पन्ना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहृत युवक सकुशल दस्तयाब

पन्ना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहृत युवक सकुशल दस्तयाब

10 लाख रुपये की फिरौती की मांग करने वाले आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश जारी

पन्ना

“देशभक्ति, जनसेवा” के मूल मंत्र के अनुरूप मध्यप्रदेश पुलिस ने पन्ना जिले में अपहरण के एक गंभीर प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत युवक को सकुशल दस्तयाब कर मानवीय संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता एवं प्रभावी पुलिसिंग का परिचय दिया है। विषम परिस्थितियों में पूरी रात चलाए गए सर्च ऑपरेशन के परिणामस्वरूप युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

27 जून की रात्रि लगभग 8:00 बजे थाना पवई क्षेत्र से सूचना प्राप्त हुई कि स्थानीय कपड़ा व्यापारी श्री राजेश कुमार डेंगरे के 20 वर्षीय पुत्र अंशुल उर्फ कान्हा का अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपहरण कर लिया गया है तथा उसकी रिहाई के लिए 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की जा रही है। सूचना मिलते ही थाना पवई पुलिस ने मामले की गंभीरता से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।

पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। साथ ही तकनीकी विश्लेषण एवं डिजिटल इनपुट के लिए साइबर सेल को तत्काल सक्रिय किया गया।

पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की। रात्रि के दौरान लगातार वर्षा, घने जंगल एवं दुर्गम मार्ग जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद पुलिस बल ने कई किलोमीटर तक पैदल सर्च अभियान संचालित किया। लगातार प्रयासों एवं सुनियोजित रणनीति के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने हथकुरी के समीप जंगल क्षेत्र से अपहृत युवक अंशुल उर्फ कान्हा को सकुशल दस्तयाब कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिशें दी जा रही है।

पुलिस द्वारा प्रकरण के सभी पहलुओं की गंभीरता एवं निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है। मामले में संलिप्त आरोपियों की पहचान कर ली गई है तथा उनकी शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी गंभीर अपराध की सूचना पर त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सतत कार्यरत है।

 

45 की उम्र में IAS अवनीश शरण की फिटनेस जर्नी बनी मिसाल, खुद शेयर किया ट्रांसफॉर्मेशन

रायपुर.

छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवनीश शरण इन दिनों किसी प्रशासनिक फैसले नहीं, बल्कि अपनी प्रेरणादायक फिटनेस यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई उनकी पोस्ट हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है।

इसमें उन्होंने बताया है कि किस अनुशासित प्रयासों ने न सिर्फ उनके शरीर का कायाकल्प किया, बल्कि उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट भी पूरी तरह बदल दी। आईएएस अवनीश शरण ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि कोविड के बाद वर्ष 2020 में उन्होंने फिटनेस की शुरुआत की थी। हालांकि नौकरी की व्यस्तता, पारिवारिक जिम्मेदारियों और वर्ष 2024 में हुई सर्जरी के कारण उनकी दिनचर्या बार-बार बाधित होती रही। लेकिन जून 2025 में उन्होंने एक बार फिर नई शुरुआत की। इस बार उनका लक्ष्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि खुद को पहले से अधिक स्वस्थ बनाना था।

उन्होंने नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, संतुलित एवं उच्च-प्रोटीन आहार, कैलोरी ट्रैकिंग, रोजाना पैदल चलना, पर्याप्त नींद और रिकवरी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। उन्होंने लिखा कि 1 जनवरी 2026 को उन्होंने अपनी बेटी वेदिका के 27 जून के जन्मदिन तक अपनी सर्वश्रेष्ठ फिटनेस हासिल करने का लक्ष्य तय किया था। इस पूरी यात्रा में उनकी पत्नी रुद्राणी ने हर कदम पर उनका साथ दिया। अवनीश शरण के मुताबिक इस अनुशासित जीवनशैली का असर केवल उनके शरीर पर ही नहीं, बल्कि उनकी ब्लड रिपोर्ट में भी साफ दिखाई दिया।

