संवेदनशील और प्रभावशाली शायरी के माध्यम से बद्र ने साहित्य जगत में विशिष्ट पहचान बनाई

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रख्यात शायर एवं साहित्यकार बशीर बद्र के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बशीर बद्र ने अपनी संवेदनशील और प्रभावशाली शायरी के माध्यम से साहित्य जगत में विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी ग़ज़लों और रचनाओं ने मानवीय भावनाओं, रिश्तों और सामाजिक संवेदनाओं को बेहद खूबसूरती से अभिव्यक्त किया। उनकी लेखनी आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी।

श्री शुक्ल ने कहा कि बशीर बद्र का निधन साहित्य एवं कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी रचनाएँ सदैव साहित्य प्रेमियों के हृदय में जीवित रहेंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजनों, प्रशंसकों एवं साहित्य जगत के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।

 

मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें किया नमन

रायपुर 

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ही नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना, साहस और सामाजिक जागरण के प्रखर प्रतीक थे। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष और तपस्या में समर्पित किया। कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संकल्प कभी डगमगाया नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाई और सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सतत प्रयास किया। उनकी लेखनी, विचार और कर्म आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर अपने विचारों से आज भी हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्श पथ पर अग्रसर होते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।

इस अवसर पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा भी उपस्थित थे।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश का असर, सुधरे सोलर पम्प से वनांचल गांवों में लौटी राहत

रायपुर.

शासन की संवेदनशील पहल और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का एक प्रेरणादायक उदाहरण सूरजपुर जिले के अत्यंत दूरस्थ वनांचल ग्राम बेलामी, पंचायत घुईडीह, विकासखंड ओड़गी में देखने को मिला, जहां लंबे समय से प्रभावित सोलर पम्प का सुधार कार्य मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश पर त्वरित रूप से पूरा कराया गया।

वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए पेयजल और दैनिक उपयोग के पानी की समस्या किसी चुनौती से कम नहीं थी। ऐसे में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्रामीणों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल क्रेडा विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश के बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर सोलर पम्प का सुधार कार्य पूर्ण किया, जिससे गांव में फिर से पानी की सुविधा सुचारु हो गई। सोलर पम्प के चालू होते ही ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। गांव के लोगों ने इसे केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि संवेदनशील जनप्रतिनिधित्व और ग्रामीण हितों के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बताया।

क्रेडा विभाग के जिला प्रभारी सुजीत श्रीवास्तव की उपस्थिति में सुधार कार्य सम्पन्न हुआ। इस दौरान विजय प्रजापति सहित अन्य मोहल्लेवासियों ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए उनका लगातार सक्रिय रहना ग्रामीणों में विश्वास और नई उम्मीद जगा रहा है।

टिटहरी के 4 अंडों ने जगाई अच्छी बारिश की उम्मीद

भोपाल 

दक्षिण पन्ना वनमंडल की रैपुरा रेंज अंतर्गत भरतला बीट में एक झिरिया के पास हाल ही में टिटहरी (रेड-वॉटल्ड लैपविंग) के 4 अंडे पाए गए हैं। सामान्यतः टिटहरी 2 या 3 अंडे देती है, जबकि 4 अंडों का समूह अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है।

स्थानीय ग्रामीणों के बीच लंबे समय से यह रोचक मान्यता प्रचलित है कि यदि टिटहरी के घोंसले में 2 से अधिक अंडे हों, तो अच्छी और लंबे समय तक वर्षा होने की संभावना रहती है। झिरिया क्षेत्र में 4 अंडों का पाया जाना स्थानीय लोगों और वन अमले के बीच अच्छी बारिश की उम्मीदों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। यद्यपि इस विश्वास का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, फिर भी सदियों से संचित लोकज्ञान और प्रकृति अवलोकन की समृद्ध परंपरा पर ग्रामीण अंचलों में आज भी भरोसा किया जाता है।

खुले पथरीले और कंकरीले भूभाग पर बिना पारंपरिक घोंसले के दिए गए ये अंडे प्रकृति की अद्भुत अनुकूलन क्षमता को दर्शाते हैं। अंडों का रंग और बनावट आसपास की मिट्टी एवं पत्थरों में इस प्रकार घुल-मिल जाते हैं कि उन्हें पहचान पाना कठिन हो जाता है, जिससे उन्हें प्राकृतिक सुरक्षा मिलती है। वन अधिकारियों के अनुसार, ऐसे पारंपरिक दावों का व्यवस्थित अभिलेखन और दीर्घकालीन अध्ययन भविष्य में रोचक निष्कर्ष दे सकता है।

दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में झिरियों के संरक्षण और पुनर्जीवन कार्यों से इन क्षेत्रों में पक्षियों एवं अन्य जीवों की गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है। टिटहरी जैसे संवेदनशील पक्षियों की उपस्थिति यह संकेत देती है कि प्राकृतिक आवास और जलस्रोत पुनः जीवंत हो रहे हैं।

 

जल संरक्षण को बनाये जन आंदोलन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्राचीन अहिल्या कुंड के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सभी से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जल बचा कर भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत कबीरदास एवं संत रहीम के दोहों का उल्लेख करते हुए जल की महत्ता को सरल एवं प्रेरणादायी ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल को जीवन, संवेदना और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। उन्होंने ग्रामीणों से वर्षा जल संरक्षण, तालाबों और कुंडों के संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन जल संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और जल गंगा संवर्धन अभियान से पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनसहभागिता से ही जल संरक्षण के प्रयास सफल होंगे और आने वाले समय में प्रदेश जल समृद्धि की दिशा में नई पहचान बनाएगा।

निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला, गौरव रणदिवे, श्रवण सिंह चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, आईजी अनुराग, कलेक्टर शिवम वर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, डीआईजी मनोज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजेंद्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

8वें वेतन आयोग से पहले पेंशन पर बड़ा फैसला संभव, OPS विकल्प पर बढ़ी चर्चा

 नई दिल्‍ली

देशभर में 8वें वेतन आयोग को लेकर बैठक चल रही है. इस बीच, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पेंशन स्‍ट्रक्‍चर को लेकर एक बड़ा बदलाव हो सकता है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा रिटायरमेंट सिस्‍टम के तहत सरकारी कर्मचारियों को अपनी पेंशन विकल्‍प चुनने में ज्‍यादा लचीलापन देने के संबंध में चर्चा चल रही है।

केंद्रीय सरकारी कर्मचारी संघ के एक सदस्य ने बताया कि अगर बातचीत सकारात्मक तौर पर जारी रहती है, तो अगले दो से चार महीनों के भीतर प्रस्ताव पर आगे कार्रवाई हो सकती है. हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

अपनी पसंद की पेंशन सेलेक्‍ट करने का विकल्‍प
पेंशन में लचीलेपन और कर्मचारियों की पसंद को लेकर पॉजिटिव बातचीत हो रही है. कर्मचारी रिटायरमेंट बेनिफिट्स के संबंध में ज्‍यादा क्लियरटी और सुरक्षा चाहते हैं. अगर बातचीत सही रहती है और प्रस्‍ताव मान लिया जाता है तो आगे कर्मचारियों को अपनी पसंद का पेंशन मिल सकता है।

पुराने पेंशन बहाली की मांग
यह घटना महत्वपूर्ण है क्योंकि चल रहे 8वें वेतन आयोग के परामर्शों के दौरान NPS वाले कर्मचारियों के बीच पेंशन संबंधी चिंताएं सबसे बड़े मुद्दों में से एक के रूप में उभरी हैं. इनमें से ज्‍यादातर कर्मचारी पुराने पेंशन बहाली को लेकर आयोग से मांग कर रहे हैं।

अभी NPS के जरिए मिलता है पेंशन
अभी 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती किए गए ज्‍यादातर केंद्रीय कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्‍टम के तहत आते हैं, जो कंट्रीब्‍यूशन बेस्‍ड है और मार्केट के प्रदर्शन पर रिटर्न मिलता है. NPS के तहत कर्मचारी अपने सैलरी का एक हिस्‍सा पेंशन में योगदान देता है, जबकि सरकार भी अलग से योगदान देती है।

इसके बाद, मार्केट रिटर्न और जमा फंड पर निर्भर करता है कि आपको कितना पेंशन मिलेगा. जबकि पुरानी पेंशन योजना (OPS) अंतिम प्राप्त वेतन और महंगाई भत्ता (DA) से जुड़ी गारंटीकृत पेंशन देती थी।

