पारंपरिक खेती छोड़ करेले से बदली किस्मत, किसान दीपक ने कमाए 2.95 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा

पारंपरिक फसल छोड़ अपनाई करेले की आधुनिक खेती

महासमुंद के प्रगतिशील किसान दीपक को हुआ 2.95 लाख रूपए का शुद्ध लाभ

रायपुर, 
 करेले की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान कम लागत में लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं। आधुनिक तकनीकों (जैसे ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और मचान विधि) के प्रयोग से करेले की पैदावार कई गुना बढ़ जाती है और फलों की गुणवत्ता भी अच्छी रहती है।

           छत्तीसगढ़ के किसान अब पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलकर आधुनिक और व्यावसायिक खेती के जरिए अपनी तकदीर बदल रहे हैं। ऐसा ही एक मिसाल महासमुंद जिले के विकासखंड बसना के अंतर्गत ग्राम बंसुलीडीह के प्रगतिशील किसान श्री दीपक ने पेश की है। स्नातकोत्तर  शिक्षित दीपक ने लीक से हटकर उद्यानिकी फसल को अपनाया, जिससे उनकी आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत करेला फसल का उत्पादन शुरू किया और आज वे क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं।

धान की तुलना में 7 गुना से अधिक मुनाफा

         किसान दीपक बताते हैं कि पहले वे अपनी 1.00 हेक्टेयर सिंचित भूमि पर पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे। धान से उन्हें सालभर में महज 42 हजार 300 रुपये का ही शुद्ध लाभ मिल पाता था। लेकिन उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से प्रेरित होकर जब उन्होंने करेले की खेती चुनी, तो उनकी किस्मत बदल गई। इस बार उन्हें इस फसल से लगभग 2.95 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है, जो धान के मुकाबले 7 गुना से भी अधिक है।

आधुनिक कृषि तकनीकों ने बढ़ाई फसल की गुणवत्ता

        दीपक की इस सफलता के पीछे वैज्ञानिक और आधुनिक तौर-तरीके रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी खेती में ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग तकनीक, आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग किया गया।  इन नवीन तकनीकों के प्रयोग से न केवल पानी की बचत हुई, बल्कि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी भारी उछाल आया। उन्हें प्रति एकड़ लगभग 18 टन करेले का बंपर उत्पादन मिला।

ओडिशा के बाजारों तक पहुंची महासमुंद के करेले की धमक*

          बेहतर क्वालिटी के कारण दीपक को बाजार में करेले का औसतन 30 रुपये प्रति किलोग्राम का शानदार भाव मिला। उन्होंने अपनी उपज को स्थानीय सरायपाली मंडी के साथ-साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा के बड़े बाजारों में भी बेचा, जहां इसकी भारी मांग रही। प्रगतिशील किसान श्री दीपक ने बताया कि उद्यानिकी खेती अपनाने से मेरी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। बढ़ी हुई आय से मेरे परिवार का जीवन स्तर काफी बेहतर हुआ है। मैं लगातार उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के संपर्क में रहता हूं ताकि नई सरकारी योजनाओं और तकनीकों का लाभ उठा सकूं।

*आसपास के गांवों में बढ़ी उद्यानिकी फसलों की होड़

         दीपक की इस बड़ी कामयाबी को देखकर ग्राम बंसुलीडीह सहित आसपास के इलाकों के अनेक किसान अब पारंपरिक खेती छोड़ उद्यानिकी फसलों (सब्जी और फल उत्पादन) की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। विभाग का मानना है कि ऐसी सफलताएं जिले में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होंगी।

प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने की जिले के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा

प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने की जिले के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा

स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, आवास, पेयजल, राशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा

किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्यपालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के दिए निर्देश

दिव्यांग एवं असहाय हितग्राहियों को घर पहुंच पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने कहा

रायपुर
जशपुर जिले के प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने  जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, पेयजल, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

प्रभारी सचिव ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का गंभीरतापूर्वक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सभी राजस्व प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन एवं अद्यतन रिकॉर्ड संधारण सुनिश्चित करने पर बल दिया।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत आवास निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों, निविदा प्रक्रिया एवं अपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा।

जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा जिन गांवों में भूजल स्तर कम है वहां पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक एवं स्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रभारी सचिव ने जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय चिकित्सालय, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के निर्माण एवं स्थापना संबंधी कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने खरीफ एवं रबी फसलों के रकबे, खाद-बीज की उपलब्धता तथा भंडारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों की आय में वृद्धि के लिए दलहन, तिलहन, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अपेक्स बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक एवं सहकारिता विभाग के समन्वय से किसानों को खेती, डेयरी, मत्स्यपालन एवं कृषि आधारित उद्यमों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि इच्छुक किसान बड़े स्तर पर उत्पादन एवं व्यवसाय का विस्तार कर सकें।

खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान राशन कार्डों के नवीनीकरण, नए राशन कार्डों की स्वीकृति तथा उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्नों के समय पर भंडारण एवं वितरण की स्थिति का जायजा लिया गया। शिक्षा विभाग से स्कूलों में पाठ्यपुस्तक एवं यूनिफॉर्म वितरण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से महतारी वंदन योजना, ई-केवाईसी, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।

प्रभारी सचिव ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे दिव्यांग, वृद्ध एवं असहाय हितग्राहियों की पहचान कर सूची तैयार की जाए, जो पेंशन प्राप्त करने के लिए बैंक तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे हितग्राहियों को बीसी सखी के माध्यम से घर पहुंच पेंशन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, चश्मा, बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता वाले हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में कुल 35 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 15 हजार 846 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 11 हजार 205 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष आवेदनों का भी प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिले में मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय अस्पताल, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय एवं क्रिटिकल केयर सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 1 लाख 12 हजार 618 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 93 हजार 506 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत मजदूरी भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जिले में 6 मॉडल अमृत सरोवर चयनित किए गए हैं। इसके अलावा आजीविका डबरी के 495, वाटर रिचार्ज के 461, पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार के 1,437 तथा सोक पिट निर्माण के 3,050 कार्य स्वीकृत एवं प्रगतिरत हैं।

समीक्षा बैठक में मनरेगा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, वन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पीएम जनमन योजना, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, मत्स्यपालन, पशुपालन, जल संसाधन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शिक्षा, समाज कल्याण, श्रम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेडा तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना सहित विभिन्न विभागों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

26/11 के अनसुने नायकों को सलाम : मुख्यमंत्री साय ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग में हुए शामिल

26/11 के अनसुने नायकों को सलाम : मुख्यमंत्री श्री साय  ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग में हुए शामिल

सेवा, साहस और समर्पण की कहानी है ‘भारत भाग्य विधाता’ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान सेवा और साहस का परिचय देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की अनकही कहानी को समर्पित है फिल्म

रायपुर 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के जोरा मॉल में आयोजित ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिजन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रख्यात अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत, फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया सहित फिल्म जगत से जुड़े कलाकार, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य का विषय है कि सुश्री कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्क्रीनिंग प्रदेश में आयोजित हो रही है और इस अवसर पर वे स्वयं यहां पधारी हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में सुश्री कंगना रनौत का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक ऐसी कहानी है, जो उन अनसुने और अनदेखे नायकों को सम्मान देती है, जिनके असाधारण योगदान को अक्सर पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि आज इस स्क्रीनिंग में सुश्री कंगना रनौत और उनकी टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की बहनों की उपस्थिति इस फिल्म की भावना को और अधिक सार्थक बनाती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की माटी के पुत्र हैं। उन्होंने यहां जन्म लिया, यहीं पले-बढ़े और लंबे समय तक मुंबई में रहकर इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित फिल्म की कहानी लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें अनेक लोगों की जान गई। उस कठिन समय में अस्पतालों में कार्यरत महिला नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जान बचाई और घायलों की सेवा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे अनेक योद्धा होते हैं, जिनकी कहानियां समाज के सामने नहीं आ पातीं। सुश्री कंगना रनौत ने स्वयं नर्स की भूमिका निभाकर उन स्वास्थ्यकर्मियों के साहस, सेवा और समर्पण की कहानी देश के सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे लोग होते हैं, जो बड़े कार्य कर जाते हैं, लेकिन उन्हें उचित पहचान नहीं मिल पाती। यह फिल्म ऐसे ही लोगों को समर्पित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भी अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस फिल्म को ‘भारत भाग्य विधाता’ नाम प्रदान किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से सुश्री कंगना रनौत, उनकी पूरी टीम और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मे हैं, यहीं पले-बढ़े हैं और इस प्रदेश के बेटे हैं। उन्होंने आग्रह किया था कि यदि फिल्म की स्क्रीनिंग छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाए तो यह उनके लिए गर्व का विषय होगा। सुश्री रनौत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों के बीच समय निकालकर इस आयोजन में शामिल होकर कलाकारों और पूरी टीम का सम्मान बढ़ाया है तथा सभी का उत्साहवर्धन किया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में आपातकालीन परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले ‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्री जागेश्वर कुमार धीवर, श्री नारायण सिंह नायक, श्रीमती भुनेश्वरी तिवारी, श्रीमती रोहिणी वर्मा, श्रीमती उर्मिला भगत, श्रीमती रोशनी, श्री विजय शंकर कश्यप, श्रीमती मीना सिंह, श्रीमती ममता कपूर, श्रीमती मीना शर्मा, श्रीमती जमुनाबाई, श्रीमती लक्ष्मी मेनन तथा श्रीमती विजया लक्ष्मी पिल्लई शामिल हैं।

इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत से जुड़े कलाकार तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर दिया जोर

प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर दिया जोर

किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने, राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और सुशासन तिहार के आवेदनों के शीघ्र समाधान के निर्देश

रायपुर, 
 वित्त मंत्री एवं सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री चौधरी ने शेष आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने तथा जनप्रतिनिधियों को स्वीकृत आवासों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अम्बिकापुर शहर में पेयजल एवं बिजली आपूर्ति की समस्याओं के त्वरित समाधान, सड़कों के निरीक्षण एवं आवश्यक मरम्मत तथा वर्षा ऋतु से पूर्व निर्माण कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण एवं भुगतान की स्थिति की जानकारी लेते हुए वृक्षों की अवैध कटाई रोकने और व्यापक वृक्षारोपण के निर्देश दिए। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जनहानि एवं फसल क्षति के मामलों में प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता राशि उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही ई-केवाईसी, महतारी वंदन योजना तथा पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों को अधिक से अधिक जोड़ने के निर्देश भी दिए।

मंत्री श्री चौधरी ने केंद्रीय विद्यालय, सैनिक स्कूल एवं नवोदय विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, प्रभारी मंत्री मद से शव वाहन स्वीकृत करने तथा कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन कम्पोजिट बिल्डिंग का गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुशासन तिहार के आवेदनों का समयबद्ध निराकरण करें

सुशासन तिहार की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री चौधरी ने शिविरों में प्राप्त आवेदनों के विभागवार वर्गीकरण, नियमित मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर नागरिकों को तत्काल राहत प्रदान की जाए।

राजस्व मामलों के निराकरण में लाएं तेजी

राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री चौधरी ने त्रुटि सुधार, सीमांकन, नामांतरण, नक्शा बटांकन, आधार सीडिंग, डिजिटल हस्ताक्षर, किसान किताब, जेंडर प्रविष्टि, कोटवारी भूमि एवं अतिक्रमण से संबंधित प्रकरणों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रुटि सुधार संबंधी मामलों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

किसानों को समय पर मिले खाद-बीज

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री चौधरी ने खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को किसानों, विशेषकर लघु एवं सीमांत किसानों, को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने, विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बेहतर समन्वय पर जोर

बैठक में मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सरगुजा के सर्वांगीण विकास के लिए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री प्रबोध मिंज, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सुशासन तिहार 2026ः पुवर्ती में घर-घर पहुंचीं सरकारी सेवाएं

सुशासन तिहार 2026ः  पुवर्ती में घर-घर पहुंचीं सरकारी सेवाएं

पूर्व के घोर नक्सल प्रभावित गांव में लगा सुशासन शिविर, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