सितंबर 2025 से मई 2026 के बीच उनका कुल कोलेस्ट्रॉल 278 से घटकर 158, एलडीएल 205.2 से घटकर 83, एचडीएल 51 से बढ़कर 62.8 और ट्राइग्लिसराइड्स 109 से घटकर 61.9 पर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि उनका बॉडी फैट 30 प्रतिशत से अधिक से घटकर सिंगल डिजिट में आ गया, जिससे हृदय रोगों का जोखिम भी काफी कम हुआ। अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि किसी भी बदलाव के लिए प्रेरणा से ज्यादा जरूरी अनुशासन और निरंतरता है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य का आकलन केवल वजन से नहीं, बल्कि ब्लड रिपोर्ट, शरीर की क्षमता और ऊर्जा के स्तर से भी होना चाहिए। उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पर्याप्त प्रोटीन, अच्छी नींद और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की।

पोस्ट के अंत में अवनीश शरण ने लिखा, “मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि वजन कम करना नहीं है, बल्कि 45 वर्ष की उम्र में 39 वर्ष की उम्र से अधिक स्वस्थ होना है। इस यात्रा ने मुझे सिखाया कि अनुशासन प्रेरणा से अधिक शक्तिशाली है, निरंतरता पूर्णता से अधिक मूल्यवान है और स्वास्थ्य से बड़ा कोई निवेश नहीं।”

मध्यप्रदेश में जनजातीय छात्रावास-आश्रम के विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति दरों में बढ़ोतरी

भोपाल 
मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग ने वर्ष 2026-27 में छात्रावास एवं आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति की दरों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा के लिए सतत‍निर्णय ले रही है। इसी क्रम में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि अनुसूचित जनजाति के छात्रावास/आश्रमों में रहने वाले छात्र/छात्राओं की शिष्यवृत्ति की दरों को प्रत्येक वर्ष माह मार्च के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर निर्धारित कर माह जुलाई में छात्रावास / आश्रम प्रारंभ होने से प्रभावशील होगी।

जारी आदेश के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर वर्ष 2026-27 के लिए शिष्यवृत्ति की नई दरें निर्धारित की गई हैं। अब छात्रावास एवं आश्रमों में रहने वाले बालक विद्यार्थियों को 1,720 रुपये प्रतिमाह तथा बालिका विद्यार्थियों को 1,770 रुपये प्रतिमाह शिष्यवृत्ति प्रदान की जाएगी।

 

MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पेंशन बढ़ोतरी, एरियर और अतिरिक्त इंक्रीमेंट की मांग खारिज

जबलपुर
 हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने वेतन पुनरीक्षण से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वेतन पुनरीक्षण के समय कर्मचारियों द्वारा चुना गया विकल्प बाद में बदला नहीं जा सकता।

कोर्ट ने अतिरिक्त वेतनवृद्धि के आधार पर पेंशन और एरियर बढ़ाने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि स्वेच्छा से संशोधित वेतनमान स्वीकार करने वाला कर्मचारी बाद में पुरानी वेतन व्यवस्था का लाभ नहीं मांग सकता।

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका निरस्त
मामले में पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से याचिका दायर की गई थी। याचिका में अतिरिक्त इंक्रीमेंट को आधार बनाकर पेंशन के पुनर्निर्धारण और एरियर भुगतान की मांग की गई थी। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2009 के नियम-नौ में कर्मचारियों को दो स्पष्ट विकल्प दिए गए हैं।

संशोधित वेतनमान स्वीकार करने के बाद पुरानी व्यवस्था का लाभ नहीं
युगलपीठ ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी ने एक जनवरी, 2006 से संशोधित वेतनमान लागू करने का विकल्प चुना है तो वह बाद में पुरानी वेतन व्यवस्था में अतिरिक्त इंक्रीमेंट जोड़कर पेंशन पुनर्निर्धारण की मांग नहीं कर सकता।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि नियम कर्मचारियों को स्वतंत्र रूप से विकल्प चुनने का अधिकार देते हैं, लेकिन विकल्प चुनने के बाद उसके परिणामों से पीछे हटने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

