पंडवानी की मशहूर लोकगायिका तीजन बाई की तबीयत बिगड़ी, रायपुर AIIMS में भर्ती

रायपुर.

छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक कलाकार और पंडवानी गायन की अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुकी तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें मेडिकल आईसीयू में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है।

तीजन बाई के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही कला जगत, उनके प्रशंसकों और अनुयायियों में चिंता की लहर दौड़ गई है।जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य खराब होने पर तीजन बाई को तत्काल एम्स रायपुर लाया गया। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल आईसीयू में भर्ती करने का निर्णय लिया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टर एहतियात के तौर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम इलाज में जुटी हुई है और जरूरी मेडिकल जांच भी की जा रही है।

पंडवानी कला की अंतरराष्ट्रीय पहचान
तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश की लोककला की पहचान मानी जाती हैं। उन्होंने पंडवानी शैली को देश-विदेश तक पहुंचाकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति को नई ऊंचाई दी है। अपनी अनूठी प्रस्तुति शैली, दमदार आवाज और अभिनय से उन्होंने लोककला को वैश्विक मंच तक पहुंचाया। उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे देश के प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

कला प्रेमियों में बढ़ी चिंता
तीजन बाई की तबीयत खराब होने की खबर फैलते ही कला प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में चिंता का माहौल है। कई कलाकारों और जनप्रतिनिधियों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। सोशल मीडिया पर भी उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उनके प्रशंसक और चाहने वाले उनके शीघ्र स्वस्थ होकर फिर से मंच पर लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर
तीजन बाई को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से महाभारत की कथाओं को पंडवानी शैली में जीवंत रूप दिया और लोकसंस्कृति को नई पहचान दिलाई। आज भी उनकी प्रस्तुतियां देशभर में लोकप्रिय हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रदेशभर में भावनात्मक माहौल बना हुआ है।

डॉक्टरों की निगरानी में जारी इलाज
एम्स प्रशासन की ओर से फिलहाल विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उनकी हालत नियंत्रण में है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। परिवार के सदस्य और करीबी लोग भी अस्पताल में मौजूद हैं।

गरीबों को बड़ी राहत! CM साय ने सार्थक PDS फेज-2 फैसले का किया स्वागत, खाद्य सुरक्षा होगी मजबूत

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सार्थक-पीडीएस फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपए की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, यह निर्णय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को तकनीक आधारित, अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. सार्थक-पीडीएस फेज-2 के माध्यम से एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक सप्लाई चेन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं से राशन वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी. इससे पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा.

बंदर अब्बास हमले का ईरान ने लिया बदला, अमेरिकी एयरबेस पर ताबड़तोड़ मिसाइल अटैक

   तेहरान
अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता लगातार विफल होती नजर आ रही है. इसी बीच ईरानी की IRGC ने दावा किया है कि उसने बंदर अब्बास पोर्ट के पास हुए हमलों के जवाब में अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाते हुए हमला किया है. उधर, कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वह अपने देश की ओर दागी गई मिलाइलों और ड्रोन्स को रोक रहे हैं।

तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने स्थानीय समयानुसार सुबह 4:50 बजे बंदर अब्बास पोर्ट के पास हुए अमेरिकी हमले के बाद एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की है. हालांकि,  आईआरजीसी ने ये नहीं बताया कि उसने अमेरिका के किस बेस को निशाना बनाया है।

IRGC ने अमेरिका को दी चेतावनी

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका को सीधे तौर पर बेहद सख्त चेतावनी जारी की है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि इस तरह के हमलों को दोबारा दोहराया गया तो ईरान की तरफ से इससे भी ज्यादा निर्णायक और घातक प्रतिक्रिया दी जाएगी और इसके गंभीर परिणामों के लिए केवल हमलावर जिम्मेदार होगा।

इस भीषण गोलाबारी का असर अब पड़ोसी देशों पर भी साफ दिखने लगा है. क्षेत्र में बढ़े अचानक खतरे को देखते हुए कुवैत ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह अपनी एयरस्पेस की ओर दागे जा रहीं मिसाइलों और यूएवी (UAVs) को लगातार इंटरसेप्ट कर हवा में ही नष्ट कर रहे हैं।

