ट्विशा शर्मा केस में बड़ा एक्शन, सास गिरिबाला सिंह को CBI ने किया गिरफ्तार

भोपाल
 ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है।छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद सीबीआई की टीम ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। वहां उनका मेडिकल करवाया जाएगा। इसके सीबीआई कोर्ट में उनकी पेशी होगी।

पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
दरअसल, एमपी हाईकोर्ट ने देर रात उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद सुबह साढ़े 10 बजे के करीर सीबीआई की टीम उनके घर में प्रवेश की थी। उसके बाद से लगातार उनसे पूछताछ चल रही थी। पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने अपने खराब स्वास्थ्य का भी हवाला दिया था। इस दौरान गिरिबाला सिंह के वकीलों ने डॉक्टरों के पर्चे भी प्रस्तुत किए।

बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती
गिरिबाला सिंह पूछताछ के दौरान घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती थी। उनसे तमाम सवाल सीबीआई ने पूछे हैं जो ट्विशा के केस से संबंधित हैं। सीबीआई के अधिकारियों के साथ-साथ घर में एसआईटी की टीम भी मौजूद है। इसके साथ ही सीबीआई की तकनीकी टीम भी घर में मौजूद है।

एजेंसी घर का पूरा वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन कर रही है
इससे पहले CBI ने कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा शर्मा के अंतिम घंटों को फिर से रचने के लिए ‘टनल व्यू’ जांच पद्धति का इस्तेमाल किया. जांच एजेंसी घर का पूरा वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन कर रही है, ताकि ट्विशा के आखिरी समय की हर गतिविधि को समझा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि कौन कब घर में आया या गया. इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और इंटरनेट रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। 

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने रद्द की थी जमानत याचिका
CBI ने इस सप्ताह की शुरुआत में मध्यप्रदेश पुलिस से  ट्विशा मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है. पेशे से वकील समर्थ सिंह इसके बाद से फिलहाल सीबीआई की हिरासत में हैं.  इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को उनकी बहू ट्विशा शर्मा की दहेज मृत्यु के मामले में दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी. बुधवार को जारी आदेश में निचली अदालत द्वारा 15 मई के आदेश के जरिए दी गई राहत को रद्द कर दिया गया था. अदालत ने यह टिप्पणी की कि जमानत देते समय केस डायरी और गवाहों के बयानों से जुड़े अहम तथ्यों पर ठीक से विचार नहीं किया गया था। 

ट्विशा शर्मा केस की टाइमलाइन

    ट्विशा शर्मा ने 12 मई को ससुराल में दी थी जान
    13 मई को परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या हुई
    गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर एफआईआर की मांग को लेकर परिजनों ने किया प्रदर्शन
    इसके बाद परिजनों ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की
    भोपाल कोर्ट से याचिका हो गई खारिज
    परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर सीएम से मुलाकात की
    दोबारा पोस्टमार्टम के लिए परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई
    हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम के आदेश दिए
    सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी
    दिल्ली एम्स की टीम ने ट्विशा शर्मा के शव का किया पोस्टमार्टम
    सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले में संज्ञान लिया
    इसके बाद ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने सरेंडर किया
    सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की
    हाईकोर्ट से गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज

समर्थ सिंह को भी लेकर पहुंची थी सीबीआई
दरअसल, गिरिबाला सिंह पूछताछ से पहले सीबीआई की टीम समर्थ सिंह को भी लेकर घर पहुंची थी। बताया जाता है कि गिरिबाला और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई थी। कोर्ट में पेशी के बाद गिरिबाला सिंह को सीबीआई रिमांड पर ले सकती है।

उठ रहे हैं कई सवाल
वहीं, ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर कई सवाल हैं। इसमें सबसे अहम सवाल उसकी मौत की टाइमिंग को लेकर है। पुलिस की डायरी में मौत की टाइमिंग कुछ और है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में कुछ और टाइम दर्ज है। ऐसे में तमाम तकनीकी साक्ष्यों की जांच को इकट्ठा कर रही है। एसआईटी ने भी अभी तक की जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। इसके बाद सीबीआई अपने तरीके से जांच कर रही है।

ट्विशा शर्मा मौत मामला: अब तक की बड़ी बातें 

  •     12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा मृत पाई गईं थी.
  •     शुरुआती जांच में मौत का कारण फांसी बताया गया, लेकिन परिवार ने साजिश और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया.
  •     पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और क्रूरता की धाराओं में मामला दर्ज हुआ.
  •     मामले की गंभीरता और विवाद के बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई. 
  •     सीबीआई ने भोपाल पहुंचकर केस दोबारा दर्ज किया और सभी दस्तावेज, डिजिटल सबूत व फोरेंसिक रिपोर्ट अपने कब्जे में ली
  •     एजेंसी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे घर की जांच और क्राइम सीन को समझने की प्रक्रिया शुरू की
  •     जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल सबूत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं
  •     सुप्रीम कोर्ट ने मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई को केस सौंपा
  •     सीबीआई ने पति और सास से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए और जांच को आगे बढ़ाया।
  •     ताजा कार्रवाई में सीबीआई ने सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जिससे मामले में जांच तेज हो गई है

