प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.39 करोड़ हितग्राहियों को नि:शुल्क खाद्यान्न आवंटित

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.39 करोड़ हितग्राहियों को नि:शुल्क खाद्यान्न आवंटित

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 5.39 करोड़ हितग्राहियों को मिलेगा मुफ्त राशन
5.39 करोड़ लोगों को नि:शुल्क खाद्यान्न आवंटित, PM गरीब कल्याण अन्न योजना से बड़ी राहत
गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ करोड़ों तक, 5.39 करोड़ हितग्राहियों के लिए मुफ्त खाद्यान्न वितरण

भोपाल 

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि दिसम्बर, 2023 से अभी तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत 5.39 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को कुल 24,209 करोड़ रूपये का 74.31 लाख में. टन निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया है। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को निःशुल्क राशन का वितरण करने के लिए असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों की 29 वी प्राथमिकता श्रेणी सम्मिलित की गई। इसमें असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों के 7.82 लाख परिवारों के 27.80 लाख नवीन श्रमिकों को पात्रता पर्ची जारी कर निःशुल्क राशन का वितरण किया जा रहा है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत वितरित राशन सामग्री के परिवहन करने वाले 896 परिवहनकर्ताओं एवं 27,872 दुकानों के कमीशन देयकों का प्रतिमाह लगभग 40 करोड़ रूपये का भुगतान ऑनलाईन किया जा रहा है। यह व्यवस्था माह फरवरी, 2024 से लागू है। पूर्व में संचालित 269 पीडीएस के प्रदाय केन्द्रों की संस्था से बढ़ाकर 273 (42 नवीन) की गयी है। इससे सामग्री के प्रदाय के समय एवं राशि की बचत हुई है।

 

कटनी में दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग, ऑटो से जा रही शिक्षिका बनी बदमाशों का निशाना

कटनी

शहर के रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के डन कालोनी मोड़ बरगवां में बुधवार की शाम ऑटो से घर जा रही एक महिला के गले से दो बाइक सवार बदमाशों ने सोने की चैन खींची और मौके से भाग निकले। दिनदहाड़े व भीड़ वाले क्षेत्र में हुई घटना से लोगों में दहशत फैल गई। वहीं पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसके आधार पर पुलिस आरोपितों की पहचान करने में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार डन कालोनी बरगवां निवासी शिक्षिका आराधना अग्रवाल गली नंबर पांच में रहती हैं। बुधवार की शाम को वे आटो से अपने घर लौट रही थीं और जैसे ही आटो से वे डन कालोनी मोड़ की गली नंबर तीन के पास पहुंची उनके आटो के बगल से मोटर साइकिल पर दो युवक आए और उनके गले की सोने की चैन छीनते भाग निकले।

शोर मचाने पर भी आंखों से ओझल हुए बदमाश

महिला ने आटो रूकवाया और आसपास के लोगों को आवाज दी, लेकिन तब तक मोटर साइकिल सवार युवक लोगों की आंखों से ओझल हो गए। दिनदहाड़े हुई घटना के बाद लोगों में सुरक्षा को लेकर दहशत फैल गई। मामले की सूचना रंगनाथ नगर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला व आसपास के लोगों से घटना की जानकारी ली।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस, पहले भी हो चुकी है वारदात

चैन स्नैचिंग की पूरी घटना पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपितों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

इससे पहले भी डन कालोनी में एक अस्पताल के बाहर टहल रही महिला के गले से सुबह-सुबह बदमाश सोने की चैन खींचकर भाग गए थे, जिसके चलते शहर में सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।

 

महिला आयोग ने शुरू की टोल-फ्री हेल्पलाइन

भोपाल

महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महिलाओं के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-6112 का शुभारंभ किया। हेल्पलाइन के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं सीधे आयोग से संपर्क कर अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव दर्ज करा सकेंगी।

