आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शर्मा’

रायपुर

’आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री  शर्मा’

मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के वनांचल क्षेत्र पानाबरस में आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं जनजातीय संस्कृति सुरक्षा अभियान के अंतर्गत महासभा का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री  विजय शर्मा तथा राजनांदगांव लोकसभा सांसद  संतोष पांडे शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के मांझी, गायता, ग्राम पटेल, ग्राम प्रमुख एवं समाज प्रमुख शामिल हुए।
         
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। सभा में जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति एवं पूर्वजों की आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई

         
महासभा में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आदिवासी समाज के मांझी, गायता एवं ग्राम प्रमुखों के साथ सीधा संवाद करते हुए उनकी परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएं और देवस्थल हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित देवगुडि़यों, आस्था स्थलों एवं पूर्वजों की स्मृतियों से जुड़े स्थलों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थलों तक पहुंच मार्ग, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि आने वाली पीढि़यां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।
            
उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, बोली, रीति-रिवाज और परंपराओं से जोड़कर रखने में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजनांदगांव लोकसभा सांसद  संतोष पांडे ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक आस्था स्थलों का संरक्षण समाज की अस्मिता से जुड़ा विषय है। 
     
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है।  कार्यक्रम में समाज प्रमुखों द्वारा आदिवासी संस्कृति एवं आस्था स्थलों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती नम्रता सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  भोजेश शाह मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के विभिन्न समाज प्रमुख एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 4 सेवानिवृत्त़ कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई

भोपाल 

​पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं से माह मई में सेवानिवृत्त 4 कर्मचारियों को पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने शुक्रवार को भावभीनी विदाई दी। पुलिस महानिदेशक ने सभी को पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके विभिन्न स्वत्व (क्लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस मुख्यालय से लगातार अनुभवी एवं समर्पित अधिकारी-कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिनके साथ कार्य करने का उन्हें अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में कार्य करना केवल नौकरी नहीं बल्कि चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है, जहां देर रात तक एवं अवकाश के दिनों में भी कर्तव्यों का निर्वहन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आने वाली युवा पीढ़ी को भी इसी ऊर्जा, अनुशासन एवं जिम्मेदारी की भावना के साथ कार्य करना होगा, ताकि विभाग की गौरवशाली परंपरा निरंतर बनी रहे।

नवीन पुलिस मुख्यालय भवन कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित विदाई समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, उप पुलिस महानिरीक्षक किरणलता केरकट्टा एवं अन्य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे।

पुलिस मुख्यालय से सेवानिवृत्त मानसेवी उप पुलिस अधीक्षक अजाक सुनीता सिंह कुशवाह, मानसेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा मोहन लाल मेहरा, कार्यवाहक आंकिक/सूबेदार (एम) केन्द्रीय आवक जावक मुकेश मिश्रा एवं कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक विशेष शाखा दिनेश कुमार सक्सेना को पुलिस मुख्यालय परिवार ने शुक्रवार को भावभीनी विदाई दी।

सहायक पुलिस महानिरीक्षक इरमीन शाह ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कार्यकाल की जानकारी दी। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।

 

मध्य प्रदेश में गर्मी से मिली राहत, प्री-मानसून ने दी दस्तक

 भोपाल

तप रहे मध्य प्रदेश को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है। प्रदेश में प्री-मानसून ने दस्तक दे दी है। शुक्रवार को दिन के औसत तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से ग्वालियर का तापमान 34.5 और दतिया का 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस कम रहा। जबकि छतरपुर के खजुराहो का तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस और नौगांव का 38.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा।

हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडा रहा ग्वालियर

बीते 24 घंटों में हुई बारिश के कारण ग्वालियर का तापमान हिल स्टेशन पचमढ़ी के 37.4 डिग्री सेल्सियस से भी कम रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान ग्वालियर, दतिया, खजुराहो, नौगांव और बालाघाट जिले के मलाजखंड सहित कई इलाकों में बारिश हुई, जबकि छतरपुर, पन्ना, रीवा, सीधी और भिंड सहित कई जिलों में धूलभरी आंधी चली।