रायपुर, 
 सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ और कभी नक्सल प्रभावित रहे ग्राम पुवर्ती में आयोजित सुशासन तिहार 2026 का शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बन गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत प्रशासन गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है।

मौके पर वितरित किए गए 100 से अधिक प्रमाण पत्र

           कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ तत्काल प्रदान किया गया। शिविर के दौरान 100 से अधिक महत्वपूर्ण दस्तावेज वितरित किए गए, जिनमें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, नवीन खाता, बी-1, खसरा, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं भी पहुंचीं गांव तक

         शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया।

समय और धन की बचत से खुश ग्रामीण

         वर्षों तक शासकीय दस्तावेजों और सेवाओं के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर लगाने वाले ग्रामीणों को अब गांव में ही सुविधाएं मिलने लगी हैं। इससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा सुशासन तिहार

         सुशासन तिहार केवल शासकीय सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इससे ग्रामीणों में अपनत्व और सहभागिता का माहौल बना।

शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वास

         ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार शासन उनके घर-आंगन तक पहुंचा है। दूरस्थ क्षेत्रों में आयोजित ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत कर रहे हैं तथा समावेशी विकास की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। इस अवसर पर तहसीलदार श्री योपेंद्र पात्रे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधिकारी फील्ड में दिखाएं ज्यादा सक्रियता : अरुण साव

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधिकारी फील्ड में दिखाएं ज्यादा सक्रियता : अरुण साव

उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों, शहरी व्यवस्थाओं, जल जीवन मिशन और खेल सुविधाओं की समीक्षा की

विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर

रायपुर. 
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने सुकमा जिले में विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुकमा जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में कहा कि प्रभावी कार्यशैली, नई तकनीकों के उपयोग और नियमित फील्ड मॉनिटरिंग से ही जनसमस्याओं का त्वरित समाधान संभव है।

उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली संभावित बाधाओं का पूर्व आकलन कर समय रहते उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा में उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने, ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पेयजल योजनाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल स्रोतों के क्लोरीनेशन, पानी टंकियों की साफ-सफाई और नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन-संधारण पर विशेष जोर दिया।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा के दौरान साव ने वर्षा ऋतु से पहले नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई पूर्ण करने, पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच तथा स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल संरक्षण और शहरी निकायों में नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देने को कहा।

उप मुख्यमंत्री ने  बैठक में अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय, जवाबदेही और टीम भावना के साथ कार्य करें तथा फील्ड में सक्रिय रहकर विकास कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करें। सुकमा के कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

उद्योग मंत्री ने किया 40 लाख रूपए के सड़क डामरीकरण कार्य का शुभारंभ

उद्योग मंत्री ने किया 40 लाख रूपए के सड़क डामरीकरण कार्य का शुभारंभ

ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत

रायपुर, 
 प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्रीलखनलाल देवंागन ने आज नगर कोरबा के दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 54 में 40 लाख रूपये की लागत से किये जाने वाले सड़क डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन व शुभारंभ किया। उन्होने कार्य का शुभारंभ करते हुये पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य संपादन करने एवं शीघ्र कार्य को पूरा किये जाने के निर्देश अधिकारियांे को दिये। 

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा लगातार किये जा रहे विकास कार्याे की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 54 में कुमगरी मुख्य चौक से पण्डाल होते हुये प्राथमिक शाला कुमगरी तक 40 लाख रूपये से सड़क डामरीकरण का कार्य किया जाना हैं। आज उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने उक्त महत्वपूर्ण विकास कार्य का भूमिपूजन किया, शिलान्यास पट्टिका का अनावरण व नारियल तोड़कर का कार्य शुभारंभ कराया। इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवंागन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, चन्द्रलोक सिंह, किशन केंवट आदि सहित अन्य लोग उपस्थित थे। 

ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत 

उद्योग मंत्री देवांगन ने इस मौके पर अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आशीर्वाद से विगत ढाई वर्ष के दौरान नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रंातर्गत विभिन्न मदों के अंतर्गत लगभग 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें अनेकों कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, अनेक प्रगति पर हैं तथा शेष कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होने जा रहे हैं। उन्होने वार्ड क्र. 54 में विकास कार्याे का उल्लेख करते हुये कहा कि इस वार्ड में 93 लाख रूपये के विकास कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, वहीं साढे़ 03 करोड़ रूपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। 