नियम-नौ को कोर्ट ने माना वैध
हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2009 के नियम-नौ को वैध ठहराते हुए कहा कि कर्मचारी एक साथ दो वित्तीय लाभ का दावा नहीं कर सकते। इसी आधार पर कोर्ट ने पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका को खारिज कर दिया।

विधानसभा में CM शुभेंदु अधिकारी का सख्त संदेश, बोले- गुंडाराज खत्म होगा, नफरत फैलाने वालों को नहीं बख्शेंगे

कलकत्ता
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के दो नए विधेयक पेश किए जाने से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य में कानून का राज स्थापित करेगी और गुंडाराज का खात्मा करेगी। 

मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि AJUP विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ उनके कथित भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले भाषण को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर के दो भाषणों पर पहले ही उनकी पार्टी के विधायक ने सदन में आपत्ति उठाई थी। 

‘नफरत फैलाने वालों पर लगाम लगाने का वक्त’

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘अब बहुत हो चुका. ऐसे लोगों को सबक सिखाने का समय आ गया है.’ उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले राज्य में कमजोर मुख्यमंत्री होने की वजह से लोग मनमानी बातें करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हुमायूं कबीर के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं और कानून अपना काम करेगा. उन्होंने कहा, ‘मैं सदन को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि कोई भी इस तरह की भाषा बोलने की हिम्मत न करे। 

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद मुर्शिदाबाद उपचुनाव से पहले मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण करना है ताकि उनके बेटे को चुनाव में फायदा मिल सके. इस दौरान उन्होंने संदेशखाली के ‘शेख शाहजहां’ और ‘फाल्टा के पुष्पा’ का उदाहरण देते हुए कहा कि कानून से कोई भी ऊपर नहीं है। 

‘पुलिस किसी को नहीं छोड़ेगी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में कोई भी इस तरह की भाषा बोलने की हिम्मत न करे. सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “संदेशखाली के शेख शाहजहां को याद कीजिए, उनके भड़काऊ बयानों का क्या अंजाम हुआ. ‘फाल्टा के पुष्पा’ को भी याद कीजिए, जिसने कहा था ‘झुकेगा नहीं’. पुलिस किसी को नहीं छोड़ेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अगले सप्ताह मुर्शिदाबाद का दौरा करेंगे और यह साबित करेंगे कि कानून अपना काम करेगा. उन्होंने हुमायूं कबीर को चेतावनी देते हुए कहा, “अपनी बयानबाजी पर लगाम लगाइए. नफरत फैलाने वाला कोई भी बयान देने से पहले 25 बार सोचिए. पुलिस आपको नहीं छोड़ेगी। 

CM विष्णुदेव साय से मिले कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, समसामयिक मुद्दों पर हुई चर्चा

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल थावरचंद गहलोत के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने सामाजिक विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया।
यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक कला को भी विशेष महत्व दिया गया। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल गहलोत के छत्तीसगढ़ प्रवास का स्वागत करते हुए उनके प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत

संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सोनपैरी कबीर आश्रम में संत कबीर जयंती महोत्सव आयोजित

मुख्यमंत्री साय ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

3 महीने बढ़ाई जाएगी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना : सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों के साथ लंबित बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे उपभोक्ता

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित संत कबीर महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लेकर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड, कुरीतियों और आडंबर को समाप्त करने के लिए अवतार लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में आपसी प्रेम तथा संवाद कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा से ही सच्चा सुख और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। गुरु असंग देव ने कहा कि एक समय नक्सलवाद के कारण जिन क्षेत्रों में जाना कठिन था, वहां अब शांति स्थापित हो चुकी है और विकास की गंगा बह रही है। लाखों गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं और प्रदेश विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानव मात्र को प्रेम, सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जब समाज सामाजिक विभाजन और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की वाणी पहले से अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आश्रम राष्ट्र निर्माण की चेतना को सशक्त बनाते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है और संत कबीर की वाणी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत, जाति-पांति और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण में समर्पित किया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और अपने सरल किंतु प्रभावशाली विचारों से समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज भी उनकी शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है तथा 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। संत कबीर ने ढोंग और आडंबर से दूर रहकर सत्य और सेवा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों का कल्याण संभव है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा,  डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित थे।

