उज्जैन में वंदे भारत ट्रेन पर पथराव, 4 कोच के कांच टूटे; रेलवे पुलिस जांच में जुटी

उज्जैन
 मध्य प्रदेश के उज्जैन में रेल्वे स्टेशन से 200 मीटर की दूरी पर वंदे भारत ट्रेन में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अचानक एक के बाद एक पथराव होने लगे. देखते ही देखते उत्पातियों ने ट्रेन के 4 कोच के कांच फोड़ दिए. पथराव इतनी तेज था कि कोच के कांच तड़क गए. गनीमत रही इस दौरान यात्री सुरक्षित रहे किसी को कोई चोट नहीं लगी। 

ग्लास टूटने की तस्वीरें आईं सामने
जैसे ही घटना की जानकारी सामने आई मामले में रेल्वे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए RPF थाने में FIR दर्ज करवाई. रेलवे पुलिस अब CCTV फुटेज व अन्य साक्ष्य के आधार पर उत्पातियों की तलाश में जुट गई है. घटना के बाद यात्री सहम उठे. वहीं जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची रेलवे पुलिस ने जांच पड़ताल और पूछताछ शुरू कर दी है. घटना सोमवार देर शाम की है. जिसको लेकर अब FIR दर्ज की गई है. वहीं ट्रेन के ग्लास टूटने की तस्वीरे बुधवार सुबह सामने आई हैं। 

अचानक होने लगा वंदे भारत ट्रेन पर पथराव
पूरा मामला सोमवार देर शाम लगभग 07:30 बजे के आस पास का है. वंदे भारत ट्रेन भोपाल के रास्ते उज्जैन आ रही थी. उज्जैन स्टेशन से 200 मीटर दूरी पर गदा पुलिया के पास नीलगंगा क्षेत्र में अचानक ट्रेन पर पथराव होने लगा. कुल 4 कोच इस दौरान क्षतिग्रस्त हुए हैं. देखते ही देखते ट्रेन में मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया. यात्री कुछ समझ पाते कि ट्रे स्टेशन पर पहुंच गई. जहां यात्रियों ने पुलिस से शिकायत की. जिसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की. घटना को लेकर रेलवे पीआरओ मुकेश कुमार ने कहा, ”संबंधित अधिकारी मामले को देख रहे हैं. सभी यात्रि सुरक्षित हैं। 

पुलिस ने की आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज
RPF थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया, ”सभी यात्री सुरक्षित है. उज्जैन में वंदे भारत ट्रेन में ऐसा पहली बार हुआ है. आगे से एसी घटना ना हो इसके लिए उत्पातियों को दबोचकर कड़ी कार्रवाईं की जाएगी. शिकायत पर FIR दर्ज कर अज्ञात उत्पातियों के विरुद्ध जांच एवं तलाश शुरू कर दी है। 

ट्विशा केस में आज बड़ा दिन, गिरीबाला सिंह की जमानत पर फैसला; CBI पहुंची हाई कोर्ट

भोपाल/जबलपुर
भोपाल के हाई प्रोफाइल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला तेज़ी से गर्माता जा रहा है. पीड़ित परिवार कि मांग पर राज्य सरकार ने जांच का जिम्मा सीबीआई के हाथों सौंप दिया है. सीबीआई ने पूरे मामले को टेक ओवर भी कर लिया है और जांच भी शुरू कर दी है. आज बुधवार 27 मई को उच्च न्यायलय में पूर्व न्यायाधीश और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह कि अंतरिम जमानत को चुनौती देते हुए सुनवाई है. पहले पुलिस ने जमानत को चुनौती दी थी लेकिन अब सीबीआई के पास पूरा केस पहुंच गया है तो हाई कोर्ट में सीबीआई कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखेगी। 

आज कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी CBI
भोपाल के चर्चित ट्विशा सुसाइड केस में अब जांच पूरी तरह सीबीआई के हाथों में आ चुकी है. मामले की केस डायरी तैयार होने के बाद सीबीआई बुधवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई में अपना पक्ष रखेगी. दरअसल, मामले में गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ पहले से ही याचिका दायर है. पिछली सुनवाई के दौरान भोपाल पुलिस ने भी जमानत का विरोध किया था. अब जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपे जाने के बाद एजेंसी इस मामले में कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखेगी और सूत्रों के मुताबिक अग्रिम जमानत को चुनौती भी दे सकती है। 