इस दौरान नरसिंहपुर और रायसेन 43 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहे, जबकि शेष जिलों में पारा इससे कम रहा। छिंदवाड़ा का न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। यहां गर्म रात रही।

मौसम वैज्ञानिकों का आकलन

मौसम केंद्र के अनुसार राजस्थान से लेकर मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए ओडिशा तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। इसके प्रभाव से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों में इजाफा हुआ है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में तेज हवाओं, बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

ऑरेंज अलर्ट: मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
    
येलो अलर्ट: भोपाल, रायसेन, सीहोर, इंदौर, धार, उज्जैन, रतलाम, गुना, शिवपुरी, मुरैना, रीवा, शहडोल और बालाघाट सहित कई जिलों में 40-50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। वहीं विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, जबलपुर और सागर जैसे क्षेत्रों में आंधी के साथ-साथ हल्की ऊष्ण लहर (लू) का प्रभाव भी बना रह सकता है।

आंधी-बारिश का कहर: भिंड और छतरपुर में छह मौतें

तेज आंधी और बारिश के चलते गुरुवार रात हादसों में भिंड और छतरपुर में तीन-तीन लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल हो गए। कई घंटों तक बिजली सप्लाई बाधित रही। भिंड में गोहद के सर्वा गांव में कृषि उपज मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष के बेटे जितेंद्र सिंह तोमर की दीवार गिरने से मौत हो गई। चार बच्चे घायल हो गए।
खरगोन में भीषण तपिश से पेड़ से गिरकर मरे बगुले

खरगोन के कसरावद में तीव्र लू का प्रभाव रहा। कई स्थानों पर बगुले मर कर पेड़ से नीचे गिर गए। इसका चित्र सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

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प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान

प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान

शहर (City)

अधिकतम तापमान (°C)

न्यूनतम तापमान (°C)

भोपाल

40.6

29.9

इंदौर

39.4

26.4

ग्वालियर

34.5

24.4

जबलपुर

40.1

27.4

नोटतापमान डिग्री सेल्सियस में

 

प्लांट डॉक्टर किसानों के लिए एआई आधारित स्मार्ट समाधान

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों की आय वृद्धि, कृषि में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि में एआई, ड्रोन, सेंसर आधारित तकनीक और डिजिटल समाधानों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसी क्रम में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के एम.टेक. छात्र  आर्यन चंद्रा द्वारा विकसित “प्लांट डॉक्टर” नामक एआई आधारित स्मार्ट डिवाइस किसानों के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान के रूप में सामने आया है।

किसानों को फसल रोगों की त्वरित पहचान एवं उपचार संबंधी सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से  चंद्रा ने लगभग 10 माह के शोध एवं परिश्रम के बाद “प्लांट डॉक्टर” नामक पोर्टेबल स्टैंड अलोन एआई डिवाइस विकसित की है। यह नवाचार किसानों को खेत स्तर पर ही रोगों की पहचान, उपचार के सुझाव तथा वैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने में सहायक है।

56 प्रकार के फसल रोगों की पहचान में सक्षम

यह डिवाइस 10 प्रमुख फसलों में होने वाली 56 प्रकार की बीमारियों की पहचान करने में सक्षम है। इसकी विशेषता यह है कि इसे संचालित करने के लिए किसी विशेष तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है। डिवाइस का उपयोग बेहद सरल है। किसान पहले संबंधित फसल का चयन करता है, इसके बाद प्रभावित पत्तियों अथवा पौधे का चित्र डिवाइस में लगे कैमरे से लिया जाता है। कुछ ही सेकंड में डिवाइस एआई आधारित विश्लेषण कर रोग की पहचान के साथ उपचार एवं दवा संबंधी सुझाव उपलब्ध करा देती है।