बंदर अब्बास पोर्ट के धमाके
इससे पहले बुधवार रात को अमेरिका ने ईरान के अंदर एक और बड़े हवाई हमले को अंजाम दिया. रिपोर्ट के अनुसार, लगभग रात 1:30 बजे (स्थानीय समय) ईरान के बंदर अब्बास शहर के पूर्वी हिस्से से तीन धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।

एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी सेना ने रात भर ईरान में नए हमले किए, जिसमें एक ऐसे सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया, जिसके बारे में अधिकारियों का मानना ​​था कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना और कमर्शियल समुद्री आवाजाही के लिए खतरा पैदा कर रहा था. यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है।

ट्विशा केस में रिटायर्ड जज गिरिबाला को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत की रद्द

भोपाल

 भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर गिरफ्तारी का खतरा मंडराने लगा है। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने बुधवार को कई घंटों की बहस के बाद देर रात आदेश जारी किया। जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस देवनारायण मिश्रा की सिंगल बेंच ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को भोपाल को कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत निरस्त कर दी। इसी के साथ अब CBI पूर्व जज गिरिबाला को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।

ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने हाईकोर्ट में ​अग्रिम जमानत निरस्त करने की याचिका लगाई थी। मध्यप्रदेश सरकार ने भी पूर्व जज गिरिबाला पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। बुधवार को दिन में पौने तीन घंटे की बहस के बाद रिजर्व किया गया हाईकोर्ट का ऑर्डर गुरुवार को रात्रि एक बजे के बाद बाहर आया। दरअसल, कोर्ट ने बुधवार को शाम पांच बजकर 20 मिनट पर ही साफ कर दिया था कि आदेश पारित करेंगे।

हाईकोर्ट में बुधवार की सुनवाई में सीबीआई ने दोनों मामलों में पक्षकार बनाए जाने और संशोधन के लिए आवेदन दायर किए, जिन्हें कोर्ट ने स्वीकार किया था। मामला ट्विशा सिंह की संदिग्ध मौत और दहेज प्रताड़ना से जुड़ा है।

ट्विशा की शादी नौ दिसंबर, 2025 को गिरिबाला सिंह के बेटे अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। 12 मई, 2026 को ट्विशा की मौत फांसी पर लटकी अवस्था में हुई। बाद में कटारा हिल्स थाने में एफआईआर दर्ज हुई। 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भोपाल ने गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी, जिसे चुनौती दी गई।

सास गिरिबाला सिंह के विरुद्ध भी स्पष्ट आरोप
हाई कोर्ट ने कहा कि वाट्सऐप चैट्स और गवाहों के बयानों में सास गिरिबाला सिंह के विरुद्ध भी स्पष्ट आरोप हैं। हाई कोर्ट ने यह भी माना कि जमानत मिलने के बाद आरोपित जांच में सहयोग नहीं कर रही थीं। हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि यदि जमानत आदेश तथ्यों की अनदेखी पर आधारित हो तो उसे निरस्त किया जा सकता है।

न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा ने 15 मई, 2026 को दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त करते हुए आदेश दिया। दोनों याचिकाएं स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त कर दी।

पूर्व जज को गिरफ्तार कर सकेगी CBI
हाईकोर्ट के आदेश के बाद पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया जा सकेगा। मामले की जांच कर रही CBI उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।

12 मई की रात हुई थी ट्विशा की संदिग्ध हालात में मौत

12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स में ट्विशा की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है।

24 मई को भोपाल AIIMS में दिल्ली AIIMS की टीम ने ट्विशा की डेड बॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। इसके बाद शाम को मौत के 12 दिन बाद भदभदा श्मशान घाट में ट्विशा का अंतिम संस्कार किया गया। भाई मेजर हर्षित ने उन्हें मुखाग्नि दी।