उज्जैन में कांग्रेस नेता पर किसान को रिवॉल्वर दिखाकर धमकाने का आरोप, मामला गरमाया

उज्जैन
 उज्जैन जिले के ग्राम डेलचीबुजुर्ग में खेत के पास खाई खोदने का विरोध करने पर एक किसान और उसके परिवार को रिवाल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता प्रतापसिंह गुर ने किसान को धमकाया था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है।

महिदपुर रोड पुलिस ने बताया कि डेलचीबुजुर्ग निवासी किसान गोविंद सेन व उसका भाई 18 जून की शाम करीब साढ़े छह बजे ईसनखेड़ी तिराहे के पास स्थित खेत पर रखा सूकला भरने गया था। इसी दौरान कांग्रेस नेता प्रतापसिंह गुर्जर अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचा और जेसीबी मशीन बुलाकर खेत के समीप खाई खुदवाने लगा।

खेत के पास खाई खोदने का विरोध करने पर विवाद
किसान का आरोप है कि उसने और उसके भाई ने खेत के पास खाई खोदने का विरोध किया तो प्रतापसिंह और उसके साथ आए लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गालियां देना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने अपने स्वजनों को मोबाइल फोन से सूचना दी। कुछ देर में उसके पिता दिनेश सेन, चाचा राजाराम सेन, मुन्नालाल सेन तथा अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए।

शिकायत के अनुसार स्वजनों ने जब विवाद शांत कराने का प्रयास किया तो प्रतापसिंह गुर ने कमर से रिवाल्वर निकालकर उनकी ओर तान दी और कहा कि जेसीबी यहीं चलेगी, यहां से चले जाओ, नहीं तो जान से खत्म कर दूंगा। घटना के बाद पीड़ित परिवार थाने पहुंचा और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें प्रतापसिंह के हाथ में रिवाल्वर नजर आ रही है। वह किसान को धमकाते हुए भी दिखाई दे रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खेत का विवाद है। मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज किए गए हैं।

MP Cabinet Expansion: कैबिनेट विस्तार पर सस्पेंस बरकरार, कई मंत्रियों को अचानक हटाए जाने से अटकलें तेज

भोपाल
 मध्यप्रदेश की राजनीति में से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में से कई मंत्रियों को हटाया गया है। खास बात यह है कि ये मंत्री संघ, संगठन और सिंधिया गुट से आते हैं। इसके चलते राज्य कैबिनेट के विस्तार को लेकर चिंता बढ़ी है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है। बता दें कि हाल ही में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बहुप्रतिक्षित सूची में 106 सदस्यों को शामिल किया, जबकि 40 नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनने का मौका मिला। वहीं, स्थायी आमंत्रित सदस्यों की सूची में केवल 70 साल की उम्र पार कर चुके नेताओं को ही जगह मिली।

जानकारी के अनुसार, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सूची में से चार कैबिनेट मंत्रियों को हटाया गया है। जिसमें कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला, प्रद्युम्न सिंह तोमर, करण सिंह वर्मा, नागर सिंह चौहान का नाम शामिल है। यह मंत्री संघ, संगठन और सिंधिया गुट से आते हैं। अब इन मंत्रियों की बैचेनी बढ़ी हुई है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक इन मंत्रियों को कार्यसमिति में से इसलिए हटाया गया है क्योंकि ये पार्टी के लिए प्रभावशाली काम करने में असमर्थ रहे। बताया जा रहा है ये मंत्री पार्टी समीकरण में फिट नहीं बैठ रहे थे। अब कार्यसमिति में सीएम सहित 18 मंत्रियों को जगह मिली है। जिसमें कैबिनेट मंत्री सहित राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर का नाम शामिल है।

