शिवराज सिंह का बड़ा दावा: MP के किसानों को मिल रहे 6 बड़े फायदे, सोशल मीडिया पोस्ट में गिनाईं उपलब्धियां

भोपाल 

 केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्यप्रदेश के विदिशा से सांसद शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में विकास और परिवर्तन को लेकर बड़ा दावा किया है। शिवराज ने कहा कि एमपी समेत पूरे देश में किसानों को 6 बड़े फायदे मिल रहे है। जिससे उनका जीवन खुशहाल हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ये जानकारी दी है। बताया कि आज का किसान परंपरागत खेती की सीमाओं से बाहर निकलकर आधुनिक और विकसित खेती पद्दति से आत्मनिर्भर बना है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा – “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। किसान कल्याण को केंद्र में रखकर बनाई गई नीतियों ने खेती को परंपरागत सीमाओं से निकालकर आधुनिक, विकसित और आत्मनिर्भर बनाया है।

इन 12 वर्षों में कृषि की तस्वीर भी बदली है और तकदीर भी।
व्यवस्था भी बदली है और विश्वास भी।
खेती भी आगे बढ़ी है और किसान भी।

– PM-KISAN के माध्यम से ₹4.3 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंची।
– MSP पर ₹26 लाख करोड़ से अधिक की खरीद हुई।
– 8 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड बने।
– 26 करोड़ सॉयल हेल्थ कार्ड दिए गए।
– PM फसल बीमा योजना के माध्यम से किसानों को सुरक्षा कवच मिला।
– e-NAM ने किसान को खेत से बाजार तक नई ताकत दी।

अन्न को वैश्विक पहचान मिली, जलवायु अनुकूल फसल किस्में विकसित हुईं और AI आधारित कृषि सेवाएँ गाँव तक पहुंचीं। इन सब प्रयासों के परिणामस्वरूप खाद्यान्न उत्पादन में 71% की वृद्धि हुई।

यह केवल योजनाओं की सफलता नहीं है, यह करोड़ों किसानों के जीवन में आए बदलाव की कहानी है।

आज किसान के चेहरे पर मुस्कान है, क्योंकि उसकी मेहनत को सम्मान मिला है।
आज किसान के मन में विश्वास है, क्योंकि उसका हक सीधे उसके पास पहुंचा है।
आज किसान के खेत में उम्मीद लहलहा रही है, क्योंकि बीज से बाज़ार तक उसके साथ मोदी सरकार खड़ी है।”

अनुभव सिन्हा का बड़ा बयान: “निर्देशकों से छीना जा रहा है सबसे जरूरी चीज”

फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर फिल्म इंडस्ट्री को लेकर अपनी बात रखी है. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि आज के समय में फिल्म निर्देशकों से उनके काम की सबसे अहम चीज विश्वास धीरे-धीरे छीनी जा रही है. इस बीच उन्होंने निर्देशक इम्तियाज अली की आने वाली फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ की जमकर तारीफ भी की है.

“निर्देशकों से छीनी जा रही है सबसे जरूरी चीज” – अनुभव सिन्हा
अनुभव सिन्हा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, इम्तियाज, मेरे दोस्त, मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि ‘मैं वापस आऊंगा’ बन रही है. आज के समय में जब फिल्म निर्देशकों से उनके काम की सबसे अहम चीज कई कारणों से छीन ली जा रही है, तब तुम्हारी फिल्म का हर फ्रेम उसी सबसे जरूरी गुण से भरा हुआ है – विश्वास. यह फिल्म इस गलत धारणा को तोड़ देती है कि दर्शक क्या पसंद करते हैं और क्या नहीं, और अपने दिल और आत्मा पर मजबूती से खड़ी रहती है.

उन्होंने आगे लिखा, इसकी आत्मा बहुत मजबूत भी है और बेहद भावुक व दिल को छू लेने वाली भी है. यह कहानीकार और उसके देश के बीच एक बहुत ही गहरा और खूबसूरत रिश्ता दिखाती है. प्रिय दर्शकों, यह शायद वही फिल्म है जिसका आप लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, जिसे आप अपने परिवार के साथ थिएटर में देखना चाहेंगे. जिंदाबाद दोस्त!