ऑफलाइन उपयोग और कम लागत की विशेषता

ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और नेटवर्क की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए “प्लांट डॉक्टर” को पूरी तरह ऑफलाइन मोड पर विकसित किया गया है, जिससे खेतों में बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी के भी इसका प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। लगभग 8 हजार 500 रुपये की अनुमानित लागत वाला यह डिवाइस कम खर्च में फसल रोगों की त्वरित पहचान एवं उपचार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराती है। कम लागत और आसान उपयोग के कारण इसका उपयोग सामुदायिक स्तर, कृषक उत्पादक संगठनों और कृषि विस्तार गतिविधियों में भी किया जा सकता है।

99 प्रतिशत तक सटीक परिणाम

“प्लांट डॉक्टर” विभिन्न फसलों में 88 से 99 प्रतिशत तक सटीक परिणाम उपलब्ध कराता है। उच्च स्तर की सटीकता के कारण यह डिवाइस किसानों को फसल रोगों की त्वरित एवं विश्वसनीय पहचान में सहायता प्रदान कर सकता है, जिससे उपचार के लिये निर्णय अधिक प्रभावी ढंग से लिए जा सकेंगे।

स्मार्ट खेती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

“प्लांट डॉक्टर” कृषि क्षेत्र में नवाचार और एआई के उपयोग का प्रभावी उदाहरण है। यह तकनीक किसानों को खेत स्तर पर ही रोगों की पहचान और उपचार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक होगी। ऐसे नवाचार कृषि को आधुनिक बनाने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के प्रयासों को नई गति प्रदान कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में एआई आधारित तकनीकों का विस्तार भविष्य की स्मार्ट खेती की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

भोपाल में आइसक्रीम फैक्ट्रियों पर छापेमारी, गंदगी और मिलावट मिलने पर नोटिस जारी

भोपाल

भीषण गर्मी के चलते आइसक्रीम की मांग बढ़ने के साथ-साथ मिलावट की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए कसाटा स्लाइस, पिस्ता टब सहित अन्य आइसक्रीम के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। जिनकी रिपोर्ट आने के बाद मिलावट का खुलासा हो सकेगा।
विभिन्न प्रतिष्ठानों से नामी ब्रांड्स के नमूने जब्त

जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग के दो दिवसीय अभियान के तहत शुक्रवार को संभागीय उड़नदस्ता (भोपाल-नर्मदापुरम संभाग) की टीम ने शहर के प्रमुख होलसेलर्स, रिटेलर्स और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से नामी ब्रांड्स की आइसक्रीम के नमूने जब्त किए हैं।

इन जगहों पर टीम ने दी दबिश

जिनमें जेके रोड, मिनाल रेसीडेंसी स्थित महाकाल इंटरप्राइजेज से हैट्सन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड (तमिलनाडु) द्वारा निर्मित “फ्लेवर्ड आइसक्रीम कसाटा स्लाइस” और “फ्लेवर्ड आइसक्रीम पिस्ता टब” के नमूने लिए हैं। जबकि कटारा हिल्स स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड से मशहूर “अमूल आइसक्रीम”, लहारपुर सनी इंटरप्राइजेज से “क्वालिटी वाल्स” की आइसक्रीम के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।

 

वो पैंट उतारकर सामने खड़ा था, हैरेसमेंट की घटना याद कर छलका एक्ट्रेस आमना का दर्द

मुंबई 

शोबिज की दुनिया हो या आम जिंदगी- लड़कियों को अक्सर गंदी नजरों और मनचलों का सामना करना पड़ा है. टीवी एक्ट्रेस आमना शरीफ भी यंग ऐज में इस तरह की हरकतों का सामना कर चुकी हैं।आमना ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि उस दौरान वो समझ नहीं पाती थीं कि क्या हो रहा है. वो छोटी थीं तो डर जाती थीं. ये सभी इंसीडेंट्स मुंबई के ही हैं। 

आमना ने हॉटरफ्लाई से बातचीत में उस दौर को याद करते हुए कहा कि- मैं अपने मैथ्स के ट्यूशन के लिए गई थी. उनके साथ बाकी लड़कियां भी थीं। आमना ने कहा- तो जब हम सब जब ट्यूशन से बाहर निकलीं तो एक आदमी अपनी पैंट उतारे सामने खड़ा था।       

