सिलयारी दुष्कर्म मामले पर बाल आयोग सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर तलब की रिपोर्ट

रायपुर
 
रायपुर जिले के धरसींवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिलयारी में 13 वर्षीय नाबालिग बालिका के कथित अपहरण एवं दुष्कर्म प्रकरण को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान में लिया है। आयोग को इस मामले की जानकारी 04 जून 2026 को सोशल मीडिया एवं समाचार पोर्टल में प्रकाशित खबरों के माध्यम से प्राप्त हुई, जिसके आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में बालिका द्वारा अपराध से इंकार किए जाने के कारण प्रकरण को खारिज करने की तैयारी की जा रही थी, किंतु बाद में वायरल वीडियो-ऑडियो एवं पुनः जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा विवेचना में कथित लापरवाही पाए जाने पर संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया। मामला नाबालिग सुरक्षा, पुलिस विवेचना की गुणवत्ता एवं बाल अधिकारों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) एवं धारा 14 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी, रायपुर को पीड़ित बालिका का कथन दर्ज कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा बालिका को उसके अभिभावकों सहित 15 जून 2026 को आयोग के समक्ष उपस्थित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण में पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अनुपालन की भी समीक्षा की जाएगी।

छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा फेरबदल, चार वरिष्ठ IFS अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

रायपुर.

छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वरिष्ठ स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। जारी आदेश के अनुसार प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं मूल्यांकन) कोलेन्द्र कुमार को वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान रायपुर के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

वन विभाग में एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव के तहत ओपी यादव को प्रभारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण) तथा सह-मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के पद पर पदस्थ किया गया है। वर्ष 2001 बैच की वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी शालिनी रैना को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे वर्तमान में वन मुख्यालय में प्रशासन, समन्वय तथा राजपत्रित-अराजपत्रित कार्मिकों से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।

इसके अलावा माधेश्वर डी. को प्रभारी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास एवं योजना, बजट, लेखा एवं लेखा परीक्षण) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वे वर्तमान में वन्यजीव प्रबंधन एवं योजना, राज्य जैव विविधता बोर्ड तथा राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण से जुड़े विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं।

मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक, 34 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी

भोपाल

 मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले छतरपुर और छिंदवाड़ा में लू चली। बुधवार को छतरपुर जिले के खजुराहो का पारा 45.0 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा, वहीं नौगांव में भी पारा 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। छिंदवाड़ा में दिन का तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक यानी 40.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, जिससे लोग लू के थपेड़ों से बेहाल रहे।

प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में अधिकतम तापमान 34.0 से 43.6 डिग्री और पूर्वी क्षेत्रों में 39.0 से 45.0 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद पारे में 2 से 3 डिग्री गिरावट की संभावना जताई गई है।

सिवनी में 3.0 मिलीमीटर हुई वर्षा और 70 किमी की रफ्तार से चली आंधी

मौसम केंद्र के अनुसार बुधवार को सिवनी में 3.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, सतना, मैहर, पन्ना और उमरिया में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली और बिजली चमकी।

वहीं बैतूल, मंडला, अनूपपुर और शहडोल में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। शाम होतेहोते जबलपुर, छतरपुर, दमोह, उज्जैन, रतलाम सहित कई जिलों में मौसम बदल गया।

आज यहां चलेंगी तेज हवाएं, येलो अलर्ट जारी

गुरुवार को रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर और छतरपुर सहित करीब 34 जिलों में गरजचमक के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान

शहर

अधिकतम

न्यूनतम

भोपाल

40.4

27.6

इंदौर

38.9

25.4

ग्वालियर

43.1

29.4

जबलपुर

40.5

25.0

 

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक 11 जून को नई दिल्ली में

भोपाल 

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक 11 जून को नई दिल्ली में होने जा रही है। बैठक का विषय ‘2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अति महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए 10 जून को नई दिल्ली पहुंच चुके हैं।