उद्योग मंत्री देवंागन ने अपने उद्बोधन में कहा कि निगम क्षेत्र में 15 करोड़ रूपये के सड़क डामरीकरण कार्य कराये जाने हैं, जैसे-जैसे डामर की उपलब्धता होती जायेगी, यह कार्य संपादित होंगे। उन्होेने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का तेजी से विकास हो रहा है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य की विभिन्न योजनाओं से प्रदेश व देश के करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होने कहा कि 15 वर्षाे तक डॉ. रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, उन्होने राज्य का ऐतिहासिक विकास किया तथा विकास पुरूष की छबि अर्जित की, अब पुनः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में विकास को तेज गति व सही दिशा दी जा रही है। 

उद्योग मंत्री ने जो वायदा किया था, वह पूरा किया 

इस अवसर पर वार्ड क्र. 54 के पार्षद मुकुंद सिंह कंवर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान उद्योग मंत्री लाखनलाल देवंागन इस बस्ती में आये हुये थे, यहॉं की सड़क अत्यंत जर्जर थी, उन्होने वायदा किया था कि इस सड़क का डामरीकरण व जीर्णाेद्धार का कार्य किया जायेगा, आज हम सब बस्तीवासियों के लिये अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि देवंागन ने अपना वह वायदा पूरा किया, और आज बस्ती की सड़क का डामरीकरण व जीर्णाेद्धार का कार्य शुरू हो चुका है। उन्होने कहा कि मेरे वार्ड में अन्य वार्डाे की तरह ही व्यापक रूप से विकास कार्य कराये गये हैं, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री लखनलाल देवंागन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत को धन्यवाद देता हूॅं।

भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान पार्षद नरेन्द्र देवंागन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, चन्द्रलोक सिंह, किशन केंवट, रतन सिंह कंवर, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, मण्डल अध्यक्ष मनोज लहरे, पूर्व मण्डल अध्यक्ष ईश्वर सिंह साहू व नारायण सिंह ठाकुर, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, अनिल यादव, जोन कमिश्नर लीलाधर पटेल, यशवंत जोगी, रितेश सिंह, चंदन दास, अजय कुर्रे, कृष्णा यादव, प्रकाश यादव, अभय कुर्रे, गणेश दास, अजय भट्ट, भागवत प्रसाद, रामप्रसाद केंवट, सरवन यादव, दुर्गा महंत, विक्की तिवारी, विक्रांत कुर्रे, सरस्वती केंवट, नगीना महंत, प्रीति पटेल, दुलारी श्रीवास, बहारन सिंह, बोधन दास, मीना आदित्य, आदि साथ अन्य लोग उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बस्तर में निर्माण कार्यों का निरीक्षण जारी

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बस्तर में निर्माण कार्यों का निरीक्षण जारी 

मिशन अमृत के तहत निर्माणाधीन इंटेक-वेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लिया जायजा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का काम भी देखा 

रायपुर. 
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के चौथे दिन आज सुकमा में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के तहत शबरी नदी पर निर्माणाधीन इंटेक-वेल के कार्यों को भी देखा। उन्होंने पानी टंकी और पाइपलाइन विस्तार के कार्यों को भी तेजी से पूर्ण करते हुए जनवरी-2027 से मिशन अमृत की इस योजना से सुकमा में जल की आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 के तहत नगर पालिका द्वारा 86 करोड़ की लागत से सुकमा शहर की पेयजल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसका 54 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सुकमा की आगामी 25 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका निर्माण किया जा रहा है। निर्माण और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करना है। काम में तेजी बरकरार रखते हुए नियत समय में इसे पूर्ण करना है। 

उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा सुकमा के कुम्हाररास में 11 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से दिसम्बर तक इसे पूर्ण करने को कहा।

करीब 10 एकड़ में बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक, इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, प्रशासनिक भवन, बॉक्स-क्रिकेट, स्वीमिंग-पूल जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके निर्माण से सुकमा की खेल प्रतिभाओं को अपने कौशल को निखारने एक सर्वसुविधायुक्त अधोसंरचना और सुविधाएं मिलेंगी। अब तक इसका 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।  तीनों कार्यों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अमित कुमार भी उप मुख्यमंत्री के साथ थे।

