हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा सिविल सर्विसेस परीक्षा 2027 की कोचिंग हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित- मिर्जा एजाज बेग

रायपुर

यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सर्विसेस परीक्षा 2027 में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई में संचालित कोचिंग एवं गाइडेंस सेल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिये प्रवेश हेतु हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा इच्छुक विद्यार्थियों से ऑनलाईन आवेदन दिनांक 10 जून 2026 तक आमंत्रित किये गये है। ऑनलाइन आवेदन एवं अर्हताओं का संपूर्ण विवरण हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाईट www.hajcommittee.gov.in पर उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमेन मिर्ज़ा एजाज बेग ने बताया कि, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई में, यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सर्विसेस परीक्षा में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए कोचिंग एवं गाइडेंस सेल का संचालन किया जाता है । उक्त कोचिंग एवं गाइडेंस सेल में प्रवेश के लिये इच्छुक विद्यार्थियों से ऑनलाईन आवेदन दिनांक 10 जून 2026 तक आमंत्रित किये गये है। अर्हता पूर्ण करने वाले विद्यार्थियो का इंटरेंस टेस्ट दिनांक 28 जून 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा रायपुर में आयोजित किया जावेगा। अधिक जानकारी के लिये कार्यालय छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के दूरभाष 0771-4266646 पर संपर्क किया जा सकता है।

दंतेवाड़ा में अवैध लौह अयस्क का बड़ा खेल उजागर, पहाड़ियों से मैदान तक मिले ढेर

दंतेवाड़ा.

पंडेवार में दो ट्रक और एक जेसीबी की जब्ती के बाद अब लौह अयस्क के बड़े खेल की परतें खुलने लगी हैं। पंडेवार से बैलाडीला तक कई जगह खुले में अयस्क के बड़े-बड़े ढेर मिले हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि पहाड़ियों से ट्रैक्टरों के जरिए अयस्क नीचे लाया गया। इसके बाद ट्रकों से बाहर भेजने की तैयारी चल रही थी।

कई जगह अस्थायी रास्ते भी बनाए गए हैं, जिससे साफ है कि यह काम लंबे समय से चल रहा था। जानकारों के मुताबिक एक ट्रक में 40 से 50 टन तक लौह अयस्क लोड होता है। एक खेप की कीमत डेढ़ से दो लाख रुपये तक बताई जा रही है। यानी यह सिर्फ छोटे स्तर की चोरी नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क का संकेत माना जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि खुले में हो रहा इतना बड़ा भंडारण विभागीय निगरानी से कैसे बच गया।

पहाड़ियों के नीचे दर्जनों ट्रक लम्प्स जमा होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौका देखकर माल बाहर भेजने की तैयारी थी। डीएफओ ने जांच टीम भेजने और अवैध भंडारण मिलने पर जब्ती की बात कही है। अब नजर इस बात पर है कि कार्रवाई सिर्फ वाहनों तक सीमित रहती है या पूरे नेटवर्क तक पहुंचती है।

मपीएसईडीसी द्वारा “यूएक्स4जी एडवांस्ड लेवल वर्कशॉप” हुई

भोपाल 

मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम द्वारा नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को एक दिवसीय “यूएक्स4जी एडवांस्ड लेवल वर्कशॉप” का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य सरकार के प्रमुख डिजिटल पोर्टलों जैसे आरसीएमएस, संपदा और एमपी ई-सेवा पर नागरिकों को बेहतर डिजिटल अनुभव उपलब्ध कराना था।

कार्यशाला में सरकारी डिजिटल सेवाओं को अधिक सरल, आधुनिक और सहज बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से पोर्टलों की उपयोगकर्ता पहुंच बढ़ाने और नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।कार्यशाला का संचालन नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन के सहयोग से किया गया। इस दौरान  अजीत विसेन, सु सबा और  आकर्षण चौहान ने यूआई/यूएक्स ट्रांसफॉर्मेशन और सरकारी डिजिटल सेवाओं में नवाचार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा की।