गिरिबाला सिंह की जमानत पर फैसला
बताया जा रहा है कि, सीबीआई ने केस से जुड़ी तमाम दस्तावेजी प्रक्रिया और केस डायरी को व्यवस्थित कर लिया है. एजेंसी अब तक पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों, बयान और डिजिटल एविडेंस का परीक्षण कर रही है. इसी आधार पर हाई कोर्ट में विस्तृत जवाब पेश किया जा सकता है. बुधवार होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह तय करेगा कि गिरिबाला सिंह को मिली राहत बरकरार रहेगी या जांच एजेंसी कोर्ट से जमानत निरस्त करने की मांग करेगी। 

निकलवाई जा रही गिरीबाला, समर्थ और ट्विशा कीCDR 

मामले में गठित एसआईटी ने गिरिबाला सिंह की CDR (Call detail report) को लेकर कोर्ट में जवाब दाखिल किया है. एसआईटी ने कोर्ट को बताया कि गिरीबाला सिंह, समर्थ सिंह और ट्विशा की CDR सुरक्षित रखने की मांग को देखते हुए 12 मई से 20 मई तक की CDR को सुरक्षित रखने के लिए संबंधित मोबाइल सिम कंपनियों को पत्र लिखे गए हैं। 

कंपनी से डेटा मिलने पर इसे भी केस डायरी में जोड़ा जाएगा. बता दें कि सीडीआर को लेकर ट्विशा के परिवार की ओर से वकील अंकुर पांडे ने यह अर्जी लगायी थी. ट्विशा के परिवार का आरोप है कि उसकी मौत के बाद गिरिबाला सिंह ने कई लोगों को कॉल किए थे जिनमें से कुछ प्रभावशाली लोग भी थे। 

गिरिबाला ने कई लोगों को किए थे कॉल
ट्विशा के परिवार ने गिरीबाला की ये कॉल डीटेल अपने स्तर पर पहले ही जारी की थी और ऐसा दावा किया थी कि बेटी की मौत के अगले दिन यानी 13 मई को गिरीबाला ने कई कॉल किए थे. जज लेवल के लोगों से बातचीत के अलावा गिरीबाला ने सीसीटीवी इंस्टॉल करने वाले युवकों को भी कॉल किया था। 

उसी समय परिवार ने मांग की थी कि इन सभी नंबर्स की जांच की जाएं और इनसे संबंधित समस्त कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टॉवर डंप एवं टॉवर लोकेशन डेटा, इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) लॉग्स, ई-मेल कम्युनिकेशन, एसएमएस, व्हाट्सएप चैट्स के बैकअप, सोशल मीडिया कम्युनिकेशन, क्लाउड डेटा, लोकेशन हिस्ट्री, कॉल रिकॉर्डिंग और डेटा ट्रांसफर हिस्ट्री समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल सबूतों को तत्काल सीज किया जाए। 

सीसीटीवी फुटेज से केस में आया मोड़
गौरतलब है कि इस मामले में हाल में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने जांच को नया मोड़ दे दिया है और कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं. फुटेज में ट्विशा शर्मा को बिल्डिंग की सीढ़ियों से छत की तरफ जाते हुए देखा गया, जबकि करीब एक घंटे बाद उनके पति समर्थ और तीन अन्य लोग उन्हें नीचे लाते नजर आए। 

सीसीटीवी में कैद यह घटनाक्रम अब जांच एजेंसियों के लिए अहम सबूत माना जा रहा है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उस एक घंटे के दौरान छत पर आखिर क्या हुआ था. जानकारी के मुताबिक, ट्विशा आखिरी बार हाथ में हेडफोन लिए सामान्य स्थिति में सीढ़ियां चढ़ती दिखाई दी थीं, लेकिन लगभग एक घंटे बाद उनकी हालत बेहद गंभीर नजर आई. यही कारण है कि परिजन इस मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। 

ट्विशा के परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
12 मई को गिरिबाला सिंह की बहू और क्रिमिनल लॉयर समर्थ सिंह की पत्नी ट्विशा ने आत्महत्या कर ली थी. ट्विशा के परिजनों ने समर्थ सिंह और गिरिबाला पर कई गंभीर आरोप लगाए थे और पुरे मामले की सीबीआई जांच, सेंकण्ड पीएम कराने और गिरिबाला सिंह कि जमानत ख़ारिज करने कि मांग मुख्यमंत्री से की थी. मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिया था कि पूरे मामले कि निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी. हालांकि पुलिस ने विशेष टीम का गठन भी किया था लेकिन पीड़ित परिवार पुलिस कि जांच से संतुष्ट नहीं था. ट्विशा सुसाइड केस में कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां भी बेहद सतर्क नजर आ रही हैं। 