आरोपियों ने ट्विशा की छवि खराब करने की कोशिश की
हाईकोर्ट कोर्ट ने कहा कि आरोपी पक्ष ने जांच में पूरा सहयोग भी नहीं किया। आरोपी ने मीडिया में बयान देकर ट्विशा की छवि खराब करने की कोशिश की, जो जांच को प्रभावित करने वाला व्यवहार माना जा सकता है। मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है, इसलिए जांच एजेंसी को पक्षकार बनाना जरूरी है।

चोटें केवल शव को नीचे उतारने के दौरान नहीं आई थीं
कोर्ट ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि शरीर पर फांसी के अलावा अन्य चोटों के निशान भी पाए गए थे। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार ये चोटें केवल शव को नीचे उतारने के दौरान नहीं आई थीं। इसी बिंदु को अदालत ने मामले में महत्वपूर्ण माना और कहा कि इन परिस्थितियों में गहन जांच की आवश्यकता है।

हाईकोर्ट ने कहा कि ट्विशा शर्मा के परिवार और अन्य गवाहों के बयानों में स्पष्ट रूप से आरोप लगाए गए हैं कि सास और पति उस पर गर्भपात का दबाव डाल रहे थे। साथ ही दहेज की मांग और मानसिक प्रताड़ना के आरोप भी लगातार सामने आए हैं।

कोर्ट ने फैसले में क्या कहा?
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने यह मान लिया था कि केवल विवाह के सात साल के भीतर हुई मौत के आधार पर अग्रिम जमानत खारिज नहीं की जा सकती। ट्रायल कोर्ट ने यह भी माना था कि आरोपी पक्ष ट्विशा के खाते में पैसे भेजता था।

व्हाट्सऐप चैट्स में मुख्य शिकायत पति के खिलाफ दिखाई देती है। इन्हीं आधारों पर अग्रिम जमानत दी गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड और सबूतों की गहराई से जांच करने पर अलग तस्वीर सामने आती है।

हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत पर क्या-क्या कहा ?

    जमानत देना मामले की गंभीरता के हिसाब से सही नहीं था।
    ट्रायल कोर्ट ने केस डायरी और साक्ष्यों पर ठीक से विचार नहीं किया।
    आरोपी पक्ष चोटों का सही जवाब नहीं दे पाया।
    आरोपी पक्ष ने जांच में पूरा सहयोग नहीं किया।
    मीडिया में बयान देकर ट्विशा की छवि खराब करने की कोशिश।
    पोस्टमॉर्टम में फांसी के अलावा भी चोटें मिलीं।
    ये चोटें सिर्फ शव उतारने से नहीं हो सकतीं।
    गवाहों ने गर्भपात का दबाव और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए।
    अग्रिम जमानत केवल खास हालात में दी जानी चाहिए।

आखिर में क्या बोला हाईकोर्ट?
अपने अंतिम आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्य और जांच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए 15 मई 2026 को दी गई अग्रिम जमानत न्यायोचित नहीं थी। इसी के साथ कोर्ट ने 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, भोपाल द्वारा दिया गया अग्रिम जमानत आदेश रद्द (Quash) कर दिया और दोनों याचिकाएं स्वीकार कर लीं।

CBI और राज्य सरकार की दलीलें
    गर्भावस्था के बाद पति और सास ने ट्विशा पर चरित्र को लेकर शक किया।
    गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया, जिसका उल्लेख व्हाट्सऐप चैट्स में है।
    ट्विशा ने अपने परिवार को लगातार मानसिक प्रताड़ना की जानकारी दी थी।
    आरोपी प्रभावशाली हैं और जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
    मामले की गंभीरता को देखते हुए हिरासत में पूछताछ (custodial interrogation) जरूरी है।

ट्विशा के पिता के वकील की दलीलें
    व्हाट्सऐप चैट्स में स्पष्ट है कि ट्विशा को मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी।
    पति गर्भ में पल रहे बच्चे पर शक करता था और गर्भपात का दबाव डालता था।
    ट्विशा ने कई बार मायके ले जाने की गुहार लगाई थी।
    परिवार को जांच और घटना की पूरी जानकारी नहीं दी गई।
    ट्रायल कोर्ट ने केस डायरी और महत्वपूर्ण साक्ष्यों पर ठीक से विचार नहीं किया।
    CCTV फुटेज से छेड़छाड़ और जल्दबाज़ी में जमानत देने का आरोप।