यूपीएस का भी है विकल्‍प
हाल ही में सरकार ने यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) शुरू की है, जो कंट्रीब्‍यूश्‍न बेस्‍ड पेशन को कुछ तय पेंशन सुरक्षा देती है. चर्चाओं में शामिल कर्मचारी प्रतिनिधियों के अनुसार, नए प्रस्‍ताव से कर्मचारियों को पेंशन सिस्‍टम के भीतर अलग-अलग पेंशन विकल्‍पों में से चुनने की अनुमति मिल सकती है।

Tata की सबसे सस्ती EV लॉन्च! Tiago EV पर ₹1 लाख तक की कटौती और लाइफटाइम वारंटी

 नई दिल्ली

Tata ने अपनी एंट्री लेवल कार Tiago का अपडेट जारी किया कर दिया है. कंपनी ने इस कार को पेट्रोल, सीएनजी और ईवी तीनों ही अवतार में लॉन्च किया है. टाटा टियागो ईवी (Tata Tiago EV) की कीमतें 6.99 लाख रुपये एक्स शोरूम से शुरू होती है. ये कीमत इस लिए खास है क्योंकि कंपनी ने कार की कीमत को पहले से कम किया है।

पहले ये कार 7.99 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर आती थी. इतना ही नहीं टाटा ने इस कार को BaaS (बैटरी एज सर्विस) के तहत भी लॉन्च किया है, जिसके बाद ये कार और भी सस्ती हो जाती है।

अगर आप इस कार को बैटरी एज सर्विस के तहत खरीदते हैं, तो कीमत पेट्रोल वेरिएंट के बराबर पहुंच जाती है. यानी Tata Tiago EV BaaS की कीमतें 4.69 लाख रुपये से शुरू होती है. टियागो ईवी में कंपनी ने कई बदलाव किए हैं. कार डुअल टोन इंटीरियर, बेहतर सेफ्टी और अपडेटेड चार्जिंग क्षमता के साथ आती है।

रेंज और चार्जिंग
टाटा टियागो ईवी दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ आती है. कार में 19.2kWh और 24kWh की बैटरी मिलती है. छोटी बैटरी वाला वर्जन 62 एचपी की पावर और 110 एनएम का टॉर्क प्रोड्यूस करता है. वहीं बड़ी बैटरी पैक के साथ 75 एचपी की पावर और 114 एनएम का टॉर्क प्रोड्यूस करता है।

24kWh की क्लेम्ड रेंज 285 किलोमीटर की है. पहले इस बैटरी पैक के साथ कंपनी 293 किलोमीटर की रेंज ऑफर करती थी. वहीं 19.2kWh बैटरी पैक वाले वेरिएंट की रेंज 226 किलोमीटर है. कंपनी की मानें तो रियल वर्ल्ड में छोटी बैटरी पैक में 160 से 170 किलोमीटर की रेंज मिलेगी, जबकि बड़े बैटरी पैक के साथ 200 से ज्यादा किलोमीटर की रेंज मिलेगी।

टाटा की मानें, तो ये कार 40 परसेंट तेजी से चार्ज होगी. सिर्फ 18 मिनट चार्ज करने पर कार 100 किलोमीटर तक चल सकेगी. इसमें डीसी फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा. कार 3.3kW और 7.2kW के एसी चार्जर के साथ आएगी. इसमें जनरेटिव ब्रेकिंग मिलेगी।

कंपनी का दावा है कि कार सिर्फ 5.7 सेकंड में 0 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है. 24kWh वाले वेरिएंट पर कंपनी लाइफटाइम वारंटी दे रही है, जबकि 19.2kWh वाले वेरिएंट पर 8 साल या 1.6 लाख किलोमीटर तक वारंटी मिलेगी।

एक्सटीरियर में क्या है नया?
कार अब नए लुक के साथ आती है. इसमें आपको नया फ्रंट और रियर फेस मिलता है. हालांकि, साइड से कार अभी भी पहले की तरह ही लगती है. इसमें पतले एलईडी हेडलैम्प्स दिए गए हैं. कार में आई-ब्रो जैसे डीआरएल्स मिलते हैं, जो एलईडी हैं. इसमें 15 इंच के व्हील्स मिलते हैं।

रियर में कंपनी ने एलईडी कनेक्टेड टेललैम्प्स दिए हैं. कार डुअल टोन ब्लैक रूफ के साथ आती है. टियागो में शार्क फिन एंटीना और डोर हैंडल पर क्रोम फिनिश दी गई है. कार में सेफ्टी को भी बेहतर किया गया है. अब टियागो ईवी में 6 एयरबैग स्टैंडर्ड मिलते हैं।

टाटा टियागो ईवी 2026 में नया डैशबोर्ड मिलेगा. इसमें 10.25 इंच का फ्रीस्टैंड टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है. इसका टीएफटी इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर ब्लूटूथ सपोर्ट के साथ आता है. कार में वायरलेस चार्जिंग, वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और ऐपल कारप्ले, ऑटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल, क्रूज कंट्रोल, रियर एसी वेंट समेत कई फीचर्स मिलते हैं।

रायपुर : लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों का काम देखा

रायपुर.

लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज बिलासपुर में नेहरू चौक से दर्रीघाट तक बन रहे 10 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाते हुए इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर बिलासपुर जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और भवनों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों से कहा कि हर कार्य के विभिन्न चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाएं। कार्यों की रोज मॉनिटरिंग कर तथा ठेकेदारों से समन्वय बनाकर समय-सीमा में काम पूरा कराएं। उन्होंने निविदा स्वीकृति के एक माह के भीतर हर हाल में काम प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता आर.के. रात्रे और अधीक्षण अभियंता के.पी. संत भी बैठक में मौजूद थे।

बंसल ने कहा कि विभाग के कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बैठक में कोनी-मोपका बायपास, जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज, जयरामनगर-सीपत रोड बायपास, उच्च न्यायालय में ऑडिटोरियम, नए जेल भवन और बोदरी में न्यायालयीन प्रकरणों में ओआईसी के लिए बनने वाले विश्राम भवन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की भी जानकारी ली। विभागीय सचिव ने नेहरू चौक से दर्रीघाट सड़क के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सड़कों को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डिवाइडर्स के दीवारों और ग्रिल्स का रंग-रोगन कराने को कहा।

त्विषा केस में बड़ा एक्शन: सास गिरिबाला गिरफ्तार, मेडिकल टेस्ट के बाद आज कोर्ट में पेश करेगी CBI

नई दिल्ली. 
त्विषा शर्मा डेथ केस में एक बड़ी खबर सामने आई है। त्विषा की सास गिरबाला सिंह को गुरुवार को सीबीआई ने भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जा रही है। 

यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका रद किए जाने और 15 मई को भोपाल के 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई राहत को खारिज किए जाने के एक दिन बाद हुई है। बता दें आज ही सिंह को कोर्ट ने सामने पेशा किया जाएगा। 

एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने क्या कहा?
इस मामले में मध्य प्रदेश के एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने कहा, ‘हाई कोर्ट ने इस मामले में कुछ बातों को गंभीरता से लिया है, जैसे त्विषा शर्मा के शरीर पर मौत से पहले की सात चोटें, जो एक गंभीर अपराध की ओर इशारा करती हैं। इसके साथ ही कई नोटिसों के बावजूद गिरिबाला सिंह का जांच में मदद न करना और WhatsApp चैट, जो त्विषा के मानसिक उत्पीड़न की ओर इशारा करती हैं। इन सभी बातों को देखते हुए, हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अब यह CBI को तय करना है कि हिरासत में पूछताछ की जानी चाहिए या नहीं।’

बेटे ने 10 दिन बाद किया था सरेंडर
इस पूरे मामले में हाई कोर्ट ने उन आरोपों का भी गंभीरता से संज्ञान लिया कि गिरिबाला सिंह, जो एक रिटायर्ड न्यायिक अधिकारी हैं और जिन्हें साइबर क्राइम, साइबर फोरेंसिक और क्राइम सीन मैनेजमेंट में ट्रेनिंग मिली हुई है, उन्होंने अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल सबूतों से छेड़छाड़ करने और जांच की दिशा को प्रभावित करने के लिए किया हो सकता है।

पिछले हफ्ते, गिरिबाला के बेटे और ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने 10 दिनों तक फरार रहने के बाद एक अदालत के सामने सरेंडर किया था। बता दें गिरिबाला सिंह की सास रिटायर्ड जज हैं और उनके वकील बेटे समर्थ पर दहेज उत्पीड़न से जुड़े आरोप हैं। CBI ने सोमवार को औपचारिक रूप से 12 मई को हुई त्विषा शर्मा की मौत की जांच अपने हाथ में ले ली।