सबूतों से मैच नहीं खा रहे समर्थ के बयान
ट्विशा शर्मा डेथ केस में अब पति समर्थ सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. मामले की जांच अब पूरी तरह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के हाथों में पहुंच चुकी है और एजेंसी ने अपनी पड़ताल भी शुरू कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, SIT की पूछताछ के दौरान समर्थ सिंह द्वारा कई सवालों पर विरोधाभासी जवाब दिए गए, जिसके बाद जांच एजेंसियों को शक और गहरा गया है. बताया जा रहा है कि SIT ने घटना वाली रात की टाइमलाइन, अस्पताल ले जाने के समय, पुलिस को सूचना देने में हुई देरी और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड को लेकर समर्थ सिंह से लगातार पूछताछ की थी। 

जांच के दौरान कुछ जवाब पहले दिए गए बयानों से मेल नहीं खा रहे थे. इसी कारण अब जांच एजेंसियां यह मानकर चल रही हैं कि मामले में कई अहम तथ्य छुपाए गए हो सकते हैं. टीम ने बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित घर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया. करीब आधे घंटे तक मौके का बारीकी से मुआयना किया गया और घटना के हर पहलू को समझने की कोशिश की गई। 

मौत के बाद पुलिस को सूचना देने में देरी क्यों की?
सूत्रों के अनुसार, CBI अब इस बात की जांच कर रही है कि ट्विशा की मौत के बाद पुलिस को सूचना देने में इतनी देरी क्यों हुई. परिवार का आरोप है कि इसी दौरान सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश की गई. यही कारण है कि अब एजेंसी इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों पर विशेष फोकस कर रही है. CBI यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना वाली रात घर के अंदर क्या हुआ था। 

तनाव में थी ट्विशा
ट्विशा द्वारा अपने परिवार को किए गए आखिरी फोन कॉल, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है. जांच एजेंसी उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है, जो घटना के बाद संपर्क में आए थे. मामले में दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के आरोप पहले ही सामने आ चुके हैं. FIR में यह उल्लेख है कि शादी के बाद ट्विशा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. परिवार ने आरोप लगाया है कि अतिरिक्त पैसों की मांग, चरित्र पर शक और मानसिक दबाव के कारण ट्विशा तनाव में थी। 

उमस भरी गर्मी से मिलेगी राहत, 8 डिग्री तक लुढ़केगा पारा; तूफान का अलर्ट

नई दिल्ली

देश के अलग-अलग राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने पूर्वानुमान में इसकी जानकारी दी है। आईएमडी ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अगले 2-3 दिनों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में दस्तक देने की संभावना है। इसके लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में 28 मई से आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 60-80 किमी/घंटे की रफ्तार से चक्रवाती तूफान भी आ सकता है।

आईएमडी के मुताबिक, अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लू और रात में उमस वाली गर्मी का प्रकोप रहेगा। हालांकि, इसके बाद राहत मिल सकती है। 28 और 29 मई को पूरे उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी चलने की आशंका है। इस दौरान 60 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। अलग-अलग हिस्सों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी है। इसके बाद तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।

बिहार में आंधी-तूफान का अलर्ट
27 से 30 मई के दौरान बिहार में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। 27 और 29 मई को बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। सबसे गंभीर चेतावनी 29 मई के लिए है। इस दिन 80 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी और तूफान आने की आशंका है।

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। 28-29 मई को इन राज्यों में मौसम पूरी तरह पलट जाएगा। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में ओलावृष्टि के साथ 60 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज आंधी की संभावना है, जिससे तपती गर्मी से भारी राहत मिलेगी।

पहाड़ों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में छिटपुट स्थानों पर लू चलेगी। गरज-चमक के साथ अलग-अलग जगहों पर बारिश होगी। 28 और 29 मई को इन तीनों पहाड़ी राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 70 किमी/घंटे रहने की संभावना है। आईएमडी ने इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