आमना ने बताया कि वो सभी डर के मारे कांपने लगे थे. वो बोलीं- हम सिर्फ लड़कियां थीं, डर के मारे हम सर के पास भागे. एक्ट्रेस ने बताया कि ऐसी चीजें होती रहती थीं। एक और इंसीडेंट याद करते हुए वो बोलीं- एक बार किसी ने मुझे बहुत गंदे तरीके से टच करने की भी कोशिश की थी. ऐसा बस और ट्रेन- दोनों में हो चुका है।     

  आमना ने बताया कि वो बहुत यंग थीं तब, एक बार तो इस तरह का इंसीडेंट तब हुआ था जब वो अपनी आंटी के साथ थीं. ऐसे वक्त में आप रियलाइज नहीं कर पाते कि क्या हुआ। आमना ने बताया कि अब एक मां होने के नाते ये बहुत डरा देने वाला होता है. मैं सोचती हूं कभी-कभी कि मैं इतनी ओवर-प्रोटेक्टिव क्यों हूं कभी-कभी, तो ये इंसीडेंट्स की वजह से। क्योंकि ऐसे हादसे आपके जहन में हमेशा रहते हैं. आपके मन में डर बना रहता है. भले ही अब मुझे समझ है, लेकिन बचपन में नहीं थी. तो मैं हमेशा अपने बच्चे को प्रोटेक्ट करना चाहती हूं। 

LIC शेयर में एक दिन में 50% गिरावट! निवेशकों में मची हलचल, जानिए वजह

मुंबई 
 ग्लोबल टेंशन की वजह से एक बार फिर से भारतीय शेयर बाजार बिकवाली मोड में आ गया है। इस माहौल के बीच शुक्रवार को भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयर में अचानक 50% तक की गिरावट देखी गई। बुधवार को एलआईसी के शेयर 830 रुपये पर बंद हुए थे तो शुक्रवार को कीमत 410 रुपये के स्तर पर थी। वहीं, गुरुवार को बकरीद की वजह से बाजार में ट्रेडिंग नहीं हुई थी। अब सवाल है कि एलआईसी के शेयर में आखिर एक ही दिन में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई है। आइए इसका भी गणित समझ लेते हैं।

बोनस शेयर की वजह से दिखी गिरावट
दरअसल, सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी के 1:1 बोनस इश्यू एडजस्ट होने की वजह से यह शेयर अब पहले के मुकाबले 50 पर्सेंट से ज्यादा सस्ता हो गया है। बता दें कि अप्रैल के महीने में LIC ने एक प्लान को मंजूरी दी थी, जिसके तहत रिकॉर्ड डेट तक हर योग्य शेयरहोल्डर के पास मौजूद 10 रुपये के हर पूरी तरह से पेड-अप इक्विटी शेयर के बदले, 10 रुपये का एक और पूरी तरह से पेड-अप इक्विटी शेयर जारी किया जाएगा। कंपनी ने बताया था कि वह 31 दिसंबर, 2025 तक उपलब्ध अपने रिजर्व और सरप्लस (जो लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये था) में से 6,325 करोड़ रुपये तक की पूंजी का इस्तेमाल करके बोनस शेयर जारी करेगी।

कंपनी ने अपने 1:1 बोनस इश्यू के लिए 29 मई (शुक्रवार) को रिकॉर्ड डेट तय की थी। बता दें कि यह LIC का अपने 21 लाख से ज्यादा शेयरहोल्डर्स के लिए पहला बोनस इश्यू है। मई 2022 में शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद से इस सरकारी बीमा कंपनी ने अब तक 5 अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है।

कौन है बोनस शेयर के लिए योग्य?
सिर्फ वही शेयरहोल्डर बोनस शेयर पाने के योग्य होंगे, जिनके डीमैट अकाउंट में शुक्रवार तक LIC के शेयर मौजूद होंगे। सेबी के T+1 सेटलमेंट नियम के कारण, निवेशकों को कंपनी के शेयर रिकॉर्ड डेट से कम से कम एक ट्रेडिंग दिन पहले खरीदने होंगे ताकि यह पक्का हो सके कि उस तारीख तक शेयर उनके डीमैट अकाउंट में जमा हो जाएं और इस तरह वे कॉर्पोरेट एक्शन के लिए योग्य हो सकें। बता दें कि 28 मई (गुरुवार) को बकरी ईद के कारण बाजार बंद थे। ऐसे में LIC के शेयर खरीदने की असल में आखिरी तारीख 27 मई (बुधवार) थी।