जस्टिस देव नारायण मिश्रा ने भोपाल की एक सत्र अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया. उन्होंने यह टिप्पणी की कि निचली अदालत केस डायरी, गवाहों की गवाही और व्हाट्सअप बातचीत जैसे अहम सबूतों की ठीक से जांच करने में नाकाम रही। 

हाई कोर्ट ने मामले की समीक्षा करने के बाद पाया कि इस आदेश में गंभीर कमियां थीं. बेंच ने यह भी पाया कि ट्रायल कोर्ट ने केस डायरी में दर्ज गवाहों की अहम गवाही और दस्तावेजी सबूतों को नजरअंदाज कर दिया था, जो सिंह की कथित संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे थे। 

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं. शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध नजरन आने पर परिवार ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना, दहेज की मांग और लगातार उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद भोपाल पुलिस ने 15 मई को दहेज मृत्यु और क्रूरता से जुड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। 

23 साल के बेटे की मां मलाइका अरोड़ा ने ट्रोलर्स को दिया जवाब, बोलीं- अब सीमाएं तय करना सीख लिया है

मुंबई 

मलाइका अरोड़ा बॉलीवुड की डीवा हैं. लोग उनके आइटम सॉन्ग्स के दीवाने आज भी हैं. मलाइका की पर्सनल लाइफ भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रहती है. सलमान के भाई अरबाज खान संग तलाक के बाद उनकी डेटिंग की खूब चर्चा होती है. मलाइका ने अर्जुन कपूर को लंबे वक्त तक डेट किया. फिर दोनों का ब्रेकअप हुआ और अब उनकी बिजनेसमैन हर्ष मेहता संग रिश्ते की खबरें सामने आती हैं। 

मलाइका अरोड़ा और हर्ष मेहता कई बार एक साथ नजर आ चुके हैं. कुछ दिन पहले बिजनेसमैन को एक्ट्रेस की मां के घर जाते हुए भी देखा गया था. ऐसे में मलाइका को अपने से छोटी उम्र के लड़के को डेट करने के लिए सोशल मीडिया पर लोगों की नफरत का सामना करना पड़ता है. लोग उन्हें एक बेटे की मां और 52 साल की उम्र के बावजूद प्यार करने पर ट्रोल करते हैं। 

मलाइका को होता है ट्रोलिंग से दुख?

हाल ही में मलाइका ने HT को दिए इंटरव्यू में अपनी सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर खुलकर बात की. एक्ट्रेस बताती हैं कि उन्होंने इंटरनेट की दुनिया में अपने इर्द-गिर्द एक ऐसी बाउंड्री बना ली है, जिससे उन्हें किसी चीज से कोई फर्क नहीं पड़ता है. मलाइका कहती हैं- मैं अपनी इस अंदर वाली खुशी को इस तरह प्रोटेक्ट करती हूं कि मुझे याद रहता है — इंटरनेट बहुत शोर मचाता है, लेकिन वो हमेशा सही या समझदार नहीं होता. दोनों में फर्क है. इन सालों में मैंने सीखा है कि अगर आप अपनी शांति लगातार लोगों की राय को सौंपते रहेंगे, तो कभी अपने अंदर सुकून नहीं पाएंगे. मैंने एक बाउंड्री बनानी सीख ली है। 

‘अब मैं सब कुछ नहीं पढ़ती जो मेरे बारे में कहा जाता है. हर राय को अपने अंदर तक नहीं ले जाती. मैं असली जिंदगी, अपने काम, अपनी फैमिली, अपनी डेली लाइफ और उन चीजों पर भरोसा करती हूं, जो मुझे सच में खुशी और ताकत देती हैं. यही मुझे जमीन से जोड़े रखता है. और सच कहूं तो उम्र के साथ नजरिया बदल जाता है। 

डेटिंग लाइफ पर क्या बोलीं मलाइका?
मलाइका ने अंत में ट्रोलिंग से जूझने पर कहा- आप हर छोटी-छोटी आवाज पर रिएक्ट करना छोड़ देते हो. समझ आ जाता है कि ट्रोलिंग अक्सर उस इंसान के बारे में ज्यादा बताती है जो उसे बोल रहा है, ना कि जिसे वो सुना जा रहा है. आज मेरी खुशी इस बात से आती है कि मैं खुद को अच्छे से जानती हूं और उसी में टिकी हुई हूं. ये मेरी खुशी है. ये पर्सनल है, ये सुरक्षित है, और ये किसी के पब्लिक डिबेट के लिए नहीं है। 

शिक्षा, संगठन और संस्कार से ही समाज की प्रगति संभव: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

शिक्षा, संगठन और संस्कार से ही समाज की प्रगति संभव: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