कैसा रहेगा बंगाल का मौसम
पश्चिम बंगाल में 27 से 29 मई के दौरान 50 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान की संभावना है। 27 मई को भारी बारिश हो सकती है। वहीं, झारखंड में अगले 7 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। 27 से 29 मई के बीच यहां 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की संभावना है। 27 मई को यहां लू का भी असर रहेगा।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसम
मध्य प्रदेश में 27 मई को भीषण लू की स्थिति रहेगी। 28 से 30 मई के बीच 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू होगी, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। छत्तीसगढ़ में 27 और 28 मई को लू चलने के बाद 27 से 30 मई के दौरान राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ेंगी, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।

होर्मुज संकट के बीच भारत को राहत, जयशंकर की कूटनीति लाई बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली
ईरान में होर्मुज संकट के बीच एक ऐसी खबर आई है, जो भारत को खुश करने वाली है. दरअसल ईरान में हिरासत में रखे गए 10 भारतीय नाविकों को आखिरकार रिहा कर दिया गया है. ये भारत सरकार की ओर से लगातार हो रही कूटनीतिक कोशिशों के बाद मिली सफलता है. एक लंबी वार्ता और प्रक्रिया के बाद इन नाविकों की सुरक्षित रिहाई संभव हो सकी है. भारतीय शिपिंग प्राधिकरण के मुताबिक ये नाविक एमवी हार्बर फीनिक्स नाम के तेल टैंकर पर तैनात थे। 

आपको बता दें कि ये मामला जुलाई, 2025 का है, जिसमें ईरान के जास्क पोर्ट के पास इस जहाज को रोके जाने के बाद नाविकों को हिरासत में ले लिया गया था. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने बयान जारी कर कहा कि नाविकों को अब सुरक्षित रूप से रिहा कर दिया गया है और उन्हें वापस भारत लाने की तैयारी की जा रही है. इस मामले कोई भी सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है और बेहद शांति से भारत सरकार ने नाविकों की वापसी सुनिश्चित की है। 

भारत-ईरान के अच्छे संबंधों का सबूत 
भारत और ईरान के बीच लंबे समय से मजबूत कूटनीतिक और ऊर्जा संबंध रहे हैं. हालांकि भारत अमेरिका और इजरायल के साथ भी करीबी रिश्ते बनाए रखता है, इसलिए ऐसे मामलों में नई दिल्ली काफी संतुलित और सावधानी भरी नीति अपनाती है. ईरानी सुरक्षा बल अक्सर खाड़ी क्षेत्र में उन जहाजों को पकड़ने का दावा करते हैं, जिन पर अवैध रूप से ईंधन ले जाने का शक होता है. हालांकि भारतीय नाविकों की गिरफ्तारी की सटीक वजह या जहाज से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. शिप ट्रैकिंग वेबसाइट्स के मुताबिक एमवी हार्बर फीनिक्स पलाऊ झंडे वाला एक ऑयल टैंकर है. भारतीय सरकार ने इस पूरे मामले में सार्वजनिक बयानबाजी से बचते हुए शांत कूटनीति की रणनीति अपनाई. माना जा रहा है कि इसी वजह से बातचीत के जरिए नाविकों की रिहाई का रास्ता निकल पाया। 

होर्मुज पर बना हुआ है संकट 
भारत दुनिया के सबसे बड़े मर्चेंट नेवी कार्यबल वाले देशों में शामिल है. खाड़ी क्षेत्र के समुद्री रास्तों पर हजारों भारतीय नाविक काम करते हैं. वहीं 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर कड़ी निगरानी और प्रतिबंध बढ़ा दिए हैं. दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी इसी रास्ते से होकर गुजरता है. भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार है, अपनी लगभग आधी कच्चे तेल की जरूरत होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए पूरी करता है. हालांकि इस बीच भारत के कई टैंकर होर्मुज से गुजरे हैं. पिछले एक हफ्ते में भारत के लिए एलएनजी ला रहे दो जहाजों ने भी इस रास्ते को क्रॉस किया है, जिसके बाद गैस संकट का दबाव थोड़ा कम जरूर होगा। 

UNSC में भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला, ‘हजार वार’ की नीति को किया बेनकाब

नई दिल्ली

भारत ने 2 दिन में दूसरी बार पाकिस्तान को लताड़ लगाई है। वैश्विक मंचों पर भारत को उकसाने वाली बयानबाजियों से बाज न आने वाले पाकिस्तान को भारत ने इस बार आंतकवाद के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ‘यूएन चार्टर के सिद्धांतों को बनाए रखने’ पर आयोजित एक खुली बहस के दौरान भारत के स्थायी राजदूत पार्वथनेनी हरीश ने पाकिस्तान को एक्सपोज किया। राजदूत हरीश ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान को भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने की भारी कीमत चुकानी होगी।