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की इस बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्री और उप राज्यपाल एक साथ मिलकर समावेशी मानव विकास प्रारूप पर चर्चा करेंगे। बैठक मुख्यत: ‘मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल’, ‘उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास’, ‘स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण’ एवं ‘सभी के लिए समानता और गरिमा’ से जुड़े विषयों पर केन्द्रित रहेगी। बैठक में देश भर में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को बढ़ाने और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

बैठक में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल/प्रशासक, केंद्रीय मंत्री पदेन सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

 

प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नायक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नायक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गरीब परिवार में जन्में प्रधानमंत्री मोदी आज देश के गरीब परिवारों के लिए हैं आदर्श: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के 25 करोड़ लोगों को मकान दिलवाए, 80 करोड़ नागरिकों को बांटा जा रहा है नि:शुल्क अनाज
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र सेवा के 12 वर्ष पूर्ण होने पर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुफा मंदिर के कार्यक्रम में हुए शामिल
प्रधानमंत्री मोदी को हनुमान चालीसा और प्रार्थना कार्यक्रम में शामिल होकर दी बधाई

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आज़ादी के बाद निर्वाचित रूप से सबसे अधिक अवधि तक देशसेवा करने का रिकॉर्ड आज अपने नाम किया है। वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नायक हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में सर्वाधिक लंबे समय तक कार्य किया है। यह सभी देशवासियों के लिए गौरवशाली क्षण है। प्रधानमंत्री मोदी, जनता के हित में एकजुटता के साथ कार्य करते हैं। वे अपनी पूर्ण क्षमता के साथ भारत को दुनिया में नंबर-1 देश बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आंतरिक रूप से सुरक्षित है, और सीमा से बाहर भी दुश्मनों के दांत खट्टे कर भारतीय सेना ने अपनी सामर्थ्य सिद्ध की है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र सेवा के 12 वर्ष पूर्णहोने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव, भोपाल के गुफा मंदिर में आयोजित हनुमान चालीसा और प्रार्थना कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हनुमान चालीसा का श्रवण कर भगवान का पूजन अर्चन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के बाद उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में स्थानीय सांसद आलोक शर्मा, रविन्द्र यति तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के भीतर जनसेवा और सीमा पर सामरिक सुरक्षा सशक्त हुई है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राम राज्य में कोई भूखा नहीं सोता था, बेटियां सुरक्षित थीं, गौमाता के पूजन के साथ-साथ सनातन संस्कृति के मंदिरों का वैभव था। प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल भी इन्हीं उपलब्धियों का साक्षी है। प्रधानमंत्री मोदी सादगीपूर्ण जीवनशैली के साथ देश सेवा में समर्पित हैं। उन्होंने देश के 25 करोड़ लोगों को मकान दिलवाए, 80 करोड़ नागरिकों को नि:शुल्क अनाज वितरित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में करोड़ों लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। हम सभी के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के भीतर जनसेवा और सीमा पर सामरिक सुरक्षा सशक्त हुई है।

देश में एक नए संकल्प का वातावरण है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान राम और हनुमान जी के आशीर्वाद से पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी पवित्र गीता में बताए कर्मवाद के सिद्धांत पर काम करते हैं। उन्होंने अपने कार्यों से पृथ्वी पर अपने जन्म को सार्थक किया है। गरीब परिवार में जन्मे प्रधानमंत्री मोदी आज देश के गरीब परिवारों के लिए एक आदर्श हैं। देश में एक नए संकल्प का वातावरण है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सबको अवसर मिलता है। प्रदेशवासी अपने जीवन में संकल्प लें, संघर्ष करें और आगे बढ़ें।

हम जो कहते हैं वो करके दिखाते हैं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बन चुका है। देश-दुनिया से श्रद्धालु मंदिर में प्रभु श्रीराम और हनुमान जी का आशीर्वाद ले रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम जो कहते हैं वो करके दिखाते हैं। प्रभु श्रीराम की विशेष कृपा मध्यप्रदेश पर है, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी का मध्यप्रदेश को लगातार आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है