सीबीआई ने दर्ज की थी FIR
सीबीआई ने राज्य पुलिस द्वारा समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ पहले से दर्ज की गई FIR को फिर से दर्ज किया था। CBI की FIR के अनुसार, गिरिबाला सिंह ने विदाई के समय त्विषा के परिवार से 2 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे पीड़िता के परिवार ने उनके जोर देने पर दे दिया था।

सुनवाई के दौरान, त्विषा के परिवार की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि पीड़िता कथित तौर पर मानसिक उत्पीड़न का शिकार थी। हाई कोर्ट ने पाया कि त्विषा के माता-पिता और रिश्तेदारों के दर्ज बयानों में जांच के पहले ही दिन से लगातार यह आरोप लगाया गया है कि समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह, दोनों ही त्विषा का उत्पीड़न कर रहे थे।

धार भोजशाला विवाद पहुंचा फिर सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के फैसले को तीसरी चुनौती

धार

धार भोजशाला विवाद में अब सुप्रीम कोर्ट में तीसरी याचिका लगी है। सुप्रीम कोर्ट अब भोजशाला से जुड़ी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर सकता है। तीसरी याचिका जिब्रान अंसारी ने प्रस्तुत की है। तीनों याचिकाओं पर अब तक कोर्ट ने सुनवाई शुरू नहीं की है। उधर, हिंदू पक्ष भी सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिकाओं को लेकर तैयारी कर रहा है। पूर्व में ही सुप्रीम कोर्ट में भोजशाला मामले में कैविएट दायर की जा चुकी है, ताकि बिना पक्ष सुने स्टे न मिल सके।

भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने हिंदू मंदिर माना है। इस फैसले को मुस्लिम पक्ष ने चुनौती देते हुए विशेष अनुमति याचिका दायर की है। पहले शहर काजी, फिर कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी और अब जिब्रान अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। पिछली याचिकाओं पर अभी तक हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई है। हाईकोर्ट का फैसला आने के छह दिन बाद मुस्लिम पक्ष ने रात साढ़े आठ बजे कोर्ट में याचिका लगाई थी।

आधी रात दाखिल हुई नई याचिका
भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल होने की जानकारी सामने आते ही विवाद फिर सुर्खियों में आ गया। सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण के अनुसार “Jebran Ansari Vs Union of India” नाम से यह याचिका डायरी नंबर 33643/2026 के तहत दर्ज की गई है। बताया गया कि याचिका 26 मई 2026 की रात करीब 11:30 बजे दाखिल की गई, जिससे यह स्पष्ट माना जा रहा है कि मुस्लिम पक्ष इस मामले में कानूनी तैयारी को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
नई याचिका में इंदौर हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसने भोजशाला विवाद को लेकर अहम फैसला सुनाया था। फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित बताया जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार अब सर्वोच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई इस विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। मामले की एंट्री सुप्रीम कोर्ट में होते ही दोनों पक्षों की सक्रियता बढ़ गई है।

धार्मिक और राजनीतिक हलचल तेज
भोजशाला विवाद लंबे समय से संवेदनशील धार्मिक मामलों में गिना जाता रहा है। ऐसे में नई याचिका के बाद धार्मिक संगठनों और विभिन्न पक्षों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी बढ़ सकती है। विवाद को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, जिससे प्रदेश का माहौल फिर गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।

कानूनी लड़ाई अब नए चरण में
सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद अब यह विवाद नए कानूनी चरण में प्रवेश कर चुका है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलों के साथ अदालत में मजबूती से उतरने की तैयारी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस प्रकरण की सुनवाई राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी बहस का विषय बन सकती है। फिलहाल सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

संवेदनशील मामले पर बढ़ी निगरानी
भोजशाला विवाद को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। संवेदनशील माहौल को देखते हुए स्थानीय स्तर पर गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। इस पूरे घटनाक्रम ने धार सहित प्रदेश की राजनीति और धार्मिक चर्चाओं को फिर केंद्र में ला दिया है।

कमाल मौला मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने कहा कि हमारे पास सरकारी दस्तावेज और पुख्ता प्रमाण हैं, जिनके आधार पर हम सुप्रीम कोर्ट में साबित करेंगे कि धार का परिसर मंदिर नहीं, मस्जिद है। हाईकोर्ट ने एएसआई की जिस रिपोर्ट में भोजशाला को मंदिर बताया, वही पूर्व की रिपोर्ट में भोजशाला को मस्जिद बताती रही है।

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