भोपाल स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष  रेखा यादव, सदस्य  साधना स्थापक तथा आयोग के सचिव  सुरेश तोमर ने हेल्पलाइन का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर आयोग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को न्याय और सहायता तक सहज पहुंच उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नई टोल-फ्री हेल्पलाइन महिलाओं और आयोग के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगी, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए उपयोगी होगी जो किसी कारणवश सीधे आयोग तक नहीं पहुंच पाती हैं। मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा शुरू की गई यह टोल-फ्री हेल्पलाइन महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा न्याय तक उनकी पहुंच को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  यादव प्रदेश की सभी महिलाओं से अपील की है कि आवश्यकता पड़ने पर वे निःसंकोच टोल-फ्री नंबर 1800-233-6112 पर संपर्क कर अपनी समस्याएं दर्ज कराएं और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।

 स्थापक ने कहा कि आयोग का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और न्यायपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता, गंभीरता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाएगी, जिससे पीड़ित महिलाओं को शीघ्र राहत मिल सके।

आयोग के सचिव  सुरेश तोमर ने बताया कि हेल्पलाइन महिलाओं की शिकायतों के पंजीयन, मार्गदर्शन, परामर्श तथा संबंधित मामलों के फॉलोअप के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करेगी। इससे शिकायत निवारण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुलभ बनेगी।

 

सायबर जालसाजों से सावधान रहें, बिल भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से करें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल

ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिलों का नगद भुगतान कंपनी के जोन, वितरण केन्द्र कार्यालय, पीओएस मशीन अथवा अधिकृत भुगतान केन्द्रों जैसे एम.पी.ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर पर ही करें। उपभोक्ताओं को कंपनी के पोर्टल  (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, पेटीएम ऐप, व्हाट्सऐप पे एवं उपाय मोबाइल ऐप के माध्यम से भी बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।

मंत्री  तोमर ने कहा है कि उपभोक्ता को असमय विद्युत विच्छेदन से बचने के लिये किसी निजी मोबाइल नंबर से  कॉल कर भुगतान करने के लिये कोई एसएमएस/ व्हाट्सऐप जारी नहीं किया जाता है। कंपनी द्वारा निर्धारित आईडी से ही एसएमएस एवं व्हाट्सऐप केवल 07552551222 सेंडर आईडी से ही प्रेषित किए जाते हैं। उपभोक्ता किसी अन्य सेंडर आईडी अथवा निजी नंबर से आए भ्रामक मेसेज से सतर्क रहें। कंपनी अंतर्गत विद्युत देयकों के भुगतान के लिए उपभोक्ता पहचान नंबर यानि आईवीआरएस नंबर की जरूरत होती है। आईवीआरएस नंबर के आधार पर ही जोन, वितरण केन्द्रों या अन्य गेटवे एमपी ऑनलाइन, पेटीएम, फोन पे, गूगल पे. अमेजन पे, व्हाट्सऐप पे आदि पर बिजली बिलों का भुगतान होता है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान मोबाइल नंबर से आए फोन या व्हाट्सऐप मैसेज के आधार पर किसी भी मोबाइल नंबर पर देयकों की राशि अंतरित न करें। साथ ही अपना पिन नंबर भी किसी के साथ साझा न करें।