आरोपी पक्ष की दलीलें
    ट्विशा ने आत्महत्या की थी।
    घटना के बाद उसे तुरंत एम्स ले जाया गया था।
    पुलिस ने उसी दिन मोबाइल और DVR जब्त कर लिए थे, इसलिए सहयोग न करने का आरोप गलत है।
    व्हाट्सऐप चैट्स में मुख्य आरोप पति पर हैं, सास पर नहीं।
    अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए असाधारण परिस्थितियां आवश्यक हैं, जो इस मामले में नहीं हैं।

आदेश के बाद मामले में क्या हो सकता है?

1. अग्रिम जमानत खत्म मानी जाएगी
हाईकोर्ट ने 15 मई 2026 को दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। इसका मतलब है कि अब आरोपी गिरिबाला सिंह को गिरफ्तारी से मिलने वाली कानूनी सुरक्षा नहीं रहेगी।

2. CBI अब तेजी से आगे की कार्रवाई कर सकती है
चूंकि मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है, इसलिए एजेंसी आगे कई अहम कदम उठा सकती है। इसमें आरोपी से पूछताछ, हिरासत में पूछताछ, मोबाइल चैट्स और डिजिटल सबूतों की जांच, CCTV फुटेज की पड़ताल, पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का गहराई से विश्लेषण शामिल हो सकता है।

3. गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि मामला गंभीर है और जांच अभी शुरुआती चरण में है। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी पक्ष जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रहा था। ऐसे में CBI आरोपी की गिरफ्तारी कर सकती है।

4. सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता खुला है
आरोपी पक्ष के पास अब भी सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार रहेगा। वे वहां स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल कर सकते हैं। साथ ही हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने और दोबारा जमानत देने की मांग भी कर सकते हैं।

भोपाल मेट्रो के लिए चलेगा बुलडोजर! न्यू मार्केट-रोशनपुरा में कई दुकानें और मकान हटेंगे

भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो ट्रेन की ब्लू लाइन के लिए अब न्यू मार्केट से लगे रोशनपुरा, मालवीय नगर में दुकानों की बड़ी तोड़फोड़ होगी। यहां दरवेश बर्तन भंडार की लाइन और इसके आसपास के क्षेत्र की दुकानों को नोटिस देकर आगाह किया गया है। अगले दो माह में यहां काम शुरू होगा। मेट्रो ट्रेन के इन नोटिस से पूरे क्षेत्र में लोगों में डर है। ये मेट्रो ट्रेन अफसरों से मुलाकात कर अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं। यहां सरकारी जमीन है और प्रोजेक्ट की डिजाइन में बदलाव कर दुकानों को बचाने की गुहार लगा रहे हैं।

न्यू मार्केट और मालवीय नगर में स्टेशन की डिजाइन में पहले ही बदलाव किया जा चुका है। छोटी बड़ी 15 दुकानें इससे प्रभावित होने की स्थिति है। रोशनपुरा मेट्रो स्टेशन कांग्रेस के जवाहर भवन के पास है। इसकी डिजाइन को लेकर कई आपत्तियां आईं। कुछ बड़े कॉम्प्लेक्स इसमें जा रहे थे, जिन्हें डिजाइन बदलकर बचाया गया। मालवीय नगर की ओर बड़ी संख्या में स्लम है।

जहांगीराबाद बाजार और आवासीय क्षेत्र भी चिंता में
मेट्रो की तोड़फोड़ से सिर्फ न्यू मार्केट मालवीय नगर ही नहीं, जहांगीराबाद बाजार से लेकर आवासीय क्षेत्र तक चिंता में है। यहां 600 मीटर लंबा हिस्सा मेट्रो के लिए तोड़ा जाएगा। इसमें कई बड़े व्यवसायिक भवन शामिल है। दुकानों के अंदर तक निशान लगाए हुए हैं। 20 मकान भी है, जिन्हें तोड़ा जाएगा। इसके लिए लोगों ने कलेक्ट्रेट से लेकर कोर्ट तक याचिका लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