राजदूत हरीश ने पाकिस्तान के असली चेहरे को UNSC में बेनकाब किया। उन्होंने अपने बयान में कहा, “पाकिस्तान को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर परिणाम होते हैं। अस्तित्व में आने के बाद से ही पाकिस्तान लगातार आतंकवाद, उग्रवाद, हिंसक कट्टरपंथ और भारत-विरोधी बयानबाजी कर रहा है। पाकिस्तान दुष्ट ताकतों को पालने और उनका इस्तेमाल करने में जुटा हुआ है।”

क्या बोला भारत?
भारतीय राजदूत पाकिस्तान की सेना की कुख्यात डॉक्ट्रिन ‘ब्लीडिंग इंडिया बाय अ थाउजेंड कट्स’ यानी भारत को लहूलुहान करने जैसी नीति को भी संयुक्त राष्ट्र के सामने लेकर आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कई युद्ध शुरू कर, बेवजह आक्रामकता दिखाकर और आतंकवाद फैलाकर संप्रभुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन किया है। ऐसे में पाकिस्तान का UN चार्टर के प्रति प्रतिबद्धता जताना पूरी तरह खोखला और पाखंड है।

राजदूत हरीश ने याद दिलाया कि स्वतंत्र भारत ने शुरुआत से ही पाकिस्तान के सीमा पार आक्रमण को झेला है। पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्रों पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की। भारत ने यह भी बता दिया कि उसके पास इस आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।

जम्मू कश्मीर के जिक्र पर भी भारत ने सुनाया
गौरतलब है कि भारत ने जम्मू कश्मीर के मुद्दे का जिक्र करने को लेकर मंगलवार को भी पाक और चीन को सुनाया था। दरअसल पाकिस्तान और चीन के बीच बीजिंग में हुई एक बैठक के बाद एक साझा बयान जारी किया था। इसमें कश्मीर का जिक्र कर कहा गया था कि इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए। इसके बाद भारत ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस पर किसी भी तीसरे देश को टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है।

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा, “हम चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के अनुचित बयान को सिरे से खारिज करते हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं, थे और हमेशा रहेंगे। किसी भी अन्य देश के पास इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।” वहीं भारत ने CPEC प्रोजेक्ट को लेकर भी अपनी आपत्ति दोहराई। भारत ने कहा कि इस कॉरिडोर का कुछ हिस्सा भारत की संप्रभु धरती (PoK) से होकर गुजरता है और भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर चोट करने वाले और पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध बनाने वाले किसी भी देश के ऐसे कदम का कड़ा विरोध करता है।

राजौरी के जंगलों में आतंकियों की घेराबंदी, पांचवें दिन भी जारी ‘ऑपरेशन शेरावाली’

राजौरी 
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन लगातार पांचवें दिन भी जारी है. डोरीमल और गम्भीर मोगला के घने जंगलों में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीमें आतंकियों की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के दो बड़े कमांडर छिपे हो सकते हैं, जिन्हें पकड़ने या मार गिराने के लिए सुरक्षाबलों ने घेराबंदी और कड़ी कर दी है। 

सूत्रों के मुताबिक आतंकियों के खिलाफ मल्टी ग्रिड ऑपरेशन चलाया जा रहा है. ऑपरेशन में पैरा स्पेशल फोर्स के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. साथ ही ड्रोन, हाईटेक सर्विलांस सिस्टम और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि आतंकियों को भागने का मौका न मिले.
दरअसल शनिवार को यहां उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई थी, जब जंगल में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग कर दी. इसके बाद सेना और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई शुरू की और पूरे इलाके को घेर लिया गया. खुफिया एजेंसियों को पहले ही इन जंगलों में 2 से 3 आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया गया। 

नागरोटा स्थित सेना की व्हाइट नाइट कोर ने भी ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए इसे ‘ऑपरेशन शेरुवाली’ नाम दिया है. माना जा रहा है कि आतंकी अभी भी जंगल के भीतर किसी दुर्गम इलाके में छिपे हुए हैं। 

राजौरी की पीर पंजाल रेंज का यह इलाका आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है. यहां घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और सीमित रास्ते सुरक्षाबलों के लिए मुश्किलें बढ़ाते हैं. यही वजह है कि ऑपरेशन बेहद सावधानी और रणनीति के साथ चलाया जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के इलाकों में भी चौकसी बढ़ा दी है. जगह-जगह नाके लगाए गए हैं और वाहनों व पैदल आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है । 

स्थानीय लोग भी सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं. फिलहाल इस ऑपरेशन में किसी जवान या नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन सुरक्षाबल आतंकियों को किसी भी हाल में बच निकलने का मौका नहीं देना चाहते। 

कर्नाटक में ‘बिहार फॉर्मूला’ की चर्चा, सिद्धारमैया राज्यसभा तो बेटे को मंत्री पद?