कंपनी के संज्ञान में आया है कि सायबर जालसाजों द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को एसएमएस, व्हाट्सऐप मैसेज अथवा आई.व्ही.आर. तकनीक से फोन कॉल पर नंबर दबाने के लिये कहा जाता है। इसमें बिल भुगतान कराने के लिये भय बनाकर कि आपकी बिजली कुछ घंटों बाद काट दी जाएगी, इसके लिए बिल भुगतान करने के लिये विशेष नंबर दबाएं, मोबाइल नंबर विशेष अथवा अनजान लिंक/ऐप पर क्लिक कर या संपर्क कर बकाया राशि जमा कराएं। इस प्रकार के एसएमएस, व्हाट्सऐप मैसेज एवं आई.व्ही.आर. फोन कॉल फर्जी हैं। इन पर ध्यान नहीं दिया जाए। उपभोक्ताओं से अपील की गयी है इस प्रकार के फर्जी सायबर जालसाजों से सतर्क और सावधान रहें। सायबर फ्रॉड संबंधित किसी भी घटना की सूचना तत्काल भारत सरकार की हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराए।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थो के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। विगत 5 दिनों में विभिन्न जिलों की पुलिस ने अलग-अलग मामलों में त्वरित एवं सुनियोजित कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 62 लाख रूपये से अधिक के अवैध मादक पदार्थ गांजा, स्मैक, एमडी ड्रग्स, डोडाचूरा, नशीले इंजेक्शन सहित अन्य सामग्री जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आगर मालवा

कोतवाली थाना पुलिस ने कंटेनर में बनाए गए विशेष लोहे के गुप्त चैम्बर से 3 क्विंटल 21 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में लगभग 71 लाख रुपये मूल्य का डोडाचूरा एवं कंटेनर जब्त किया गया।
शिवपुरी
पुलिस ने थाना कोतवाली क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को स्मैक का अवैध विक्रय करते हुए गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 62.28 ग्राम स्मैक, एक कार एवं मोबाइल फोन सहित लगभग 22 लाख मूल्य की संपत्ति जब्त की है।

मंदसौर

मल्हारगढ़ पुलिस ने बोलेरो वाहन में बनाए गए गुप्त स्थानों से 173 किलो 380 ग्राम डोडाचूरा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। एक अन्य कार्रवाई में 400 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपी गिरफ्तार किए। वहीं शामगढ़ पुलिस ने हरियाणा एवं पंजाब के दो तस्करों को गिरफ्तार कर 60 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया। इस प्रकार तीनों कार्रवाई में मंदसौर पुलिस ने लगभग 17 लाख 66 हजार रुपये मूल्य का मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त की है।

उज्जैन

पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध दो अलग-अलग कार्रवाइयों में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। चिमनगंज मंडी थाना पुलिस ने 1 किलो 15 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर लगभग 15 लाख रूपये की सामग्री जब्त की है।
वहीं बड़नगर पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 5 किलो 165 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 29 हजार रूपये है। दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने 16 लाख 29 हजार रूपये के मादक पदार्थ जब्त किए हैं।

जबलपुर

पुलिस की बेलबाग, अधारताल एवं क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान 6600 नग नशीले इंजेक्शन, 5 मोबाइल फोन एवं घटना में प्रयुक्त ई-रिक्शा जब्त किया गया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रूपये है।

रतलाम

पुलिस ने मुखबिर सूचना पर कार्रवाई करते हुए बीड़ी के कार्टून में छिपाकर ले जाए जा रहे 56.340 किलोग्राम डोडाचूरा  कीमत 2 लाख 81 हजार 700 रूपये के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया।
वहीं थाना रिंगनोद की माननखेड़ा चौकी पुलिस ने मुखबिर सूचना पर कार्रवाई करते हुए कार सहित 100 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा  कीमत लगभग 7 लाख रूपये के साथ 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस प्रकार लगभग 9 लाख 81 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है।

गुना

मृगवास थाना पुलिस ने राजस्थान से स्मैक तस्करी कर रहे अंतर्राज्यीय तस्कर पति-पत्नी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 51.10 ग्राम स्मैक एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 6 लाख रूपए की संपत्ति जब्त की है।
वहीं राघौगढ़ थाना पुलिस ने एक अन्य नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 10.4 ग्राम स्मैक एवं मोटरसाइकिल सहित 2 लाख 4 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है। दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने लगभग 8 लाख 4 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है।

कटनी

पुलिस ने मादक पदार्थो के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए 11.06 ग्राम स्मैक बरामद कर एक पुरुष एवं एक महिला को गिरफ्तार कर लगभग 1 लाख 10 हजार रूपये की सामग्री जब्त की है।