कार्यशाला में व्यावहारिक सत्रों और सामूहिक चर्चाओं के माध्यम से सरकारी पोर्टलों को अधिक नागरिक हितैषी बनाने के लिए सुझावों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें विभिन्न विभागों के 25 अधिकारियों एवं डिजाइनरों ने सहभागिता की। 

‘पानी नहीं तो वोट नहीं’: MP के गांव में चुनाव बहिष्कार का ऐलान, नेताओं की एंट्री पर रोक

नरसिंहपुर

इन दिनों चांवरपाठा विकासखंड में पेयजल समस्या अत्यंत गंभीर रूप धारण कर चुकी है। बेतहाशा गिरते जमीनी जल स्तर के कारण क्षेत्र के हैंडपंपों ने पानी की जगह हवा उगलना शुरू कर दिया है। जहां कहीं थोड़ा-बहुत पानी मिल भी रहा है, वह लाल-पीला और दूषित है, जिससे ग्रामीण गंभीर बीमारियों के साये में जीने को मजबूर हैं। इस भीषण जल संकट से विकासखंड का ग्राम मानकपुर बिजोरा बुरी तरह प्रभावित है। अनेक बार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से सूचित करने के बावजूद जब समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकला, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया।

ग्राम सभा में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता से त्रस्त होकर ग्रामीणों ने गांव में एक विशाल ग्राम सभा का आयोजन किया। इस बैठक में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वर्षों से चली आ रही इस भीषण पेयजल किल्लत पर गंभीर चर्चा के बाद, ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने साफ कह दिया है कि जब तक ग्राम बिजोरा में मां नर्मदा का जल पहुंचाकर समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया जाता, तब तक ग्रामवासी ग्राम पंचायत, विधानसभा और लोकसभा सहित आगामी सभी चुनावों का पुरजोर बहिष्कार करेंगे और किसी भी मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे।

नेताओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध

चुनाव बहिष्कार के साथ ही ग्रामीणों ने यह भी फैसला लिया है कि जब तक पानी की समस्या दूर नहीं होती, तब तक गांव का कोई भी व्यक्ति किसी भी राजनीतिक दल के नेता को अपने निजी या सार्वजनिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं करेगा। नेताओं के गांव में प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे आश्वासनों के झांसे में नहीं आने वाले और अपने हक के लिए यह निर्णायक लड़ाई मिलकर लड़ेंगे।

गर्मी में भूमि पड़ी रहती है खाली, खेतों और घरों में मचा हाहाकार

पानी की कमी के कारण किसान ठंड के सीजन में खेतों में आधा-आधा नोजल चलाकर किसी तरह एक-दो एकड़ में हल्की सिंचाई करते हैं और अपना गुजारा चलाते हैं। गर्मी आते ही हजारों एकड़ भूमि पानी के अभाव में खाली पड़ी रहती है। मार्च के बाद से ही हैंडपंप जवाब देने लगते हैं। गांव में स्थिति इतनी बदतर है कि लोगों को अपने स्वयं के ट्रैक्टरों से सुदूर खेतों में बने कुओं/स्रोतों से टैंकर भरकर पानी लाना पड़ रहा है। मर्रावन से लेकर अमथनु तक लगभग 45 ग्राम हर साल गर्मी में पानी की इस विकट समस्या से जूझते आ रहे हैं। फिर पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।
 

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की जुबानी

 हमें वर्षों से केवल झूठे आश्वासन मिले हैं, लेकिन गांव की मूल समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। अब ग्रामवासी चुप नहीं बैठेंगे। हम अपने मौलिक अधिकार (पानी) के लिए एकजुट होकर यह निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं और जब तक पानी नहीं आता, तब तक कोई चुनाव नहीं होगा। – वृन्दावन पटेल, सेवानिवृत्त शिक्षक
    