सकारात्मक सोच, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सकारात्मक सोच, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की विस्तृत समीक्षा

लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पीएम आवास निर्माण में तेजी और पीएम सूर्यघर योजना के विस्तार पर दिया विशेष जोर

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और स्वामित्व योजना पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास और पीएम सूर्यघर योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।

किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दें

मुख्यमंत्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा।

महिला सशक्तिकरण, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष फोकस

बिहान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों जिलों में इस कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, कुपोषित बच्चों की संख्या और सुपोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20 हजार 245 तथा बालोद जिले में 36 हजार 312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बरसात पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने टीबी मुक्त पंचायत अभियान, संस्थागत प्रसव तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने आवश्यक रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पेयजल, सड़क और डिजिटल सेवाओं की प्रगति की समीक्षा

जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 50 किलोमीटर कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मार्गों की भी समीक्षा की जो वर्षा ऋतु में आवागमन के लिए कठिन हो जाते हैं और उन्हें बारिश से पहले दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सेवा सेतु पोर्टल में और अधिक सेवाओं को जोड़ा जाएगा, जिससे ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और नागरिकों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी के निर्देश दिए।

शिक्षा की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर विशेष बल

मुख्यमंत्री ने पीएम स्कूलों तथा शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े प्रयासों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सतत निगरानी, नवाचार आधारित शिक्षण और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने पर बल दिया।

पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान नए तीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा सड़क सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी ली गई। समीक्षा में बताया गया कि बालोद जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि हेलमेट पहनने तथा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।

बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, खनिज राजस्व प्राप्ति, डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसी भावना के साथ सभी अधिकारियों को कार्य करना होगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, दुर्ग संभाग के कमिश्नर एस.एन. राठौर, दुर्ग एवं राजनांदगांव रेंज के आईजी, बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।

बड़वाह-ओंकारेश्वर-खेड़ीघाट को मिलाकर बनेगा विकास प्राधिकरण, सिंहस्थ समिति का बड़ा फैसला

भोपाल 

प्रदेश में सिंहस्थ 2028 के लिए बनाई गई मंत्रिमंडलीय समिति ने ओंकारेश्वर में बड़वाह, ओंकारेश्वर और खेड़ी घाट क्षेत्र को मिलाकर नया विकास प्राधिकरण गठित करने को मंजूरी दे दी है। इससे खंडवा और खरगोन जिले के विकास कार्यों में तेजी आएगी। इसके साथ ही समिति ने ओंकारेश्वर में हेलीपैड और अस्पताल बनाने को भी स्वीकृति दी है। यह निर्माण कार्य किसी भी तरह की आपदा के दौरान सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह निर्णय आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सिंहस्थ 2028 के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की छठवीं बैठक में लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में सिंहस्थ के लिए 17 नए कार्यों को स्वीकृति दी गई। इनमें उज्जैन सहित ओंकारेश्वर के कार्य भी शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में बड़ा अस्पताल बनाने और हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह निर्माण आपदा के स्थिति में विशेष रूप से सहायक होंगे।

विकास प्राधिकरण को मंजूरी
मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वाह, ओंकारेश्वर, खेड़ी घाट क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों के लिए अलग से प्राधिकरण गठित किया जाए। इससे खंडवा- खरगोन जिलों में होने वाले कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और विकास गतिविधियां समय से पूर्ण करने में मदद मिलेगी।

वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में शिप्रा नदी के साथ विकसित हो रहे घाटों का निर्माण चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। घाटों तक आने-जाने के मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का निर्माण भी साथ-साथ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि शिप्रा नदी पर बन रहे घाटों के पास मौजूद आश्रमों तथा गुरुकुलों को घाटों के प्रबंधन से जोड़ा जाए। इससे आश्रम और गुरुकुलों को मदद मिलेगी और सिंहस्थ के बाद भी घाटों का लंबे समय तक उपयोग हो सकेगा।

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