सागर

जिले की मोतीनगर पुलिस ने एमडी ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक पुरुष एवं एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 16.45 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत 75 हजार रूपए है।

सीधी

सेमरिया थाना पुलिस ने एक मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई कर 658 ट्रामाडोल युक्त नशीली गोलियां जब्त कर संचालक को गिरफ्तार किया। वहीं अमिलिया पुलिस ने 26 शीशी कोडीन युक्त ऑनरेक्स कफ सिरप एवं मोटरसाइकिल सहित एक आरोपी को गिरफ्तार कर 80 हजार 400 रूपये की संपत्ति जब्त की है।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी है तथा इस प्रकार के अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।

 

सतना रेलवे स्टेशन पर बड़ी चूक, डिस्प्ले में इंटरसिटी तो प्लेटफॉर्म पर पहुंची महाकौशल एक्सप्रेस

सतना 

रेलवे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर चाहे जितने दावे करे, लेकिन बुधवार को सतना रेलवे स्टेशन पर हुई एक बड़ी लापरवाही ने इन दावों की पोल खोल दी। स्टेशन पर उद्घोषणा प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड पर जिस ट्रेन को इंटरसिटी एक्सप्रेस बताया जा रहा था, प्लेटफॉर्म पर उसके स्थान पर महाकौशल एक्सप्रेस पहुंच गई। इस गड़बड़ी से यात्रियों में भारी भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई।

यह गड़बड़ी उस वक्त हुई जब प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्री इंटरसिटी एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे थे। स्टेशन पर लगातार इंटरसिटी एक्सप्रेस के आगमन की घोषणा की जा रही थी। इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड पर भी इंटरसिटी का नाम प्रदर्शित हो रहा था। उद्घोषणा और डिस्प्ले पर भरोसा कर बड़ी संख्या में यात्री अपने-अपने सामान के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।

गलत उद्घोषणा से यात्रियों में मची अफरा-तफरी

लेकिन जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची तो वह महाकौशल एक्सप्रेस निकली। अचानक हुए इस घटनाक्रम से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री भ्रमित होकर ट्रेन में चढ़ने और उतरने को लेकर असमंजस में दिखाई दिए। दरअसल रेलवे की उद्घोषणा प्रणाली और डिस्प्ले बोर्ड ही उनकी जानकारी का प्रमुख माध्यम होते हैं।

यदि इन्हीं में गलत जानकारी प्रसारित की जाए तो यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और किसी दिन यह लापरवाही बड़ी दुर्घटना या गंभीर अव्यवस्था का कारण भी बन सकती है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर स्टेशन प्रबंधन की निगरानी में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या उद्घोषणा कक्ष और कंट्रोल सिस्टम के बीच समन्वय का अभाव है या फिर कर्मचारियों की लापरवाही इसका कारण बनी? फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

 

प्राइवेट पूल और लग्जरी बेडरूम से सजा जेनिफर विंगेट का गोवा वाला ड्रीम होम, देखें अंदर की झलक

मुंबई 

टीवी की फेमस एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं. खबरें हैं कि वो सिंगापुर के बिजनेसमैन William Ishmael को डेट कर रही हैं और दोनों इसी साल शादी कर सकते हैं। इस बीच जेनिफर का गोवा की हरियाली के बीच मौजूद शानदार वेकेशन होम भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है. आइए देखते हैं जेनिफर विंगेट के इस खूबसूरत गोवा विला की खास झलकियां। जेनिफर का गोवा वाला घर बेहद मॉडर्न और स्टाइलिश डिजाइन में बना हुआ है. विला के बाहरी हिस्से में सफेद रंग और लकड़ी का खूबसूरत इस्तेमाल किया गया है, जो इसे बेहद एलिगेंट लुक देता है। 