​जांजगीर-चांपा के कापन और बलौदा में सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए वित्त मंत्री

​अघरिया और स्वर्णकार समाज के सामुदायिक भवनों का लोकार्पण

​10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित

​रायपुर
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी आज जांजगीर-चाम्पा जिले के कापन और नगर पंचायत बलौदा में आयोजित सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कापन में अखिल भारतीय अघरिया समाज के क्षेत्रीय सभा सह सामुदायिक भवन का उद्घाटन किया। वहीं, बलौदा के जंगलवा डबरी में स्वर्णकार समाज के ‘स्वर्ण मंडपम’ सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया।

​शिक्षा और संस्कारों से सशक्त बनेगी नई पीढ़ी

        कापन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “शिक्षा समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा, संस्कार और अवसर उपलब्ध कराकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।” ​उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकजुटता, सकारात्मक सोच और सामुदायिक भावना को मजबूत करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

एकजुटता ही समाज की वास्तविक शक्ति

         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि अघरिया समाज शिक्षा, कृषि और सामाजिक विकास के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है। किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता में ही निहित होती है। वहीं, पूर्व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े ने कहा कि यह नवनिर्मित भवन सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक सशक्त मंच साबित होगा।

​बलौदा में ‘स्वर्ण मंडपम’ का लोकार्पण
  
         नगर पंचायत बलौदा में आयोजित स्वर्ण मंडपम सामुदायिक भवन के लोकार्पण समारोह में वित्त मंत्री ने स्वर्णकार समाज द्वारा सामाजिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

ईरान का बड़ा दावा- मार गिराया अमेरिकी जेट, उधर गाजा पर कब्जे की तैयारी में इजरायली सेना

तेहरान 

पश्चिम एशिया में हालात ऐसे हैं कि एक हाथ में बंदूक है और दूसरे में शांति समझौते का ड्राफ्ट. ईरान ने अमेरिकी जेट गिराने का दावा किया है. इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में गुरुवार को ईरान ने चार जहाजों पर चेतावनी फायरिंग करने का दावा किया, जबकि कुछ घंटे बाद ही अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के संघर्षविराम विस्तार को लेकर शुरुआती समझौते की खबर सामने आ गई. इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों में जल्द शांति हो सकती है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने कहा कि चार जहाज बिना पूर्व इजाजत और समन्वय के होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे थे. इसी वजह से चेतावनी फायरिंग की गईं. IRGC के मुताबिक, इसी ‘फायर एक्सचेंज’ की वजह से धमाकों की आवाजें सुनी गईं. वहीं ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि दक्षिणी हिस्से से कुछ ‘निर्धारित लक्ष्यों’ पर मिसाइलें दागी गईं. हालांकि इन लक्ष्यों की पहचान नहीं बताई गई.

अमेरिका-ईरान डील पर बड़ा अपडेट

तनाव के बीच अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान 60 दिन तक संघर्षविराम बढ़ाने और युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत शुरू करने पर एक शुरुआती MoU तक पहुंच गए हैं. हालांकि यह समझौता अभी अंतिम नहीं है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी का इंतजार कर रहा है.
ईरान ने किया इनकार

इसी बीच ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने अमेरिकी दावों पर सवाल उठाए हैं. वार्ता से जुड़े एक सूत्र के हवाले से एजेंसी ने कहा, ‘अगर समझौता वास्तव में अंतिम रूप ले चुका है तो ईरान खुद इसकी जानकारी पाकिस्तानी मध्यस्थ और अपने लोगों को देगा. उससे पहले पश्चिमी स्रोतों की कोई भी कहानी मान्य नहीं है.’
ईरान का अमेरिकी जेट गिराने का दावा

इस बीच ईरान ने एक बड़ा दावा किया है. ईरान ने कहा कि गुरुवार की बुशेहर प्रांस में एयर डिफेंस ने उसके हवाई क्षेत्र में घुसे एक विमान को मार गिराया. हालांकि अमेरिका का इस दावे पर कुछ और ही कहना है. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों पर तुरंत रिएक्शन दिया है. कमांड ने कगा कहा कि उसका कोई भी फाइटर जेट नहीं गिरा है.

 भारत के लिए राहत, तेल लेकर आ रहा टैंकर होर्मुज पार कर निकला

 भारत के लिए पेट्रोलियम लेकर आ रहा एक बड़ा तेल टैंकर सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और अब विशाखापत्तनम की ओर बढ़ रहा है. समुद्री ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर ‘निसोस केरोस’ 21 मई को शारजाह से रवाना हुआ था और शुक्रवार सुबह भारत के पश्चिमी तट के पास उत्तरी अरब सागर में देखा गया. रिपोर्ट के अनुसार, यह टैंकर 3 जून को विशाखापत्तनम पहुंच सकता है. ऐसे समय में इसकी सुरक्षित आवाजाही को अहम माना जा रहा है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है और दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल और गैस सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है. इस बीच ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में IRGC नौसेना ने औपचारिक समन्वय के बाद 23 वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी.