रेलवे लाइन के किनारे से हटाई गईं 85 झुग्गिया
जिला प्रशासन व नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में छोला रेलवे लाइन के पास 85 झुग्गियों को हटाया गया। इन्हें हटाने के लिए रेलवे ने प्रक्रिया की थी। जिस जगह झुग्गियां बना ली थी वह रेलवे की जमीन है। यहां हाल में ही तेजी से जमीन पर कब्जा करने के लिए झुग्गियां बनाई जा रही थी। रेलवे ने जिला प्रशासन व नगर निगम की मदद से इन झुग्गियों को हटवाया। इस दौरान पुलिस बल उपस्थित रहा।

रेलवे के लिए खतरा थी झुग्गियां
गोविंदपुरा एसडीएम भुवन गुप्ता के अनुसार ये अभी नई झुग्गियां बनी थी। रेलवे की सुरक्षा के लिए खतरा बन रही थी। इसके साथ ही रेलवे यहां अपनी जमीन को संरक्षित करने फेंसिंग का काम शुरू करने वाला है। मौके पर प्रशासन व पुलिस बल सुबह ही पहुंच गया था। इन झुग्गियों में से अधिकतर में छोटी दुकानें संचालित की जा रही थी। ये लोग पास की ही कॉलोनी के थे। इन्हें हटाया गया। जमीन खाली कराई, अब रेलवे यहां फेंङ्क्षसग कर जमीन को संरक्षित करेगा।

 

राजौरी में आतंकियों की घेराबंदी, जंगलों में ड्रोन-हेलिकॉप्टर से चल रहा बड़ा ऑपरेशन

 श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सुरक्षाबलों का आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन पिछले छह दिनों से जारी है. सूत्रों के अनुसार, 2 से 3 शीर्ष लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी जंगल के इलाके में छिपे हुए हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षाबलों ने गुरुवार सुबह पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि राजौरी के गंभीर मुगलान इलाके में कुछ आतंकियों को छिपे होने का इनपुट मिला था. इसके आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त रूस आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है जो छठे दिन भी जारी है. सूत्रों का कहना है कि इस इलाके में 2 से 3 लश्कर के आतंकी छिपे हुए हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल ने किया सैन्य क्षेत्र का दौरा
आतंकवाद विरोधी इस बड़े ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने बुधवार को खुद इस सैन्य क्षेत्र का दौरा किया था. उन्होंने अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों से मुलाकात की और कमान संभाल रहे अधिकारियों के साथ जारी काउंटर टेरर ऑपरेशन की रणनीतिक समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि शनिवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच सुबह करीब साढ़े 11 बजे भीषण मुठभेड़ हुई थी, जिसमें सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घने जंगल वाले इलाके से खदेड़ दिया।

इस बेहद घने जंगल क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों से निपटने के लिए सेना द्वारा आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है. अत्याधुनिक ड्रोन और सैन्य हेलिकॉप्टरों के जरिए पूरे जंगल के कोने-कोने पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि छिपे हुए आतंकियों को भागने का कोई मौका न मिले।

Parle नाम पर बड़ा खेल! PM मोदी के ‘मेलोडी’ ट्विस्ट से इस छोटे शेयर ने कराया तगड़ा मुनाफा

 नई दिल्ली
शेयर बाजार में कब कौन सा शेयर गदर मचाने लगे भविष्यवाणी करना मुश्किल है. एक छोटी सी खबर भी किसी स्टॉक को रॉकेट बनाने के लिए काफी होती है. कुछ ऐसा ही हुआ एक 5 रुपये वाले छुटकू शेयर के साथ, जिसमें बीते कुछ दिनों से लगातार अपर सर्किट लग रहा है. हम बात कर रहे हैं पारले इंडस्ट्रीज के शेयर की, जो सिर्फ 5 दिन में ही 33% तक उछल गया है और निवेशकों ने मोटी रकम छाप डाली है। 