पिछले 25 वर्षों से हर एक जनप्रतिनिधि के सामने पानी का मुद्दा उठाया गया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। वन विभाग ने जो तालाब बनवाया था, वह 15 साल पहले टूट गया। पंचायत ने जल भराव के लिए गहरीकरण कराया, तो बाद में तार फेंसिंग (बाउंड्री) करके वहां प्रवेश वर्जित कर दिया गया। – सतीश पटेल, मीडिया प्रभारी, किसान संघ
    
पानी की कमी के कारण किसान ठंड के सीजन में खेतों में आधा-आधा नोजल चलाकर किसी तरह एक-दो एकड़ में हल्की सिंचाई करते हैं और अपना गुजारा चलाते हैं। गर्मी आते ही हजारों एकड़ भूमि पानी के अभाव में खाली पड़ी रहती है। मार्च के बाद से ही हैंडपंप जवाब देने लगते हैं। – यशवंत पटेल, वरिष्ठ पदाधिकारी, राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ

गांव में स्थिति इतनी बदतर है कि लोगों को अपने स्वयं के ट्रैक्टरों से सुदूर खेतों में बने कुओं/स्रोतों से टैंकर भरकर पानी लाना पड़ रहा है। मर्रावन से लेकर अमथनु तक लगभग 45 ग्राम हर साल गर्मी में पानी की इस विकट समस्या से जूझते आ रहे हैं। फिर पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। – द्वारका प्रसाद झारिया, सरपंच ग्राम पंचायत मानकपुर बिजोरा

 

महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बनेगा “रिसोर्स पूल” : मंत्री सुभूरिया

भोपाल 

महिला सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए महिला वित्त एवं विकास निगम को नई कार्य संस्कृति और परिणामोन्मुखी भूमिका में लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। महिला-बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया की अध्यक्षता में मंत्रालय में मध्यप्रदेश महिला वित्त एवं विकास निगम की 80वीं संचालक मंडल समिति की बैठक हुई। बैठक में जिसमें निगम की कार्यप्रणाली, लंबित प्रस्तावों, महिला रोजगार, कौशल विकास और संस्थागत सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में मंत्री सुभूरिया ने स्पष्ट कहा कि महिला-बाल विकास विभाग का मूल उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि महिलाओं का वास्तविक आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण है। उन्होंने निर्देश दिए कि महिला वित्त एवं विकास निगम को प्रदेश की महिला वर्क-फोर्स तैयार करने वाली प्रमुख संस्था के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए निगम एक व्यापक ऑनलाइन पोर्टल तैयार करेगा, जिसमें महिलाओं की कौशल दक्षता का परीक्षण कर उन्हें कुशल, अर्द्ध-कुशल और अकुशल श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा।

मंत्री सुभूरिया ने कहा कि अकुशल एवं अर्द्ध-कुशल महिलाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण देकर विभिन्न विभागों, उद्योगों और संस्थानों की मांग के अनुरूप रोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निगम महिला श्रमिकों, कारीगरों और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित महिलाओं का “रिसोर्स पूल” विकसित करे, जिससे प्रदेश के विभागों और संस्थाओं को आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षित महिला वर्क-फोर्स उपलब्ध कराई जा सके।

बैठक में यह भी तय किया गया कि महिला वित्त एवं विकास निगम अब केवल वित्तीय गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कौशल विकास, बाज़ार संपर्क, तकनीकी प्रशिक्षण और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। मंत्री सुभूरिया ने अन्य राज्यों में महिला वित्त विकास निगमों की कार्यपद्धति का अध्ययन कर बेहतर मॉडल अपनाने के निर्देश दिए।

