिशन

राज्यसभा सांसद एवं चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि सीयूसीईटी केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं बल्कि प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने का एक राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि किसी भी योग्य विद्यार्थी को आर्थिक कारणों से अपने सपनों से समझौता नहीं करना चाहिए। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय ने व्यापक स्कॉलरशिप कार्यक्रम शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के सपने वैश्विक हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पूरी दुनिया को बदल रहा है। आने वाले समय में तकनीक इतनी सक्षम होगी कि एक व्यक्ति स्वयं एक पूरी कंपनी संचालित कर सकेगा। ऐसे में विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं बल्कि ऐसे भविष्य के नेता तैयार करना है जो एआई और उभरती तकनीकों के माध्यम से समाज और राष्ट्र को नई दिशा दे सकें।

एआई और नई तकनीकों पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में देश के कई प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अमन गुप्ता (को-फाउंडर, बोट), डॉ. शैलेश कुमार (रिलायंस जियो), अस्वथी वेणुगोपाल (कॉग्निजेंट), अर्पित त्रिवेदी (हिताची सिस्टम्स इंडिया) सहित कई विशेषज्ञों ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, डेटा साइंस, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और भविष्य के करियर अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।
इसके अलावा अभिनेता एवं गायक अपारशक्ति खुराना, गायिका असीस कौर तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

इनोवेशन, स्किल और ग्लोबल एक्सपोजर पर फोकस

विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल स्किल्स, समस्या समाधान क्षमता, नवाचार सोच और नई तकनीकों की समझ विकसित करनी होगी। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में एआई और डिजिटल तकनीक लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित करेंगी, इसलिए जो विद्यार्थी समय के साथ स्वयं को अपडेट रखेंगे, उनके लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर अधिक होंगे।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोहराया कि देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी के रूप में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स, वैश्विक अवसर और नवाचार आधारित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा-भाव, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक : आयुष मंत्री परमार

भोपाल

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि होम्योपैथी केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का माध्यम है। चिकित्सकों का दायित्व केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ, जागरूक एवं निरोग बनाने में सक्रिय भूमिका निभाना भी है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा-भाव, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक है।

मंत्री  परमार भोपाल स्थित पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान के रजत जयंती सभागार में आरोग्य भारती एवं शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “नेशनल होम्योपैथी कॉन्फ्रेंस -अमृतम” शुभारम्भ कर चिकित्सकों, शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री  परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रदेश सरकार भी आयुष एवं होम्योपैथी चिकित्सा के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान तथा चिकित्सा अधोसंरचना के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। मंत्री  परमार ने उज्जैन में नवीन शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए जाने की बात भी कही।

कार्यक्रम के सारस्वत वक्ता एवं राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. तारकेश्वर जैन ने कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति मानव कल्याण और स्वस्थ समाज के निर्माण की भावना से विकसित हुई है। उन्होंने चिकित्सकों से चिकित्सा पद्धति के मूल सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहकर जनसेवा करने का आह्वान किया।

आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने समग्र चिकित्सा पद्धतियों के समन्वित विकास पर बल देते हुए कहा कि सभी चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञों को सहयोग, संवाद और सेवा की भावना के साथ कार्य करना चाहिए, जिससे समाज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके।

देशभर से आए लगभग 450 होम्योपैथिक चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों की सहभागिता वाले इस सम्मेलन एवं कार्यशाला में होम्योपैथी चिकित्सा के नवीन आयामों, अनुसंधान, चिकित्सा शिक्षा, जनस्वास्थ्य तथा समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से नवीन ज्ञान एवं अनुभव प्राप्त किए।

कार्यशाला में अपर सचिव सह आयुक्त आयुष डॉ संजय मिश्रा, प्रख्यात प्रबंधन विशेषज्ञ  एस.बी. डंगायच, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी, प्रदेश के विभिन्न होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालयों के प्राचार्य, चिकित्सक, शोधकर्ता एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

4 जून को योग के ऑनलाइन सत्र में हर नागरिक हो शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समस्त प्रदेशवासियों से ऑनलाइन योग सत्र में शामिल होने की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसने आज सम्पूर्ण विश्व को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का मार्ग दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक वैश्विक जनआंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है। आज अनेक राष्ट्र योग के महत्व को स्वीकार और अंगीकार कर चुके हैं। योग दिवस 21 जून पर अनेक आयोजनों के साथ ही 14 जून को विशेष ऑनलाइन सत्र आयोजित किया जा रहा है। बीस मिनिट के इस ऑनलाइन सत्र में कोई भी नागरिक हिस्सा ले सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : 2026 के सातवें काउन्ट डाउन के अवसर पर आयुष मंत्रालय, भारत सरकार ने 14 जून, 2026 को प्रातः 06:15 बजे से 07:35 बजे तक एक विशेष ऑनलाइन योग सत्र के आयोजन का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को योग से जोड़ते हुए स्वस्थ, जागरूक एवं निरोग समाज का निर्माण करना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठजनों, विद्यार्थियों, शासकीय सेवकों एवं सामाजिक संगठनों से आग्रह किया है कि वे इस ऑनलाइन योग सत्र में अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनें और योग को अपनी दैनिक जीवन शैली का अभिन्न अंग बनाएं।