 अमेरिका में आज रुबियो-डार की अहम मुलाकात

 अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो आज वॉशिंगटन डीसी में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से मुलाकात करेंगे. अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, यह बैठक स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे (14:00 GMT) शुरू होगी. यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ रही हैं. पाकिस्तान पिछले कई हफ्तों से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. हाल के दिनों में पाकिस्तान के कई वरिष्ठ अधिकारी ईरान का दौरा भी कर चुके हैं और दोनों पक्षों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.

 न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी ने युद्ध पर उठाए सवाल, बोले- अब इसे खत्म होना चाहिए

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर Zohran Mamdani ने ईरान के खिलाफ जारी युद्ध की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि यह संघर्ष अब खत्म होना चाहिए. सोशल मीडिया पर जारी बयान में ममदानी ने कहा कि तीन महीने पहले शुरू हुए इस युद्ध के लिए जनता ने कोई वोट नहीं दिया था, लेकिन इसकी कीमत आम लोगों को चुकानी पड़ रही है. ममदानी ने कहा, ‘हजारों नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं और 13 अमेरिकी सैनिक कभी अपने परिवारों के पास नहीं लौट पाएंगे.’ उन्होंने आरोप लगाया कि इस युद्ध का आर्थिक बोझ भी आम लोगों पर पड़ा है. उनके मुताबिक, अमेरिका में पेट्रोल और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे कामकाजी परिवारों के बजट पर दबाव बढ़ा है.

 भारत के लिए नेतन्याहू का बड़ा बयान, बोले- यहां मेरे सबसे ज्यादा फॉलोअर्स

 इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत की खुलकर तारीफ करते हुए कहा है कि दुनिया के कई हिस्सों में आलोचना झेल रहे इजरायल को भारत में जबरदस्त समर्थन मिलता है. वेस्ट बैंक में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में हमें वैधता पर सवालों का सामना करना पड़ता है, लेकिन भारत में नहीं. नेतन्याहू ने कहा कि भारत में इजरायल के प्रति लोगों का प्यार बिलकुल पागलपन की हद तक है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, मुझे लगता है कि भारत से मेरे फॉलोअर्स दुनिया के किसी भी दूसरे देश से ज्यादा हैं.

 समझौते की उम्मीद से तेल हुआ सस्ता, लेकिन पूरी राहत नहीं

 अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाने को लेकर चल रही बातचीत के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है. बाजार को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच किसी समझौते का रास्ता निकल सकता है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी चिंता कम होगी. हालांकि गिरावट सीमित रही, क्योंकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोनों पक्ष समझौते के करीब जरूर पहुंचे हैं, लेकिन अभी अंतिम डील नहीं हुई है. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड जुलाई डिलीवरी के लिए 35 सेंट यानी 0.37 फीसदी गिरकर 93.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं WTI क्रूड 63 सेंट यानी 0.71 फीसदी टूटकर 88.27 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. अगस्त डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड भी 46 सेंट यानी 0.50 फीसदी गिरकर 92.24 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा. बाजार की नजर अब अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले चरण और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर बनी हुई है.

 

‘पुष्पा’ स्टाइल में भारत पहुंचनी थी अरबों की ड्रग्स, 196 दिन तक 7 देशों में घूमता रहा जहाज

अहमदाबाद 
अहमदाबाद से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. गुजरात एटीएस के अधिकारियों ने भारत की अब तक की सबसे बड़ी समुद्री ड्रग्स की जब्ती की है. जहाज में रखी यह ड्रग्स 7 देशों में घूम आई लेकिन किसी भी जगह इसकी भनक तक नहीं लगी. जैसे ही यह भारतीय बंदरगाह पर पहुंची तो अधिकारियों ने इसे अपने कब्जे में ले लिया। 

गुजरात एटीएस के अधिकारियों ने इस जहाज से 1150 करोड़ रुपये की कोकेन जब्त की है. बताया जा रहा है कि यह अभी तक की सबसे ज्यादा कीमत की ड्रग्स है. इससे पहले इतनी बड़ी मात्रा में डग्स बरामद नहीं की गई है। 

सबसे खास बात है कि इस कोकेन की तस्करी दक्षिण भारतीय फिल्म ‘पुष्पा’ स्टाइल में की जा रही थी. यही वजह थी कि इंजन रूम में कोकेन रखकर यह जहाज 196 दिनों तक समुद्र की यात्रा करता रहा. इस दौरान यह मालवाहक जहाज 7 देशों के 23 बंदरगाहों पर ठहरा या वहां से गुजरा लेकिन कहीं भी यह पकड़ा नहीं गया। 

एमवी यूरोप नाम का यह जहाज सबसे पहले ब्राजील से शुरू हुआ और अपनी समुद्री यात्रा में अर्जेंटीना, उरुग्वे, पनामा, बहामा, डोमिनिकन रिपब्लिक और अमेरिका तक गया. वहां से यह भारत के मुंद्रा बंदरगाह की तरफ बढ़ने लगा। 