जेनिफर ने अपने घर को सिर्फ लग्जरी नहीं बल्कि बेहद आरामदायक भी बनाया है. विला के अंदर से सीढ़ियां जाती हैं, जो किसी फिल्म के घर जैसी फील देती हैं. एक कोने में फ्लोर सीटिंग का खास इंतजाम है, जहां कुशन, मोमबत्तियां, पौधे और हैंडमेड सजावटी सामान रखे गए हैं। रात के समय जब पूरे घर की लाइटिंग जलती है तो इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है. घर के बाहर हरियाली से भरा गार्डन और खूबसूरत एंट्री एरिया इसे किसी लग्जरी रिसॉर्ट जैसा लुक देता है। इस विला की सबसे खास चीज इसका प्राइवेट स्विमिंग पूल है. पूल के एक कोने पर फाउंटेन है और चारों तरफ हरियाली और पौधे लगे हुए हैं, जिससे ये जगह किसी पीसफुल डेस्टिनेशन जैसी महसूस होती है।        

बड़े कमरे, हरियाली से भरा गार्डन, खुली जगहें और सोच-समझकर की गई सजावट पूरे घर को बेहद रिलैक्सिंग माहौल देती है. चाहे लिविंग एरिया हो, बेडरूम हो या पूल साइड, हर जगह सुकून का एहसास होता है। न्यूट्रल रंगों और कम फर्नीचर का इस्तेमाल रूम को और भी क्लासी लुक देता है. यही वजह है कि शहर की बिजी लाइफ से दूर जेनिफर के लिए ये विला एक परफेक्ट छुट्टियों का ठिकाना माना जाता है। जेनिफर के गोवा विला का बेडरूम भी किसी लग्जरी रिसॉर्ट के सुइट से कम नहीं है.कमरे के बीचों-बीच एक शानदार फोर-पोस्टर बेड रखा गया है, जिस पर सफेद रंग के हल्के और पारदर्शी पर्दे लगे हुए हैं। जेनिफर का गोवा से खास कनेक्शन होना लाजिमी लगता है. ये परफेक्ट हॉलिडे डेस्टिनेशन फील देता है, है ना? 

मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नई दिल्ली

 प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री  मोदी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष देश के जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और विकास के लिए स्वर्णकाल साबित हुए हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी रणनीति के कारण छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित जनजातीय समुदाय अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। बस्तर में ‘नियद नेल्ला नार’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसे अभियानों के माध्यम से योजनाओं का सैचुरेशन मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने जनजातीय समाज को नई पहचान और सम्मान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हो या धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, इन पहलों ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि देश को पहली जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में मती द्रौपदी मुर्मु का नेतृत्व करोड़ों आदिवासियों के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है।

 साय ने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के दूरस्थ इलाकों तक पहली बार बिजली, सड़क, पेयजल और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। वहीं बस्तर में सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से कनेक्टिविटी की वर्षों पुरानी चुनौतियां दूर हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। नवा रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कराया गया है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने दुनिया के सामने बदलते, मुस्कुराते और हिंसा-मुक्त बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत की है।

उन्होंने कहा कि पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, लघु वनोपज की रिकॉर्ड खरीदी, किसानों को धान, दलहन और तिलहन का बेहतर मूल्य तथा कृषक उन्नति योजना जैसी पहलें ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के माध्यम से राज्य के 2 करोड़ 45 लाख जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बनाया, बल्कि उन्हें भारत के विकास का सक्रिय सहभागी बनाया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

बस्तर में तेंदूपत्ता खरीदी का नया रिकॉर्ड, फिर भी 50 हजार संग्राहकों ने नहीं किया संग्रहण कार्य

जगदलपुर.