बोनस इश्यू क्या होता है?
बोनस इश्यू में कंपनी अपने रिजर्व में से फ्री शेयर बांटती है। इसे आमतौर पर कंपनी की मजबूत वित्तीय सेहत और विकास की संभावनाओं का संकेत माना जाता है। बोनस शेयर जारी करने से कुल बकाया शेयरों की संख्या तो बढ़ जाती है लेकिन इससे कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कोई बदलाव नहीं आता है। इससे शेयरों की लिक्विडिटी और खरीदने की क्षमता बेहतर हो सकती है।

विभिन्न वार्डो में 01 करोड़ 80 लाख रू. के विकास कार्यो का हुआ भूमिपूजन एवं लोकार्पण

रायपुर

नगर पालिक निगम केारबा के 09 वार्डो में आज 01 करोड़ 80 लाख रूपये के विभिन्न विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया, प्रदेश के उद्योग, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम व आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में इन विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण सम्पन्न हुआ। 

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 07 अंतर्गत गायत्री स्कूल से आलू गोदाम तक 07 लाख 95 हजार रूपये की लागत से पेवर ब्लाक बिछाने का कार्य, वार्ड क्र. 07 सिंधी मोहल्ला से शारदा गुप्ता घर के सामने 05 लाख रूपये की लागत से मंच निर्माण, वार्ड क्र. 06 अंतर्गत प्रायमरी स्कूल सीतामणी में 01 लाख 86 हजार रूपये की लागत से बालिका शौचालय का निर्माण, वार्ड क्र. 08 मोतीसागरपारा सीतामणी पवन टेंट के पास गोकुलगंज तक 20 लाख रूपये की लागत से सड़क डामरीकरण कार्य, वार्ड क्र. 01 अंतर्गत बालक मिडिल स्कूल कोरबा में 08 लाख 07 हजार रूपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, वार्ड क्र. 05  इंदिरा नगर में 15 लाख रूपये की लागत से सतनामी समाज के सामुदायिक भवन का निर्माण, वार्ड क्र. 14 अमरैयापारा स्वास्थ्य केन्द्र में 07 लाख रूपये की लागत से शौचालय एवं अतिरिक्त सुविधा का कार्य, वार्ड क्र.02 मिशन रोड कोरबा कलचुरी भवन के समीप 25 लाख रूपये की लागत से डोम एवं सामुदायिक भवन निर्माण तथा वार्ड क्र.01 कोरबा जोन अंतर्गत पेट्रोल पम्प के पास 19 लाख 56 हजार रूपये की लागत से ओव्हरब्रिज सौदंर्यीकरण का कार्य कराया जाना हैं, आज इन सभी कार्यो का भूमिपूजन उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा किया गया। इसी प्रकार वार्ड क्र. 14 अमरैयापारा राधाकृष्ण मंदिर के समीप निगम द्वारा निर्मित भवन के ऊपर तल में 10 लाख रूपये की लागत से आर.सी.सी. छत व अन्य विस्तार का कार्य किया गया है, वहीं वार्ड क्र. 06 रानी गेट दशहरा मैदान में स्थित सामुदायिक मंच के पास 04 लाख रूपये की लागत से किचन शेड एवं शौचालय का निर्माण कराया गया है। इसी प्रकार वार्ड क्र.10 अंतर्गत रापाखर्रा बस्ती में 06 लाख रूपये की लागत से मंच का निर्माण, वार्ड क्र. 10 इमलीडुग्गू केबिन के पास 05 लाख रूपये की लागत से मंच का निर्माण तथा वार्ड क्र. 09 सीतामणी में 37 लाख 24 हजार रूपये की लागत से भवन का डिस्मेंटल व नवीन भवन का निर्माण कार्य कराया गया है, जिसका लोकार्पण आज उद्योग मंत्री देवांगन एवं महापौरमती राजपूत के हाथों किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये उद्योग मंत्री लखनलाल देवंागन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य का तेजी विकास हो रहा