टोल फ्री नंबर सुविधा

कार्यक्रम से जुड़ने के लिए टोल-फ्री नम्बर 1800-315-7008 पर मिस्ड कॉल देकर पंजीयन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से की गई अपील में कहा है कि आइए, हम सभी मिलकर “घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग” के संकल्प के साथ अब हर घर योग को गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाने में सहभागी बनें और स्वस्थ मध्यप्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

 

शिक्षा, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण का सबसे प्रभावी उपक्रम : मंत्री परमार

भोपाल : गुरूवार, जून 11, 2026, 20:17 IST

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि शिक्षा केवल विषयविद बनाने का साधन नहीं, बल्कि श्रेष्ठ नागरिक निर्माण का सबसे प्रभावी उपक्रम है। शिक्षित और संस्कारित युवा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

मंत्री  परमार भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित “सेज करियर डे-2026” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में वर्ष 2024 से 2026 के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित कंपनियों में चयनित 4 हजार 500 से अधिक विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया तथा चयनित विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।

मंत्री  परमार ने कहा कि सेज यूनिवर्सिटी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढ़ें तथा अपनी प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के विकास में करें। मंत्री  परमार ने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मंत्री  परमार ने युवाओं से कहा कि” आपने अभी अपने पंख फैलाए हैं, आपकी उड़ान अभी बाकी है। जीवन की प्रत्येक चुनौती आपको और अधिक सशक्त बनाती है।” उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

सेज ग्रुप के डायरेक्टर जनरल डॉ. सर्वेश शुक्ला ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, उद्योग-अकादमिक सहयोग तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। प्रख्यात प्रबंधन गुरु एवं कॉलमिस्ट  एन. रघुरामन ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए प्रतिबद्धता, मानवीय मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी। सेज ग्रुप की कार्यकारी निदेशक आर्किटेक्ट शिवानी अग्रवाल ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, कौशल विकास और समय प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला।

Iran-US War: फिर बंद हुआ होर्मुज, समंदर में अमेरिका-ईरान आमने-सामने; UN में भारत का कड़ा संदेश, 3 भारतीय क्रू का मामला गंभीर

नई दिल्ली

पश्चिम एशिया फिर जलने लगा है. ईरान जंग की आग और भड़क उठी है. डील की बातें कर रहा अमेरिका अब युद्ध करने लगा है. ईरान पर अमेरिका लगातार अटैक कर रहा है. अपाचे हेलिकॉप्टर के मार गिराए जाने से अमेरिका आगबबूला हो चुका है. इसी से गरमाकर डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर अब ताबड़तोड़ अटैक कर रहे हैं. जी हां, पश्चिम एशिया यानी मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है. दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्ग होर्मुज में फिर हाहाकार मच गया है. होर्मुज के पास लगातार बम-गोलों की बरसात हो रही है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यानी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. इसी बीच ईरानी मीडिया में दावा किया गया है समुद्र में अमेरिकी और ईरानी नौसेनाओं के बीच झड़प हुई है. इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. इतना ही नहीं, ईरान ने होर्मुज को भी फिर से बंद कर दिया है. वहीं, समंदर में जहाजों पर अटैक से चिंता बढ़ गई है. इसे लेकर भारत ने यूएन में भी आवाज उठाई है। 

दरअसल, ईरानी अखबार तेहरान टाइम्स ने दावा किया कि अमेरिकी और ईरानी सैन्य जहाजों के बीच समुद्री टकराव की खबरें हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों देशों की नौसेनाएं आमने-सामने आ गईं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. दोनों नौसेनाओं के बीच झड़प हुई है. ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, होर्मुज में भीषण झड़पें और गोलीबारी की खबरें हैं, क्योंकि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई तटीय इलाकों में हमले किए हैं। 

3 भारतीय क्रू के लापता होने का मामला गहराया

ओमान के तट के पास एक टैंकर पर हुए हमले और तीन भारतीय नाविकों के लापता होने के मामले ने भारत-अमेरिका संबंधों में नई मुश्किलें पैदा कर दी है. इस घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में अमेरिका के सबसे वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया था. अब अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर भारत सरकार के सीधे संपर्क में है। 

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, “स्टेट डिपार्टमेंट इस मामले को लेकर भारत सरकार के साथ सीधे संपर्क में है.” यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने ओमान के पास हुए हमले की निंदा करते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। 

समंदर में ईरान-अमेरिका के बीच झड़प
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने इस जलमार्ग में अमेरिकी सेना का मुकाबला किया. आगे बताया गया कि अमेरिकी सेना ने अब तक कम से कम सात तटीय ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें बंदर अब्बास, सिरिक, केशम द्वीप और हेंगाम द्वीप के आसपास के इलाके शामिल हैं। 