इम्तियाज अली की फिल्म और उनकी सोच
इम्तियाज अली की आने वाली फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, शरवरी और वेदांग रैना मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे. इम्तियाज ने फिल्म में दिलजीत के साथ अपने सहयोग के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट भावनात्मक रूप से बहुत गहरा है और उन लोगों के साथ एकजुटता दिखाता है, जिन्होंने इतिहास के कठिन समय को झेला है. इम्तियाज ने कहा कि विभाजन के कारण लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था और ऐसी स्थितियां आज भी दुनिया के कई हिस्सों में देखने को मिलती हैं.

Gold-Silver Price Crash: चांदी में बड़ी गिरावट, एक झटके में ₹5000 टूटी कीमतें, सोना भी हुआ सस्ता

नई दिल्ली

सोना-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) का अनुमान लगाया जा रहा था और गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं का भाव खुलते ही धड़ाम हो गया. चांदी का बुलबुला रोज फूटता हुआ नजर आ रहा है और 1 Kg Silver Price अपने पिछले बंद से झटके में 5000 रुपये से ज्यादा गिर गया. हर रोज चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. Gold Rate पर नजर डालें, तो इसका भाव अब गिरकर 1.46 लाख रुपये पर आ गया है। 

अचानक 5000 रुपये घटा दाम
एमसीएक्स पर 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव गुरुवार को खुलने के साथ ही 5012 रुपये प्रति किलो कम हो गया. बीते कारोबारी दिन ये कीमती धातु गिरावट के साथ 2,35,505 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, जो ओपनिंग के साथ ही गिरकर 2,30,493 रुपये पर आ गई। 

MCX Silver Price में रोजाना तगड़ी गिरावट देखने को मिल रही है और महज इस हफ्ते चांदी की कीमत में आई कमी पर गौर करें, तो ये 18,044 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है. बता दें कि बीते शुक्रवार को 1 किलो चांदी की कीमत 2,48,537 रुपये थी और इस हफ्ते की शुरुआत से ही ये फिसल रही है। 

हाई से इतना सस्ती हो गई Silver 
गुरुवार को चांदी की कीमत में आई बड़ी गिरावट के बाद अगर इसके लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो बता दें कि जनवरी महीने में पहली बार वायदा चांदी का भाव 4 लाख रुपये के पार निकला था और ये 4,57,328 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया था. इस लेवल से अब चांदी 2,26,835 रुपये प्रति किलो कम कीमत पर मिल रही है।  

सोना अब हुआ इतना सस्ता
चांदी के साथ ही सोने की कीमत में भी गुरुवार को फिर गिरावट देखने को मिली है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाली वायदा सोना बीते कारोबारी दिन 1,48,017 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और गुरुवार को खुलने के साथ ही ये फिसलकर 1,46,444 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो 10 Gram 24 Karat Gold एक झटके में 1573 रुपये सस्ता हो गया. वहीं इस हफ्ते गोल्ड रेट 9,150 रुपये सस्ता हुआ है, क्योंकि बीते शुक्रवार को एमसीएक्स पर इसकी कीमत 1,55,594 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 

अपने हाई से इतना सस्ता Gold
ताजा गिरावट के बाद अब सोने का भाव अपने हाई लेवल से और भी ज्यादा कम हो गया है. चांदी की तरह ही जनवरी महीने में MCX Gold Rate ने 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार किया था और इस एक्सपायरी वाला सोना 2,04,375 रुपये के लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था. यहां से ताजा भाव की तुलना करें, तो अब ये कीमती पीली धातु (Yellow Metal) 57,931 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है। 

रायपुर में संसदीय स्थायी समिति की अहम बैठक, अध्यक्ष डोला सेन ने की अध्यक्षता

 रायपुर
राज्य सभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष  डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक 10 से 12 जून 2026 तक अहमदाबाद, रायपुर और भुवनेश्वर के अध्ययन दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है।