बस्तर संभाग में इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्रहण को लेकर रिकॉर्ड आंकड़े सामने आए हैं। वन विभाग ने दावा किया है कि जगदलपुर सर्किल के चार जिलों में 1 लाख 74 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदा गया है, जिससे करीब 96 करोड़ रुपये की राशि संग्राहकों तक पहुंची है। हालांकि इन दावों के बीच कई ऐसे तथ्य भी सामने आए हैं, जो तेंदूपत्ता कारोबार की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में लगभग 1 लाख 75 हजार संग्राहक पंजीकृत हैं, लेकिन तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में केवल 1 लाख 25 हजार लोग ही शामिल हुए। यानी करीब 50 हजार पंजीकृत संग्राहकों ने इस बार तेंदूपत्ता तोड़ने का काम नहीं किया। इतनी बड़ी संख्या में संग्राहकों के प्रक्रिया से बाहर रहने के पीछे के कारणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर मजदूरी, मौसम और संग्रहण से जुड़ी अन्य चुनौतियों को इसकी एक वजह माना जा रहा है।

वन विभाग ने भी माना है कि बेमौसम बारिश का असर संग्रहण पर पड़ा। बारिश के कारण 60 से 70 गांवों में तेंदूपत्ता संग्रहण प्रभावित हुआ। अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहता तो खरीदी और संग्रहण का आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता था। इसके अलावा 1702 फड़ों के लक्ष्य के मुकाबले केवल 1600 फड़ों में ही संग्रहण कार्य हो पाया, जिससे कई इलाकों में व्यवस्था संबंधी चुनौतियां भी उजागर हुई हैं।

अवैध कारोबार ने भी बढ़ाई प्रशासन की चिंता
इस बीच तेंदूपत्ता के अवैध कारोबार ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सुकमा-ओडिशा सीमा क्षेत्र में वन विभाग ने 12 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर लाखों रुपये मूल्य का तेंदूपत्ता जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेंदूपत्ता को अवैध रूप से ओडिशा और तेलंगाना की ओर खपाने की कोशिश की जा रही थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह संकेत मिल रहा है कि तेंदूपत्ता व्यापार में तस्करी का नेटवर्क अब भी सक्रिय है।

बस्तर में तेंदूपत्ता ग्रामीण और वन आश्रित परिवारों की आय का प्रमुख स्रोत माना जाता है। ऐसे में रिकॉर्ड खरीदी और करोड़ों रुपये के भुगतान के दावों के बावजूद आधे लाख संग्राहकों का प्रक्रिया से बाहर रहना, मौसम की मार से प्रभावित गांवों की संख्या और तस्करी की घटनाएं कई सवाल खड़े कर रही हैं। जानकारों का मानना है कि केवल रिकॉर्ड आंकड़े सफलता की पूरी तस्वीर नहीं बताते, बल्कि यह भी जरूरी है कि संग्रहण से जुड़े सभी हितग्राहियों की भागीदारी सुनिश्चित हो और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि वन विभाग और सरकार इन चुनौतियों का समाधान किस तरह करती है, ताकि तेंदूपत्ता कारोबार का लाभ वास्तव में अधिक से अधिक वनवासी परिवारों तक पहुंच सके और रिकॉर्ड खरीदी के दावों के साथ जमीनी स्तर पर भी सफलता दिखाई दे।

सहूलियत, सम्मान और सेहत… हर घर नल से बदली जिंदगी

रायपुर   
               
रोज सुबह उठते ही घर में नल से साफ पानी आते देखने की खुशी क्या होती है, इसे कमली से पूछिए। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव को अपने आंगन में लगे नल से आ रहे पानी की धार को दिखाते खुशी से उनकी आंखें डबडबा गईं। जल जीवन मिशन ने कमली जैसी हजारों महिलाओं को अमूल्य खुशियां दी हैं। कभी पीने और निस्तारी के पानी के लिए दिनभर चिंतित रहने वाली इन महिलाओं का जीवन घर में लगे नल ने बदल दिया है।
                  
उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव अपने चार दिनों के बस्तर प्रवास के दौरान जल जीवन मिशन का काम देखने कमली के भी गांव पहुंचे। कमली के गांव बस्तर जिले के तोकापाल विकासखण्ड के दुगनपाल में उन्होंने कुछ और घरों में भी जाकर नल से पानी आते देखा। जल जीवन मिशन से घर में पानी पहुंचने की खुशी सभी महिलाओं के चेहरे पर दिख रही थी।
                  
जल जीवन मिशन दूरस्थ गांवों और वनांचलों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। आधी आबादी के एक बड़े हिस्से को पीने के पानी के लिए रोज जूझना पड़ता था। खासतौर से गर्मियों के दिनों में जब हर साल सिर पर पानी के बर्तन का सफर कुछ सौ मीटरों से कुछ किलोमीटरों में बदल जाता था। 
                  
जीवन के लिए अनिवार्य जरुरत पानी की व्यवस्था गर्मियों में महिलाओं का जीवन दुष्कर बना देती थी। दुगनपाल में भी महिलाओं को रोज गांव के हैंडपंप या कुआं पर जाकर घर के सभी लोगों के लिए पानी का इंतजाम करना पड़ता था। घर में नल लग जाने से अब इस समस्या से निजात मिल गई है। जल जीवन मिशन के काम जैसे-जैसे पूरे होते जा रहे हैं, महिलाओं की बाहर से पानी लाने की चिंता और तकलीफ दूर होते जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक साढ़े आठ हजार से अधिक योजनाओं को पूर्ण कर संचालन के लिए पंचायतों को सौंपा जा चुका है।
                  
जल जीवन मिशन महज हर घर तक पेयजल पहुंचाने की योजना नहीं है। यह महिलाओं की दिनचर्या और जीवन में भी बड़ा बदलाव ला रहा है। गांवों में परंपरागत रूप से घर में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी के इंतजाम का जिम्मा महिलाओं पर ही है। घर तक पानी की पहुंच न होने के कारण उन्हें हैंडपंपो, सार्वजनिक नलों, कुंओं या अन्य स्रोतों से रोज पूरे परिवार के लिए जल संग्रहण करना पड़ता है। 
                   
रोजाना का यह श्रमसाध्य और समयसाध्य काम बारिश तथा भीषण गर्मी के दिनों में और कठिन हो जाता है। कई इलाकों में गर्मियों में जलस्रोतों के सूख जाने के कारण दूर-दूर से पानी लाने की मजबूरी रहती है। परिवार के लिए पानी की व्यवस्था हर दिन का संघर्ष बन जाता है। महिलाओं के दिन के कई घंटे इसी काम में निकल जाते हैं।
                   
जल जीवन मिशन हर घर तक नल से जल पहुंचाने के साथ ही महिलाओं को कई समस्याओं से निजात दिला रहा है। घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचने से वे कई चिंताओं से मुक्त हो गई हैं। अब रोज-रोज पानी के लिए बहुत सारा श्रम और समय नहीं लगाना पड़ता। इससे उन्हें घर के दूसरे कामों, बच्चों की परवरिश, खेती-बाड़ी एवं आजीविका के अन्य कार्यों के लिए अधिक समय मिल रहा है और वे इन कार्यों पर अपना ज्यादा ध्यान व समय दे पा रही हैं।
                   
जल जीवन मिशन से बारहों महीने घर पर ही जलापूर्ति से लगातार बारिश तथा गर्मी के दिनों में बाहर से पानी लाने की मुसीबत दूर हो गई है। गर्मियों में जलस्तर के नीचे चले जाने से तथा बरसात में लगातार बारिश से जल की गुणवत्ता प्रभावित होती है। गुणवत्ताहीन पेयजल से पेट तथा निस्तारी के लिए खराब जल के उपयोग से त्वचा संबंधी रोगों का खतरा रहता है। जल जीवन मिशन ने सेहत के इन खतरों को भी दूर कर दिया है।

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