गुजरात एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि इतने देशों में घूमने के बाद भी कभी भी किसी सुरक्षा एजेंसी को इस ड्रग की भनक तक नहीं लगी। 

आखिरकार जब यह जहाज मुंद्रा पहुंचा, तो भारतीय अधिकारियों ने इसे पकड़ लिया। 

एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस शिप से ड्रग्स की सप्लाई की जानकारी पिछले साल मई में ही मिल गई थी. यह वह समय था जब ये ड्रग्स पैक किए जा रहे थे. एटीएस तभी से इसे ट्रैक कर रहे थे. शिपिंग रिकॉर्ड के अनुसार, जहाज का पहला रुकाव ब्राजील के साओ विकेंटे बंदरगाह पर 11 नवंबर 2025 को हुआ। 

उसके बाद जहाज ब्राजील, अर्जेंटीना और उरुग्वे होते हुए पनामा नहर पार किया. फिर बहामा, डोमिनिकन रिपब्लिक और अमेरिका के पूर्वी तट के कई बंदरगाहों पर गया. जहाज कुछ बंदरगाहों पर बार-बार रुका, कुल 40 बार रुकाव दर्ज हुए। 

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक एक वरिष्ठ एटीएस अधिकारी ने कहा, “हमें समझ नहीं आ रहा कि ब्राजील से निकली ये कोकीन महीनों तक जहाज के इंजन रूम में छुपी रही. जहाज कई देशों से गुजरा, फिर भी कोई नहीं पकड़ पाया। 

आखिर में जहाज दक्षिण एशिया की ओर मुड़ा. 19 मई को मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पर पहुंचा, 22 मई को पाकिस्तान के पोर्ट कासिम गया और 26 मई को मुंद्रा पहुंचा। 

मुंद्रा में जहाज दो दिन तक रुका रहा. यहां प्लान के अनुसार दूसरा जहाज आने वाला था, जिसे ड्रग ट्रांसफर होना था लेकिन कोस्ट गार्ड और एटीएस की निगरानी के कारण यह प्लान फेल हो गया. जैसे ही कोस्ट गार्ड की टीम जहाज के पास पहुंची तो क्रू मेंबर्स ने कोकीन भरे बैग समुद्र में फेंक दिए. समुद्र में से 5 बैग बरामद हुए, जिनमें 115 पैकेट कोकीन थी। 

एटीएस ने बताया कि कोकीन को आउटर एंकरेज में एक छोटी नाव पर उतारना था. अधिकारी मानते हैं कि पूरा माल भारत में ही नहीं रखना था. संभव है कि भारत सिर्फ डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट हो सकता था। 

महाराष्ट्र में जहरीली शराब का कहर! 15 लोगों की मौत, कई जिंदगी और मौत के बीच

 पुणे 
महाराष्‍ट्र में चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में जहरीली शराब पीने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्‍य की हालत गंभीर बताई जा रही है. पिंपरी-चिंचवाड़ के दापोडी और फुगेवाड़ी इलाके में आठ लोगों ने दम तोड़ा, जबकि पुणे के काले पड़ल इलाके में तीन और हडपसर इलाके में दो लोगों की मौत हुई. घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है और प्रभावित इलाकों में जांच तेज कर दी गई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जहरीली शराब आरोपी योगेश वानखेडे ने तैयार की थी, जो कथित तौर पर अवैध शराब कारोबार से जुड़ा हुआ है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। 

जानकारी के अनुसार, यह जहरीली और स्पिरिट युक्त शराब योगेश वानखेडे नाम के व्यक्ति ने तैयार की थी. इस शराब को पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ के अलग-अलग इलाकों में बेची गई थी. दापोडी, फुगेवाड़ी, हडपसर और काले पड़ल इलाके में लोगों ने यह शराब पी. कुछ समय बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और मुंह से झाग निकलने लगा. इसके कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई. इलाज के लिए ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया. योगेश वानखेडे एक अवैध शराब विक्रेता बताया जा रहा है. उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। 

पुलिस का अलग राग
फुगेवाड़ी इलाके में अवैध हाथभट्टी और देसी शराब के अड्डे धड़ल्ले से चलने के कारण स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है और दबी जुबान में चर्चा है कि ये मौतें जहरीली शराब के कारण हुई हैं, लेकिन दापोडी पुलिस ने इसे अफवाह बताया है. शुरुआती जांच के बाद दावा किया है कि ये सभी मौतें अलग-अलग और स्वतंत्र कारणों से हुई हैं। 

पुलिस की नजर में मौत की वजह क्‍या?
पुलिस के अनुसार, पांडुरंग फुगे (57) की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है. विजय राठौड़ (31) और राजेंद्र राठौड़ (34) दो सगे भाइयों की मौत दिल का दौरा पड़ने से होने की आशंका है. राजेंद्र राजपूत (51) की मौत बाथरूम में चक्कर खाकर गिरने की वजह से हुई. अकबर पठान (52) पिछले 15 वर्षों से अत्यधिक शराब पीने के आदी थे। 