स्थानीय सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ने विगत वर्षों में विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता, डिजीटल नवाचार और इन्फ्रास्ट्रक्टर निर्माण में अभूतपूर्व उपलब्धियां दर्ज की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मन में गरीब, किसान, नारी सशक्तिकरण और युवाओं के गहरी संवेदना हैं। मध्यप्रदेश को हर पल उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन निरंतर प्राप्त हो रहा है।

 

होर्मुज संकट से निपटने की तैयारी! भारत का ₹40,000 करोड़ का मेगा प्लान, तेल-गैस सप्लाई होगी मजबूत

नई दिल्ली

ईरान की अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जंग एक बार फिर जोर पकड़ती दिख रही है. अमेरिका ने अपने अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमले पर बदला लेने के लिए होर्मुज के पास ईरान के अहम ठिकानों पर बुधवार तड़के (भारतीय समय) हमला कर दिया. वहीं ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने बहरीन स्थित अमेरिका के पांचवें बेड़े को निशाना बनाने का दावा किया है. अमेरिका और ईरान के बीच इस ताजा वार और पलटवार ने होर्मुज स्ट्रेट के जल्द दोबारा खुलने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. होर्मुज की नाकेबंदी की वजह से मंडराते तेल-गैस के संकट के बीच भारत एक ऐसे मेगा प्रोजेक्ट पर गंभीरता से कदम आगे बढ़ा रहा है, जो आने वाले दशकों के लिए देश की ऊर्जा सुरक्षा की तस्वीर बदल सकता है. ओमान से गुजरात तक अरब सागर के नीचे लगभग 2,000 किलोमीटर लंबी डीप-सी गैस पाइपलाइन बिछाने की योजना को फिर से गति मिली है. करीब 40,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को भारत के लिए ‘होर्मुज संकट का स्थायी समाधान’ माना जा रहा है। 

भारत अपनी जरूरत का 50 प्रतिशत से ज्यादा प्राकृतिक गैस आयात करता है. इसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से एलएनजी (LNG) के रूप में आता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है. यह वही समुद्री रास्ता है, जहां हाल के महीनों में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. अगर किसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है या वहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो भारत समेत दुनिया के कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ सकता है। 

ओमान से गुजरात तक पाइपलाइन
यही वजह है कि भारत अब ओमान से सीधे गैस लाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है. प्रस्तावित पाइपलाइन ओमान को सीधे गुजरात से जोड़ेगी और इसके जरिए गैस समुद्र के रास्ते टैंकरों में लाने की बजाय सीधे पाइपलाइन से भारत पहुंचेगी. इससे न केवल सप्लाई अधिक स्थिर होगी बल्कि समुद्री संकटों का असर भी काफी हद तक कम हो जाएगा। 

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी तकनीकी जटिलता है. पाइपलाइन का कुछ हिस्सा समुद्र तल से 3,000 मीटर से भी अधिक गहराई में बिछाया जाएगा. इतनी गहराई पर पाइपलाइन निर्माण दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण इंजीनियरिंग परियोजनाओं में गिना जाता है. अगर यह योजना सफल होती है तो यह दुनिया की सबसे गहरी समुद्री गैस पाइपलाइनों में से एक होगी। 

इस प्रोजेक्ट को लंबे समय से बढ़ावा देने वाली कंपनी साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज (SAGE) का दावा है कि वह पहले ही तकनीकी और वित्तीय अध्ययन के साथ-साथ समुद्र तल का सर्वेक्षण भी कर चुकी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय ने अब सरकारी कंपनियों जैसे गेल, इंडिया ऑयल कॉर्पोरेशन और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा है। 

गैस आयात हो जाएगा सस्ता
एनर्जी एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह परियोजना सिर्फ गैस आयात का माध्यम नहीं होगी, बल्कि भारत और खाड़ी देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को भी नई मजबूती देगी. ओमान को लंबे समय के लिए स्थायी ग्राहक मिलेगा, जबकि भारत को गैस की सुरक्षित और लगातार आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। 