है, जहाॅं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के लगभग ढाई साल के इस कार्यकाल में 1000 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत किये गये हैं, उन्होने कहा कि कोरबा के विकास के लिये फण्ड की कोई कमी नहीं हो रही है तथा करोड़ों रूपये के विकास कार्य लगभग हर वार्ड में हो रहे हैं। उद्योग मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान हमारी सरकार ने जो वायदें किये थे, उन सभी वायदों को व मोदी की गारंटी को पूरा किया गया हैं, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से समाज के सभी वर्ग के लोगों को लाभान्वित कराया जा रहा है, उद्योग मंत्री देवांगन ने कोरबा के विकास की चर्चा करते हुये कहा कि महापौरमती संजूदेवी राजपूत लगातार सक्रियता के साथ कार्य कर रही हैं, लोगों की समस्याएं सुन रही है,ं उनका निराकरण करा रही हैं, तो दूसरी ओर लगातार विकास कार्य भी निगम क्षेत्र में हो रहे हैं। इस अवसर पर महापौरमती संजूदेवी राजपूत ने अपने  उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किये गये अपने हर वायदें को पूरा कर रही हैं, प्रदेश की 70 लाख बहनों को प्रतिमाह 01 हजार रूपये दिया जा रहा है तथा जो-जो घोषणाएं की गई थी, वे सभी पूरी की जा रही हैं। उन्होने कहा कि विगत 10-11 वर्ष पूर्व से कोरबा विकास में पिछड़ गया था, किन्तु अब निगम क्षेत्र में विकास को तेज गति व सही दिशा मिली हैं, उद्योग मंत्री देवांगन कोरबा के विकास के लिये लगातार कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत की अगुवाई में नगर पालिक निगम कोरबा के सभी 67 वार्डो में बिना किसी भेदभाव के तेजी के साथ विकास कार्य हो रहे है, जिसके लिये मैं उन्हें धन्यवाद देता हूॅं, उन्होने कहा कि वास्तव में कोरबा में व्यापक पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं तथा लोगों की समस्याएं तेजी के साथ दूर हो रही है। वही पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि पहले 05-05 लाख रूपये के विकास कार्य स्वीकृत कराने हेतु लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती थी, किन्तु अब करोड़ों रूपये के विकास कार्य बड़ी सरलता के साथ स्वीकृत हो रहे हैं। उद्योग मंत्री देवांगन ने चुनाव के समय जो विकास कार्य संबंधी वायदे किये थे, वे आज सब पूरे हो रहे हैं।

    कार्यक्रम के दौरान  पार्षद नरेन्द्र देवंागन, राधा महंत, उपेन्द्र पटेल, रूबीदेवी सागर, युगल कैवर्त, टामेश अग्रवाल, ईश्वर पटेल, प्रभा टीकम राठौर, धनश्री साहू, सरोज शांडिल्य, मुकुंद सिंह कंवर, रामशंकर साहू, पूर्व पार्षद सुफल दास महंत, मण्डल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, वैभव शर्मा, नरेन्द्र पाटनवार, जोन कमिश्नर नीरज कौशिक, सहायक अभियंता पीयूष राजपूत, विनोद नेताम, आकाशवास्तव, लक्ष्य चतुर्वेदी, अनिल यादव, मनोज सिंह राजपूत, आत्माराम गंर्धव, सुशीला सिंह, सुरेन्द्र राजवाडे़, मनीष जायसवाल, राजेन्द्र जायसवाल, राहुल कुमार, सुकेश दलाल, टीकम राठौर, विनोद यादव, अनिल यादव, जे.पी.कौशिक, मनमोहन कौशिक, मोनू आदिले, कुलदीप यादव, बजरंग यादव आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

गांव-गांव पहुंच रही सुशासन की योजनाएं – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