बैठक में “भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन” विषय पर विस्तृत चर्चा की  जा रही है।

 समिति के सदस्यों  द्वारा  व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है ।
 अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर विषय पर व्यापक रिपोर्ट तैयार करना है।

Trump Tension: ईरान युद्ध से बढ़ी महंगाई की मार, अमेरिका में ट्रंप के सामने खड़ी हुई नई चुनौती

वाशिंगटन
मिडिल ईस्ट में युद्ध एक बार फिर तेज हो गई है. लगातार दूसरे दिन अमेरिका-ईरान के बीच हमलों का सिलसिला जारी है. इस बीच कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है. ईरान युद्ध न सिर्फ दुनिया के तमाम अन्य देशों के लिए, बल्कि खुद अमेरिका के लिए भी बड़ी सिरदर्दी बनता जा रहा है और अमेरिकियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। 

ईरान युद्ध के चलते तेल-गैस की सप्लाई में रुकावट और एनर्जी प्राइस में तगडी़ बढ़ोतरी से अमेरिका भी पीड़ित है और यहां महंगाई की तगड़ी मार पड़ रही है. मई महीने में अमेरिका में महंगाई दर के आंकड़े आ गए हैं और ये डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन बढ़ाने वाले हैं. दरअसल, US Inflation मई में तीन साल के हाई पर पहुंच गई। 

4 फीसदी के पार US में महंगाई
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जंग के चलते पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अमेरिका में महंगाई के रूप में देखने को मिला है. अमेरिकी लेबर स्टेटिस्टिक्स ब्यूरो ने बुधवार को बताया कि रिटेल महंगाई (CPI) मई में सालाना आधार पर बढ़कर 4.2% हो गई, जो कि अप्रैल 2023 के बाद सबसे ज्यादा है. उस समय ये 3.8 फीसदी पर पहुंची थी। 

अब अमेरिकियों की सेविंग पर संकट 
अमेरिका में महंगाई दर के ये अनुमान इकोनॉमिस्ट के सर्वे और अनुमानों के अनुरूप ही रहे हैं. महंगाई में लगातार तीसरे महीने मजबूत उछाल ने अमेरिकी परिवारों पर बढ़ते दबाव को उजागर किया है. साक्ष्य बताते हैं कि ज्यादातर लोग अब अपने खर्चों को पूरा करने के लिए अपनी बचत का भी उपयोग कर रहे हैं. ये लगातार दूसरा महीना है, जबकि महंगाई दर वेतन वृद्धि से अधिक रही, जिससे आर्थिक ग्रोथ पर भी दबाव पड़ सकता है। 

युद्ध, महंगाई और अमेरिकी बाजार क्रैश 
ईरान के साथ एक बार फिर शुरू हुए युद्ध ने ग्लोबल टेंसन को चरम पर पहुंचा दिया है, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में फिर से आग लगने लगी है और खबर लिखे जाने तक ये 95 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था. इस बीच अमेरिका में पड़ी महंगाई की मार का सीधा अमेरिकी शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है. US Inflation Data आते ही यहां कोहराम सा मच गया. Dow Jones 953 अंक की बड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ। 

ट्रंप की राजनीति पर पड़ेगा असर 
अमेरिका में बढ़ती महंगाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक राजनीतिक बोझ बनती जा रही है, जो नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में कांग्रेस पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रही है. बता दें कि ट्रंप ने 2024 का राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महंगाई को कम करने के वादे किए थे और इसका फायदा उन्हें मिला था। 

8th Pay Commission से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को खुशखबरी! DA में हो सकती है बड़ी बढ़ोतरी

  नई दिल्ली

केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इसके तहत कितनी सैलरी बढ़ेगी और कब तक खातों में आएगी, इसे लेकर अब तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है. इस बीच महंगाई के आंकड़ों से ऐसी संभावनाएं बढ़ती नजर आ रही हैं, 8th Pay से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी (DA Hike) का तोहफा मिल सकता है। 