बेंगलुरु 

कर्नाटक कांग्रेस में लंबे वक्त से चल रही सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार की खींचतान अब एक संभावित फॉर्मूले की ओर बढ़ती दिख रही है. सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यसभा की सीट और राष्ट्रीय स्तर पर अहम भूमिका सौंपी जाएगी, जबकि उनके बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया को नई सरकार के कैबिनेट में मंत्री पद दिया जा सकता है। 

इससे डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो सकता है. कांग्रेस का ये फॉर्मूला पार्टी में संतुलन और कर्नाटक सरकार में नेतृत्व परिवर्तन का साफ संकेत दे रहा है. साथ ही सूत्रों ने बताया कि शिवकुमार कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकते हैं। 

सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली में हुई कांग्रेस आलाकमान की मैराथन बैठक में ये फॉर्मूला तय किया गया है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने करीब सात घंटे चक कर्नाटक में मौजूदा राजनीतिक खींचतान को लेकर चर्चा की। 

हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर किसी भी नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा से इनकार किया है, लेकिन अंदरखाने चल रही राजनीतिक कवायद ने इस अटकल को और मजबूत कर दिया है कि सिद्धारमैया अब मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। 

जल्द इस्तीफा दे सकतें हैं सिद्धारमैया
बैठक की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया को साफ कर दिया है कि कांग्रेस अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपना चाहती है, क्योंकि वह देश में कांग्रेस के सबसे बड़े-सम्मानित पिछड़ा वर्ग चेहरों में से एक हैं. पार्टी चाहती है कि साल 2029 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर केंद्र की राजनीति में आएं और राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी व प्रभावी सांगठनिक भूमिका निभाएं. सूत्रों ने ये भी बताया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। 

KPCC के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देंगे शिवकुमार
सूत्रों ने ये भी बताया कि डीके शिवकुमार कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफ देंगे. उनकी जगह सतीश जारकीहोली को पार्टी अध्यक्ष बनाया जा सकता है. सतीश अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंध रखते हैं। 

कांग्रेस आलाकमान द्वारा निकाले गए इस नए समझौते के अनुसार, वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया अब कर्नाटक की सक्रिय मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर केंद्र की राजनीति का रुख करेंगे, जहां पार्टी उन्हें राज्यसभा की सुरक्षित सीट देकर दिल्ली भेजेगी. सिद्धारमैया के केंद्र में जाने के बाद राज्य में डीके शिवकुमार के नए मुख्यमंत्री के तौर पर सरकार बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा, जिससे दोनों गुटों के बीच का बड़ा गतिरोध हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। 

शिवकुमार को सम्राट की तरह कुर्सी 

सत्ता के ‘नेतृत्व परिवर्तन’ की लंबी चली यह रार अब आखिरकार अपने अंजाम तक पहुंचती नजर आ रही है, डीके शिवकुमार का इंतजार अब खत्म होने की ओर है. कुर्सी की इस लड़ाई का अब पटाक्षेप होता दिख रहा है. कांग्रेस या कांग्रेस के नेताओं ने इसे लेकर आधिकारिक तौर पर अभी कुछ नहीं कहा है, लेकिन दिल्ली में सिद्धारमैया और शिवकुमार के साथ कांग्रेस आलाकमान की बैठक, इस बैठक के बाद बेंगलुरु में बढ़ी हलचल इसी तरफ इशारा करते हैं। 

चर्चा एक फॉर्मूले की भी है. इस फॉर्मूले के मुताबिक सीएम सिद्धारमैया को राज्यसभा के रास्ते दिल्ली लाए जाने की चर्चा है. सीएम सिद्धारमैया के बेटे डॉक्टर यतींद्र सिद्धारमैया को डीके शिवकुमार की कैबिनेट में मंत्री पद दिया जा सकता है. सीएम बनाए जाने के बाद शिवकुमार कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी भी छोड़ सकते हैं और यह पद सिद्धारमैया के भरोसेमंद सतीश जारकीहोली को दिया जा सकता है। 