बैठक में निगम के सुदृढ़ीकरण को लेकर पूर्व में प्रस्तावित “चैनल पार्टनर” व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। मंत्री सुभूरिया ने स्पष्ट किया कि निगम को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाते हुए केवल गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण संस्थानों और विशेषज्ञ एजेंसियों को ही जोड़ा जाए। कौशल विकास और फाइनेंशियल लिटरेसी कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए हाई-क्वालिटी संस्थानों के एम्पैनलमेंट पर जोर दिया गया।

बैठक में IPE Global Limited के साथ हुए महत्वपूर्ण एमओयू की भी समीक्षा की गई। “देवी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण मिशन” के तहत यह पहल प्रदेश की युवा महिलाओं को वेतन आधारित रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 1.6 लाख महिलाओं को रोजगार से जोड़ना, 50 हजार महिलाओं को बाज़ार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देना तथा 500 से अधिक कंपनियों में जेंडर डाइवर्सिटी प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

मंत्री सुभूरिया ने निगम के प्रशासनिक ढांचे में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त निर्देश दिए। संचालक मंडल ने निर्णय लिया कि निगम के ऐसे कर्मचारी जो अन्यत्र अटैच हैं, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए जाएं तथा एक माह के भीतर मूल पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में उनकी सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की जाए।

बैठक में महिला बाल विकास, सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि, आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती निधि निवेदिता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

 

अपनापन’ केवल पुस्तक नहीं, बल्कि संगठन, समर्पण, संघर्ष और नेतृत्व की कार्यशैली को समझने का दस्तावेज है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के साथ कार्य करने के अनेक अनुभव लाखों कार्यकर्ताओं के पास हैं, लेकिन केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान का लगभग 35 वर्षों का लंबा साथ विशेष महत्व रखता है। केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने युवा मोर्चा के अध्यक्ष, केसरिया वाहिनी के दायित्व, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक अपनापन में साझा किया है। यह केवल संस्मरणों का संकलन नहीं, बल्कि संगठन, समर्पण, संघर्ष और नेतृत्व की शैली को समझने का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। पुस्तक ”अपनापन”नई पीढ़ी और कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देने का कार्य करेगी। सभी कार्यकर्ता और युवा यह पुस्तक पढ़ें और उससे मार्गदर्शन प्राप्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘’अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव” के नई दिल्ली में हुए लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में व्यक्त किए।

पूर्व प्रधानमंत्री  देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति  वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के साथ व्यतीत गए समय और उस काल के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और पुस्तक के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री  एच.डी. देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति  एम. वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्रीगण, अनेक प्रदेशों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पत्रकार, समाजधर्मी और लेखक उपस्थित थे।

 

सिंहस्थ-2028 की तैयारी तेज: ओंकारेश्वर में शासकीय जमीन पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई

खंडवा

आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार सुबह नगर परिषद, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शासकीय जमीन पर बने बड़े अतिक्रमणों को बुलडोजर से हटाया। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, आईकार्ड व्यवस्था तथा अन्य विकास कार्यों हेतु जमीन खाली कराई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई स्थायी निर्माणों और बाउंड्रीवाल को हटाया गया।

सिंहस्थ की तैयारियां और कलेक्टर के निर्देश

कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए ओंकारेश्वर में विकास कार्यों की तैयारी तेज कर दी गई है। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर वहां पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में हटाए गए अतिक्रमण वाले क्षेत्रों को समतल किया जा रहा है और वास्तविक विस्थापितों के पुनर्वास की कार्रवाई भी शीघ्र की जाएगी।

धर्मशालाओं और गौशाला पर चला बुलडोजर

सीएमओ मोनिका पारधी ने बताया कि मंगलवार को पागलदास बाबा गौशाला और दिनेश दयाराम लोवंशी धर्मशाला की बाउंड्रीवाल को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसके अलावा लोवंशी धर्मशाला, राजपूत धर्मशाला और सोनी धर्मशाला को भी नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आगामी दिनों में भी जारी रहेगा अभियान

पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वार्ड क्रमांक-7 ब्रह्मपुरी क्षेत्र में अवैध पक्के और कच्चे निर्माण तथा दुकानों को हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। हटाए गए स्थानों का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को कुछ अतिक्रमण हटाए गए हैं और आने वाले दिनों में भी अभियान लगातार जारी रहेगा।

 

नौतपा का कहर: खजुराहो में पारा 46.4°C के पार, MP के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी

भोपाल 

प्रदेश में नौतपा के दूसरे दिन भीषण और झुलसाने वाली गर्मी से आम जनजीवन बुरी तरह बेहाल रहा। प्रदेश के दिन और रात दोनों के तापमान बढ़े हुए हैं। दिन के समय चुभती हुई धूप लोगों को झुलसा रही है, वहीं रात के समय हवाओं में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ी हुई है, जिससे रातें भी बेहद बेचैन करने वाली हो गई हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार को प्रदेश का सबसे अधिकतम तापमान छतरपुर जिले के खजुराहो में 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इसी जिले के नौगांव में पारा 45.6 डिग्री रहा। प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में दिन का तापमान 42.2 डिग्री से 46.4 डिग्री और रात का न्यूनतम पारा 25.6 डिग्री से 31.0 डिग्री के बीच रहा। वहीं प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों दतिया में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री रहा, जबकि शेष हिस्सों में पारा 41.2 डिग्री से 45.2 डिग्री के बीच दर्ज हुआ। यहां रात का तापमान 25.0 डिग्री से 33.3 डिग्री तक पहुंचा।

 

बुरहानपुर समेत कई क्षेत्रों में पड़ी बौछारें, शाम को बदला मौसम का मिजाज

भीषण गर्मी के बीच शाम होतेहोते प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ने करवट बदली। बुरहानपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी और पांढुर्णा में गरजचमक के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं राजधानी भोपाल में भी दोपहर तीन बजे के बाद धूपछांव का सिलसिला चलने से लोगों को तीखी धूप से थोड़ी राहत मिली।

कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

  • रेड अलर्ट (तीव्र लू और गर्म रात): रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी में तीव्र लू और टीकमगढ़ में गर्म रात का रेड अलर्ट।
  • ऑरेंज अलर्ट (तीव्र लू): ग्वालियर, दतिया (गर्म रात के साथ), शिवपुरी, भिंड, मुरैना, श्योपुर के साथसाथ सागर, जबलपुर, दमोह और मैहर सहित 16 जिलों में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
  • येलो अलर्ट: भोपाल, इंदौर संभाग के खरगौन, खंडवा, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर और सीहोर सहित कई जिलों में लू का येलो अलर्ट रहेगा।

तापमान का पूरा गणित: प्रदेश के चार बड़े शहरों का हाल

शहर

अधिकतम तापमान (°C)

न्यूनतम तापमान (°C)

भोपाल

43.2

29.4

इंदौर

41.2

27.0

ग्वालियर

44.1

33.3

जबलपुर

43.9

30.0

 

 

ई-साइकिलों के प्रयोग से महिला कर्मयोगियों को मिलेगी शक्ति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए संकल्पित है। प्रदेश की सभी माताएं-बहनें अपने जीवन में सुख-समृद्धि, आनंद और वैभव प्राप्त करें। दुनिया में पेट्रोल-डीजल से दाम बढ़ रहे हैं। महिला कर्मयोगी बहनों को नि:शुल्क मिलीं ई-साइकिलें शक्ति प्रदान करेंगी। वैश्विक ऊर्जा संकट के दौर में इलेक्ट्रिक व्हीकल सबसे अच्छा विकल्प हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन में 40 महिला कर्मयोगी बहनों को ई-साइकिलें बांटने के बाद जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। साइकिलें उज्जैन जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड के माध्यम से उपलब्ध कराई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-साइकिलें उपलब्ध कराने वाली कंपनी के प्रयास को सराहा और लाभ प्राप्त करने वाली बहनों के बधाई दी।