इंतजार के बीच मिलेगी राहत!
एक ओर जहां लाखों केंद्रीय कर्मचारी 8th Pay Commission के तहत वेतन में बड़े संशोधन की सिफारिशें लागू होने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं इस इंतजार के बीच उन्हें महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के रूप में एक छोटी, लेकिन तत्काल राहत मिल सकती है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रम ब्यूरो द्वारा जारी नए महंगाई के आंकड़ों ने इस उम्मीद को और मजबूत किया है। 

आठवें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संघ यह तर्क मजबूती के साथ रख रहे हैं कि महंगाई के चलते बढ़ती कीमतों ने जीवन यापन की लागत को लगातार बढ़ाने का काम किया है और खर्च करने की शक्ति कमजोर हुई है। 

महंगाई के आंकड़ों से क्या संकेत? 
औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW), जो महंगाई भत्ता (DA) तय करने में अहम रोल निभाता है, वो मार्च 2026 में 149.1 से बढ़कर अप्रैल 2026 में 149.9 हो गया है. इस दौरान औद्योगिक श्रमिकों के लिए रिटेल महंगाई दर भी 4.27% से बढ़कर 4.46% हो गई है। 

इस आधार पर डीए में बढ़ोतरी का गणित समझें, तो अप्रैल 2026 तक AICPI-IW आंकड़ों के आधार पर, 12 महीने का औसत 147.51 है. 2016 की आधार सीरीज  को 2001 की आधार सीरीज में कन्वर्ट करने के लिए 2.88 के लिंकिंग फैक्टर को लागू करें, तो DA की कैलकुलेशन करीब 62.51% आती है, जिसे संभवतः 63% माना जा सकता है। 

3% मिल सकता है DA Hike
केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 60% की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है और ताजा कैलकुलेशन के आधार पर देखें, तो ये 63% हो सकता है यानी 3% DA Hike की उम्मीद है. हालंकि, अंतिम दर मई-जून 2026 के लिए AICPI-IW के आंकड़ों और उसके बाद कैबिनेट की मंजूरी पर निर्भर करेगी। 

कर्मचारियों की 8वें वेतन आयोग से ये डिमांड 
कई कर्मचारी संगठनों ने तर्क दिया है कि बढ़ती महंगाई और जीवन यापन के बढ़ते खर्चों के लिए वेतन में महत्वपूर्ण संशोधन की आवश्यकता है. 8th Pay Commission के सामने रखी गईं प्रमुख मांगों में हाई फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन में संशोधन, महंगाई भत्ता (डीए) का मूल वेतन में विलय और मजबूत पेंशन सुरक्षा शामिल हैं. कुछ कर्मचारी यूनियनों ने 3.83 Fitment Factor का प्रस्ताव दिया है। 

गौरतलब है कि वेतन और पेंशन को लेकर चर्चा जारी रहने के बीच, 8वें वेतन आयोग ने ज्ञापन प्रस्तुत करने की अंतिम समय सीमा को बढ़ाकर 15 जून, 2026 कर दिया है. आयोग ने यह भी कहा है कि ज्ञापन सिर्फ उसकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही जमा किए जाने चाहिए और हार्ड कॉपी, भौतिक दस्तावेज, ईमेल या पीडीएफ पर विचार नहीं किया जाएगा। 

ओमान के पास भारतीय जहाज ‘जलवीर’ पर हमला, तीन दिन में तीसरे शिप को बनाया गया निशाना

 नई दिल्ली

ओमान तट के पास बुधवार को हुए हमले के 24 घंटे बीतने तक एक और हमला रिपोर्ट किया गया है. ये हमला ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक जहाज पर हुआ है. इस शिप का नाम MT जलवीर है और सामने आई तस्वीरों में समुद्र के बीच इस शिप को जलते हुए देखा जा सकता है. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 

अधिकारियों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उन्हें आज (गुरुवार को) शिनास बंदरगाह के पास एक पोत (वेसल) से संबंधित घटना की सूचना मिली है. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है. बयान के अनुसार, घटना के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है. फिलहाल घटना के कारणों और संभावित प्रभावों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। 