यह फॉर्मूला कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के लिए निकाला गया है. बात कांग्रेस पार्टी की है. लेकिन यह है कुछ वैसा ही, जैसा हाल ही में बिहार में देखने को मिला. बिहार में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे. नीतीश कुमार राज्यसभा चले गए, मुख्यमंत्री और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को नई सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया और सत्ता का सरदार सम्राट चौधरी बन गए। 

ठीक यही फॉर्मूला कांग्रेस अब कर्नाटक में अपनाती नजर आ रही है. सीएम सिद्धारमैया को नीतीश कुमार की तरह राज्यसभा भेजने के साथ ही पार्टी निशांत की तरह यतींद्र को मंत्री पद ऑफर कर रही है. बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) के नीतीश कुमार की जगह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने थे. कर्नाटक में सिद्धारमैया की जगह कुर्सी शिवकुमार को मिलेगी। 

फर्क इतना है कि बिहार में मसला दो गठबंधन सहयोगियों के बीच का था और कर्नाटक में बात दो नेताओं की बीच की है. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया ने अभी इस फॉर्मूले पर हां या ना नहीं कहा है. सीएम सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपनी सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को ब्रेकफास्ट पर बुलाया है. इसे लेकर भी आधिकारिक तौर पर सरकार या पार्टी की ओर से कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन डीके शिवकुमार के शेड्यूल में इसका जिक्र है। 

लंबित मामलों पर बड़ा एक्शन, 24 राशन दुकानों के लाइसेंस निरस्त

दुर्ग.

जिले की 24 राशन दुकानों का संचालन लंबे समय से अटैचमेंट में चल रहा था। कोर्ट में प्रकरण लंबित होने के कारण इन दुकानों के संचालन के लिए नई समितियों का निर्धारण नहीं हो पा रहा था। कोर्ट से प्रकरणों के निराकरण के बाद इन सारी दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया गया है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 16 के तहत यह कार्यवाही की गई है। निरस्त दुकान-महिला स्व सहायता समूह, संगवारी खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उप सेवा सह समिति, नवीन महिला स्व सहायता समूह, शंकरा महिला स्व सहायता समूह, जय शक्ति महिला स्व सहायता समूह, जय श्री कृष्ण महिला स्व सहायता समूह, दुर्ग सहकारी विपणन समिति, कृषक सेवा सहकारी समिति कोहका, जय सदाराम महिला स्व सहायता समूह, मां अन्नपूर्णा स्व सहायता समूह, सामुदायिक विकास समिति भिलाई, एकता महिला स्व सहायता समूह, सामुदायिक विकास समिति भिलाई, बीएसपी प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार, सहकारी उपभोक्ता भण्डार भिलाई, विन्ध्यवासिनी महिला स्व सहायता समूह, नवीन प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार, स्टील नगर महिला स्व सहायता समूह, मं जय भवानी महिला स्व सहायता समूह, इस्पात कर्मचारी कन्ज्यूमर कोआपरेटिव स्टोर्स भिलाई, सामुदायिक विकास समिति रविदास नगर भिलाई, संतोषी महिला स्व सहायता समूह, भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ केम्प 1 भिलाई और प्रेरणा महिला स्व सहायता समूह शामिल हैं।

शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन के लिए आवेदन केवल संबंधित वार्ड की स्थानीय संस्था द्वारा ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। 15 जून तक आवेदन किया जा सकता है। खाद्य नियंत्रक अनुराग सिंह भदौरिया ने बताया कि पूर्व में लंबित मामलों के निराकरण के बाद ही दुकानों के आवंटन को निरस्त किया गया है। नए का निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप आवंटन किया जाएगा।

सड़क नहीं तो हेलीकॉप्टर दो! सुकमा गांव वालों की अमित शाह से अनोखी मांग

सुकमा 
केंद्र सरकार ने दावा किया था कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा और छत्तीसगढ़ के दूरदराज के इलाकों में विकास ही विकास शुरू हो जाएगा। यहां नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन के लगभग 2 महीने बीत चुके हैं। अब छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के एक गांव से लोगों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एक अजीब मांग कर दी है। गांव के लोगों का कहना है कि या तो हमारे लिए सड़क बनवा दें, और अगर सड़क नहीं बनवा सकते हैं तो हमारे लिए गांव में ही हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जाए।