कंपनी का नाम भले ही Parle है, लेकिन इसका पारले-जी से कोई नाता नहीं है. बल्कि ये रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी है. लेकिन पारले नाम ने पीएम नरेंद्र मोदी के मेलोडी ट्विस्ट के बाद इस धराशायी शेयर में अचानक जान फूंक दी और इसने निवेशकों की बल्ले-बल्ले हो गई। 

PM ने ऐसा क्या किया, जो शेयर बना रॉकेट
यहां सबसे पहले बता दें कि बीते दिनों इटली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी (PM Narendra Modi) ने वहां की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को पारले कंपनी की टॉफी मेलोडी (Parle Melody) का पैकेट गिफ्ट किया था. बस पीएम मोदी का ये मेलोडी ट्विस्ट इस पारले इंडस्ट्रीज कंपनी के शेयर में जान फूंकने वाला साबित हुआ। 

सोशल मीडिया पर Italy PM द्वारा शेयर किया गया वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो गया और ‘मेलोडी’ ट्रेंड चल पड़ा. इसके बाद निवेशकों में पारले नाम के इस शेयर को खरीदने की होड़ मच गई और शेयर रॉकेट की रफ्तार से लगातार भागते हुए अपर सर्किट हिट (Parle Industries Share Upper Circuit) कर रहा है. जबकि दूसरी ओर मेलोडी टॉफी को बनाने वाली पारले प्रोडक्ट शेयर बाजार में लिस्ट ही नहीं है। 

सालभर से सोया था शेयर, अब तूफानी तेजी
पीएम मोदी (PM Modi) ने मेलोनी को मेलोडी गिफ्ट क्या की, इस सालभार से सोए पड़े शेयर ने तूफानी रफ्तार पकड़ ली. Parle Share की परफॉर्मेंस पर नजर डालें, तो ये Parle Stock बीते एक साल से लगातार टूटता जा रहा था और 70 फीसदी के आसपास फिसल गया था. लेकिन, मेलोडी ट्रेंड की शुरुआत होते ही, इस शेयर में जान आ गई और बीते पांच दिन से ये गदर मचा रहा है। 

बीते 19 मई को Parle Industries Share की कीमत महज 5 रुपये थी, लेकिन 20 मई को इटली की पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पीएम मोदी के मेलोडी गिफ्ट पर थैंक्यू बोलने हुए एक वीडियो पोस्ट किया और इस स्टॉक में अपर सर्किट लग गया, जिसका सिलसिला अब तक जारी है. दनादन अपर सर्किट के साथ पांच कारोबारी दिनों में ये 33 फीसदी चढ़ गया है और इसका दाम 6.67 रुपये हो गया है. शेयर में तेजी के चलते इस कंपनी का मार्केट कैपिटल भी बढ़कर 32.58 करोड़ रुपये हो गया। 

जब Melody लॉन्च, तभी बनी ये कंपनी
पारले इंडस्ट्रीज के काम पर नजर डालें, तो इस कंपनी की स्थापना भी उसी 80 के दशक में हुई थी, जबकि पारले प्रोडक्ट ने मेलोडी टॉफी को लॉन्च किया था. Parle Industries इंफ्रा और रियल एस्टेट डेवलपमेंट सेक्टर की कंपनी है. जबकि Parle Products एक अलग प्राइवेट FMCG कंपनी है, जो Parle-G, Melody, Monaco, Hide & Seek जैसे ब्रांड बनाती है। 

बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल! TMC के 50 विधायक भाजपा के संपर्क में होने का दावा

कलकत्ता

णमूल कांग्रेस में जल्द ही बड़ी टूट हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी सांसद का दावा है कि आधे से ज्यादा टीएमसी सांसद पार्टी बदलने के लिए तैयार हैं। वहीं, करीब 20 सांसद भी टीएमसी का साथ छोड़ सकते हैं। हालांकि, टीएमसी ने अब तक इसे लेकर प्रतिक्रिया नहीं दी है। 4 मई को घोषित नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 80 विधायक हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा सांसद सौमित्र खान ने बुधवार को दावा किया है कि करीब 50 विधायक टीएमसी से नाराज चल रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसी ही स्थिति 20 सांसदों की है। भाजपा सांसद का दावा है कि अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सहमति देता है, तो ये नेता पार्टी बदलकर भाजपा में आने के लिए तैयार हैं। हालांकि, अब तक भाजपा आलाकमान की तरफ से इसे लेकर घोषणा नहीं की गई है।