15 महीने बाद भी नहीं आया Ultraviolette Tesseract, अब 2027 तक करना होगा इंतजार

  नई दिल्ली

15 महीने पहले अल्ट्रावायलेट (Ultraviolette) ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर टेसेरैक्ट (Tesseract) को लॉन्च किया था. इस स्कूटर की लॉन्चिंग के वक्त कंपनी ने बताया था कि इसकी डिलीवरी 2026 की पहली तिमाही में शुरू होगी. बाद में इस तारीख को आगे बढ़ाकर 2026 की दूसरी तिमाही कर दिया गया।

हालांकि, अब कंपनी ने एक बार फिर अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर अल्ट्रावायलेट टेसेरैक्ट की उपलब्धता की तारीख को आगे बढ़ा दिया है. ये उन लोगों के लिए किसी झटके से कम नहीं है, जो इस स्कूटर को बुक कर डिलीवरी का इंतजार कर रहे हैं. अब कंपनी ने इस स्कूटर की नई तारीख 2027 की पहली तिमाही रख दी है

कितनी है कीमत?
अल्ट्रावायलेट टेसेरैक्ट को कंपनी ने मार्च 2025 में लॉन्च किया था. उस वक्त कंपनी ने इसकी इंट्रोडक्टरी कीमत 1.2 लाख रुपये एक्स शोरूम रखी थी. एक साल से ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बाद भी ये स्कूटर लोगों तक पहुंच नहीं पाया है. इसकी वजह स्कूटर का डिजाइन है।

अल्ट्रावायलेट अपने पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर को बेहतर बनाने के लिए उसमें कई बदलाव कर रही है. लॉन्चिंग के बाद कंपनी इस स्कूटर लोगों के फीडबैक के लिए कई शहरों में लेकर गई. उसके बाद कंपनी ने इसमें बदलाव करने शुरू किए है, जिससे स्कूटर को सभी के लिए एक बेहतर प्रोडक्ट के तौर पर पेश किया जा सके।

मिलेंगे दमदार फीचर्स
कंपनी ने बताया है कि स्कूटर ज्यादा यूजर फ्रेंडली और प्रैक्टिकल होगा. अल्ट्रावायलेट का कहना है कि जनवरी 2027 में जब इसकी डिलीवरी शुरू होगी, तो लोगों को एक बेहतर प्रोडक्ट मिलेगा. रिवाइज्ड अल्ट्रावायलेट टेसेरैक्ट 100V आर्किटेक्चर के साथ आएगा. ये इस फीचर के साथ आने वाला भारत पर पहला स्कूटर होगा।

इस स्कूटर में 15kW का मोटर मिलेगा, जो 20.11 बीएचपी की पावर प्रदान करेगा. स्कूटर 6kWh तक की बैटरी के साथ आएगा, जो 261 किलोमीटर तक की रेंज सिंगल चार्ज में देगा. कंपनी की मानें तो ये स्कूटर 125Km प्रति घंटे की टॉप स्पीड पर दौड़ सकेगा. इसमें 30 लीटर का बूट स्पेस और 7-इंच का टचस्क्रीन इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलेगा।

राज्यसभा चुनाव में बढ़ेगा सियासी रोमांच, क्रॉस वोटिंग हुई तो कई सीटों पर फंस सकता है खेल

नई दिल्ली

राज्यसभा की 24 सीटों के चुनाव में संख्याबल के बावजूद विपक्षी दलों में अपने उम्मीदवार की जीत का भरोसा पैदा नहीं हो पा रहा है। पिछले कई मौकों पर बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग ने भाजपा विरोधी खेमे को कई बड़े झटके दिए हैं। इस बार भी मध्य प्रदेश, झारखंड एवं कर्नाटक में काग्रेस और उसके सहयोदी दलों को क्रॉस वोटिंग की चिंता सता रही है।

झारखंड की 2 सीटों पर चुनाव
झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो और उसकी सहयोगी कांग्रेस के पास खाली हो रही दोनों सीट जीतने के लिए पर्याप्त नंबर हैं, लेकिन भाजपा के द्वारा चुनाव लड़ने की तैयारी से समीकरण गड़बड़ा सकते हैं। झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में दो राज्यसभा सीटों के चुनाव में एक सीट की जीत के लिए 28 वोट चाहिए। झामुमो के नेतृत्व वाली INDIA गठबंधन की सरकार के पास 56 विधायक हैं। यानी दोनों सीटें जीती जा सकती हैं।

भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास 24 विधायक हैं। यानी चार सीटों की क्रॉस वोटिंग से तो मामला पलट ही सकता है, एक दो वोट इधर उघर होने पर दूसरी वरीयता से दूसरी सीट का फैसला होगा।