रायपुर

गांव-गांव पहुंच रही सुशासन की योजनाएं – उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के कवर्धा विकासखंड के ग्राम जेवड़नखुर्द तथा बोड़ला विकासखंड के ग्राम मिनमीनिया में आयोजित सुशासन तिहार में ग्रामीणों के बीच पहुंचे एवं आमजनों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच सादगी और आत्मीयता के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने शिविर में दिव्यांगजनों की मांग पर त्वरित रूप से ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नए आवास की चाबी भी सौंपी तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत अनेक हितग्राहियों को लाभान्वित किया।
          
इस दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार में शासन की योजनाएं अब गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि बरपेलाटोला से सिंघनपुरी तक 2.5 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण, मुख्य सड़क पोड़ी से उसलापुर नहर होते हुए बोधईकुंडा तक 4.5 करोड़ रुपए की सड़क, चरडोंगरी – कोठार मार्ग से सारंगपुरखुर्द नहर पार तक 2.6 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण तथा सूरजपुर से मोहगांव तक 3.58 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य किया जाएगा।
 
गांवों तक पहुंची प्रधानमंत्री आवास, शिविर में मिल रही निःशुल्क दस्तावेज सुविधा
           
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लंबे समय तक आंदोलन चलाया गया था और  सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक के पहले ही प्रस्ताव में प्रधानमंत्री आवास योजना को शामिल किया गया और पहली कैबिनेट में ही 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने बताया कि ग्राम मिनमीनिया में 21 गांवों और ग्राम जेवड़नखुर्द में 15 गांवों के लिए शिविर आयोजित किया गया है और सभी गांवों में आवास की भी स्वीकृति की जा चुकी है। 
         
उन्होंने बताया कि नए हितग्राहियों को भी जोड़ने के लिए नया सर्वे भी कराया गया है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए बताया कि सुशासन तिहार शिविर में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका जैसी आवश्यक दस्तावेज निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे है।

अटल डिजिटल सेवा केंद्र, स्मार्ट क्लास, महतारी सदन और मिनी स्टेडियम से गांवों में बढ़ रहीं सुविधाएं
          
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के अनेक गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण अपने गांव में ही विभिन्न योजनाओं की राशि निकाल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 27 किस्तों में 27 हजार रुपए महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं, जिनकी राशि अब ग्रामीण अपने गांव में ही निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है, जहां डिजिटल माध्यम और 3डी एनिमेशन से बच्चों को पढ़ाई कराई जा रही है।  दिव्यांगजनों को गतिशील बनाने के लिए स्कूटी प्रदान की जा रही है। महिलाओं की बैठकों के लिए महतारी सदन और युवाओं में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है।

सिंचाई परियोजना से किसानों को मिलेगा लाभ
          
उप मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 8.10 करोड़ रुपए की लागत से छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं संबद्ध माइनर नहरों के सीसी लाइनिंग कार्य का भूमिपूजन कर निर्माण शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने पर 1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला सहित 6 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा छिरपानी नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा भी की गई है। इसके साथ ही भोरमदेव फीडर, दियाबार जलाशय, नेवारी और कोठार जलाशय में करोड़ों रुपए की लागत से नहर विस्तार और उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना एजेंसी, अधिकारियों और हम सभी की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों से उन्होंने स्वयं निगरानी रखने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तत्काल देने की अपील की।

उप मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
        
उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सुशासन तिहार शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में शामिल होकर दिया शुभाशीष
          
सुशासन तिहार शिविर के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने शिशुओं को अन्नप्राशन कराकर उन्हें शुभाशीष प्रदान किया तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई।
          
इस दौरान पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य  भगत पटेल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत  कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट,  विजय पटेल,  मनीराम साहू,  लोकचंद साहू,  नितेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

 

राज्य स्तरीय डिजिटल इंडिया परामर्श कार्यशाला संपन्न

​रायपुर       

छत्तीसगढ़ में नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं में विश्वसनीयता और डेटा गवर्नेंस को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) एवं भारत सरकार के नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय डिजिटल इंडिया परामर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न शासकीय विभागों को ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023’ के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी अनुपालन को लेकर कड़े व स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।