खत्म हो जाएगी टीएमसी
भाजपा सांसद का कहना है कि अगर ऐसा होता है, तो टीएमसी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व एक बार कह देता है, तो टीएमसी पार्टी ही नहीं बचेगी। सभी लोग आने के लिए तैयार हैं। करीब 50 विधायक पार्टी से नाखुश हैं और 20 सांसद शामिल होने के लिए तैयार हैं।’ अटकलें हैं कि मॉनसून सत्र के आसपास टीएमसी सांसद भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

संकट में टीएमसी?
खास बात है कि खान की तरफ से यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब 100 से ज्यादा पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं, कहा जा रहा है कि काकोली घोष दस्तीदार और फिरहाद हाकिम जैसे पार्टी के बड़े चेहरे नेतृत्व से खफा हैं। हालांकि, विधायक हाकिम ने खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन दस्तीदार नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। उनके बेटे ने संभावनाएं जताई थीं कि वह सांसद पद से भी इस्तीफा दे सकती हैं।

20 सांसद बदल सकते हैं पाला
संघवाद प्रतिदिन की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा है कि 12 टीएमसी सांसदों ने भाजपा में शामिल होने या समर्थन देने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा दल बदलने की तैयारी कर रहे सांसदों की लिस्ट में 5 से 6 नाम और हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि ये सांसद कौन होंगे और कब तक दल बदल की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 12 से ज्यादा सांसदों से चर्चा चल रही है और आंकड़ा 20 तक पहुंच सकता है।

तृणमूल के दो विधायकों की शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात
तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस से मुलाकात की और इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी वहां मौजूद थे। चुनावी हार के बाद विपक्षी दल के भीतर बदलते समीकरणों के बीच यह घटनाक्रम नई अटकलों को जन्म दे रहा है।  यह मुलाकात आधिकारिक तौर पर ‘शिष्टाचार भेंट’ बताई गई लेकिन यह दिल्ली स्थित पुराने बंग भवन में ऋतब्रत बनर्जी और शुभेंदु की हालिया मुलाकात के कुछ ही दिन बाद हुई है। इसके बाद पश्चिम बंगाल की चुनाव बाद की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में नए समीकरण उभरने की अटकलें तेज हो गई हैं।

हाई कोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला में उमड़ा आस्था का सैलाब, 11 दिन में पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु

धार
 धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट इंदौर खंडपीठ द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण फैसले के बाद यहां आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अभूतपूर्व वातावरण देखने को मिल रहा है। फैसले के बाद से भोजशाला में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। स्थिति यह है कि पिछले मात्र 11 दिनों में यहां दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच चुके हैं।

विशेष बात यह है कि भोजशाला में अब केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि दिल्ली सहित प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडेय ने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद सुबह से शाम तक दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव के साथ मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं। अब तक यह स्थिति मुख्य रूप से मंगलवार तक सीमित रहती थी, लेकिन हाई कोर्ट के फैसले के बाद सप्ताह के हर दिन भोजशाला में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक नियमित पूजा-अर्चना और आरती का क्रम जारी है, जिससे पूरे परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण और अधिक सशक्त हुआ है।