कर्नाटक में रोचक हुआ चुनाव
कर्नाटक में कांग्रेस में सरकार के भीतर खींचतान जारी है। ऐसे में, वहां की चार सीटों का चुनाव रोचक है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के पास 135 व भाजपा-जदएस के पास 85 विधायक हैं। एक सीट के लिए 45 वोट की जरूरत है। इसमें कांग्रेस तीन एवं भाजपा के एक सीट जीतने के आंकड़े हैं, लेकिन भाजपा दूसरी सीट के लिए उतरती है तो उसे बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग करानी पड़ेगी या फिर मामला दूसरी वरीयता के वोटों पर जा सकता है।

मध्य प्रदेश में चाहिए 58 वोट
मध्य प्रदेश में तीन सीटों के चुनाव में एक सीट के लिए 58 वोट की जरूरत है। भाजपा के पास दो सीट जीतने के बाद भी 48 वोट अतिरिक्त हैं। यानी उसे एक और सीट जीतने के लिए दस और वोटों का जुगाड़ करना होगा। कांग्रेस के पास 62 वोट हैं। यानी आसानी से एक सीट आ सकती है, लेकिन अगर भाजपा एक ज्यादा उम्मीदवार उतारती है तो क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ जाएगा।

गौरतलब है कि इस बार कांग्रेस से दिग्विजय सिंह की सीट खाली हो रही है। वह फिर से लड़ते हैं तो भाजपा दांव खेल सकती है। पिछली बार दिग्विजय सिंह के चलते हुए राज्यसभा सीट के विवाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ दी थी। सिंधिया अब भाजपा में हैं। भाजपा यहां पर बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है।

इन राज्यों में चुनाव
18 जून को होने वाले चुनाव में आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीट, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीट, झारखंड की दो सीट तथा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम की एक-एक सीट शामिल हैं। महाराष्ट्र और तमिलनाडु से राज्यसभा की एक-एक सीट के लिए उपचुनाव भी होगा।

जिन 26 सीटों के लिए चुनाव और उपचुनाव हो रहा है उनमें एनडीए के पास 18 सीटें हैं और इनमें भी 12 सीटें भाजपा की हैं। इसके अलावा चार सीटें कांग्रेस, तीन वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और एक झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास हैं। भाजपा की खाली होने वाली सीटों में गुजरात से तीन, कर्नाटक, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान से दो-दो और अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और मणिपुर से एक-एक सीट शामिल हैं।

पीएम सूर्य घर योजना में 39 हजार 975 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 311 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

पीएम सूर्य घर योजना में 39 हजार 975 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 311 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

योजना में तीन किलोवॉट के सौर संयंत्र लगाने पर मिल रही 78 हजार की सब्सिडी

भोपाल

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत आने 16 जिलों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब तक कुल 39 हजार 975 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इनके खातों में 311 करोड़ 64 लाख से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं।

पीएम सूर्य घर योजना में एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवॉट सोलर संयंत्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।

कहां करें आवेदन

पीएम सूर्य घर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in अथवा उपाय ऐप, वॉट्स ऐप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

कंपनी से प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है।

 

तरबूज से मौत की खबरों का असर, खरीदार गायब; कई शहरों में दाम 30% तक गिरे

भोपाल

गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में शामिल तरबूज इस बार डर की वजह से बाजार में मार झेल रहा है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में तरबूज खाने के बाद कथित मौतों की खबरें सामने आने के बाद लोगों ने इसे खरीदना कम कर दिया है, जिसका सीधा असर बिक्री और कीमतों पर पड़ा है।

बाजार में मांग घटी, कीमतों में बड़ी गिरावट
इन घटनाओं और सोशल मीडिया पर फैली खबरों के बाद भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में तरबूज की मांग तेजी से घट गई है। थोक और खुदरा दोनों बाजारों में बिक्री कम होने से किसानों और छोटे फल विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई जगहों पर दाम 20 से 30 प्रतिशत तक नीचे आ गए हैं। पहले जो तरबूज 18–20 रुपए किलो बिक रहा था, वह अब 12–13 रुपए किलो तक पहुंच गया है, जबकि थोक में कीमत 7–8 रुपए किलो तक गिर गई है।

संदिग्ध मामलों से बढ़ी चिंता
मुंबई के पायधुनी इलाके में अप्रैल के अंत में एक परिवार की मौत के बाद मामला चर्चा में आया, जहां खाने के बाद अचानक सभी की तबीयत बिगड़ गई थी। बाद में फोरेंसिक रिपोर्ट में तरबूज में जिंक फॉस्फाइड जैसे जहरीले रसायन के संकेत मिलने की बात सामने आई, हालांकि जांच अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के श्योपुर में भी इसी तरह का मामला सामने आया, जहां तरबूज खाने के बाद दो लोगों की मौत हो गई थी और सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