भिंड के मेहगांव से विधायक राकेश शुक्ला को कार्यसमिति में जगह नहीं मिली। वर्तमान में वह नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा का बतौर कैबिनेट मंत्री जिम्मा संभाल रहे हैं। 1998 में पहला चुनाव लड़ा था और जीते भी। लेकिन 2013 में पार्टी द्वारा टिकट काटने से नाराज होकर बगवात कर निर्दलीय लड़े और हार गए। 2018 में भी चुनाव हारे लेकिन 2023 में दोबारा विधायक चुने और मंत्री बने। आलीराजपुर विधानसभा क्षेत्र से चौथी बार निर्वाचित हुए नागर सिंह को पहली बार कैबिनेट मंत्री बनाया गया। नागर को भी कार्यसमिति में जगह नहीं दी गई।

कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे प्रद्युम्न सिंह तोमर कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे। लेकिन बाद में बगावत के दौर में सिंधिया के साथ भाजपा का दामन थामा और शिवराज सरकार में भी मंत्री बने। उसके बाद मोहन सरकार में भी ऊर्जा मंत्री का जिम्मा संभाल रहे हैं। सिंधिया के करीबी नेताओं में माने जाते हैं, लेकिन इस बार कार्य समिति से इन्हें बाहर कर दिया। सिंधिया खेमे के मंत्री तुलसीराम सिलावट को जगह मिली है।

वर्मा सीहोर जिले की इछावर सीट से 8वीं बार विधायक चुने गए। तीसरी बार मंत्री बने हैं और लगातार दूसरी बार राजस्व मंत्री बने हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह के दौरान भी राजस्व मंत्री रहे लेकिन कार्यसमिति में जगह नहीं बना पाए। प्रदेश कार्यसमिति की सूची सामने आने के बाद समूची पार्टी और कार्यकर्ताओं को सिर्फ मंत्री मंडल विस्तार का इंतजार है। लेकिन उससे पहले मौजूदा 4 कैबिनेट मंत्रियों को कार्यसमिति में जगह नहीं मिलने से सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम है।

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से नीदरलैंड के कॉन्सुल जनरल ने की शिष्टाचार भेंट

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से नीदरलैंड के कॉन्सुल जनरल ने की शिष्टाचार भेंट

मध्यप्रदेश पुलिस के नवाचारों, सेफ क्लिक 2.0 एवं नशे से दूरी है जरूरी अभियान पर हुई सार्थक चर्चा

भोपाल

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से नीदरलैंड के मुंबई स्थित कॉन्सुल जनरल (Consul General) नबील ताउआती ने आज पुलिस मुख्यालय, भोपाल में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कॉन्सुल जनरल के साथ मुंबई के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार कौस्तुभ परिहार एवं कृषि सलाहकार प्रसाद पारते भी उपस्थित रहे।

भेंट के दौरान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, आधुनिक पुलिसिंग, तकनीकी नवाचार एवं नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से संचालित राज्यव्यापी ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस अभियान के माध्यम से नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं विभिन्न संस्थानों तक व्यापक स्तर पर साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता पहुंचाई जा रही है।

पुलिस महानिदेशक ने प्रदेश सरकार एवं मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान की भी जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने, समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदेशभर में समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से नशामुक्त एवं सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस निरंतर कार्यरत है।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच जनसुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा, जागरूकता अभियानों तथा आपसी सहयोग एवं अनुभवों के आदान-प्रदान जैसे विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। कॉन्सुल जनरल नबील ताउआती ने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा जनहित में संचालित नवाचारों एवं व्यापक जन-जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए भविष्य में पारस्परिक सहयोग एवं संवाद को और सुदृढ़ बनाने की इच्छा व्यक्त की।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस प्रकार के सौहार्दपूर्ण संवाद से आपसी समझ एवं सहयोग को नई दिशा मिलेगी तथा जनहित एवं सुरक्षा से जुड़े विषयों पर ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

 

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