इस हमले की जानकारी ओमान में भारतीय एंबेसी की ओर से दी गई है. मामले में और जानकारी जुटाई जा रही है।  

बुधवार को भी हुआ था हमला
बता दें कि ओमान तट के पास बीते बुधवार को भी एक कमर्शियल जहाज पर हमला होने की बात सामने आई थी. इस जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे. इनमें से 24 भारतीय थे. दुखद बात यह है कि इस हमले के बाद 3 भारतीय लापता बताए जा रहे हैं. जबकि 21 भारतीय को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है. ये घटना 10 जून की है. भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है.  इस हमले में लापता तीन भारतीयों में से 2 के शव मिलने की जानकारी भी सामने आ गई है। 

जिस जहाज पर हमला किया गया था उसका नाम सेटेबेलो था. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से अब तक 21 भारतीयों को बचा लिया गया. मंत्रालय ने कहा कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और चल रहे खोज और बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है। 

रॉयटर्स ने ब्रिटिश मैरीटाइम सिक्योरिटी ग्रुप एम्ब्रे के हवाले से लिखा है कि, “यह शायद ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के लिए अमेरिकी ऑपरेशन का नतीजा था. पहले भी क्रू को चेतावनी दी गई है कि हमले की स्थिति में वे जहाज के पिछले हिस्से के बजाय अगले हिस्से (बो) पर इकट्ठा हों। 

तीन दिन में तीन शिप पर हमला
सामने आया है कि MT जलवीर पर हुए हमले से पहले ओमान में ही समुद्री तटों पर बीते दो दिनों से हमले हो रहे हैं. यह लगातार तीसरे शिप पर हमला है. दरअसल, बुधवार को भारत ने टैंकर सेटेबेलो पर हुए हमले की कड़ी आलोचना की थी. भारत ने इस मामले में अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय बुलाकर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के US डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को बुलाने के फैसले और दो जहाजों पर हमलों के बारे में एक सवाल के जवाब में, स्टेट डिपार्टमेंट के एक प्रवक्ता ने कहा, “डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट इस मामले में भारत सरकार के सीधे संपर्क में है। 

 

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर बड़ी राहत, सरकार ने एक्साइज ड्यूटी हटाने का किया ऐलान

  नई दिल्ली

पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण सप्लाई लाइन प्रभावित हुई है. पेट्रोल-डीजल की सप्लाई प्रभावित होने का असर कीमतों पर नजर भी आ रहा है. पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इस बीच अब भारत सरकार ने ईंधन को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने एथेनॉल के अधिक मिश्रण वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त कर दी है. अब अधिक एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी। 

भारत सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है. सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक 22 से 30 फीसदी तक एथेनॉल के मिश्रण वाला पेट्रोल अब एक्साइज ड्यूटी के दायरे से बाहर कर दिया गया है. यानी अब ई-22, ई-25, ई-27 और ई-30 श्रेणी के पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं देनी होगी। 

सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस फैसले का तेल कंपनियों से लेकर आम किसान और उपभोक्ता तक, सभी को फायदा होगा. सरकार के इस कदम को पेट्रोल की कीमतें स्थिर रखने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. एथेनॉल के ज्यादा मिश्रण से पेट्रोल की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिल सकेगी। 

एथेनॉल का मिश्रण अधिक होने को किसानों के लिए भी लाभदायक बताया जा रहा है. एथेनॉल का कनेक्शन कृषि क्षेत्र से है. सरकार के इस फैसले का तत्कालिक प्रभाव जो भी रहे, इसके पीछे दीर्घकालिक रणनीति बताई जा रही है. ज्यादा एथेनॉल के मिश्रण वाले पेट्रोल एक्साइज ड्यूटी शून्य हो जाने के बाद ई-20 या प्रीमियम पेट्रोल के मुकाबले कहीं सस्ते होंगे। 