वर्तमान में एलएनजी आयात की प्रक्रिया काफी लंबी और महंगी है. पहले गैस को तरल रूप में बदला जाता है, फिर विशेष जहाजों से हजारों किलोमीटर दूर ले जाया जाता है और भारत पहुंचने पर दोबारा गैस में परिवर्तित किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में भारी खर्च आता है. प्रस्तावित पाइपलाइन के जरिए गैस सीधे स्रोत से उपभोक्ता तक पहुंचेगी. शुरुआती अनुमान के मुताबिक गैस परिवहन की लागत 2 से 2.25 डॉलर प्रति MMBtu के बीच रह सकती है, जो कई परिस्थितियों में एलएनजी आयात से प्रतिस्पर्धी साबित हो सकती है। 

इस प्रोजेक्ट में क्या है रोड़ा?
हालांकि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सामने कई बड़ी चुनौतियां भी हैं. सबसे बड़ी चुनौती इंजीनियरिंग की है. समुद्र की 3,000 मीटर गहराई पर पाइपलाइन बिछाना और उसका रखरखाव करना बेहद जटिल और महंगा काम होगा. किसी भी तकनीकी खराबी या रिसाव की स्थिति में मरम्मत करना आसान नहीं होगा. इसके लिए विशेष जहाजों और अत्याधुनिक उपकरणों की जरूरत पड़ेगी। 

दूसरी बड़ी चुनौती लागत और फंडिंग की है. 40,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत शुरुआती आंकड़ा है. ऐसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अक्सर लागत बढ़ जाती है. इसके अलावा यह भी तय करना होगा कि निवेश कौन करेगा, लागत का बंटवारा कैसे होगा और गैस खरीद के दीर्घकालिक समझौते किस प्रकार होंगे। 

तीन दशक से अटका था काम
फिर भी हालात बदल चुके हैं. तीन दशक पहले जब यह परियोजना पहली बार सामने आई थी, तब तकनीक और आर्थिक व्यवहार्यता सबसे बड़ी बाधा थीं. लेकिन अब ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुकी है. रूस-यूक्रेन युद्ध, लाल सागर संकट और अब होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने यह दिखा दिया है कि किसी एक समुद्री मार्ग पर अत्यधिक निर्भरता कितनी जोखिम भरी हो सकती है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह परियोजना सफल होती है तो भविष्य में इसी नेटवर्क का इस्तेमाल हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ईंधनों के परिवहन के लिए भी किया जा सकता है. यानी यह सिर्फ आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की ऊर्जा रणनीति का आधार बन सकती है। 

यही कारण है कि ओमान-गुजरात डीप-सी गैस पाइपलाइन को सिर्फ एक ऊर्जा परियोजना नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. होर्मुज संकट ने जिस खतरे की ओर दुनिया का ध्यान खींचा है, भारत उसी का स्थायी समाधान खोजने में जुटा हुआ है. अगर यह मेगा प्लान जमीन पर उतरता है, तो देश की तेल-गैस आपूर्ति पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद हो सकती है। 

 

PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर जॉर्जिया मेलोनी की बधाई, भारत-इटली रिश्तों की भी हुई चर्चा

 नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का नया रिकॉर्ड बनने के बाद दुनिया भर से बधाई संदेश आ रहे हैं. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी को शुभकामनाएं दी हैं. मेलोनी ने कहा कि नरेंद्र मोदी का भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनना एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने हाल में रोम में हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए भारत और इटली के रिश्तों को आगे बढ़ाने की बात भी कही. यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब पीएम मोदी के केंद्र सरकार में 12 साल पूरे होने को लेकर भी चर्चा तेज है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारतीय राजनीति में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले मोदी ने लगातार 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं. इसके साथ ही वे संविधान लागू होने के बाद भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 1952 के पहले आम चुनाव के बाद लगातार 4,398 दिन तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था। 

जॉर्जिया मेलोनी ने लिखा खास संदेश.