​नागरिकों की डेटा सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता:  मयंक अग्रवाल     

कार्यशाला को संबोधित करते हुए CHiPS के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO)  मयंक अग्रवाल ने राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना शासन की मुख्य प्राथमिकता है।
​”DPDP अधिनियम केवल एक विधिक या कानूनी प्रावधान नहीं है, बल्कि यह शासन व्यवस्था में ‘Privacy by Design’ (डिजाइन में ही गोपनीयता) एवं ‘Citizen-Centric Data Governance’ (नागरिक-केंद्रित डेटा गवर्नेंस) की दिशा में एक क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण परिवर्तन है।   ​

अग्रवाल ने राज्य की तकनीकी प्रगति साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सेवा सेतु’ प्लेटफॉर्म का डिजिलॉकर, उमंग और माय स्कीम (My Scheme) जैसे राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ सफलतापूर्वक एकीकरण (Integration) किया जा चुका है। इसके जरिए नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्र और सरकारी सेवाएँ डिजिटल रूप से आसानी से मिल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि आगामी चरण में सभी विभागों को “Digital-by-Default” दृष्टिकोण अपनाना होगा, ताकि अधिक से अधिक सेवाओं को राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) से जोड़ा जा सके।

​पारदर्शिता, जवाबदेही और साइबर सुरक्षा को मिलेगा बल:  सुनील जैन
     
​नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD), नई दिल्ली के संचालक  सुनील जैन ने कार्यशाला में विभागीय दायित्वों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि DPDP अधिनियम, 2023 सभी सरकारी संस्थाओं के लिए डेटा प्रबंधन की नई और सख्त जवाबदेहियों को परिभाषित करता है। इस अधिनियम के कड़ाई से अनुपालन से न केवल विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी, बल्कि राज्य की साइबर सुरक्षा प्रणाली को भी अभूतपूर्व बल मिलेगा।

​साइबर खतरों से निपटने के लिए ‘डेटा न्यूनतमकरण’ जरूरी
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राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक  पी. रामाराव ने डिजिटल युग में डेटा की सुरक्षा को लेकर विभागों को सचेत किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारियां आजकल साइबर अपराधियों के मुख्य निशाने पर होती हैं। इससे बचने के लिए उन्होंने सभी विभागों को डेटा न्यूनतमकरण (Data Minimization), लॉग मॉनिटरिंग तथा नियमित अंतराल पर सुरक्षा समीक्षा (Security Audit) अपनाने की महती सलाह दी।

​राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने दी तकनीकी प्रस्तुतियाँ
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कार्यशाला के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। NeGD के  नितीश कालरा ने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, डेटा फिड्यूशियरी (Data Fiduciary) की भूमिका, सहमति प्रबंधन (Consent Management) और नागरिक शिकायत निवारण तंत्र पर प्रस्तुति दी। चिप्स के  आशीष जायसवाल और NeGD के  विशाल विरमानी ने डिजिलॉकर के साथ विभागों के एकीकरण, सुरक्षित दस्तावेज़ साझाकरण और डिजिटल प्रमाण-पत्रों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। ​सु कीर्ति गुप्ता एवं  महेश कुमार ने उमंग और माय स्कीम प्लेटफॉर्म के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक नागरिक सेवाओं की पहुँच बढ़ाने की रणनीतियों को साझा किया।

​30, 60 और 90 दिनों का बनेगा एक्शन प्लान
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कार्यशाला के समापन पर CHiPS के संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अनुपम आशीष टोप्पो ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने घोषणा की कि इस कार्यशाला से प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर सभी विभागों के लिए 30, 60 और 90 दिनों की एक चरणबद्ध विभागीय कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की जाएगी। इस योजना के माध्यम से राज्य में DPDP अधिनियम का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं के विस्तार को गति दी जाएगी।      ​

इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में CHiPS सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के 180 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में डेटा संरक्षण, डिजिटल गवर्नेंस और राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के एकीकरण से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर गहन मंथन किया गया।

 

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