मंडियों में माल, लेकिन ग्राहक गायब
भोपाल की करोंद फल मंडी में रोजाना 15 से 20 मिनी ट्रक तरबूज पहुंच रहा है। थोक व्यापारी मोहम्मद सैफुद्दीन का कहना है कि पिछले 15-20 दिनों में बिक्री पर बड़ा असर पड़ा है। उन्होंने बताया, ‘पहले 25-30 क्विंटल तरबूज वाली गाड़ी सुबह तक खाली हो जाती थी, लेकिन अब दोपहर तक भी मुश्किल से बिकती है। मजबूरी में दाम घटाने पड़ रहे हैं। अगर ये खबरें नहीं आतीं तो इतनी गर्मी में बिक्री दोगुनी होती और भाव 25-30 रुपए किलो तक पहुंच जाते।’

इंदौर में भी स्थिति अलग नहीं है। फार्मिंग इन्फ्लूएंसर नीलेश पाटीदार के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल खबरों ने पूरे बाजार को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले तरबूज के दाम सामान्य स्थिति में 17-18 रुपए किलो तक जाते, लेकिन अभी 10-12 रुपए से ऊपर नहीं पहुंच पा रहे।

सबसे ज्यादा मार छोटे विक्रेताओं पर
फुटपाथ पर फल बेचने वाले छोटे व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। भोपाल के अशोका गार्डन में ठेला लगाने वाले राजू बताते हैं कि गर्मी के मौसम में तरबूज ही उनकी कमाई का सबसे बड़ा सहारा होता है, लेकिन इस बार बिक्री आधी रह गई है।

राजू कहते हैं, ‘वीडियो और खबरें वायरल होने के बाद लोग खरीदने से डर रहे हैं। जो ग्राहक आते भी हैं, वे पूछते हैं कि इसमें कुछ मिलाया तो नहीं गया।’

किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा
खंडवा जिले के किसान अजय सिंह गुर्जर ने बताया कि इस बार मौसम अच्छा होने से उत्पादन बढ़िया हुआ और किसानों को अच्छी कमाई की उम्मीद थी। लेकिन अचानक मांग घटने से हालात बिगड़ गए।

उन्होंने कहा, ‘मंडी में दाम इतने गिर गए कि लागत निकालना मुश्किल हो गया। कई व्यापारी खेत से माल उठाने ही नहीं पहुंचे। कई जगह 5-6 रुपए किलो तक भाव आ गए। मजबूरी में फसल खेतों में ही खराब हो गई।’

खरीदारों में डर, बदल रही आदतें
भोपाल में पढ़ाई कर रहे एक छात्र के अनुसार, ऐसी खबरों के बाद लोग तरबूज खरीदने से बच रहे हैं या फिर बहुत सावधानी से चुनकर खरीद रहे हैं। कई ग्राहक अब इसकी जगह अन्य फलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे बाजार में मांग और भी कम हो गई है।

मंडियों में माल ज्यादा, ग्राहक कम
भोपाल की करोंद फल मंडी में रोजाना कई ट्रक तरबूज पहुंच रहे हैं, लेकिन बिक्री धीमी पड़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि पहले पूरा माल सुबह तक बिक जाता था, लेकिन अब दिनभर में भी पूरा स्टॉक खत्म नहीं हो रहा। मजबूरी में दाम घटाने पड़ रहे हैं। इंदौर में भी स्थिति लगभग ऐसी ही है, जहां अच्छे क्वालिटी के तरबूज भी सामान्य कीमत से काफी कम दाम पर बिक रहे हैं।

फूड सेफ्टी विभाग अलर्ट
मामले सामने आने के बाद भोपाल, जबलपुर समेत कई शहरों में फूड सेफ्टी विभाग ने जांच अभियान चलाया। एहतियात के तौर पर कई जगह सैंपलिंग की गई है।

भोपाल के फूड सेफ्टी अधिकारी पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक दुकानों और गोदामों से तरबूज, आम समेत कई फलों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कुछ जगहों पर कृत्रिम रूप से फल पकाने में इस्तेमाल किए जा रहे संदिग्ध केमिकल भी जब्त किए गए हैं।

घर पर ऐसे करें तरबूज की जांच
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार तरबूज में कृत्रिम रंग या मिलावट की पहचान घर पर भी की जा सकती है।

    कॉटन टेस्ट: तरबूज के लाल हिस्से पर सफेद कॉटन या टिशू पेपर रगड़ें। अगर कॉटन गहरा लाल या चटक गुलाबी हो जाए तो कृत्रिम रंग होने की आशंका हो सकती है।
    वाटर टेस्ट: तरबूज का छोटा टुकड़ा पानी से भरे ग्लास में डालें। यदि पानी तुरंत लाल या गुलाबी होने लगे तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है। इसके अलावा तरबूज के अंदर बड़े क्रैक, ज्यादा सफेद-पीले रेशे या असामान्य रूप से चमकदार सतह भी कृत्रिम पकाने के संकेत माने जाते हैं। विशेषज्ञ भरोसेमंद दुकानदार से ही ताजा फल खरीदने की सलाह दे रहे हैं।

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