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को टैग करते हुए उन्हें बधाई दी. उन्होंने लिखा कि भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर नरेंद्र मोदी को ढेर सारी शुभकामनाएं. फिर मेलोनी ने कुछ हफ्ते पहले रोम में हुई अपनी द्विपक्षीय मुलाकात को भी याद किया, जिसे लेकर वे काफी खुश दिखीं. इसके अलावा, अपने संदेश में दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों पर बात की. उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने मिलकर एक विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है. यह साझेदारी भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. इससे दोनों देशों के नागरिकों के लिए प्रगति के नए बेहतरीन अवसर पैदा होंगे। 

इस खास मौके पर देश और दुनिया के कई बड़े नेताओं ने भी पीएम मोदी को शुभकामनाएं दी हैं. नेताओं ने इसे जनता के भरोसे और लंबे राजनीतिक सफर की बड़ी उपलब्धि बताया है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनसेवा ही अच्छे शासन की सबसे बड़ी पहचान होती है. उन्होंने कहा कि वही व्यक्ति लोगों का विश्वास जीतता है, जो विनम्रता, समर्पण और कर्तव्य भावना के साथ लगातार काम करता है। 

CG के पटाखा गोदाम में भीषण आग, लगातार धमाकों से दहला पूरा इलाका

कोरबा.

जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के रामपुर स्थित एक पटाखा गोदाम में बुधवार को भीषण आग लग गई। आग लगते ही गोदाम में रखे पटाखों में लगातार विस्फोट होने लगे, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। घटना के दौरान आसमान में धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया।

जानकारी के अनुसार, रामपुर स्थित शर्मा पटाखा गोदाम में अचानक आग भड़क उठी। आग की लपटें देखते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गोदाम में रखे पटाखों के फटने से लगातार तेज धमाके सुनाई देते रहे, जिससे आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।

हालांकि आग की भयावहता को देखते हुए अन्य क्षेत्रों से भी अतिरिक्त दमकल वाहनों को बुलाया जा रहा है। मौके पर पुलिस बल भी तैनात है। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके को घेरकर लोगों को दूर रखा जा रहा है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। समाचार लिखे जाने तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली थी, हालांकि आग से हुए नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है।

CM साय बोले- PM मोदी ने रचा नया इतिहास, लोकतांत्रिक सफर में दर्ज हुई बड़ी उपलब्धि

रायपुर 
भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। देश की जनता से लगातार प्राप्त जनादेश के आधार पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रहित के प्रति उनके समर्पित नेतृत्व का प्रमाण है।

नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में अंत्योदय का संकल्प साकार हुआ है और भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर पूरे आत्मविश्वास के साथ अग्रसर हुआ है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण से राष्ट्रीय चेतना को नई ऊर्जा मिली, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति ने राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ किया तथा आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई और सशक्त सैन्य अभियानों ने विश्व के समक्ष नए भारत के सामर्थ्य और आत्मविश्वास को स्थापित किया है।

साथ ही, उन्होंने संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए भारतीय जनता पार्टी को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज वे विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेताओं में अग्रणी हैं और उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

उन्होंने कहा कि हम एक पारदर्शी और सुशासन पर आधारित सरकार चलाना चाहते हैं, और लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। हमने राज्य में ‘सुशासन और कन्वर्जेंस विभाग’ भी बनाया है और इसी पहल के तहत आज हम मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नीति आयोग की बैठकों का एजेंडा तय होता है और उसी के अनुसार चर्चा होगी। जहां तक ​​बस्तर की बात है, नक्सलवाद के कारण यह इलाका लगभग 40 से 50 वर्षों तक पिछड़ा रहा। सरकार ने इसके विकास में तेजी लाने के लिए पहले ही काम शुरू कर दिया है और इसकी तेजी से प्रगति सुनिश्चित करने के लिए एक रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है।