मुख्यमंत्री के प्रवास के बाद से लोगों की उम्मीदें भी और बढ़ गई हैं
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के हालिया भोजशाला प्रवास के बाद लोगों की उम्मीदें भी और बढ़ गई हैं। श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों को अब इस बात का इंतजार है कि यहां प्रस्तावित शोध संस्थान को किस स्वरूप में विकसित किया जाएगा तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा भविष्य में कौन-कौन सी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं के विस्तार की मांग भी तेज हो गई है। श्रद्धालुओं का मानना है कि भोजशाला केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और ज्ञान परंपरा का गौरवशाली प्रतीक है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री भोजशाला आएंगी
हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री का इंदौर-धार प्रवास 27 से 30 मई तक प्रस्तावित है। भोजशाला प्रकरण की कानूनी लड़ाई की सूत्रधार, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता एवं याचिकाकर्ता रंजना अग्निहोत्री इंदौर-धार प्रवास के दौरान भोजशाला में दर्शन-पूजन के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगी। रंजना अपने साथ लखनऊ के प्रसिद्ध महादेव मंदिर के तालाब से 108 कमल पुष्प मां वाग्देवी के चरणों में अर्पित करने के लिए ला रही हैं। हिंदू फ्रंट फार जस्टिस के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष गोयल ने बताया कि अग्निहोत्री ने श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मथुरा के लिए भी कानूनी लड़ाई लड़ी है।

भोपाल के हुजूर-बैरसिया क्षेत्र में 2.10 लाख मकानों की गिनती का कार्य पूरा

भोपाल

जिले में जनगणना 2027 के पहले चरण में मकानों के सूचीकरण का काम किया जा रहा है।इसमें नगरीय क्षेत्र में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में तहसील व पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

इसके तहत हुजूर, कोलार, बैरसिया ग्रामीण और नगर पालिका क्षेत्र में जनगणना का काम पूरा कर लिया गया है। इन क्षेत्रों में 956 ब्लाक के 919 प्रगणकों ने करीब दो लाख दस हजार से अधिक मकानों की गिनती पूरी कर ली है।

इन मकानों में रहने वाले परिवारों से 33 तरह के सवाल भी रिकार्ड में दर्ज किए गए है।बता दें कि देश में 15 साल बाद जनगणना 2027 के पहले चरण में मकानाें के सूचीकरण का काम किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार नगर निगम के 85 वार्ड में जनगणना के पहले चरण में मकानों का सूचीकरण किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 80 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। यह काम 30 मई तक पूरा करना पड़ेगा।

इसी बीच जनणना कार्य का निरीक्षण करने केंद्र से टीम आने वाली है, जो कि नगर निगम, पंचायत व नगर पालिका इलाके में पहुंचकर जनगणना के कार्य का सर्वे करेगी।

जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि जिले में नगर निगम, बैरसिया नगर पालिका, बैरसिया ग्रामीण, हुजूर और कोलार क्षेत्र में अलग-अलग जनगणना का काम किया गया है।

चार चार्ज अधिकारियों ने काम पूरा कर लिया है। नगर निगम क्षेत्र में कुछ काम बाकी है। इन मकानों की गणना के बाद डिजिटल जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। जिसके आधार पर जनगणना के दूसरे चरण का काम शुरु किया जाएगा।
7.10 लाख मकानों की गणना

नगर निगम के शहरी क्षेत्र में दो हजार 900 प्रगणकों ने सात लाख 10 हजार से अधिक मकानों की गणना का काम पूरा कर लिया है।नगर जनगणना अधिकारी हीरेन्द्र सिंह कुशवाहा की लापरवाही की वजह से निगम क्षेत्र में जनगणना के काम में देरी हो रही है, हालांकि 30 मई तक काम पूरा किया जाना है।
टीम नहीं आई तो 1855 पर करें काॅल

जनगणना में मकानों पर नंबरिंग करने के बाद उनकी जानकारी को अपलोड कर दिया गया है। अगर अब तक किसी मकान की गणना और परिवार से जुड़ी 33 सवालों की जानकारी नहीं ली गई है, तो आम लोग 1855 पर काल कर जानकारी दे सकते हैं। आनलाइन जानकारी को सत्यापन किया जाएगा।

कलेक्टर ने किया चार्ज अधिकारी का सम्मान

कोलार ग्रामीण क्षेत्र व नगरीय क्षेत्र बैरसिया में जनगणना के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण व मकानों की गणना” का कार्य शत प्रतिशत हो गया है।इस पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बुधवार को कोलार ग्रामीण क्षेत्र के चार्ज अधिकारी यशवर्धन सिंह और सीएमओ बैरसिया नगर परिषद राजेन्द्र कुमार सक्सेना को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया ।

 

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