मामला छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के मारुकी गांव का है। यहां सालों से चली आ रही सड़कों की बदहाल व्यवस्था को लेकर अपनी पीड़ा दिखाते हुए स्थानीय लोगों ने ये तरीका अपनाया है। गांव के लोगों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मांग की है कि उनके गांव को जोड़ने वाली सड़क के प्रोजेक्ट का काम पूरा करवाया जाए। अगर वो ऐसा नहीं कर पाते हैं तो गांव के लोगों की मेडिकल इमरजेंसी के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करवाई जाए।

क्या बोले सरपंच
इस मामले पर बात करते हुए मारुकी गांव के सरपंच ने कहा कि उनके गांव की सड़क बनवाने के लिए 10 सालों से प्रयास कर रहे हैं। सरपंच ने बताया कि गांव की सड़क बनवाने के लिए गांव के लोगों ने बताया कि सड़क बनवाने के लिए उन्होंने स्थानीय अधिकारियों, जिले के अधिकारियों और यहां तक कि कलेक्टर ऑफिस तक मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सड़क को बनाने का टेंडर 10 साल पहले शुरू किया गया था, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है।

राशन लाने के लिए खर्च करने पड़ते हैं 100 रुपए
इस मामले पर बात करते हुए स्थानीय ने बताया कि सरकार द्वारा दिया जाने वाला राशन लाने के लिए भी उन्हें पैसे खर्च करने पड़ते हैं। लोगों का कहना है कि राशन लाने के लिए उन्हें ट्रैक्टर से जाना पड़ता है। ट्रैक्टर वाला उनसे 100 रुपए किराया ले लेता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकार उन्हें फ्री में राशन दे रही है, लेकिन सड़क खराब होने की वजह से उन्हें ट्रैक्टर का किराया खर्च जाना पड़ता है। अब गांव के लोगों ने यहां सड़क बनाने के लिए अमित शाह को पत्र लिखा है।

भोपाल में IPS अधिकारी की 16 वर्षीय बेटी ने की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

भोपाल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक आईपीएस अधिकारी की 16 वर्षीय बेटी ने खुदकुशी कर ली. यह दिल दहला देने वाला हबीबगंज थाने क्षेत्र में चार इमली स्थित सरकारी बंगले का है, जहां नाबालिग ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस की टीम को वहां से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. ऐसे में बच्ची ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह सामने नहीं आ सकी है। 

बताया जा रहा है कि घर के हेल्पर ने लड़की को दुपट्टे से बने फंदे पर झूलते देखा और चीख-पुकार मच गई. फिलहाल, पुलिस ने मृतक लड़की का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने आखिरी बात किससे की थी या फिर मैसेज आदि में ऐसी कोई वजह मिले जिसकी वजह से लड़की यह कदम उठा सकती है। 

AIG हैं मृतक लड़की के IPS पिता
बता दें, मृतक नाबालिग लड़की के IPS अधिकारी पिता पुलिस हेडक्वॉर्टर्स (PHQ) में असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (AIG) पद पर पोस्टेड हैं. लड़की की मां रजिस्ट्रार गैस राहत के पद पर हैं। 

घर में अकेली थी लड़की  
जब लड़की ने यह खौफनाक कदम उठाया, उस समय घर में उसके अलावा और कोी मौजूद नहीं था. बुधवार (27 मई) की सुबह माता-पिता दोनों ऑफिस गए हुए थे. उनका एक बड़ा बेटा भी है जो उस समय घर के बाहर था. अब पुलिस मृतक लड़की के परिजनों, दोस्तों, स्कूल में टीचर्स आदि से बात कर यह समझने की कोशिश करेगी कि सुसाइड के पीछे की वजह क्या है. वहीं, नाबालिग के कमरे में उसके फोन, अन्य इलेक्ट्रॉनिक चीजों की भी जांच की जाएगी। 

अंबुज पांडेय, 2012 से सक्रिय  पत्रकारिता में हैं. वर्तमान में ABP न्यूज़ में बतौर प्रिंसिपल कॉरस्पॉडेंट, भोपाल मध्य प्रदेश में कार्यरत हैं. न्यूज़ पॉइंट, NNIS न्यूज़ एजेंसी, APN न्यूज़, ANI, और PTI में बतौर राजनैतिक संवाददाता काम किया . पॉलिटिकल रिपोर्टिंग के साथ-साथ, जन सरोकारों से जुड़ी खबरें, सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें और विषम परिस्थिति में प्राकृतिक आपदाएं कवर करने का अनुभव है। 

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