इससे इसकी मांग बढ़ेगी. हालांकि, ये पेट्रोल सभी वाहनों में अभी से ही इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे, लेकिन वाहन बनाने वाली कंपनियां ऐसे इंजन विकसित करने के लिए प्रोत्साहित होंगी जो ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल पर चल सकें. बता दें कि हाल ही में ई-85 पेट्रोल भी लॉन्च कर दिया गया था. हालांकि, यह पेट्रोल केवल फ्लेक्स फ्यूल वाहनों में ही इस्तेमाल हो सकेगा। 

 

CRETA के बाद Hyundai का बड़ा दांव, जल्द लॉन्च होगी नई CNG SUV, ग्राहकों को मिलेगा किफायती विकल्प

 नई दिल्ली

हुंडई भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी पुरानी पोजिशन को दोबारा हासिल करने की कोशिश में लगी हुई है. कभी ये भारतीय बाजार की दूसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी थी, जो अब चौथे नंबर पर पहुंच गई है. कंपनी मिडसाइज एसयूवी सेगमेंट में एक नया मॉडल लॉन्च करने वाली है, जो क्रेटा से अलग होगा। 

हम बात कर रहे हैं हुंडई बेयॉन (Hyundai Bayon) बेस्ड एसयूवी की, जिसे भारत में टेस्टिंग के वक्त स्पॉट किया गया है. इस एसयूवी का कोडनेम Bc4i है, जिसे हाल में भारत में टेस्टिंग के वक्त स्पॉट किया गया है. स्पाई फोटोज से इस एसयूवी के डिजाइन का अंदाजा लगाया जा सकता है। 

कब लॉन्च होगी SUV?
कंपनी इस कार को जुलाई से सितंबर 2026 के बीच में कभी लॉन्च कर सकती है. पहले माना जा रहा था कि बेयॉन पर बेस्ड ये एसयूवी फ्रॉन्क्स के सेगमेंट में आएगी, लेकिन अब ये साफ है कि कार मिडसाइज एसयूवी होगी. ये ठीक मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा और विक्टोरिस की तरह हुंडई के पोर्टफोलियो में क्रेटा के साथ मिलेगी। 

कार के फ्रंट में मौजूदा वेन्यू की स्प्लिट स्टाइल हेडलाइट डिजाइन मिलेगा. कार में स्लिम एलईडी डेटाइम रनिंग लैम्प्स टॉप पर मिलेंगे. बंपर के निचले हिस्से में एयर वेंट्स मिलेंगे. इसके अलावा कार के फ्रंट में पार्किंग सेंसर और ADAS के रडार सेंसर को भी देखा गया है. पहले आए कुछ शॉट्स में ब्लैक क्लैडिंग भी देखी गई थी। 

टेस्टिंग कार का कुछ हिस्सा इंटरनेशनल मार्केट में आने वाली बेयॉन से हू-ब-हू मिलता है. कार के रियर पोर्शन में भी स्प्लिट स्टाइलिंग वाली लाइट्स देखने को मिल सकती हैं. रियर बंपर के निचले हिस्से में ब्रेक लाइट्स और अपर पोर्शन में एलईडी टर्न इंडिकेटर दिए जा सकते हैं। CNG अवतार में भी आएगी
हुंडई इस एसयूवी में 360 डिग्री कैमरा देगी या नहीं ये अभी कन्फर्म नहीं है. क्योंकि कार में कोई भी कैमरा पॉड दिखा नहीं है. ध्यान रखें कि क्रेटा को इस फीचर के साथ स्पॉट किया गया था. रिपोर्ट्स की मानें, तो ये कार पेट्रोल इंजन के साथ सीएनजी में भी मिलेगी। 

इसमें डुअल सिलेंडर सीएनजी विकल्प दिया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो ये कंपनी की पहली 4 मीटर से बड़ी कार होगी, जो सीएनजी के साथ आएगी. इसकी कीमत वेन्यू से ज्यादा और क्रेटा के कम होगी. इस कार का सीधा मुकाबला हुंडई क्रेटा, मारुति ग्रैंड विटारा, मारुति विक्टोरिस, टाटा सिएरा, रेनो डस्टर, स्कोडा कुशाक और फॉक्सवैगन ताइगुन से होगा। 