यहां बताना जरूरी है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है. अमेरिका बीते कुछ समय से शांत था. वह ईरान संग डील करने को बेताब था. उसने इजरायल को भी अटैक करने से रोक रखा था. मगर अब अपाचे के गिरने के बाद अमेरिका ने ईरान पर फिर अटैक करना शुरू कर दिया है। 

दरअसल, बुधवार को भारत ने टैंकर सेटेबेलो पर हुए हमले की कड़ी आलोचना की थी. इस हमले में जहाज पर सवार 24 भारतीय क्रू में से 3 भारतीय क्रू लापता बताए जा रहे हैं. भारत ने इस मामले में अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय बुलाकर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया। 

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के US डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को बुलाने के फैसले और दो जहाजों पर हमलों के बारे में एक सवाल के जवाब में, स्टेट डिपार्टमेंट के एक प्रवक्ता ने कहा, “डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट इस मामले में भारत सरकार के सीधे संपर्क में है। 

अमेरिका ने पलाऊ फ्लैग टैंकर पर किया था हमला
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने अमेरिकी पक्ष को स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय नाविकों की जान को खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता. हालांकि, भारत के आधिकारिक बयान में हमले के लिए किसी देश का नाम नहीं लिया गया, लेकिन मामले से जुड़े जानकारों के मुताबिक, पलाऊ-फ्लैग वाले टैंकर सेटेबेलो को अमेरिकी बलों ने निशाना बनाया था. आरोप है कि जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को दरकिनार करने की कोशिश कर रहा था। 

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन भारतीय अभी भी लापता हैं. ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान की निगरानी कर रहा है। 

जानकारी के मुताबिक, सेटेबेलो चीन के लियानयुंगांग बंदरगाह से संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह जा रहा था. जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे, जिनमें 24 भारतीय, दो पाकिस्तानी, एक रूसी और एक यूक्रेनी नागरिक शामिल थे. ओमान की सशस्त्र सेनाओं ने 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया। 

ओमानी नौसेना ने किया थे भारतीय क्रू को रेस्क्यू
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में जहाज के इंजन रूम में आग लग गई थी. समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड के मुताबिक, जहाज ने संकट संदेश भेजकर बताया था कि उस पर मिसाइल हमला हुआ है, जिसके बाद आग लग गई. इसके बाद ओमान की नौसेना ने राहत अभियान शुरू किया। 

भारत ने इस पूरी घटना को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का नतीजा बताते हुए तत्काल तनाव कम करने की अपील की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए. साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही बहाल की जानी चाहिए। 

गौरतलब है कि, 13 अप्रैल से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर रखी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अब तक सात जहाजों को रोका गया है, 134 जहाजों का रास्ता बदला गया है और 42 मानवीय सहायता से जुड़े जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई है। 

होर्मुज एक बार फिर हुआ बंद
अमेरिकी अटैक का असर अब होर्मुज में साफ दिख रहा है. ईरान ने एक बार फिर होर्मुज को बंद कर दिया है. ईरानी सरकारी मीडिया का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने बताया कि ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने गुरुवार को घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य को तेल टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों सहित सभी तरह के यातायात के लिए बंद कर दिया गया है. ईरानी सेना ने चेतावनी दी कि होर्मुज से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज पर गोली चलाई जाएगी। 

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में शामिल है. खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचती है. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य टकराव वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है। 

अमेरिका ने ईरान पर किया हमला, होर्मुज एक बार फिर बंद.

जहाजों पर हमले को लेकर भारत यूएन में गरजा

    इधर, होर्मुज और खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में अपनी चिंता खुलकर जाहिर की है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरिश ने कहा कि समुद्री जहाजों को निशाना बनाया जाना बेहद चिंताजनक है. उन्होंने बताया कि इन हमलों में कई भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि कुछ भारतीय अब भी लापता हैं। 

    भारत ने साफ कहा कि वह वाणिज्यिक जहाजों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों पर हमलों का कड़ा विरोध करता है. पी. हरिश ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां करीब एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं. उनकी सुरक्षा और भलाई भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है. भारत ने यह भी कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हित भी इस क्षेत्र की स्थिरता पर काफी हद तक निर्भर करते हैं. ऐसे में क्षेत्र में बढ़ता तनाव न केवल स्थानीय देशों बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। 

    संयुक्त राष्ट्र में भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की. भारत ने कहा कि किसी भी पक्ष को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे हालात और खराब हों. नई दिल्ली ने जोर देकर कहा कि बातचीत, कूटनीति और शांतिपूर्ण समाधान ही मौजूदा संकट से निकलने का सबसे बेहतर रास्ता है. गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच 28 फरवरी से ही युद्ध जारी है. बीचे में सीजफायर हुई थी. हालांकि, अब हालात और बिगड़ने लगे हैं। 

 

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