सीएम हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। अब प्रदेशवासी टोल-फ्री नंबर 1076, मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायतें, सुझाव और समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे उसकी ट्रैकिंग, निगरानी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित होगा। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता है, तो मामले की पुनः समीक्षा का भी प्रावधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास से जुड़े सुझाव भी नागरिक सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। सुशासन का मूल उद्देश्य जनसमस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।

सुशासन को प्राथमिकता
विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है। जनता को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से राज्य में “सुशासन एवं कन्वर्जेंस विभाग” का गठन किया गया है और सीएम हेल्पलाइन 1076 उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

बस्तर विकास के लिए तैयार हो रहा रोडमैप
नीति आयोग की बैठकों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित एजेंडे के अनुसार विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। बस्तर क्षेत्र के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र पिछले चार से पांच दशकों तक विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए पहले से ही कई योजनाओं पर कार्य कर रही है तथा क्षेत्र की तीव्र प्रगति सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है।

भोपाल में पार्टी-फंक्शन से पहले लेनी होगी परमिशन, मेहमानों की जानकारी देना भी हुआ जरूरी

​​भोपाल
 शहर में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नगर निगम परिषद ने केंद्र सरकार के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को लागू करने का फैसला किया है. अब नगर निगम की नजर सिर्फ बड़े राजनीतिक या व्यावसायिक आयोजनों पर ही नहीं, बल्कि घरों में होने वाले छोटे-मोटे कार्यक्रमों जैसे बर्थ-डे पार्टी, सगाई, फेयरवेल और कॉलोनी के फंक्शन्स पर भी रहेगी। 

निगम अधिकारियों का कहना है कि नए नियमों का मुख्य उद्देश्य बड़े और छोटे आयोजनों से निकलने वाले कचरे पर नियंत्रण पाना और लोगों की जवाबदेही तय करना है. ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने या खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। 

​100 मेहमान जुटे तो 3 दिन पहले देनी होगी सूचना
​नए नियमों के अनुसार यदि किसी भी निजी, धार्मिक, सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में 100 या उससे अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है, तो आयोजक को कार्यक्रम से 3 दिन पहले नगर निगम को इसकी लिखित जानकारी और अनुमति लेनी होगी. आयोजकों को पहले से यह बताना होगा कि कार्यक्रम कहां हो रहा है, कितने लोग आएंगे और वहां पैदा होने वाले कचरे के निपटारे के लिए क्या व्यवस्था की गई है. बिना सूचना दिए आयोजन करने या कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। 

बिना छंटनी पर 150 प्रतिशत जुर्माना
​अब भोपाल के हर घर और व्यावसायिक संस्थान को अपने कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर रखना होगा. ऐसा न करने और 100 किलोग्राम से अधिक कचरा अलग-अलग श्रेणियों में देने पर 150 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जाएगा। 

कचरे को इन 4 भागों में विभाजित करना होगा अनिवार्य

​गीला कचरा- रसोई का भोजन, फल-सब्जियों के छिलके और पेड़-पौधों की हरी पत्तियां.

​सूखा कचरा- रद्दी कागज, गत्ते, प्लास्टिक, धातु, कांच की बोतलें और फटे-पुराने कपड़े.

​सैनिटरी कचरा – डायपर, सैनिटरी नैपकिन, टिश्यू पेपर और घरेलू स्तर का मेडिकल वेस्ट.

​घरेलू ई-वेस्ट – मोबाइल, चार्जर, बैटरियां, बल्ब, घरेलू केमिकल और एक्सपायर्ड दवाइयां.

​बड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसर भी दायरे में
नगर ​निगम ने बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी तय की है, जिसमें शहर के लगभग 2 हजार आवासीय, व्यावसायिक और सरकारी परिसर शामिल होंगे. नियमों के दायरे में आने वाले मानदंड इस प्रकार है। 

    ​आवासीय भवन – कुल फ्लोर एरिया 20,000 वर्ग मीटर या अधिक होने पर.
    ​होटल और रेस्टोरेंट – कुल फ्लोर एरिया 5,000 वर्ग मीटर या अधिक होने पर.
    कचरा उत्पादन – प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक ठोस कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान.

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