TMC में बढ़ी हलचल! बागी सांसदों की शुभेंदु अधिकारी संग बैठक, ममता बनर्जी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

नई दिल्‍ली

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस तिनका-तिनका होती नजर आ रही है. विधायकों के एक बड़े ग्रुप के ऋतब्रत बनर्जी के साथ जाने के बाद अब टीएमसी लोकसभा सांसदों का एक ग्रुप भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने जा रहा है, जल्‍द ही इसका ऐलान हो सकता है. बीती रात टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल, माला रॉय, मिताली बाग और सायोनी घोष केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पहुंचे. इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी पहुंचे, जिससे नई अटकलों का दौर शुरू हो गया है. क्‍या टीएमसी के बागी लोकसभा सदस्‍य बीजेपी का हाथ थामने जा रहे हैं?

भूपेंद्र यादव के घर एक घंटा चली बागी TMC सांसदों की बैठक 
भूपेंद्र यादव के घर मुख्‍यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ हुई बागी टीएमसी सांसदों की बैठक में क्‍या बात हुई, ये तो सामने नहीं आई है. लेकिन इतने जरूर संकेत मिल रहे हैं कि टीएमसी बिखर रही है और जल्‍द ही कोई बड़ा ऐलान हो सकता है. बताया जा रहा है कि सायोनी घोष समेत 4 से 5 टीएमसी सांसद इस बैठक में शामिल हुए. ये बैठक लगभग एक घंटे तक चली. हैरानी की बात ये रही कि इस बैठक में टीएमसी के बागी लोकसभा सांसदों का नेतृत्‍व करने का दावा कर रहीं काकोली घोष इस बैठक में नहीं पहुंचीं. सूत्रों की मानें तो अब टीएमसी के बागी ग्रुप में ज्‍यादा से ज्‍यादा समर्थन जुटाने पर जोर है. टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 19 बागी हो गए हैं। 

बागियों में शत्रुघ्‍न सिन्‍हा और यूसुफ पठान का भी नाम! 
 सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में बीजेपी संग टीएमसी नेताओं की और भी बैठकें हो सकती हैं. बता दें कि बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को हस्ताक्षर करके एक पत्र भी सौंपा है, जिसमें 19 सांसदों के नाम हैं. इन नामों में शत्रुघ्‍न सिन्‍हा और यूसुफ पठान का भी नाम है. काकोली घोष इस बागी सांसदों के ग्रुप का नेतृत्‍व कर रही हैं. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से ऐसी कोई लिस्‍ट जारी नहीं की गई है, जिसमें ये कहा गया हो कि उनकी पार्टी के सांसद बागी हो रहे हैं। 

ममता बनर्जी ने 1 जनवरी, 1998 को कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की. उन्होंने देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के नेतृत्व पर पश्चिम बंगाल में तत्कालीन सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ आंदोलन संगठित करने में अनिच्छा का आरोप लगाया था। 

क्‍या TMC का कांग्रेस में होने जा रहा विलय?
ममता बनर्जी की दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से हुई मुलाकात के बाद दोनों पार्टियों के संभावित गठजोड़ को लेकर चर्चा तेज हो गई हैं. इसी बीच टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने इन चर्चाओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास 64 विधायक है और आगे ये संख्या बढ़ेगी, लेकिन कोई भी कांग्रेस में शामिल होने वाले नहीं है. ममता बनर्जी की कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से हुई बैठक और बुधवार को नई दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अभिषेक बनर्जी की अलग से हुई बैठक के बाद टीएमसी के कांग्रेस में पुनर्विलय की अटकलों को बल मिला. ममता बनर्जी के कोलकाता लौटने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों ने उनसे तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में पुनर्विलय की संभावना के बारे में पूछा. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री बिना कुछ कहे जल्दी से अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से चली गईं। 

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