आमजन के परिश्रम से जल संरक्षण के कार्यों में मध्यप्रदेश बना नंबर-1

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जल संवर्धन की दिशा में लगातार तीसरे वर्ष विकास कार्यों को गति दे रही है। प्रदेश में जल गंगा संरक्षण महाभियान के जरिए गुड़ी पड़वा से लेकर 30 जून तक लगभग 10 हजार करोड़ से अधिक लागत के कार्य शामिल हैं। इनमें नदी, तालाब, पोखर, कुएं, बावड़ियों के जीर्णोद्धार के कार्य किए जा रहे हैं। प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों पर जल संरक्षण के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जल संरक्षण के कार्यों के लिए मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला है। यह प्रदेशवासियों के परिश्रम का फल है।

भोजशाला के निर्णय का सभी वर्ग के लोगों ने किया सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार स्थित भोजशाला में गंगा दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया गया है। भोजशाला के संबंध में आए उच्च न्यायालय के फैसले का हिंदू-मुस्लिम सहित सभी वर्ग के लोगों ने सम्मान किया है। पहले अयोध्या में प्रभु राम के मंदिर निर्माण और वर्तमान में धार की भोजशाला को लेकर हमारे मतों में भिन्नता हो सकती है। राज्य सरकार न्यायालय के निर्णय को सफलतापूर्वक लागू करा रही है।

 

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में “मेधावी छात्र सम्मान समारोह 2026” का सफल आयोजन, 500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

भोपाल 

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में “मेधावी छात्र सम्मान समारोह 2026” का सफल आयोजन, 500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
 
रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU) एवं मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के शारदा सभागार में “मेधावी छात्र सम्मान समारोह 2026” का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में भोपाल के विभिन्न विद्यालयों के 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक एवं प्रेरणादायी वातावरण तैयार करना रहा।
 
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयुष विभाग, मध्यप्रदेश शासन के अतिरिक्त सचिव श्री संजय कुमार मिश्रा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में डीआईजी, पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश सिमाला प्रसाद, सीनियर एडिटर एवं प्रेसिडेंट, मध्यप्रदेश प्रेस क्लब डॉ. नवीन आनंद जोशी, चैनल हेड, स्वदेश न्यूज़ श्री आर.पी. श्रीवास्तव उपस्थित रहे। वहीं रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी की ओर से प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे एवं कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
 
कार्यक्रम में सागर पब्लिक स्कूल, आईकॉनिक स्कूल, आनंद विहार स्कूल, भेल स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल इत्यादि विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को मेडल पहनाकर, सम्मान-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थी आने वाले भारत के भविष्य निर्माता हैं। युवाओं को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी अपनाना चाहिए।”
 
डीआईजी सिमाला प्रसाद ने अपने वक्तव्य में छात्रों को व्यक्तित्व विकास का महत्व बताया और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गाइडेंस दिया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं को अलग-अलग चरणों छात्रों के व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को परखते हैं। साथ ही उन्होंने करियर गाइडेंस के साथ लाइफ में गोल सेटिंग के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उनकी आने वाली फिल्म “द नर्मदा स्टोरी” के ट्रेलर का प्रदर्शन भी किया गया।  
 
प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि “मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा और प्रतिभा के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त बनाने का माध्यम है। युवा प्रतिभाएं देश के भविष्य की आधारशिला हैं और उन्हें निरंतर प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है।”
 
कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे ने कहा कि “शिक्षा केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।”
 
कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने कहा कि “यह सम्मान समारोह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा प्रदान करेगा तथा उन्हें अपने लक्ष्य की ओर और अधिक समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।”
 
समारोह के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ। कार्यक्रम का सफल संयोजन आरएनटीयू में एडमिशन्स हैड डॉ. अनिल तिवारी और मप्र प्रेस क्लब के अजय प्रताप सिंह द्वारा किया गया।

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